गुरुवार 15 अगस्त 2024 का राशिफल

मेष राशि- आप जिस बीमारी से पीड़ित हैं, उसके ठीक होने के संकेत दिख रहे हैं। आज पैसों से बैंक-बैलेंस भरने की संभावना है। कुछ बड़े-बुजुर्गों की सलाह से आप अच्छे मूड में रहेंगे। हो सकता है कि माता-पिता आपके प्रदर्शन से काफी खुश दिखें। किसी के साथ शहर से बाहर ट्रैवल कर सकते हैं। कुछ लोगों को विरासत में धन और संपत्ति मिलने के संकेत हैं। प्यार की तलाश करने वालों को भाग्य का साथ मिलने की संभावना है। इसलिए रोमांस से भरे दिन का आनंद लेने की तैयारी करें। वृषभ राशि- जो लोग फिटनेस मेंटेन करने की कोशिश कर रहे हैं, वे सफल होंगे। बाद में समस्याओं से बचने के लिए आपको अभी से बचत शुरू करनी होगी। पारिवारिक जीवन में कुछ लोगों के लिए रोमांचक समय आने की उम्मीद है। विदेश जाने की योजनाएं बन सकती हैं। जो लोग रिजल्ट्स का इंतजार कर रहे हैं, उनकी शानदार परफॉर्मेंस सभी का दिल जीत लेगी। कुछ लोगों के लिए नए घर या नए शहर में शिफ्ट होने की संभावना है। आपके रोमांटिक सपने जल्द ही पूरी हो सकते हैं। मिथुन राशि- स्वास्थ्य संबंधी सलाह लेना आपके लिए बेहतर रहेगा। जैसे ही आप अच्छी कमाई करने लगेंगे, पैसे की कोई दिक्कत नहीं होगी। आज आप काम पर कुछ नए विचार सामने ला सकते हैं। छुट्टियों की योजना बना रहे लोगों के लिए एक बेहतरीन समय आने वाला है। आप संपत्ति खरीदने या बेचने के बारे में सोच सकते हैं, क्योंकि सितारे आपके फेवर में दिख रहे हैं। परिवार के साथ वक्त बिताएं। कर्क राशि- धन की कोई समस्या नहीं रहेगी और आर्थिक स्थिति भी बेहतर होगी। सही दोस्तों की संगति में आपको काम करने में मानसिक शांति मिलेगी। कर्क राशि के कुछ लोगों के लंबे अलगाव के बाद परिवार से मिलने की संभावना है। वहीं, कुछ लोग छुट्टियों पर जाने के लिए फैमिली पैकेज टूर का ऑप्शन भी चुन सकते हैं। संपत्ति के मामले में कोई आपसे सलाह ले सकता है। एजुकेशन के मामले में सौंपा गया कोई असाइनमेंट तारीफ दिला सकता है। सिंह राशि– पैसों के मामले आपको कोई सरप्राइज मिल सकता है। कोई लाभदायक सौदा मिलने से बड़ा मुनाफा होने की संभावना है। पारिवारिक माहौल में शांति बनाए रखें। यात्रा के योग फिलहाल तो नहीं बन रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में मुश्किल स्थिति से निपटने में आप सक्षम रहेंगे। पुराने दोस्तों और रिश्तेदारों से मुलाकात होने वाली है और यह आपको खुशी और अच्छा वक्त देगी। कन्या राशि– आपको रोजाना व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। पैसों के मामले में आप पहले से काफी स्टेबल स्थिति में रहेंगे। नौकरी में आपको प्रतिष्ठा बढ़ाने और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचने का मौका मिल सकता है। आप घर में शांति लाने की कोशिश करेंगे। कुछ लोगों को काम के चक्कर में यात्रा पर जाने का मौका मिलेगा। कुछ सिंह राशि के जातक घर रिनोवेट भी करा सकते