इंदौर : एनडीपीएस और आईपीएस प्रबंधन को आया धमकी भरा ई-मेल, स्कूल खाली करवा दिया, आला अधिकारी मौके पर

इंदौर  मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में स्कूल में बम की धमकी का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, एनडीपीएस और आईपीएस स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। प्रिंसिपल को तमिलनाडु से भेजे गए ईमेल में धमकी दी गई है। तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। बम स्क्वाड दस्ता भी मौके पर पहुंचा। स्कूल प्रबंधन ने तत्काल स्कूल खाली करवाया। बच्चों को घर भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार इंदौर के खंडवा रोड़ स्थित एनडीपीएस और राऊ स्थित आईपीएस कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। राउ स्थित इंदौर पब्लिक स्कूल परिसर में मंगलवार सुबह स्टूडेंट्स को अचानक घर जाने के लिए कहा गया। कोई कुछ समझ पाता उसके पहले ही बसों में बच्चों को बैठाकर घर रवाना कर दिया। कहा जा रहा है कि स्कूल और परिसर में लगने वाले कॉलेज के बच्चों ने अपने पेरेंट्स को फोन करके बताया कि संभवतः स्कूल को किसी तरह की धमकी मिली है। हजारों स्टूडेंट्स को ताबड़तोड़ बाहर निकाल दिया गया। बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स स्कूल के सामने की लाइन में स्थित मंदिर परिसर में जमा हो गए थे। अभी तक इस मामले को लेकर अधिकृत जानकारी नहीं मिल पाई है। एनडीपीएस में दूसरी शिफ्ट में आए बच्चों को स्कूल मैदान के बाद क्लास में नहीं जाने दिया और वापस बस में बैठाकर घर भेजा गया। recent visitors 46

ग्वालियर में शीतलहर को देखते हुए 7 जनवरी से 31 जनवरी तक स्कूलों का समय बदला, आज रहेगी छुट्टी

ग्वालियर ग्वालियर में कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए 6 जनवरी को अवकाश घोषित किया है। 7 जनवरी से 31 जनवरी तक स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक कर दिया गया है। यह आदेश सरकारी और गैर-सरकारी सभी स्कूलों, आईसीएससी और सीबीएसई स्कूलों पर लागू होगा। परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार को निर्देशित किया, जिसके बाद यह आदेश जारी किया गया। आदेश में यह भी उल्लेख है कि परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी। इससे पहले, 5 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश के चलते स्कूल बंद थे। स्कूलों के समय में बदलाव बच्चों को ठंड से बचाने के उद्देश्य से लिए गए इस निर्णय के तहत स्कूलों के समय में बदलाव कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन ने सभी स्कूलों को आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय जिले में बढ़ती ठंड और गिरते पारे को देखते हुए लिया गया है, जिससे बच्चों को शीतलहर से बचाया जा सके। recent visitors 63

मप्र उच्च शिक्षा विभाग ने फरवरी तक के‍ लिए खोला पोर्टल, कॉलेज छात्राओं को 10 महीने तक 500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ रहीं छात्राओं को प्रोत्साहन राशि देने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने प्रतिभा किरण और गांव की बेटी योजना में पंजीयन करने के लिए पोर्टल खोल दिया है। अब छात्राएं दोनों में से एक योजना में 500-500 रुपये प्रतिमाह लेने के लिए पंजीयन करा सकेंगी। पोर्टल फरवरी तक खुला रहेगा, इसमें पूर्व छात्राओं का नवीनीकरण किया जाएगा और वर्तमान सत्र में प्रवेश लेने वालीं छात्राओं के नवीन पंजीयन होंगे। 12वीं में 60 फीसदी अंक और बीपीएल बता दें, गांव की बेटी योजना के लिए ग्रामीण छात्रा को ग्रामीण निवासी होना अनिवार्य है। वहीं 12वीं में 60 फीसद अंक होने के साथ उसका गरीबी रेखा के नीचे होना जरूरी है। इसके बाद विभाग उसे साल के 10 महीने 500-500 रुपये देगा। वहीं प्रतिभा किरण योजना के लिए शहरी क्षेत्र की छात्राओं को 12वीं में 60 फीसद अंक लाना अनिवार्य है। उसे भी 10 महीने तक 500-500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। दोनों ही योजनाओं की लाभार्थी छात्राएं प्रदेश के किसी भी निजी या सरकारी कॉलेज में प्रवेश ले सकती हैं। इसके बाद में विभाग के द्वारा उसको साल के 10 महीने पांच ₹500 की रकम दी जाती है और यहां प्रतिभा किरण योजना जो कि शहरी क्षेत्र की छात्राओं के लिए है । बताया जा रहा है कि यह स्कीम में 12वीं में 60 फिसदी तक के अंक आना जरूरी होते हैं जिसमें यह ₹500 की रकम हर महीने दी जाती है दोनों ही योजना का फायदा लाभार्थी छात्राओं को निजी तथा सरकारी कॉलेज में प्रवेश के बाद में मिलता है। recent visitors 151

