इंदौर में नगर निगम अब वर्षों से अधूरी सड़कों को पूराने करने पर जोर, बाधक निर्माण हटाने की तैयारी

इंदौर इंदौर में नगर निगम अब वर्षों से अधूरी सड़कों को पूराने करने पर जोर दे रहा है। पंद्रह साल पहले इंदौर विकास प्राधिकरण ने एमआर-9 लिंक रोड का निर्माण जवाहर लाल शहरी नवीनीकरण मिशन के तहत 200 करोड़ में कराया था, लेकिन बजरंग नगर चौराहा से मालवीय नगर के बीच बाधक निर्माण होने के कारण यह सड़क पूरी नहीं बन पाई थी। अब नगर निगम इस सड़क के बचे हिस्से को बनाएगा।   शुक्रवार को मेयर पुष्य मित्र भार्गव क्षेत्रीय विधायक रमेश मेंदोला के साथ इस सड़क को देखने पहुंचे। दरअसल एमआर-10 स्टेशन बनने के बाद इस सड़क पर ट्रैफिक का दबाव और बढ़ेगा। इस कारण इस सड़क को बीआरटीएस से जोड़ा जा रहा है। बस्ती के 200 से ज्यादा निर्माण बाधक मालवीय नगर से संजय नगर बस्ती के पहले तक 40 मीटर चौड़ी बन चुकी है, लेकिन बस्ती से बजरंग नगर चौराहा तक 300 मीटर हिस्से की सड़क में सबसे ज्यादा 200 निर्माण बाधक है। प्राधिकरण प्रभावितों को पहले फ्लैट देना चाहता था, लेकिन रहवासी जमीन के बदले जमीन मांग रहे थे। इस कारण मामला अटक गया। यह सड़क मास्टर प्लान में भी शामिल है,इसलिए इसे अब नगर निगम बना रहा है। यहां कई लोगों ने पक्के निर्माण बना लिए है। इस सड़क के बनने से बीआरटीएस पर भी ट्रैफिक का दबाव कम होगा। एलआईजी चौराहा से पाटनीपुरा की तरफ आने वाले वाहन मालवीय नगर से सीधे बजरंग नगर की तरफ आ सकेंगे। जनप्रतिनिधियों ने श्याम नगर, वीणा नगर वाले हिस्से का भी दौरा किया। यहां भी पर्याप्त चौड़ाई में सड़क नहीं बनी है। दौरे में सभापति मुन्नालाल यादव, जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर आदि मौजूद थे। recent visitors 66

सीधी के स्‍कूल में 13 विद्यार्थियों में आते हैं सिर्फ दो, दो अतिथि शिक्षक के अलावा दो रसोइये भी