हैं। अपनी पढ़ाई पर फोकस बढ़ाएं। तुला राशि– किसी विवादी मुद्दे पर आपका डीसीजन सही साबित होगा। जो लोग अभी-अभी कॉलेज से निकले हैं, उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए सोच-विचार का एक्सपर्ट की सलह लेनी चाहिए। कोई विवादित संपत्ति आपको परेशान कर सकती है, जिससे आपको किसी कानूनी मामले में फंसने की जरूरत नहीं है। बेहतर स्वास्थ्य की आपकी चाहत आपको योग की ओर आकर्षित कर सकती है। पैसों से जुड़ी दिक्कतें जल्द ही सुलझ जाएंगी। करियर में आपके काम से आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। वृश्चिक राशि– अच्छे निवेश का ऑप्शन आपके सामने आ सकता है। जिस किसी की आपने पहले मदद की थी, वह अब आपकी हेल्प करने के लिए आगे आ सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल बना रहेगा। आपका साथी प्यार करने वाला और देखभाल करने वाला होगा। विदेश यात्रा की योजना बनने की संभावना है। रियल एस्टेट संपत्ति सौदों से प्रॉफिट कमा सकते हैं। शिक्षा के मामले में आप अपना बेस्ट देने का प्रयास करेंगे। धनु राशि– किसी रिश्तेदार की सेहत में तेजी से सुधार हो सकता है। कुछ लोगों की वित्तीय स्थिति मजबूत होने वाली है। कुछ धनु राशि वालों के लिए मुनाफे में बढ़ोतरी का संकेत है। अपने पार्टनर के साथ एक छोटा ब्रेक लेने के लिए शहर से बाहर का प्लान सबसे रोमांचक साबित होगा। संपत्ति का कोई मामला, जिसे लेकर आप परेशान थे, आसानी से सुलझ जाएगा। कुछ लोगों के विवाह के योग भी हैं। मकर राशि- जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए जीवन में संतुलन और अनुशासन जरूरी है। आप पैसों के मामले में आज कुछ महत्वपूर्ण डीसीजन ले सकते हैं। प्रोफेशनल लाइफ में आपको नए अवसर मिलने की संभावना है। आप घर में चल रही किसी बात में उलझ सकते हैं। संपत्ति के किसी मामले का फैसला आपके पक्ष में होने की संभावना है। कुंभ राशि– हेल्थ के मामले में सावधानी बरतने से फिटनेस हासिल करने में सफलता मिलेगी। कुछ लोगों के लिए किसी योजना के माध्यम से पैसा कमाने की संभावना है। आप सभी पेंडिंग काम को निपटाने में सक्षम रहेंगे और काम पर अच्छा प्रदर्शन भी देंगे। पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा, बशर्ते आप अपने दिमाग से नेगेटिविटी को दूर रखें। दोस्तों के साथ मुलाकात का योग है। एजुकेशन की बात करें तो किसी की मदद लेने से आपको दूसरों से आगे निकलने में मदद मिल सकती है। मीन राशि– स्टॉक कुछ लोगों के लिए रिसकी साबित हो सकता है। मार्केट पर कड़ी नजर रखने से अप नुकसान से बच सकते हैं। आज अपसीऑन के मामले में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। पारिवारिक जीवन में उत्साह का संकेत है। दोस्तों के साथ घूमना-फिरना सबसे आनंददायक रहेगा। शिक्षा के मामले में किसी को आपकी सलाह उसके प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करेगी। recent visitors 135

