ऊर्जा मंत्री श्री तोमर कल ग्वालियर में करेंगे जन-सुनवाई

भोपाल   ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर शनिवार 10 अगस्त को आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु की जाने वाली जन-सुनवाई ग्वालियर नगर निगम के बिस्मिल भवन कांच मील स्थित जोन 5 के क्षेत्रीय कार्यालय पर करेंगे। मंत्री श्री तोमर शनिवार को प्रात: 8.30 बजे से 12 बजे तक नगर निगम के क्षेत्रीय कार्यालय में जन-सुनवाई करेंगे। जिला प्रशासन द्वारा नगर निगम व विद्युत वितरण कंपनी सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को इस जन-सुनवाई में उपस्थित रहकर जन-समस्याओं का निराकरण करने एवं आवश्यक व्यवस्थायें करने के निर्देश दिए गए हैं।   recent visitors 109

उत्तर-पूर्व सीरिया के अल-होल शरणार्थी शिविर में खोजबीन के दौरान हथियारों और सामान की खेप बरामद की, झंडे व सिक्के शामिल

सीरिया उत्तर-पूर्व सीरिया के अल-होल शरणार्थी शिविर में सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) ने हाल ही में खोजबीन के दौरान आईएस (इस्लामिक स्टेट) से जुड़े हथियारों और सामान की खेप बरामद की। इस खोज में AK47, हैंड ग्रेनेड, और रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड जैसे हथियार और आईएस के झंडे व सिक्के शामिल हैं। इस बीच उनको आईएस के झंडे और उनके द्वारा उपयोग किए गए सिक्के भी मिले हैं। सैनिकों ने तंबू के अंदर और बाहर छानबीन की, जिससे शिविर में रहने वाले लोग चौंक गए और कुछ बच्चे रोने लगे। महिलाओं से अपने घूंघट उठाने के लिए कहा आईएस के सक्रिय सेल के संभावित सदस्य, जिसमें यजीदी महिलाएं और बच्चे शामिल हो सकते हैं, को खोजने के लिए यह कार्रवाई की गई थी। सैनिक महिलाओं से अपने घूंघट उठाने के लिए कहा गया, क्योंकि कई यजीदी आईएस के प्रतिशोध से डरते हैं। बच्चों के रूप में उठाए गए अन्य लोगों ने चरमपंथियों के साथ इतने साल बिताए हैं कि उन्हें अब अपनी पुरानी ज़िंदगी याद नहीं है। बच्चों के रूप में उठाए गए अन्य लोगों ने चरमपंथियों के साथ इतने साल बिताए हैं कि उन्हें अब अपनी पुरानी ज़िंदगी याद नहीं है। इसके बाद समूह को एक सैन्य वाहन में भरकर शिविर की बैरिकेडिंग परिधि से बाहर ले जाया जाता है। यह पता लगाने के लिए कि वे वास्तव में कौन हैं, उन सभी की जांच की जाएगी। 24 वर्षीय यजीदी महिला, कोवन ने बताई अपनी कहानी इस दौरान एक 24 वर्षीय यजीदी महिला, कोवन, ने अपनी कहानी साझा की। उसने बताया कि उसे और उसके परिवार को आईएस ने बंदी बना लिया था, और उसने कई बार दुर्व्यवहार का सामना किया। उसकी बहनों और बड़े भाई को पहले ही रिहा किया जा चुका है, लेकिन उसके माता-पिता और सबसे छोटी बहन अभी भी लापता हैं। आईएस ने 2014 में इराक और सीरिया में हिंसा और कब्जे की शुरुआत की थी। उन्होंने उत्तरी इराक में सिंजर पर हमला किया, जो दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े यजीदी समुदाय का ऐतिहासिक घर है। यजीदी एक प्राचीन कुर्द-भाषी जातीय और धार्मिक समूह है, जो यहूदी धर्म, ईसाई धर्म और इस्लाम के तत्वों को एकीकृत करता है। 