 सीधी  सीधी जिले का प्रशासन लंबे समय से यह दावा कर रहा है कि जिले में कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है। इन सब दावों से हटकर सीधी जिले के ग्राम घूघा में एक ऐसी पाठशाला है जो बिना किसी नियमित शिक्षक के चल रही है। ऐसे में जिस प्राथमिक पाठशाला में पिता प्रभारी शिक्षक है, तो बेटा उसी को स्कूल में अतिथि शिक्षक के तौर पर मास्टर साहब बना हुआ है। छात्रों की संख्या 13, लेकिन स्कूल आते सिर्फ दो इस विद्यालय का संचालक मात्र दो अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे हैं उससे भी बड़ी बात यह है कि इस विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 13 है लेकिन स्कूल आने वाले छात्रों की संख्या सिर्फ दो है। इस स्कूल में दो रसोईया भी है जो बच्चों के लिए खाना बनाते हैं अब ऐसे में बेहतर स्कूल बेहतर शिक्षक का दावा करने वाली सरकार के दावों की कलई खुलती नजर आती है कि इस विद्यालय में नियमित शिक्षक क्यों नहीं है। दो बच्चे, दो अतिथि शिक्षक और दो रसोईए आते हैं विद्यालय में पढ़ने वाले सभी 13 छात्र स्कूल क्यों नहीं आते यह बड़ा सवाल है वही दो बच्चों को पढ़ाने और दो अतिथि शिक्षक और उन्हें भोजन खिलाने दो रसोईए स्कूल इसलिए आते हैं कि उन्हें अपने वेतन और मानदेय से मतलब है और शायद इसीलिए यह स्कूल आज तक संचालित है वरना इस स्कूल का क्या फायदा इस प्राथमिक स्कूल की समस्या को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नियमित शिक्षक न होने के सवाल पर वह गोल-माल जवाब जब जिला शिक्षा अधिकारी पीएल मिश्रा से जानकारी चाहि तो उन्होंने भी स्कूल की जांच करने की बात कही वही स्कूल में नियमित शिक्षक न होने के सवाल पर वह गोल-माल जवाब देते नजर आए जिला शिक्षा अधिकारी के बयान के बाद यह बात तो स्पष्ट हो जाती है कि जिले में शिक्षक विहीन शाला न होने का दवा अभी पूरा नहीं हुआ है जिस दिन यह दाबा पूरा हो जाएगा उस दिन से स्कूलों में ना आने वाले सभी छात्र शायद पढ़ते भी आने लगेंगे। प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पूरी तरीके से चौपट बहरहाल सीधी जिले में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पूरी तरीके से चौपट हो गई है आलम यह है कि इस स्कूल जैसे दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में न जाने और ऐसी कितनी स्कूल है सिर्फ कागज में दर्जन भर छात्र और शिक्षक विहीन शालाएं शिक्षा विभाग के अफसर के फाइलों में संचालित हो रही हैं, जिसकी कलाई जांच मीडिया की जीरो ग्राउंड रिपोर्टिंग के दरमियान सामने आ गई है। पिता प्रभारी शिक्षक, बेटा उसी स्कूल में अतिथि शिक्षक ऐसे में जिस प्राथमिक पाठशाला में पिता प्रभारी शिक्षक है तो बेटा उसी स्कूल में अतिथि शिक्षक के तौर पर मास्टर साहब बना हुआ है जो कागज में 13 छात्र लेकिन जमीनी हकीकत में सिर्फ दो छात्रों को शिक्षा दीक्षा दे रहा है ऐसे में इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले के शिक्षा विभाग अपने कर्तव्य में लापरवाही करतें हुए व्यक्तिगत स्वार्थ और अपनों को आर्थिक लाभ पहुंचाने में लगा हुआ है उसे बच्चों के भविष्य से कोई सरोकार नहीं है। recent visitors 78

गौतम गंभीर मां पीतांबरा सिद्धपीठ पहुंचे, वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक भी किया

ग्वालियर  भारत और बांग्लादेश के बीच टी20 सीरीज की शुरुआत 6 अक्टूबर से हो रही है। सीरीज का पहला मुकाबला ग्वालियर के नए माधवराव सिंधिया क्रिकेट स्टेडियम पर होना है। इस मैच के लिए दोनों ही टीमें ग्वालियर पहुंच चुकी हैं। मैच की तैयारी भी पूरी हो चुकी है। 14 साल बाद ग्वालियर में कोई इंटरनेशनल मैच खेला जा रहा है। आखिरी बार 2010 में यहां हुए मुकाबले में सचिन तेंदुलकर ने वनडे इतिहास का पहला दोहरा शतक लगाया था। मां पीतांबरा सिद्धपीठ पहुंचे गौतम गंभीर भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ग्वालियर के पास स्थित दतिया के मां पीतांबरा सिद्धपीठ पहुंचे। नवरात्री की शुरुआत हो चुकी है और भारतीय हेड कोच ने मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस दौरा पीला कुर्ता पहन रखा था। इसके साथ ही उन्होंने भगवान वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक भी किया। मां पीतांबरा सिद्धपीठ की स्‍थापना 1935 में की गई थी। यहां मां के दर्शन के लिए कोई दरबार नहीं सजाया जाता बल्कि एक छोटी सी खिड़की है, जिससे मां के दर्शन का सौभाग्‍य मिलता है। भारी सुरक्षा के बीच खेला जाएगा मैच मैच की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर ग्वालियर के अलावा बाहर से भी पुलिस बल बुलाया गया है। खिलाड़ियों को एयरपोर्ट से होटल लाने और होटल से स्टेडियम तक ले जाने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। स्टेडियम में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। मैच शुरू होने से 3 घंटे पहले ही सुरक्षाकर्मी अपनी ड्यूटी पर तैनात हो जाएंगे। 6 घंटे में ही बिक गए टिकट माधवराव सिंधिया इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है। इस मैच को लेकर ग्वालियर के दर्शकों में भारी उत्साह है। 20 सितंबर को सुबह 10 बजे टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हुई। 6 घंटे में 22400 टिकट बिक गए। 1500 टिकट छात्रों के लिए और 100 टिकट दिव्यांगों के लिए पहले ही आरक्षित रखे गए थे। वहीं 6000 टिकट वीआईपी के लिए रखे गए हैं। recent visitors 130

