आम आदमी पार्टी को दिल्ली में बड़ा झटका लगा, पार्टी के 13 निगम पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी को दिल्ली में बड़ा झटका लगा है। पार्टी के 13 निगम पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है। इन सभी ने नई पार्टी बनाने की घोषणा भी की है। पार्षदों ने इस्तीफे का ऐलान करते हुए आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर नगर निगम को ठीक से ना चला पाने का आरोप लगाया है। इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा है क जनता से किए गए वादे को पूरा न कर पाने के कारण हम पार्टी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। नई पार्टी का ऐलान पार्षदों ने नई पार्टी का ऐलान करते हुए कहा कि उनकी पार्टी का नाम इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी होगा और मुकेश गोयल को पार्टी का मुखिया चुना गया है। पार्षदों ने बताया कि हम सभी निगम पार्षद दिल्ली नगर निगम में वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी की टिकिट से चुने गए थे लेकिन 2022 में दिल्ली नगर निगम में सत्ता में आने के बावजूद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व दिल्ली नगर निगम को सुचारू रूप से चलाने में असमर्थ रहा। शीर्ष नेतृत्व का निगम पार्षदों से आपस में समन्वय न के बराबर रहा जिसके कारण पार्टी विपक्ष में आ गई। जनता से किए गए वादे को पूरा न कर पाने के कारण हम निम्नलिखित पार्षद पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, हम निगम पार्षद आज दिनांक 17-5-2025 को अपनी एक पार्टी बना रहे हैं जिसका नाम इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी होगा और उसके द्वारा लिए गए फैसलों पर पूर्ण सहमत्ति व्यक्त करते हैं। हम सभी मुकेश गोयल जी को अपने दल का नेता स्वीकार करते हैं। उन्होंने बताया कि आज हेमवंद गोयल जी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें 13 निगम पार्षदों ने मुकेश गोयल जी को इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी का नेता चुना गया। इन 13 पार्षदों ने छोड़ी पार्टी जिन 13 पार्षदों ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया उनमें मुकेश गोयल, हिमानी जैन, देवेंद्र कुमार, राजेश कुमार लाडी, सुमन अनिल राणा और दिनेश भारद्वाज शामिल हैं। recent visitors 46

हिमंत सरमा कांग्रेस की लिस्ट में गौरव गोगोई का नाम देख भड़के, बोले- इनका पाकिस्तान से कनेक्शन

