मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि छात्रावासी विद्यार्थियों की अच्छी सेहत और बेहतर शिक्षा सरकार की प्राथमिकता है

भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने गुरुवार को जनजातीय कार्य विभाग के अधीन छात्रावासों एवं आश्रमों के संचालन संबंधी समीक्षा बैठक सह कार्यशाला को संबोधित किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभागीय छात्रावासों एवं आश्रमों का सुव्यवस्थित संचालन एवं यहां रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। कार्यशाला में सभी विभागीय जिलाधिकारियों की सहभागिता रही। मंत्री डॉ. शाह ने विभागीय अधिकारियों को छात्रावासों एवं आश्रमों का अनिवार्य रूप से सतत् निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में रहकर अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी छात्रावासी विद्यार्थियों के हेल्थ कार्ड बनाये जायें, जिनमें उनके ब्लड ग्रुप एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां दर्ज की जायें। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य कार्ड में सिकल सेल एनीमिया टेस्ट की रिपोर्ट भी सम्मिलित की जाए। निकटतम सरकारी अस्पताल की एक नर्स द्वारा हर माह छात्रावास के विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच की जाए। इस स्वास्थ्य जांच की रिपोर्ट भी विद्यार्थियों के हेल्थ कार्ड में दर्ज की जाएगी। बैठक में प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य डॉ. ई. रमेश कुमार, विभागीय संभागीय उपायुक्त, मंत्री डॉ. शाह ने विभागीय अधिकारियों को छात्रावासी बच्चों पर विशेष ध्यान देने तथा बच्चों की सुरक्षा संबंधी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में सुधार होगा। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि छात्रावासी विद्यार्थियों की अच्छी सेहत और बेहतर शिक्षा सरकार की प्राथमिकता है। विशेष प्रयासों से विद्यार्थियों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यशाला में उन्होंने छात्रावास संचालन से जुड़ी सभी जरूरी आवश्यकताओं, मापदंडों, सुरक्षा मानकों, साफ-सफाई, बाल सुरक्षा अभियान व अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा कर समुचित दिशा-निर्देश दिये।   recent visitors 60

हरियाणा को इस बार 13 महिला विधायक मिलीं, पांच महिला विधायक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से और सात कांग्रेस से हैं

चंडीगढ़ हरियाणा में 90 सदस्यीय विधानसभा में इस बार 13 महिला प्रत्याशी निर्वाचित हुई हैं। राज्य के लिए घोषित किए गए चुनावी नतीजों से यह जानकारी मिली है। हरियाणा में 2019 के विधानसभा चुनाव में आठ महिला उम्मीदवार विधायक बनी थीं। राज्य में पांच अक्टूबर को हुए चुनाव में 464 निर्दलीय और 101 महिलाओं समेत कुल 1,031 उम्मीदवार मैदान में थे। राज्य विधानसभा में निर्वाचित हुईं पांच महिला विधायक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से और सात कांग्रेस से हैं। निर्दलीय प्रत्याशी सावित्री जिंदल ने हिसार विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के राम निवास राड़ा को 18,941 मतों के अंतर से हराया। जिंदल कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद एवं उद्योगपति नवीन जिंदल की मां हैं। भाजपा प्रत्याशी शक्ति रानी शर्मा ने कालका सीट से जीत दर्ज की जबकि कृष्णा गहलावत ने राई विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। भाजपा उम्मीदवार ऋुति चौधरी ने तोशाम से विजयी परचम लहराया जबकि पार्टी उम्मीदवार एवं केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह की बेटी आरती सिंह ने अटेली सीट से जीत हासिल की। ऋुति चौधरी भी भाजपा सांसद किरण चौधरी की बेटी हैं। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बंसी लाल की बहू किरण चौधरी इस साल जून में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हो गयी थीं। भाजपा की बिमला चौधरी ने पटौदी विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशियों में विनेश फोगाट ने जुलाना विधानसभा सीट से जबकि पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस प्रत्याशी गीता भुक्कल ने झज्जर सीट से जीत हासिल की। कांग्रेस की शैली चौधरी ने नारायणगढ़ सीट से जबकि शकुंतला खटक ने कलानौर सीट से जीत दर्ज की। पूजा ने मुलाना विधानसभा सीट और रेनू बाला ने सढौरा सीट से जीत हासिल की। कांग्रेस प्रत्याशी मंजू चौधरी ने नांगल चौधरी सीट से विजयी परचम लहराया।   recent visitors 129