दिल्ली में कई तरह के प्रतिबंध, पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस से पहले यातायात एडवाइजरी जारी की

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस से पहले यातायात एडवाइजरी जारी की है, जिसमें मुख्य समारोह में आमंत्रित लोगों की सुविधा और सुरक्षा कारणों से बृहस्पतिवार को लाल किला क्षेत्र के आसपास आवाजाही पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं। एडवाइजरी में पैरा-ग्लाइडर, हाट एयर बैलून और छोटे आकार के पावर्ड एयरक्राफ्ट जैसे उप-पारंपरिक आसमान में उड़ने वाली चीजों पर एक अगस्त को लगाए गए प्रतिबंध को भी दोहराया है। ये मार्ग रहेंगे बंद एडवाइजरी में कहा गया है कि नेताजी सुभाष मार्ग, लोथियन रोड, मुखर्जी मार्ग, चांदनी चौक रोड, निषाद राज मार्ग, एस्प्लेनेड रोड और नेताजी सुभाष मार्ग से जुड़े लिंक रोड, राजघाट से आईएसबीटी तक रिंग रोड और आईएसबीटी से आईपी फ्लाईओवर तक आउटर रिंग रोड 14 अगस्त को आम यातायात के लिए बंद रहेंगे। इन मार्गों पर जाने से बचें स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए बिना पार्किंग लेबल वाले वाहनों को सी-हेक्सागन, इंडिया गेट, कोपरनिकस मार्ग, मंडी हाउस, सिकंदरा रोड, डब्ल्यू प्वाइंट, ए प्वाइंट तिलक मार्ग, मथुरा रोड, बीएसजेड मार्ग, नेताजी सुभाष मार्ग, जेएल नेहरू मार्ग, निजामुद्दीन खट्टा और आईएसबीटी कश्मीरी गेट के बीच रिंग रोड और निजामुद्दीन खट्टा से सलीमगढ़ बाईपास होते हुए आईएसबीटी कश्मीरी गेट तक आउटर रिंग रोड से बचने को कहा गया है।   लाल किले में आने वालों को दी सलाह एडवाइजरी में आम जनता को सलाह दी गई है कि वे कैमरा, दूरबीन, रिमोट कंट्रोल वाली कार की चाबियां, छाता, हैंडबैग, ब्रीफकेस, ट्रांजिस्टर, सिगरेट लाइटर, टिफिन बॉक्स, पानी की बोतलें, लंच बॉक्स आदि न लाएं। इसमें लोगों से किसी भी संदिग्ध वस्तु को न छूने और ऐसी किसी भी वस्तु की मौजूदगी की तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी को सूचना देने को कहा गया है। आसमान में उड़ने वाले सभी तरह के यंत्र पर प्रतिबंध पैरा-ग्लाइडर, पैरा-मोटर्स, हैंग ग्लाइडर, यूएवी, माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट, रिमोट से संचालित एयरक्राफ्ट, हाट एयर बैलून, छोटे आकार के पावर्ड एयरक्राफ्ट, क्वाडकाप्टर या एयरक्राफ्ट से पैरा जंपिंग आदि जैसे उप-पारंपरिक हवाई प्लेटफार्मों की उड़ान बृहस्पतिवार तक दिल्ली के अधिकार क्षेत्र में प्रतिबंधित रहेंगी। मालवाहक वाहनों पर बैन बुधवार रात 12 बजे से बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे तक निजामुद्दीन खट्टा और वजीराबाद ब्रिज के बीच मालवाहक वाहनों को अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही बुधवार रात 12 बजे से गुरुवार सुबह 11 बजे तक महाराणा प्रताप आईएसबीटी और सराय काले खां आईएसबीटी के बीच अंतरराज्यीय बसों को भी अनुमति नहीं दी जाएगी। recent visitors 102

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा-केरल सरकार जल्द ही वायनाड आपदा को लेकर केंद्र को सौंपेगी रिपोर्ट