नई दिल्ली कांग्रेस ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का पक्ष दुनिया के सामने रखने के लिए विदेश भेजे जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल करने के लिए अपने चार सांसदों के नाम सरकार को भेज दिए हैं। इनमें असम से आने वाले गौरव गोगोई का भी नाम शामिल है। उनका नाम कांग्रेस की लिस्ट में देखकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सराम ने पलटवार किया है। सरमा ने ट्वीट कर कहा, "लिस्ट में शामिल सांसदों में से एक ने पाकिस्तान में अपने लंबे समय तक रहने से इनकार नहीं किया है। कथित तौर पर वह दो सप्ताह तक पाकिस्तान में रहे हैं। विश्वसनीय दस्तावेजों से पता चलता है कि उनकी पत्नी भारत में काम करते हुए पाकिस्तान स्थित एक NGO से वेतन ले रही थी।'' सरमा ने आगे कहा, ''राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में और दलगत राजनीति से परे, मैं लोकसभा के नेता राहुल गांधी से आग्रह करता हूं कि इस व्यक्ति को ऐसे संवेदनशील और रणनीतिक काम में शामिल न करें।" इससे पहले कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने यह जानकारी देते हुए बताया की पार्टी ने लोकसभा और राज्यसभा से दो-दो सदस्यों के नाम इस प्रतिनिधिमंडल मैं शामिल होने के लिए भेजें हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जिन सांसदों के नाम प्रतिनिधिमंडल के लिए भेजे हैं उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, राज्यसभा सांसद डॉ. सैयद नसीर हुसैन तथा राजा बरार शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कल सुबह संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से बात कर कांग्रेस से पाकिस्तान से आतंकवाद पर भारत के रुख को स्पष्ट करने के लिए विदेश भेजे जाने वाले प्रतिनिधिमंडलों के लिए पार्टी के चार सांसदों के नाम देने का आग्रह किया था। पार्टी ने कल दोपहर तक कांग्रेस की ओर से सरकार को नाम भेज दिए थे। सरकार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों समेत प्रमुख साझेदार देशों में इस महीने के अंत में सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजेगी जो पहलगाम आतंकवादी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के मद्देनजर आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने के भारत के संदेश को उन तक पहुंचाएंगे। संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल हर तरह के आतंकवाद का मुकाबला करने की भारत की राष्ट्रीय सहमति और दृढ़ दृष्टिकोण को सामने रखेंगे। वे आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने के देश के मजबूत संदेश को दुनिया के सामने लेकर जाएंगे।" सरकार ने प्रतिनिधिमंडल के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के ऐसे नेताओं का सोच समझ कर चयन किया है, जिन्हें मुखर माना जाता है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, कांग्रेस सांसद शशि थरूर, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के सांसद संजय झा, द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) की कनिमोई, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले और शिवसेना के श्रीकांत शिंदे सात अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करेंगे। इनमें से चार नेता सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से हैं, जबकि तीन विपक्षी ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन से हैं। सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल के करीब पांच देशों का दौरा करने की संभावना है। मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल में प्रतिष्ठित राजनयिक शामिल होंगे। बयान में कहा गया है, "ऑपरेशन सिंदूर और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की निरंतर लड़ाई के संदर्भ में, सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल इस महीने के अंत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों समेत प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करेंगे।" recent visitors 45

हेयर ट्रांसप्लांट करने वाली डॉक्टर अनुष्का ने इंजीनियर की मौत के बाद क्लीनिक बदलकर दूसरी जगह प्रैक्टिस करने लगी

लखनऊ हेयर ट्रांसप्लांट करने वाली डॉक्टर अनुष्का पांच महीने पहले तक आवास विकास रोड पर एक कार शोरूम के नीचे अपना क्लीनिक चला रही थी। इसी क्लीनिक पर अनुष्का ने फर्रुखाबाद के इंजीनियर मंयक का हेयर ट्रांसप्लांट किया था। ट्रांसप्लांट के 24 घंटे बाद मंयक की मौत हो गई थी। मंयक के परिजन लगातार क्लीनिक में जाकर डॉक्टर अनुष्का से संपर्क का प्रयास कर रहे थे। इसी से घबराकर अनुष्का क्लीनिक बदलकर दूसरी जगह प्रैक्टिस करने लगी थी। केशवपुरम में क्लीनिक चलाने वाली हेयर ट्रांसप्लांट डॉक्टर अनुष्का पर गलत इलाज के चलते पनकी पावर हाउस के सहायक अभियंता विनीत और फर्रुखाबाद के इंजीनियर मंयक की मौत का आरोप लगा है। फर्रुखाबाद निवासी मयंक कटियार ने 18 नवंबर को डॉक्टर अनुष्का से हेयर ट्रांसप्लांट कराया था। 24 घंटे बाद ही हालत बिगड़ने पर मयंक की मौत हो गई थी। छोटे भाई कुशाग्र ने बताया कि भाई की मौत के बाद वह लगातार डॉक्टर अनुष्का से संपर्क करते रहे। लेकिन उन्होंने पीड़ित पक्ष का मोबाइल नंबर ही ब्लॉक कर दिया था। क्लीनिक जाकर भी डॉक्टर अनुष्का से संपर्क का प्रयास किया गया। वहीं इस बवाल से घबराई डॉक्टर अनुष्का ने इस क्लिनिक को बदलकर पास में ही केशवपुरम इलाके में अपना नया क्लीनिक बना लिया। शुक्रवार को पुलिस की एक टीम डॉ. अनुष्का के पुराने क्लिनिक गई। जहां पर पुलिस टीम को ताला लटका मिला। साथ ही वहां पर डॉक्टर अनुष्का का बोर्ड लगा था। बिल्डिंग में मौजूद गार्ड ने पुलिस को बताया कि दो महीने से यहां पर कोई नहीं आया है। क्लीनिक का पूरा सामान भी यहां से शिफ्ट कर लिया गया है। कल्याणपुर एसीपी अभिषेक पांडे ने बताया कि आरोपित डॉक्टर की तलाश में दबिशें दी जा रही है। घटना से जुड़े सभी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। सीएमओ की रिपोर्ट भी इस घटना में महत्वपूर्ण साक्ष्य बनेंगी। सहायक अभियंता की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर अनुष्का ने अपनी पहचान छुपाते हुए विनीत की पत्नी जया को फोनकर मामले की जानकारी दी थी। इस मामले में जया ने भी डॉक्टर अनुष्का को फोन कर पूरी जानकारी ली थी। इस दौरान जया ने डॉक्टर अनुष्का पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खरी-खोटी भी सुनाई थी। जया और डॉ. अनुष्का के बीच हुई बातचीत के ऑडियो को भी पुलिस अपनी विवेचना में शामिल करेगी। बनारस में पुलिस की छापेमारी जारी रावतपुर पुलिस बनारस समेत कई स्थानों पर डॉक्टर अनुष्का की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। हालांकि अभी तक पुलिस डॉक्टर अनुष्का के करीब नहीं पहुंच सकी है। recent visitors 38

