अविश्वास प्रस्ताव लाने की अवधि बढ़ाने पर भाजपा व कांग्रेस में सहमति बनने के बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयारी की

भोपाल मध्य प्रदेश में अब नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के विरुद्ध तीन वर्ष के पहले अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकेगा। अविश्वास प्रस्ताव लाने की अवधि बढ़ाने पर दोनों प्रमुख दलों भाजपा व कांग्रेस में सहमति बनने के बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयारी कर ली है। अध्यादेश के माध्यम से नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 43 क में संशोधन किया जाएगा। वहीं, अविश्वास प्रस्ताव दो तिहाई पार्षदों के स्थान पर तीन चौथाई पार्षदों के हस्ताक्षर से प्रस्तुत करने संबंधी प्रस्तावित प्रविधान को वरिष्ठ सचिव समिति ने अस्वीकार कर दिया गया। निकाय चुनाव के दो साल पूरे प्रदेश में जुलाई-अगस्त 2022 में नगरीय निकायों के चुनाव हुए थे। इस बार नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव जनता से सीधे न कराकर पार्षदों के माध्यम से कराया गया। अधिनियम में प्रविधान है कि यदि पार्षदों को अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पर विश्वास नहीं है तो वे अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं। इसके लिए अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के निर्वाचन को दो वर्ष पूरा होने चाहिए और दो तिहाई पार्षदों के हस्ताक्षर वाला प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। चूंकि, अब दो वर्ष की अवधि पूरी हो गई है और विधानसभा चुनाव के समय बड़ी संख्या में पार्षदों ने दलबदल किया है, इसलिए यह आशंका थी कि अविश्वास प्रस्ताव आ सकते हैं। इसे देखते हुए पार्टी स्तर पर विचार किया गया कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए निर्धारित अवधि की सीमा को एक वर्ष बढ़ा दिया जाए और दो तिहाई के स्थान पर तीन चौथाई पार्षदों के हस्ताक्षर को अनिवार्य कर दिया जाए। संशोधन का प्रस्ताव तैयार नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने अधिनियम की धारा में संशोधन का प्रस्ताव तैयार करके वरिष्ठ सचिव समिति को भेजा, पर वहां तीन चौथाई पार्षदों द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत करने के प्रविधान को अस्वीकार कर दिया। हालांकि, अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अवधि को दो से बढ़ाकर तीन वर्ष करने पर सहमति दे दी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठ सचिव समिति की अनुंशसा के आधार पर अध्यादेश का प्रारूप तैयार किया गया है और इसे प्रशासकीय स्वीकृति के बाद अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।   कैसे होता है अध्यक्ष का चुनाव उल्लेखनीय है कि इस बार नगर पालिका और परिषद के अध्यक्ष का निर्वाचन पार्षदों से कराया गया है। जबकि, महापौर का चुनाव सीधे मतदाताओं द्वारा किया गया है। अविश्वास प्रस्ताव स्वीकृत होने पर पार्षदों का सम्मेलन करके नया अध्यक्ष या उपाध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया की जाती है। जबकि, महापौर के मामले में खाली कुर्सी भरी कुर्सी का चुनाव होता है। इसमें मतदाता तय करते हैं कि महापौर को रहना चाहिए या नहीं। यह प्रविधान यथावत रहेगा। recent visitors 101

चंदेरी वस्त्र का साफा पहनकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुनकरों के प्रति जताया सम्मान

