भारतीय दस्तावेज फर्जी रूप से बनाकर काफी दिन से रह रहे थे खुफिया एजेंसी की बड़ी कार्रवाई, 90 बंग्लादेशी मुस्लिम अरेस्ट

मथुरा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के निर्देशन में मथुरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. खुफिया एजेंसी ने करीब 90 बांग्लादेशी मुस्लिमों को पकड़ा है. पकड़े गए बांग्लादेशियों में पुरुष, महिला और बच्चे भी शामिल हैं. नौहझील थाना क्षेत्र के अलग-अलग ईंट भट्टो से इनकी गिरफ्तारी हुई है. जानकारी के मुतबिक ये सभी अवैध रूप से भारत की सीमा में प्रवेश कर रह रहे थे. जो कि भारतीय दस्तावेज फर्जी रूप से बनाकर काफी दिन से यहां रह रहे थे. पुलिस जांच में सामने आया कि ये लोग 10 से 15 साल पहले भारत में घुसे थे और हरियाणा, नोएडा, दिल्ली, अलीगढ़ जैसे क्षेत्रों में काम करते रहे. पिछले 6-7 महीनों से वे मथुरा के भट्ठों पर ईंट-पताई का काम कर रहे थे. इन अवैध नागरिकों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी इसकी सूचना दे दी गई है.   लगातार चल रहा अभियान बता दें कि केंद्र सरकार लंबे समय से देशभर में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और निष्कासन को लेकर अभियान चला रही है. अनुमान है कि बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, असम और पूर्वोत्तर के राज्यों में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक फर्जी पहचान बनाकर रह रहे हैं. recent visitors 45

उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा- अब वह समय नहीं रहा जब हम अपने हितों के विरोधी देशों को सशक्त करते रहें

