राजस्थान रॉयल्स भी आज अपना अंतिम मुकाबला खेलेगी, ऐसे में उसकी योजना भी कुछ ऐसा ही करने की होगी

नई दिल्ली आईपीएल 2025 में आज चेन्नई सुपर किंग्स के सामने होगी राजस्थान रॉयल्स। दोनों ही टीमें अब आईपीएल में प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी हैं। ऐसे में अब दोनों अपनी प्रतिष्ठा के लिए खेल रही हैं। इसके साथ ही उनकी नजर अगले सीजन के लिए तैयारियों पर भी होगी। इस तरह से देखा जाए तो इस मैच में दोनों ही टीमें अपनी प्लेइंग इलेवन में उन खिलाड़ियों को मौका देने पर जोर देंगी जो उनकी भविष्य की योजनाओं में फिट बैठेंगे। राजस्थान रॉयल्स भी आज अपना अंतिम मुकाबला खेलेगी। ऐसे में उसकी योजना भी कुछ ऐसा ही करने की होगी। वैभव सूर्यवंशी पर रहेगी नजर अगर बात चेन्नई सुपर किंग्स की करें तो उन्होंने युवा खिलाड़ियों को मौका देना शुरू भी कर दिया है। इसका नतीजा भी उन्हें देखने को मिलने लगा है। सीएसके ने आयुष म्हात्रे, डेवाल्ड ब्रेविस, उर्विल पटेल जैसे युवा चेहरों को मौका दिया है। इन चेहरों ने अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है। उम्मीद है कि अगले सीजन में भी यह अच्छा प्रदर्शन करके अपनी फ्रेंचाइजी को आगे ले जाने में मदद करेंगे। वहीं, दूसरी तरफ राजस्थान रॉयल्स को भी वैभव सूर्यवंशी के रूप में एक ऐसा खिलाड़ी मिल गया है जो लंबे समय तक इस फ्रेंचाइजी के लिए एसेट बनकर रहेगा। राजस्थान रॉयल्स की संभावित प्लेइंग इलेवन यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (कप्तान/विकेटकीपर), रियान पराग, शिमरन हेटमायर, ध्रुव जुरेल, वानिंदू हसरंगा, क्वीना मफाका, तुषार देशपांडे, आकाश मधवाल, मफाका, तुषार देशपांडे, आकाश मधवाल, फजलहक फारुकी चेन्नई किसको देगी मौका अगर इस मैच की बात करें तो यहां पर एक बार फिर से बल्लेबाजों की तूती बोलने के आसार हैं। पिछले मैच में शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने अपने बल्ले से यहां पर धमाल मचाया था। दोनों ने मिलकर 200 रन के लक्ष्य को मजाक बनाकर रख दिया था। इसमें साई सुदर्शन ने शानदार शतक लगाया था। अनुमान है कि चेन्नई और राजस्थान के मैच में भी पिच का अंदाज कुछ ऐसा ही रहेगा। ऐसे में चेन्नई इस मैच में विदेशी खिलाड़ियों में ब्रेविस, नूर अहमद, डेवोन कॉन्वे और मथीशा पथिराना को मौका दे सकती है। सीएसके की संभावित प्लेइंग इलेवन आयुष म्हात्रे, उर्विल पटेल, डेवोन कॉन्वे, रविंद्र जडेजा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, आर अश्विन, एमएस धोनी (कप्तान/विकेटकीपर), अंशुल कंबोज, नूर अहमद, खलील अहमद, मथीशा पथिराना। recent visitors 63

पूर्व मंत्री पर दहेज प्रताड़ना का मामला हुआ दर्ज, बहू बोली-MBA बताकर कराई शादी, पति निकला 8वीं फेल, लगाए ये आरोप

