हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान 3116 पुलिस कर्मचारी चुनावी ड्यूटी में रहेंगे तैनात, कल मतदान

कैथल हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कल वोटिंग होगी। इस बार विधानसभा चुनाव में युवाओं की भूमिका अहम रहने वाली है, क्योंकि इस बार जिले के 22187 युवा पहली बार अपने मत का प्रयोग करेंगे। कल 5 अक्टूबर को होने वाले मतदान को लेकर जिला प्रशासन व पुलिस विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। जिले की चारों विधानसभाओं में कुल 386 लोकेशन पर 807 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 171 बूथों को अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है, तो वहीं पुलिस प्रशासन भी पूरी मुस्तैदी के तैयार है।  चुनाव में 3116 पुलिसकर्मी ड्यूटी दे रहे हैं, इनमें 9 पैरामिलिट्री फोर्स के साथ एक एचएपी की टुकड़ी भी लगाई गई है, इसके अतिरिक्त 600 के करीब होमगार्ड जवान पंजाब से बुलाए गए है जो बूथों पर पुलिस कर्मचारियों के साथ ड्यूटी देते नजर आएंगे। मतदान केंद्र में बिजली पानी की होगी सुविधा जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कैथल डी.सी डॉ विवेक भारती ने बताया कि कि कैथल जिले की चार विधानसभा सीटों में कुल 8 लाख 24 हजार 408 वोटर हैं। जिनमे कुल 386 लोकेशन पर 807 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, इनमे से 619 ग्रामीण क्षेत्र में तथा 188 शहरी क्षेत्र में स्थापित किए गए हैं। इन सभी मतदान केंद्र में बिजली पानी व दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है, इसके साथ ही पूरे मतदान की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। क्यू एप के जरिए घर बैठे ही देख सकते हैं बूथ पर लंबी कतार कैथल डी.सी ने बताया कि शहरी मतदाता क्यू एप के जरिए अपने घर बैठे ही बूथ के बाहर लगी लाइन की अपडेट ले सकते हैं, इसमें संबंधित बीएलओ समय-समय पर बूथ के बाहर लगी लाइन की अपडेट डालता रहेगा, यह सेवा केवल कैथल शहर वासियों के लिए उपलब्ध रहेगी। 3116 पुलिस कर्मचारी चुनावी ड्यूटी में रहेंगे तैनात पुलिस व्यवस्था को लेकर जिले में कल 3116 कर्मचारी चुनावी ड्यूटी पर है, इनमें 9 पैरामिलिट्री फोर्स की टुकड़ियों व एक एचएपी के साथ पंजाब से 600 के करीब होमगार्ड सहित 800 से अधिक जिला पुलिस के कर्मचारी तैनात है, इसके साथ किसी भी है अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी मौजूद रहेगा 8 लाख 24 हजार 804 मतदाता कल करेंगे प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला गुहला विधानसभा क्षेत्र में स्थापित किए गए 199 मतदान केंद्र, कलायत विधानसभा क्षेत्र में कुल 209 मतदान केंद्र, कैथल विधानसभा क्षेत्र में कुल 215 मतदान केंद्र तथा पूंडरी विधानसभा क्षेत्र में कुल 184 मतदान केंद्र हैं। 12 सितंबर 2024 को जारी गई सूची के अनुसार जिला की चारों विधानसभा में 8 लाख 24 हजार 804 मतदाता हैं, जिसमें 4 लाख 31 हजार 148 पुरुष मतदाता, 3 लाख 90 हजार 664 महिला मतदाता हैं। इसके अलावा 15 थर्ड जेंडर हैं।   recent visitors 117

विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर जाएंगे पाकिस्तान, एससीओ समिट में भारत की ओर से होंगे शामिल

नई दिल्ली पाकिस्तान में होने वाली एससीओ समिट में भारत की ओर से हिस्सा लेने विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर जाएंगे। वहां की राजधानी इस्लामाबाद में यह बैठक 15-16 अक्टूबर, 2024 को होगी, जिसमें एस जयशंकर ही इंडिया का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को दी। विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर फिलहाल श्रीलंका  के दौरे पर हैं, वहां पर उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री से मुलाकात की है। पड़ोसी पहले की नीति पर हो रहा काम विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इन दिनों पड़ोसी प्रथम की नीति पर काम हो रहा है और इसी नीति पर हम आगे बढ़ रहे हैं। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू 7 अक्टूबर से भारत दौरे पर आ रहे हैं। वो दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु का भी दौरा करेंगे। यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू 6 अक्टूबर की शाम को भारत पहुंचेंगे और 7 अक्टूबर को राजकीय दौरा शुरू होगा। recent visitors 85