2023-24 में लड़कियों के स्कूली नामांकन में 16 लाख की कमी, जबकि लड़कों के नामांकन में 21 लाख की गिरावट दर्ज

नई दिल्ली भारत में स्कूलों जाने वाले छात्रों की संख्या में गिरावट आई हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार साल 2023-24 में करीब 37 लाख छात्रों ने स्कूली पढ़ाई छोड़ी दी है, जिनमें 16 लाख लड़कियां शामिल हैं. साल 2022-23 के मुकाबले 2023-24 में स्कूली छोड़ने वाली छात्रों की संख्या अधिक है. शिक्षा मंत्रालय की एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली (UDISE) की एक रिपोर्ट में यह डेटा में सामने आया है. रिपोर्ट के अनुसार, 2022-23 में कुल 25.17 करोड़ छात्र स्कूलों में नामांकित थे, जबकि 2023-24 में यह संख्या घटकर 24.80 करोड़ रह गई और 2021-2022 में करीब 26.52 करोड़ था. इसके अनुसार, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में छात्रों के नामांकन में 37.45 लाख की गिरावट आई है. इस तरह2023-24 में लड़कियों के नामांकन में 16 लाख की कमी आई, जबकि लड़कों के नामांकन में 21 लाख की गिरावट दर्ज की गई. अल्पसंख्यकों की भागीदारी UDISE 2023-24 ने पहली बार छात्रों का व्यक्तिगत डेटा और स्वैच्छिक आधार पर उनके आधार नंबर जुटाए. 2023-24 तक 19.7 करोड़ छात्रों ने अपने आधार नंबर शेयर किए. कुल नामांकन में 20% छात्र अल्पसंख्यक समुदायों से थे. इनमें 79.6% मुस्लिम, 10% ईसाई, 6.9% सिख, 2.2% बौद्ध, 1.3% जैन और 0.1% पारसी समुदाय से थे. जातीय वर्गीकरण रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल लेवल पर पंजीकृत (UDISE डेटा के अनुसार), 26.9% छात्र सामान्य वर्ग से, 18% अनुसूचित जाति से, 9.9% अनुसूचित जनजाति से और 45.2% अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अलग-अलग राज्यों में स्कूलों, शिक्षकों और नामांकित छात्रों की उपलब्धता अलग-अलग है। 'घोस्ट स्टूडेंट्स' की पहचान व्यक्तिगत डेटा से फर्जी छात्रों ('घोस्ट स्टूडेंट्स') की पहचान और सरकार की योजनाओं का लाभ सही छात्रों तक पहुंचाने में मदद मिली. इससे सरकारी खर्च में बचत और बेहतर प्रबंधन संभव हुआ. एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि यह पहली बार है जब राष्ट्रीय स्तर पर व्यक्तिगत छात्र डेटा जुटाया गया. इसलिए, यह डेटा 2021-22 या उससे पहले के आंकड़ों से तुलनात्मक नहीं है. यह प्रक्रिया स्कूल-वार डेटा से अलग है, जिससे शिक्षा प्रणाली की वास्तविक स्थिति सामने आती है. राज्यों में स्कूल और छात्रों का अनुपात उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और राजस्थान में स्कूलों की संख्या छात्रों की तुलना में अधिक है. वहीं, तेलंगाना, पंजाब, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली और बिहार में छात्रों की संख्या स्कूलों से ज्यादा है. यह रिपोर्ट बताती है कि नई डेटा प्रणाली से छात्रों के ड्रॉपआउट और शिक्षा में प्रगति को सटीकता से ट्रैक किया जा सकेगा, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगा. recent visitors 192