6,000 से अधिक महिलाओं और बच्चों को बनाया गुलाम यजीदी समुदाय को 'ईश्वरविहीन' मानते हुए आईएस ने उन पर अत्याचार किया। हजारों यजीदी मारे गए और 6,000 से अधिक महिलाओं और बच्चों को गुलाम बना लिया गया। इस दौरान कई अन्य महिलाओं ने अपने साथ हुए दुर्व्यवहार की कहानियाँ सुनाईं, जिनमें बलात्कार और शोषण शामिल थे। कोवन ने आगे यह भी कहा कि चरमपंथियों ने हज़ारों पुरुषों और वृद्ध महिलाओं की हत्या कर दी, उनके शवों को सामूहिक कब्रों में दफना दिया। उन्होंने 6,000 से ज़्यादा महिलाओं और बच्चों को गुलाम बनाकर बेचा। कई महिलाओं के बलात्कार से बच्चे पैदा हुए थे जिन्हें उनके समुदायों ने "आईएस के बच्चे" के रूप में अस्वीकार कर दिया था। कुछ ने मुझे बताया कि आतंकी समूह ने उनके छोटे बच्चों का यौन शोषण किया था, जबकि अन्य को गर्भनिरोध दिया गया था ताकि वे गर्भवती न हों। गुप्त यज़ीदी गुलाम मार्च 2019 में अमेरिका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना द्वारा पूर्वी सीरिया में बागौज पर फिर से कब्ज़ा करना सीरिया में IS की क्षेत्रीय हार का प्रतीक था। हज़ारों पुरुष चरमपंथियों को SDF द्वारा संचालित हिरासत केंद्रों में ले जाया गया, जहाँ वे अभी भी मुकदमे का इंतज़ार कर रहे हैं। हालांकि मार्च 2019 में बागौज पर गठबंधन सेनाओं की विजय के बाद आईएस की क्षेत्रीय हार का प्रतीक बना, लेकिन आईएस परिवार और उनके यजीदी गुलाम अब भी दो विशाल शिविरों में रखे गए हैं। IS परिवार – और उनके गुप्त यज़ीदी गुलाम – अभी भी उत्तर-पूर्वी सीरिया में दो विशाल शिविरों में रखे गए हैं, जिन्हें अधिकारी "टिक-टिक करते टाइम बम" के रूप में वर्णित करते हैं। इस बीच, लगभग 3,000 यज़ीदी महिलाओं के अभी भी लापता होने का अनुमान है, माना जाता है कि उन्हें बंदी बनाकर रखा गया है। IS लड़ाकों के सामने किया पेश 24 वर्षीय कोवन ने अपने बचावकर्ताओं को बताया कि जब उन्होंने सिंजर पर हमला किया तो IS ने उसे उसके परिवार के साथ बंदी बना लिया। वह सिर्फ़ 14 साल की थी, चार बहनों में सबसे बड़ी और उसका एक बड़ा भाई था। चरमपंथी समूह के ढहने के बाद उसे अल होल कैंप में ले जाया गया, जहाँ, उसका कहना है, IS परिवारों ने उसे यज़ीदी होने के कारण प्रताड़ित किया। पकड़े जाने के कुछ दिनों के भीतर, कोवन को IS लड़ाकों के सामने पेश किया गया, जिन्होंने उसे खरीदा और फिर उसे बलात्कार और मारपीट के लिए घर ले गए। कई बार बेचे जाने के बाद, उसे मोसुल से लेकर रक्का और फिर बागौज तक आईएस के इलाके में ले जाया गया। उसे खरीदने वाला पहला आदमी उसकी उम्र से दोगुना था। उसे मासिक धर्म भी शुरू नहीं हुआ था। जब वह अपने साथ हुए भयानक दुर्व्यवहार को याद करती है, तो उसकी आवाज़ में गुस्सा और दुख का मिश्रण होता है। जब उसने भागने की कोशिश की, तो वे उसे बालों से पकड़कर मार डाले गा । उसने कहा आगे कहा कि अगर मैंने उसकी मर्जी के मुताबिक काम नहीं किया तो वह मुझे मार देता और अपने घर के पिछवाड़े में दफना देता। कोवन की आज़ादी कड़वी-मीठी है, और उसके आघात से उबरने में वर्षों लग सकते हैं।  recent visitors 98