 कुक्षी धार जिले के कुक्षी से विधायक और पूर्व पर्यटन मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल की बहू ने उनके परिवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया है। बहू ने एक वीडियो भी जारी किया जिसमें उन्होंने यह जानकारी दी। पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है। पुलिस मंगलवार को पूर्व मंत्री और उनके परिवार के आरोपित सदस्यों को नोटिस देगी। दहेज प्रताड़ना के सारे मामले जमानती हैं, इसलिए आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। पुलिस नोटिस भेजकर मामला कोर्ट में पेश करेगी। बहू का आरोप है कि पूर्व मंत्री और उनके परिवार वालों ने उसे धोखा दिया। उन्होंने बताया कि उसे यह कहा गया था कि उसका पति एमबीए पास है और वह परिवार का व्यापार संभालता है, लेकिन असल में वह सिर्फ आठवीं पास है। यह मामला भोपाल के महिला थाना में दर्ज किया गया है। एसीपी महिला अपराध निधि सक्सेना ने बताया कि काम्या सिंह (पति देवेंद्र सिंह) ने शिकायत की है कि विधायक सुरेंद्र सिंह बघेल, उनकी पत्नी शिल्पा सिंह बघेल, मां चंद्रकुमार सिंह बघेल और बहन शीतल सिंह बघेल ने मिलकर उसके पति के बारे में गलत जानकारी दी। शादी से पहले बताया गया था कि देवेंद्र एमबीए कर चुका है और व्यापार संभालता है। लेकिन शादी के बाद पता चला कि वह एमबीए नहीं है, सिर्फ आठवीं पास है। वह शराब भी पीता है और परिवार के व्यवसाय या संपत्ति में उसकी कोई हिस्सेदारी नहीं है। मारपीट और दहेज प्रताड़ना का आरोप कांग्रेस विधायक और अन्य सभी आरोपियों पर मारपीट करने, दहेज में स्काॉर्पियो कार मांगने, प्रताड़ित करने और असली जानकारी छिपाकर शादी कराने के आरोप हैं. पुलिस इस मामले में मंगलवार को सभी आरोपियों को गिरफ्तारी नोटिस जारी करने की तैयारी में हैं. शिकायतकर्ता की ओर से पुलिस को मारपीट और धमकाते हुए वीडियो भी सौंपे गए थे. जिनके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. सभी धाराएं जमानती बताई जा रही हैं. बहू ने लगाए आरोप बहू काम्या सिंह बघेल के अनुसार, वह 34 साल की हैं. शीतल सिंह बघेल ने उनकी शादी कराई थी. शादी से पहले बताया गया था कि पति देवेंद्र सिंह एमबीए हैं, उनका अच्छा बिजनेस है. शादी के बाद पता लगा कि पति 8वीं फेल हैं. पारिवारिक बिजनेस से उन्हें दूर रखा जाता है, क्योंके वे शराब पीने के आदि हैं. जब पति की सच्चाई सामने आई तब जेठ और सास से इस बारे में बात की तो उन्होंने धमकाना शुरू कर दिया. आए दिन मारपीट की जाने लगी. घर से निकाला, केस में फंसाने की धमकी दी काम्या सिंह के मुताबिक, पति दबाव बनाकर तलाक के पेपर साइन कराना चाहते थे. जब इनकार किया तो मेरे खिलाफ षड्यंत्र किए जाने लगे. मुझे और मेरे मायके वालों को झूठे एससी-एसटी के केस में फंसाने की धमकी दी जाने लगी. काम्या ने आरोप लगाया कि उन्हें घर से निकाल दिया गया. परेशान करने के लिए बच्चों की स्कूल फीस तक देना बंद कर दी गई. इसके बाद थाने में शिकायत की. जांच के बाद भोपाल की महिला थाना पुलिस ने केस दर्ज कर दिया है. गिरफ्तारी के लिए नोटिस जारी करेगी पुलिस एसीपी महिला अपराध निधि सक्सेना ने बताया कि विधायक हनी सिंह बघेल सहित पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. केस की जांच कराई जा रही है. जल्द गिरफ्तारी के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे. काम्या ने लगाए ये आरोप काम्या ने कहा है कि उन्हें गलत जानकारी देकर शादी कराई गई। जब उन्होंने इस शादी के खिलाफ बात की तो परिवार के लोग उनके साथ गलत व्यवहार करने लगे और धमकी देने लगे ताकि वह चुप रहें। उसके साथ रोज मारपीट भी होती है और उनके बच्चों की स्कूल फीस भी नहीं दी जा रही है। जब काम्या ने आवाज उठाई तो उन्हें घर से भी निकाल दिया गया। काम्या का यह भी कहना है कि उन पर दबाव बनाया गया कि वे तलाक के कागजात पर जबरदस्ती दस्तखत करें, लेकिन वे ऐसा करने से मना कर दिया। उनके मायके वालों को झूठे एससी एसटी केस में फंसाने की धमकी भी दी गई। कुछ दिन पहले तक काम्या भोपाल में थीं, लेकिन अब वह धार जिले के कुक्षी में हैं। काम्या ने इस मामले की जानकारी देने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया है।   recent visitors 43

