हमसफर एक्सप्रेस के सामने खड़ा हुआ युवक, चालक ने कई बार हार्न बजाया लेकिन वो नहीं हटा, बाद में चालक ने ट्रेन रोकी

देवास देवास-इंदौर रेलवे ट्रैक पर शहर स्थित चाणक्यपुरी रेलवे क्रासिंग पर गुरुवार दोपहर एक युवक देवास स्टेशन से इंदौर की ओर जा रही रामेश्वरम-फिरोजपुर हमसफर एक्सप्रेस के सामने खड़ा हो गया। उसे देख चालक ने कई बार हार्न बजाया लेकिन वो नहीं हटा, बाद में चालक ने ट्रेन को रोक दिया। ठोस कारण नहीं आया सामने युवक को गेटमैन ने पकड़ लिया, बाद में उससे पूछताछ की गई लेकिन कोई ठोस कारण सामने नहीं आ सका। जानकारी के अनुसार ट्रेन 20497 रेलवे स्टेशन से दोपहर करीब 3.20 बजे रवाना होकर करीब पौन किमी दूर रेलवे क्रासिंग चाणक्यपुरी के समीप पहुंची, उस दौरान क्रासिंग बंद था। युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं एक युवक रेलवे ट्रैक पर खड़ा था जो हट नहीं रहा था। इसके कारण चालक ने ट्रेन को रोक दिया। बाद में पूछताछ में युवक ने कहा उसे कोई मारना चाहता है। इस दौरान गेट मैन के साथ झूमाझटकी भी हुई। सिविल लाइन पुलिस थाने के एसआई अरुण ने बताया जानकारी में यह सामने आया है कि युवक किसी बात को लेकर परेशान है, उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, बाद में वो चला गया था। recent visitors 101

राधानगर पुलिस ने दुष्कर्म का प्रयास मामले में ग्राम प्रधान के विरुद्ध एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया

फतेहपुर राधानगर थाने के एक गांव में घर बुलाकर प्रधान ने महिला का मुंह दबाकर दुष्कर्म का प्रयास किया। पीड़िता बोली कि विरोध करने पर प्रधान बोला कि मुझे खुश कर दो, मैं तुम्हारी जिंदगी बना दूंगा। नाजुक अंगों से छेड़खानी कर कपड़े तक फाड़ डाले। पीड़िता किसी तरह लौटकर घर आई तो उसके पति को जान से मारने की धमकी दी। ऐसा आरोप लगाकर पीड़िता ने पुलिस को तहरीर दी। जिस पर राधानगर पुलिस ने ग्राम प्रधान गुलाम मोहम्मद के विरुद्ध एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। यह है पूरा मामला राधानगर थाने के एक गांव में रहने वाली महिला ने बताया कि उसे समूह का फार्म भर रखा था। बीते 28 सितंबर को सुबह दस बजे तेलियानी ब्लाक से फोन कॉल आई कि पेपर देने ब्लाक आ जाना। कुछ देर में ही प्रधान गुलाम मोहम्मद ने उसके भतीजे के पास मैसेज किया कि अपनी चाची को भेज दो कुछ काम है। भतीजे ने सोचा कि पेपर के संबंध में बुलाया है। वह प्रधान के घर गई तो बाहर दाल समेटने को कहा। फिर उसे पीछे से पकड़कर कमरे में ले गया और मुंह दबाकर दुष्कर्म का प्रयास किया। उधर, ग्राम प्रधान गुलाम मोहम्मद का कहना था कि आरोप मनगढ़ंत व निराधार है। एसओ रमेश पटेल ने बताया कि ग्राम प्रधान पर मुकदमा दर्ज कर ग्राम प्रधान को बुलाया गया है। जांच बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 93

हमास से इस जंग में इजरायली सेना को बड़ी कामयाबी मिली, हवाई हमले में हमास प्रमुख रावी मुश्तहा समेत तीन ढेर

