टीचर ने बच्चे के मारा थप्पड़ आंख की रोशनी गई परिजनों ने की FIR

 मेरठ  मेरठ के एक स्कूल में सातवीं क्लास के बच्चे को टीचर ने ऐसा थप्पड़ मारा कि आंख की रोशनी ही चली गई। बच्चे के पैरंट्स ने स्कूल में शिकायत की और पुलिस के पास मामला दर्ज कराने के लिए गए। सहायता नहीं मिलने पर वे लोग कोर्ट गए, जहां से सख्त आदेश के बाद पुलिस ने अब स्कूल के प्रिंसिपल और योगा टीचर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला मेरठ कैंट के आर्मी पब्लिक स्कूल का है। बच्चे की मां इंदु देवी ने बताया कि उनके बेटे को पहले से ही आंख में लो विजन और रेटिना की समस्या थी। और स्कूल में योगा टीचर ने जब थप्पड़ मारा तो रेटिना का डैमेज और अधिक हो गया। उनका आरोप है कि प्रिंसिपल ने पिछले साल हुई इस घटना के बारे में जानकारी होने के बावजूद कोई ऐक्शन नहीं लिया। तबसे बच्चे के आंख की पांच सर्जरी हो चुकी है। सदर बाजार पुलिस स्टेशन के एसएचओ शशांक द्विवेदी ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बताया कि स्कूल के टीचर और प्रिंसिपल के खिलाफ आईपीसी की धारा 325, 351 और 201 के तहत केस दर्ज किया गया है। हालांकि अभी तक मामले में कोई भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और उसी के तहत ऐक्शन लिया जाएगा। वहीं स्कूल की प्रिंसिपल रीता गुप्ता ने कहा, 'पीड़ित बच्चा और उसका एक सहपाठी क्लास में झगड़ा कर रहे थे। योगा टीचर ने बीचबचाव किया। टीचर ने हमें बताया कि उन्होंने बच्चे को शरारत के लिए हल्की सी चपत लगाई ना कि थप्पड़ लगाया। लेकिन बच्चे के साथ ऐसा करना भी स्वीकार नहीं है और इस वजह से उनकी सेवा खत्म कर दी गई।' हालांकि मां का कहना है कि स्कूल ने कई महीने के बाद टीचर को हटाया। बच्चे के पिता आर्मी में रहे हैं और अभी दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं। मां इंदु ने कोर्ट को बताया कि सातवीं क्लास में पढ़ने वाले बच्चे को आंख में समस्या पहले से ही है। उसकी मेडिकल कंडीशन स्कूल को पहले से ही पता है। स्कूल में आरोपी टीचर ने इतनी जोर से थप्पड़ मारा कि उसकी रेटिना डैमेज हो गई। डॉक्टर्स कई सर्जरी कर चुके हैं लेकिन बच्चे की आंखों की रोशनी वापस नहीं आ सकी है। recent visitors 110

विधानसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र से हरियाणा तक मंथन, कार्यकर्ताओं से ही मांगे पसंद के 3 नाम

