हिंडनबर्ग ने दी चेतावनी, भारत को लेकर बड़ा ऐलान, वह जल्द ही कुछ बड़ा करने वाला है

नई दिल्ली अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने भारत को लेकर फिर एक बड़ा ऐलान करते हुए चेतावनी दी है कि वह जल्द ही कुछ बड़ा करने वाला है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या एक बार फिर हिंडनबर्ग किसी भारतीय कंपनी को अपना निशाना बनाने वाला है। हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से शनिवार को पोस्ट करते हुए लिखा, 'जल्द ही कुछ बड़ा भारत में'। इस गुप्त संदेश को किसी भारतीय कंपनी पर निशाना बनाने की चेतावनी माना जा रहा है। गौरतलब है कि फर्म ने एक साल पहले अडानी समूह की कंपनियों पर भी कई आरोप लगाए थे, जिसमें उसने कहा था कि समूह शेयर बाजार में अंदरूनी व्यापार और अन्य उल्लंघनों में शामिल रहा है। अनियमितताओं का लगाया था आरोप जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें उसने अदानी समूह पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया था। इसके बाद कंपनी के शेयर मूल्य में भारी गिरावट आई थी। हालांकि समूह ने हिंडनबर्ग के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया था। कोर्ट और सेबी ने दी थी क्लीन चिट भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने भी आरोपों पर सेबी की रिपोर्ट के बाद अडानी समूह को क्लीन चिट दे दी थी। हाल ही में शीर्ष अदालत ने अडानी-हिंडनबर्ग मामले की अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) जांच के गठन की समीक्षा याचिका भी खारिज कर दी थी। इससे पहले इस साल जुलाई में वरिष्ठ वकील और भाजपा नेता महेश जेठमलानी ने आरोप लगाया था कि चीनी लिंक वाले एक अमेरिकी-आधारित व्यवसायी ने हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट बनाई थी, जिसके कारण जनवरी-फरवरी 2023 में अदानी समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई थी। चीनी साजिश का लगा था आरोप महेश जेठमलानी ने अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के पीछे चीनी हाथ होने का आरोप लगाया, जिसमें भारतीय समूह को निशाना बनाया गया था। उन्होंने कहा कि अडानी समूह पर हिट का काम हाइफा पोर्ट जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को खोने का चीनी प्रतिशोध था। recent visitors 97

जयशंकर से मिलने के बाद बदले मुइज्जू के सुर, हमेशा मालदीव का समर्थन करने पर पीएम मोदी और भारत को धन्यवाद कहा

नई दिल्ली भारत के साथ रिश्तों में तनाव के बीच मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने शनिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। मुइज्जू ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इस मुलाकात पर अपनी खुशी भी व्यक्त की। मुइज्जू ने ट्वीट किया कि आज डॉ. एस जयशंकर से मिलकर और मालदीव के 28 द्वीपों में जल एवं सीवरेज परियोजनाओं के आधिकारिक हस्तांतरण में उनके साथ शामिल होकर खुशी हुई। मुइज्जू ने हमेशा मालदीव का समर्थन करने पर पीएम मोदी और भारत को धन्यवाद कहा। पीएम मोदी को धन्यवाद मोहम्मद मुइज्जू ने कहा कि आज डॉ. जयशंकर से मिलकर और मालदीव के 28 द्वीपों में जल और सीवरेज परियोजनाओं के आधिकारिक हस्तांतरण में उनके साथ शामिल होकर मुझे बहुत खुशी हुई। मैं भारत सरकार खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मालदीव का हमेशा समर्थन करने के लिए धन्यवाद देता हूं। मजबूत हो रही साझेदारी मुइज्जू ने आगे कहा कि हमारी स्थायी साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है, जो सुरक्षा, विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सहयोग के माध्यम से हमारे देशों को करीब ला रही है। हम मिलकर इस क्षेत्र के लिए एक उज्जवल, अधिक समृद्ध भविष्य का निर्माण करते हैं। recent visitors 74

हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं तोड़ा गया अवैध निर्माण, कोलकाता नगर निगम की इस भूमिका से जज क्षुब्ध हैं

कोलकाता कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद महानगर के इकबालपुर में अवैध निर्माण नहीं तोड़ा गया। कोलकाता नगर निगम की इस भूमिका से जज क्षुब्ध हैं। हाई कोर्ट की जस्टिस अमृता सिन्हा ने इसे लेकर टिप्पणी की कि बार-बार निर्देश के बावजूद नगर निगम अवैध निर्माण को गिराने में विफल रहा है। जहां रातों-रात घर बन जाते हैं और उसे तोड़ने में सालों लग जाता है। जस्टिस सिन्हा ने कुछ महीने पहले इकबालपुर के डेंट मिशन रोड पर छह मंजिला अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश दिया था, लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद उस पर अमल नहीं हुआ। यही नहीं शकील अहमद सागर नाम के एक व्यक्ति अवैध निर्माण को गिराने के लिए और समय की मांग करते हुए हाई कोर्ट पहुंच गया, जिसे देखकर जज ने अपना गुस्सा जाहिर किया। कोर्ट ने पांच दिसंबर तक का दिया समय कोर्ट ने सवाल किया कि एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नगर निगम ने अभी तक कोर्ट के किसी भी आदेश का पालन नहीं किया है। नगर निगम के वकील ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश पर तोड़फोड़ की जा रही है, लेकिन इस काम को पूरा करने के लिए समय देना होगा। वकील ने कहा कि छह मंजिला बहुमंजिला मकान को गैस कटर और हथौड़े से गिराना है, इसलिए काम बहुत धीमा है। उन्होंने कहा कि इस मकान को गिराने का काम अगले तीन महीने में पूरा किया जा सकता है। इस पर जज ने कोलकाता नगर निगम को उक्त मकान के गिराने के लिए पांच दिसंबर तक का वक्त दिया है। recent visitors 75

यूसीसी लागू करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है, उत्तराखंड में अक्टूबर में लागू होगी UCC !

देहरादून उत्तराखंड में इस साल अक्टूबर में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि यूसीसी लागू करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। बीते दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी संकेत दिए थे कि प्रदेश में जल्द ही यूसीसी लागू किया जा सकता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राज्य सरकार द्वारा पारित विधेयक को इस साल मार्च में ही मंजूरी दे चुकी हैं। यूसीसी के तहत अब राज्य में विवाह, तलाक, उत्तराधिकारी और लिव इन रिलेशनशिप को नियंत्रित किया जाएगा। यूसीसी के लागू होने के बाद प्रदेश के सभी निजी कानूनों को समाप्त कर दिया जाएगा। इस संबंध में पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में कहा था, "यह कानून समानता, एकरूपता और समान अधिकार का है। इसे लेकर कई तरह की शंकाएं थीं, लेकिन विधानसभा में दो दिन की चर्चा से सब कुछ स्पष्ट हो गया। यह कानून किसी के खिलाफ नहीं है। यह उन महिलाओं के लिए है, जिन्हें सामाजिक कारणों से परेशानी का सामना करना पड़ता है।" उन्होंने आगे कहा था, “इससे उनका (महिलाओं का) आत्मविश्वास मजबूत होगा। यह कानून महिलाओं के समग्र विकास के लिए है।" recent visitors 68

देवेंद्र फडणवीस ने लगाए गंभीर आरोप- ‘मुझे जेल में डालने के लिए अधिकारियों को दिया गया कॉन्ट्रैक्ट’

