स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने दी जानकारी, पश्चिम बंगाल में डेंगू के मामलों में तेजी

कोलकाता पश्चिम बंगाल में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जुलाई के अंतिम सप्ताह में ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 500 लोग मच्छर जनित इस संक्रमण की चपेट में आए। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रित हैं। राज्य में जनवरी से अब तक कम से कम 2640 लोगों में यह वायरल संक्रमण पाया गया,जिसमें उत्तर 24 परगना जिले में सबसे अधिक 363 मामले हैं। पश्चिम बंगाल में 24 से 31 जुलाई के बीच डेंगू के लगभग 500 मामले सामने आए, इसमें मुर्शिदाबाद जिले के 68 और उत्तर 24 परगना जिले के 50 मामले शामिल हैं। अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया, ‘‘जुलाई के अंतिम सप्ताह से डेंगू के मामलों में वृद्धि देखी गई है। यह मुख्य रूप से बरसात के कारण है। हम लगभग हर साल इस समय डेंगू के मामलों में इतनी वृद्धि देखते हैं। चिंता की कोई बात नहीं है। स्थिति नियंत्रण में है।'' जुलाई के अंतिम सप्ताह में मालदा जिले में डेंगू के 53 मामले सामने आए, उसके बाद हुगली में 50, पूर्व बर्धमान में 44 और दक्षिण 24 परगना में डेंगू के 32 मामले सामने आए। इस अवधि में कोलकाता और उसके आस-पास के इलाकों में 18 मामले सामने आए। अधिकारी ने बताया, ‘‘हर साल की तरह इस साल भी जनवरी से अब तक डेंगू के सबसे अधिक मामले उत्तर 24 परगना जिले से सामने आए हैं। इस साल यह संख्या 363 है।'' recent visitors 76

सरकार पर तीखा हमला, आप मुसलमानों के दुश्मन हैं, वक्फ विधेयक उसका सबूत है : असदुद्दीन ओवैसी

नई दिल्ली वक्फ बोर्ड बिल पर बहस में हिस्सा लेते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आप मुसलमानों के दुश्मन हैं। यह बिल इस बात का सबूत देता है। ओवैसी ने कहा कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है, जो सभी नागरिकों को अपना आस्था के लिए समान अवसर देता है। आखिर इस विधेयक को लाने की जरूरत ही क्या है। उन्होंने कहा कि मंदिरों की समितियों में कोई गैर-हिंदू नहीं है। फिर वक्फ संपत्ति में इसकी क्या जरूरत है। ऐसा ही आपकी सरकार ईसाइयों और सिखों के साथ भी कर रही है। यही नहीं यूपी की सहारनपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस पर तीखा अटैक किया। उन्होंने कहा कि यह बिल कानून का उल्लंघन करता है। संविधान के खिलाफ है। इमरान मसूद ने कहा कि सरकार की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि वक्फ बोर्ड संस्था है और यह कोई धार्मिक स्थान नहीं है। यह बात गलत है क्योंकि देश भर में वक्फ बोर्ड ही मस्जिदों, दरगाहों और अन्य मुस्लिम संस्थानों की निगरानी करता है। उनकी संपत्तियों की देखरेख करता है। इसलिए इसे मुस्लिमों के मजहबी मामलों से अलग नहीं बताया जा सकता, जैसा सरकार दावा करती है। इस बहस में अखिलेश यादव ने भी हिस्सा लिया और कहा कि वक्फ बोर्ड में किसी गैर-मुसलमान को शामिल करने की वजह क्या बनती है। उन्होंने कहा कि यदि हम जिलाधिकारी को ही सब कुछ सौंप देंगे तो क्या हो सकता है। आप इसे समझ सकते हैं। एक जगह ऐसा हुआ था और फिर जिलाधिकारी ने क्या किया, आप सब जानते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि यह विधेयक इसलिए लाया जा रहा है क्योंकि अभी-अभी ये लोग हारे हैं। अपने कुछ कट्टर समर्थकों के तुष्टिकरण के लिए ऐसा बिल लाया जा रहा है। इस बिल का डीएमके, टीएमसी, शरद पवार की एनसीपी जैसी पार्टियों ने भी विरोध किया है। recent visitors 100

सांसद कीर्ति आजाद ने मंत्री नितिन गडकरी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा-आप जैसे सब मंत्री हों तो उद्धार हो जाए देश