पढ़ाई के साथ अभिरुचियों के अवसरों से बच्‍चों का होता है सर्वांगीण विकास : सचिव स्‍कूल शिक्षा

भोपाल किताबी पढ़ाई के साथ अन्य अभिरुचियों के क्षेत्र में भी बच्चों को अवसर मिलना आवश्यक है। यह उनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करता है। स्‍कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल आज भोपाल के कमला नेहरू सीएम राइज़ स्‍कूल में अभिभावकों और शिक्षकों से चर्चा कर रहे थे। सचिव डॉ. गोयल ने सृजन प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उल्‍लेखनीय है कि इन दिनों सीएम राइज़ स्कूलों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिये संचालित गतिविधियों के तहत सृजन प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। इन प्रदर्शनियों में सत्र के आरंभ से अभी तक विद्यार्थियों द्वारा बनाये गए विभिन्‍न मॉडल्स और अन्‍य सह-शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही अन्‍य क्षेत्रों में प्राप्‍त उपलब्धियों को अभिभावकों के समक्ष प्रदर्शित किया। सृजन का उद्देश्‍य और गतिविधियाँ स्‍कूल शिक्षा विभाग के द्वारा सीएम राइज़ स्कूलों में ''सृजन'' का आयोजन इस विचार के साथ किया गया है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में उनके अभिभावकों का जुड़ाव हो और वे विद्यालय में हो रही गतिविधियों से परिचित हो सकें। प्रदर्शनी में कक्षावार गतिविधियों के तहत मजबूत प्रारंभिक शिक्षा के लिये संचालित मिशन अंकुर की बुनियादी साक्षरता और संख्‍या ज्ञान पर आधारित स्‍व-निर्मित पोस्‍टर्स, गणितीय दक्षताओं पर आधारित पजल्‍स, अंकों, अक्षरों और शब्‍दों पर आधारित गतिविधियाँ प्राथमिक एवं पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा संजोई गई। माध्‍यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने विभिन्‍न गतिविधियों के साथ ही विज्ञान और अन्‍य विषयों पर नि‍र्मित आकर्षक मॉडल्स प्रदर्शनी में प्रस्‍तुत किए। अभिभावकों ने की सीएम राइज स्कूल की प्रशंसा कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर अपने बच्‍चों की शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक उप‍लब्धियों पर गर्व मिश्रित प्रतिक्रियाएँ दीं। कक्षा आठवीं की छात्रा कुमारी पलक की माँ श्रीमती सुधा पांडेय, कक्षा पहली की छात्रा कुमारी आज्ञा शर्मा की माँ श्रीमती विनीता शर्मा, कक्षा नवीं की छात्रा कुमारी अंबिका के पिता श्री राजेश नामदेव और कक्षा चौथी की विद्यार्थी कुमारी राधिका शर्मा की माँ श्रीमती शीतल शर्मा सहित अनेक अभिभावकों ने सीएम राइज़ विद्यालयों के रूप में शासकीय विद्यालयों के इस बदले स्‍वरूप को अपने बच्‍चों के लिए एक अनुपम उपहार कह कर शासन को धन्‍यवाद दिया। इनमें कई अभिभावकों ने तो प्राइवेट स्‍कूलों में अध्‍ययन कर रहे अपने बच्‍चों का सीएम राइज़ विद्यालय में प्रवेश कराया है। इस अवसर पर उपलब्धियों और उल्‍लेखनीय कार्यो के लिए विद्यार्थियों के साथ ही अभिभावकों को भी सम्‍मानित और पुरूस्‍कृत किया गया। संचालक लोक शिक्षण श्री डी.एस. कुशवाहा, शाला की प्राचार्या श्रीमती संगीता सक्सेना, उप प्राचार्या श्रीमती सीमा शर्मा, विद्यालय के शिक्षक और छात्राएँ उपस्थित थीं।   recent visitors 83