रतलाम स्टेशन के करीब डीजल से भरी मालगाड़ी के दो टैंकर बेपटरी हुए, बाल्टियों और कैन डीजल भरने टूट पड़े लोग

रतलाम    दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर रतलाम रेलवे स्टेशन के पास पेट्रोलियम पदार्थ से भरी एक मालगाड़ी बेपटरी हो गई. दिल्ली की तरफ जाने वाली डाउन लाइन पर यह हादसा हुआ है. हादसे के बाद मालगाड़ी के दो वैगन पटरी से उतर गए. दुर्घटनाग्रस्त हुए एक वैगन से ज्वलनशील पदार्थ का रिसाव भी होने लगा. हादसे की जानकारी मिलने के बाद रेलवे के आला अधिकारियों सहित एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन मौके पर पहुंची है. अधिकारियों का मानना है कि यह भी ट्रेन डिरेल करने की कोई साजिश हो सकती है.  हादसे की सूचना मिलने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। इस दौरान यात्री ट्रेनों का परिचालन भी बाधित हो गया और कई यात्री ट्रेनें अपने नियमित समय के विपरीत चलने लगी। रेल हादसे की खबर के बाद अधिकारियों में भी  हड़कंप मच गया। यह दुर्घटना गुरुवार रात 9.30 बजे की बताई जा रही है। रेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बड़ौदा की ओर से रतलाम स्टेशन होते हुए बी नागदा साइड जा रही मालगाड़ी रतलाम रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूर घटला ब्रिज के आगे अपयार्ड की ओर बेपटरी हो गई। दुर्घटना में दो डिब्बे बे पटरी से उतर गए। उसमे से एक डिब्बा  पलटी भी खा गया। रेलवे के माल गाड़ी के टिकट का डिब्बे में ज्वलनशील पदार्थ (डीजल) भरा हुआ था। इस हादसे के बाद इस रूट से गुजरने वाली कई  यात्री ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। इधर दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद राहत ट्रेन मौके पर पहुंच गई और रूट सुधारने का कार्य शुरू कर दिया गया। साथ ही डीआरएम रजनीश कुमार व अधिकारी मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल में पहुंचे और व्यवस्थाओ पर नजर बनाए रखी । हादसे की जांच के आदेश जारी डीआरएम ने इस हादसे की जांच के भी आदेश दे दिए है। इसके साथी दुर्घटना वाले क्षेत्र में लाउडस्पीकर पर ज्वलनशील पदार्थ नहीं ले जाने का भी अनाउंस किया गया जिससे कोई बड़ा हादसा ना हो सके। वही इस संबंध में रेलवे की ओर से जारी सूचना के तहत उन्होंने बताया कि 03 अक्टूबर, 2024 को नागदा की ओर जा रही गुड्स ट्रेन लगभग 10 बजे रतलाम-रतलाम ई केबिन के मध्य Km 655/10-12 के पर दो वैगन डिरेल हो गई है तथा एक वैगन पलट गई है। इसके कारण दिल्ली मुम्बई डाउन लाइन प्रभावित हुई है तथा अप लाइन से ट्रेनें चल रही है। डिरेल वैगन को छोड़कर शेष वैगन को वहां से रवाना कर दिया गया है तथा डिरेल वैगन को रिरेल करने का कार्य जारी है। जल्द ही डाउन लाइन को चालू कर दिया जाएगा। इसमें किसी प्रकार की जनहानि नही हुई है। इस घटना के कारण डाउन की दो ट्रेने प्रभावित हुई है। मंडल रेल प्रबंधक सिहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवम कर्मचारी घटना स्थल पर उपस्थित हैं। रतलाम DRM रजनीश कुमार के अनुसार नागदा की ओर जा रही गुड्स ट्रेन रात लगभग 