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में नितिन गडकरी ऐसे नेता और मंत्री हैं, जिनकी सराहना करने से विपक्षी दल के सांसद, विधायक और नेता नहीं हिचकिचाते हैं। उनकी छवि काम करने वाले मंत्री के तौर पर स्थापित हो चुकी है। आज गुरुवार को जब संसद की कार्यवाही चल रही थी तब विपक्षी खेमे के एक सांसद ने लोकसभा में उनकी खुलकर तारीफ की है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर इनके जैसे सभी मंत्री हो जाएं तो देश का उद्धार हो जाएगा। आपको बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के कार्यों की सराहना करते हुए लोकसभा में कहा कि अगर सरकार के सभी मंत्री उनकी तरह हो जाएं तो देश का उद्धार हो जाएगा। कीर्ति आजाद ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से संबंधित पूरक प्रश्न पूछते हुए यह टिप्पणी की। पश्चिम बंगाल के वर्धमान दुर्गापुर से लोकसभा सदस्य आजाद ने कहा, ‘‘गडकरी जिस तरह से काम करते हैं, उसके लिए केवल मैं नहीं पूरा सदन उनका कायल है। काश बाकी मंत्री भी ऐसे ही हो जाएं तो देश का उद्धार हो जाए।’’ उनके इस बयान के बाद कई सदस्यों ने मेजें थपथपाईं। आपको बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब नितिन गडकरी की सराहना विपक्षी दलों के द्वारा की गई है। इससे पहले कई बार उनकी तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई विपक्षी दलों ने की है। उन्होंने मोदी के बाद भाजपा में प्रधानमंत्री पद का सक्षम उम्मीदवार बताया है। recent visitors 93

भारत और स्पेन के बीच पुरुष हॉकी टीम का कांस्य पदक मैच शुरू हुआ 2-0 से आगे

नई दिल्ली भारत और स्पेन के बीच पुरुष हॉकी टीम का कांस्य पदक मैच शुरू हो गया है। भारत को सेमीफाइनल में जर्मनी से हार का सामना करना पड़ा था, जिससे उसकी गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीद टूट गई थी। हालांकि टीम इंडिया के पास ब्रॉन्ज पदक जीतने का सुनहरा मौका है। हरमनप्रीत का गोल, दोनों टीमें 1-1 से बराबर टीम इंडिया ने स्कोर बराबर कर लिया है। 30वें मिनट पर पेनल्टी कॉर्नर पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल किया। इस गोल के साथ हाफ टाइम का स्कोर 1-1 से बराबर रहा। बोर्जा लाकाले का गोल पोस्ट पर अटैक मैच के 28वें मिनट में बोर्जा लाकाले ने गोल पोस्ट पर अटैक किया और भारत ने सफलतापूर्वक बचाव किया। स्पेन को पेनल्टी कॉर्नर मिला। हालांकि श्रीजेश ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई और गोल होने नहीं दिया। 21वें मिनट में स्पेन को मिला पेनल्टी कॉर्नर गोल करने के तुरंत बाद स्पेन को पेनल्टी कॉर्नर मिला। हालांकि गोल नहीं हुआ। गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने बेहतरीन बचाव किया। 24वें मिनट में ललित और हार्दिक ने लगातार अटैक किए, लेकिन गोल करने में असफल रहें। पहला क्वार्टर में नहीं हुआ गोल भारत-स्पेन ब्रॉन्ज मेडल मैच के पहले क्वार्टर में एक भी गोल नहीं हुआ। 15 मिनट के खेल के बाद दोनों टीम गोल नहीं कर पाई। 18वें मिनट में स्पेन टीम को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। मार्क मिरालेस पोर्टियो ने गोल किया। टीम इंडिया 0-1 से पीछे हो गई है। मुकाबले के नौवे मिनट में स्पेन के खिलाड़ियों ने मौका बनाया। स्पेनिश गोलकीपर जोस बास्टेरा ने अगुवाई की और जबरदस्त शॉट मारा। भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने सेव किया। मुकाबले के छठे मिनट में भारतीय खिलाड़ी सुखजीत सिंह ने डी के अंदर शॉर्ट को मिस कर दिया और गोल का मौका गंवा दिया। recent visitors 71

आरबीआई ने लिया बड़ा फैसला- चेक का निपटान अब कुछ ही घंटों में हो जाएगा, अब नहीं लगेंगे दो से तीन दिन