2019 में स्वीकृत 5.1 किमी फ्लाईओवर पर अब तक काम कब शुरू होगा, HC ने पीडब्ल्यूडी विभाग से जवाब तलब किया

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्याओं में से एक अंबेडकर चौक से अब्दुल हमीद चौक तक के मार्ग पर फ्लाईओवर निर्माण की योजना, जो वर्ष 2019 में स्वीकृत हुई थी, अब तक शुरू नहीं हो पाई है। इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court) ने कड़ा रुख अपनाया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी, शहरी विकास विभाग के सचिव और जबलपुर कलेक्टर समेत संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 2019 में मिली थी मंजूरी, 2024 तक सिर्फ बढ़ती गई लागत फ्लाईओवर की शुरुआती योजना 3.2 किलोमीटर लंबी थी, जिसकी लागत 186 करोड़ रुपए तय की गई थी। हालांकि, 2024 में इसकी लंबाई बढ़ाकर 5.1 किलोमीटर कर दी गई और बजट भी तीन गुना तक बढ़ाया गया, लेकिन धरातल पर अब तक कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। हाईकोर्ट ने इस देरी पर नाराजगी जताते हुए पूछा है कि जब स्वीकृति और बजट दोनों पहले ही तय हो चुके हैं, तो आखिर निर्माण कार्य शुरू क्यों नहीं हुआ? सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक इलाके में स्वीकृत है फ्लावर आपको बता दे की अंबेडकर चौक से लेकर अब्दुल हमीद चौक तक स्वीकृत यह फ्लाईओवर शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक है। अंबेडकर चौक से लेकर घमापुर चौक तक हर वक्त जाम की स्थिति लगी रहती है। उसके बावजूद यहां फ्लाईओवर ना बनना अपने आप में कई सवाल खड़ा करता है। जबकि यहां पर स्थानीय प्रतिनिधि से लेकर आम लोगों ने कई बार फ्लाईओवर की मांग की है। घंटों जाम में फंसते हैं लोग अंबेडकर चौक से घमापुर और अब्दुल हमीद चौक तक का इलाका जबलपुर का सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता है, जहां दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। ट्रैफिक की परेशानी से जूझ रहे स्थानीय लोगों ने कई बार फ्लाईओवर की मांग उठाई है। इसके बावजूद शासन और प्रशासन की उदासीनता से यह परियोजना केवल कागज़ों में ही सिमटी रह गई है। हाईकोर्ट की सख्ती से जागेगा सिस्टम? हाईकोर्ट (MP High Court) द्वारा अधिकारियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अब इस फ्लाईओवर प्रोजेक्ट पर कुछ ठोस कार्रवाई देखने को मिलेगी। यह मामला ना केवल एक शहरी विकास परियोजना से जुड़ा है, बल्कि यह जनता की रोजमर्रा की परेशानियों और शासन की जवाबदेही से भी सीधा संबंध रखता है। सात साल पुरानी मंजूरी के बावजूद अगर एक जरूरी फ्लाईओवर का काम शुरू नहीं हो पाया है, तो ऐसी व्यवस्था पर सवाल खड़े होना लाजिम है। recent visitors 32