उत्तर प्रदेश में अटल आवासीय में मुफ्त पढ़ाई करेंगे कामगारों के बच्चे

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों के बच्चों को सीबीएससी बोर्ड की पढ़ाई कराने के लिए अटल आवासीय विद्यालय में मुफ्त प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए शैक्षिक सत्र 2025-26 में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश के लिए पंजीकृत निर्माण मजदूरों से आवेदन मांगे गए हैं। पात्र और इच्छुक पंजीकृत निर्माण श्रमिक अपने बच्चों के प्रवेश के लिए 25 जनवरी तक आफलाइन आवेदन कर सकते हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी कुंवर रणंजय पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बालक और बालिकाओं के प्रवेश अटल आवासीय विद्यालय समिति की ओर से संचालित अटल आवासीय विद्यालय में कराया जाएगा। यहां पर कक्षा 6 और 9 में 140-140 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। इसमें 70-70 बालक और 70-70 बालिकाएं होगी। यह सीट गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी और चंदौली जिले के लिए है। प्रवेश के लिए आवेदन पत्र 20 जनवरी तक शहर के शास्त्रीनगर स्थित श्रमायुक्त कार्यालय से मुफ्त प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके बाद पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ 25 जनवरी तक यहीं पर जमा किए जा सकता है।श्रमिक जिनका पंजीयन 30 नवंबर तक कम से कम तीन वर्ष पूरा कर चुका हो। इन श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को प्रवेश मिलेगा। कक्षा छह में प्रवेश के लिए जन्मतिथि एक मई 2013 से पहले और 31 जुलाई 2015 के बाद नहीं होना चाहिए। कक्षा नौ में प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवार की जन्मतिथि एक मई 2010 से पहले और 31 जुलाई 2012 के बाद नहीं होना चाहिए। आवेदन के लिए कहां मिलेगा फॉर्म वे छात्र जो इन स्कूलों में आवेदन करना चाहते हैं, वे अटल आवासीय स्कूलों में नए सेशन में दाखिला लेने के लिए हाथरस, अलीगढ़, एटा व कासगंज के योग्यता पूरी करने वाले स्टूडेंट्स जिला प्रोबेशन अधिकारी, बीईओ, बीएसए, बीडीओ और श्रम विभाग ऑफिस से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर भरकर जमा करें। आवेदन के लिए जरूरी योग्यता अटल आवासीय विद्यालयों में एडमिशन लेने के लिए बच्चों का मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, कोरोना काल में बेसहारा बच्चे, पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे इसके लिए पात्र होंगे। साथ ही अगर छात्र कक्षा-6 में दाखिला ले रहा है, तो उसका जन्म 01 मई, 2013 से 31 जुलाई, 2015 के बीच होना चाहिए। कक्षा-9 में एडमिशन लेने वाले बच्चे का जन्म 01 मई, 2010 से 31 जुलाई, 2012 में होना चाहिए। एक परिवार से अधिकतम 02 बच्चे ही इन स्कूलों में एडमिशन पा सकते हैं। वहीं श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन 30 नवंबर, 2024 तक कम से कम 03 साल की सदस्यता पूरी कर चुके हो। कब आयोजित कराई जाएगी परीक्षा साल 2025-26 सेशन कक्षा-6 और कक्षा-9 में दाखिले के लिए 25 दिसंबर से ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी, 2025 है। बता दें, इसके तहत कोविड के दौरान बेसहारा बच्चों को जिला प्रोबेशन अधिकारी ऑफिस में आवेदन कर सकेंगे। आवेदन पूरे होने के बाद 02 मार्च को श्रम विभाग द्वारा प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। वहीं वर्तमान में गभाना के टमकौली के स्कूल में कक्षा-6, 7 और 9 का पढ़ाई सत्र चल रहा है, जिसमें लगभग 360 स्टूडेंट्स शामिल हैं। इसमें से 140 छात्र 2025-26 में होने वाले बोर्ड एग्जाम में बैंठेगे। एडमिशन ले चुके छात्रों को मिलेंगी ये सुविधाएं अटल आवासीय स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रहना-खाना बिल्कुल फ्री होगा। साथ ही सीबीएसई पाठ्यक्रमों का पालन करते हुए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दी जाएगी। मॉर्डन क्लासरूम के साथ कंप्यूटर साइंस लैब आदि सुविधाएं दी जाएगी। recent visitors 71