MP में आज भी जारी रहेगा आंधी-बारिश का दौर, 40 जिलों में बारिश का अलर्ट, भीगेंगे ये बड़े शहर

भोपाल मध्यप्रदेश में सात सिस्टम की एक्टिविटी है। एक टर्फ तो प्रदेश के बीचों बीच से गुजर रही है। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार को भी आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत 40 जिलों में तेज आंधी चलने और बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, ग्वालियर-चंबल में पहले लू का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से अगले 4 दिन तक बारिश होने के आसार है। सोमवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। आज इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए जिन जिलों में अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच शामिल हैं। यहां 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक आंधी चल सकती है। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश भी होगी। इधर, रीवा के जवा तहसील के चटेह गांव में आज सुबह करीब 7 बजे बिजली की तार की चपेट में आने से 59 साल के किसान गोपीकृष्ण मिश्रा की मौत हो गई। हादसे में उनकी दो भैंसें भी मर गईं। स्थानीय लोगों ने मुताबिक सोमवार को आए आंधी-तूफान में कई पेड़ों के साथ बिजली के पोल और लाइनें टूट गई थीं। इसमें चटेह गांव के पास से गुजर रही 11 केवी की विद्युत लाइन भी टूटकर जमीन पर गिर गई थी। इससे पहले सोमवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। इंदौर के महू और बड़वानी में तो घरों की टिन शेड भी उड़ गईं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सात सिस्टम की एक्टिविटी है। एक टर्फ तो प्रदेश के बीचोंबीच से गुजर रही है। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, ग्वालियर-चंबल में पहले लू का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से अगले 4 दिन तक बारिश होने के आसार है। 30 से 50Km/प्रतिघंटा रहेगी आंधी की रफ्तार मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए जिन जिलों में अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच शामिल हैं। यहां 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक आंधी चल सकती है। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश भी होगी। इंदौर के महू में घरों की टिन उड़ी, 15 जिलों में बारिश इससे पहले सोमवार को भी आंधी, बारिश का दौर जारी रहा। इंदौर के महू में आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि घरों की टिन उड़ गईं। भोपाल में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। देवास, दमोह, गुना सागर, छिंदवाड़ा, रायसेन, बड़वानी, मऊगंज, रतलाम और बीना में भी पानी गिरा। सीधी में सवा इंच पानी गिर गया। शिवपुरी में आधा इंच बारिश हुई। बड़वानी के सेंधवा ब्लॉक के बिजासन घाट क्षेत्र में आधे घंटे आंधी से कई कच्चे मकानों की छतें उड़ गईं। मंदिर क्षेत्र में लगी गुमटियां भी उड़ गईं। एक मकान की दीवार भी गिर गई। दमोह में तेज हवा की वजह से बिजली गुल हो गई। महू में मध्य भारत अस्पताल में एक पेड़ शेड पर गिर गया। जिससे दो युवक घायल हो गए। सीधी जिले में एक नाबालिग बालक आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया। हादसे में गंभीर रूप से झुलस गया। खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 46 डिग्री पहुंचा प्रदेश में सोमवार को तेज गर्मी, आंधी और बारिश का दौर रहा। छतरपुर जिले के खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सीजन में पहली बार इतना पारा पहुंचा है। वहीं, नौगांव में 44.7 डिग्री, टीकमगढ़ में 44.6 डिग्री, शिवपुरी में 44 डिग्री रहा। इसी तरह सतना में 43.2 डिग्री, ग्वालियर में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री, सीधी में 42.8 डिग्री, गुना में 42.7 डिग्री, सागर में 41.7 डिग्री, रीवा में 41.4 डिग्री, मंडला में 41 डिग्री, शाजापुर में 40.8 डिग्री, उमरिया में 40.5 डिग्री, रतलाम में 40.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 40.2 डिग्री, इंदौर में 38.6 डिग्री, उज्जैन में 40.5 डिग्री, जबलपुर में 40.7 डिग्री सेल्सियस रहा। मध्य प्रदेश में अगले चार दिन ऐसा रहेगा मौसम   20 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड,दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। 21 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, छतरपुर,रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में तेज आंधी भी चल सकती है। 22 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने का अलर्ट है। हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। 23 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। recent visitors 77