नई दिल्ली भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रहित, सुरक्षा और शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों, शिक्षकों और गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए कहा कि अब वह समय नहीं रहा जब हम अपने हितों के विरोधी देशों को यात्रा या आयात के माध्यम से सशक्त करते रहें। जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, "अब समय आ गया है जब हममें से प्रत्येक को आर्थिक राष्ट्रवाद के बारे में गहराई से सोचना चाहिए। हम अब उन देशों की अर्थव्यवस्थाओं को सुधारने के लिए यात्रा या आयात के माध्यम से अपनी भागीदारी के कारण खर्च नहीं कर सकते जो संकट के समय हमारे खिलाफ खड़े हो जाते हैं। हर व्यक्ति राष्ट्र की सुरक्षा में मदद करने के लिए सशक्त है और हम व्यापार, व्यवसाय, वाणिज्य, विशेष रूप से सुरक्षा के मुद्दों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए मेरा दृढ़ विश्वास है कि हमें हमेशा एक बात ध्यान में रखनी चाहिए, और वह है: 'राष्ट्र प्रथम'। हर चीज को राष्ट्रवाद के प्रति समर्पण के आधार पर देखा जाना चाहिए।" भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की सराहना करते हुए धनखड़ ने भारत के सशस्त्र बलों की सराहनी की। उन्होंने कहा कि मैं ऑपरेशन सिंदूर की उल्लेखनीय सफलता के लिए सभी सशस्त्र बलों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को अपना सलाम करता हूं। यह पहलगाम में हुई बर्बरता के खिलाफ एक उल्लेखनीय जवाब था। 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद हमारे नागरिकों पर यह सबसे घातक हमला था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के हृदय स्थल बिहार से पूरे विश्व बिरादरी को संदेश भेजा। वे खोखले शब्द नहीं थे। दुनिया को अब एहसास हो गया है कि जो कहा जाता है वह हकीकत है। अब कोई सबूत नहीं मांग रहा है। दुनिया ने देखा और स्वीकार किया है। हमने यह गाथा देखी है जब सशस्त्र बलों और सैन्य शक्ति और राजनीतिक शक्ति के साथ भारत द्वारा सिंदूर को उत्कृष्टता से न्याय दिलाया जाता है।" धनखड़ ने कहा कि भारत के आतंकवाद विरोधी प्रयासों में एक नया मानक स्थापित हुआ है। युद्ध की कार्यप्रणाली और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक नया मानक स्थापित हुआ है। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान की सीमा के अंदर बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद को निशाना बनाया। अंतरराष्ट्रीय सीमा से परे आतंकियों के अड्डों को निशाना बनाया गया। इसे दुनिया ने देखा और स्वीकार किया है। यह सीमापार की गई भारत की अब तक की सबसे बड़ी स्ट्राइक है। यह स्ट्राइक सावधानीपूर्वक और सटीक तरीके से की गई थी, ताकि आतंकवादियों को छोड़कर किसी को कोई नुकसान न पहुंचे। धनखड़ ने 2 मई 2011 को अमेरिकी ऑपरेशन का जिक्र करते हुए कहा कि जब एक वैश्विक आतंकवादी ने 2001 में अमेरिका के अंदर 11 सितंबर के हमले को अंजाम दिया, तब अमेरिका ने उसके साथ भी ऐसा ही किया। अब भारत ने भी वैश्विक समुदाय की जानकारी में ऐसा किया है। उन्होंने आगे कहा कि हम एक राष्ट्र के रूप में अद्वितीय हैं। दुनिया का कोई भी राष्ट्र 5,000 साल पुरानी परंपराओं पर गर्व नहीं कर सकता। हमें पूर्व और पश्चिम के बीच की खाई को पाटने की जरूरत है, न कि उसे तोड़ने की। धनखड़ ने आगे कहा कि हम राष्ट्र-विरोधी आख्यानों को कैसे स्वीकार या अनदेखा कर सकते हैं? विदेशी विश्वविद्यालयों का हमारे देश में आना ऐसी चीज है जिसे छानने की जरूरत है। इसके लिए गहन चिंतन की जरूरत है। यह ऐसी चीज है जिसके बारे में हमें बेहद सावधान रहना होगा। शिक्षा और शोध के व्यावसायीकरण के खिलाफ भी उपराष्ट्रपति ने चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यह देश शिक्षा के व्यावसायीकरण और वस्तुकरण को बर्दाश्त नहीं कर सकता। हमारी सभ्यता के अनुसार शिक्षा और स्वास्थ्य पैसा कमाने के क्षेत्र नहीं हैं। ये समाज को वापस देने के क्षेत्र हैं। हमें समाज के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करना होगा। उन्होंने शोध के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को पूरी तरह से कॉरपोरेट द्वारा वित्त पोषित किया जाना चाहिए। सीएसआर फंड को प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि शोध में निवेश मौलिक है। recent visitors 51

2024 में खाद्य असुरक्षा और कुपोषण की स्थिति और खराब, 53 देशों में 29.5 करोड़ लोग भूख से प्रभावित: संयुक्त राष्ट्र