तिरुवनंतपुरम केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार को कहा कि वायनाड में हुए विनाशकारी भूस्खलन और आवश्यक पुनर्वास पर एक रिपोर्ट जल्द ही केंद्र को सौंपी जाएगी। सीएम विजयन ने बयान में कहा, "वायनाड भूस्खलन पर एक पूरी रिपोर्ट तैयार करना चुनौतीपूर्ण काम है। इसमें नुकसान और कई अन्य चीजों का आकलन किया जाएगा। साथ ही महत्वपूर्ण रूप से एक विस्तृत पुनर्वास पैकेज भी इसमें शामिल होगा, इसलिए थोड़ा समय लग रहा है।" दरअसल, 30 जुलाई को वायनाड के चार गांवों में भारी भूस्खलन हुआ था। इस भूस्खलन में लगभग 416 लोग मारे गए और 128 लोग लापता हैं। सीएम विजयन ने बचाव अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बचाव अभियान बुधवार को भी जारी रहा। बचाव टीमें प्रभावित क्षेत्रों और चालियार नदी के किनारे लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। 115 से अधिक राहत शिविरों में 11,000 से अधिक लोग रह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित लोगों को चरणबद्ध तरीके से पुनर्वास कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। सीएम विजयन ने कहा, "हमने लगभग 100 सरकारी भवनों, 253 निजी घरों की पहचान की है, जहां पुनर्वास करना है, इसके किराए का भुगतान करना होगा और 100 घर मुफ्त हैं। सरकार ने परिवारों को हर महीने 6,000 रुपये देने का फैसला किया है।" मुआवजे के संबंध में, उन्होंने कहा कि आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को 6 लाख रुपये मिलेंगे और विकलांग लोगों को भी सर्टिफिकेट के आधार पर अतिरिक्त 75,000 रुपये और सामान्य मुआवजा मिलेगा। सीएम विजयन ने कहा, "सभी प्रक्रिया पूरा होने के बाद लापता लोगों के आश्रितों को भी समान लाभ मिलेगा।” मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र जल्द से जल्द दिया जाएगा। वर्तमान में जॉन मथाई के नेतृत्व में एक विशेषज्ञ समिति प्रभावित क्षेत्रों का अध्ययन कर रही है और उसने क्षेत्रों से मिट्टी और चट्टानों के नमूने भी इकट्ठा किए हैं। उन्होंने कहा कि पालतू पशुओं के लिए दो शिविर स्थापित किए गए हैं और उन्हें भोजन और अन्य सभी सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बड़े पैमाने पर भूस्खलन की श्रृंखला में अपना सब कुछ खो चुके लोगों के पुनर्वास के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता मांगी है। बता दें कि मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष राज्य की मांगों को भी रखा था। recent visitors 94

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्मृति दिवस के मौके पर कहा- विभाजन त्रासदी के लिए कांग्रेस जिम्मेदार