नई दिल्ली चेक का निपटान (क्लियरिंग) अब कुछ ही घंटों में हो जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चेक समशोधन में लगने वाले समय को कुछ घंटे करने और उससे जुड़े जोखिम कम करने के मकसद से कदम उठाने की घोषणा की है। वर्तमान में चेक जमा करने (cheque clearance) से लेकर राशि आने तक दो दिन का समय लग जाता है। लेकिन नई व्यवस्था में चेक जमा करने के कुछ ही घंटों में यह ‘क्लियर’ हो जाएगा। RBI ने क्या कहा? आरबीआई के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष की तीसरी मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘चेक समाशोधन को दुरुस्त करने, निपटान जोखिम कम करने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के मकसद से चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) की वर्तमान प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव है।’’ उन्होंने कहा कि इसके तहत मौजूदा सीटीएस व्यवस्था के तहत ‘बैच’ में प्रसंस्करण की जगह कारोबारी समय में निरंतर आधार पर समाशोधन की व्यवस्था की जाएगी। नई व्यवस्था में कैसे होगा काम आरबीआई के अनुसार, ‘‘नई व्यवस्था में चेक को ‘स्कैन’ किया जाएगा, उसे प्रस्तुत किया जाएगा और कुछ घंटों में समाशोधन किया जाएगा। इससे चेक का समाशोधन कुछ घंटे में हो जाएगा जबकि अभी दो दिन तक का समय (टी प्लस 1) लगता है। दास ने कहा कि इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जल्दी ही जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, आरबीआई ने बैंकों की तरफ से अपने ग्राहकों के बारे में ‘क्रेडिट’ सूचना कंपनियों को दी जाने वाली रिपोर्ट हर पखवाड़े देने का प्रस्ताव किया है। वर्तमान में महीने में एक बार यह रिपोर्ट दी जाती है। नौंवी बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं RBI ने आर्थिक गतिविधियों में जारी तेजी का हवाला देते हुये एवं महंगाई पर कड़ी नजर रखते हुये लगातार नौवीं बार नीतिगत दरों को यथावत रखने का फैसला किया है जिससे ब्याज दरों में कमी की उम्मीद लगाये आम लोगों को निराशा हाथ लगी है। मई 2022 से 250 आधार अंकों तक लगातार छह बार दर वृद्धि के बाद पिछले वर्ष अप्रैल में दर वृद्धि चक्र को रोक दिया गया था और यह अभी भी इसी स्तर पर है। recent visitors 90

रोहित ने मैच के बाद कहा- मुझे नहीं लगता कि हमारी तरफ से प्रयासों में कोई कमी थी, धीमी और टर्निंग पिचों के लिए ध्यान रखना होगा

कोलंबो भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने कहा कि भारत जस की तस रणनीति अपनाकर भविष्य में धीमी और टर्निंग पिचों के लिए अलग खिलाड़ियों का चयन कर सकता है। श्रीलंका ने परिस्थितियों का पूरा लाभ उठाकर तीसरे और अंतिम एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में भारत को 110 रन से हराकर श्रृंखला जीती। यह पिछले 27 वर्षों में पहला अवसर है जबकि वह वनडे श्रृंखला में भारत को हराने में सफल रहा। रोहित ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘‘मुझे नहीं लगता कि हमारी तरफ से प्रयासों में कोई कमी थी। आपने देखा होगा कि कुछ खिलाड़ियों ने रिवर्स स्वीप और पैडल स्वीप खेले। ऐसा नहीं है कि हमने अपनी तरफ से कोई कोशिश नहीं की। इन बल्लेबाजों की इस तरह की प्रकृति नहीं है।’’ भारतीय टीम तीसरे वनडे में 249 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 138 रन पर आउट हो गई। रोहित ने कहा, ‘‘जब आप इस तरह की पिचों पर खेलते हैं तो इसको लेकर हमारा स्पष्ट दृष्टिकोण है कि हमें किस तरह से खेलना है और किस तरह से लय बनाए रखनी है। हम तीनों मैच में लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए, यहां तक की पहले मैच में भी जो टाई रहा था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें खिलाड़ियों को यह बताना होगा कि हम उनसे क्या चाहते हैं और अगर हमें परिस्थितियों के अनुसार खिलाड़ियों का चयन करना पड़े तो दुर्भाग्य से हम ऐसा कर सकते हैं। हम एक ऐसी टीम तैयार करने की कोशिश करेंगे जो सभी परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सके।’’ रोहित ने कहा कि बल्लेबाज उस तरह का साहसिक प्रदर्शन नहीं कर पाए जैसा की टीम उनसे चाहती थी। इसके अलावा चुनौती से निपटने के लिए खिलाड़ियों की व्यक्तिगत योजना भी नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं साहस की बात करता हूं तो इसका मतलब यहां नहीं है कि उन्होंने साहस नहीं दिखाया। आपको लगातार साहस दिखाने की जरूरत है। आपको चुनौतीपूर्ण पिचों पर निरंतर साहस से प्रदर्शन करना होगा और अलग-अलग तरह के शॉट खेलने का प्रयास करना होगा। इसके अलावा यह व्यक्तिगत रणनीति से भी जुड़ा हुआ है।’’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘प्रत्येक खिलाड़ी को यह समझना होगा कि यह उसकी रणनीति है और किस तरह से उसको खेलना है। अगर परिस्थितियां आपकी रणनीति के अनुकूल हैं तो यह अच्छी बात है लेकिन अगर ऐसा नहीं है तो फिर आपके पास क्या विकल्प है। क्रीज पर उतरो और एक दो रन लेकर पारी को आगे बढ़ाओ। धीमी पिच पर ऐसा करना जरूरी होता है।’’   recent visitors 134