पाकिस्तान हाफिज सईद को भारत के हवाले नहीं करेगा, तब तक जारी रहेगा ऑपरेशन सिंदूर

 येरूशलम  पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकियों के खात्में के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद सरकार और सेना कई बार साफ कर चुके हैं कि ऑपरेशन सिंदूर जारी रहेगा। वहीं, अब इजराइल में भारत के राजदूत ने एक बार फिर ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर को कुछ समय के लिए रोका गया है, यह ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। इजराइल में भारतीय राजदूत जेपी सिंह का कहना है कि जब तक पाकिस्तान हाफिज सईद, साजिद मीर, जाकिउर्र रहमान लखवी समेत सभी खूंखार आतंकियों को भारत को नहीं सौंप देता, तब तक ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं होगा। आतंकियों ने धर्म पूछकर गोली मारी: जेपी सिंह इजराइली टीवी i24 को दिए एक साक्षात्कार में जेपी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ चलाया गया था। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों ने लोगों को धर्म के आधार पर गोली मारी। उन्होंने गोली मारने से पहले पर्यटकों का धर्म पूछा और 26 मासूमों की जान ले ली। ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ: जेपी सिंह सीजफायर पर बात करते हुए जेपी सिंह ने कहा कि, "सीजफायर अभी भी लागू है, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर पर हम पहले ही साफ कर चुके हैं कि इसे रोका गया है, खत्म नहीं किया गया है। आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। हमने एक न्यू नॉर्मल सेट करते हुए आक्रामक प्रतिक्रिया दी है। आतंकवादी चाहे जहां भी हों हम उन्हें मारेंगे और उनकी इमारतों को भी तबाह कर देंगे। तो अभी सब खत्म नहीं हुआ है। " "आतंकवाद रुकना चाहिए", भारतीय राजदूत ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की संधि लागू होनी चाहिए और पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद रोकना चाहिए. भारत में पाकिस्तान से शुरू हुए आतंकी हमलों की एक लंबी लिस्ट का हवाला देते हुए जेपी सिंह ने कहा कि "मूल कारण ये दो समूह हैं – जैश-ए-मुहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा". उन्होंने कहा कि मुंबई हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा के नेता खुलेआम घूम रहे हैं, जिसमें कई यहूदी भी मारे गए थे. राजदूत जेपी सिंह ने जोर देकर कहा, "उन्हें एक बहुत ही सरल चीज करने की जरूरत है – जब प्रस्तावना में सद्भावना और दोस्ती शामिल है, तो उन्हें बस इन आतंकवादियों को हमें सौंपने की जरूरत है." उन्होंने कहा कि हाल ही में अमेरिका ने मुंबई हमले में शामिल तहव्वुर हुसैन राणा को प्रत्यर्पित किया था. इसी से सीखकर इस्लामाबाद भी ऐसा कर सकता है. उन्होंने जोर देकर कहा, "जब अमेरिका इन दोषियों को सौंप सकता है, तो पाकिस्तान क्यों नहीं सौंप सकता? उन्हें बस हफीज सईद, लखवी, साजिद मीर को सौंपना होगा और चीजें खत्म हो जाएंगी." यह तर्क देते हुए कि आतंकवाद एक वैश्विक खतरा है, भारतीय दूत ने चुनौती का सामना कर रहे देशों के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया. पाकिस्तान में मचा हड़कंप नूर खान एअरबेस की बात करते हुए जेपी सिंह ने कहा कि 10 मई की सुबह पाकिस्तान में हड़कंप मच गया था। उनके DGMO ने भारत में फोन करके सीजफायर करने की मांग रखी। पानी के बदले पाक ने आतंकवाद दिया: जेपी सिंह सिंधु जल समझौते पर बात करते हुए जेपी सिंह कहते हैं, "सिंधु जल समझौता (Indus Water Treaty) 1960 में साइन की गई थी। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच दोस्ती बरकरार रखा था। मगर पिछले कई सालों से देखा गया है कि हम पाकिस्तान को पानी देते हैं और बदले में पाकिस्तान हमारे देश में आतंकी हमले करवाता है। इसे लेकर लोगों में बेहद गुस्सा था। हमारे प्रधानमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि अब पानी और खून एकसाथ नहीं बहेगा।" आतंक के खिलाफ भारत का युद्ध है ऑपरेशन सिंदूर जेपी सिंह ने पाकिस्तान को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान चाहता है कि सिंधु जल समझौता कायम रहे तो उसे आतंकवाद खत्म करना होगा। ऑपरेशन सिंदूर भारत का आतंकवाद के खिलाफ युद्ध है। पाकिस्तान में आतंकवाद के लिए दो अहम संगठन जिम्मेदार हैं – जैश-ए-मोहम्म और लश्कर-ए-तैयबा। recent visitors 55