नई दिल्ली लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा को यूपी, राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में झटका लगने के पीछे एक वजह उम्मीदवारों का चयन भी मानी जा रही थी। पार्टी की आंतरिक रिपोर्ट में भी कहा गया था कि भाजपा ने कई ऐसे चेहरों को रिपीट किया था, जिनसे जनता नाराज थी। इसका खामियाजा तमाम सीटों पर हार के तौर पर दिखा। अब भाजपा उम्मीदवारों के चयन में नया प्रयोग कर रही है और सीधे स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। भाजपा ने रविवार को हरियाणा में जिला स्तर पर सर्वे कराए। जिला मुख्यालयों में मतदान कराया गया, जिनमें स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपनी पसंद के तीन नाम लिखकर देने को कहा गया। SC और ST सुरक्षित सीटों पर पहले तय होंगे कैंडिडेट इसके अलावा एससी और एसटी आरक्षित सीटों पर भी उम्मीदवारों का चयन थोड़ा पहले हो सकता है। इसकी वजह यह है कि लोकसभा चुनाव में अनुसूचित जाति वर्ग के वोट INDIA अलायंस की ओर शिफ्ट हो गए। ऐसे में भाजपा के लिए इस वर्ग को लुभाना एक चुनौती होगी। ऐसे में पार्टी चाहती है कि ऐसी सीटों पर पहले ही उम्मीदवारों का चयन कर लिया जाए।  इसके  लिए पार्टी ने राज्य इकाई, जिला, मंडल और तमाम मोर्चों के नेताओं को बुलाया था। इसके अलाव पूर्व विधायक, सांसद और स्थानीय निकायों में प्रतिनिधियों ने भी वोट डाले। इन नेताओं से पूछा गया था कि वे बताएं कि अपने विधानसभा क्षेत्र में आप किन तीन नेताओं को टिकट का दावेदार मानते हैं। इन लोगों को एक स्लिप दी गई थी, जिनमें तीन नाम भरने की जगह थी। इन स्लिपों में तीनों नाम भरने के बाद उसे बॉक्स में डाल दिया गया। भाजपा के एक नेता बताया कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि कार्यकर्ताओं को भरोसे में लिया जा सके। वे खुद को पार्टी की रणनीति में शामिल मान कर चलें और चुनाव में अच्छी मेहनत करें। यह प्रक्रिया सभी जिलों में अपनाई गई। पार्टी ने जिला मुख्यालयों पर मतदान कराया और इलाके की सभी सीटों को लेकर यह एक तरह का आंतरिक सर्वे भी था। इस दौरान चुनाव प्रभारियों की भी मौजूदगी रही। भाजपा नेताओं का कहना है कि हरियाणा की सभी 90 सीटों पर कार्यकर्ताओं की राय लगी गई है। भाजपा अकेले ही सभी सीटों पर उतरने जा रही है और उसका जजपा से गठबंधन टूट चुका है। पिछली बार भी यह गठबंधन चुनाव के बाद ही बना था क्योंकि पहले भाजपा अकेले ही चुनाव में उतरी थी, लेकिन पूर्ण बहुमत न मिलने पर गठबंधन सरकार बनाई थी। सर्वे के दौरान कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवार के लिए पसंद के तीन नाम तो गिनाए ही। इसके साथ ही इलाके की कुछ समस्याएं भी गिनाईं, जिनके समाधान की उम्मीद है। कहा जा रहा है कि इस सर्वे के आधार पर ही चुनावी रणनीति तय होगी। इस सर्वे की वजह यह भी है कि जाना जा सके कि लोगों को कौन से नेता पसंद हैं और किनसे वे नाराज हैं। दरअसल पार्टी में टिकट के दावेदारों की भी लंबी लिस्ट है। ऐसे में उनकी स्क्रीनिंग के लिए यह एक तरीका पार्टी ने निकाला है।   recent visitors 110

8वीं के छात्र ने फंदे पर झूला, सुसाइड नोट में लिखा- टीचर व सहपाठी से था तंग

कल्याण  महाराष्ट्र के कल्याण में एक 13 साल के आठवीं कक्षा के छात्र ने आत्महत्या कर ली। छात्र ने अपने घर पर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या की। रविवार शाम 7 बजे उसने ये खौफनाक कदम उठाया। आत्महत्या करने से पहले उसने एक सुसाइड नोट भी लिखा। सुसाइड नोट में उसने स्कूल के एक टीचर और कुछ छात्रों पर परेशान करने के आरोप लगाए है। कोलशेवाडी पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक छात्र के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने सुसाइट नोट के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया है कि बच्चे ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है। इस सुसाइड नोट में उसने एक शिक्षक और कुछ सहपाठियों पर उसे परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक, छात्र मुंबई के पास कल्याण पूर्व के एक नामी स्कूल में पढ़ता था। रविवार शाम को उसके घर पर उसका शव मिला, जब उसके परिवार के लोग घर पर नहीं थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। सुसाइड नोट में लिखी ये बात छात्र ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि वह स्कूल में आर्ट पढ़ाने वाली दीपिका नाम की टीचर और छात्रों की प्रताड़ना से वह बेहद परेशान है। दीपिका टीचर और एक साथी के मानसिक दबाव और उत्पीड़न को सहन नहीं कर पा रहा हूं। इसके कारण उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहा हूं। छात्र के इस कदम से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के परिजन न्याय की मांग कर रहे है। recent visitors 135

शेयर मार्केट में गिरावट, अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयर में गिरावट