IDF ने हिजबुल्लाह के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए

तेल अवीव मिडिल ईस्ट में लगातार गहराते जा रहे संकट के बीच इजरायली सेना आईडीएफ (IDF) ने हिजबुल्लाह के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए. आईडीएफ का कहना है कि उन्होंने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के कई ठिकानों पर रातभर ताबड़तोड़ हमले कर उन्हें नष्ट कर दिया. हिजबुल्लाह के ठिकानों पर इजरायल का ये हमला ईरान और लेबान की धमकियों के बीच हुआ है. दरअसल हमास लीडर इस्माइल हानिया की ईरान में की गई हत्या के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. ईरान ने इजरायल से हानिया की मौत का बदला लेने का ऐलान किया था. राजधानी तेहरान में 31 जुलाई को हुए हमास के मुखिया इस्माइल हानिया के कत्ल से गुस्साए ईरान ने इजरायल को सबक सिखाने की धमकी दी थी और अब ये माना जा रहा है कि ईरान किसी भी वक्त जंग का मोर्चा खोल सकता है. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटी ब्लिंकन ने भी ईरान और हिजबुल्लाह की इन धमकियों के मद्देनजर कहा था कि इजरायल पर ये देश कभी भी हमला कर सकते हैं. लेकिन ईरान और लेबनान की धमकियों को दरकिनार कर इजरायल ने हिजबुल्लाह के कई ठिकाने नेस्तनाबूद कर दिए हैं. ईरान और लेबनान क्यों हैं खफा? इन धमकियों के मद्देनजर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि ईरान और उसके गुर्गे हमें आतंकवाद के शिकंजे में जकड़ना चाहते हैं. हम हर मोर्चे पर और हर क्षेत्र में चाहे निकट हो या दूर उनके खिलाफ खड़े होने के लिए दृढ़ हैं. दरअसल, पिछले सप्ताह ईरान की राजधानी तेहरान में हमास चीफ इस्माइल हानिया की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया है. इस घटना से एक दिन पहले लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के शीर्ष सैन्य कमांडर फउद शुकर की हत्या कर दी गई थी. हानिया, गाजा में हमास का चीफ था और वो ईरान के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने तेहरान गया था. इधर, हिजबुल्लाह ने भी इजरायल को टारगेट बनाना शुरू कर दिया था. हिजबुल्लाह ने बीते शनिवार को इजरायल पर करीब 50 रॉकेट दागे थे. हालांकि इजरायल के आयरन डोम ने इस हमले को नाकाम कर दिया था. ईरान और हिजबुल्लाह की ओर से बदला लिए जाने का ऐलान करने पर मिडिल ईस्ट में बड़े स्तर युद्ध की आशंका बढ़ गई है. इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मौजूदा स्थिति पर चर्चा के लिए इमरजेंसी मीटिंग की थी. पेंटागन ने आगे की स्थिति को रोकने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य बलों की तैनाती का ऐलान किया है.   recent visitors 81