अब जिला प्रशासन के साथ-साथ सांसद व विधायकों की राय भी ली जाएगी, तय होंगे मप्र बोर्ड परीक्षा केंद्र

भोपाल मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा 25 फरवरी से शुरू होगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) ने समय-सारिणी और केंद्र निर्धारण को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। इसमें निर्देशित किया गया है कि इस बार परीक्षा केंद्र के निर्धारण से पहले जिला प्रशासन के साथ-साथ सांसद व विधायकों की राय भी ली जाएगी। साथ ही 250 कम क्षमता वाले स्कूल को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। इसके अलावा लगातार तीन साल बने परीक्षा केंद्र के दौरान सामूहिक नकल के प्रकरण सामने आए, तो उस स्कूलों को केंद्र नहीं बनाया जाएगा। साथ ही परीक्षा केंद्र बनाने के लिए तय सीमा भी तय कर दी गई है। निर्देश दिए गए हैं कि जिन स्कूलों में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, उनके नजदीकी स्कूलों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।   शहरी क्षेत्रों में पांच किमी से ज्यादा व ग्रामीण क्षेत्रों में 10 किमी से ज्यादा दूरी नहीं होना चाहिए। विषम परिस्थितियों में ज्यादा दूरी के परीक्षा केंद्र बनाने पर कारण भी बताना होगा। जिले को 30 सितंबर तक परीक्षा केंद्र की सूची माशिम को भेजनी है। बता दें, कि मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं की परीक्षा में करीब 18 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे।इसके लिए करीब पौने चार हजार परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। 30 नवंबर तक अंतिम सूची जारी करेगा माशिमं 30 नवंबर तक परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची जारी करेगा। माशिमं के परीक्षा केंद्रों के जिला स्तर पर निर्धारण के बाद जिला योजना समिति से अनुमोदन करवाया जाएगा। इसके लिए 30 अगस्त तक की तारीख तय की गई है।माशिमं की जारी समय-सीमा के अनुसार 10 अगस्त तक परीक्षा केंद्रों का भौतिक सत्यापन करना होगा। परीक्षा केंद्रों का समिति द्वारा चयन 20 अगस्त तक करना है। चयन परीक्षा केंद्रों का प्रकाशन कर दावे-आपत्ति प्राप्त करने की समय-सीमा 30 अगस्त तक रहेगी। दावे एवं आपत्ति का निराकरण जिला योजना समिति से अनुमोदन प्राप्त करने की तिथि 24 सितंबर तक रहेगी। मंडल को अनुमोदित केंद्र चार्ट की सूची 30 सितंबर तक रहेगा। केंद्र नहीं होने पर फोटोकापी मशीन लौटानी होगी अगर किसी स्कूल के खिलाफ अनिमिततता के मामले सामने आए है, तो ऐसे स्कूल को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। पिछले साल के बने केंद्रों को वर्ष 2025 की परीक्षा में प्रस्तावित नहीं किया जाता है, तो उसका भी कारण बताना होगा। स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए सरकारी स्कूल को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। अगर किसी केंद्र को इस साल परीक्षा केंद्र नही बनाया जाता है, तो उन्हें फोटोकापी मशीन व कंप्यूटर नवीन परीक्षा केंद्रों को देना होगी। इसकी जिम्मेदारी डीईओ को दिया गया है। recent visitors 122

उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने मेडिकल कालेज रीवा से प्रदेश में गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जाँच अभियान का शुभारंभ किया