मध्य प्रदेश के स्कूलों में हुई 10 दिन की छुट्टी, बढ़ गया शीत कालीन अवकाश

भोपाल एमपी में बीतते वर्ष को विदाई देने व नए साल के स्वागत में जश्न मनाने के लिए स्कूली बच्चों को खासी छुट्टियां मिल गई हैं। प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में शीतकालीन अवकाश की घोषणा कर दी गई है। एमपी में राज्य सरकार के कोर्स वाले सरकारी और प्राइवेट स्कूलों तथा केंद्र सरकार के सीबीएसई, आईसीएसई कोर्स वाले स्कूलों में अलग अलग अवकाश अवधि की घोषणा की गई है। प्रदेश के केंद्रीय स्कूलों में जहां 9 और 10 दिन की छुट्टी रहेगी वहीं राज्य सरकार के स्कूलों में केवल 5 दिन की छुट्टी दी गई है। हालांकि रविवार पड़ जाने के कारण राज्य सरकार के स्कूली बच्चों का शीतकालीन अवकाश भी एक दिन और बढ़ गया है। स्कूली बच्चों को ऐसे में 6 दिन की लगातार छुट्टी मिल रही है। छात्रों को इस समय एक साथ पांच से लेकर दस दिन तक की छुट्टियां मिलेंगी, जो उन्हें 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक मिलने वाली छुट्टियों के साथ मिलकर अधिक लंबी हो गई हैं। छुट्टियों की अवधि में विभिन्न विद्यालयों के लिए बदलाव मध्य प्रदेश में सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के साथ-साथ केंद्रीय और अन्य बोर्ड के स्कूलों में छुट्टियों की अवधि अलग-अलग होगी। राज्य सरकार से संबद्ध स्कूल: प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक 5 दिन की शीतकालीन छुट्टी घोषित की गई है। हालांकि, 5 जनवरी को रविवार होने के कारण बच्चों को एक और दिन की छुट्टी मिल रही है। इस तरह, राज्य सरकार के स्कूलों के छात्र 6 जनवरी से स्कूलों में वापस लौटेंगे। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध स्कूलों में शीतकालीन अवकाश की अवधि अधिक होगी। सीबीएसई के स्कूलों में 24 दिसंबर से 1 जनवरी तक यानी 9 दिन की छुट्टी रहेगी, और स्कूल 2 जनवरी से खुलेंगे। वहीं, आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में छुट्टियां 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक होंगी, यानी 10 दिन की छुट्टी होगी। केंद्रीय विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश: केंद्रीय विद्यालयों में भी छुट्टियों की घोषणा की गई है। इन स्कूलों में 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक अवकाश रहेगा, और 3 जनवरी से स्कूल खुलेंगे। केंद्रीय विद्यालय के अधिकारियों के अनुसार, यह अवकाश छात्रों के लिए कल यानी 31 दिसंबर से शुरू हो जाएगा।  इधर एमपी के सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में 24 दिसंबर से 1 जनवरी 2025 तक का यानि 9 दिनों का शीतकालीन अवकाश रहेगा। अब 2 जनवरी 2025 को ये स्कूल खुलेंगे। मध्यप्रदेश के स्थानीय कोर्स के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 31 दिसंबर से 4 जनवरी 2025 तक का यानि 5 दिनों का शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। चूंकि 5 जनवरी को रविवार है इसलिए एक दिन का अवकाश बढ़ गया है। ऐसे में एमपी के सरकारी और प्राइवेट स्कूल 6 जनवरी 2025 से लगेंगे। केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 के जनसंपर्क अधिकारी डा. कपिल भार्गव के अनुसार केंद्रीय विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। आदेश के अनुसार कल से 2 जनवरी तक स्टूडेंट के लिए अवकाश रहेगा। recent visitors 208