10 बजे रतलाम-रतलाम ई केबिन के मध्य किलोमीटर 655/10-12 के पर दो वैगन डिरेल हो गई है तथा एक वैगन पलट गई है। इसके कारण दिल्ली मुम्बई डाउन लाइन प्रभावित हुई है तथा अप लाइन से ट्रेनें चल रही है। डिरेल वैगन को छोड़कर शेष वैगन को वहां से रवाना कर दिया गया है तथा डिरेल वैगन को रिरेल करने का कार्य जारी है। जल्द ही डाउन लाइन को चालू कर दिया जाएगा। इसमें किसी प्रकार की जनहानि नही हुई है। इस घटना के कारण डाउन की दो ट्रेन प्रभावित हुई है। विभागों के अधिकारी और कर्मचारी घटना स्थल पर उपस्थित हैं। लापरवाही की भयावह तस्वीर, जान पर खेल कर लोगों ने मचा दी डीजल की लूट… रतलाम में हुए इस हादसे के बाद लापरवाही की भयावह तस्वीर भी सामने आई कि स्थानीय लोगों ने टैंकरों से डीजल लीक होता देखा तो जान की परवाह किए बिना अपने बरतन और प्लास्टिक के केन लेकर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां ऐसे सैकड़ों लोगों की भीड़ लग गई और डीजल की लूट मच गई। यह नजारा दिल दहला देने वाला…कैसे लोग अपनी जान पर खेल जाते हैं…। इन ट्रेनों को किया री शेड्यूल -गाड़ी संख्या 09546- नागदा रतलाम स्पेशल 01 घंटे -गाड़ी संख्या 09545- रतलाम नागदा 1.30 घंटे -गाड़ी संख्या 19341- नागदा बिना 1.30 घंटे -गाड़ी संख्या 09382- रतलाम दाहोद -गाड़ी संख्या 09350 दाहोद आनंद 02.00 घंटे लेटेस्ट अपडेट बता दें कि 3 अक्टूबर को नागदा की ओर जा रही गुड्स ट्रेन लगभग 22.00 बजे रतलाम-रतलाम ई केबिन के मध्य Km 655/10-12 के पर दो वैगन डिरेल हो गई थी । वैगनों को डिरेल कर तथा ट्रैक एवम OHE का मरम्मत कर डाउन लाइन को 04 अक्टूबर, 2024 को 10.00 बजे फिट दे दिया गया है। कॉशन आर्डर के साथ ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। टला बड़ा हादसा, रेलवे की कई टीमें पहुंचीं ज्वलनशील पदार्थ से भरी मालगाड़ी रतलाम रेलवे स्टेशन के समीप डाउन लाइन पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, ये जानकारी लगते ही रेलवे में हड़कंप मच गया. ये मालगाड़ी दिल्ली-मुंबई रूट पर नागदा की ओर जा रही थी. इसी दौरान स्टेशन से कुछ मीटर की दूरी पर मालगाड़ी के 2 वैगन पटरी से उतर गए. दुर्घटनाग्रस्त हुए हुए एक वैगन से डीजल का रिसाव होने की वजह से रेलवे की टीम को ट्रैक से वेगन हटाने में समय लगा. वैगन से हो रहे ज्वलनशील पदार्थ के रिसाव को रोकने के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की एक्सपर्ट टीम को भी सूचना दी गई है. गनीमत ये रही कि रेलवे की तत्परता से डीजल में आग नहीं लगी, वरना बड़ी घटना हो सकती थी. शुरू की गई हादसे के कारणों की जांच रतलाम डीआरएम रजनीश कुमार ने ईटीवी भारत से चर्चा में बताया कि '' डिरेल होने की सूचना मिलने पर रेलवे की टीम तत्काल दुर्घटनाग्रस्त वैगन को हटाने और डाउन लाइन पर यातायात बहाल करने का प्रयास कर रही है. घटनास्थल पर एक्सीडेंट रिलीफ टीम और रेलवे के इंजीनियर रेलवे ट्रैक से वैगन हटाने और डाउन लाइन पर रेल यातायात शुरू करने में जुटे हैं. मालगाड़ी डिरेल होने के कारणों की जांच भी रेलवे की टीम कर रही है.''   recent visitors 110

