भोपाल में 17 साल की नाबालिग के साथ युवक ने कई दिनों तक हैवानियत की घटना को अंजाम दिया

भोपाल  मध्य प्रदेश के भोपाल शहर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने 17 साल की नाबालिग के साथ पहले कई दिनों तक हैवानियत की घटना को अंजाम दिया है। आरोपी ने नाबालिग का पहले किडनैप किया, फिर कई दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया। नाबालिग को उसने करीब 20 दिनों तक अत्याचार का शिकार बनाया। वह उसे इस दौरान दूसरे राज्य भी ले गया। आरोपी का नाम नीरज बताया जा रहा है। वह 17 साल की नाबालिग के साथ मारपीट भी करता था। पीड़िता को धमकी देता था कि अगर उसने किसी को इस बारे में बताया तो अच्छा नहीं होगा। पीड़िता किसी तरह भागने में सफल रही और घर लौट आई। फिर मामला पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस ने मामले में कई खुलासे किए हैं। पुलिस का कहना पुलिस ने बताया कि घटना 19 जुलाई से 10 अगस्त के बीच हुई। पीड़िता ने 10वीं पास की है। आरोपी नीरज भोपाल में उसे एक कमरे में ले गया और रात भर वहीं रखा। अगले दिन वह उसे बिहार ले गया। उसने नाबालिग को अलग-अलग शहरों में रखा। वहां भी उसके साथ बुरा व्यवहार हुआ। हबीबगंज पुलिस ने बताया कि शनिवार को मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी पीड़िता को धमकी देता था कि अगर वह उसके साथ आने से इनकार करती है तो वह उसके परिवार को मार देगा। एक दिन जब आरोपी सो रहा था तब मौका पाकर पीड़िता भागने में कामयाब रही। जैसे तैसे वह घर पहुंच गई। इसके बाद उसने मामला दर्ज करवाया। आरोपी अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। recent visitors 72

मप्र में आफत की बरसात पार्वती नदी में उफान एक बार फ‍िर श्योपुर- काेटा मार्ग बंद हो गया

श्योपुर  जिले में पिछले 20 घंटे से झमाझम बारिश की वजह से चोरों तरफ पानी-पानी हाे गया । अब बारिश किसानों व आम लोगों के लिए आफत की बारिश बनती जा रही है। बारिश की वजह से सीप नदी उफान पर आ गई है। बंजारा डैम आवरफ्लो हो चल रहा है। पुराना गुप्तेश्वर महादेव मंदिर पानी में डूब गया। पार्वती नदी उफान पर आने से फिर से श्योपुर- काेटा मार्ग बंद हो गया है। उधर राजस्थान के छाण गांव के पास श्योपुर-माधोपुर हाइवे पर पानी आने की वजह से श्योपुर का सवाई माधोपुर से भी संर्पक कट गया है। विजयपुर के बिचपुरी गांव के घरों में पानी भर गया जिस वजह से ग्रामीणों को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा।     बता दें कि सावन के महीने की शुरूआत से ही अच्छी बारिश हो रही है।     शनिवार की शाम से बारिश शुरू हुई जो रातभर रुक-रुककर होती रही।     रविवार की सुबह 9 बजे से दोपहर एक बजे तक झमाझम बारिश हुई।     इसके बाद भी श्‍योपुर जिले में थम-थम कर बारिश दौर चलता ही रहा।     बारिश की वजह से अनेक किसानों के खेत तालाब की तरह भर गए।     किसानों के अनुसार धान की फसल को गलने का खतरा पैदा हो गया है।     बारिश होने से मौसम खुशनुमा हो गया है। भीषण गर्मी से राहत मिली है।     बारिश से श्‍योपुर शहर की सीप और अमराल नदी उफान पर चल रही है।     सीप नदी में उफान से बंजारा डैम ओवर फ्लो है। पुल के आधे पिलर डूब गए। बिचपुरी गांव में घरों में पानी, लोगों को स्कूल-छात्रावास में किया शिफ्ट झमाझम बारिश के कारण विजयपुर नगर के वार्ड क्रं. 6 डबीपुरा में पानी निकासी नहीं होने से घरों में पानी भर गया। स्थानीय लोगों ने पूर्व भी पानी निकासी इंतजाम कराने के लिए अधिकारियों को अवगत कराया था लेकन किसी ने ध्यान नहीं दिया। उधर विजयपुर क्षेत्र के ही बिचपुरी गांव के घरों में पानी घुस गया है। इस वजह से घर मकान में रखा अनाज और घर गृहस्थी का सामान भीग गया। सूचना मिलने के बाद एसडीएम वीएस श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और पानी में डूबे घरों से ग्रामीणों को निकलवा कर उन्हें स्कूल और छात्रावास में शिफ्ट कराया। जेसीबी मंगवार पानी निकासी कराई। श्योपुर- कोटा और श्योपुर- सवाईमाधोपुर मार्ग बंद पार्वती नदी में जलस्तर बढ गया है। दोपहर के 12:15 बजे खातौली पुल पर करीब दो फीट पानी आ गया। जिसके चलते कोटा-खातौली मार्ग को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया है। पार्वती नदी का डेंजर लेबल 199 मीटर है तथा वर्तमान में 193.50 मीटर पानी का लेबल है। उधर श्योपुर- सवाईमाधोपुर हाइवे पर छाण गांव के पास पानी आ जाने से श्योपुर- कोटा मार्ग बंद हो गया। जिस वजह से दोपहर बाद सवाई माधोपुर से भी काई भी वाहन 53.44 मिली मीटर बारिश दर्ज जिले में 11 अगस्त को 53.44 मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 11 अगस्त को श्योपुर में 12.2, बडौदा में 43, कराहल में 9, विजयपुर में 138, वीरपुर में 65 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है। इस वर्ष 01 जून से अभी तक जिले में कुल 807.24 मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। गत वर्ष इस अवधि तक 486.6 मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। recent visitors 86