गुना जिले में एक सरपंच ने अपनी ग्राम पंचायत ही ठेके पर दे दी, इसके लिए 100 रुपये के स्टांप पर बाकायदा करार लिखा गया

गुना अभी तक आपने पंचायतों को निजी फर्मों को काम कराने का ठेका देते सुना होगा। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के गुना जिले में एक सरपंच ने अपनी ग्राम पंचायत ही ठेके पर दे दी। इसके लिए 100 रुपये के स्टांप पर बाकायदा करार लिखा गया। इसमें ठेका लेने वाले ने सरपंच का 20 लाख का कर्ज चुकाने की जिम्मेदारी ली, वहीं निर्माण कार्य की लागत का पांच प्रतिशत कमीशन सरपंच को देने की गारंटी दी। शिकायत पर जांच के बाद जिला पंचायत ने ठेका लेने वाले व्यक्ति के खिलाफ कैंट थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करा दिया है। पंच और सरपंच ने मिलकर कर डाला सौदा     जनपद पंचायत गुना को शिकायत मिली थी कि करोद ग्राम पंचायत (Karod Gram Panchayat) की सरपंच ने पंचायत का संचालन ठेके पर दे दिया है। जनपद पंचायत ने जांच कराई तो सामने आया कि 28 नवंबर 2022 को सरपंच लक्ष्मी बाई ने पंच रणवीर सिंह कुशवाह के साथ एक करारनामे की नोटरी कराई है। 100 रुपये के स्टांप वाले शपथ पत्र पर इस करारनामे के अनुसार सरपंच ने पंचायत के संचालन की जिम्मेदारी रणवीर सिंह कुशवाह को सौंप दिया था। गांव के किसी व्यक्ति ने अप्रैल में इसकी शिकायत जनपद पंचायत से की। जांच हुई, सरपंच के बयान हुए। जनपद पंचायत ने रिपोर्ट जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भेज दी। नौ मई को जिला पंचायत सीईओ ने जनपद पंचायत को एफआईआर कराने के निर्देश दिए। जनपद पंचायत ने 13 मई को कैंट थाना प्रभारी को प्रकरण दर्ज करने पत्र लिखा। शुरुआती तथ्य लेने के बाद कैंट थाने में 17 मई को एफआईआर दर्ज कर ली गई। भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा में केस जनपद पंचायत गुना के समन्वयक सुनील खालको की शिकायत पर कैंट थाने में रणवीर सिंह कुशवाह के खिलाफ धारा 420, 419 और भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा (8) के तहत मामला दर्ज किया गया है। – अनूप भार्गव, थाना प्रभारी कैंट recent visitors 48

