बांग्लादेश में उपजे संकट का असर प्याज के निर्यात पर पड़ सकता है, मंडी में प्याज और आलू के रेट अभी स्थिर

इंदौर बांग्लादेश में उपजे संकट का असर प्याज के निर्यात पर पड़ सकता है। अभी तो ज्यादा असर नहीं दिख रहा लेकिन सीमाएं बंद रही और वहां स्थिति खराब बनी रही तो भारत से जाने वाली प्याज की खेप अटकने से कारोबारियों को आगे नुकसान होगा। इस बीच इंदौर की देवी अहिल्या बाई होलकर थोक मंडी में बुधवार को प्याज की आवक करीब 40 हजार बोरी रही। प्याज के भाव स्थिर हैं। बेस्ट माल ऊपर में 2800-3000 रुपये तक बिका। अच्छी क्वालिटी में गोल्टा प्याज भी 2700 रुपये तक बिका।   आलू के दाम स्थिर, टमाटर गिरा आलू के भाव में अभी स्थिरता है। एक-दो लाट ही ऊपर में 2400 रुपये बिके। आलू की आवक करीब 5-6 हजार बोरी रही। कारोबारियों को राखी के लेवाली का इंतजार है। टमाटर के दाम में गिरावट आई है। टमाटर औसतन 1200 रुपए के आस-पास बिका। टमाटर मंडी में अधिकतम 2000 रुपए प्रति क्विंटल बिका।   लहसुन की आवक 7 हजार बोरी की रही लेकिन दाम बीते सप्ताह के मुकाबले नरम ही है। लहसुन ऊपर में एक-दो लाट बेस्ट क्वालिटी होने पर 2000 रुपये तक बिकती है। शेष माल बेस्ट में ऊपर में 17000-19000 रुपये क्विंटल तक बिकी। टमाटर औसत मूल्य- ₹1225/क्विंटल न्यूनतम मंडी मूल्य- ₹200/क्विंटल उच्चतम मंडी मूल्य- ₹2000/क्विंटल प्याज बेस्ट- 2800 से 3000 रुपये/क्विंटल एवरेज और अच्छा गोल्टा- 2500-2800 गोल्टी- 1800 से 2000 आलू चिप्स बेस्ट- 2200 से 2400 रुपये/क्विंटल ज्योति- 2000 से 2100 आगरा- 1300 से 1500 एवरेज- 1100-1200 गुल्ला- 700-900 लहसुन ऊंटी 18000 से 19000 बोल्ड 15000 से 17000 मीडियम 12000-14000 बारीक 8000-10000   recent visitors 142

शोध कार्य को बढ़ावा दें, शैक्षणिक गुणवत्ता के स्तर को उत्कृष्ट करें: उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल   उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि मेडिकल कॉलेज में शोध कार्यों को बढ़ावा देने के प्रयास किए जायें। शोध कार्य के लिए आवश्यक फंड की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त और स्वास्थ्य संबंधी नवीन चुनौतियों का सामना करने के लिए शोध कार्य अहम है। उन्होंने विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदाय के लिए सदैव प्रयासरत रहने के निर्देश दिये। उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज से शिक्षा प्राप्त चिकित्सक ऐसे हों कि उनकी प्रतिभा देश-विदेश में स्थापित हो। उप-मुख्यमंत्री गाँधी मेडिकल कॉलेज भोपाल की सामान्य सभा की बैठक में शामिल हुए। सहजता से एवं समय पर जाँच सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने गाँधी मेडिकल कॉलेज स्वशासी समिति भोपाल के विगत वित्तीय वर्ष (2023-24) के आय-व्यय की समीक्षा की। उन्होंने छात्रावासों के उन्नयन और आवश्यकतानुसार नवनिर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिये। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक जाँच सुविधाओं के लिए बजट में आवश्यक प्रावधान किए गये हैं। नागरिकों को सहजता से एवं समय पर जाँच सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। कैथलैब शिफ्टिंग कार्य में हुए विलंब पर नाराज़गी उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने हमीदिया चिकित्सालय में कैथलैब शिफ्टिंग कार्य में हुए विलंब पर नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिये कि अविलंब शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण किया जाये तथा मरीज़ों को असुविधा न हो यह सुनिश्चित करें। संबंधित विभागीय अधिकारी ने बताया कि समस्त औपचारिकताएँ एवं सक्षम अनुमतियाँ (जिनमें एईआरबी की अनुमति भी शामिल है) प्राप्त कर ली गई हैं, शिफ्टिंग कार्य 3 माह के अंदर पूर्ण कर लिया जायेगा। उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने परिसर में प्रगतिरत एवं प्रस्तावित नवीन ओपीडी ब्लॉक, मल्टी लेवल पार्किंग, गर्ल्स हॉस्टल निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक लायनैक मशीन हमीदिया में शीघ्र होगी स्थापित उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हमीदिया हॉस्पिटल प्रदेश का महत्वपूर्ण चिकित्सालय है यहाँ पर पूरे प्रदेश से मरीज़ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आते हैं, इसलिए आवश्यक है कि यहाँ अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि हमीदिया हॉस्पिटल में कैंसर के उपचार के लिए अत्याधुनिक लायनैक मशीन स्वीकृत की गयी है। इस मशीन के समयबद्ध इंस्टालेशन के लिए आवश्यक कार्य समय से पूर्ण कर लिए जायें। उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने हमीदिया चिकित्सालय में सहायक चिकित्सकीय एवं अन्य सहयोगी स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। समस्त उपस्थितों ने अंगदान करने और अन्य लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करने की शपथ ली। उल्लेखनीय है विगत वित्तीय वर्ष (2023-24) में गाँधी मेडिकल कॉलेज स्वशासी समिति को 28 करोड़ 30 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई और 28 करोड़ 97 लाख रुपये का व्यय किया गया है। समिति द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष (2024-25) में 29 करोड़ 7 लाख की प्राप्तियों का आंकलन किया गया है और 30 करोड़ 65 लाख के व्यय के प्रावधान का प्रस्ताव किया गया है। विधायक श्री भगवान दास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, कमिश्नर भोपाल श्री पवन कुमार शर्मा, अपर आयुक्त चिकित्सा शिक्षा डॉ पंकज जैन, डीन गाँधी मेडिकल कॉलेज भोपाल डॉ कविता सिंह, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ अरुण श्रीवास्तव, अधीक्षक हमीदिया हॉस्पिटल डॉ सुनीत टंडन सहित स्वशासी समिति के सदस्य, मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, विभागीय अधिकारी निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 101