मुंबई एयरपोर्ट से NIA ने आईएसआईएस स्लीपर सेल के मॉड्यूल के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया

मुंबई  राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मुंबई एयरपोर्ट पर ISIS के दो भगोड़े स्लीपर सेल सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों पुणे, महाराष्ट्र में 2023 में IED बनाने और परीक्षण करने के एक मामले में वॉन्टेड थे। अब्दुल्ला फैयाज शेख को डायपरवाला के नाम से भी जाना जाता है। वहीं तालहा खान को मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल 2 पर आव्रजन अधिकारियों ने तब पकड़ा, जब वह इंडोनेशिया के जकार्ता में अपने ठिकाने से वापस आ रहे थे। इसके बाद NIA ने उन्हें हिरासत में ले लिया। ये दोनों आरोपी दो साल से ज़्यादा समय से फरार थे। NIA की स्पेशल कोर्ट, मुंबई ने इनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। एजेंसी ने प्रत्येक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 3 लाख रुपये का इनाम भी रखा था। तीन-तीन लाख का था इनाम जांच में पता चला है कि इन दोनों और ISIS के पुणे स्लीपर सेल के आठ अन्य सदस्यों ने मिलकर साजिश रची थी। ये सभी आठ सदस्य अभी न्यायिक हिरासत में हैं। NIA के बयान में कहा गया है कि इन लोगों ने भारत में हिंसा फैलाकर शांति भंग करने और इस्लामिक शासन स्थापित करने की साजिश रची थी। दोनों पर तीन-तीन लाख रुपये का इनाम था। बम बनाने की वर्कशॉप की दोनों गिरफ्तार आरोपियों पर पहले भी आरोप लग चुके हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पुणे के कोंढवा इलाके में अब्दुल्ला फैयाज शेख ने किराए पर लिए गए एक घर में IED बनाए थे। 2022-2023 के दौरान, उन्होंने बम बनाने की वर्कशॉप भी की और उस घर में एक नियंत्रित विस्फोट में IED का परीक्षण भी किया। एक्शन में एनआईए NIA भारत में ISIS की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। एजेंसी ने पहले ही सभी 10 आरोपियों के खिलाफ UAPA, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में मोहम्मद इमरान खान, मोहम्मद यूनुस साकी, अब्दुल कादिर पठान, सिमाब नसीरुद्दीन काजी, जुल्फिकार अली बरोड़वाला, शामिल नाचन, आकिफ नाचन और शाहनवाज आलम शामिल हैं। NIA के अनुसार, ये सभी मिलकर भारत में अशांति फैलाने की योजना बना रहे थे। उनका मकसद था कि देश में डर का माहौल पैदा किया जाए। NIA अब इन सभी से पूछताछ कर रही है ताकि इस साजिश के बारे में और जानकारी मिल सके। NIA का कहना है कि वह देश में आतंकवाद को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं देगी। शशि मिश्रा recent visitors 48

देर रात युवतियों ने चिलम से उड़ाया धुआँ, गंजेड़ियों के साथ नशा करने सुपर कॉरिडोर पहुंची युवतियां