यरुशलम इजरायल का गाजा पर हमला लगातार जारी है। हमास से इस जंग में इजरायली सेना को बड़ी कामयाबी मिल है। गुरुवार को इजरायली सेना ने बताया कि उसके द्वारा तीन महीने पहले किए गए में हमले में हमास के तीन बड़े नेताओं की मौत हो गई। इजरायली सेना द्वारा तीन महीने पहले किए गए हवाई हमलों के दौरान गाजा में हमास प्रमुख रावी मुश्ताहा और दो वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों की मौत हो गई। हमास के तीन नेता ढेर इजरायली सेना ने अपने बयान में कहा है कि हमले में उत्तरी गाजा स्थित एक भूमिगत परिसर को निशाना बनाया गया था, जिसमें रावी मुश्ताहा के साथ-साथ कमांडर समेह अल-सिराज और समी औदेह की भी मौत हो गई। रावी हमास का सबसे बड़ा गुर्गा सेना ने अपने बयान में कहा कि मुश्तहा हमास का सबसे बड़ा गुर्गा था और हमास की सेना की तैनाती से संबंधित निर्णयों पर उसका सीधा प्रभाव था। वह हमास के शीर्ष नेता याह्या सिनवार का 'दाहिना हाथ' था। 2015 में अमेरिकी विदेश विभाग ने मुश्तहा को 'वैश्विक आतंकवादी' घोषित किया था। आंतरिक सुरक्षा एजेंसी का प्रमुख यूरोपियन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस ने मुश्तहा को हमास के गाजा पोलित ब्यूरो का सदस्य बताया जो इसके वित्तीय मामलों की भी देखरेख करता था। ईसीएफआर ने कहा कि सिराज पोलित ब्यूरो का सदस्य था, जबकि ओदेह को आंतरिक सुरक्षा एजेंसी का प्रमुख था। इजरायल का हमास पर कहर बता दें कि हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला किया था, जिसमें 1205 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद इजरायल का गाजा पर हमला लगातार जारी है और अब तक 41788 फिलिस्तीनी मारे गए हैं और 96794 घायल हुए हैं। recent visitors 98

धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिका ने उठाई उंगली, भारत ने कहा- अपने गिरेबान में झांकें

नई दिल्ली अमेरिका ने एक बार फिर भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति पर सवाल उठाया है। अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति पर चिंता जताते हुए परोक्ष तौर पर भारत के खिलाफ उठाये जाने वाले कदमों के बारे में भी बताया गया है। भारत पर दबाव बनाने की रणनीति यह रिपोर्ट विदेश मंत्री एस जयशंकर की वॉशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के बीच हुई द्विपक्षीय आधिकारिक बैठक के कुछ ही घंटे के बाद जारी की गई है। जानकार इस मध्यावधि रिपोर्ट, इसकी भाषा और समय (जब भारतीय विदेश मंत्री अमेरिका में है) को लेकर हाल के महीनों में भारत पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं। अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी वहीं भारत ने सख्ती से जबाव देते हुए कहा कि पक्षपाती और राजनीतिक एजेंडा चलाने की बजाय इस संगठन को अमेरिका में मानवाधिकार के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। एक तरफ अमेरिका भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत कर रहा है लेकिन साथ ही रूस पर तेल खरीदने, खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नु की हत्या की कथित साजिश व धार्मिक आजादी जैसे मुद्दे पर दबाव भी बनाने की कोशिश करता रहा है। यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट में नफरती भाषणों, गलत सूचनाओं के प्रसार और सरकारी अधिकारियों की तरफ से धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ उकसाने के मामलों का भी जिक्र है। इसने वर्ष 2024 की यूएससीआईआरएफ की सालाना रिपोर्ट में अमेरिकी विदेश मंत्रालय को भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की खराब स्थिति के संदर्भ में दी गई सिफारिशों का भी जिक्र किया गया है। भारत ने दिया करारा जवाब इसके तहत धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ काम करने वाले भारतीय अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने, अमेरिका सरकार की भारत के साथ होने वाले रक्षा सौदे की नीति में धार्मिक स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने वाले शर्तों को शामिल करने की बात कही गई है। वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि यूएससीआईआरएफ घटनाओं को तोड़ मरोड़ कर पेश करता है। उसे इस तरह का एजेंडा चलाने की बजाय अमेरिका के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। recent visitors 69

