SC ने एक अप्रैल 2021 के बाद जारी 90,000 आईटी पुनर्मूल्यांकन नोटिसों की वैधता बरकरार, समझें मामला

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने आयकर विभाग को राहत देते हुए पुराने प्रावधानों के तहत एक अप्रैल 2021 के बाद राजस्व विभाग द्वारा जारी करीब 90,000 पुनर्मूल्यांकन नोटिस की वैधता बरकरार रखी है। शीर्ष अदालत ने  कई उच्च न्यायालयों के फैसलों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि कराधान व अन्य कानून (कुछ प्रावधानों में छूट और संशोधन) अधिनियम (टीओएलए) 2021 आयकर अधिनियम के तहत पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी करने की समय सीमा नहीं बढ़ाएगा। टीओएलए को कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान आयकर अनुपालन की समय सीमा बढ़ाने के लिए लाया गया था। प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने तीन संसदीय कानूनों आयकर अधिनियम, टीओएलए और वित्त अधिनियम के परस्पर प्रभाव से संबंधित दो कानूनी प्रश्नों पर विचार किया। शीर्ष अदालत ने इस सवालों पर गौर किया, ‘‘क्या टीओएलए तथा इसके तहत जारी अधिसूचनाएं एक अप्रैल 2021 के बाद जारी किए गए पुनर्मूल्यांकन नोटिस पर भी लागू होंगी और क्या जुलाई तथा सितंबर 2022 के बीच नई व्यवस्था की धारा 148 के तहत जारी किए गए पुनर्मूल्यांकन नोटिस वैध हैं।’’ प्रधान न्यायाधीश ने 112 पृष्ठों का फैसला लिखते हुए कहा, ‘‘हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि एक अप्रैल 2021 के बाद आयकर अधिनियम को प्रतिस्थापित प्रावधानों के साथ पढ़ा जाना चाहिए और यदि आयकर अधिनियम के प्रतिस्थापित प्रावधानों के तहत निर्दिष्ट कोई कार्रवाई या कार्यवाही 20 मार्च 2020 तथा 31 मार्च 2021 के बीच पूरी होनी है… तो टीओएलए एक अप्रैल 2021 के बाद भी आयकर अधिनियम पर लागू होता रहेगा।’’ पीठ ने कहा कि टीओएलए का प्रावधान ‘‘ आयकर अधिनियम की धारा 149 को केवल आयकर अधिनियम की धारा 148 के तहत पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी करने की समय सीमा में छूट देने तक ही सीमित है।’’ पुनर्मूल्यांकन नोटिस को चुनौती देते हुए विभिन्न उच्च न्यायालयों में 9,000 से अधिक याचिकाएं दायर की गईं और करदाताओं के पक्ष में कई फैसले पारित किए गए। इसके बाद ही राजस्व विभाग को सर्वोच्च न्यायालय का रुख करना पड़ा था। केंद्र ने मार्च 2020 में कोविड-19 वैश्विक महामारी के प्रसार को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन लगाने की घोषणा की थी और टीओएलए लेकर आया था। 2021 के इस अधिनियम ने पूर्वव्यापी प्रभाव से ‘‘ निर्दिष्ट अधिनियमों के तहत कार्यों को पूरा करने या अनुपालन करने’’ की समय सीमा 20 जून 2020 तक बढ़ा दी। इसके बाद 24 जून 2020 को केंद्र ने टीओएलए के तहत एक अधिसूचना जारी की जिसमें निर्दिष्ट अधिनियमों के तहत कार्रवाई को पूरा करने या अनुपालन करने की समय सीमा 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दी गई। शीर्ष अदालत ने आयकर विभाग की अपील स्वीकार कर ली। आयकर विभाग द्वारा जारी किए गए पुनर्मूल्यांकन नोटिस 2013-14 से 2017-18 तक के कर निर्धारण वर्षों से संबंधित हैं। इसमें शामिल राशि हजारों करोड़ रुपये तक हो सकती है। पीठ को यह निर्धारित करना था कि क्या वैश्विक महामारी के दौरान विशिष्ट अधिनियमों के तहत समय सीमा में छूट देने वाले टीओएलए का लाभ पुनर्मूल्यांकन के लिए समय सीमा को नियंत्रित करेगा। बंबई, गुजरात और इलाहाबाद उच्च न्यायालयों ने विभिन्न आधारों पर सभी पुनर्मूल्यांकन नोटिस रद्द कर दिए थे। उनका मुख्य तर्क यह था कि नए प्रावधान अधिक लाभकारी थे और करदाताओं के अधिकारों तथा हितों की रक्षा के लिए थे। इन उच्च न्यायालयों ने कहा था कि टीओएलए पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी करने की समय सीमा नहीं बढ़ाएगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि एक अप्रैल 2021 के बाद आयकर अधिनियम के प्रतिस्थापित प्रावधान पूर्वव्यापी रूप से लागू होंगे, यहां तक कि पिछले मूल्यांकन वर्षों के लिए भी.. परिणामस्वरूप नई पुनर्मूल्यांकन व्यवस्था को टीओएलए के साथ पढ़ा जाना चाहिए, जिसने वैश्विक महामारी के कारण अस्थायी रूप से समय सीमा बढ़ा दी थी। वैश्विक महामारी से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए आयकर विभाग को 20 मार्च 2020 और 31 मार्च 2021 के बीच जारी किए गए नोटिस के लिए विस्तारित समय सीमा का लाभ उठाने की अनुमति दी गई। हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि टीओएलए पुरानी पुनर्मूल्यांकन व्यवस्था के संचालन को संशोधित धारा 149 में निर्दिष्ट समय-सीमा से आगे नहीं बढ़ा सकता। आयकर अधिनियम की धारा 149 करदाताओं को आयकर नोटिस जारी करने की समय-सीमा से संबंधित है। इसके तहत ‘‘ संबंधित कर समीक्षाधीन वर्ष के लिए धारा 148 के तहत कोई नोटिस जारी नहीं किया जाएगा।’’     recent visitors 82