महाराष्ट्र महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की पिछली महाविकास अघाड़ी गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने शनिवार को दावा किया कि एमवीए की सत्ता के दौरान उन्हें और भाजपा के दूसरे नेताओं को फंसाने व जेल में डालने के लिए अधिकारियों को सुपारी दी गई थी। उन्होंने कहा, 'महाविकास अघाड़ी सरकार के दौरान झूठे मामले बनाकर मुझे गिरफ्तार करने की साजिश रची गई। मगर, यह गनीमत रही कि हम उस समय इनका पर्दाफाश करने में सफल रहे। इसे लेकर हमने वीडियो सबूत भी सीबीआई को सौंपे। आज तक हमारे पास इसके कई वीडियो सबूत हैं।' देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'एमवीए शासन के दौरान कुछ अधिकारियों को मेरे, गिरीश महाजन और प्रवीण दरेकर जैसे नेताओं को जेल में डालने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। कुछ अधिकारियों ने इसे ले भी लिया, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके। ऐसा इसलिए क्योंकि उस समय कई अधिकारियों ने यह करने से इनकार कर दिया था।' डिप्टी सीएम ने मुंबई के पूर्व टॉप पुलिस ऑफिसर परमबीर सिंह के आरोप को लेकर सवाल का जवाब देते हुए यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया था कि राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने उन पर भाजपा नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने के लिए दबाव डाला। 'झूठे मामलों में गिरफ्तार करने की साजिश' उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, 'उन्होंने (परमबीर सिंह) मुझे और दूसरे भाजपा नेताओं को गिरफ्तार करने की कोशिशों पर जो कहा, वह पूरी तरह सच है। उन्होंने तो केवल एक ही घटना के बारे में बात की है। मगर, ऐसी 4 घटनाएं हैं जिनमें मुझे झूठे मामलों में गिरफ्तार करने की साजिश रची गई।' महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बीते दिनों दावा किया कि फडणवीस ने परमबीर सिंह को गिरफ्तारी से बचाने की कोशिश की थी। साथ ही, एमवीए सरकार को गिराने के लिए सिंह से उनके खिलाफ आरोप लगाने को कहा था। 'फडणवीस को बदनाम करने की रणनीति' भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह फडणवीस को बदनाम करने की रणनीति थी। बीजेपी ने यह सवाल भी उठाया कि एक नेता जो उस समय विपक्ष में था, वह पुलिस अधिकारी से ऐसा कैसे कह सकता है? फडणवीस और सिंह दोनों ने वरिष्ठ राकांपा नेता (शरदचंद्र पवार) की ओर से उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को अलग-अलग खारिज कर दिया। देशमुख के दावों के बारे में पूछे जाने पर उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने विस्तार से बताए बिना कहा, 'झूठ बोले कौवा कटे… काले कौवे से डरियो।' सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख ने गृह मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान पुलिस अधिकारियों से बार और रेस्तराओं से हर माह 100 करोड़ रुपये वसूलने को कहा था। इस आरोप के मद्देनजर देशमुख ने 2021 में गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।   recent visitors 76

बांग्लादेश के पड़ोस में रोहिंग्यों का फिर कत्लेआम, पहले ड्रोन से पीछा किया, फिर बरसाईं गोलियां

