बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकास के लिए 192 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि महात्मा गांधी का सपना था कि जनजातीय समुदाय विकास की मुख्य धारा में शामिल हो और तरक्की करें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, महात्मा गांधी के इन्हीं सपनों को पूरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने उक्त बातें धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के शुभारंभ अवसर पर वर्चुअली जुड़कर कही। यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर झारखण्ड के हजारीबाग से देश के जनजातीय इलाकों एवं जनजातियों के उत्थान के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय इस कार्यक्रम में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर से वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर उक्त अभियान के देशव्यापी शुभारंभ पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय की ओर से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय भी लाभान्वित होंगे और उनके जीवन में नया बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान कर 65 हजार से ज्यादा गाँव और 5 करोड़ से अधिक जनजातीय लोगों के कल्याण के लिए कदम बढ़ाया है। इससे छत्तीसगढ़ के 32 जिलों के 138 विकासखण्ड़ों में स्थित 6691 गाँवों में रहने वाली 47 लाख की आबादी को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ और जशपुर जिले के लिए गौरव का दिन है कि जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक की आदिवासी महिला मानकुंवर बाई को प्रधानमंत्री ने बातचीत के लिए अपने कार्यक्रम में आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की घोषणा की और घर-घर शौचालय निर्माण कराया। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान से जोड़ा। इन शौचालयों को कई राज्यों में इज्जत घर के रुप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल विहारी बाजपेयी ने जनजातीय समाज के विकास के लिए अलग राज्य का निर्माण किया और अलग से जनजाति मंत्रालय का गठन और अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने हम सभी स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के माध्यम से 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक अभियान से जुड़े रहे। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को आदत में शामिल करने की अपील की और कहा कि हमें अपने आसपास वातावरण को भी स्वच्छ रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अति पिछड़े विशेष पिछड़ी जनजाति की चिंता की और प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय इलाकों में मूलभूत सुविधाएं जैसे सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं से लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने शपथ लेते ही अगले दिन से राज्य के गरीबों के कल्याण के लिए काम प्रारंभ कर दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 18 लाख आवास की स्वीकृति प्रदान की जिसकी राशि अब हितग्राहियों के खाते में आने लगी हैं और घर निर्माण प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 3100 रुपये में क्विंटल में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी, दो साल का धान के बकाया बोनस की राशि, तेंदूपत्ता प्रति मानक बोरा को 4 हजार से बढ़ाकर 5500 रुपये कर दिया। प्रदेश की 70 लाख महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना से राशि दी जा रही है। विगत 9 माह के भीतर मोदी की गारंटी की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए। सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि यहां आदिवासी समाज के साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना के तहत मुख्यमंत्री उनके उत्थान के लिए कार्य कर रहे हैं। सरकार जनजाति उत्थान के लिए सकारात्मक कदम उठा रही है। कार्यक्रम को सामरी विधायक श्रीमती उद्देशवरी पैकरा ने भी सम्बोधित किया। इस दौरान जिले की प्रभारी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री प्रबोध मिंज, श्री राजेश अग्रवाल, श्रीमती शकुंतला पोर्ते, युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा आम नागरिकगण उपस्थित थे। 192 करोड़ रूपए के विकास कार्याें का लोकार्पण-शिलान्यास   मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर-रामानुजगंज के राजपुर में आयोजित कार्यक्रम में 192 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले विकास एवं निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी, श्रम पंजीयन कार्ड अंतर्गत हितग्राहियों को चेक, वन अधिकार पट्टा, आपदा पीड़ितों को सहायता राशि, टीबी मुक्त घोषित 3 ग्रामों को प्रमाण पत्र, ट्रैक्टर, पशुधन विकास विभाग अंतर्गत दो हितग्राहियों को चेक प्रदान किया गया। राजपुर में लिंक कोर्ट सहित कई घोषणाएं मुख्यमंत्री श्री साय ने सांसद एवं विधायकगणों के आग्रह पर बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के लिए अनेक विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने नरसिंहपुर से मरकाडाड़ के मध्य महान नदी में पुल निर्माण, हायर सेकंडरी स्कूल राजपुर के लिए नवीन भवन का निर्माण, राजपुर ब्लॉक में उफिया में चन्दर मुसखोर नाला में पुलिया निर्माण तथा राजपुर में अपर कलेक्टर लिंक कोर्ट प्रारंभ करने की घोषणा की। बिलासपुर और सरगुजा संभाग में कर्मा महोत्सव  मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में पंडो जनजाति की बहुलता को देखते हुए पंडो जनजाति के लिए 50-50 सीटर बालक-बालिका छात्रावास निर्माण की घोषणा की और बिलासपुर और सरगुजा संभाग में प्रतिवर्ष कर्मा महोत्सव का आयोजन कराए जाने की घोषणा की। recent visitors 75