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जो किसी युग में नहीं हुआ, वह कांग्रेस की सत्ता के लालच हुआ और स्वतंत्र भारत को ऐसा नासूर दे दिया, जिसका दंश आज भी भारत आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के रूप में झेल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को लोकभवन में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर बोल रहे थे। विभाजन विभीषिका पर आधारित लघु फिल्म के जरिए आमजन का दर्द दिखाया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व ने दृढ़ता का परिचय दिया होता तो दुनिया की कोई ताकत इस अप्राकृतिक विभाजन को मूर्त रूप नहीं दे पाती। येन-केन प्रकारेण सत्ता प्राप्त करने के लिए कांग्रेस ने देश को दांव पर लगा दिया। 1947 और इसके बाद से यह लगातार हो रहा है। जब भी इनके हाथ में सत्ता में आई, इन लोगों ने देश की कीमत पर राजनीति की। इसकी कीमत जनता को लंबे समय तक चुकानी पड़ी है। विभाजन की दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी हम सबको उन्हीं गलतियों की परिमार्जन की तरफ ध्यान आकृष्ट करती है। सीएम योगी ने कहा कि भारत बल-बुद्धि, विद्या में दुनिया का नेतृत्व करने का सामर्थ्य रखता था। 16वीं सदी तक भारत का वैभव दुनिया में अग्रणी था। दुनिया की अर्थव्यवस्था के आधे भाग का नेतृत्व अकेले भारत करता था। यह तब था, जब देश कई सौ वर्षों तक लगातार विदेशी आक्रांताओं के आक्रमण को झेल रहा था। 14 अगस्त 1947 को देश के विभाजन की त्रासदी हो रही थी। 15 अगस्त 1947 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा तिरंगा फहराकर कांग्रेस नेता आजादी का जश्न मना रहे थे, तब लाखों लोग अपनी मातृभूमि व परिवार को छोड़ने को मजबूर हो रहे थे। उस समय के अमानवीय अत्याचार किसी से छिपे नहीं हैं। दुनिया का सबसे समृद्धतम देश 1947 तक आते-आते दरिद्र देश में बदल गया। हमारी कुछ कमजोरियों ने आक्रांताओं को देश के अंदर आक्रमण करने के लिए स्थान दिया। उन्होंने कहा कि देश इतिहास के काले अध्यायों को स्मरण कर रहा है। आखिर क्या कारण था कि हजारों हजार वर्षों से सनातन राष्ट्र भारत गुलाम हुआ। विदेशी आक्रांताओं ने यहां की परंपरा-संस्कृति को रौंदा और देश को गुलाम बनाया। क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश को स्वतंत्र कराने की दिशा में विदेशी हुकूमत को उखाड़ फेंकने के संकल्प के साथ आजादी की लड़ाई लड़ी थी। जब उसकी पूर्णता का समय आया तो इस सनातन राष्ट्र को विभाजन की त्रासदी का सामना करना पड़ा। सीएम योगी ने कहा कि जो गलतियां इतिहास के काले अध्याय के रूप में हमारे सामने हैं, वही गलतियां चुनाव के समय राजनीतिक दल करते हैं। जो पहले जातिवाद के नाम पर होता था, वही कारनामे आज राजनीतिक दलों के स्तर पर किए जा रहे हैं। जातीयता का नग्न तांडव कर उसी विभाजन की ओर ले जाने की कुत्सित चेष्टा की जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि 1947 के पहले महर्षि अरविंद ने उद्घोषणा की थी कि आध्यात्मिक जगत में पाकिस्तान कोई वास्तविकता नहीं है। उसका भारत में विलय होगा या पाकिस्तान हमेशा के लिए समाप्त होगा। आध्यात्मिक जगत में जिसका वास्तविक अस्तित्व नहीं है, उसे नष्ट ही होना है। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने इतिहास के काले अध्यायों से पर्दा उठाकर गलतियों के परिमार्जन के लिए रास्ता बनाने का आह्वान किया है। हमें इसी आह्वान के साथ जुड़ना है। जो 1947 में हुआ, वही आज पाकिस्तान और बांग्लादेश में हो रहा है। डेढ़ करोड़ हिंदू बांग्लादेश में आज अस्मिता बचाने के लिए चिल्ला रहे हैं। दुनिया और भारत के कथित सेक्युलरिस्ट के मुंह आज भी सिले हैं। इन्हें वोट बैंक की चिंता है। सीएम योगी ने कहा कि भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र ही नहीं, बल्कि यह लोकतंत्र की जननी भी है। भारत ने नागरिकों को जितनी स्वतंत्रता दी है, ऐसी स्वतंत्रता किसी भी देश में नहीं है। हमें संविधान पर गौरव और इसके निर्माताओं के प्रति सम्मान का भाव प्रकट करना चाहिए। recent visitors 70

भारत में तीन रामसर साइट्स की हुई घोषणा, इस उपलब्धि से देश में रामसर साइट्स की कुल संख्या 85 हुई: भूपेंद्र यादव