भोपाल भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह आज एक नए उत्साह और भावना से भरा रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस समारोह के लिये चंदेरी की पारम्परिक शिल्पकारी से बनी पगड़ी (साफा) पहनकर राज्य के बुनकरों और उनके अमूल्य योगदान का सम्मान किया। यह पगड़ी न केवल उन मेहनतकश हाथों की कला का प्रतीक है, जो हर धागे में हमारे देश की आत्मा को बुनते हैं, बल्कि यह युवाओं के लिए एक प्रेरणा भी बनी कि वे अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ें और उसे आगे बढ़ाएं। इससे समारोह स्थल पर पूरे वातावरण में गर्व और सम्मान की भावना भर गई। इस अवसर पर उपस्थित बुनकरों, शिल्पकारों और संस्कृति प्रेमियों ने मुख्यमंत्री के इस आत्मीयतापूर्ण कदम का हृदय से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह कदम बुनकरों के प्रति राज्य शासन की संवेदनशीलता एवं सम्मान का प्रतीक है, जो हमारे देश की आत्मनिर्भरता और सदैव स्वदेशी अपनाने के देशज मूल्यों को पुनर्जीवित करता है। समारोह में मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे हमारे समृद्ध हथकरघा एवं हस्तशिल्प उद्योग से जुड़ें और इस प्राचीन विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं। उन्होंने कहा कि नवाचार से परम्पराओं को परिष्कृत किया जा सकता है और अब हमें इसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। recent visitors 95

मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट सेवाओं के लिये पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित, स्वतंत्रता दिवस परेड में शामिल हुई पुलिस बैंड की टुकड़ी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 78वें स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल के लाल परेड मैदान पर आयोजित राज्य स्तरीय परेड में उल्लेखनीय सेवाओं के लिये पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया है। वीरता के लिये पुलिस पदक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधीक्षक राजगढ़ श्री आदित्य मिश्रा, निरीक्षक पीटीएस तिघरा श्री अंशुमान सिंह चौहान, निरीक्षक हॉक फोर्स बालाघाट श्री रामपदम शर्मा, उप निरीक्षक हॉक फोर्स बालाघाट श्री आशीष शर्मा, उप निरीक्षक हॉक फोर्स बालाघाट श्री अतुल कुमार शुक्ला, उप निरीक्षक हॉक फोर्स बालाघाट श्री मनोज कुमार कापसे और प्रधान आरक्षक हॉक फोर्स बालाघाट श्री रमेश विश्वकर्मा को वीरता के लिये पुलिस पदक प्रदान किया हैा। विशिष्ट सेवा के लिये राष्ट्रपति पुलिस पदक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री आशुतोष रॉय अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अग्निशमन सेवा भोपाल, श्री ए. साईं मनोहर ओएसडी मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली, श्री योगेश चौधरी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त भोपाल, श्री मोहम्मद शाहिद अबसार अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ई.ओ.डब्ल्यू. भोपाल, श्री मनीष कपूरिया पुलिस महानिरीक्षक कानून और व्यवस्था इंदौर (सेवानिवृत्त), श्री भारत भूषण राय उप सेनानी 7वीं वाहिनी विसबल भोपाल (सेवानिवृत्त), श्री शारदा प्रसाद चौधरी मानसेवी उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा जबलपुर और श्री अशोक कुमार रघुवंशी कार्यवाहक निरीक्षक पीटीसी, इंदौर को विशिष्ट सेवा के लिये राष्ट्रपति का पुलिस पदक प्रदान किया गया है। नागरिक सुरक्षा विशिष्ट सेवा के लिये राष्ट्रपति पदक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर सेना तथा नागरिक सुरक्षा विशिष्ट सेवा के लिये श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर कार्यवाहक डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेन्ट होमगार्ड छतरपुर को राष्ट्रपति पदक प्रदान किया है। सराहनीय सेवा के लिये पुलिस पदक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाल परेड मैदान में हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह में सराहनीय सेवा के लिये पुलिस पदक भी प्रदान किये। जिन पुलिसकर्मियों को यह पदक प्राप्त हुए उनमें श्री अभय सिंह पुलिस महानिरीक्षक देहात जोन-अतिरिक्त प्रभार पुलिस महानिरीक्षक विसबल भोपाल रेंज भोपाल, श्री सुशांत कुमार सक्सेना पुलिस महानिरीक्षक चम्बल जोन मुरैना, डॉ आशीष पुलिस महानिरीक्षक इंटेलीजेंस पुलिस मुख्यालय भोपाल, श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव अतिरिक्त पुलिस आयुक्त क्राइम मुख्यालय इंदौर, श्री सत्येन्द्र कुमार शुक्ला उप पुलिस महानिरीक्षक प्रशासन पुलिस मुख्यालय भोपाल, श्री प्रशांत खरे उप पुलिस महानिरीक्षक नर्मदापुरम, श्री अतुल सिंह उप पुलिस महानिरीक्षक खरगौन रेंज, श्री पंकज कुमार पाण्डेय पुलिस उपायुक्त जोन-3 (शहर) जिला इंदौर, श्री सुरेन्द्र कुमार जैन पुलिस अधीक्षक पीटीएस रीवा, श्री मलय जैन सहायक पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण पुलिस मुख्यालय भोपाल, श्रीमती मनीषा पाठक सोनी अतिरिक्त. पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर, श्रीमती सुमन गुर्जर पुलिस अधीक्षक पीटीएस, तिघरा ग्वालियर, श्री दिनेश कुमार कौशल पुलिस अधीक्षक पीटीएस सागर, श्री प्रणय कुमार नागवंशी पुलिस अधीक्षक एटीएस मुख्यालय भोपाल, श्री रामेश्वर सिंह यादव पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त ग्वालियर, श्री संदेश कुमार जैन स्टॉफ ऑफिसर टू डीजीपी पुलिस मुख्यालय भोपाल, श्री वेदान्त शर्मा सहायक सेनानी आरएपीटीसी इंदौर और श्री अजय कैथवास उप पुलिस अधीक्षक ई.ओ.डब्ल्यू, उज्जैन शामिल हैं। इसी तरह सराहनीय सेवा के लिये जिन पुलिसकर्मियों को पुलिस पदक प्राप्त हुए हैं, उनमें श्री सुनील कुमार तालान उप पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन, श्री तिलकराज प्रधान कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भौंरी भोपाल, श्री सुनील कुमार राय कार्यवाहक निरीक्षक (एम) विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल, श्री सैयद अशफाक अली कार्यवाहक निरीक्षक प्रेस पुलिस मुख्यालय भोपाल, श्री राम कुमार मोरन्दानी कार्यवाहक सूबेदार (एम) ई.ओ.डब्लयू भोपाल, श्री डी.पी. सक्सेना कार्यवाहक सूबेदार (अ), कार्यालय उमनि, (ग्रामीण) भोपाल, श्री विष्णु प्रसाद व्यास, कार्यवाहक सूबेदार (अ) जिला शाजापुर, श्री रेवाधर पंत सूबेदार (अ) 23वीं वाहिनी विसबल भोपाल, श्री भंवरलाल जायसवाल उप निरीक्षक (रेडियो) पी.आर.टी.एस. इंदौर, श्री सी.डी. डैनियल, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक (चालक) एम.टी. पूल भोपाल (सेवानिवृत्त), श्री केशव राव इंगले कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक छिन्दवाड़ा, श्री नन्दकिशोर कोसरकर कार्यवाहक सउनि डीपीओ बालाघाट, श्री अशोक सिंह भदौरिया प्रधान आरक्षक पुलिस लाईन ग्वालियर, श्री राम रतन नन्देड़ा प्रधान आरक्षक 731 32वीं वाहिनी विसबल उज्जैन, श्री अमरनाथ यादव प्रधान आरक्षक आरएपीटीसी इंदौर, श्री रामचन्द्र सिंह प्रधान आरक्षक 580 7वीं वाहिनी विसबल भोपाल, श्री मोहनलाल सिंह तिवारी कार्यवाहक प्रधान आरक्षक 307 आरएपीटीसी इंदौर और श्री रमेश जोशी कार्यवाहक प्रधान आरक्षक 374, 10वीं वाहिनी विसबल सागर शामिल हैं। जेल विभाग में सराहनीय सेवा के लिये पदक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 78वें स्वतंत्रता दिवस पर जेल विभाग के कर्मियों को भी सराहनीय सेवा के लिये पदक प्रदान किये है। जिन कर्मियों को पदक प्रदान किये हैं, उनमें श्री राकेश कुमार भांगरे जेल अधीक्षक केन्द्रीय जेल भोपाल, श्री महेश शर्मा सहायक जेल अधीक्षक सब जेल डबरा ग्वालियर, श्री अनिल कुमार पाठक सहायक जेल अधीक्षक सब जेल लवकुशनगर, श्री शोभल सिंह ठाकुर शिक्षक जिला जेल देवास, श्रीमती गीता रायकवार शिक्षक केन्द्रीय जेल सागर श्री सूरज सिंह रांणा प्रमुख मुख्य प्रहरी केन्द्रीय जेल भोपाल, श्री करुणेन्द्र सिंह परिहार कार्यवाहक प्रमुख मुख्य प्रहरी सब जेल रहली, श्री चंद्रभान सिंह नामदेव मुख्य प्रहरी सब जेल करैरा और श्री जगदीश पाटीदार प्रहरी जिला जेल खरगौन शामिल हैं। recent visitors 100

राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित हुआ कार्यक्रम, राज्यपाल ने सम्मानित अधिकारियों-कर्मचारियों को दी शुभकामनाएं

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनता की सेवा में पुलिस का व्यवहार और दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है। पुलिस का व्यवहार जनता के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। पुलिस का संवेदनशील व्यवहार जनता के मन में पुलिस के प्रति सम्मान को बढ़ाता है साथ ही पुलिस की छवि को जन हितैषी बनाता है। राज्यपाल श्री पटेल “राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित अधिकारी-कर्मचरियों से भेंट” कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस, जेल और होम गार्ड के पदक प्राप्तकर्ताओं एवं उनके परिजनों को बधाई व शुभकामनाएं दीं। इस वर्ष प्रदेश पुलिस के कुल 69 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी राष्ट्रपति के पुलिस पदक से सम्मानित हुए हैं। यह सम्मान वीरता, विशिष्ट सेवा और सराहनीय सेवा के लिए प्रदान किया गया। कार्यक्रम राजभवन के सांदपनि सभागार में आयोजित हुआ। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने कानून एवं व्यवस्था के उत्तरदायित्वों के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय कार्य किया है। पुलिस ने “एक पेड़-माँ के नाम” अभियान में एक दिन में सवा लाख पौधे लगाए हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने मध्यप्रदेश पुलिस बल को इस सफलता के लिए बधाई दीं। उन्होंने प्रदेश पुलिस से आह्वान भी किया कि रोपे गए पौधों की भविष्य में देख-भाल की जिम्मेदारी भी तत्परतापूर्वक निभाएं। सायबर जागरूकता में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के दौर में सायबर अपराधों की प्रकृति बदली है। सायबर अपराधों का शिकार अधिकांशत: बच्चे, महिलाएं, ग्रामीण और वंचित वर्ग के लोग हो रहे हैं।पुलिस को सायबर जागरूकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना होगा। पुलिस को तकनीकी और कानूनी रूप से दक्ष होकर, संवेदनशील विवेचना कर, सायबर अपराधियों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस का हर अधिकारी-कर्मचारी अपने कर्तव्यों का संपूर्ण निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पालन करें। अब रिएक्टिव पुलिसिंग से प्रिडिक्टिव पुलिसिंग की जरूरत राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय पुलिस सशक्त और स्वस्थ समाज का आधार होती है। समाज के विकास के लिए सुरक्षा जरूरी है, सुरक्षा के लिए पुलिस जरूरी है। पुलिस को समय के अनुसार स्वयं को अपडेट रखना होगा। अब रिएक्टिव पुलिसिंग से प्रिडिक्टिव पुलिसिंग की जरूरत है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि विगत 6 माह में पुलिस द्वारा नक्सल गतिविधियों पर कड़ाई के साथ निरंतर कार्रवाई की गई है। 4 हार्डकोर नक्सलियों को मार कर, नक्सल गतिविधियों पर काफ़ी हद तक नियंत्रण पाया है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रदेश पुलिस ने असामाजिक तत्वों, राष्ट्रविरोधी ताकतों का कठोरता से दमन और गौ-वंश के अवैध परिवहन रोकने की प्रभावी कार्रवाई भी की है। राज्यपाल श्री पटेल का समारोह में पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर कुमार सक्सेना ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। डीजीपी श्री सक्सेना ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने पदक प्राप्तकर्ताओं, प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस के सामाजिक सरोकारों पर आधारित कार्यों की जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री साजिद फरीद शापू ने आभार व्यक्त किया। महानिदेशक जेल श्री गोविंद प्रताप सिंह, महानिदेशक होमगार्ड श्री अरविंद कुमार, राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री मुकेश चंद गुप्ता, मध्यप्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, मध्यप्रदेश पुलिस, होमगार्ड और जेल विभाग के पदक प्राप्तकर्ता और उनके परिजन उपस्थित थे।   recent visitors 83