रेलवे विभाग द्वारा 2 स्पेशल ट्रेनें शुरू की जा रही है जोकि दशहरा व दीवाली पर चलेंगी, धनबाद से जम्मू तवी तक चलाई जाएंगी

पंजाब त्योहारों का सीजन शुरू होने जा रहा है और कल से नवरात्रे भी शोरू होने जा रहे हैं। ऐसे में कई रेलगाड़ियों में भीड़ आम ही देखने को मिल जाती है। नवरात्रों के चलते श्रद्धालु माता वैष्णो देवी में मां के दर्शन के लिए जाते हैं। इसी बीच श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी सामने आई है। यात्रियों की सुविधा के लिए और भीड़ को मेंटेन करने के स्पेश ट्रेनें चलाने के आदेश जारी हो गए हैं। गौरतलब है कि माता वैष्णो देवी जाने के लिए वेटिंग 400 के आसपास है। नवरात्रों के ध्यान में रहते हुए रेलवे विभाग ने श्रद्धालुओं की संख्या में 5 गुना बढ़ौतरी की है। रेलवे विभाग द्वारा 2 स्पेशल ट्रेनें शुरू की जा रही है जोकि दशहरा व दीवाली पर चलेंगी। ये ट्रेने धनबाद से जम्मू तवी तक चलाई जाएंगी। जानकारी के अनुसार उक्त ट्रेन 26 नवंबर तक प्रत्येक मंगलवार सुबह 10.10 बजे चलकर अगली रात 10.40 बजे जम्मू तवी पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन बुधवार को जम्मू तवी रात 11.25 बजे प्रस्थान करके एक दिन बाद दोपहर 2.00 बजे धनबाद पहुंचेगी। रास्ते में उक्त स्पेशल ट्रेन पठानकोट छावनी, जालंधर छावनी, लुधियाना, सरहिंद, अम्बाला छावनी, पानीपत, सोनीपत, पुरानी दिल्ली, टुण्डला, गोविन्दपुरी, प्रयागराज, वाराणसी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, भभुआ रोड, सासाराम,  देहरी ऑनसोन, अनुग्रह नारायण रोड, गया, कोडरमा, हजारीबाग, पारसनाथ, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस गोमोह रेलवे स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी। बता दें कि कैंट स्टेशन पर डिवैल्पमैंट कार्य के चलते 9 अक्तूबर तक 62 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होगा जिसमें 16 ट्रेनें रद्द रहेंगी। 5 ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट व 5 ट्रेनें शार्ट आर्गेनाइज्ड की जाएगी, 13 ट्रेनों का रूट डायवर्ट होगा जबकि 23 ट्रेनें रिशैड्यूल-रैगुलेशन में रहेगी। इसी क्रम में शान-ए-पंजाब व शताब्दी जालंधर नहीं आएगी बल्कि इनका परिचालन लुधियाना, फगवाड़ा से किया जाएगा। प्रभावित होने वाली 62 ट्रेनों में अधिकतर ट्रेनों जालंधर से संबंधित है जिसके चलते जालंधर, लुधियाना, अमृतसर के यात्रियों को अधिक परेशानी होगी। recent visitors 79

