मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर की घटना पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के निर्माणाधीन आईटीसी होटल के किचन में गैस पाइप लाइन टेस्टिंग के दौरान आग लगने की घटना में एक महिला की असामयिक मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना में मृतक महिला के शोकाकुल परिजन के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घायलों को बेहतर उपचार देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है, इसके लिए जिला प्रशासन जबलपुर को समुचित इलाज की व्यवस्था के लिए निर्देशित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से मृतक के परिवार को 4 लाख रुपए तथा घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशासन से इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने तथा होटल संचालकों से सुरक्षा के निर्धारित मापदंडों का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश भी दिए हैं।   recent visitors 64

81 लाख किसानों की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यक्त किया आभार

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि के अंतर्गत प्राप्त राशि से प्रदेश के 81 लाख किसानों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों की खुशहाली और समृद्धि के लिए चलाई गई किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 20 हजार करोड़ की राशि मध्यप्रदेश के किसानों के खाते अंतरित की गई। डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के किसानों की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार मानते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।   recent visitors 66

रानी दुर्गावती जयंती अद्वितीय मनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल वीरांगना रानी दुर्गावती की  500वीं जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह जिले के जबेरा तहसील स्थित सिंगौरगढ़ के किले के हाथी दरवाजा का भ्रमण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी दुर्गावती के इतिहास पर केन्द्रित पुरातत्व विभाग की प्रदर्शनी का फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रीगणों के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन कर रानी दुर्गावती के इतिहास और शौर्य से रू-ब-रू हुए। मुख्यमंत्री ने हाथी दरवाजा पर विजिटर पंजी में लिखा कि अद्भुत दृश्य, ऐतिहासिक किला, रानी दुर्गावती  और अन्य पुरातत्व महत्व के स्थानों पर आकर खासकर मंत्रीगणों के साथ आना अत्यंत आनंददायक रहा। इतिहास बना। रानी दुर्गावती जयंती अद्वितीय मनी। मंत्रीगणों द्वारा भी शुभकामनाएं लिखी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती की जयंती एक ऐतिहासिक दिन है। कई योजनाएं भी रानी दुर्गावती के नाम पर संचालित होगी। उन्होंने कहा कि इस स्थल पर प्रदेश और देश से लोग आएं तथा रानी दुर्गावती के गौरवान्वित करने वाले इतिहास से अवगत हो। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रीगणों को बधाई दी और कहा कि पर्यटन की दृष्टि से इस स्थल को नए केलेवर में विकसित किया जाएगा। किले की उम्र कई सौ साल होने के बाद भी उसकी दीवारें आज भी मजबूती से खड़ी हैं। रानी महल, हाथी दरवाजे, स्नान के लिए किले के अंदर बने जलाशय और किले की पहाड़ियों में बने गुप्त रास्तों का रहस्य आज भी पहेली लगता है। किले के मुख्य हाथी दरवाजे से कुछ दूरी पर सिंगौरगढ़ जलाशय है यहां आज भी बारह महीने पानी रहता है। रानी दुर्गावती की वीरता के किस्से और प्रसिद्धि अब भी चहुंओर फैली है। recent visitors 72

पंजाब के स्कूल को बम से उड़ाने की मिली धमकी, स्कूल में छुट्टी घोषित कर मामले की जांच शुरू कर दी गई