भोपाल में एक और बड़ी लूट, शटर तोड़कर ज्वेलरी शॉप में घुसे बदमाश, 30 लाख का लगाया चुना

भोपाल राजधानी भोपाल में बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि दिन हो या रात, जब मन होता है लूट और डकैती की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। तीन दिन पहले बागसेवनिया में दो हथियारबंद बदमाशों ने कट्टे की नोक पर ज्लेवरी शोरूम में लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस उसका खुलासा नहीं कर पाई कि गुरुवार देर रात करीब पौने तीन बजे डी-सेक्टर अयोध्या नगर में बदमाशों ने शटर तोड़कर सोने-चांदी के जेवर और नकदी समेत करीब 30 लाख की चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। जिस वाहन से चोरी की गई है, उसकी लोकेशन गुना में मिली है। जानकारी के अनुसार अयोध्या नगर डी-सेक्टर में जैन ज्वैलर्स नाम की शॉप है। गुरुवार रात करीब पौने तीन बजे भोपाल पासिंग सफेद रंग की स्कॉर्पियो से सात नकाबपोश डकैत आए और शटर तोड़कर करीब 30 लाख रुपये के जेवर और नकदी चुरा ले गए। डकैतों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे बड़े वाहन से आए और लूट की सूचना के बाद जब पुलिस की टीम ने उनका पीछा किया तो वे बैरिकेडिंग तोड़ते हुए फरार हो गए। बदमाशों का नहीं चला पता चोरी गई रकम को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है, फरियादी पक्ष की ओर से करीब 30 लाख की चोरी की शिकायत की गई है। इधर, घटना की सूचना के बाद शहर की नाकेबंदी भी की गई, लेकिन बदमाशों का कोई पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज और कार नंबर के आधार पर चोरों की तलाश की जा रही है। रात्रि गश्त पर फिर उठे सवाल चार इमली में पूर्व मंत्री और विधायक जयवर्धन सिंह के बंगले में चोरी के बाद हाईप्रोफाइल चार इमली की सुरक्षा और रात्रि गश्त को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे। वहीं, अब अयोध्या नगर में हुई इस वारदात ने पूरे शहर की रात्रि गश्त पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्थिति तब है जब स्वतंत्रता दिवस को लेकर पूरा शहर अलर्ट पर है और राजधानी की सुरक्षा-व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद होने का दावा किया जा रहा था। गुना में मिली लोकेशन, टीम रवाना पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिस स्कॉर्पियो वाहन सवार बदमाशों ने ज्वैलरी शॉप में लूट की वारदात को अंजाम दिया है, उसकी लोकेशन गुना में मिली है। गुना पुलिस की टीम वाहन का पीछा कर रही है, वहीं, भोपाल से भी पुलिस की एक टीम गुना रवाना हो गई है। recent visitors 75

ममता बनर्जी से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग करते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की भी मांग की: भारती घोष