 इंदौर इंदौर में युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। इसमें लड़कियां भी पीछे नहीं है, शहर से एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें कुछ युवतियां गांजा पीते नजर आ रही हैं। वीडियो सुपर कॉरिडोर ओवरब्रिज का बताया जा रहा है। जहां देर रात युवतियां चिलम से गांजा पीते नजर आ रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि वीडियो में एक युवक चिलम जलाते हुए दिखाई दे रहा है, जबकि युवतियां धुएं के छल्ले बना रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये युवतियां घर के लोगों के सोते ही देर रात गंजेडियों के साथ यहां पहुंचती हैं और खुलेआम नशा करती हैं। सुपर कॉरिडोर जैसी जगह पर इस तरह नशे का सेवन सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। अब सवाल यह है कि क्या पुलिस और प्रशासन इन युवतियों और इनके साथियों पर कोई कार्रवाई करेगा? इंदौर में युवाओं में बढ़ते नशे की लत पर लगाम लगाने के दावों के बावजूद ये घटनाएं उजागर हो रही हैं।  कल देर रात 2:30 बजे एरोड्रम सुपर कॉरिडोर निकली तो देखा कि ब्रिज पर कुछ खास हलचल तो नहीं थी लेकिन ब्रिज के डिवाइडर पर युवाओं का ग्रुप बैठा था। टीम ने उनपर ध्यान दिया तो पता चला कि युवकों के साथ युवतियां बंसी में गांजा भरकर दम मार रही है। मुंह से ऐसे खींच रही है जैसे नशे की आदि हो। युवतियों के साथ चार अन्य युवक भी खड़े थे जो युवती के मुंह में रखी बंसी को सुलगाने के लिए माचिस जलाकर आग दे रहे थे। यह घटना उस समय हुई जब इलाके में सन्नाटा रहता है, लेकिन रात का समय है। शहर में क्राइम रेट फ्लकचुएट होने के चलते कमिश्नर संतोष सिंह ने अधिकारियों को रात में टाइट पुलिसिंग के निर्देश दे रखे है। उसके बाद भी ऐसे इलाकों में पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी गश्त करती नहीं दिखी और न ही बीट के पुलिसकर्मी दिखाई दिए। घरवालों के सोने के बाद दरवाजा खोलकर निकली  गांजा पी रही एक युवती और युवक को बहाने से बुलाकर बात की और खुद को कॉलेज का छात्र होना बताकर घर से निकालने का बहाना बनाना पूछता तो युवती बोली कि मम्मी-पापा के सो जाने के बाद में घर का दरवाजा खोलकर निकल जाती हूं। युवती फिलहाल सुखलिया इलाके के मार्थोमा स्कूल में 11वीं की पढ़ाई कर रही है। युवक भी 11वीं कक्षा में है। वहीं, अन्य युवती और युवक भी 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे है। recent visitors 36

शशि थरूर पाक के आतंकी चेहरे को बेनकाब करेंगे, भारतीय डेलिगेशन को लीड कर सकते हैं, कांग्रेस का आया रिएक्शन