एलन मस्क एक्स पर 200 मिलियन फॉलोअर्स का आंकड़ा छुआ

नई दिल्ली टेक अरबपति एलन मस्क गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 200 मिलियन फॉलोअर्स तक पहुंचने वाले पहले व्यक्ति बन गए। उन्होंने अक्टूबर 2022 में 44 बिलियन डॉलर में इसका अध‍िग्रहण किया था। एक्स के मालिक को 131.9 मिलियन फॉलोअर्स के साथ पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और 113.2 मिलियन फॉलोअर्स के साथ प्रसिद्ध फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो फॉलो करते हैं। लोकप्रिय गायक जस्टिन बीबर 110.3 मिलियन फॉलोअर्स के साथ चौथे स्थान पर हैं और रिहाना 108.4 मिलियन फॉलोअर्स के साथ पांचवें स्थान पर हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में दुनिया में 100 मिलियन का आंकड़ा पार किया है। जिसकी मस्क ने सराहना की थी। अब उनके 102.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं। मस्क ने हाल ही में कहा कि एक्स के अब 600 मिलियन से अधिक मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता (एमएयू) और लगभग 300 मिलियन दैनिक सक्रिय उपयोगकर्ता (डीएयू) हैं। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मस्क के अधिकांश फॉलोअर्स नकली हैं और लाखों नए निष्क्रिय अकाउंट्स की वजह से यह संख्या बढ़ गई है। हालांकि, दावे को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। टेस्ला और स्पेस एक्स के मालिक के मुताबिक, एक्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पृथ्वी के लिए एक ग्रुप चैट बन गया है, जिस पर दुनिया भर से सबसे ज्यादा ट्रैफिक आता है। मस्क ने पोस्ट किया था, "एक्स पृथ्वी के लिए ग्रुप चैट है।" टेक अरबपति का लक्ष्य इसे एक "एवरीथिंग ऐप" बनाना है, जहां लोग फिल्में और टीवी शो पोस्ट कर सकें और डिजिटल भुगतान भी कर सकें। मस्क ने यह भी दावा किया कि अमेरिका में एक्स का उपयोग अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। इस सप्ताह की शुरुआत में, वैश्विक निवेश फर्म फिडेलिटी ने मस्क द्वारा संचालित एक्स (पूर्व में ट्विटर) में अपनी हिस्सेदारी के मूल्य में 78.7 प्रतिशत की कटौती की। इसका अर्थ है कि एक्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का मूल्य केवल 9.4 बिलियन डॉलर होने की संभावना है।   recent visitors 89

पूर्व सीएम बोले थे वाड्रा लैंड डील मामले में दम नहीं, अब उसी के नाम पर बीजेपी मांग रही वोट, हरियाणा में दोगली भाजपा का आरोप

