सरकार ने स्कूलों में प्रकाश की व्यवस्था के लिए हर विद्यालय को 20 हजार रुपए की राशि उपलब्ध कराई

भोपाल प्रदेश में कड़ाके की ठंड के मद्देनजर स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों में बिजली व्यवस्था सुचारू रखने के लिए कहा है ताकि सर्द हवाएं चलने पर कक्षाओं में खिड़की बंद रखकर पढ़ाई कराई जा सके। इसके चलते अंधेरा न हो और पठन पाठन का काम प्रभावित न हो। शासकीय विद्यालयों की कक्षाओं में विद्युत व्यवस्था के संबंध में मिलने वाली शिकायतों को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें कहा है कि सर्दी में ठंडी हवा से बचाव के लिए खिड़कियों को बंद करने पर कक्षाओं में पर्याप्त प्रकाश की आवश्यकता बढ़ जाती है। प्रकाश के अभाव में विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसमें सुधार के लिए कक्षाओं में आवश्यक प्रकाश की व्यवस्था की जाएं। हर कक्षा में कम से कम 4 एलईडी ट्यूबलाईट की व्यवस्था की जाए। प्रकाश व्यवस्था के लिए 7 हजार 125 हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में हर विद्यालय के हिसाब से 20 हजार रुपए की राशि सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है। शाला प्रभारियों को प्रकाश व्यवस्था के साथ बिजली के स्विच बोर्ड और आंतरिक विद्युतीकरण व्यवस्था अन्तर्गत तार की मरम्मत के लिये भी कहा है। ऐसे शासकीय विद्यालयों में जहां विद्युतीकरण नहीं है, एमपीईबी से एस्टीमेंट लेकर कर स्वीकृति के लिये वरिष्ठ कार्यालय को भेजे जाएं। इस कार्य को प्राथमिकता दिए जाने के लिए भी कहा है।   recent visitors 63

भोपाल में स्कूलों की टाइमिंग बदली, जारी किया आदेश, अब 9 बजे से होंगा संचालन

भोपाल जिले में तापमान में कमी और शीतलहर के प्रभाव को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई और अन्य बोर्ड से संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि विद्यालय का संचालन अब सुबह 9 बजे से पूर्व नहीं किया जाएगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों के स्वास्थ्य पर शीतलहर के प्रतिकूल प्रभाव को कम करना है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। हालांकि, परीक्षाओं का संचालन पूर्व नियत समय सारणी के अनुसार ही किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह कदम विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है। सभी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे इस आदेश का पालन करें और विद्यार्थियों की भलाई के लिए उचित कदम उठाएं। राजधानी भोपाल में कड़ाके की ठंड के चलते स्कूलों का समय बदल दिया गया है। अब जिले के 12 दिसंबर से सभी स्कूल सुबह 9 बजे के बाद ही खुलेंगे। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। डीईओ एनके अहिरवार ने बुधवार को सरकारी-प्राइवेट स्कूलों के लिए यह निर्देश जारी कर दिए। यह निर्देश सीबीएसई, आईसीएसई और एमपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों के लिए रहेगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के आदेश के बाद गुरुवार से स्कूल नए समय पर लगेंगे। अभी और गिरेगा तापमान मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में जारी बर्फबारी और ठंडी हवाओं के कारण अगले कुछ दिनों में तापमान और गिर सकता है। अनुमान है कि अगले 6-7 दिनों तक न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। साथ ही, प्रदेश के न्यूतम तापमान में भी 2 से 3 डिग्री की कमी देखी जा सकती है। इंदौर में पांच डिग्री लुढ़का पारा प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल का रात का न्यूनतम तापमान सबसे कम 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा ग्वालियर में 10.8 डिग्री, इंदौर में 11.4 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में दिन के अधिकतम तापमान में भारी गिरावट देखने को मिली। यहां तापमान सबसे कम 22.9 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल में 23.4 डिग्री, उज्जैन में 24.5 डिग्री, ग्वालियर में 24.8 डिग्री और जबलपुर में 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। पिपरसमा (शिवपुरी) में 6.8 डिग्री, मरूखेडा (नीमच) में 7.4 डिग्री, राजगढ़ में 7.6 डिग्री, गिरवर (शाजापुर)/गुना में 8.6 डिग्री और सीहोर/पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 9 डिग्री के साथ इन शहरों में प्रदेश का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया।   recent visitors 34

प्रिंसिपल के सिर में गोली मारकर छात्र स्कूटी लेकर हो गया फरार,जाने क्या है पूरा मामला