आरजी कर मामला में कनिष्ठ चिकित्सकों के प्रति एकजुटता जताने के लिए दिल्ली के चिकित्सको ने मिलकर भूख हड़ताल शुरू की

नई दिल्ली दिल्ली में मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने पश्चिम बंगाल में एक महिला चिकित्सक से दुष्कर्म एवं उसकी हत्या की घटना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे वहां के कनिष्ठ चिकित्सकों के प्रति एकजुटता जताने के लिए बुधवार को एक दिवसीय भूख हड़ताल शुरू की। गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल के चिकित्सक भी बुधवार को हड़ताल में शामिल हो गए और उन्होंने एकजुटता दिखाने तथा मृतक चिकित्सक की याद के प्रतीक के रूप में काली पट्टी बांधी जबकि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली की रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने जेएलएन स्टेडियम में शाम छह बजे ‘कैंडल मार्च’ निकालने की घोषणा की। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी) आरडीए की अध्यक्ष अपर्णा सेतिया ने कहा कि चिकित्सक बुधवार को सुबह नौ बजे से अपराह्न चार बजे तक कामकाजी घंटों के दौरान प्रतीकात्मक भूख हड़ताल कर रहे हैं। सेतिया ने कहा, ‘‘इस दौरान हम भूख हड़ताल कर रहे पश्चिम बंगाल के कनिष्ठ चिकित्सकों के लिए अपना समर्थन जताने के वास्ते कुछ भी खाएंगे या पीएंगे नहीं।’’ एमएएमसी चिकित्सकों के समर्थन में विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित कर रहा है। जीटीबी अस्पताल के चिकित्सकों ने एक बयान में कहा कि उन्होंने जो काली पट्टी बांधी है, वह उनकी पीड़ा को दर्शाती है और यह याद दिलाती है कि चिकित्सा समुदाय ऐसी क्रूर हिंसा के सामने चुप नहीं रहेगा। इस बीच, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (एफएआईएमए) ने पश्चिम बंगाल सरकार के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘कनिष्ठ चिकित्सकों की दुर्दशा के प्रति लगातार असंवेदनशीलता देख कर दुख होता है। हम न्याय, सुरक्षा और सम्मान के लिए लड़ाई में ‘पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट’ के साथ हैं।’’ कोलकाता में सात कनिष्ठ चिकित्सक पांच अक्टूबर की रात से आमरण अनशन कर रहे है। उनके प्रति एकजुटता जताते हुए कई वरिष्ठ चिकित्सकों ने उनका समर्थन किया है। कनिष्ठ चिकित्सकों ने नौ अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या के बाद अपना प्रदर्शन शुरू किया। कनिष्ठ चिकित्सक 42 दिन के विरोध प्रदर्शन के बाद 21 सितंबर को सरकारी अस्पतालों में आंशिक रूप से अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। सरकार ने उनकी ज्यादातर मांगों को पूरा करने का वादा किया था। हालांकि, उन्होंने राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘कॉलेज ऑफ मेडिसिन एंड सागर दत्ता हॉस्पिटल’ में एक मरीज के परिवार द्वारा चिकित्सकों पर हमला किए जाने के बाद एक अक्टूबर को फिर से काम बंद कर दिया।   recent visitors 73

सीबीआई कोर्ट ने सुनाया फैसला- प्रतापगढ़ के कुंडा में सीओ जियाउल हक हत्याकांड के सभी दोषियों को उम्रकैद, जुर्माना भी लगा