बड़वानीः 5th and 8th का परीक्षा परिणाम कम देने पर रोकी 12 शिक्षकों की एक एक वेतन वृद्धि

बड़वानी बड़वानी जिले में कक्षा 5वी और 8वी में पड़ने वाले छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम कम देने वाली संस्थाओं के संस्था प्रमुख शिक्षकों की एक-एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए हैं। इस कार्रवाई को लेकर सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शक्तिसिंह चौहान ने बताया कि कक्षा 5वीं एवं 8वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए बोर्ड पैटर्न आधारित वार्षिक मूल्यांकन किया गया था। इस वार्षिक मूल्यांकन में जिले की 24 शालाओं का परीक्षा परिणाम संतोषजनक न होने के चलते उनके संस्था प्रमुख को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया था। जिसके प्रतिउत्तर उनके द्वारा प्रस्तुत किये गये थे। जिसके बाद उनका परीक्षण किया गया और इनमें से कुल 12 संस्था प्रमुख के द्वारा प्रस्तुत किये गए जवाब संतोषजनक नहीं पाये जाने को लेकर उनके विरूद्ध एक-एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने की कार्रवाई की गई है। इन शाला प्रमुखों की रोकी गई वेतन वृद्धि बड़वानी जिले की जिन सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जिला कलेक्टर के द्वारा दिए गए हैं उनमें, शासकीय प्राथमिक विद्यालय सापड़िया फल्या कुजरवाड़ा के प्राथमिक शिक्षक गौरीशंकर भोसले, शासकीय प्राथमिक विद्यालय कुशवाहपुरा शाहपुरा के प्राथमिक शिक्षक उमरावसिंह वास्कले, शासकीय प्राथमिक विद्यालय उमरदा के प्राथमिक शिक्षक जितेन्द्र सूर्यवंशी, शासकीय प्राथमिक विद्यालय बैडपुरा जुलवानिया के प्राथमिक शिक्षक मुन्नालाल मण्डलोई, शासकीय प्राथमिक विद्यालय सोम्यापुरा के प्राथमिक शिक्षक संतोष पाटीदार, शासकीय माध्यमिक विद्यालय आवली के माध्यमिक शिक्षक सीताराम खन्ना, शासकीय माध्यमिक विद्यालय फुलज्वारी के प्राथमिक शिक्षक संतोष शितोले, शासकीय माध्यमिक विद्यालय कपाल्याखेड़ा के माध्यमिक शिक्षक कमल कुशवाह, शासकीय माध्यमिक विद्यालय जरवाह के माध्यमिक शिक्षक जगन्नाथ यादव, शासकीय प्राथमिक विद्यालय फुलसिंग फल्या धनोरा के प्राथमिक शिक्षक मनोज कापूरे, शासकीय प्राथमिक विद्यालय सस्त्या फल्या कन्नडगांव के प्राथमिक शिक्षक रामदास मेहता एवं शासकीय प्राथमिक विद्यालय हैदरिया फल्या भुलगांव के प्राथमिक शिक्षक सूपीलाल सोलंकी की एक-एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए है। recent visitors 75