नई दिल्ली सरकार पहलगाम में आतंकवादी हमले के जवाब में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आक्रामक राजनयिक अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत वैश्विक मंच पर भारत के पक्ष को मजबूती से रखने और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को बेनकाब किया जाएगा। खास बात है कि इस काम के लिए मोदी सरकार ने नरसिम्हा राव की कूटनीति के रास्ते पर चलने का फैसला लिया है। अगले सप्ताह से विभिन्न देशों में कई बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजेगी। यह ठीक उसी तर्ज पर जब नरसिम्हा राव ने यूएन में कश्मीर मुद्दे पर भारत का पक्ष रखने के लिए विपक्ष के नेता अटल बिहारी वाजयपेयी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भेजा था। तब यूएन में गिर गया था पाकिस्तान का प्रस्ताव 1994 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंह राव ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार से जुड़े सत्र में एक प्रतिनिधि मंडल भेजने का फैसला किया था। इसका उद्देश्य कश्मीर समस्या पर भारत का पक्ष रखना और पाकिस्तान द्वारा समर्थित एक प्रस्ताव को विफल करना था, जिसमें नई दिल्ली की निंदा की जाती। उस समय यह प्रयास बहुत सफल रहा था। वाजपेयी के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के हस्तक्षेप के कारण पाकिस्तान का प्रस्ताव गिर गया था। वाजपेयी की टीम में कौन-कौन थे शामिल पीवी नरसिम्हाराव ने विदेश नीति के धुरंधर माने जाने वाले विपक्ष के नेता अटल बिहारी वाजपेयी को प्रतिनिधि मंडल का प्रमुख नियुक्त किया था। उनके साथ कश्मीर के फारूक अब्दुल्ला और राव सरकार के विदेश राज्य मंत्री सलमान खुर्शीद भी थे। संयुक्त राष्ट्र के बारे में गहन जानकारी के साथ प्रतिनिधिमंडल को मजबूत करने के लिए, संयुक्त राष्ट्र में भारत के तत्कालीन राजदूत हामिद अंसारी को भी शामिल किया गया था। राव के कदम से परेशान थे खुर्शीद? अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने छह दशक से अधिक के राजनीतिक करियर में हमेशा व्यक्तिगत समीकरणों पर भरोसा किया। उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए। पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के साथ उनकी नजदीकी हमेशा उनके संबंधित राजनीतिक दलों में उत्सुकता भरी चर्चा का विषय रही। राव की तरफ से वाजपेयी को यूएन में भेजने के कदम को उनकी पार्टी के भीतर अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली। तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री सलमान खुर्शीद जिनेवा में वाजपेयी के अधीन काम करने से विशेष रूप से परेशान थे। वापस लौटने पर हुआ था शानदार स्वागत जब जेनेवा से जीत हासिल कर भारतीय प्रतिनिधिमंडल राजधानी लौटा तो उसका वैसे ही शानदार स्वागत हुआ जैसा कि आमतौर पर विजयी क्रिकेट टीमों का होता है। राव की इस कूटनीति के तह भारत ने आखिरकार दुनिया को दिखा दिया कि कश्मीर मुद्दे पर उसका इरादा गंभीर है। इस सफलता के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख जावेद मीर को पकड़ लिया गया, जिससे आतंकवादियों के मनोबल को भी गहरा धक्का लगा था। शशि थरूर पाक के आतंकी चेहरे को बेनकाब करेंगे भारत सरकार ने एक सात सदस्यीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है, जो प्रमुख विदेशी सरकारों को हालिया भारत-पाकिस्तान संघर्ष और इस मुद्दे पर भारत के रुख से अवगत कराने के लिए उन देशों का दौरा करेगा. इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर को भी शामिल किया गया है. संसदीय कार्य मंत्रालय ने घोषणा की है कि तिरुवनंतपुरम से चार बार के सांसद शशि थरूर इस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. नामित अन्य सदस्यों में भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद संजय कुमार झा, डीएमके की कनिमोझी करुणानिधि, राकांपा (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले और शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे शामिल हैं. मजे की बात ये है कि इस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल करने के लिए कांग्रेस ने अपने जिन 4 सांसदों के नाम सरकार को सुझाए थे, उनमें से किसी को नहीं चुना गया. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के अनुसार, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 16 मई की सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से फोन पर बात की थी और उनसे अनुरोध किया था कि वे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर भारत की स्थिति स्पष्ट करने के लिए विदेश भेजे जा रहे प्रतिनिधिमंडल में शामिल करने के लिए चार नाम सुझाएं. कल 16 मई को दोपहर तक, लोक सभा में विपक्ष के नेता ने संसदीय कार्य मंत्री को पत्र लिखकर कांग्रेस की ओर से आनंद शर्मा, गौरव गोगोई, डॉ. सैयद नसीर हुसैन और राजा बरार के नाम दिए. लेकिन केंद्र ने इन चारों को छोड़कर शशि थरूर पर विश्वास जताया. भारत सरकार का यह सात सदस्यीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल 23 मई से 10 दिवसीय राजनयिक मिशन पर रवाना होगा. वाशिंगटन, लंदन, अबू धाबी, प्रिटोरिया और टोक्यो जैसी प्रमुख राजधानियों का दौरा करके यह सर्वदलीय टीम आतंकवाद पर भारत की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी और ऑपरेशन सिंदूर के तहत हाल के घटनाक्रमों के बारे में विदेशी सरकारों को जानकारी देगी. बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. इस आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे. इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में जैश, लश्कर और हिजबुल के 9 आतंकी​ ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे. recent visitors 50