लखनऊ प्रतापगढ़ के कुंडा में सीओ जियाउल हक के हत्याकांड मामले में बुधवार को सभी दस दोषियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों को सजा के साथ एक लाख 95 हजार रुपये का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया जो मृतक जियाउल की पत्नी परवीन आजाद को दिया जाएगा। इस तरह प्रत्येक दोषी को 19 हजार पांच सौ रुपये भी भरने होंगे। कचहरी परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच आज सीबीआई के विशेष न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार ने फूलचन्द्र यादव, पवन यादव, मंजीत यादव, घनश्याम सरोज, रामलखन गौतम, छोटे लाल यादव, राम आसरे, मुन्ना पटेल, शिवराम पासी तथा जगत बहादुर पटेल को हत्याकांड का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा के बाद अदालत ने सभी को जेल भेज दिया। हत्याकांड में एक अन्य आरोपी सुधीर को साक्ष्य के अभाव में चार अक्टूबर को बरी कर दिया गया था। प्रधान की हत्या के बाद मचा था बवाल अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया था कि दो मार्च 2013 को शाम साढ़े सात बजे जमीन के एक पुराने विवाद के चलते प्रतापगढ़ कुंडा के बलीपुर गांव के प्रधान नन्हे यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना पर मृतक के समर्थकों की बड़ी संख्या उनके गांव पहुंच गई थी और उनके विरोधी कामता पाल के घर को आग के हवाले कर दिया था। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस दल के साथ सीओ कुंडा जियाउल हक, तत्कालीन हथिगवां थाना प्रभारी मनोज कुमार शुक्ला और कुंडा थाना प्रभारी सर्वेश मिश्र भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। मौके पर उग्र भीड़ ने पुलिस को घेर लिया था। मौके पर सीओ ने भीड़ को समझाने का बहुत प्रयास किया परंतु उसी समय हुई झड़प में मृतक प्रधान नन्हे यादव के छोटे भाई सुरेश यादव की भी गोली लगने से मौत हो गई। भीड़ का उग्र प्रदर्शन देख कर मौके से पुलिस दल भाग गया।   प्रधान के घर के पीछे मिली सीओ की लाश उग्र भीड़ ने सीओ जियाउल हक को पकड़ लिया और उनकी पिटाई करने के बाद गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। मौके पर दोबारा पहुंचे पुलिस दल ने सीओ को तलाश किया जिस दौरान रात लगभग 11 बजे मृतक सीओ की लाश प्रधान के घर के पीछे मिली। इस तिहरे हत्या कांड को लेकर कुल चार प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। थाना प्रभारी हथिगवां मनोज शुक्ला ने पहली रिपोर्ट मृतक प्रधान नन्हे यादव के भाइयों और बेटे समेत दस लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। वहीं, प्रधान नन्हे यादव और सुरेश यादव की हत्या को लेकर भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मृतक सीओ की पत्नी परवीन आजाद द्वारा इस मामले में आखिरी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तत्कालीन सरकार ने मामले की संगीनता को देखते हुए विवेचना पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपी थी। जमानत पर चल रहे सभी आरोपी हाजिर हुए, जहां से न्यायालय ने सभी दस आरोपियों को दोषी ठहराते हुए न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था। recent visitors 158

मायावती ने अफसोस जताते हुए कहा- जाट समुदाय ने चुनाव में बसपा को वोट नहीं दिया, अब जाटों की मानसिकता बदलने की जरूरत है