भोपाल   उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने श्यामशाह मेडिकल कालेज रीवा से प्रदेश में गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जाँच अभियान का शुभारंभ किया। उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा कार्यक्रम के तहत हर माह की 9 और 25 तारीख को गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क जाँच के शिविर सभी अस्पतालों में लगाए जाएंगे। इनमें गर्भवती महिलाओं को जाँच, उपचार, दवा और आने-जाने की सुविधा नि:शुल्क दी जाएगी। कार्यक्रम में वीडियो कान्फ्रेंसिंग से शामिल मण्डला और रतलाम जिले के हितग्राहियों से उप-मुख्यमंत्री ने संवाद किया। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त अस्पताल और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन शामिल हुए। उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मातृ-मृत्यु दर और शिशु-मृत्यु दर को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा कार्यक्रम के तहत हर गर्भवती महिला को नि:शुल्क जाँच, उपचार और दवा की सुविधा दी जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत यदि शासकीय अस्पताल में सोनोग्राफी की सुविधा नहीं है तो गर्भवती महिला की निजी सोनोग्राफी केन्द्र में सोनोग्राफी कराई जाएगी। इसकी राशि का भुगतान सरकार करेगी। सरकारी अस्पताल से जारी वाउचर से महिला सात दिन में कभी भी अपनी जाँच सोनोग्राफी सेंटर में करा सकती है। सही समय में रिस्क चिन्हांकन से उचित निदान कर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जायेगा। मातृ-मृत्यु दर को नियंत्रित करने में जागरूकता और नागरिकों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि मातृ-मृत्यु दर और शिशु-मृत्यु दर नियंत्रित करने के प्रयासों में निजी अस्पतालों की भागीदारी देने वाला मध्यप्रदेश देश का दूसरा राज्य है। गर्भवती महिलाओं की निजी सोनोग्राफी केन्द्रों में जाँच के लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान कर दिया गया है। स्त्री रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट के पदों पर शीघ्र होगी भर्ती उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए बजट की कोई कमी नहीं है। शीघ्र ही स्त्री रोग विशेषज्ञ तथा रेडियोलॉजिस्ट के पदों पर भर्ती की जाएगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की पदस्थापना तथा आवश्यक उपकरण स्थापित करके सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जिला अस्पताल के समकक्ष स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी। सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल रीवा के लिए दूसरी कैथलैब मशीन शीघ्र ही उपलब्ध हो जाएगी। 20 करोड़ की लागत से कैंसर क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए भवन और 29 करोड़ लागत की लायनेक मशीन की व्यवस्था उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए रीवा में 20 करोड़ की लागत से भवन बनाया जा रहा है। इसमें कैंसर के उपचार के लिए 29 करोड़ रुपए की लायनेक मशीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डॉक्टरों के साथ-साथ पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सों की भी भर्ती की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के प्रयासों से गरीब से गरीब रोगियों के लिए भी एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध हो गई है। उप-मुख्यमंत्री ने प्रसव-पूर्व जाँच पुस्तिका तथा पोस्टर का विमोचन किया। संयुक्त संचालक डॉ अर्चना मिश्रा ने बताया कि प्रत्येक गर्भवती महिला को दवा, जाँच और आने-जाने की नि:शुल्क सुविधा दी जा रही है। जरूरत होने पर नि:शुल्क रक्ताधान का भी प्रावधान है। नगर निगम के अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय, रेडक्रास के समिति के अध्यक्ष डॉ प्रभाकर चतुर्वेदी, मेडिकल कालेज के डीन डॉ सुनील अग्रवाल, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ केएल नामदेव, संजय गांधी हास्पिटल के अधीक्षक डॉ राहुल मिश्रा तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।   recent visitors 86