‘ईआरसीपी योजना से राजगढ़ क्षेत्र को मिलेगा पानी’, राजस्थान-अलवर के विद्यालय में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने किया प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान

जयपुर। केंद्रीय पर्यावरण,वन एवं जलवायु प​रिवर्तन मंत्री व अलवर सांसद श्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को अलवर जिले के राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में  राजकीय माध्यमिक विद्यालय, नयागांव माचाड़ी में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभावान छात्रा-छात्राओं को सम्मानित किया। केंद्रीय मंत्री श्री यादव ने सम्मानित हुए छात्रा-छात्राओं को शुभकामना देते हुए कहा कि इस क्षेत्र के बच्चे बड़े प्रतिभावान है और ये जीवन में तरक्की कर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि पाड़ा, माचाड़ी और नयागांव तीनों ग्राम पंचायत के बीच में सांसद कोष से ई—लाइब्रेरी और खेल मैदान का निर्माण कराया जाएगा, उसके लिए तीनों ग्राम पंचायत भूमि उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि सांसद बनने के बाद जब पहली बार बझेड़ा गांव में आए तो वहां के लोगों ने कहा कि काफी वर्षों से यहां केंद्रीय विद्यालय बनवाने की मांग चल रही है। इस मांग को  पूरा करने के लिए राजगढ़ में जल्द ही केंद्रीय विद्यालय बनवाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री श्री यादव ने कहा कि जल जीवन मिशन योजना में जिन ठेकेदारों ने अधूरे काम छोड़ दिए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जो गांव डार्क जोन में हैं, उनमें भी पानी पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईआरसीपी योजना कामें जो पानी आना था डीपीआर में राजगढ़ क्षेत्रा को भी शामिल कर दिया गया है, जिससे कि ईआरसीपी योजना का पानी राजगढ़ को भी मिलेगा । कार्यक्रम में  श्री अशोक गुप्ता, श्री बन्नाराम मीणा, अंजली यादव सहित प्रबुद्ध व्यक्ति और ग्रामीण मौजूद रहे। इसके पश्चात केंद्रीय मंत्री ने गणेश पोल स्थित रिद्धि-सिद्धि मंदिर में पूजा अर्चना की तथा राजगढ़ कस्बे के माचाडी चौक, चौपड़ बाजार में खुली जीप से अभिवादन करते हुए मालाखेड़ा दरवाजा पहुंचे। जहां उन्होंने कस्बे के मालाखेड़ा गेट का अनावरण  किया। उन्होंने कहा कि मालाखेड़ा दरवाजा  राजगढ़ की ऐतिहासिक शान रहा है।  उन्होंने कहा कि सांसद के रूप में राजगढ़ के विकास में कार्य करूंगा और कदम से कदम मिलाकर चलूंगा। इस मौके पर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  श्री संजय शर्मा,  श्री अशोक गुप्ता, श्री बन्ना राम मीणा सहित प्रबुद्ध व्यक्ति एवं बडी संख्या में आमजन मौजूद रहे। recent visitors 139