छतरपुर  छतरपुर जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल की स्कूल में ही पढ़ने वाले छात्र ने गोली मारकर हत्या कर दी। मर्डर करने के बाद आरोपी छात्र मृतक प्रिंसिपल की स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गया। घटनाओं की जानकारी लगने के बाद भारी संख्या में पुलिस बल एवं आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एफएसएल की टीम घटना की बारीकी से जांच कर रही है। घटना शुक्रवार के दोपहर 1:00 बजे की है। छतरपुर जिले के धमोरा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले प्रिंसिपल पुष्पेंद्र सक्सेना के सिर उस वक्त गोली मार दी जब वह स्कूल में बनी बाथरूम में गए हुए थे। इसी बीच स्कूल में ही पढ़ने वाला छात्र पीछे से पहुंचा और उनके सिर में गोली मार दी। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। 12वीं क्लास के छात्र ने घटना को दिया अंजाम आरोपी छात्र कक्षा 12वीं का है। वह गणित विषय से पढ़ाई कर रहा था। घटना को अंजाम देने के पीछे क्या वजह क्या है फिलहाल इस का पता नही लग सका है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुट गई है कि आरोपी छात्र के पास अवैध हथियार कहां से आया और उसने इस वारदात को अंजाम क्यों दिया। फिलहाल आरोपी छात्र फरार है और मौके पर एडिशनल एसपी विक्रम सिंह एसएसपी अमन मिश्रा मौके पर मौजूद है| गोली की आवाज से दहला स्कूल स्कूल में पढ़ाने वाले अन्य शिक्षकों ने बताया की अचानक से गोली चलने की आवाज आई किसी को कुछ समझ में नहीं आया। इस पहले हम सब कुछ समझ पाते छात्र दौड़ते हुए बाथरूम से बाहर निकला। हमने अंदर जाकर देखा तो प्रिंसिपल सर की लाश जमीन पर खून से लथपथ पड़ी हुई थी। घटना के तुरंत के स्कूल में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को घर भेज दिया है वहीं पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। recent visitors 67

बच्चो के लिए अच्‍छी खबर: प्रदेश के सभी स्कूलो में 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक अवकाश रहेगा , परिवार के साथ बनाएं प्‍लान; देखें छुट्टियों की

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने दिसंबर महीने में कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक अवकाशों की घोषणा की है, जिसमें 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की याद में स्थानीय अवकाश शामिल है। इसके अलावा, क्रिसमस डे (25 दिसंबर) पर भी स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तरों में छुट्टी रहेगी। इस महीने को लेकर कुछ अन्य ऐच्छिक अवकाश भी घोषित किए गए हैं, जिससे कर्मचारियों और छात्रों को अतिरिक्त छुट्टियां मिलेंगी। 3 दिसंबर, 2024 को भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। इसके साथ ही, 25 दिसंबर को क्रिसमस डे के अवसर पर प्रदेशभर में स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। इसके अलावा, दिसंबर के महीने में कई ऐच्छिक अवकाश भी घोषित किए गए हैं, जिनमें 3 दिसंबर को ‘विश्व विकलांग दिवस’, 4 दिसंबर को ‘क्रांतिसूर्य टंट्या भील बलिदान दिवस’, 18 दिसंबर को ‘गुरु घासीदास जयंती’, 14 दिसंबर को ‘दत्तात्रय जयंती’, 27 दिसंबर को ‘महाराजा खेतसिंह खंगार जी की जयंती’, और 31 दिसंबर को ‘बालीनाथ जी बैरवा जयंती’ शामिल हैं। शीतकालीन अवकाश की भी घोषणा इसके अलावा, मध्य प्रदेश सरकार ने शीतकालीन अवकाश की घोषणा भी कर दी है। इस वर्ष शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक रहेगा, जो अगले दिन 5 जनवरी को रविवार की छुट्टी से जुड़कर 6 जनवरी तक मिलेगा। इन पांच दिनों के दौरान सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार ने भी स्कूलों में शीतलाकीन अवकाश का ऐलान कर दिया है। इस बार मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 31 दिसंबर से 4 जनवरी 2025 तक शीतकालीन अवकाश की घोषणा की है। इस बाबत आदेश जारी कर दिया गया है। मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी स्कूलों शीतकालीन अवकाश किया जाता है, हालांकि अभी तक किसी भी राज्य ने इनकी घोषणा नहीं की है। अभी तक मध्य प्रदेश के स्कूलों में पांच दिन की विंटर वेकेशन घोषित की गई है। 6 जनवरी को रविवार होने की वजह से इस दिन भी विद्यालय बंद रहेंगे। ऐसे में मध्य प्रदेश के स्कूलों में 6 दिनों की छुट्टी रहेगी। न्यू ईयर के अवसर पर छुट्टी मिलने से स्कूली छात्रों में खुशी की लहर है।  दिल्ली में विंटर वेकेशन दिल्ली के स्कूलों में शीतकालीन छुट्टियां जनवरी 2024 के आरंभ में होगी। ताजा जानकारी के मुताबिक दिल्ली में स्कूलों को 1 जनवरी से 6 जनवरी (Delhi Winter Vacation 2024 Dates) तक बंद रखा जाएगा। हालांकि दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय द्वारा विंटर वेकेशन की डेट्स अलग से घोषित की जाएंगी। पिछले रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी के पहले सप्ताह में शीतकालीन अवकाश रहेगा। चार दिन की लंबी छुट्टी का मौका भोपाल में 3 दिसंबर को गैस त्रासदी के मौके पर स्थानीय अवकाश होने के कारण, अगर कोई कर्मचारी या छात्र सोमवार को भी छुट्टी लेता है, तो उसे लगातार चार दिन का अवकाश मिलेगा। वहीं, कुछ स्कूलों में परीक्षा का दौर भी होने की वजह से छुट्टियों की प्लानिंग में बदलाव हो सकता है। घूमने का बेस्ट मौका मध्य प्रदेश के लोग इन छुट्टियों का लाभ उठाकर प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों जैसे उज्जैन, महेश्वर, ओंकारेश्वर, सांची और माण्डी जैसी जगहों पर घूमने का प्लान बना सकते हैं। इन स्थानों पर धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थल हैं, जो परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के लिए आदर्श हैं। इस दिसंबर में मध्य प्रदेश के लोगों को विभिन्न छुट्टियों का लुत्फ उठाने का एक बेहतरीन मौका मिलेगा, और वे इन अवकाशों का उपयोग अपने परिवार के साथ सैर-सपाटे, आराम और नए साल की खुशियों का स्वागत करने के लिए कर सकते हैं।   recent visitors 117

