21 स्टार्टअप्स ने इस सप्ताह भारत में 16 सौदों के जरिए लगभग 93 मिलियन डॉलर का वित्त पोषण जुटाया

नई दिल्ली भारत में लगभग 21 स्टार्टअप्स ने इस सप्ताह 16 सौदों के जरिए लगभग 93 मिलियन डॉलर का वित्त पोषण जुटाया। इसमें चार विकास चरण सौदे और 12 प्रारंभिक चरण के वित्त पोषण शामिल हैं। यह पिछले सप्ताह 29 घरेलू स्टार्टअप्स द्वारा जुटाई गई लगभग 461 मिलियन डॉलर की राशि से काफी कम है, जिसमें 10 विकास-चरण सौदे शामिल थे। इस सप्ताह, कृषि आपूर्ति श्रृंखला स्टार्टअप वेकूल ने ग्रैंड एनीकट से ऋण वित्त पोषण में 100 करोड़ रुपये जुटाए। वेकूल किसानों से डेयरी उत्पादों सहित ताजा उपज खरीदता है और उन्हें खुदरा विक्रेताओं और रेस्तरां को बेचता है। फिनटेक प्लेटफॉर्म बेसिक होम लोन ने सीई-वेंचर्स के साथ मिलकर बर्टेल्समन इंडिया इन्वेस्टमेंट्स (बीआईआई) के नेतृत्व में सीरीज बी फंडिंग राउंड में 10.6 मिलियन डॉलर जुटाए। एनट्रैकर की रिपोर्ट के अनुसार, मिलेट आधारित स्नैक्स ब्रांड ट्रू गुड ने ओक्स एसेट मैनेजमेंट के नेतृत्व में पुरो वेलनेस और वी ओशन इन्वेस्टमेंट्स के साथ मिलकर 72 करोड़ रुपये जुटाए। इस सप्ताह 59.05 मिलियन डॉलर प्राप्त करने वाले 12 शुरुआती चरण के स्टार्टअप में से रासायनिक विनिर्माण प्लेटफॉर्म एमस्टैक ने सबसे ज्यादा फंडिंग हासिल की। आईजी ड्रोन ने इंडिया एक्सेलेरेटर और एंजेल इन्वेस्टर्स के नेतृत्व में 1 मिलियन डॉलर का बड़ा निवेश हासिल करते हुए अपना शुरुआती फंडिंग राउंड पूरा किया। मानसिक स्वास्थ्य मंच एसआईएस यूएन ने आरपीएसजी कैपिटल वेंचर्स और कुछ नए निवेशकों के नेतृत्व में 2.5 मिलियन डॉलर जुटाए। बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर स्थित स्टार्टअप सात-सात सौदों के साथ सबसे आगे रहे। इसके बाद मुंबई, हैदराबाद और चेन्नई का स्थान रहा। तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में, घरेलू स्टार्टअप ने 4 बिलियन डॉलर से अधिक की राशि जुटाई, जिसमें प्री-राउंड आईपी के साथ 300 मिलियन डॉलर और 200 मिलियन डॉलर से अधिक के कई लेनदेन शामिल हैं। इसमें 3.3 बिलियन डॉलर के 85 ग्रोथ और लेट-स्टेज सौदे, साथ ही 754.26 मिलियन डॉलर के 207 शुरुआती चरण के सौदे शामिल हैं। recent visitors 126

रेलवे सैलरी पैकेज के लाभों के लिए समझौता ज्ञापन पर करार किया गया, 55 हजार रेलकर्मियों को मिलेगा दुर्घटना बीमा