पुणे में दोस्त के साथ घूमने गई 21 साल की युवती से हैवानियत

पुणे महाराष्ट्र के पुणे में 21 साल की युवती से गैंगरेप करने के मामला सामने आया है। तीन आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। गैंगरेप की यह वारदात गुरुवार देर रात की है जब महिला अपने एक पुरुष मित्र के साथ बाहर घूमने गई थी। पुलिस के अनुसार, पीड़िता और उसका दोस्त कोंढवा इलाके में थे। तभी तीनों बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने युवती के दोस्त की पिटाई की। रात करीब 11 बजे आरोपियों ने युवती के साथ सामूहिक बलात्कार किया। पुलिस ने बताया कि उसने बाद युवती का दोस्त उसे अस्पताल ले गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे उन्हें मामले की सूचना मिली और वे आरोपियों की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए क्राइम ब्रांच की 10 टीमें बनाई गई हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि पीड़िता राज्य के जालगांव की रहने वाली है, जबकि उसका दोस्त गुजरात के सूरत का रहने वाला है। recent visitors 106

Women’s T20 World Cup : पाकिस्तान ने कम स्कोर वाले मैच में श्रीलंका को 31 रनों से हराया

Women’s T20 World Cup: Pakistan beats Sri Lanka by 31 runs in a low-scoring match कमलेशभोपाल ! पाकिस्तान ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की, क्योंकि उन्होंने गुरुवार को शारजाह में कम स्कोर वाले मैच में एशिया कप विजेता श्रीलंका को 31 रनों से हराया। पाकिस्तान ने आईसीसी Women’s T20 World Cup में अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की, क्योंकि उन्होंने गुरुवार को शारजाह में अपने एशियाई प्रतिद्वंद्वी श्रीलंका को 31 रनों से हराया। कम स्कोर वाले मैच में पहले बल्लेबाजी करने वाली पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 116 रनों पर आउट हो गई। एशिया कप विजेता श्रीलंका के लिए 117 रनों का लक्ष्य आसान लग रहा था, लेकिन पाकिस्तान के गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया और श्रीलंका को 20 ओवर में 85/9 पर रोक दिया। Read more : https://mysecretnews.com/icc-womens-t20-world-cup-2024/ पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना को 20 गेंदों में 30 रनों की पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि श्रीलंका की कप्तान चमारी अथापथु ने 3/19 का शानदार स्पेल किया। अथापथु की टीम की साथी सुगंदिका कुमारी और उदेशिका प्रबोधनी। हालांकि, तीनों की गेंदबाजी की कोशिशें बेकार गईं। Women’s T20 World Cup : छोटे स्कोर का बचाव करते हुए, बाएं हाथ की स्पिनर सादिया इकबाल ने चार ओवर में 3/17 के शानदार आंकड़े के साथ पाकिस्तान की अगुआई की, जबकि ओमैमा सोहेल (2/17), नशरा संधू (2/15) और कप्तान सना (2/10) ने दो-दो विकेट लिए। टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही और छठे ओवर में उसने 32 रन पर तीन विकेट गंवा दिए। श्रीलंका मैच में शीर्ष पर था, लेकिन 10वें ओवर में ओमैमा सोहेल (19 गेंदों पर 18 रन) के रूप में अपना चौथा विकेट गिरने के साथ ही पाकिस्तान की स्थिति और खराब हो गई। अपनी पारी के आधे चरण में, पाकिस्तान चार विकेट के नुकसान पर 57 रन के सामान्य स्कोर के साथ मुश्किल में था। बाएं हाथ की स्पिनर सुगंधिका कुमारी ने पाकिस्तान की पारी के शुरुआती दौर में सबसे ज़्यादा विध्वंसक भूमिका निभाई, इस अनुभवी खिलाड़ी ने सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली (14 गेंदों पर 11 रन) और गुल फ़िरोज़ा (4 गेंदों पर 2 रन) के विकेट लिए। हालांकि, अंत में पाकिस्तान ने जीत दर्ज की। संक्षिप्त स्कोर: पाकिस्तान: — 20 ओवर में (फ़ातिमा सना 30; चमारी अथापथु 3/18, सुगंधिका कुमारी 3/19, उदेशिका प्रबोधनी 3/20) श्रीलंका: 20 ओवर में 85/9 (नीलक्षी डी सिल्वा 22; सादिया इक़बाल 3/17)। recent visitors 181