स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किये निर्देश, अद्धवार्षिक मूल्यांकन 16 से 21 दिसम्बर की अवधि में किया जायेगा

भोपाल प्रदेश की शासकीय एवं अशासकीय शालाओं में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में इस वर्ष 16 दिसम्बर से अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन किया जायेगा। इसके लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किये हैं। यह अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन कक्षा 3 से 8 की सभी शासकीय शालाओं, अशासकीय शालाओं के साथ मदरसों में भी होगा। अद्धवार्षिक मूल्यांकन 16 से 21 दिसम्बर की अवधि में किया जायेगा। अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन 30 नवम्बर 2024 तक पढ़ाये गये पाठ्यक्रम के अनुसार किया जायेगा। मूल्यांकन के लिये प्रश्न पत्र राज्य शिक्षा केन्द्र तैयार कर रहा है। कक्षा 5 और 8 के विषयवार प्राप्त अंकों की प्रविष्टि परीक्षा पोर्टल पर की जायेगी। अधिभार की गणना शाला द्वारा नहीं की जायेगी। यह गणना सॉफ्टवेयर में स्वत: ही हो जायेगी। इस संबंध में विस्तृत निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड कर दिये गये हैं। कक्षा 5 और 8 के बच्चों की पंजीकरण की व्यवस्था ऑनलाइन पोर्टल rskmp.in पर की गई है। अतिरिक्त अतिथि शिक्षकों को रिलीव करने संबंधी निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग ने GFMS पोर्टल पर पूर्व से कार्यरत अतिरिक्त अतिथि शिक्षकों को रिलीव करने के संबंध में प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये हैं। निर्देश में बताया गया है कि शासकीय शालाओं में नवीन भर्ती से शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। इसके साथ ही उच्च पद प्रभार से भी शिक्षक पदस्थ किये गये हैं। इस कारण स्वीकृत पद के विरूद्ध रिक्त पद उपलब्ध न होने पर संबंधित विषय में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को रिलीव किया जाना होगा। इस संदर्भ में एक ही विषय में एक से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं तथा रिक्त पद एक ही है, तो अतिथि शिक्षक को रिलीव करने की कार्यवाही की जायेगी। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल पर प्रदर्शित किये गये है।   recent visitors 84