मध्य प्रदेश सहित देश के 21 राज्यों के तिलहन बीज उत्पादक 347 जिलों में उन्नत बीज दिए जाएंगे: कृषि मंत्री शिवराज

भोपाल देश में खाद्य तेल की आवश्यकता की पूर्ति के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता सरकार समाप्त करेगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन बनाया है। इसके अंतर्गत मध्य प्रदेश सहित देश के 21 राज्यों के तिलहन बीज उत्पादक 347 जिलों में उन्नत बीज दिए जाएंगे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद यह बीज तैयार करेगा और फिर प्रमाणित बीज किसानों को निश्शुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए पूरे देश में 600 क्लस्टर बनाए जाएंगे। यह जानकारी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यहां मीडिया से चर्चा में दी। खाद्य तेल मिशन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज ने बताया कि 10 हजार 103 करोड़ रुपये की लागत से उन्नत बीज उत्पादन का कार्यक्रम चलाया जाएगा। अभी हमें देश की खाद्य तेल की आवश्यकता के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। इस समाप्त करके आत्मनिर्भर बनने के लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन बनाया है। इसमें उन जिलों को शामिल किया गया है, जहां तिलहन का उत्पादन होता है। किसान हित में उठाए कई कदम मंत्री शिवराज ने बताया कि मोदी सरकार ने पिछले 120 दिन में किसानों के हित में कई कदम उठाए हैं। देश में अब जो तेल आयात होगा, उस पर आयात शुल्क 27 प्रतिशत देना होगा। यह अभी शून्य था। पाम आयल और बाकी तेल के आने से सोयाबीन सहित अन्य उपज के मूल्य काफी कम हुए थे। आयात शुल्क लगाने से औसत पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल सोयाबीन का मूल्य बढ़ा है और यह क्रम जारी है। सोयाबीन भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने का निर्णय लिया है ताकि मूल्य ठीक दिए जा सकें। इसी तरह बासमती चावल के निर्यात पर न्यूनतम निर्यात शुल्क लगा था, जिसे समाप्त कर दिया है। निर्यात बढ़ने से बासमती की कीमत बढ़ेंगी। इसकी तरह गैर बासमती चावल के निर्यात से प्रतिबंध हटाने के कारण भी किसानों को धान का अच्छा मूल्य मिलेगा। प्याज का निर्यात शुल्क भी 40 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया है। इसका सीधा लाभ किसानों को होगा। recent visitors 156

बिहार के कई शहरों के विमान टिकटों के किराए में दोगुना बढ़ोतरी, जबकि दक्षिण भारत से आने वाली फ्लाइटों के टिकट अब भी किफायती दर पर