नई दिल्ली 78वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भारत में तीन नए रामसर स्थलों (साइट्स) की घोषणा की है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से देश में रामसर साइट्स की कुल संख्या 85 हो गई है। ये तीन नए स्थल हैं तमिलनाडु के नांजारायन पक्षी अभयारण्य और काझुवेली पक्षी अभयारण्य तथा मध्य प्रदेश का तवा जलाशय। इन स्थलों को जोड़ने से भारत की समृद्ध जैवविविधता और आर्द्रभूमि संरक्षण के प्रयासों को एक और नई ऊंचाई मिलेगी। आइए जानते हैं आर्द्रभूमि संरक्षण और रामसर साइट्स क्यों जरूरी हैं। रामसर साइट्स का ऐलान रामसर कन्वेंशन के तहत किया जाता है। यह कन्वेंशन एक अंतर-सरकारी संधि है जिसका उद्देश्य आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) का संरक्षण और सतत उपयोग सुनिश्चित करना है। इसके तहत सदस्य देशों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी महत्वपूर्ण वेटलैंड्स की पहचान करें और उन्हें रामसर लिस्ट में शामिल करें। यह संधि वेटलैंड्स की जैवविविधता को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर देती है। रामसर साइट्स को उनकी अंतर्राष्ट्रीय महत्व की वेटलैंड्स के रूप में पहचाना जाता है और यह साइट्स उन वेटलैंड्स की महत्वपूर्ण जैवविविधताओं को संरक्षित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने तीन नए रामसर साइट्स की इस घोषणा के बारे में जानकारी देते हुए कहा, "जैसे ही देश स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है, यह बताते हुए रोमांचित हूं कि हमने अपने नेटवर्क में तीन रामसर साइट्स को जोड़ा है। अब हमारे देश में रामसर साइट्स की संख्या को 85 हो गई है। यह क्षेत्र 13,58,068 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करता है। यह उपलब्धि पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने पर दिए गए जोर को दर्शाती है। उन्होंने हमारे आर्द्रभूमियों को 'अमृत धरोहर' कहा है और उनकी संरक्षण के लिए निरंतर कार्य किया है।" तमिलनाडु का नांजारायन पक्षी अभयारण्य और काझुवेली पक्षी अभयारण्य जैविक विविधता के अद्वितीय स्थलों में से हैं। नांजारायन पक्षी अभयारण्य प्रवासी पक्षियों के लिए शीतकालीन और प्रजनन स्थल के रूप में प्रसिद्ध है, यह लगभग 130 पक्षी प्रजातियों का घर है। इसके अलावा यहां सरीसृप, मछली और पौधों की कई प्रजातियां भी पाई जाती हैं। वहीं काझुवेली पक्षी अभयारण्य भी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है और इसमें कई प्रवासी पक्षी और अन्य वन्यजीव निवास करते हैं। मध्य प्रदेश का तवा जलाशय, नर्मदापुरम जिले में स्थित है। यह तवा नदी पर निर्मित तवा बांध से बना है। इस जलाशय का निर्माण 1958 में शुरू हुआ और 1978 में पूरा हुआ। तवा जलाशय सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पास स्थित है, जो भारत के महत्वपूर्ण बाघ संरक्षण क्षेत्रों में से एक है। यह क्षेत्र न केवल जल संसाधनों का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, बल्कि स्थानीय जैवविविधता के लिए भी महत्वपूर्ण है। भारत में इन तीन नए रामसर स्थलों की घोषणा न केवल देश की प्राकृतिक धरोहरों की सुरक्षा को बल देती है, देश में चल रहे पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी रेखांकित करती है। यह देश की समृद्ध जैवविविधता को संरक्षित करने और प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन नई रामसर साइट्स के जुड़ने से भारत के आर्द्रभूमि संरक्षण के प्रयासों को नई गति मिली है और यह देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। recent visitors 192

दलीप ट्रॉफी 2024 : बीसीसीआई टीमों का किया ऐलान, रेयस अय्यर, शुभमन गिल और ऋतुराज गायकवाड़ को मिली कप्तानी