रोम संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (फाओ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में खाद्य असुरक्षा और कुपोषण की स्थिति और खराब हुई, जिससे 53 देशों में 29.5 करोड़ लोग भूख से प्रभावित रहे। साल 2023 की तुलना में पूरी दुनिया में भूख से प्रभावित लोगों की संख्या में 1.37 करोड़ की वृद्धि हुई है। यह आंकड़ा दुनिया के सबसे कमजोर क्षेत्रों में तीव्र खाद्य असुरक्षा में लगातार छठी वार्षिक वृद्धि को दर्शाता है। खाद्य संकटों पर साल 2025 में वैश्विक नेटवर्क में यह रिपोर्ट छपी थी। यह एक अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन है जिसमें खाद्य और कृषि संस्थान, संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम और विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संगठन शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इन आंकड़ों को दुनिया के लिए बेहद खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया में भूख और कुपोषण के फैलने की दर हमारी नियंत्रण क्षमता से कहीं अधिक है। हालांकि वैश्विक स्तर पर उत्पादित अन्न का एक-तिहाई बर्बाद हो जाता है। एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि मानवीय जरूरतों को पूरा करने के लिए फंड में कमी होना लगातार भूखमरी जैसी वैश्विक समस्या को और जटिल बना रहा है। तीव्र खाद्य असुरक्षा आम तौर पर कई कारकों के संयोजन से उत्पन्न होती है। इसमें गरीबी, आर्थिक झटके और मौसम में असंतुलन अहम हैं। आबादी के कुछ हिस्से को भूख के अलावा कुछ दूसरी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। साल 2024 में सूडान के कुछ हिस्सों में अकाल की पुष्टि हुई थी। गाजा पट्टी, दक्षिण सूडान, हैती और माली में खाद्य असुरक्षा भयावह स्तर पर दर्ज की गई थी। गाजा पट्टी में, मानवीय सहायता में वृद्धि की वजह से अकाल की स्थिति नहीं बनी। रिपोर्ट में बताया गया है कि यदि बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान और नाकाबंदी जारी रही तो मई और सितंबर 2025 में जोखिम बढ़ सकता है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में जबरन विस्थापित किए गए 12.8 करोड़ लोगों में से लगभग 9.5 करोड़ – जिसमें आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्ति, शरण चाहने वाले और शरणार्थी शामिल हैं – पहले से ही खाद्य संकट से जूझ रहे देशों में रह रहे थे। इसके अलावा, आर्थिक झटकों ने 15 देशों में खाद्य असुरक्षा को जन्म दिया, जिससे 5.94 करोड़ लोग प्रभावित हुए, मौसम में बदलाव की घटनाओं ने भी 18 देशों को संकट में डाल दिया, जिससे 9.6 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हुए, विशेष रूप से दक्षिण एशिया, अफ्रीका के दक्षिणी हिस्से और हॉर्न ऑफ अफ्रीका में लोग प्रभावित हुए। फाओ के महानिदेशक क्वो डोंग्यू ने चेतावनी दी कि तीव्र खाद्य असुरक्षा एक सतत वास्तविकता बन रही है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में। उन्होंने कहा, "आगे का रास्ता स्पष्ट है: आपातकालीन कृषि में निवेश बहुत अहम है। कृषि में निवेश से दीर्घकालिक समाधान निकाला जा सकता है। recent visitors 53

साय सरकार ने दी सहमति- झारखंड में शराब नीति घोटाले की आंच छत्तीसगढ़ तक, मामले की जांच अब CBI करेगी

रायपुर झारखंड में शराब नीति में बदलाव कर करोड़ों रुपये के घोटाले को अंजाम देने के मामले की जांच अब CBI करेगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने इसके लिए अधिसूचना जारी करते हुए दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के तहत CBI को छत्तीसगढ़ में जांच के लिए सहमति दी है। यह मामला रायपुर स्थित आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) द्वारा दर्ज अपराध से जुड़ा है। बता दें कि यह घोटाला झारखंड की आबकारी नीति में बदलाव के जरिए रचा गया था, जिसकी योजना छत्तीसगढ़ में बनी। आरोप है कि रायपुर से डुप्लिकेट होलोग्राम लगाकर शराब की आपूर्ति झारखंड में की गई, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ। EOW ने पिछले साल इस मामले में FIR दर्ज की थी, लेकिन जब उनके अधिकारी जांच के लिए झारखंड पहुंचे, तो वहां के अधिकारियों ने सहयोग नहीं किया। इसके बाद जांच को केंद्रीय एजेंसी CBI को सौंपने का निर्णय लिया गया। घोटालेबाजों की बढ़ी मुश्किलें बता दें कि इस जांच के दायरे में छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के आरोपी पूर्व IAS अफसर अनिल टुटेजा, सलाहकार अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी, कारोबारी अनवर ढेबर, झारखंड के आबकारी सचिव विनय कुमार चौबे और संयुक्त आबकारी आयुक्त गजेन्द्र सिंह, सिद्धार्थ सिंघानिया, विधु गुप्ता, निरंजन दास और अन्य की मुसीबतें अब और बढ़ने वाली हैं। सिंडिकेट और शराब दुकानों में घोटाले का तरीका गौरतलब है कि झारखंड में FL-10A लाइसेंस मॉडल पर आधारित नई शराब नीति बनाई गई, जो पूरी तरह छत्तीसगढ़ की तर्ज पर थी। इसके तहत पुरानी ठेका प्रणाली को खत्म कर एक चहेती एजेंसी को आपूर्ति का ठेका दिया गया। आरोप है कि सिंडिकेट ने नकली होलोग्राम का उपयोग कर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की। अब क्या होगा आगे? CBI की टीम अब FIR की कॉपी के आधार पर झारखंड में नए सिरे से जांच करेगी और जिन लोगों के नाम EOW की चार्जशीट में हैं, उनसे पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है। इस जांच से झारखंड-छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला? यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच राज्य की सरकारी शराब दुकानों से अवैध तरीके से शराब बेचने का था, जिससे सरकार को करोड़ों का नुकसान होने का आरोप है। इस घोटाले में लगभग दो हजार करोड़ रुपये के नुकसान का खुलासा हुआ है। ED की जांच में यह सामने आया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शासनकाल में IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी ए.पी. त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के गठजोड़ ने यह घोटाला किया। ED ने इस मामले में 28 दिसंबर 2024 को कवासी लखमा और उनके परिवार के सदस्यों के घरों पर छापे मारे थे और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज व डिजिटल डिवाइस जब्त किए थे, जिनमें अपराध से अर्जित आय के सबूत मिले थे। recent visitors 49