नि:शुल्क औषधि वितरण योजना के तहत सभी गैस राहत अस्पतालों में 252 प्रकार की दवाइयों का हो रहा नि:शुल्क वितरण

भोपाल   भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास विभाग द्वारा गैस पीड़ितों के उपचार के लिये 6 अस्पताल, 9 डे-केयर सेन्टर्स सहित 3-3 आयुर्वेदिक, हौम्योपैथी एवं यूनानी औषधालय संचालित किये जा रहे हैं। गैस राहत अस्पतलों में दवाई वितरण के लिये विभाग द्वारा पुख्ता व्यवस्थायें की गई है। सरदार वल्लभ भाई पटेल नि:शुल्क औषधि वितरण योजना के तहत सभी गैस राहत अस्पतालों में इलाज के लिये आने वाले मरीजों को 252 प्रकार की दवाइयां नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। गैस पीड़ितों को घर पहुँच एम्बुलेन्स सेवा की सु‍विधा भी दी जा रही है। गैस पीड़ित कोई भी मरीज 108 इमरजेन्सी नंबर डायल कर घर से अस्पताल आने एवं वापस घर जाने के लिये इस एम्बुलेन्स सेवा का नि:शुल्क लाभ ले सकते हैं। गैस राहत अस्तपालों में भर्ती मरीजों को नियमानुसार उपलब्ध आहार भी हर दिन नि:शुल्क दिया जा रहा है। बीमारी के समुचित उपचार के लिये अब तक 92 हजार 978 गैस पीड़ितों की स्वास्थ्य पुस्तिकाएँ भी विभाग द्वारा तैयार कर ली गयीं हैं। संचालक, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास ने बताया कि गत वित्त वर्ष 2023-24 में कुल 472 गैस पीड़ित कैंसर मरीजों को निजी चिकित्सालय- जवाहरलाल नेहरू कैंसर चिकित्सालय, ईदगाह हिल्स, भोपाल, चिरायु मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, बैरागढ़, भोपाल एवं नवोदय कैंसर चिकित्सालय, एमपी नगर, भोपाल में उपचार के लिये रेफर किया गया। इस उपचार पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति गैस राहत विभाग द्वारा की जाती है। गत वित्तीय वर्ष में 20 करोड़ रूपये का भुगतान कैंसर मरीजों की जांच एवं उपचार के लिये किया गया। गैस पीड़ित कैंसर मरीजों के इलाज खर्च की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था 1998 से प्रारंभ हुई। गत वित्तीय वर्ष में 6 हजार 138 गैस पीड़ित कैंसर मरीज इस व्यवस्था से लाभान्वित हो चुके हैं। इस पर कुल 146 करोड़ 99 लाख रूपये खर्च किये गये। एम.आर.आई., सी.टी.स्केन, मेमोग्राफी, कलर डॉपलर तथा पेट-सीटी की व्यवस्था आउटसोर्स से अधिमान्यता प्राप्त संस्थानों के जरिये की जा रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में अधिमान्य संस्थाओं द्वारा गैस पीड़ित एवं उनके बच्चों की रेडियोडायग्नोस्टिक जांचों में 188 सी.टी. स्केन एवं 164 पीईटी-सी.टी. स्केन कराये गये। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त गैस पीड़ितों एवं उनके बच्चों को विशेष प्रकरण के रूप में राज्य एवं राज्य के बाहर उपचार के लिये भी वित्तीय सहायता दी जाती है। इन प्रकरणों में लीवर प्रत्यारोपण, गुर्दा प्रत्यारोपण, बोन ट्यूमर, ह्दय रोग, कैंसर उपचार आदि गंभीर बीमारियाँ शामिल हैं। संचालक ने बताया कि विभाग द्वारा सभी गैस पीडितों एवं उनके बच्चों के स्मार्ट कार्ड भी बनाये जा रहे हैं। भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर, भोपाल द्वारा अबतक लगभग 3 लाख 86 हजार से अधिक गैस पीड़ितों तथा उनके बच्चों के स्मार्ट कार्ड/पहचान पत्र बनाये गये हैं। वर्तमान में बी.एम.एच.आर.सी. द्वारा गैस पीड़ितों एवं उनके बच्चों के बार-कोटेड स्मार्ट कार्ड तैयार किये जा रहे है। अबतक लगभग 30 हजार से अधिक गैस पीड़ितों एवं उनके बच्चों के स्मार्ट कार्ड तैयार कर लिये गये हैं। अब जो स्मार्ट कार्ड बनाये जायेंगे, वो बी.एम.एच.आर.सी. तथा गैस राहत की सभी चिकित्सीय इकाइयों में समान रूप से उपयोग किये जायेंगे।   recent visitors 152