सीएम हेल्पलाइन से हो रहा जन शिकायतों का प्रभावी समाधान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोक सेवा प्रबंधन में सीएम हेल्पलाइन आम जनता के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। इस सेवा से जुड़े श्रेष्ठ कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही इस सेवा का दुरुपयोग करने वालों को भी चिन्हित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही यह एक उपयोगी मंच है। कार्य अच्छा हो रहा है लेकिन इसका दुरुपयोग न हो यह भी ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में लोक सेवा प्रबंधन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की‍। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। प्रमुख सचिव लोक सेवा प्रबंधन श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों की अनेक समस्याओं का निराकरण प्रभावी रूप से हो रहा है। सीएम हेल्पलाइन के एकीकृत नंबर 181 पर प्रतिदिन लगभग 60 हजार कॉल आते हैं। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों में से 97.3 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण हो चुका है। इसी तरह 72% शिकायतें संतुष्टि से बंद की जा चुकी हैं। लंबित शिकायतों का प्रतिशत मात्र 2.7 है। जानकारी दी गई कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल में एक दिन में ही एक व्यक्ति द्वारा पांच शिकायत करने और 10 से अधिक शिकायत करने वाले शिकायतकर्ता को उस दिन के लिए ब्लॉक करने पर विचार किया जा रहा है। सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था के विश्लेषण के पश्चात अधिक शिकायतें और अनावश्यक शिकायतें करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। बैठक में प्रेजेंटेशन में बताया गया कि सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से 40 विभाग के 185 विभिन्न डैशबोर्ड कार्य कर रहे हैं। इनसे फ्लैगशिप स्कीम एवं फ्लैगशिप प्रोजेक्ट भी संबद्ध किए गए हैं। जिला डैशबोर्ड के साथ विभाग के जिला रैंकिंग डैशबोर्ड का परिचालन भी हो रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान भोपाल द्वारा विभिन्न प्रकल्प संचालित की जा रहे हैं। प्रमुख सचिव द्वारा जानकारी दी गई कि गुजरात राज्य में आम जन की समस्याओं के समाधान की कार्यवाही के लिए मध्यप्रदेश के दल ने गुजरात भ्रमण किया है। अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को प्रदेश में अपनाया जाएगा। महिला हेल्पलाइन और दिव्यांग हेल्पलाइन के संचालन के साथ ही शिकायत की स्थिति पता करने व्हाट्सएप चैट बोर्ड सुविधा भी प्रारंभ की गई।   recent visitors 87

इजरायल पर हमला बोलते हुए कहा कि अरब के मुसलमान देशों को ईरान का साथ देना चाहिए: खामेनेई

तेहरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने शुक्रवार की नमाज का नेतृत्व करते हुए लोगों को संबोधित किया। वे पांच सालों में पहली बार जुमे की नमाज अदा करके सार्वजनिक रूप से संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने इजरायल पर हमला बोलते हुए कहा कि अरब के मुसलमान देशों को ईरान का साथ देना चाहिए और मुस्लिम देशों का एक ही दुश्मन है और उसे मिलकर हराना होगा। हिजबुल्लाह प्रमुख नसरल्लाह की मौत के बाद ईरान की ओर से दागी गईं इजरायल पर मिसाइलों को लेकर भी खामेनेई ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हमले को कानूनी और वैध बताया। उन्होंने कहा, ''कुछ रात पहले हमारे सशस्त्र बलों का अभियान पूरी तरह से कानूनी और वैध था।'' अपने संबोधन में अयातुल्लाह अली खामेनेई ने कहा कि हम इजरायल को जवाब देने में न तो देरी करेंगे और न ही जल्दबाजी। खामेनेई जब ईरान के लोगों को संबोधित कर रहे थे, तब उनके पास एक राइफल भी रखी हुई थी। उनका यह उपदेश ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल हमलों के कुछ दिन बाद आया है। पिछले साल सात अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर आतंकी हमला कर दिया था, जिसके बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया था। इजरायल ने हमास पर गाजा पट्टी में जबरदस्त पलटवार किया और उसके बाद लेबनान में भी हिजबुल्लाह को निशाने पर रखा। इसी दौरान हिजबुल्लाह चीफ नसरल्लाह भी मारा गया, जिसके बाद ईरान और इजरायल में तनाव चरम पर पहुंच गया। 'हिजबुल्लाह और हमास से कभी नहीं जीतेगा इजरायल' ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने लेबनान और फिलिस्तीन के लड़ाकों से कहा कि खून-खराबे से आपकी ताकत कम नहीं होनी चाहिए। इजरायल कभी भी हिजबुल्लाह और हमास पर जीत हासिल नहीं कर पाएगा। इजरायल के हालिया व्यवहार से गुस्सा बढ़ रहा है और प्रतिरोध की मंशा मजबूत हो रही है। इजरायल हत्याओं और नागरिक हत्याओं के जरिए जीतने का दिखावा कर रहा है। खामेनेई ने अमेरिका पर भी निशाना साधा और कहा कि इजरायल की सुरक्षा को बनाए रखने पर अमेरिका का ध्यान क्षेत्र के संसाधनों को जब्त करने की उसकी नीति को छिपाने के लिए है। बेरूत में इजरायल का फिर हमला, नौ की मौत इस बीच, इजरायल का लेबनान में हमला जारी है। बुधवार देर रात मध्य बेरूत की एक इमारत को निशाना बनाकर हवाई हमला किया गया, जिससे नौ लोगों की मौत हो गई। इन लोगों को हिजबुल्लाह का सदस्य बताया गया है। इजरायल सितंबर के अंत से ही लेबनान के उन क्षेत्रों पर बमबारी कर रहा है जहां उग्रवादी समूह हिजबुल्लाह की मजबूत उपस्थिति है, लेकिन राजधानी बेरूत के मध्य क्षेत्र को शायद ही कभी निशाना बनाया गया हो। बुधवार देर रात हुए हमले से पहले कोई चेतावनी नहीं दी गई थी, जिसमें मध्य बेरूत में एक इमारत को निशाना बनाया गया। यह इमारत संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और संसद से ज्यादा दूर नहीं है। वहीं, हिजबुल्लाह की नागरिक सुरक्षा इकाई ने कहा कि उसके सात सदस्य मारे गये हैं। यह हमला दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ झड़प में कम से कम आठ इजरायली सैनिकों के मारे जाने के बाद हुआ है। recent visitors 77

22 अक्टूबर के बाद कभी भी हो सकता है गणेश मंदिर से लेकर गायत्री मंदिर तक निर्माणाधीन जीजी फ्लाईओवर का उद्घाटन