मुंबई  हिंडनबर्ग 2.0 की रिपोर्ट का असर सोमवार को शेयर मार्केट में दिखाई दिया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ खुले। वहीं अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयर लाल रंग के निशान पर खुले। सबसे ज्यादा गिरावट अडानी टोटल गैस के शेयरों में देखी गई। इस गिरावट के बाद शुरुआती एक घंटे में ही अडानी ग्रुप के निवेशकों के 53 हजार करोड़ रुपये डूब गए। इस गिरावट से अडानी ग्रुप की 10 कंपनियों का मार्केट 16.7 लाख करोड़ रुपये तक गिर गया। शेयर मार्केट में गिरावट थमी, अडानी ग्रुप के शेयर संभले इस समय शेयर मार्केट में गिरावट थमती नजर आ रही है। वहीं अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट पर कुछ ब्रेक लगे हैं। सेंसेक्स करीब 189 अंकों की गिरावट के साथ 79,516.30 पर है। वहीं निफ्टी में भी सुधार आया है। अडानी टोटल गैस में गिरावट 4.70% रह गई है। अडानी एंटरप्राइजेस के शेयर भी संभल गए हैं। अब इनमें गिरावट करीब 2.60% रह गई है। अडानी के शेयर बुरी तरह टूटे हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपने आरोप में सेबी प्रमुख माधबी बुच का कनेक्शन कथित अडानी घोटाले के साथ जोड़ा था। फिर से इसका असर अडानी ग्रुप की कंपनियों पर दिखाई दे रहा है। मार्केट खुलने के शुरुआत एक घंटे में अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयरों की बुरी स्थिति है। अडानी टोटल गैस का शेयर सबसे ज्यादा गिरा है। इसमें 6 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। इसके अडानी पावर के शेयरों में 4.40%, अडानी एंटरप्राइजेस के शेयरों में 4.25%, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयरों में करीब 4% और अडानी विल्मार के शेयरों में 4.10% की गिरावट दर्ज की गई।  सेंसेक्स 450 अंक से ज्यादा गिरा शेयर मार्केट में जबरदस्त गिरावट आई। मार्केट खुलने के करीब एक घंटे में ही सेंसेक्स 475 अंक गिर गया। इस गिरावट के साथ यह 79,230.80 पर आ गया है। वहीं निफ्टी में भी काफी गिरावट आई। यह करीब 153 अंकों की गिरावट के साथ 24,213.75 अंकों पर है। recent visitors 109

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 7.53 अरब डॉलर बढ़कर 675 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

मुंबई विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, स्वर्ण भंडार और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में पास आरक्षित निधि में ज़बरदस्त बढ़ोतरी होने से 02 अगस्त को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 7.53 अरब डॉलर बढ़कर 674.93 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं, इसके पिछले सप्ताह देश का विदेशी मुद्रा भंडार 3.5 अरब डॉलर घटकर 667.4 अरब डॉलर पर रहा था। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 7.533 अरब डॉलर बढ़कर 674.919 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से पता चला कि 26 जुलाई को समाप्त पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह में कुल भंडार 3.471 अरब डॉलर घटकर 667.386 अरब डॉलर रह गया था। पिछला रिकॉर्ड स्तर 18 जुलाई को 670.857 अरब डॉलर था। विदेशी मुद्रा भंडार में पिछले काफी समय से लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अब तक, 2024 में, संचयी आधार पर इसमें लगभग 45-50 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। विदेशी मुद्रा भंडार का बफर घरेलू आर्थिक गतिविधियों को वैश्विक स्पिलओवर से बचाता है। रिजर्व बैंक की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, 02 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 5.2 अरब डॉलर की बढ़ोतरी लेकर 592.04 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसी तरह इस अवधि में स्वर्ण भंडार 2.4 अरब डॉलर के इजाफे के साथ 60.1 अरब डॉलर हो गया। वहीं, आलोच्य सप्ताह विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) में 4.1 करोड़ डॉलर की कमी हुई और यह घटकर 18.16 अरब डॉलर पर आ गया। इस अवधि में आईएमएफ के पास आरक्षित निधि 80 लाख डॉलर की बढ़त के साथ 4.62 अरब डॉलर पर पहुंच गया। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार: प्रमुख रुझान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11 महीने से ज़्यादा के अनुमानित आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त है। 2023 में, RBI ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 58 बिलियन डॉलर जोड़े। 2022 में, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में कुल मिलाकर 71 बिलियन डॉलर की गिरावट आई। विदेशी मुद्रा भंडार, या विदेशी मुद्रा भंडार (FX रिजर्व), किसी देश के केंद्रीय बैंक या मौद्रिक प्राधिकरण द्वारा रखी गई संपत्तियाँ हैं। इसे आम तौर पर आरक्षित मुद्राओं में रखा जाता है, आमतौर पर अमेरिकी डॉलर और कुछ हद तक यूरो, जापानी येन और पाउंड स्टर्लिंग। पिछले साल विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आई थी और उसके बाद की गिरावट का एक बड़ा कारण 2022 में आयातित वस्तुओं की लागत में वृद्धि माना जा सकता है। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा भंडार में सापेक्ष गिरावट को बढ़ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के असमान अवमूल्यन को बचाने के लिए बाजार में आरबीआई के कभी-कभार हस्तक्षेप से जोड़ा जा सकता है। रुपये के अवमूल्यन को रोकने के लिए आरबीआई कभी-कभार तरलता प्रबंधन के माध्यम से बाजार में हस्तक्षेप करता है, जिसमें डॉलर बेचना भी शामिल है। आरबीआई विदेशी मुद्रा बाजारों पर बारीकी से नजर रखता है और किसी पूर्व निर्धारित लक्ष्य स्तर या बैंड के संदर्भ के बिना विनिमय दर में अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करके केवल व्यवस्थित बाजार स्थितियों को बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करता है।     recent visitors 92