पटना  शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है। कई लोग अपने अपने शहर  व गांव लौटने लगे हैं। वहीं बिहार के लोग भी छठ पूजा के चलते अपने घरों को लौटने की तैयारी में हैं। हालांकि बिहार आने वालों की संख्या महापर्व छठ पर कई गुणा बढ़ जाती है। ट्रेनों में टिकट नहीं मिलने से लोग विमान से जाना पसंद करते हैं। वहीं विमानन कंपनियां इसका फायदा उठाने से नहीं चूकतीं, क्योंकि आरक्षित रेल टिकटों की मारामारी चार-पांच महीने पहले से ही होने लगती है। बिहार में सात नवंबर को छठ महापर्व का आगाज होगा। ऐसे में कई शहरों के विमान टिकटों के किराए में दोगुना बढ़ोतरी हो चुकी है। लेकिन, दक्षिण भारत से आने वाली फ्लाइटों के टिकट अब भी किफायती और औसत दर पर मिल रहे हैं। पुणे, दिल्ली, कोलकाता समेत अन्य शहरों से पटना आने वाले यात्रियों को चार से छह नवंबर तक ज्यादा किराया देना होगा। शहर        4 नवंबर    5 नवंबर    6 नवंबर    औसत किराया पुणे        12,611    12,506    11,100    6,500 दिल्ली        8,598    8,845    8,354    4,500 मुंबई        14,739    10,749    7,035    6,400 बेंगलुरु    10,493    11,581    7,235    7,200 हैदराबाद    9,635    9,206    9,206    6,400 चेन्नई        10,362    11,040    7,572    7,100 कोलकाता    6,647    6,122        6,647    3,500     recent visitors 103

दादर-भुसावल के बीच चलेंगी 140 स्पेशल ट्रेनें, वर्ष के अंत तक मिलेगी सुविधा, क्या है प्लान?

मुंबई  सेंट्रल रेलवे ने दिवाली के कारण ट्रेनों की भीड़ को देखते हुए दादर और भुसावल के बीच चलने वाली 104 विशेष लंबी दूरी की ट्रेनों की अवधि बढ़ाने का फैसला किया है। जो कि वर्तमान में नवरात्रि उत्सव के साथ चल रही है। इस फैसले से रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। दरअसल त्योहारों के दौरान गांव जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी होती है। इनमें गणेशोत्सव, नवरात्रि और दिवाली त्योहार शामिल हैं। ट्रेनों की भीड़ को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने दादर और भुसावल के बीच चलने वाली 104 स्पेशल ट्रेनों का समय बढ़ा दिया है। ये है योजना… ट्रेन नंबर 09051 दादर-भुसावल और ट्रेन नंबर 09052 भुसावल-दादर हर सोमवार, बुधवार और गुरुवार को चलेगी और इसे 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। ट्रेन संख्या 09049 दादर-भुसावल चलने वाली (26 यात्राएं) और ट्रेन संख्या 09050 भुसावल-दादर दोनों साप्ताहिक विशेष ट्रेनें प्रत्येक शुक्रवार को चलेंगी। इन ट्रेनों को 27 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। दोनों ट्रेनों के समय, स्टॉपेज और कोच में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वेबसाइट पर रिजर्वेशन खुला सभी कम्प्यूटरीकृत आरक्षण केंद्रों के साथ-साथ www.irctc.co.in पर विशेष किराये के साथ सभी स्पेशल ट्रेनों के लिए आरक्षण खुला है। रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के विस्तृत ठहराव के लिए www.enquiry. Indianrail.gov.in पर जाने या NTES ऐप डाउनलोड करने की अपील की है। रेलवे शहर में तीन सौ पौधे लगाएगाउधर 'स्वच्छता सेवा' के तहत एक हरित पहल के तहत मध्य रेलवे के नागपुर मंडल की ओर से शहर और इसके आसपास तीन सौ पेड़ लगाए जा रहे हैं। हरित और स्वस्थ पर्यावरण के लिए यह पहल शुरू की गई है। हाल ही में अपर मंडल रेल प्रबंधक पीएस खैरकर के नेतृत्व में पूरे विभाग में हजारों पौधे लगाए गए। रेलवे का लक्ष्य अकेले नागपुर शहर और उसके आसपास तीन सौ पेड़ लगाने का है। इस गतिविधि में रेलवे के कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए हैं। recent visitors 89