केजरीवाल एक से दो दिनों में मुख्यमंत्री आवास खाली कर देंगे, नया घर तय, अब यहां करेंगे निवास

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नया घर तय हो गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, केजरीवाल एक से दो दिनों में मुख्यमंत्री आवास खाली कर देंगे और अपने विधानसभा क्षेत्र में एक नए घर में शिफ्ट होंगे। यह निर्णय उनके कामकाज की सुविधा और अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से निकटता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आपको बता दें कि पूर्व CM केजरीवाल ने 17 सितंबर को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। जानकारी के अनुसार, वह दो दिन के भीतर सिविल लाइंस में 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास को खाली कर देंगे। इस बदलाव से उन्हें स्थानीय निवासियों के साथ और बेहतर संपर्क स्थापित करने का अवसर मिलेगा। नए आवास की तलाश आम आदमी पार्टी ने केजरीवाल के लिए ऐसा स्थान खोजा है, जो उनके काम के लिए सुविधाजनक हो और यात्रा में भी कोई दिक्कत न हो। इससे उन्हें शहर के विभिन्न क्षेत्रों और निवासियों से जुड़े रहने में मदद मिलेगी। पार्टी पहले ही यह घोषणा कर चुकी थी कि केजरीवाल जल्द ही मुख्यमंत्री आवास खाली करेंगे और नए आवास की तलाश की जा रही है। विधानसभा क्षेत्र से जुड़ाव केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के निकट एक घर तलाश रहे हैं ताकि वे वहां के लोगों से लगातार संपर्क में रह सकें। दिल्ली विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अपने समय और संसाधनों का पूरा उपयोग करना चाहते हैं। आवास की पेशकश पार्टी ने बताया कि विधायकों, पार्षदों और आम लोगों ने भी केजरीवाल के लिए आवास की पेशकश की है। डिफेंस कॉलोनी, पीतमपुरा, जोरबाग, चाणक्यपुरी, ग्रेटर कैलाश, वसंत विहार और हौज खास जैसे विभिन्न क्षेत्रों से उन्हें प्रस्ताव मिले हैं। लेकिन केजरीवाल का मानना है कि वे ऐसी जगह रहेंगे, जो उनके विधानसभा क्षेत्र के लोगों से मिलने में सहायक हो। केंद्र सरकार से मांग ‘आप’ ने केंद्र सरकार से यह मांग की है कि अरविंद केजरीवाल, जो एक राष्ट्रीय दल के प्रमुख हैं, उन्हें आधिकारिक आवास मुहैया कराया जाए। केजरीवाल अपनी पत्नी, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता के साथ रहते हैं, और इस कारण एक उपयुक्त आवास की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। इस मांग से पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि केजरीवाल को राजनीतिक और व्यक्तिगत दोनों पहलुओं में सुविधाएं उपलब्ध हों। राजनीतिक पृष्ठभूमि राजनीति में आने से पहले केजरीवाल उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में रहते थे। उन्होंने 2013 में पहली बार दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में पद ग्रहण किया और तिलक लेन में एक बंगले में रहे। 2015 में दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद, वे फ्लैगस्टाफ रोड पर स्थित आवास में निवास करते थे। recent visitors 94

राज्य में पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से करवाने के लिए महत्वपूर्ण फैसला, पंजाब में 15 अक्टूबर तक सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द