इंतजार खत्म : कोर्ट ने दरगाह जेठ मेला लगाने की अनुमति दी, मसूद गाजी की दरगाह पर लगेगा जेठ मेला

बहराइच सैय्यद सालार मसूद गाजी दरगाह पर लगने वाले जेठ मेले को लेकर हाईकोर्ट का फैसला आ गया है। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने दरगाह जेठ मेला लगाने की अनुमति दे दी है। प्रशासन के रोक लगाने के बाद दरगाह कमेटी ने याचिका दायर की थी। दरगाह कमेटी की याचिका पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने यह फैसला सुनाया है।   प्रशासन ने लगाई थी रोक बता दें कि हजरत सय्यद सालार मसूद गाज़ी की दरगाह पर लगने वाले पारंपरिक मेले पर प्रशासन ने रोक लगाई थी। ऐसे में इस रोक के खिलाफ दरगाह शरीफ प्रबंध समिति की ओर से चेयरमैन समेत 6 लोगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर परमिशन देने की मांग की थी। जिस पर लखनऊ पीठ ने सुनवाई की। दरगाह शरीफ के जेठ मेला की गिनती उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में होती है। 1375 ई. में स्थापित दरगाह शरीफ में मेले का आयोजन किया जाता है। इस मेले में भारत और विदेशों से लाखों श्रद्धालु आते हैं, जो धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते हैं। हालांकि इस वर्ष मेले की अनुमति नहीं दी गई है, लेकिन दरगाह के अंदर धार्मिक गतिविधियां जारी रहेंगी। recent visitors 37

आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों का नया ऑपरेशन: सुरक्षा बलों ने 11 आतंकियों को टारगेट पर रखा, जानें कौन-कौन है शामिल

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने  11 आतंकियों को टारगेट पर रखा है। इन 11 आतंकियों में से 9 स्थानीय (कश्मीर के) हैं और 2 विदेशी आतंकवादी हैं। रोपोर्ट के अनुसार इन आतंकियों में से 3 वही हैं जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शामिल थे। ये आतंकी लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों से जुड़े हुए हैं। सुरक्षा बलों ने बीते 48 घंटों में इस ऑपरेशन के दौरान 6 आतंकियों को मार गिराया है। यह ऑपरेशन अब भी जारी है और बाकी बचे आतंकियों की तलाश की जा रही है। सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियां मिलकर इस मिशन को अंजाम दे रही हैं। इन 11 आतंकियों के नाम इस प्रकार है: 1.  आदिल रहमान सोपोर का रहने वाला है ये लश्कर का कमांडर है। 2. अहसान अहमद शेख पुलवामा का रहने वाला है, लश्कर ए तैयबा से संबंधित है। 3. हाजिर नसीर पुलावामा का रहने वाला हैं लश्कर से तार जुड़े हैं। 4. आफिर अहमद खांडे शोपियां का रहने वाला है। 5. नसीर अहमद वादी शोपियां का रहने वाला, लश्कर का आदमी। 6. जुबैर अहमद बानी, अनंतनाग 7. हारूल राशिद गनई, अनंतनाग 8. जाकिर अहमद गनई कुलगाम का रहने वाला है, लश्कर से जुड़ा। 9. आदिल हुसैन थोकर पहलाम हमले में शामिल, लश्कर से संबंधित। 10. हासिम मूसा पहलगाम हमले में शामिल, पाकिस्तान का रहने वाला। 11. अली भाई उर्फ तल्हा भाई पहलगाम हमले में शामिल पाकिस्तान का रहने वाला है। recent visitors 44