ढाका बांग्लादेश में मची मारकाट के बीच उसके पड़ोस में कई दर्जन रोहिंग्यों का फिर से कत्लेआम कर दिया गया। म्यांमार से भाग रहे रोहिंग्याओं पर ड्रोन हमले में कई दर्जन लोग मारे गए, जिनमें ऐसे परिवार भी शामिल थे जो अपने मासूम बच्चों के साथ भाग रहे थे। कई लोगों ने बताया कि शवों के ढेर लग गए। जीवित बचे लोग अपने रिश्तेदारों की पहचान करने के लिए शवों के ढेर के बीच भटक रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, गवाहों, कार्यकर्ताओं और एक राजनयिक ने बताया कि ये हमला सोमवार को हुआ था। पहले ड्रोन ने उनका पीछा किया और फिर उन पर बम गिरा दिए। ये लोग पड़ोसी बांग्लादेश में सीमा पार करने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान उन पर ड्रोन से हमला किया गया। अराकान आर्मी इसके लिए जिम्मेदार गर्भवती महिला और उसकी 2 साल की बेटी भी पीड़ितों में शामिल थी। यह हाल के हफ्तों में सैनिक और विद्रोहियों के बीच लड़ाई के दौरान राखीन राज्य में नागरिकों पर सबसे घातक हमला था। तीन गवाहों ने शुक्रवार को रॉयटर्स को बताया कि अराकान आर्मी इसके लिए जिम्मेदार है, लेकिन समूह ने आरोपों से इनकार किया। मिलिशिया और म्यांमार की सेना ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। हमले में मारे गए लोगों की सटीक संख्या के बारे में पता नहीं चल पाया है। लेकिन ऐसी आशंका है कि कई दर्जन लोग मारे गए हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में कीचड़ भरे मैदान में शवों के ढेर दिखाई दे रहे थे, उनके सूटकेस और बैग उनके इर्द-गिर्द बिखरे पड़े थे। तीन जीवित बचे लोगों ने बताया कि 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि घटना के बाद के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने कम से कम 70 शव देखे हैं। जो वीडियो सामने आया है उसके हिसाब से घटना म्यांमार के तटीय शहर मौंगडॉ के ठीक बाहर हुई थी। गर्भवती महिलाएं, बच्चों की भी मौत एक गवाह, 35 वर्षीय मोहम्मद इलियास ने कहा कि हमले में उनकी गर्भवती पत्नी और 2 वर्षीय बेटी घायल हो गईं और बाद में उनकी मौत हो गई। बांग्लादेश में एक शरणार्थी शिविर से इलियास ने बताया कि जब ड्रोन ने भीड़ पर हमला करना शुरू किया, तो वह उनके साथ तटरेखा पर खड़ा था। उन्होंने कहा, "मैंने कई बार गोलाबारी की गगनभेदी आवाज सुनी।" इलियास ने कहा कि वह खुद को बचाने के लिए जमीन पर लेट गया और जब वह उठा, तो उसने देखा कि उसकी पत्नी और बेटी गंभीर रूप से घायल हैं और उसके कई अन्य रिश्तेदार मर चुके हैं। एक दूसरे गवाह, 28 वर्षीय शमसुद्दीन ने कहा कि वह अपनी पत्नी और नवजात बेटे के साथ बच गया। बांग्लादेश में एक शरणार्थी शिविर से बोलते हुए, उन्होंने कहा कि हमले के बाद कई लोग मृत पड़े थे और "कुछ लोग अपनी चोटों के दर्द से चिल्ला रहे थे"। नावें पलटने से भी कई लोग मरे दो प्रत्यक्षदर्शियों और बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, म्यांमार में अत्यधिक उत्पीड़न का सामना कर रहे मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य रोहिंग्याओं को लेकर जा रही नावें भी सोमवार को दोनों देशों को अलग करने वाली नाफ नदी में डूब गईं, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए। मेडिसिन्स सैन्स फ्रंटियर्स ने एक बयान में कहा कि सहायता संगठन ने शनिवार से म्यांमार से बांग्लादेश में प्रवेश करने वाले 39 लोगों का इलाज किया है, जो हिंसा से संबंधित चोटों से घायल थे। उनको मोर्टार शेल की चोटें और बंदूक की गोली लगी थी। बयान में कहा गया है कि मरीजों ने बताया कि नदी पार करने के लिए नाव खोजने की कोशिश करते समय लोगों पर बमबारी की गई। शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायोग के प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी को "बंगाल की खाड़ी में दो नावों के पलटने से शरणार्थियों की मौत की जानकारी है" और उसने मौंगडॉ में नागरिकों की मौत की खबरें सुनी हैं, लेकिन वह संख्या या परिस्थितियों की पुष्टि नहीं कर सकता। 2017 से बढ़ी मारकाट बौद्ध बहुल म्यांमार में रोहिंग्या को लंबे समय से सताया जा रहा है। 2017 में सैन्य नेतृत्व वाली कार्रवाई के बाद उनमें से 730,000 से अधिक लोग देश छोड़कर भाग गए थे। इसके बारे में संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि यह नरसंहार के इरादे से किया गया था। 2021 में सेना द्वारा लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार से सत्ता हथियाने के बाद से म्यांमार में उथल-पुथल मची हुई है और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन व्यापक सशस्त्र संघर्ष में बदल गए हैं। रोहिंग्या कई हफ्तों से राखीन छोड़ रहे हैं क्योंकि अराकान आर्मी, जो कई सशस्त्र समूहों में से एक है, उसने उत्तर में बड़े पैमाने पर जीत हासिल की है। उस इलाके में मुसलमानों की एक बड़ी आबादी रहती है। recent visitors 74