चंडीगढ़ पंजाब पुलिस ने आगामी 15 अक्टूबर तक सभी पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों की छुट्टियां पर रोक लगा कर दी है। राज्य में पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से करवाने के लिए यह फैसला लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक सिर्फ विशेष हालात में ही छुट्टी मंजूर की जाएगी। इसे लेकर आदेश जारी कर दिए गए है। राज्य में 13937 गांव पंचायत है। जिन में चुनाव करवाए जाने है। 96 हजार पुलिसकर्मियों की होगी तैनाती चुनाव में 1 करोड़ 33 लाख मतदाता अपने मत का इस्तेमाल करेंगे। 96 हजार पुलिस कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी में तैनाती की जाएगी। चुनाव में माहौल खराब न हो इसके लिए सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। इस बार पंचायत चुनाव पार्टी चुनाव निशान पर नहीं होंगे। यह कोशिश की जा रही है कि सर्वसम्मति से चुनाव संपन्न हो। लेकिन इसके बावजूद राज्य में कहीं न कहीं से हिंसा की खबरें आ रही है। लोगों के लिए स्पेशल नंबर शुरू किया गया चुनाव को लेकर सेक्टर 17 चुनाव कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। लोगों के लिए एक स्पेशल नंबर शुरू किया गया है जहां पर सुबह 8 से रात 9 बजे तक शिकायतों को सुना जाएगा। उधर डीजीपी गौरव यादव ने निर्देश दिए है कि सब डिवीजन स्तर पर तैनात डीएसपी हर सप्ताह एसएसपी और सीपी के साथ बैठक करेंगे। किस जिले में कितनी आपराधिक वारदातें हुई कितने अपराधियों को पकड़ा गया इस का फीडबैक दिया जाएगा। हर महीने डीजीपी स्तर के अधिकारी राज्य के पूरे क्राइम को लेकर चर्चा करेंगे। वहीं त्यौहारों के लिए सीजन में पार्किंग व अन्य लोगों की सुरक्षा को सही करने के लिए सभी एसएसपी और सीपी को प्लान तैयार करने के लिए कहा गया है ताकि लोगों को दिक्कत का सामना न करना पडे़। recent visitors 91

सीएम योगी ने कहा- हर जिले में, गांव हो या नगरीय क्षेत्र, सड़कें अच्छी होनी चाहिए, धन की कोई कमी नहीं

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि हर जिले में, गांव हो या नगरीय क्षेत्र, सड़कें अच्छी होनी चाहिए, इसके लिए सांसदों और विधायकों को भी प्रयास करना होगा। दरअसल, हर ग्राम पंचायत, कस्बे, टाउन एरिया, नगर और महानगर में बेहतरीन रोड कनेक्टिविटी के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मिशन मोड में आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों, विधायकों से अपने क्षेत्र में नई सड़क, बाईपास, अथवा पुल-पुलिया के निर्माण और पुराने की मरम्मत के लिए 15 दिन में प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। ऐसे में सभी जनप्रतिनिधि अपने जिले के प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में कोर कमेटी के साथ बातचीत कर जिला प्रशासन के साथ मिलकर प्रस्ताव तैयार करें। सीएम योगी ने कहा कि जहां कहीं भी नई सड़क की जरूरत हो, पुरानी की मरम्मत करानी हो, सेतु निर्माण, रिंग रोड/बाईपास, प्रमुख/अन्य जिला मार्ग अथवा सर्विस लेन आदि की आवश्यकता हो, जनप्रतिनिधिगण प्रस्ताव भेजें, शासन स्तर से तत्काल निर्णय होगा। अगर किसी मजरे में कम से कम 250 लोगों की आबादी है, तो भी वहां पक्की सड़क की सुविधा मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में बाईपास मार्ग नहीं है, वहां के जनप्रतिनिधि आवश्यकतानुसार प्रस्ताव तैयार करें। धार्मिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक अथवा पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए भी पर्याप्त बजट रखा गया है। पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए ऐसे क्षेत्रों की सड़कों का चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक/लॉजिस्टिक पार्क/चीनी मिल परिक्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी आवश्यक है। इसी तरह, यदि कहीं भी तहसील और ब्लॉक मुख्यालय दो लेन सड़क से नहीं जुड़ें हैं, तो तत्काल सूचना देनी चाहिए। इंटरस्टेट अथवा इंटरनेशनल कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए कार्य जारी है। सीमा पर ‘मैत्री द्वार’ भी तैयार कराए जाने हैं। जनप्रतिनिधियों को इस संबंध में भी अपने प्रस्ताव देने चाहिए। बैठक में, मुख्यमंत्री ने वर्तमान में जारी सड़कों की मरम्मत, गड्ढामुक्ति के प्रदेशव्यापी अभियान को पहले चरण में 10 अक्टूबर तक सम्पन्न करने के भी निर्देश दिए। भारी वाहनों की ओवरलोडिंग के विरुद्ध कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री ने ‘जीरो पॉइंट’ पर एक्टिव रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर सामान्य आवागमन बाधित कर जांच करने की बजाय, जहां से वाहन चलना प्रारंभ किया है, वहीं कार्रवाई करें। बैठक में सभी ज़ोन, मंडलों, रेंज, जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की भी उपस्थिति रही।   recent visitors 74