इंदौर उज्जैन के सड़क मार्ग को सिक्सलेन में बदले जाने का काम शुरू, 2026 तक पूरी होगी परियोजना, नई तकनीक से हो रहा निर्माण कार्य

उज्जैन स्टेट हाइवे नंबर-59, उज्जैन-इंदौर फोरलेन सड़क परियोजना का काम तेजी से हो रहा है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी), चार महीने में 14 प्रतिशत काम ठेकेदार से करवा चुका है। फिलहाल, वर्षाकाल प्रारंभ (15 जून) होने से पहले शिप्रा नदी पर त्रिवेणी क्षेत्र में पुल बनाने को फाउंडेशन कार्य पूर्ण करना करना चुनौती बना हुआ है। अफसरों का कहना है पुल निर्माण स्थल पर महीनेभर शिप्रा का आंचल सूखा रहता है तो काम में कोई परेशानी नहीं आएगी। समाधान स्वरूप जल संसाधन विभाग को महीनेभर शिप्रा में पानी का बहाव रोकने के लिए पत्र लिखा है। मालूम हो कि 46.475 किलोमीटर लंबे उज्जैन-इंदौर फोरलेन सड़क मार्ग को मध्य प्रदेश की सरकार सिक्सलेन सड़क में परिवर्तित करवा रही है। परियोजना 1692 करोड़ रुपये की है। इसे शुरू करने को भूमि पूजन 19 सितंबर 2024 को उज्जैन आई राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने किया था। तब कहा गया था कि सिविल कार्य 623 करोड़ रुपये से होगा। 29 गांवों से होकर गुजरेगी सड़क सिक्स लेन सड़क 15 साल के आपरेशन-मैंटनेंस के साथ उज्जैन में स्थित हरिफाटक पुल से इंदौर में स्थित अरविंदो अस्पताल के सामने तक बनाई जाएगी। निर्माण हाईब्रिड वार्षिकी पद्धति से पेव्ड शोल्डर के साथ होगा। सड़क, 29 गांवों से होकर गुजरेगी, जिनमें 20 गांव इंदौर जिले और 9 गांव उज्जैन जिले के हैं। सिविल कार्य की कमान एमपीआइडीसी ने उदयपुर की रवि इन्फ्राबिल्ड कंपनी को सौंपी है। 8 किमी का डामरीकरण कर दिया गया है सर्वे और ड्राइंग-डिजाइन उपरांत धरातल पर निर्माण 15 जनवरी 2025 को शुरू हो पाया था। बीते चार महीनों में कई हिस्सों में मार्ग चौड़ा करने को खोदाई करने, मुरम बिछाने के साथ डामरीकरण का काम होता दिख रहा है। कहा गया है कि अब तक 14 प्रतिशत काम हो चुका है। 46.475 किलोमीटर सड़क में से 8 किलोमीटर सड़क का डामरीकरण कर दिया गया है। पूरे मार्ग में 8 किलोमीटर का हिस्सा सीमेंट-कांक्रीट का बनेगा। 11 किलोमीटर लंबा विभिन्न आवासीय क्षेत्र में सर्विस रोड भी सीमेंट-कांक्रीट का बनेगा। निनोरा टोलनाका क्षेत्र के सीमेंट-कांक्रीट की सड़क बना दी गई है। वर्षाकाल में भी निर्माण कार्य जारी रहेगा, बंद नहीं होगा। निर्माण कार्य को गति देने के लिए नवीन तकनीक आधारित जर्मन मेड एफडीआर और मशीन विद मल्टीप्लेक्स मशीन का उपयोग पहली बार किया जा रहा है। दिसंबर- 2026 तक पूरी करना है परियोजना सिक्सलेन परियोजना, दिसंबर 2026 तक पूरी कराने का अनुबंध हुआ है। योजना अनुसार मुख्य सड़क डामर की और आबादी क्षेत्र में एप्रोच रोड सीमेंट-कांक्रीट की बनाई जाएगी। मार्ग में 8 फ्लायर ओवर और 70 कलवर्ट बाक्स बनाए जाएंगे। त्रिवेणी घाट के समीप शिप्रा नदी पर नया पुल भी बनाया जाएगा। पहले चरण में दोनों शहर की तरफ 14-14 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। प्रत्येक रोड का हिस्सा 12.50-12.50 मीटर चौड़ा होगा। इस तरह मार्ग कुल 25 मीटर चौड़ा होगा। अभी फोरलेन सड़क पर साढ़े आठ मीटर की दो चौड़ी सड़कें हैं। यानी मार्ग कुल 17 मीटर चौड़ा है। इस प्रोजेक्ट से सरकार को 112 करोड़ रुपये की सूखी बचत हुई है। वो इसलिए क्योंकि रवि इन्फ्राबिल्ड ने एसओआर से 15 प्रतिशत कम रेट पर काम करने का अनुबंध किया है। recent visitors 52