नई दिल्ली भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व आईपीएस अधिकारी भारती घोष ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कटाक्ष किया है कि आखिर वह किसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रही हैं? उन्होंने ममता बनर्जी से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग करते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की भी मांग की। आईएएनएस के साथ खास बातचीत करते हुए भारती घोष ने कहा कि एक मुख्यमंत्री का काम विरोध प्रदर्शन करना नहीं है, जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया है और जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में वर्ष 2011 से अब तक बलात्कार की जितनी भी घटनाएं हुई है, ममता बनर्जी उसमें से एक में भी न्याय नहीं दिलवा पाई हैं। एक भी बलात्कार पीड़िता को न्याय नहीं दिलवा पाने वाली ममता बनर्जी आखिर आज किसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रही हैं? क्या वह अपने ही खिलाफ प्रोटेस्ट कर रही हैं? वह अपने प्रोटेस्ट के जरिए यह बताना चाहती हैं कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पूरी तरह से फेल हो गई हैं। भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि ममता बनर्जी को यह ड्रामेबाजी करने की बजाय तुरंत मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। आईपीएस अधिकारी रह चुकी भारती घोष ने सीबीआई से कोलकाता के पुलिस कमिश्नर का मोबाइल जब्त करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि सीबीआई को यह जांच करनी चाहिए कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ हुई घटना के बाद कोलकाता के पुलिस कमिश्नर ने किस-किस से बात की, किससे क्या निर्देश लिया और आगे किसको क्या आदेश दिया? उन्होंने कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को भी गिरफ्तार कर पूछताछ करनी चाहिए। ऊपर से नीचे तक जांच होनी चाहिए। कोलकाता पुलिस ने सही तरीक़े से जांच नहीं की। ममता बनर्जी के राज में पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई है और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए। recent visitors 108

Sheopur की पार्वती नदी के रपटा पर आया पानी, ड्राइवर ने उफनती नदी से निकाली बस

 श्योपुर मध्यप्रदेश के श्योपुर में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं. इसी बीच, कई स्थानों पर लोग अपने गंतव्य पर पहुंचने के लिए जोखिम उठाने से भी बाज नहीं आ रहे. इसी का ताजा उदाहरण श्योपुर- बारां मार्ग पर बने पार्वती नदी के पुल पर देखने को मिला है, जहां बारिश से उफने नदी के पुल को पार करने एक प्राइवेट बस के ड्राइवर ने बड़ी लापरवाही बरत यात्रियों की जान खतरे में डाल दी. घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा यह वीडियो मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा रेखा पर बहने वाली पार्वती नदी के कुहांजापुर पुल का है, जहां बारां से श्योपुर आ रही एक प्राइवेट  बस को ड्राइवर ने उफनती नदी के पुल से पार करा दिया. यदि जरा सी चूक हो जाती तो बस में सवार यात्रियों के साथ कोई भी अनहोनी हो सकती थी. बस ड्राइवर की बड़ी लापरवाही को पुल पर खड़े एक राहगीरों ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर वीडियो वायरल कर दिया.   रोंगटे खड़े कर देने वाले इस वीडियो में आप साफ तौर पर देख सकते हैं कि किस तरह पुल के किनारे खड़ी यात्रियों से भरी नीले रंग की बस और एक कार पुल पर 2 फीट पानी होने के बावजूद पुल पार करती नजर आ रही है. पुल के किनारे खड़े कुछ लोग पूरे वाकए को लेकर आपस में बातचीत कर चीख भी रहे हैं. बस तेज बहाव के बीच धीरे-धीरे दूसरे किनारे तक पहुंच जाती है और उसके पीछे पीछे एक कार भी पुल के बहाव से दूसरे किनारे पहुंच जाती है. गनीमत रही कि बस हादसे का शिकार होने से बाल बाल बच गई. लेकिन इस तरह की लापरवाही सामने आने से पुलिस प्रशासन के सुरक्षा इंतजामात की पोल भी खुल रही है. बड़ौदा थाने के टीआई सत्यम गुर्जर ने बताया कि बस राजस्थान बॉर्डर से पुल पार कर निकली है. हमारी सीमा में तो बेरिकेट लगा कर पुलिस जवान तैनात कर रखे हैं. मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.   recent visitors 137