बाबा महाकाल सावन के चौथे सोमवार पर की विशेष भस्म आरती, बैलगाड़ी पर सवार होकर करेंगे नगर भ्रमण

उज्जैन  12 अगस्त को सावन का चौथा सोमवार है और प्रातःकाल 2:30 बजे भगवान महाकाल के मंदिर के पट खोले गए. जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए. महाकालेश्वर मंदिर के पट खुलते ही पंडित-पुजारी ने भगवान महाकाल को पंचामृत अभिषेक कर भांग से राजा के रूप में श्रृंगार किया. उसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े के महंत के द्वारा भगवान को भस्मी अर्पित की गई और फिर भगवान महाकाल की भस्म आरती हुई. इस दौरान मध्य प्रदेश शासन के मंत्री रामनिवास रावत भी मौजूद रहे. नगर भ्रमण पर निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी श्री महाकालेश्वर भगवान की श्रावण-भादों माह में निकलने वाली सवारी 12 अगस्त को शाम 4 बजे नगर भ्रमण पर निकलेगी. जिसमें बाबा महाकालेश्वर बैलगाड़ी पर नंदी पर विराजमान होकर श्री उमा-महेश स्वरूप में अपने भक्तों को दर्शन देंगे. पालकी में भगवान श्री महाकालेश्वर श्री चन्द्रमोलीश्वर स्वरूप में विराजित रहेंगे और हाथी पर श्री मन महेश, गरूड रथ पर श्री शिव तांडव प्रतिमा नंदी रथ पर, श्री उमा महेश जी के मुखारविंद विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे. इस दौरान घासी जनजातीय घसिया बाजा नृत्य भजन मंडलियों के साथ अपनी प्रस्तुति देते हुए चलेगें. भस्मारती के बाद बाबा का अलौकिक शृंगार गौरतलब है कि सावन माह में प्रत्येक सोमवार को बाबा के अल सुबह 2:30 बजे पट खोल दिए जाते हैं. इसके बाद पंचामृत और अनेक प्रकार के फलों के रस से बाबा का अभिषेक किया जाता है. अभिषेक के बाद बाबा का श्रृंगार कर भस्म आरती की जाती है. इसी प्रकार आज सावन के चौथे सोमवार को भी पंडे-पुजारियों द्वारा सुबह बाबा का पंचामृत अभिषेक कर भस्म आरती की गई.  भस्मारती के बाद बाबा का मनमोहक विशेष श्रृंगार किया गया. उज्जैन में श्रद्धालुओं का जमावड़ा उज्जैन के एकमात्र महाकाल मंदिर में होने वाली इस भस्म आरती का लाभ लेने देश विदेश से कई श्रद्धालु सावन माह में उज्जैन पहुंचते हैं और बाबा की भस्म आरती का दर्शन पाकर वे खुश दिखाई देते हैं. इसी कड़ी में आज भी दूर-दूर से कई श्रद्धालु महाकाल मंदिर भस्म आरती का लाभ लेने पहुंचे और बाबा के अलौकिक स्वरूप का दर्शन कर वे प्रसन्न दिखाई दिए. भस्म आरती के समय महाकाल मंदिर के गर्भ गृह का नजारा बहुत ही अनुपम दिखा, जिसके दर्शन करने पूरे विश्व से लोग उज्जैन पहुंचे.  मंत्री राम निवास रावत भस्म आरती में हुए शामिल मध्य प्रदेश शासन के वन एवं पर्यावरण मंत्री रामनिवास रावत सोमवार प्रात:काल भगवान महाकालेश्वर की भस्म आरती में शामिल हुए और पूजन-अर्चन किया. इसके पश्चात वह भगवान महाकाल की सवारी में शामिल होंगे. इस दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगी. recent visitors 57