अब भारत का समय आ गया है, दुनिया की कोई शक्ति हमें महाशक्ति बनने से रोक नहीं सकती: सीएम योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत वीरों को नमन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और डाक अनावरण व संस्कृत विभाग द्वारा निर्मित पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने बच्चों के साथ काकोरी शहीद मंदिर के बाहर सेल्फी भी ली। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि अब भारत का समय आ गया है, दुनिया की कोई शक्ति हमें महाशक्ति बनने से रोक नहीं सकती। आजादी के अमृत महोत्सव में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा जो पंच प्रण दिलाए गए हैं, उनको देश के हर नागरिक को आत्मसात करना होगा। यही हमारे अमर बलिदानियों और शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अगर हम इन प्रण को आत्मसात कर अपने कार्यों को पूरा करते हैं तो कोई कारण नहीं है कि हमारा देश विश्व गुरु और दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति न बने। काकोरी ट्रेन एक्शन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि देश से बाहर जा रहे राजस्व को देश सेवा में प्रयुक्त करने की मंशा से जो कार्य पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह जैसे वीर सपूतों ने किया था उसने न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोरीं थी। प्रदेश भर में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए यह मां भारती के वीर सपूतों, उन महान क्रांतिकारियों को जिन्होंने सर्वस्व बलिदान किया था, उन सभी ज्ञात-अज्ञात सेनानियों व शहीदों को नमन करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन के दौरान क्रांतिकारियों ने रणनीति बनाकर भारत का पैसा जो ब्रिटेन ले जाया जा रहा था, उसे रोककर भारत की क्रांति में उपयोग किया था। तब जो रकम प्राप्त हुई थी वह मात्र 4,679 रुपए थी, जबकि अंग्रेजी हुकूमत ने 10 लाख रुपए केवल केस पर खर्च कर दिए। इस घटना में बिना सुनवाई के ही वीरों को फांसी की सजा सुना दी गई थी और नियत दिन से एक दिन पहले ही फांसी दे कर उस समय की हुकूमत ने कायरता दिखाई थी। उन्होंने कहा कि एक्शन में शामिल कुछ वीर सपूतों को फांसी हुई, जबकि कुछ को कालापानी की सजा हुई। इन सभी को अंग्रेजों ने तमाम प्रलोभन दिए मगर इनका एक ही जवाब था, 'जीवन पुष्प चढा चरणों पर, मांगे मातृभूमि से यह वर। तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें।' इसी संकल्प के साथ खुद को बलिदान करना स्वीकार किया मगर हार नहीं मानी। आज आजादी इन्हीं शहीदों के बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने अपनी शानदार यात्रा को आगे बढ़ाया है। भारत अगले 2 वर्षों में देश की तीसरी सबसे बड़ी महाशक्ति बनने जा रहा है। समतामूलक समाज की स्थापना के लिए वोकल फॉर लोकल जैसे मूल्यों पर आगे बढ़ना होगा। दुनिया की कोई ताकत भारत का रास्ता नहीं रोक सकती। यही समय है, सही समय है। 1942 में 9 अगस्त, यानी आज के दिन ही महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन का आगाज किया था। आज हर शहीद स्मारक पर राष्ट्र धुन के साथ विभिन्न बैंड की धुन बजेगी। हर घर तिरंगा अभियान चलेगा, जिसमें हर घर तिरंगा फहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में साढ़े चार करोड़ तिरंगा हर घर फहराया जाएगा। एक वर्ष तक चलने वाले राष्ट्रभक्ति के विभिन्न कार्यक्रमों में हम सबकी सहभागिता होनी चाहिए। आज नागपंचमी भी है, नाग कुंडलिनी शक्ति का द्योतक है। भारत को हॉकी और जैवलिन थ्रो में मेडल प्राप्त हुआ, सभी खिलाड़ियों का अभिनंदन है, देश इनसे प्रेरणा ले रहा है। इस अवसर पर सीएम योगी ने जिला प्रशासन लखनऊ व संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित एक्शन शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत 'वीरों को नमन' कार्यक्रम में रोहित खत्री (रामकृष्ण खत्री के प्रपौत्र), राजीव कुमार सिंह व क्षिप्रा सिंह (प्रपौत्र व प्रपौत्री ठाकुर रोशन सिंह), अशफाक उल्लाह खान (पौत्र अशफाक उल्लाह खान) तथा मनमोहन पाण्डेय (कैप्टन मनोज पाण्डेय के भाई) समेत स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। इस दौरान लघु फिल्म, नृत्य नाटिका, वीर गायन समेत विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन भी हुए। recent visitors 154