भोपाल पश्चिम मध्य रेलवे प्रशासन और भारतीय स्टेट बैंक के बीच रेलवे सेवा पैकेज के लाभों को सुविधाजनक बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह एमओयू पमरे के सभी नियमित कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, जिनके वेतन खाते एसबीआई में हैं। पमरे में 55,000 कर्मचारी हैं, जिनमें जबलपुर, भोपाल और कोटा मंडल के अलावा भोपाल और कोटा में कारखाने भी शामिल हैं। पश्चिम मध्य रेलवे और स्टेट बैंक आफ इंडिया के बीच प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी प्रभात एवं भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी क्षेत्रीय प्रबंधक की उपस्थिति में रेलवे कर्मचारियों के लिए रेलवे सैलरी पैकेज के लाभों के लिए समझौता ज्ञापन पर करार किया गया। इस एमओयू पर उप मुख्य कार्मिक अधिकारी (मानव संसाधन) पूर्णिमा जैन और डीजीएम (बीएंडओ) एसबीआई हरे राम सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी प्रभात, मुख्य कार्मिक अधिकारी (प्रशासन) दीपक कुमार गुप्ता सहित पमरे के अन्य अधिकारी और कर्मचारियों के साथ देवेश गोयल क्षेत्रीय प्रबंधक (एसबीआई), शैलेश चतुर्वेदी सहायक महाप्रबंधक, अनुराग मिश्रा और वंदना पटेल एसबीआई से उपस्थित थे। रेलकर्मियों के लिए सुविधाएं – एसबीआई और अन्य बैंक के एटीएम में असीमित लेनदेन। – परिवार के सदस्यों के लिए रिश्ते फैमिली के तहत बचत खाता। – मुफ्त एसएमएस अलर्ट, आनलाइन एनईएफटी-आरटीजीएस। – शून्य शेष खाता। – समूह जीवन बीमा : 10 लाख रुपये तक का समूह जीवन बीमा। – व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा : 100 लाख रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा। – वायु दुर्घटना बीमा : 160 लाख रुपये तक का वायु दुर्घटना बीमा। recent visitors 129

केंद्र सरकार ने कहा- भारत में 2016-17 और 2022-23 के बीच मिले 1.7 करोड़ नये रोजगार, 36 प्रतिशत की वृद्धि

नई दिल्ली देश में बेरोजगारी बढ़ने के विपक्ष के दावों के बीच सरकार की ओर से पेश नए आंकड़े विपरीत स्थिति दिखा रहे हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, 2016-17 और 2022-23 के बीच देश में रोजगार के अवसर 36 प्रतिशत बढ़े और 1.7 करोड़ लोगों को नए रोजगार मिले। इसी अवधि के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की औसत विकास दर 6.5 प्रतिशत रही। मंत्रालय के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक के केएलईएमएस डेटाबेस से प्राप्त रोजगार के आंकड़े 1980 के दशक से रोजगार में लगातार वृद्धि को दर्शाते हैं। मंत्रालय ने कहा, "भारत ने पिछले कुछ वर्षों में रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। देश की आर्थिक प्रगति प्रमुख क्षेत्रों में निरंतर रोजगार सृजन को दर्शाती है। एक मजबूत लोकतंत्र, गतिशील अर्थव्यवस्था और विविधता में एकता का जश्न मनाने वाली संस्कृति के साथ, वैश्विक महाशक्ति बनने की दिशा में भारत की यात्रा दुनिया को प्रेरित करती रहती है।" साल 2017 से 2023 तक के पीएलएफएस डेटा से यह भी पता चलता है कि इस अवधि के दौरान श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 34.7 प्रतिशत से बढ़कर 43.7 पर पहुंच गया है जो लगभग 26 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। मंत्रालय ने बताया है कि देश का आर्थिक विकास उपभोग से प्रेरित है, जो सीधे रोजगार से जुड़ा हुआ है। उपभोग में वृद्धि का मतलब है कि रोजगार सृजन हो रहा है। साथ ही यदि रोजगार सृजन मुख्य रूप से कम वेतन वाली नौकरियों में होता तो खपत में गिरावट आती। अनुमानों से पता चलता है कि 2017-23 की अवधि के दौरान सकल मूल्य संवर्धन (जीवीए) में हर एक प्रतिशत की वृद्धि के साथ नौकरियों में 1.11 प्रतिशत की वृद्धि हुई।मंत्रालय ने जोर देते हुए कहा, "आपूर्ति पक्ष का तर्क कि सेवाएं कम रोजगार पैदा करती हैं, इन टिप्पणियों के विपरीत है। इसलिए, आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों से, देश की आर्थिक दिशा किसी भी प्रकार की बेरोजगारी की तरफ नहीं बढ़ रही है।" वित्त वर्ष 2023-24 में देश का आर्थिक प्रदर्शन मजबूत वृद्धि को दर्शाता है। वित्त वर्ष 2022-23 में सात प्रतिशत की आर्थिक विकास दर की तुलना में वित्त वर्ष 2023-24 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (रियल जीडीपी) में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा, नॉमिनल जीडीपी में वित्त वर्ष 2022-23 में 14.2 प्रतिशत की वृद्धि दर की तुलना में वित्त वर्ष 2023-24 में 9.6 प्रतिशत की वृद्धि दर देखी गई। recent visitors 84