कांग्रेस नेता मनोज शुक्‍ला अब उप मुख्‍यमंत्री जगदीश देवड़ा के भी बंगले पर कालिख पोतने जा रहे थे, हुए गिरफ्तार

भोपाल कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मंत्री विजय शाह के श्यामला हिल्स बंगले पर लगी उनकी नेम प्लेट पर कालिख पोतने वाले कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने शनिवार को जगदीश देवड़ा के भी बयान का विरोध किया। वे मंत्री देवड़ा के 74 बंगले पर पहुंचे और कालिख पोतने के लिए बंगले में घुसने लगे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। शुक्ला व अन्य कांग्रेसियों ने उपमुख्यमंत्री देवड़ा मुर्दाबाद के नारे लगाए। उनके इस्तीफे की मांग की। पुलस ने उपमुख्यमंत्री के बंगले की सुरक्षा बढ़ा दी। कांग्रेस नेता शुक्ला ने बताया कि विजय शाह के बाद उपमुख्यमंत्री ने जगदीश देवड़ा ने सेना पर आपत्तिजनक बयान दिया। उन्होंने कहा कि सेना व देश के नागरिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामने नतमस्‍तक हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव जल्द ही शाह व देवड़ा को हटाने की कार्रवाई करें। इस अवसर पर मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मुकेश पंथी, तारिक अली, अमित खत्री, दीपक दीवान, मुजाहिद सिद्दीकी, अलीमुद्दीन बिल्ले, बाबर खान, प्रिंस नवांगे, मनोज ठाकुर आदि मौजूद रहे। मंत्री विजय शाह के सेना को लेकर दिए गए विवादित बयान के खिलाफ कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद लगातार मोर्चा खोले हुए हैं। उनके नेतृत्व में शिवाजी नगर अंकुर खेल मैदान के पास सेना के सम्मान में सेना के तीनों प्रमुखों को सलामी दी गई। तीनों के पोस्टर लगाए गए। फिर अपने समर्थकों के साथ सलामी दी। इससे पूर्व सेवादल के पूर्व जिलाध्यक्ष मुईन सिद्दीकी ने वंदेमातरम गीत गाया। फिर सेनाध्यक्षों को सलामी देकर राष्टगान गाया। विधायक मसूद ने कहां विजय शाह के बाद जगदीश देवड़ा सहित एक के बाद एक मंत्री सेना के खिलाफ अपशब्द कहने लगे तो हमें ये लगता है की सैनिकों को सेल्यूट करना चाहिए। यह संदेश देना चाहिए की सेना हमारे सिर का ताज हैं। सैनिक जब सरहदों पर खड़े होकर देश की हिफाजत करते हैं, तब हम चेन से सोते हैं, इसलिए हमने सेना को सलाम किया है। मंत्री विजय शाह के मामले और उनकी गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर विधायक मसूद ने कहा कि अब उच्च न्यायालय से ही उम्मीद है। भेल बरखेड़ा में उपमुख्यमंत्री व मंत्री के पुतलों को जूतों की माला पहनकर घुमाया     गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के बड़खेड़ा पठानी में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और मंत्री विजय शाह द्वारा सैनिकों पर किए गए अपत्तिजनक बयान के विरोध में शनिवार को श्रमिक कांग्रेस नेता दीपक गुप्ता के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया।     इसमें उपमुख्यमंत्री व मंत्री के पुतलों पर जूते मारकर मुर्दाबाद के नारे लगाए गए पुतलों को जूते की माला पहनाकर बरखेड़ा पठानी में घुमाया। पुतलों का दहन किया।     इस दौरान जेके पाठक, उपेंद्र सिंह, सुशील प्रजापति, दुलीचंद जांगड़ा, सतीश कनोजिया, मनोज सोनी, वीरु लाहौरी सहित सैकड़ों जन शामिल हुए। recent visitors 47