चंडीगढ़ हरियाणा के सबसे चर्चित मामले राबर्ट वाड्रा लैंड डील मामला सत्तारूढ़ बीजेपी के लिए वोटों वाली दुधारू गायब साबित हो रहा है। इसी मुद्दे को भुनाकर बीजेपी साल 2014 में हरियाणा की सत्ता पर काबिज हुई थी। अपने 10 साल के कार्यकाल में इस मामले में तमाम जांच और अथक प्रयासों के बावजूद जब कुछ नहीं मिला तो रॉबर्ट वाड्रा समेत पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी क्लीन चिट दे दी। अब जब हरियाणा से विदाई की नौबत आई तो भाजपा फिर वाड्रा लैंड डील मामले को जोरशोर से भुना रही है। ताकि लोगों को भ्रमित करके उनके वोट हथियाए जा सकें। खास बात यह है कि हरियाणा के तत्कालीन सीएम मनोहर लाल खट्टर ने पिछले दिनों राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एक सवाल के जवाब में खुद कहा था कि वाड्रा लैंड डील मामले में प्राथमिक रूप से कुछ भी गलत नहीं निकला है। बीजेपी ने इस प्रकरण की न्यायिक जांच इस उद्देश्य से नहीं कराई थी कि किसी को जेल भेजना है। बीजेपी केवल इस मामले का सच जनता के सामने लाना चाहती थी। इससे पहले 5 मई, 2014 को हिसार की जनसभा में तब पीएम पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने इस घोटाले को जोरशोर से उठाते हुए यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी को इंगित करते हुए कहा था कि मां-बेटे और दामाद से एक-एक इंच जमीन का हिसाब लिया जाएगा। एक दशक के शासन में भी न तो मोदी इस मामले में कुछ कर पाए और न ही हरियाणा में बीजेपी सरकार। बल्कि हुड्डा और वाड्रा को क्लीनचिट दे दी। राबर्ट वाड्रा से लैंड डील करने वाली डीएलएफ से बीजेपी ने लिया 170 करोड़ का चंदाः वाड्रा लैंड डील मामले की और भी रोचक कहानी यह है कि सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी से लैंड डील करने वाली कंपनी डीएलएफ से बीजेपी ने इलेक्टोरल बॉंड के रूप में 170 करोड़ रुपए का ऑफिशियल चंदा लिया है। जबकि हरियाणा की बीजेपी सरकार के सीएमओ में कार्यरत और तत्कालीन सीएम मनोहर लाल के करीबियों ने बैकडोर मेंं डीएलएफ से मोटे फायदे लिए जो अलग हैं। इसीलिए डीएलएफ और वाड्रा लैंड डील में न्यायिक आयोग के माध्यम से क्लीनचिट दी गई थी। अब इस मामले का असर वायनाड के इलेक्शन में भी पड़ने की संभावना है, जहां कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी प्रत्याशी हैं। मोदी-बीजेपी फिर जोरशोर से उठा रहे वाड्रा लैंड डील मामलाः अगर 2024 के विधानसभा चुनाव के प्रचाार की बात करें तो बीजेपी का प्रचार मुख्य रूप से हरियाणा में वाड्रा लैंड लीड और मिर्चपुर कांड के इर्द-गिर्द ही रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह औऱ तमाम भाजपा नेता दलाल, दामाद आदि का भाषणों में जिक्र करके किसानों को उनकी जमीनें छिनने का भय दिखाकर वोट मांग रहे हैं। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके पुत्र दीपेंद्र हुड्डा को भू माफिया के तौर पर पेश करते हुए वीडियो प्रचारित किए जा रहे हैं। एक वीडियो पर तो कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग में आपत्ति भी दर्ज कराई गई है। इसी तरह के गाने प्रचारित किए जा रहे हैं। यहां तक कि अखबारों में दिए गए विज्ञापनों में भी वाड्रा लैंड डील का जिक्र किया जा रहा है। सवाल यह है कि आखिर एक दशक से भी पुराने मामलों को चुनाव में भुनाकर बीजेपी मतदाताओं को क्या याद दिलाना चाह रही है। बीजेपी क्यों नहीं दे रही जवाब 10 साल में क्यों कुछ नहीं कियाः हरियाणा के विधानसभा में चुनाव में आम मतदाता यह जानने को उत्सुक है कि हरियाणा और केंद्र में 10 साल तक शासन करने के बावजूद वाड्रा लैंड डील मामले में बीजेपी प्रभावी कार्रवाई करके किसानों को उनकी जमीनें वापस क्यों नहीं दिलवा पाई। मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने वाड्रा लैंड डील मामले में आखिर हुड्डा को क्लीनचिट क्यों दी। साल 2022 तक सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी का बतौर कॉलोनाइजर्स लाइसेंस क्यों प्रभावी रहा। अब इन मुद्दों को चुनाव में उठाना क्या भाजपा की दोगली नीति नहीं है। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए नुकसान को क्या भुला पाएंगे हरियाणा के लोगः विधानसभा चुनाव के दौरान आम जनमानस के बीच यह सवाल भी सुर्खियों में है कि आम तौर पर गैर जाट की राजनीति करने वाली बीजेपी के शासन यानि मनोहर लाल खट्टर सरकार में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हरियाणा में जिस तरह का तांडव हुआ। लोगों की चुन-चुन कर न केवल संपत्तियां जलाई गईं बल्कि महिलाओं से बलात्कार तक हुए। मुरथल कांड को अभी तक लोग भूले नहीं है। उस दौरान क्या भाजपा ने गैर जाट समुदाय के लोगों को पूरी तरह सुरक्षा मुहैया कराई थी। जबकि बीजेपी के मंत्रियों तक ने अपने नुकसान की भरपाई का पूरा मुआवजा सरकार से उठाया था। हुड्डा सरकार में आईएएस अशोक खेमका ने उठाया था वाड्रा लैंड डील मामलाः उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012-13 के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में हरियाणा के चर्चित आईएएस अशोक खेमका ने वाड्रा लैंड डील मामले का खुलासा किया था। उस समय यह मुद्दा देश-विदेश के अखबारों औऱ मीडिया चैनलों की सुर्खियों में छाया रहा था। क्योंकि आईएएस खेमका ने वर्ष 2012 में डीएलएफ और रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी के बीच हुई 3.5 एकड़ जमीन ट्रांसफर करने वाली डील रद्द कर दी थी। recent visitors 104