कोटेश्वर तीर्थ पांचवीं बार जलमग्न हुआ, नर्मदा जल ने घाटों की सीमाओं को तोड़कर नौ मंदिरों में विराजित जगत के तारण हार का अभिषेक किया

धार  कोटेश्वर तीर्थ रविवार को पांचवीं बार जलमग्न हो गया। नर्मदा जल ने घाटों की सीमाओं को तोड़कर यहां के नौ मंदिरों में विराजित जगत के तारण हार का अभिषेक किया। दोपहर करीब 12 बजे तीर्थ पर नर्मदा का जलस्तर 134.50 मीटर पहुंच गया था। इसके साथ ही तीर्थ साल 2017 से सरदार सरोवर बांध के गेट लगने के बाद पांचवीं बार नर्मदा में जलमग्न हो गया। दूसरी ओर गुजरात में बने सरदार सरोवर बांध के रविवार सुबह इस सीजन में पहली बार नौ गेट खोलकर पानी निकासी की गई। आधे डूब गए मंदिर रविवार को कोटेश्वर तीर्थ के नर्मदा मंदिर, कोटेश्वर महादेव, श्रीराम मंदिर, श्री हनुमान, राधाकृष्ण, कोटनाथ महादेव आदि मंदिर नर्मदा के जल में आधे डूब चुके थे। साल 2017 में बांध के गेट लगने के बाद गत आठ साल में पांचवीं बार तीर्थ के मंदिर जलमग्न हुए हैं। हर साल की तरह इस साल भी तीर्थ के विस्थापन और संरक्षण को लेकर सिर्फ कागजी कवायद ही की गई। अब आगामी वर्षा के मौसम तक यह मामला ठंडा रहेगा। नौ गेट डेढ़ मीटर खोलकर की पानी निकासी     गुजरात में नर्मदा नदी पर बने अंतिम बांध सरदार सरोवर के नौ गेट सुबह डेढ़ मीटर खोलकर और नहर में पानी का संचालन कर चार हजार 634 क्यूमेक्स पानी प्रति सेकंड़ की जा रही थी।     सरदार सरोवर बांध में प्रति सेकंड सात हजार 325 क्यूमेक्स प्रति सेकंड पानी की आवक हो रही है।     बांध का जलस्तर रविवार दोपहर 12 बजे 134.93 मीटर पर पहुंच गया था, जो पूर्ण जलस्तर से 138.68 महज साढ़े तीन मीटर कम है।     साल 2017 में बांध के गेट लगने के बाद गत आठ साल में पहली बार अगस्त माह के पहले पखवाड़े में महज चार दिन में डूब क्षेत्र में बांध के बैक वाटर में नौ मीटर की वृद्धि हुई है।     सात अगस्त को डूब क्षेत्र में नर्मदा का जलस्तर 125.60 मीटर था, जो 11 अगस्त दोपहर 12 बजे 134.60 पर पहुंच गया था।     गौरतलब है कि जलस्तर में इस तरह की वृद्धि तब हो रही है, जब बांध के कैचमेंट क्षेत्र में न तेज वर्षा है और न ही यहां की नदियों में पानी भर रहा है।     रविवार सुबह सरदार सरोवर बांध प्रबंधन ने बांध के नौ गेट खोलकर पानी निकासी की है। प्रदेश के दोनों ऊपरी बांध से भी लगातार जल निकासी किए जाने से बैक वाटर बढ़ रहा है।- आरवी सिंह, एसडीओ, लोनिवि एनवीडीए कुक्षी ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर से लगातार पानी निकासी रविवार दोपहर में ओंकारेश्वर बांध के 15 गेट और आठ विद्युत टरबाइन चलाकर 8103 क्यूमेक्स प्रति सेकंड पानी निकासी की जा रही थी। यह पानी प्रदेश में सरदार सरोवर बांध के बैक वाटर प्रभावित चार जिलों से बहता हुआ सरदार सरोवर में जाकर मिलता है। वहीं गत साल डूब क्षेत्र में 134.50 मीटर जलस्तर 16 सितंबर को था, लेकिन इस साल 35 दिन पूर्व नर्मदा का यह जलस्तर 11 अगस्त को डूब क्षेत्र में पहुंच गया है। recent visitors 90