भोपाल गणेश मंदिर से लेकर गायत्री मंदिर तक निर्माणाधीन जीजी फ्लाईओवर का उद्घाटन 22 अक्टूबर के बाद कभी भी हो सकता है । हालांकि फिलहाल फ्लाईओवर के उद्घाटन की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने उद्घाटन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी बताते हैं कि गणेश मंदिर से लेकर एमपी नगर थाने की तरफ की लेन को शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके मद्देनजर यातायात पुलिस द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से जो कार्य फ्लाईओवर पर किए जाने हैं। उनको प्राथमिकता से जल्द शुरू कराया जाएगा। गणेश मंदिर की तरफ चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट के कामों के लिए जो ढांचा बनाया गया था। उसे हटाया जाना बाकी है । मेट्रो रोड से उक्त ढ़ांचे को 15 अक्टूबर तक हटाएगा। ज्ञात हो कि लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने सितंबर माह तक फ्लाईओवर शुरू करने के निर्देश जुलाई माह में दिए थे। इसके बावजूद जीजी फ्लाईओवर को सितंबर माह में जनता के लिए शुरू नहीं किया जा सका। फ्लाईओवर पर जल्द लगाए जाएंगे संकेतक जीजी फ्लाईओवर को शुरू करने से पहले सुरक्षा की दृष्टि से संकेतक लगाए जाएंगे। पीडब्ल्यूडी ने यातायात पुलिस ने फ्लाईओवर का हाल ही में निरीक्षण करवाया है। यातायात पुलिस ने पीडब्ल्यूडी को यातायात नियमों के तहत लगाए जाने वाले संकेतक लगाने के लिए सूची सौंप दी है कि कहां किधर कौन से संकेतक लगाए जाएंगे। इन संकेतकों में वाहन की कहां कितनी स्पीड रहेगी, कहां डायर्वजन रहेगा। इन तमाम प्रकार के सुरक्षा की दृष्टि से लगाए जाने वाले संकेतक लगाए जाएंगे। फ्लाईओवर पर यह कार्य होना शेष सबसे पहला काम तो मेट्रो के कामों के लिए किया जाने वाला वह ढ़ांचा है। उसके हटाने के बाद वहां रोड बनाई जाना है। इस काम को करने में पीडब्ल्यूडी को कम से कम आठ दिन लगेंगे। इसके बाद गणेश मंदिर से लेकर एमपी नगर थाने की तरफ की लेन शुरू हो पाएगी। इसके अलावा गायत्री मंदिर की तरफ सड़क निर्माण कार्य शेष रह गया है। यह काम फ्लाईओवर के उद्घाटन के बाद तक जारी रहेगा। इधर आरई वाल का कार्य किया शेष चल रहा है। इसके के पूरा होने के बाद रोड का निर्माण होगा। एक नजर में फ्लाईओवर 20 दिसंबर 2020 शुरू हुआ प्रोजेक्ट 2734 मीटर फ्लाईओवर की लंबाई  15 मीटर फ्लाईओवर की चौड़ाई 92 पिलर पर बनाया फ्लाईओवर 95 प्रतिशत सिविल वर्क पूर्ण 126 करोड़ प्रोजेक्ट की लागत जावेद शकील, सहायक यंत्री, पीडब्ल्यूडी भोपाल फ्लाईओवर का उद्घाटन कब होगा, फिलहाल इसकी तारीख तय नहीं हुई है। मेट्रो 15 अक्टूबर तक रोड से फाउंडेशन वर्क को हटाएगा। इसके बाद आठ दिन लगेंगे सड़क बनाने में। गणेश मंदिर से लेकर एमपी नगर थाने तरफ की लेन को जल्द शुरू किया जा सकता है। यातायात पुलिस निरीक्षण कर चुकी है। recent visitors 73

पिछले 24 महीनों में राजस्व में 10 गुना बढ़ोतरी दर्ज की, प्रधानमंत्री आवास योजना के चलते कई शहरों के लोगों का पूरा हो रहा घर का सपना

भोपाल हाल ही में सरकार द्वारा पेश की गई अनुकूल नीतियों जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना के चलते भारत के हाउसिंग सेक्टर में सकारात्मक बदलाव आया है। कंपनी ने अपने टेक-इनेबल्ड मॉगेज समाधानों के चलते पिछले 24 महीनों में राजस्व में 10 गुना बढ़ोतरी दर्ज की है। अपनी शुरुआत के बाद से बेसिक ने 650 से अधिक ज़िलों में तकरीबन 2.5 लाख से अधिक परिवारों को अपना खुद का घर खरीदने में मदद की है साथ ही टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में 15000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोज़गार भी दिया है। फिनटेक प्लेटफॉर्म बेसिक होम लोन ने सीरीज़ बी फंडिंग राउण्ड में 10.6 मिलियन डॉलर (रु 87.5 करोड़) की राशि जुटाई है।   बेसिक होम लोन ने इस नई जुटाई गई राशि से बाज़ार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने, अपने ऋण पोर्टफोलियो का विस्तार करने तथा तकनीकी क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है। फिनटेक स्टार्टअप का मुख्यालय गुरूग्राम में है, जो पहले तीन राउण्ड की फंडिंग में 8.7 मिलियन डॉलर की राशि जुटा चुका है। अपनी शुरूआत के बाद से बेसिक ने 650 से अधिक ज़िलों में तकरीबन 2.5 लाख से अधिक परिवारों को अपना खुद का घर खरीदने में मदद की है साथ ही टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में 15000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोज़गार भी दिया है। अब तक बेसिक को 12 बिलियन डॉलर से अधिक के लोन एप्लीकेशन मिले हैं और कंपनी अपने ऋणदाता नेटवर्क के ज़रिए 1.1 बिलियन डॉलर के होम लोन वितरित कर चुकी है। ‘हमें खुशी है कि भारत के टियर 2 और टियर 3 शहरों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए घर खरीदने का सपना साकार करने की हमारी यात्रा में बर्टेल्समैन हमारे निवेशक बन गए हैं।’ अतुल मोंगा, सीईओ एवं सह-संस्थापक, बेसिक होम लोन ने कहा। ‘फंडिंग के इस नए राउण्ड के साथ हम अपनी पहुंच और तकनीकी क्षमता बढ़ाना चाहते हैं, साथ ही उपभोक्ताओं की बदलती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए फाइनैंशियल प्रोडक्ट्स पेश करना चाहते हैं। रोहित सूद, पार्टनर, बर्टेल्समैन इंडिया इन्वेस्टमेन्ट्स ने कहा, ‘‘बेसिक होम लोन, ने खासतौर पर टियर-2 और टियर-3 शहरों में कम आय वर्ग वाले खरीददारों के लिए होम लोन के अनुभव को पूरी तरह से बदल डाला है। सुदर्शन पारीक, वाईस प्रेज़ीडेन्ट, सीई वेंचर्स ने कहा, ‘‘सीई वेंचर्स में हम ऐसी कंपनियों को समर्थन प्रदान करते हैं जो आधुनिक तकनीक का उपयोग कर वंचित बाज़ार की ज़रूरतों को पूरा करने में मुख्य भूमिका निभाती हैं। recent visitors 87