नई दिल्ली बसपा नेता मायावती ने बुधवार को इस बात पर अफसोस जताया कि हरियाणा में जाट समुदाय ने विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को वोट नहीं दिया। उन्हें लगता है कि दलितों के बारे में उनकी (जाटों की) मानसिकता बदलने की जरूरत है। पार्टी संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि मनाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में आईं मायावती ने इस बात पर अफसोस जताया कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के साथ गठबंधन उनकी पार्टी के लिए लाभदायक नहीं रहा। मायावती ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने और उसे सत्ता से बाहर रखने के लिए हरियाणा में जाट समुदाय ने कांग्रेस को वोट दिया, लेकिन इस प्रक्रिया में उन्होंने बसपा को छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि दलित वोट जहां इनेलो की ओर चले गए, वहीं जाटों के मत उनकी पार्टी को नहीं मिले। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “बसपा उम्मीदवारों को केवल दलित वोट मिले। अगर हमें दो से तीन प्रतिशत जाट वोट भी मिल जाते तो हम कुछ सीटें जीत सकते थे।” उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दलितों के प्रति जाट समुदाय की मानसिकता में बदलाव आया है, लेकिन हरियाणा में ऐसा होना अभी बाकी है। इनेलो ने राज्य में दो सीटें जीतीं, जबकि बसपा को एक भी सीट नहीं मिली। सत्ता विरोधी लहर के बावजूद सत्तारूढ़ भाजपा ने हरियाणा में जीत की हैट्रिक लगाई और सत्ता बरकरार रखी तथा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की वापसी की कोशिशों को विफल कर दिया। भाजपा ने 48 सीटें जीतकर अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि हासिल की। उसकी सीटों का आंकड़ा कांग्रेस से 11 अधिक था, जबकि जननायक जनता पार्टी (जजपा) और आम आदमी पार्टी जैसे दलों का सफाया हो गया और इनेलो को सिर्फ दो सीटें ही मिल पाईं। आप ने अकेले चुनाव लड़ा था। अगले वर्ष फरवरी में दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए मायावती ने उम्मीद जताई कि उनकी पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ आप, भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला बसपा को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा। मायावती ने स्वीकार किया कि उत्तर प्रदेश से इतर अन्य राज्यों में बसपा को प्रत्यक्ष मुकाबलों में नुकसान उठाना पड़ता है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बसपा अगले महीने महाराष्ट्र और झारखंड में होने वाले चुनाव भी लड़ेगी।   recent visitors 101

पुणे के जुन्नर तालुका के पिंपरी पेंढार इलाके में तेंदुए के हमले से हड़कंप, महिला की मौत से स्थानीय लोगों में रोष

पुणे पुणे के जुन्नर तालुका के पिंपरी पेंढार इलाके में बुधवार तेंदुए के हमले से एक बार फिर दहशत का माहौल है। आज सुबह करीब 5:30 बजे पीर पाट इलाके में तेंदुए ने 42 वर्षीय एक महिला पर हमला कर दिया। हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। यह पहली घटना नहीं है जब इस क्षेत्र में तेंदुए ने हमला किया है। इससे पहले भी तेंदुए ने कई बार बच्चों पर हमले किए हैं, इससे लोगों में भय का माहौल है। इस बार की घटना के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय लोगों की प्रशासन से मांग है कि “या तो हमें गोली मार दो या तेंदुए को गोली मारो”। तेंदुए के लगातार हमलों से स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। लोग अपने घरों से निकलने में डर रहे हैं। किसान खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। इससे पहले पुणे में ही तेंदुए ने शौच के लिए जा रहे एक बच्चे पर हमला कर दिया था। इस घटना को लेकर जुन्नर क्षेत्र के उप वन संरक्षक अमोल सतपुते ने बताया था कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जब बच्चा शौच के लिए गया था, तो उस दौरान तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया और उसे खेतों के अंदर ले गया। बाद में बच्चे का शव मिला, जिस पर गंभीर घाव थे। आपको बताते चलें इन दिनों देश के विभिन्न हिस्सों में भेड़िया, तेंदुए और सियार के हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं। इन हमलों में अनेक लोग अपनी जान गवा चुके हैं और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सरकार इन घटनाओं को गंभीरता से ले रही है और वन विभाग के माध्यम से लगातार उपाय किए जा रहे हैं। हालांकि, इसके बाद भी इन हमलों में कमी नहीं आ रही है।   recent visitors 135