बुरहानपुर जिले में मां की मौत के बाद भी आंचल से लिपटा रहा मासूम का शव, बेटे को लेकर कुएं में कूदी थी गर्भवती महिला

बुरहानपुर जिले के धूलकोट क्षेत्र में घरेलू कलह के चलते मन को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। ग्राम पंचायत अंबा के अंबाखेड़ा फालिया की एक 22 वर्षीय गर्भवती महिला अपने डेढ़ साल के बेटे को लेकर कुएं में कूद गई। जिससे मां-बेटे के साथ गर्भ में पल रहे शिशु की भी मौत हो गई। मां के साथ चिपका था बेटे का शव महिला तुलाबाई बारेला बुधवार दोपहर किसी को बिना बताए अपने बेटे अभि को लेकर कहीं चली गई थी। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला था। शनिवार दोपहर ग्रामीणों ने दोनों के शव कुएं में उतराते देखे तो महिला के पति सुनील बारेला और पुलिस को सूचना दी। कुएं से शव निकाले जाने के बाद भी डेढ़ साल का अभि अपनी मां के सीने से चिपका हुआ था। यह मार्मिक दृष्य जिसने भी देखा उसकी आंखें नम हो गईं। सूचना मिलने पर धूलकोट पुलिस चौकी प्रभारी कमल मौर्य टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मामला गंभीर होने पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार को इसकी सूचना दी। उन्होंने मौके पर खरगोन से एफएसएल टीम को भी बुलाया था। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन ग्रामीणों में चर्चा है कि घरेलू कलह के चलते गुस्से में आकर तुलाबाई ने यह कदम उठा लिया होगा। तीन साल पहले हुआ था विवाह महिला का विवाह तीन साल पहले ही अंबाखेड़ा के सुनील बारेला से हुआ था। वह भी अंबा गांव के वारतीपुरा फालिया की रहने वाली थी। स्वजन ने बताया कि तुलाबाई पांच माह की गर्भवती थी। बुधवार शाम सुनील जब काम करके घर लौटा तो पत्नी और बेटे को न पाकर अपनी मां से पूछा। उन्होंने दोपहर तीन बजे उसके कहीं चले जाने की बात बताई थी। इसके बाद सुनील ने तुलाबाई के मायके से लेकर आसपास के क्षेत्र में भी तलाश की थी, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया था। शव मिलने के बाद से पति सहित स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल था। इस घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। recent visitors 139

प्रदेश के इन 28 जिलों से मानसून की हुई विदाई, ठंड आने के पहले ही कोहरा दिखने लगा है, सर्दियों का असर दिखाई देना शुरू होगा

इंदौर शनिवार को मौसम विभाग द्वारा इंदौर से मानसून की विदाई की घोषण की गई। मानसून की विदाई इस बार तय समय पर हुई। पिछले वर्ष 9 अक्टूबर को इंदौर से मानसून विदा हुआ। था। इस बार मानसून सीजन के चार माह में इंदौर शहर में 901.4 मिमी वर्षा हुई है जो औसत से 28 मिमी कम रही है। भोपाल स्थित मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इंदौर में अभी दिन में निकलने वाली धूप के कारण शहरवासियों को गर्मी का अहसास होगा। हालाकिं धीरे-धीरे रात के तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी।   अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने के बाद इंदौर में सर्दियों का असर दिखाई देना शुरू होगा। इंदौर में ठंड की शुरुआत के पहले ही कोहरा दिखाई देने लगा है। शुक्रवार रात से शनिवार सुबह शहर में घना कोहरा छाया रहा।   प्रदेश के इन जिलों से हुई मानसून की विदाई नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, आगर, शाजापुर, भोपाल, सीहोर,विदिशा, रायसेन, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खंडवा, खरगोन, हरदा, नर्मदापुरम, सागर,दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर व पन्ना। recent visitors 120