नई दिल्ली दलीप ट्रॉफी 2024 के पहले दौर के मैचों के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई टीमों का ऐलान कर दिया है। शुभमन गिल, अभिमन्यु ईश्वरन, ऋतुराज गायकवाड़ और श्रेयस अय्यर कप्तानी करते हुए नजर आएंगे। गिल टीम ए, ईश्वरन टीम बी, गायकवाड़ टीम सी और अय्यर टीम डी के कप्तान होंगे। भारत के डोमेस्टिक सीजन की शुरुआत दलीप ट्रॉफी के साथ होगी, जो कि एक रेड बॉल टूर्नामेंट है। इस बार दर्जनों इंटरनेशनल प्लेयर इस टूर्नामेंट में खेलने वाले हैं, क्योंकि आने वाले समय में भारत को 10 टेस्ट मैच खेलने हैं। 5 सितंबर से टूर्नामेंट की शुरुआत हो रही है। आंध्र प्रदेश के अनंतपुर और बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में मुकाबले खेले जाएंगे। इसी टूर्नामेंट की शुरुआत के बीच में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम का ऐलान होगा, जो खिलाड़ी टीम में चुने जाएंगे, उनको दलीप ट्रॉफी से बाहर रखा जाएगा और कुछ युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाएगा। टूर्नामेंट के पहले दौर के लिए चार टीमें इस प्रकार हैं: टीम ए: शुभमन गिल (कप्तान), मयंक अग्रवाल, रियान पराग, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), केएल राहुल (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, तनुश कोटियान, कुलदीप यादव, आकाश दीप , प्रसिद्ध कृष्णा, खलील अहमद, अवेश खान, विदवथ कवरप्पा, कुमार कुशाग्र और शास्वत रावत। टीम बी: अभिमन्यु ईश्वरन (कप्तान), यशस्वी जयसवाल, सरफराज खान, ऋषभ पंत(विकेटकीपर), मुशीर खान, नितीश कुमार रेड्डी (फिटनेस के अधीन), वॉशिंगटन सुंदर, रविंद्र जड़ेजा, मोहम्मद सिराज, यश दयाल, मुकेश कुमार, राहुल चाहर, आर साई किशोर, मोहित अवस्थी और एन जगदीशन (विकेटकीपर)। टीम सी: रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), साई सुदर्शन, रजत पाटीदार, अभिषेक पोरेल (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव, बी इंद्रजीत, रितिक शौकीन, मानव सुथार, उमरान मलिक, विशाक विजयकुमार, अंशुल खंबोज, हिमांशु चौहान, मयंक मारकंडे, आर्यन जुयाल (विकेटकीपर) और संदीप वॉरियर। टीम डी: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अथर्व तायडे, यश दुबे, देवदत्त पडिक्कल, ईशान किशन (विकेटकीपर), रिकी भुई, सारांश जैन, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, आदित्य ठाकरे, हर्षित राणा, तुषार देशपांडे, आकाश सेनगुप्ता, केएस भरत (विकेटकीपर) और सौरभ कुमार। recent visitors 159

राहुल गांधी ने कहा- डॉक्टर के साथ हुई रेप और मर्डर की वीभत्स घटना से पूरा देश स्तब्ध है, हो रहा आरोपी को बचाने का प्रयास

नई दिल्ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोलकाता के एक अस्पताल में डॉक्टर के रेप और कत्ल के मामले में चुप्पी तोड़ दी है। बीते सप्ताह हुई इस घटना पर अब तक राहुल गांधी की प्रतिक्रिया नहीं आई थी। उन्होंने बुधवार को एक्स पर लिखे एक पोस्ट में कहा कि आरोपी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने हाथरस, उन्नाव और कठुआ में हुईं यौन उत्पीड़न की घटनाओं का भी जिक्र कर दिया। इस तरह इशारे में ही उन्होंने ममता बनर्जी के अलावा भाजपा शासित राज्यों की सरकारों को भी कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की। राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, 'कोलकाता में जूनियर डॉक्टर के साथ हुई रेप और मर्डर की वीभत्स घटना से पूरा देश स्तब्ध है। उसके साथ हुए क्रूर और अमानवीय कृत्य की परत दर परत जिस तरह खुल कर सामने आ रही है, उससे डॉक्टर्स कम्युनिटी और महिलाओं के बीच असुरक्षा का माहौल है। पीड़िता को न्याय दिलाने की जगह आरोपियों को बचाने की कोशिश अस्पताल और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।' राहुल गांधी ने आगे लिखते हैं कि इस घटना ने सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अगर मेडिकल कॉलेज जैसी जगह पर डॉक्टर्स सेफ नहीं हैं तो किस भरोसे अभिभावक अपनी बेटियों को पढ़ने बाहर भेजें? उन्होंने सवाल उठाया कि निर्भया केस के बाद बने कठोर क़ानून भी ऐसे अपराधों को रोक पाने में असफल क्यों हैं? हाथरस से उन्नाव, और कठुआ से लेकर कोलकाता तक महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ती घटनाओं पर हर दल, हर वर्ग को मिलकर गंभीर विचार-विमर्श कर ठोस उपाय करने होंगे। मैं इस असहनीय कष्ट में पीड़िता के परिवार के साथ खड़ा हूँ। उन्हें हर हाल में न्याय मिले और दोषियों को ऐसी सज़ा मिले जो समाज में एक नजीर की तरह प्रस्तुत की जाए। बता दें कि इस मामले में राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। अब उन्होंने ममता बनर्जी से सवाल दागकर विपक्षियों को शांत कर दिया है। recent visitors 100