लुधियाना लुधियाना के एक स्कूल को बम (Bomb) से उड़ाने की मिली धमकी से आज सनसनी फैल गई। इसके बाद स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ पुलिस प्रशासन में भी भगदड़ मच गई। इसी के चलते स्कूल में छुट्टी घोषित कर दी गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई। अब इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल, स्कूल को बम (Bomb) से उड़ाने की धमकी देने वाला कोई आतंकी संगठन नहीं, बल्कि स्कूल का ही एक छात्र निकला। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने मामले को ट्रेस कर लिया है और 15 साल के बच्चे को राउंडअप कर लिया है। हालांकि, पुलिस अभी इस मामले में कोई जानकारी सांझा नहीं कर रही है, लेकिन सूत्रों की मानें तो यह स्कूल में ही पढ़ने वाले एक छात्र की शरारत थी। स्कूल से छुट्टी पाने के लिए उसने यह कारनामा किया। उसने फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर स्कूल के प्रिंसिपल को बताया कि स्कूल में बम है, जिसके बाद स्कूल में छुट्टी घोषित कर दी गई। बता दें, सदर के इलाके में सथित आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल को बम से उड़ने की धमकी मिली। स्कूल प्रिंसिपल की ईमेल आईडी पर किसी ने मैसेज भेजा है और कहा है की 5 अक्तूबर को स्कूल बम से उड़ा दिया जाएगा। उधर, पुलिस ने ईमेल आईडी की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों से पता चला है की यह मेल एक मोबाइल से बेजी गई है। जोकि नंबर बिहार का है।  recent visitors 61

ग्रामीणों ने जहां चुनाव का बहिष्कार का फैसला लिया वहीं प्रशासन पर ठोस कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया

भिवानी बाढड़ा विधानसभा के गांव रामलवास में अवैध माइनिंग व जल दोहन के खिलाफ ग्रामीणों में रोष बरकरार है। ग्रामीणों ने जहां चुनाव का बहिष्कार का फैसला लिया वहीं प्रशासन पर ठोस कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। सरपंच प्रतिनिधि विनोद कुमार की अध्यक्षता में ग्रामीण गांव के मतदान केंद्र के बाहर डेरा डाले हुए हैं। मतदान के दिन दोपहर तक कोई भी ग्रामीण मतदान करने नहीं पहुंचा। वहीं प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को समझाने का भी प्रयास किया गया। बावजूद इसके किसी ग्रामीण ने वोट नहीं डाला। जल दोहन पर रोक लगाने की मांग कर रहे रहे ग्रामीण बता दे कि रामलवास के ग्रामीण अवैध माइनिंग व जल दोहन के खिलाफ बीते करीब एक माह से धरने पर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि अवैध माइनिंग व जल दोहन के कारण भूमिगत जलस्तर लगातार गहराता चला जा रहा है और पेयजल की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। भविष्य में उन पर पेयजल संकट का खतरा मंडराने लगा है। उसी के चलते वे अवैध माइनिंग व जल दोहन पर रोक लगाने के लिए धरना दे रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा संबंधित सभी विभागों को अवगत करवा चुके हैं और प्रशासनिक अधिकारियों से भी बैठकें हो चुकी हैं लेकिन सिवाय आश्वासन के उन्हें कुछ नहीं मिला है। जिसके चलते ग्रामीण मतदान का बहिष्कार कर रहे हैं। गांव रामलवास में 1083 वोटर हैं और प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास भी किया जा रहा है। सरपंच प्रतिनिधि बोले सिर्फ आश्वासन ही मिला गांव के सरपंच प्रतिनिधि विनोद कुमार ने बताया कि अवैध जल दोहन व अवैध माइनिंग का समाधान नहीं हुआ। जिसके चलते ग्रामीणों द्वारा मतदान का बहिष्कार किया गया है। बताया कि प्रशासन द्वारा 8 अक्टूबर के बाद उनकी मांग पूरी करने का आश्वासन मिला था लेकिन ग्रामीण उससे संतुष्ट नहीं हैं और मतदान का बहिष्कार करने के निर्णय पर अडिग हैं। चुनाव के बहिष्कार के निर्णय के साथ नेताओं की एंट्री भी गांव में बैन कर दी थी। जिसके चलते उनके गांव में किसी भी नेता ने पहुंचकर प्रचार नहीं किया है।   recent visitors 56

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- यति नरसिंहानंद सरस्वती की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की

हैदराबाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ ईशनिंदा वाली टिप्पणी करने के लिए यति नरसिंहानंद सरस्वती की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए यति नरसिंहानंद के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। हैदराबाद के सांसद ने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास' की बात करने वाले पीएम मोदी को यति नरसिंहानंद के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और उसे गिरफ्तार करना चाहिए। बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित एक मंदिर के पुजारी यति नरसिंहानंद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए हैदराबाद के पुलिस आयुक्त सीवी आनंद से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात की। ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा को पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले यति नरसिंहानंद और अन्य के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए ताकि साबित हो सके कि वे पक्षपाती नहीं हैं। ऐसी घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा पूरे देश में नबी की शान में गुस्ताखी करने वालों को सपोर्ट करेगी और भारत की सबसे बड़ी माइनॉरिटी के जज्बात को ठेस पहुचायेंगे तो ये सरासर नाकाबिल-ए-कबूल है। यति नरसिंहानंद को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का पूरा समर्थन प्राप्त है। ये लोग देश को कमजोर कर रहे हैं और संविधान की धज्जियां उड़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यति नरसिंहानंद के खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लिया जा रहा है। बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में पार्टी विधायकों और विधान पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद पुलिस आयुक्त से मुलाकात की और यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ लिखित ज्ञापन दिया। एआईएमआईएम नेताओं ने पुलिस आयुक्त को बताया कि नरसिंहानंद सरस्वती ने दूसरे समुदाय को पैगंबर मोहम्मद का पुतला जलाने के लिए उकसाया, जिससे व्यापक आक्रोश फैल गया। उन्होंने मांग की कि हैदराबाद पुलिस उत्तर प्रदेश में एक टीम भेजे, यति नरसिंहानंद को गिरफ्तार करे और उसे हैदराबाद लाए। ओवैसी ने कहा कि पुलिस आयुक्त ने एक वरिष्ठ अधिकारी को इस संबंध में साइबर सेल में मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। एआईएमआईएम नेताओं ने भड़काऊ बयानों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि ये सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से सरस्वती के खिलाफ उनकी भड़काऊ टिप्पणियों के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि सांप्रदायिक भावनाएं और न भड़कें। एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि यति नरसिंहानंद ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक और अत्यधिक निंदनीय शब्दों का इस्तेमाल किया। ओवैसी ने याद दिलाया कि यति नरसिंहानंद को पहले भी भड़काऊ भाषण के मामले में गिरफ्तार किया गया था और उनकी जमानत की एक शर्त यह थी कि वे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने मांग की कि उनकी जमानत रद्द की जाए। उन्होंने कहा, "हमने यह भी अनुरोध किया कि यति नरसिंहानंद की ईशनिंदा वाली टिप्पणियों के वीडियो को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाए। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि वे प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करेंगे।" recent visitors 76

पंचायत चुनावों के बीच ग्रामीणों ने आपसी सहमति से फैसला लेकर दलजीत सिंह घुम्मन को गांव का सरपंच चुना

संगरूर पंचायत चुनाव के दौरान गांव घराचों में सर्वसम्मति से सरपंच चुना गया है। ग्रामीणों ने आपसी सहमति से फैसला लेकर दलजीत सिंह घुम्मन को गांव का सरपंच चुना है। ग्रामीणों के इस फैसले से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सर्वसम्मति से सरपंच चुनने की अपील को और बल मिल गया है। आपको बता दें कि संगरूर जिले में पड़ता घराचो गांव मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओ.एस.डी. राजबीर सिंह घुम्मण और ओ.एस.डी. सुखवीर सिंह का पैतृक गांव  है। बता दें कि राज्य के 13,237 ग्राम पंचायतों के लिए 15 अक्टूबर 2024 को मतदान होगा। चुनाव की अधिसूचना 27 सितंबर को जारी हुई थी। वहीं 4 अक्टूबर को नामांकन भरने की अंतिम तिथि थी।   recent visitors 64