ओला इलेक्ट्रिक के मार्केट शेयर में लगातार गिरावट, ओला इलेक्ट्रिक के ईवी स्कूटर की बिक्री घटी

नई दिल्ली ओला इलेक्ट्रिक के मार्केट शेयर में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है और सितंबर में यह गिरकर 27 प्रतिशत हो गया है। इसकी वजह दोपहिया ईवी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का बढ़ना और कंपनी के ईवी स्कूटर में लगातार ग्राहकों को समस्या का सामना करना है। सरकारी पोर्टल वाहन से मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी द्वारा पिछले महीने 24,665 इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री की गई है। अगस्त में यह आंकड़ा 27,587 यूनिट्स का था। इस दौरान कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 31 प्रतिशत थी। ओला इलेक्ट्रिक का मार्केट शेयर गिरने की वजह बाजार में प्रतिस्पर्धा का बढ़ना है। बड़ी ऑटो कंपनियां जैसे टीवीएस मोटर्स और बजाज ऑटो भी इलेक्ट्रिक दोपहिया सेक्टर में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही है। आंकड़ों के मुताबिक, बजाज ऑटो के इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री सितंबर में बढ़कर 19,103 यूनिट्स हो गई है, जो अगस्त में 16,789 यूनिट्स थी। टीवीएस मोटर्स की ओर से बीते महीने 18,084 यूनिट्स इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे गए थे। अगस्त में यह आंकड़ा 17,649 यूनिट्स पर था। एक अन्य इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनी एथर एनर्जी की बिक्री भी सितंबर में बढ़कर 12,676 यूनिट्स हो गई है। अगस्त में कंपनी द्वारा 10,980 यूनिट्स बेचे गए थे। ओला इलेक्ट्रिक की कम होती बिक्री का असर उसके शेयर पर भी देखने को मिल रहा है। शेयर अपने ऑल-टाइम हाई लेवल 157.40 रुपये से करीब 38 प्रतिशत फिसल चुका है। ओला इलेक्ट्रिक का शेयर 100 रुपये के आसपास है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओला इलेक्ट्रिक के ईवी में ग्राहकों को कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और सर्विस सेंटर से जुड़ी समस्याएं हैं। recent visitors 94

नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में नए नियम के साथ अब बिल्डर नहीं कर पाएंगे बायर्स के साथ धोखाधड़ी