संसद का मानसून सत्र समाप्त होते ही सपा मुख्यालय पर आज चुनावी हलचल तेज, अखिलेश ने बिछाई उपचुनाव की बिसात

लखनऊ संसद का मानसून सत्र समाप्त होते ही समाजवादी पार्टी मुख्यालय पर शनिवार को चुनावी हलचल तेज हो गई। प्रदेश में 10 सीटों पर हाेने वाले विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रदेश मुख्यालय पहुंचे तो उनसे मिलकर टिकट पाने के लिए कई दावेदारों का तांता लग गया। इस बीच फैजाबाद लोकसभा की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनावी रणभेरी फूंकने पहुंचे तो ठीक उसी समय अखिलेश यादव ने फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद को बुलाकर अपनी बिसात भी बिछा दी। करीब 25 मिनट तक अखिलेश यादव से मंथन के बाद अवधेश प्रसाद सभागार से बाहर निकले तो उनके चेहरे पर प्रसन्नता साफ दिखी। समर्थकों से बोले क्षेत्र में जाओ और तैयारी शुरू कर दो। माना जा रहा है कि उनके बेटे को उपचुनाव लड़ने का ग्रीन सिग्नल मिल गया है। तैयारियों ने दिया संकेत शनिवार की तैयारियों ने संकेत दे दिया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए भी मिल्कीपुर उपचुनाव का केंद्र होगा। प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर करहल, मिल्कीपुर, कटेहरी, फूलपुर, गाजियाबाद, खैर, मीरापुर, कुंदरकी,मझवां और सीसामऊ पर उपचुनाव होना है, उसमें पांच सीटें करहल, मिल्कीपुर, कुंदरकी, कटेहरी, सीसामऊ पर सपा ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। मिल्कीपुर से विधायक रहे अवधेश प्रसाद , कटेहरी से विधायक लालजी वर्मा, कुंदरकी से जियाउर्रहमान बर्क और करहल से अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बन गए हैं। उनके चुनाव जीतने से यह सीटें खाली हुई हैं। इसके अलावा कानपुर की सीसामऊ सीट से विधायक रहे इरफान सोलंकी को सजा सुनाए जाने के बाद रिक्त घोषित हुई इस सीट पर उपचुनाव होना है। यह विडियो भी देखें सपा किसे दे सकती है टिकट? सपा फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को मिल्कीपुर, अंबेडकरनगर के सांसद लालजी वर्मा की बेटी छाया वर्मा को कटहरी, करहल से तेज प्रताप यादव, सीसामऊ से इरफान सोलंकी की पत्नी या उनकी मां और कुंदरकी से पूर्व विधायक हाजी रिजवान को अपना उम्मीदवार बना सकती है। हाजी रिजवान सपा से विधायक रह चुके हैं। मीरापुर विधानसभा सीट पर पिछला चुनाव सपा ने राष्ट्रीय लोकदल के साथ मिलकर लड़ा था। उस चुनाव में विजयी हुए चंदन चौहान अब सांसद बन गए हैं। मुस्लिम और जाट बहुल इस सीट पर सपा पूर्व सांसद कादिर राणा को मौका दे सकती है। सपा की नजर फूलपुर विधानसभा सीट पर भी है। इस सीट पर सपा वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में केवल 2792 वोटों से हारी थी। इस बार पार्टी किसी कुर्मी को प्रत्याशी बना सकती है। मीरजापुर की मझवां सीट पर सपा बिंद प्रत्याशी को टिकट दे सकती है। खैर और गाजियाबाद विधानसभा सीटों को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच मंथन चल रहा है। recent visitors 100