12 लाख रेलवे कर्मचारियों को बोनस देने पर सरकार 2029 करोड़ रुपए खर्च करेगी

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों सौगात का ऐलान किया जिससे लाखों कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी नजर आने लगी है। केंद्र सरकार ने 12 लाख रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों का बोनस देने का ऐलान किया है। इस बोनस पर सरकार 2029 करोड़ रुपए खर्च करेगी, जो कर्मचारियों की उत्पादकता और उनके कामकाज के आधार पर दिया जाएगा। यह बोनस रेलवे कर्मचारियों के लिए वित्तीय राहत के साथ उनके कार्य में उत्साह बढ़ाएगा। इस फैसले का सीधा लाभ करीब 12 लाख रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा। नवरात्रि पर इस प्रकार की वित्तीय सहायता कर्मचारियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि यह उन्हें अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने और अपने आर्थिक दायित्वों को पूरा करने में मदद करेगी। यह बोनस न केवल उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता लाएगा, बल्कि उनके मनोबल में भी बढ़ोतरी करेगा, जिससे रेलवे के कामकाज की गुणवत्ता में सुधार आने की संभावना है। नवरात्रि भारतीय संस्कृति में एक अहम त्योहार माना जाता है, जिसे नई शुरुआत, उत्सव और समर्पण के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। ऐसे समय पर बोनस की घोषणा, कर्मचारियों के लिए शुभ है। त्योहारों के दौरान सरकार की यह पहल एक उपहार है। केंद्र सरकार का यह फैसला रेलवे कर्मचारियों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और उनके योगदान की सराहना को दर्शाता है।     recent visitors 101

स्कूल शिक्षा विभाग का मोगली बाल उत्सव की जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं 3 अक्टूबर से प्रदेशभर में प्रारंभ

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग का मोगली बाल उत्सव की जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं 3 अक्टूबर से प्रदेशभर में प्रारंभ हो गई है। इसके पहले सितम्बर माह में शाला, जनशिक्षा केन्द्र और विकासखण्ड स्तर पर प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया जा चुका है। मोगली बाल उत्सव जैव विविधता एवं पर्यावरण संरक्षण का एक संदेश है। मोगली बाल उत्सव में स्कूल शिक्षा विभाग राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के संयोग से प्रतियोगिता आयोजित करता है। इनमें ट्रेकिंग, सफारी, क्विज, फिल्म और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख रूप से आयोजित किये जाते है। इस उत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रकृति का नजदीक से परिचय कराया जाता है। यह उत्सव न केवल प्रदेश में पूरे देश में प्रसिद्ध हो गया है। प्रतियोगिता के कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग बनाकर बच्चों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती है। इन प्रतियोगिताओं में जल, जंगल और जमीन की बढ़ती समस्या, प्रकृति संरक्षण का महत्व, हरित उत्पाद, प्रदेश की खनिज सम्पदा, ओजोन परत का क्षरण, पॉलिथीन के दुष्णप्रभाव, नदियों का संरक्षण, तपती धरती और जंगल क्यों नाराज है जैसे विषयों पर निबंध और भाषण प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती है। जिला स्तर पर चयनित दो छात्र एवं दो छात्रा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भागीदारी करते है। मोगली बाल उत्सव का राज्य स्तरीय आयोजन पेंच अभ्यारण्य सिवनी में आयोजित होता है। यह आयोजन 7 और 8 नवम्बर को आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।   recent visitors 143

हरियाणा में लोकतंत्र के महापर्व में आहुति देने सुबह से लोग लाइन में लगे, हो रहा मतदान