सरकारी एलिमेंट्री स्कूल और गांव जंगवाल में आंगनवाड़ी केंद्र में मिड-डे मील का निरीक्षण खाद्य आयोग के चेयरमैन ने किया, मची खलबली

लुधियाना पंजाब खाद्य आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने शनिवार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के सरकारी एलिमेंट्री स्कूल और गांव जंगवाल में आंगनवाड़ी केंद्र में मिड-डे मील का निरीक्षण किया। शर्मा ने जांच के दौरान साफ-सफाई, अनाज के भंडारण और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को मिड-डे मील रसोई में उचित सफाई बनाए रखने के लिए कहा। उन्होंने यह भी कहा कि सर्दियों की सब्जियों के पत्तों को पानी में उबाला जाना चाहिए और रसोइयों को गाजर, लाल मिर्च और शलजम के पत्तों का पानी छात्रों को देना चाहिए, जिससे अधिकारियों को कोई खर्च नहीं आएगा और अच्छा पोषण मिलेगा। उन्होंने शिक्षकों को लोगों के बीच किचन गार्डनिंग को बढ़ावा देने और सीखने की सलाह भी दी। चेयरमैन ने मिड-डे मील की नियमित जांच पर भी जोर दिया और स्कूलों में भोजन परीक्षण रजिस्टर रखने, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने और भोजन तैयार करते समय स्वच्छता बनाए रखने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पीने के पानी की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि छात्रों की स्वास्थ्य जांच और स्कूलों में मिड-डे मील वर्करों की हर छह महीने में मेडिकल जांच की जाए। उन्होंने अधिकारियों से मध्याह्न भोजन के दौरान विद्यार्थियों को ताजी सब्जियां/फल उपलब्ध कराने को भी कहा। recent visitors 119

MP में डॉक्‍टर: मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी को 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त प्रोत्साहन भत्ता देने की तैयारी कर रही

भोपाल राज्य सरकार ने आगामी वर्षों में 14 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की है। इनमें पांच तो अगले वर्ष ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। कॉलेज शुरू करने में सबसे बड़ी चुनौती यहां फैकल्टी के उच्च पदों को भरना है। इसके लिए सरकार छोटे और पिछड़े जिलों के मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी को 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त प्रोत्साहन भत्ता देने की तैयारी कर रही है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय शीघ्र ही इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजेगा। क्‍यों बन रहे हैं ये हालात इस वर्ष प्रारंभ हुए सिवनी, नीमच और मंदसौर मेडिकल कालेज में फैकल्टी की कमी के चलते एमबीबीएस की 100 सीटों की अनुमति ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से मिल पाई, जबकि चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने 150-150 सीटों के लिए आवेदन किया था। सबसे अधिक परेशानी एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के पद भरने में आ रही है। नीमच, सिवनी, मंदसौर मेडिकल कॉलेजों से हुआ साबित दूरस्थ क्षेत्र के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के डाॅक्टरों को सरकार पहले से ही अतिरिक्त भत्ता दे रही है। दरअसल, निजी प्रैक्टिस के मोह में बड़े डाॅक्टर छोटे जिलों में नहीं जाना चाहते। नीमच, सिवनी और मंदसौर मेडिकल कॉलेज में यह साबित हो चुका है। इस कारण मजबूरी में सरकार नीति बनाने की तैयारी कर रही है। नहीं मिल पाते फैकल्‍टी     नए कॉलेजों में पहले वर्ष तो गैर चिकित्सकीय विषय एनाॅटमी, फिजियोलाजी और बायोकेमेस्ट्री में ही फैकल्टी की आवश्यकता होती है।     लेकिन आगे के वर्षों के लिए चिकित्सकीय विषय जैसे मेडिसिन, सर्जरी आदि विषयों में फैकल्टी नहीं मिल पाते।     प्रोत्साहन राशि के संबंध में विस्तृत रूपरेखा बनने के बाद तय होगा कि किन जिलों को पिछड़े के श्रेणी में रखा जाएगा।     यहां काम करने वाले फैकल्टी को कितना लाभ मिलेगा।   recent visitors 99