सुप्रीम कोर्ट ने SC और ST को मिलने वाले आरक्षण में उप-वर्गीकरण के अपने फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति को मिलने वाले आरक्षण में उप-वर्गीकरण के अपने फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है। शीर्ष अदालत ने 1 अगस्त को ही इस संबंध में फैसला दिया था और कहा था कि यदि राज्य सरकारों को जरूरी लगता है कि एससी और एसटी कोटे के भीतर ही कुछ जातियों के लिए सब-कोटा तय किया जा सकता है। इसका एक वर्ग ने विरोध किया था और आंदोलन भी हुआ था। इसके अलावा याचिकाएं दाखिल की गई थीं। इन पर ही शुक्रवार को सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने विचार करने से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली 7 जजों की बेंच ने कहा कि उस फैसले में ऐसी कोई त्रुटि नहीं थी, जिस पर पुनर्विचार किया जाए। अदालत ने कहा, 'हमने पुनर्विचार याचिकाओं को देखा है। ऐसा लगता है कि पुराने फैसले में ऐसी कोई खामी नहीं है, जिस पर फिर से विचार किया जाए। इसलिए पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज किया जाता है।' जस्टिस बीआर गवई, विक्रम नाथ, बेला एम. त्रिवेदी, पंकज मिथल, मनोज मिश्रा और सतीश चंद्र शर्मा इस बेंच में शामिल थे। अदालत ने कहा कि याचिकाओं में कोई ठोस आधार नहीं दिया गया कि आखिर क्यों 1 अगस्त के फैसले पर कोर्ट को पुनर्विचार करना चाहिए। इन याचिकाओं पर अदालत ने 24 सितंबर को ही सुनवाई की थी, लेकिन फैसला आज के लिए सुरक्षित रख लिया था। इन याचिकाओं को संविधान बचाओ ट्रस्ट, आंबेडकर ग्लोबल मिशन, ऑल इंडिया एससी-एसटी रेलवे एम्प्लॉयी एसोसिएशन समेत कई संस्थाओं की ओर से दायर किया गया था। सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने 1 अगस्त को ही 6-1 के बहुमत से फैसला दिया था। इसमें राज्य सरकारों को एससी और एसटी कोटे के सब-क्लासिफिकेशन की मंजूरी दी गई थी। इसके तहत कहा गया था कि यदि इन वर्गों में किसी खास जाति को अलग से आरक्षण दिए जाने की जरूरत पड़ती है तो इस कोटे के तहत ही उसके लिए प्रावधान किया जाता है। अदालत के इस फैसले को दलितों और आदिवासियों के एक वर्ग ने आरक्षण विरोधी करार दिया था। वहीं एक वर्ग इसके समर्थन में भी आया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि दलितों में भी कई जातियां और इस वर्ग को समरूप नहीं माना जा सकता। इसलिए आरक्षण के लिए यदि किसी जाति को खास प्रावधान देने की जरूरत पड़ती है तो वह भी करना चाहिए। recent visitors 91