वायु प्रदूषण के बीच दिल्ली-NCR में खुलेंगे स्कूल! SC ने कहा, AQI लेबल देखें, फिर

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर सुनवाई की और स्कूल खोलने से पहले दो दिन और इंतजार करने का आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा, "हमारा सुझाव है कि अगले दो दिनों के लिए AQI लेबल देखें.. परसों डेटा लाएं, फिर हम देखेंगे कि पिछले दो दिनों में क्या रुझान रहा है और फिर शिक्षण संस्थान खोलने से जुड़े मामले पर फैसला लेंगे।" दिल्ली एनसीआर में स्कूल फिर से खुल सकते हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने सीएक्यूएम (Commission for Air Quality Managemen) को ऑफलाइन स्कूलों या हाइब्रिड कक्षाओं की अनुमति देने पर विचार करने की अनुमति दी है. एससी ने मध्याह्न भोजन और ऑनलाइन शिक्षा तक पहुंच की कमी को इस अपवाद के पीछ के मुख्य कारणों के तौर पर बताया है. फिलहाल सीएक्यूएम के फैसले तक कक्षाएं ऑनलाइन ही रहेंगी.  गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान IV (जीआरएपी IV) के तहत वर्तमान में लागू कुछ उपायों में छूट देने पर विचार करने के लिए सहमति व्यक्त की है. इन उपायों में स्कूलों को बंद करना भी शामिल है.  इसे लेकर कुछ माता-पिता ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि हर घर में स्वच्छ हवा नहीं है और सभी के पास बच्चों की ऑनलाइन कक्षाओं के लिए तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के "गंभीर से अधिक" श्रेणी में पहुंचने के बाद सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया था. कक्षा 10 और 12 को छोड़कर सभी कक्षाओं को ऑनलाइन मोड में स्थानांतरित कर दिया गया था.  बता दें कि जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ इस पर सुनवाई कर रही है कि ग्रेप 4 के तहत लगी पाबंदियों को जारी रखा जाए या उनमें कुछ छूट दी जाए. इस पर SC ने पूछा कि कितनी चेकपोस्ट की जांच की गई? वकील ने बताया कि कोर्ट कमिश्नर ने कुल 83 चेकपोस्ट की जांच की है. एमाइकस अपराजिता सिंह ने कहा कि कई चेक पोस्ट्स पर तो कोर्ट के आदेश के बाद कर्मचारियों की तैनाती की गई. उनके बीच दिशा-निर्देशों को लेकर भी कोई स्पष्टता नहीं है.  सर्वे करने गए वकील ने बताया कि चेक पोस्ट्स पर चेकिंग तो हो रही थी लेकिन प्रभावी तरीके से नहीं. कुछ चेक पोस्ट पर हरियाणा और दूसरी तरफ से आने वाले वाहनों को रोका जा रहा था. वहां दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग के कर्मचारी नहीं थे. कोई बैरिकेड नहीं थे. पुलिस ट्रकों को रोकने के लिए सड़क के बीच जाकर चेकिंग कर रही थी. दिल्ली सरकार के वकील ने बताया कि तीन से चार अलग-अलग स्तर के कर्मचारी चेकिंग मे लगाए गए थे. दिल्ली पुलिस,नगर निगम के कर्मचारी और नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवक थे.  इस पर एमाइकस ने कहा कि ट्रक ड्राइवरों को यह नहीं पता था कि उन्हें दिल्ली में प्रवेश करना है या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि 18 नवंबर के बाद क्या कोई लिखित आदेश आया था जिसमें पुलिस को चेकपॉइंट पर स्थायी रूप से तैनात करने का निर्देश दिया गया था? ट्रकों के प्रवेश को रोकने के लिए 13 एंट्री प्वाइंट पर तैनात लोगों को सूचित करने के लिए दिल्ली सरकार ने क्या कदम उठाए? ASG ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि आदेश दिए गए थे लेकिन अभी हमारे पास कॉपी नहीं है.  पीठ ने कहा कि हम बयान दर्ज करना चाहते हैं. हमें बताएं कि क्या आदेश को लागू करने के लिए इन चेकपोस्ट पर 24/7 पुलिसकर्मियों को तैनात करने के लिए कोई आदेश जारी किया गया था? ASG एश्वर्या भाटी ने कहा कि हमें 23 प्रमुख चेकपॉइंट पर पुलिस तैनात करने के आदेश दिए जाने चाहिए. अभी आदेश नहीं आया है, लेकिन हमारे पास की गई कार्रवाई का विवरण है.  उधर, कोर्ट कमिश्नर ने बताया कि अदालत के आदेश का पालन नहीं हो रहा है. कोर्ट कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कुछ जगहों पर चेक पोस्ट बने हैं चेकिंग हो रही है लेकिन वह प्रभावी नहीं है.  बेरिकेड्स नहीं होने की वजह से अवैध रूप से दिल्ली में घुस रहे ट्रकों को रोकने के लिए बीच सड़क पर हाईवे के चलते ट्रैफिक में पुलिस के जवान कूदकर ट्रकों को रोकते हुए पाए गए.  गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 तारीख को 13 वकीलों को कोर्ट कमिश्नर्स नियुक्त किया था जिन्हें रिपोर्ट देना था कि दिल्ली में इंटर करने वाले ट्रकों को रोकने के आदेश का पालन हो रहा है या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार ने 18 से 23 नवंबर के बीच ग्रेप 4 के दिशानिर्देशों का पालन ठीक से नहीं किया है. ट्रकों को दिल्ली आने से रोकने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि सिर्फ़ 13 पोस्ट पर ही क्यों चेकपोस्ट लगे? यह लापरवाही सिर्फ़ 23 प्वाइंट पर की गई. हम CAQM आयोग को धारा 14 के तहत दिल्ली के पुलिस आयुक्त पर मुकदमा चलाने का निर्देश देंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम CAQM को सभी एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने, जवाब लेने और उन पर मुकदमा चलाने का निर्देश देंगे.  सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-4 के तहत प्रतिबंधों को ठीक से लागू न करने के लिए दिल्ली सरकार की भी आलोचना की। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार ने 18 से 23 नवंबर के बीच ग्रुप 4 के दिशा-निर्देशों का ठीक से पालन नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए। यूपी के इन शहरों में खुल गए स्कूल दिल्ली से सटे नोएडा में स्कूल बंद हैं. इसका आदेश शनिवार को जारी कर दिया गया था. गाजियाबाद के स्कूलों को खोलने का भी कोई नोटिस नहीं आया है. वहीं, मेरठ के डीएम दीपक मीणा ने सोमवार, 25 नवंबर 2024 से सभी स्कूलों को खोलने का निर्देश दिया है. यहां अब ऑनलाइन क्लास के बजाय बच्चों को स्कूल जाकर ही पढ़ाई करनी होगी. मेरठ और हापुड़ में स्कूल, कॉलेज, कोचिंग समेत सभी … Read more