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने स्कूल की नि:शुल्क परिवहन सेवा का किया शुभांरभ

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि सीएम राईज महात्मा गांधी स्कूल भेल में 100 करोड़ रूपये की लागत से विश्वस्तरीय अधोसंरचना और सुविधाएँ उपलब्ध कराई जायेगी। स्कूल विद्यार्थियों के लिये शैक्षणिक के साथ-साथ सांसकृतिक, कला और खेल कूद गतिविधियों का भी संचालन करेगा। इसके लिये स्कूल में स्मार्ट क्लासेस के साथ-साथ स्वीमिंग पूल जैसी आधुनिक सुविधाएँ भी होगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर शुक्रवार को स्कूल में नि:शुल्क परिवहन सेवा शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि नि:शुल्क सेवा के पहले चरण में 55 सीटर 5 बसों को शुरू किया जा रहा है। अगले चरण में 4 और बसें शामिल की जायेगी। इन बसों के माध्यम से विद्यालय से 2 किलोमीटर से अधिक दूरी पर निवास करने वाले विद्यार्थियों को घर से स्कूल लाने ले जाने की सुविधा दी जायेगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने स्कूल के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि हार्ड वर्क से सफलता मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वह अपनी योग्यता का उपयोग जिम्मेदारियों को पूरा करने में करे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि सरकार हर संभव सुविधा उपलब्ध करा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में अब सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से भी ज्यादा सुविधा संपन्न स्कूल बन रहे है। उन्होंने कहा कि बच्चे आने वाले कल का भविष्य है। कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद श्री नीरज सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एके अहिरवार, प्राचार्य श्रीमती ममता सिंह स्कूल का स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित थे।   recent visitors 113

पेशेंट ने क्लीनिक में घुसकर डॉक्टर की पत्नी को उतारा था मौत के घाट, आरोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई

इंदौर क्लीनिक में घुसकर डॉक्टर की पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी को विशेष न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही अर्थदंड भी लगाया है। घटना पांच साल पहले 6 जून 2019 की, रेसकोर्स रोड पर स्थित डॉ. रामकृष्ण वर्मा का नर्सिंग होम की है। आरोपी ने डॉक्टर के बेटे को भी चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। डॉक्टर की अनुपस्थिति में घटना आरोपित ने 6 जून 2019 को रेसकोर्स रोड स्थित ग्रेटर मालवा नर्सिंग होम में वारदात को अंजमा दिया था। यह क्लीनिक डा. रामकृष्ण वर्मा का था। घटना वाले दिन डॉ. वर्मा किसी काम से दिल्ली गए थे। उनकी गैर मौजूदगी में हत्यारा रफीक खान वहां पहुंचा और उसने डॉ. वर्मा की पत्नी लता वर्मा से अपनी पत्नी का उपचार करवाने की बात कही। आरोपी ने डॉक्टर की पत्नी को मारा चाकू लता वर्मा ने डॉक्टर के दिल्ली जाने की बात कही, इस पर रफीक वहां से चला गया। कुछ देर बाद रफीक दोबारा क्लीनिक पर आया और बहस करने लगा। इस दौरान उसने चाकू निकाला और लता पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उसने महिला के पेट, सीने पर चाकू से कई वार किए। पास ही मोबाइल चला रहे लता के नातिन ने तुरंत इसकी जानकारी अपने मामा अभिषेक को दी। अभिषेक मां लता को बचाने पहुंचा तो हत्यारे ने उस पर भी चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया। दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल ले जहां डॉक्टरों ने लता को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के पास इलाज करा रहा था आरोपी पुलिस ने हत्यारे रफीक के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार रफीक डॉ. वर्मा से त्वचा से संबंधित किसी बीमारी का लंबे समय से उपचार करा रहा था। जिला लोक अभियोजन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि विशेष न्यायाधीश डीपी मिश्रा ने प्रकरण में निर्णय पारित करते हुए हत्यारे रफीक खान को आजीवन कारावास और 6 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। recent visitors 116