सेवानिवृत्त कर्मचारी के आयु के 80वें वर्ष में प्रवेश करते ही उसे 20 प्रतिशत पेंशन वृद्धि का लाभ दिया जाए: मध्यप्रदेश हाई कोर्ट

इंदौर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने आदेश दिया है कि सेवानिवृत्त कर्मचारी के आयु के 80वें वर्ष में प्रवेश करते ही उसे 20 प्रतिशत पेंशन वृद्धि का लाभ दिया जाए। सेवानिवृत्त निगमकर्मी जगदीश करोड़ीवाल ने इस संबंध में एडवोकेट मनीष यादव के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। 2009 में अधिसूचना जारी की गई थी इसमें उन्होंने कहा था कि 80वें वर्ष में प्रवेश पर 20 प्रतिशत पेंशन वृद्धि के संबंध में राज्य शासन के 2009 में अधिसूचना जारी की थी। इंदौर नगर निगम से सेवानिवृत्त कर्मचारी करोड़ीवाल पिछले वर्ष 79 वर्ष की आयु पूर्ण कर 80 वे वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं। पेंशन बढ़ोतरी की गुहार लगाई थी उनके द्वारा निगमायुक्त को आवेदन देते हुए पेंशन वृद्धि की पात्रता का हवाला देते हुए 20 प्रतिशत पेंशन वृद्धि दिए जाने की गुहार लगाई गई थी, लेकिन उन्हें पेंशन वृद्धि का लाभ नहीं दिया गया। इस पर उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी। न्यायमूर्ति अभ्यंकर ने आदेश दिए एडवोकेट यादव के तर्को से सहमत होकर न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर ने याचिका स्वीकारते हुए 30 दिन के भीतर याचिकाकर्ता को उक्त पेंशन वृद्धि का लाभ 80वें वर्ष में प्रवेश करते ही देने के आदेश दिए। इस राशि पर ब्याज भी देना होगा। recent visitors 154