डेढ़ लाख बालिकाओं को दिलाया गया रानी लक्ष्मीबाई आत्म रक्षा प्रशिक्षण

स्कूल में पढ़ने वाली बालिकाओं को आत्म सुरक्षा के लिये दिया जा रहा है प्रशिक्षण  प्रदेश में एक लाख 50 हजार बालिकाओं को आत्म सुरक्षा के लिये जूडो-कराटे का प्रशिक्षण दिलाया गया डेढ़ लाख बालिकाओं को दिलाया गया रानी लक्ष्मीबाई आत्म रक्षा प्रशिक्षण भोपाल प्रदेश में शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं में आत्म-विश्वास और सुरक्षा की भावना सशक्त करने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा रानी लक्ष्मीबाई आत्म सुरक्षा प्रशिक्षण योजना चलाई जा रही है। योजना से प्रदेश में करीब एक लाख 50 हजार बालिकाओं को जूडो-कराटे का प्रशिक्षण दिलाया गया है। योजना में 15 हजार 245 शासकीय विद्यालयों की 80 हजार 466 बालिकाओं को प्रशिक्षण दिलाया गया। इसी के साथ प्रदेश में संचालित 207 कस्तूरबा गांधी विद्यालय और 324 नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बालिका छात्रावास में अध्ययनरत 70 हजार 450 बालिकाओं को जूडो-कराटे का प्रशिक्षण दिलाया गया। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 8 की बालिकाओं के विद्यालयों के लिये प्रशिक्षण राशि भी जारी की है। दृष्टि बाधित बच्चों को पुस्तकों का वितरण स्कूल शिक्षा विभाग ने दृष्टि बाधित बच्चों की सुविधा को देखते हुए उनके पाठ्यक्रम की समस्त पुस्तकें ब्रेल लिपि में उपलब्ध करवाई हैं। ब्रेल लिपि पाठ्य पुस्तकों का मुद्रण शासकीय ब्रेल प्रेस भोपाल से कराया गया है। दिव्यांग बच्चों का चिकित्सीय मूल्यांकन प्रदेश के शासकीय स्कूलों में पढने वाले दिव्यांग बच्चों का चिकित्सीय मूल्यांकन शिविरों के माध्यम से कराया गया। पिछले वर्ष 30 जिलों के विकासखंडों पर आयोजित शिविर में 6 हजार 560 दिव्यांग बच्चों की पहचान कर उन्हें उनकी आवश्यकता के उपकरण वितरित किये गये। इसी के साथ दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को भी गृह आधारित शिक्षा एवं बच्चों की दैनिक गतिविधियों पर फेस-टू-फेस प्रशिक्षण जिला स्तर पर प्रदान किया गया है।   recent visitors 130