कुकी-मैतेई के बीच सुलह का यह पहला कदम, 17 महीनों की जातीय संघर्ष के बीच हुआ

इंफाल  मणिपुर में पांच दिनों से बंधक बनाए गए दो मैतेई युवकों को रिहा कर दिया गया है। कुकी आदिवासी ग्रामीण स्वयंसेवकों ने उन्हें बंधक बनाया था। यह रिहाई 11 कुकी कैदियों के बदले में हुई है। इन्हें कुछ महीने पहले जमानत मिल गई थी। कैदियों पर हत्या से लेकर ड्रग तस्करी तक के आरोप थे। सुरक्षा कारणों से उन्हें जेल से बाहर नहीं निकाला जा सका था। यह घटना मणिपुर के कांगपोकपी जिले में हुई। कुकी गुट की कमिटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (CoTU) ने ओइनम थोइथोई सिंह और थोकचोम थोइथोइबा सिंह को रिहा किया। रिहाई सुबह 5 बजे के आसपास गमगीफाई में हुई। असम राइफल्स और CRPF की टीमों की मौजूदगी में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को दोनों युवकों को सौंपा गया। कुकी और मैतेई में सुलह का यह पहला कदम इन दोनों के साथ 27 सितंबर को एक और युवक लापता हो गया था, जो उसी दिन घर लौट आया। CoTU ने कुकी और मैतेई प्रतिनिधियों की तस्वीरें जारी कीं। इनमें वे गले मिल रहे थे और हाथ मिला रहे थे। यह तस्वीरें रिहाई के दौरान की हैं। 17 महीनों से चल रहे जातीय संघर्ष के बीच दोनों पक्षों की ओर से सुलह का यह पहला कदम है। इसी दौरान सुरक्षा बलों ने इंफाल की सजीवा जेल से 11 कुकी कैदियों को उनके गृह जिले कांगपोकपी के एक चर्च तक सुरक्षित पहुंचाया। अधिकारियों ने कहा कि दोनों मेइती युवकों और जमानत पर रिहा कैदियों की रिहाई अलग-अलग मामले हैं, लेकिन CoTU ने इसे अदला-बदली करार दिया। सौहार्दपूर्ण समाधान केंद्र की पहल से संभव संगठन के प्रवक्ता एनजी लून किपजेन ने एक वीडियो बयान में कहा कि सौहार्दपूर्ण समाधान केंद्र की पहल से संभव हुआ। उन्होंने कहा कि दोनों की रिहाई में देरी हमारे ग्रामीण स्वयंसेवकों की ओर से निर्धारित कुछ शर्तों के कारण हुई। उन्होंने कहा कि पहली मांग थी कि इंफाल से सभी (कुकी) जेल कैदियों को चुराचांदपुर जैसे कुकी-ज़ो क्षेत्र में ट्रांसफर किया जाए। दूसरा फाइलेंगमोंग इलाके में एक पुलिस स्टेशन बनाना था। उन्होंने कहा कि अगर CM (एन बीरन सिंह) ने उन दो बंदियों की परवाह की होती, तो वह कार्रवाई करते। हमने केंद्र से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया और अंततः केंद्र सरकार के कहने पर DGP ने सौहार्दपूर्ण समाधान तक पहुँचना संभव बनाया। मैतेई ने जताई चिंताघाटी में सक्रिय कई प्रभावशाली नागरिक समाज समूहों में से एक मैतेई हेरिटेज सोसाइटी ने भी एक बयान जारी कर बंधकों की रिहाई में शामिल केंद्रीय और राज्य बलों, मणिपुर सरकार और अन्य लोगों का आभार व्यक्त किया। लेकिन इसमें कहा गया है कि बंधकों को रिहा करने के लिए एक्सचेंज डील के हिस्से के रूप में कुकी बदमाशों और आतंकवादियों की रिहाई से हम बहुत चिंतित हैं क्योंकि यह एक खतरनाक मिसाल कायम करता है। recent visitors 72