नोएडा नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में जल्द ही नया नियम बनाने की तैयारी की जा रही है, जिसके बाद बिल्डर बायर्स के साथ धोखाधड़ी नहीं कर पाएंगे और उन्हें फ्लैट की बुकिंग करने के साथ-साथ उसकी रजिस्ट्री भी करवानी होगी। इसके चलते सरकार को राजस्व का नुकसान भी नहीं होगा। अक्सर देखा गया कि बिल्डर मुनाफा कमाने के लिए एक ही फ्लैट कई लोगों को बेच देता है। वो अपना तो मुनाफा कमा लेता है, लेकिन इससे राजस्व की बड़ी हानि होती है। नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने बताया कि क्योंकि नोएडा में त्री पक्षीय रजिस्ट्री होती है। यहां जितनी बार भी फ्लैट बिकेगा प्राधिकरण को ट्रांसफर चार्ज देना होगा। जिसे तकनीकी रूप से ट्रांसफर ऑफ मेमोरेंडम कहते है। बिल्डर अब ये चालाकी नहीं कर सकेगा। नए नियम के तहत बिल्डर को एग्रीमेंट टू सेल करने के साथ ही बायर्स की रजिस्ट्री करानी होगी। जिससे बायर्स को मालिकाना हक मिलेगा। ऐसा करने से बायर्स का पूरा रिकॉर्ड प्राधिकरण में अपडेट हो जाएगा। इससे बिल्डर किसी दूसरे को फ्लैट नहीं बेच सकेगा। यदि ऐसा करता है तो बायर्स को प्राधिकरण से टीएम कराना होगा और चार्ज देना होगा। दूसरा बायर्स को समय से फ्लैट मिलेगा। अब तक ये व्यवस्था लागू नहीं थी। ऐसे में बिल्डर धोखे से एक ही फ्लैट को कई बार बेचकर मुनाफा कमाता था। साथ ही बायर्स के साथ भी धोखाधड़ी होती थी। ऐसे कई मामले रेरा और नोएडा के थानों में दर्ज है। जिसमें बिल्डर ने बायर्स से धोखाधड़ी करके एक ही फ्लैट कई लोगों को बेचा और सभी से टीएम के नाम पर पैसे लिए। नए नियम के तहत कोई बायर्स बिल्डर से फ्लैट खरीदने जाता है। बुकिंग के समय 10 प्रतिशत राशि देकर बिल्डर उसके पक्ष में एग्रीमेंट टू सेल एक्सक्यूट करेगा। साथ ही इस प्रॉपर्टी की वैल्यू के अनुसार स्टॉप ड्यूटी देते हुए इसे रजिस्टर कराना होगा। निर्माण पूरा होने के बाद पजेशन देते समय 100 रुपए के स्टांप पेपर पर पजेशन डीड रजिस्टर किया जा सकता है। नोएडा में सबसे बड़ी समस्या रजिस्ट्री नहीं होना है। यहां बिल्डरों ने प्राधिकरण का पैसा जमा नहीं किया। जिसके एवज में प्राधिकरण ने रजिस्ट्री रोक दी है। अमिताभ कांत सिफारिश के बाद बिल्डर से 25 प्रतिशत राशि लेकर रजिस्ट्री की जा रही है। नए नियम के तहत ऐसा कुछ नहीं होगा। जैसे ही बायर्स फ्लैट की राशि 10 प्रतिशत देकर बुकिंग कराएगा, उसी समय बिल्डर बायर्स के पक्ष में एग्रीमेंट टू सेल करते हुए कुल वैल्यू की स्टांप ड्यूटी देते हुए रजिस्ट्री कराएगा। एक बार रजिस्ट्री होने से बायर्स को मालिकाना हक मिलेगा। साथ ही डर समाप्त हो जाएगा कि उसका फ्लैट कही और नहीं बिका है। प्राधिकरण या सरकार को राजस्व मिलेगा। साथ ही बिल्डर की ओर से की जाने वाली हेराफेरी समाप्त होगी। इससे संबंधित एक पत्र नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की ओर से भेजा गया है। यमुना प्राधिकरण ने बोर्ड में प्रस्ताव लाकर इसे अपने यहां लागू कर दिया है। वहीं नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक भी जल्द होने जा रही है। इस प्रस्ताव को बोर्ड में लाया जाएगा। वहां से अप्रूवल मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा   recent visitors 80