माँ स्वस्थ होगी तो बच्चा स्वस्थ होगा, बच्चा स्वस्थ होगा तो परिवार, समाज और देश भी स्वस्थ होगा- राज्यपाल मंगुभाई पटेल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि देश के स्वस्थ भविष्य का आधार स्वस्थ माँ होती है। माँ स्वस्थ होगी तो बच्चा स्वस्थ होगा। बच्चा स्वस्थ होगा तो परिवार, समाज और देश भी स्वस्थ होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि समाज के हित के रचनात्मक कार्य आत्मसंतुष्टि प्रदान करते है। उन्होंने बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे संस्था के प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल पटेल अल्टीमेट फूडीज द्वारा होटल सयाजी में आयोजित 'वूमन एंड चाइल्ड हेल्थ एम्पावरमेंट' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि बच्चे के जन्म के बाद के 1 हजार दिवस उसके स्वास्थ्य और भविष्य की नींव रखते है। बच्चे के जन्म के बाद का माँ का दूध अमृत के समान होता है। इसी प्रकार समय-समय पर लगाए जाने वाले टीके भी बहुत महत्वपूर्ण होते है। अभिभावकों को इस अवधि में बच्चे की परवरिश पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्था गर्भवती माताओं को बच्चे के स्वास्थ्य, स्तनपान और जरूरी जाँचों के प्रति जागरूक करने का काम करे। दूरस्थ अंचलों तक स्तनपान और पोषण आहार के संबंध में प्रचलित भ्रान्तियों को दूर करने में सहयोग करे। पौधा लगाएं और देखभाल भी सुनिश्चित करे राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि बदलते मौसम के कारण महिला एवं बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी अनेक चुनौतियाँ है। इसलिए सरकार के "एक पेड़- माँ के नाम" अभियान के तहत हर व्यक्ति अपने घर, अपने कार्यालय या जहाँ भी सम्भव हो एक पेड़ जरूर लगाएं। उन्होंने सभी से आव्हान किया कि पौधा रोपण के बाद उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उठाएं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विकसित देश और समाज के लिए मातृ और शिशु स्वास्थ्य महत्वपूर्ण होता है। बच्चों का जीवन और उनका समग्र विकास समृद्ध राष्ट्र के निर्माण का महत्वपूर्ण पहलू है। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। संस्था सरकार के प्रयासों को सिम्पैथी और एम्पैथी के साथ पात्र लाभार्थी और वंचित वर्गों तक पहुँचाने में विशेष सहयोग करे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल का कार्यक्रम में पुष्पगुच्छ से स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनन्दन किया गया। राज्यपाल पटेल ने कार्यकम में बच्चों और महिलाओं को पोषण किट का वितरण किया और प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अल्टीमेट फूडीज संस्था के फाउंडर आबिद फारूकी ने स्वागत उद्बोधन दिया और आभार व्यक्त किया। डॉ. रेणु यादव ने संस्था द्वारा संचालित महिला और बच्चों के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में संस्था से जुड़े अन्य क्लब के सदस्य उपस्थित रहे।      recent visitors 79

विश्व हाथी दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने हाथियों के संरक्षण की प्रतिबद्धता जताई

नईदिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को विश्व हाथी दिवस को इस वन्यजीव की रक्षा के सामुदायिक प्रयासों का अवसर करार देते हुए उन्हें संरक्षित करने के वास्ते एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई। हर साल 12 अगस्त को मनाया जाने वाला विश्व हाथी दिवस एक अंतरराष्ट्रीय वार्षिक कार्यक्रम है, जो दुनिया भर में हाथियों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए समर्पित है। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “विश्व हाथी दिवस हाथियों की रक्षा के लिए सामुदायिक प्रयासों की विस्तृत शृंखला की सराहना करने का एक अवसर है। साथ ही, हम हाथियों को एक अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं, जहां वे सुरक्षित रह सकें।”     मोदी ने कहा कि भारत में हाथी हमारी संस्कृति एवं इतिहास से भी जुड़े रहे हैं और यह खुशी की बात है कि पिछले कुछ वर्षों से उनकी संख्या बढ़ रही है। विश्व हाथी दिवस का लक्ष्य हाथियों के संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता पैदा करना और जंगली तथा पालतू हाथियों के बेहतर संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए जानकारी और सकारात्मक समाधानों को साझा करना है। recent visitors 99