इजरायल के लिए एक अच्छी खबर पड़ोसी देश जॉर्डन ईरान पर पलटवार करने के लिए अपना एयरस्पेस देगा

तेल अवीव तेहरान में हमास चीफ इस्माइल हानिया की मौत के बाद इजरायल पर ईरान के हमले का डर बना हुआ है। ईरान चेतावनी दे चुका है कि वह हमला करेगा। वहीं इजरायल ने कहा है कि वह भी जवाबी कार्रवाई करेगा। इस बीच इजरायल के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। उसका एक पड़ोसी मुस्लिम देश ईरान पर पलटवार करने के लिए अपना एयरस्पेस देगा। यह देश जॉर्डन है। जॉर्डन सरकार के आधिकारी रुख के बावजूद यह इजाजत दी जा सकती है। इजरायली चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक एक हाई रैंकिंग स्रोत ने इससे जुड़ी जानकारी दी है। यह फैसला जॉर्डन के व्यापक सुरक्षा हितों और इजरायल के साथ सहयोग की नीति के अनुरूप है। जॉर्डन ने अप्रैल में ईरान की तरफ से इजरायल पर हुए हमलों को विफल करने में मदद की थी। सूत्र ने इस बात पर जोर दिया कि जॉर्डन का कदम यूएस के साथ उसके रणनीतिक गठबंधन के अनुरूप हैं। लेकिन सार्वजनिक तौर पर उसने इसे नहीं माना है। ईरान में हमास नेता इस्माइल हानिया की मौत के बाद बढ़े तनाव के बीच यह खुलासा हुआ है। इजरायल ने आधिकारिक तौर पर हानिया की हत्या में हाथ को नहीं माना है। पहले भी जॉर्डन ने की थी मदद रिपोर्ट्स के मुताबिक जॉर्डन ने पहले अप्रैल में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले के दौरान इजरायल को इसी तरह की इजाजत दी थी। तब ईरान ने 300 मिसाइल और ड्रोन के जरिए इजरायल पर हमला बोला था। इनमें से कुछ इजरायल तक पहुंचे थे, जिन्हें इजरायल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया। एक बार फिर इसी तरह के हमले की आशंका जताई जा रही है। लेकिन हानिया की मौत के 10 दिन होने के बाद भी ईरान ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है। गाजा के हमले में 100 की मौत गाजा सिटी में एक स्कूल पर शनिवार तड़के हुए इजराइल के हवाई हमले में लगभग 100 लोगों की मौत हो गई। फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इजराइली सरकार ने तबीन स्कूल पर हमले की बात स्वीकार करते हुए दावा किया है कि स्कूल के अंदर हमास के कमान सेंटर को निशाना बनाया गया था। हालांकि, हमास ने कहा कि उसका कोई कमान सेंटर अंदर नहीं था। स्कूल का इस्तेमाल युद्ध के चलते अपने घरों को छोड़कर भागने को मजबूर हुए लोगों को शरण देने के लिए किया जा रहा था। recent visitors 97