प्रदेश में सरकारी कॉलेजों में शोध केन्द्र बनाए जायेंगे, कॉलेज के प्राध्यापक निदेशक होंगे

भोपाल कॉलेजों में बदले पढ़ाई के पैटर्न में शोध पर फोकस किया गया है। सभी सकारी कॉलेजों में शोध केन्द्र बनाए जाने हैं। कॉलेज के प्राध्यापक निदेशक होंगे। चयन की जिमेदारी संबंधित विश्वविद्यालय की होगी। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं।  शोध निदेशक की पात्रता रखने वाले प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापकों से कहा कि वे आवेदन करें। प्रयास यही है कि विद्यार्थियों को ऑनर्स विद रिसर्च की सुविधा उनके कॉलेज या फिर समीप के कॉलेज में मिल सके। नई शिक्षा नीति के तहत शोध पर अधिक फोकस किया गया है। कॉलेजों में शोध केन्द्र की स्थापना इसी कड़ी का हिस्सा है। आनॅर्स विथ रिचर्स की सुविधा स्नातक चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों को चतुर्थ वर्ष ऑनर्स या आनॅर्स विथ रिचर्स की सुविधा मिले। विभाग ने निर्देश में कहा कि जिन प्राध्यापकों, सहायक प्राध्यापकों ने पीएचडी उपाधि प्राप्त की है और शिक्षण कार्य करते हुए पांच वर्ष हो चुके हैं तो वे भी शोध निदेशक के पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। जो प्राध्यापक या सहायक प्राध्यापक शोध निदेशक की पात्रता रखते हैं और वे पंजीकरण के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं उनके बारे में जानकारी भेजें। ढर्रा सुधारने की कवायद सरकार का फोकस सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई का ढर्रा सुधारने को लेकर है। इसी कड़ी में प्राध्यापकों को कॉलेजों में ही रुकने के लिए अवधि तय कर दी है। यानी उन्हें तय अवधि तक कॉलेजों में रुकना ही होगा। इसी से उनका वेतन निर्धारण होगा। recent visitors 51