रोहतक हरियाणा में 15वीं विधानसभा का चुनाव आज हो रहा है, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. . अंबाला शहर विधानसभा में कुल 271 बूथ बनाए गए हैं, जहां चुनाव कराने के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं. 5 अक्टूबर को एक चरण में ही 90 सीटों पर वोटिंग हो जाएगी। जम्मू-कश्मीर में जहां फारुख अब्दुल्ला की पार्टी नैशनल कॉन्फ्रेंस मुकाबले में आगे है तो हरियाणा में स्थिति अलग है। यहां बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच मुकाबला है। दोनों विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 अक्टूबर को आ जाएंगे। कल हरियाणा में वोटिंग के बाद शाम को एग्जिट पोल भी जारी कर दिए जाएंगे। अशोक तंवर के पार्टी में आने के बाद अजय माकन ने कहा- हम सभी ने संविधान की रक्षा करने का प्रण लिया है अशोक तंवर के कांग्रेस में आने के बाद पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि हम सभी ने संविधान की रक्षा करने का प्रण लिया है। हम देश के संविधान और बाबासाहेब आंबेडकर के सिद्धांतों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। हमें आशा है कि अशोक तंवर जी के आने से इन प्रयासों को और बल मिलेगा। वहीं पार्टी ज्वाइन करते हुए अशोक तंवर ने कहा कि मेरे राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से हुई। कुछ समय के लिए मैं भाजपा में शामिल हो गया था, लेकिन वहां देश के संविधान और बाबासाहेब के प्रति कोई आस्था नहीं है। EVM और चुनाव सामग्री का वितरण  चुनाव आयोग के अधिकारियों के सामने स्ट्रांग रूम खोला गया, और ईवीएम मशीनों तथा चुनाव से संबंधित सामग्री उन सभी कर्मचारियों को सौंपी गई जो विभिन्न बूथों पर तैनात रहेंगे. अंबाला शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. चुनाव अधिकारी दर्शन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि अंबाला शहर विधानसभा में कुल 271 बूथ बनाए गए हैं. सभी पोलिंग पार्टियां यहां पहुंच चुकी हैं और उनकी ट्रेनिंग भी पूरी कर ली गई है. उन्होंने कहा कि चुनाव से जुड़ी सारी सामग्री इन सभी लोगों को दी जा रही है, जिन्हें पुलिस फोर्स के साथ अपने-अपने बूथों के लिए रवाना होना है. सुरक्षा व्यवस्था सुरक्षा को लेकर अधिकारियों ने बताया कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से पुलिस बल की तैनाती की गई है. सभी पोलिंग बूथ पर सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए गए हैं, जो हर समय लाइव चलेंगे. इसके अलावा, तीन विशेष बूथ भी बनाए गए हैं, जिसमें पिंक बूथ और युवा बूथ शामिल हैं. कई सीटों पर चुनाव बहुकोणीय होने की संभावना कुल 1031 उम्मीदवारों में से 464 निर्दलीय उम्मीदवार है। चुनाव बहुकोणीय है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पाटर्ी (भाजपा) और मुख्य विपक्षी दल काँग्रेस के अलावा चुनावी मैदान में जननायक जनता पाटर्ी-आजाद समाज पार्टी, गठबंधन, इंडियन नैशनल लोकदल-बहुजन समाज पाटर्ी गठजोड़ और आम आदमी पार्टी भी हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा और काँग्रेस में माना जा रहा है। जहां भाजपा‘नॉन-स्टॉप हरियाणा'व‘भरोसा दिलसे, भाजपा फिर से'के नारे के साथ हैट्रिक लगाने की उम्मीद कर रही है, वहीं काँग्रेस ‘भाजपा जा रही है, काँग्रेस आ रही है' और ‘हाथ बदलेगा हालात' के नारों के साथ सत्ता में वापसी का दावा कर रही है। अन्य दल भी ‘किंगमैकर' बनने से लेकर अपने बूते सरकार बनाने तक के दावे कर रहे हैं। छोटे दलों, रिश्तेदारों के एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने से लेकर बागियों सहित बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशियों के मैदान में होने से राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों का खेल बिगाड़ने की संभावनाओं के कारण कई सीटों पर मुकाबला कड़ा व रोचक हो गया है। वीआईपी सीटों पर सभी की रहेंगी निगाहें जिन सीटों पर लोगों की नजर रहेगी उनमें कुरुक्षेत्र जिले की लाड़वा (मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी यहाँ से प्रत्याशी हैं), सोनीपत जिले की गढ़ी सांपला किलोई (पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेन्द्र सिंह हुड्डा प्रत्याशी हैं) जींद जिले की उचाना कलाँ (पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला यहाँ से प्रत्याशी हैं) और जुलाना (काँग्रेस ने पहलवान विनेश फोगाट को टिकट दिया है), हिसार (यहाँ अमीरतम महिला प्रत्याशी सावित्री जिंदल भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ रही हैं जबकि उनके पुत्र नवीन जिंदल लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर जीतकर सांसद बने हैं), सिरसा जिले की डबवाली जहां चौटाला कुनबे से तीन सदस्य – काँग्रेस के अमित सिहाग, भाजपा से इनेलो गए आदित्य चौटाला और जजपा से दिग्विजय चौटाला आपस में भिड़ रहे हैं), एलानाबाद 2019 के विधानसभा चुनाव में यह एकमात्र सीट थी, जिस पर इनेलो को जीत हासिल हुई थी। अभय सिंह चौटाला ने किसान आंदोलन में दिया था इस्तीफा किसान आंदोलन के समर्थन में अभय सिंह चौटाला ने इस्तीफा दिया था और फिर उपचुनाव में जीते थे), भिवानी जिले की तोशाम (हाल ही में अपनी माँ किरण चौधरी के साथ काँग्रेस छोड़कर भाजपा में गई बंसीलाल परिवार की श्रुति चौधरी का मुकाबला उनके चचेरे भाई अनिरुद्ध चौधरी से है) और अंबाला शहर और अंबाला छावनी (शहर से जहां पूर्व मंत्री निर्मल सिंह काँग्रेस प्रत्याशी हैं, उनकी बेटी चित्र सरवारा छावनी से काँग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं और पूर्व गृह मंत्री अनिल विज को टक्कर दे रही हैं) आदि हैं। recent visitors 84