खेल मंत्री ने लोकसभा में बताया-विनेश फोगाट की हर संभव सहायता प्रदान की, उनके लिए पर्सनल स्टाफ भी नियुक्त किए गए

नई दिल्ली पेरिस ओलंपिक में भारतीय रेसलर विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित किए जाने के मामले में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने लोकसभा में बयान दिया। मांडविया ने कहा कि भारतीय रेसलर विनेश फोगाट को तय कैटेगरी में ज्यादा वजन होने की वजह से ओलंपिक से बाहर होना पड़ा। आईओए की प्रमुख पीटी उषा पेरिस में ही हैं और प्रधानमंत्री ने उनसे खुद बात की है। मांडविया के अनुसार, प्रधानमंत्री ने पीटी उषा को कहा है कि वह इस मामले में उचित कार्रवाई करें। खेल मंत्री ने कहा कि विनेश फोगाट को सरकार ने हरसंभव मदद दी है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने आगे कहा कि विनेश मंगलवार को तीन मुकाबले जीतकर फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला रेसलर बनीं। भारत सरकार ने विनेश फोगाट की हर संभव सहायता प्रदान की। उनके लिए पर्सनल स्टाफ भी नियुक्त किए गए, जो अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं। उनके साथ हंगरी के विख्यात कोच और फिजियो हमेशा रहते हैं। मांडविया ने कहा कि सरकार ने विनेश फोगाट को सभी प्रकार की खेल सुविधाएं एवं हर स्तर पर प्रशिक्षण उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि विनेश को पेरिस ओलम्पिक के लिए 70 लाख 45 हजार 775 रुपये की सहायता दी गई है। उन्होंने बताया कि स्पेन में ट्रेनिंग सेशन में जाने के लिए और ओलंपिक से पहले तैयारी में जाने के लिए भी फंडिंग की गई थी। वह जब हंगरी में गई थीं तो उसके लिए भी सरकार ने पूरी व्यवस्था की थी। रूस में भी अंतरराष्ट्रीय शिविर में हिस्सा लेने के लिए सरकार ने मदद की थी। बता दें कि एक स्तब्ध करने वाले घटनाक्रम में विनेश फोगाट को महिलाओं की 50 किलो कुश्ती स्पर्धा के फाइनल से पहले वजन अधिक पाए जाने के कारण बुधवार को ओलंपिक से अयोग्य घोषित कर दिया गया । विनेश ने ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर इतिहास रचा था। सुबह तक उनका कम से कम रजत पदक पक्का लग रहा था लेकिन अब वह बिना किसी पदक के लौटेंगी। 29 वर्ष की विनेश को खेलगांव में पोली क्लीनिक ले जाया गया क्योंकि सुबह उनके शरीर में पानी की कमी हो गई थी। एक भारतीय कोच ने कहा, ''सुबह उसका वजन 100 ग्राम अधिक पाया गया। नियम इसकी अनुमति नहीं देते और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया है।'' भारतीय ओलंपिक संघ ने विनेश की निजता का सम्मान करने का अनुरोध करते हुए कहा ,''हमें यह खबर देते हुए खेद हो रहा है कि विनेश फोगाट महिला कुश्ती के 50 किलो वर्ग से अयोग्य घोषित कर दी गई है। पूरी रात टीम के अथक प्रयासों के बावजूद सुबह उसका वजन 50 किलो से अधिक पाया गया।'' इसमें कहा गया ,''भारतीय दल इस समय कोई और बयान नहीं देगा। भारतीय टीम आपसे विनेश की निजता का सम्मान करने का अनुरोध करती है । भारतीय दल इस समय आगामी स्पर्धाओं पर फोकस करना चाहेगा।'' recent visitors 86

पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश की आलोचनात्मक टिप्पणियों के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई से किया इनकार

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस राजबीर सहरावत की एकल पीठ की ओर से अवमानना ​​के एक मामले में शीर्ष अदालत के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और उसे आदेश से हटा दिया। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस सहरावत की टिप्पणियों को ‘अनुचित’ और ‘अपमानजनक’ करार दिया। हाई कोर्ट के जज ने 17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आलोचना की थी। हालांकि, देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश राजबीर सेहरावत की आलोचनात्मक टिप्पणियों के लिए उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। इस पीठ में CJI के अलावा जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बी आर गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस ऋषिकेश रॉय भी शामिल थे। पीठ ने सुनवाई के दौरान ‘‘न्यायिक अनुशासन’’ का उल्लेख किया और कहा कि उसे उम्मीद है कि भविष्य में ऊंची अदालतों के आदेशों पर विचार करते समय अधिक सावधानी बरती जाएगी। सुनवाई के दौरान CJI चंद्रचूड़ ने कहा, "अवमानना ​​मामले से निपटने के दौरान पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश द्वारा की गई टिप्पणियों से हम दुखी हैं।" उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अनुपालन पसंद का मामला नहीं है, बल्कि बाध्यकारी कानूनी प्रणाली का मामला है।" CJI ने कहा कि पक्ष किसी आदेश से व्यथित हो सकते हैं, लेकिन न्यायाधीश कभी भी उच्च अपीलीय मंच से व्यथित नहीं हो सकते। पीठ ने कहा कि न तो उच्चतम न्यायालय सर्वोच्च है और न ही उच्च न्यायालय, वास्तव में भारत का संविधान सर्वोच्च है। पीठ ने उच्चतम न्यायालय की आलोचना करने संबंधी पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश पर स्वत: संज्ञान लेकर मामले में सुनवाई की और कहा कि उसे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की टिप्पणियों से पीड़ा पहुंची है। पीठ ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने कई चीजों के संबंध में अनावश्यक टिप्पणियां की हैं। उसने कहा कि न्यायाधीश ऊंची अदालतों द्वारा पारित आदेशों से खिन्न नहीं हैं, लेकिन न्यायिक अनुशासन का पालन किया जाना चाहिए। जस्टिस सहरावत ने उच्च न्यायालय द्वारा शुरू की गई अवमानना ​​कार्यवाही पर रोक लगाने संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की आलोचना की थी। recent visitors 98

संजय दीक्षित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सीतापुर MP राकेश राठौर ने मल्लिकार्जुन खरगे को कड़ी चिट्ठी लिखी

सीतापुर उत्तर प्रदेश कांग्रेस में नया बवाल खड़ा हो गया है। कांग्रेस से 2018 में छह साल का निष्कासन झेल चुके संजय दीक्षित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सीतापुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को कड़ी चिट्ठी लिखी है। राठौर पहले सीतापुर सदर सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक थे जिनका टिकट 2022 में काटकर इन्हीं के हमनाम एक मैकेनिक को लड़ाया और जीतने के बाद मंत्री भी बनाया। खरगे को लिखी चिट्ठी में राकेश राठौर ने कांग्रेस में आने की वजह का जिक्र करते हुए कहा है कि विधायक रहते वो भाजपा की सवर्णवादी मानसिकता के विरोध में राहुल गांधी के साथ आए थे। राठौर ने पत्र के जरिए खरगे के सामने पार्टी में पिछड़े, दलित और मुसलमानों के सम्मान का सवाल उठाया है। राकेश राठौर इस बात से नाराज हैं कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के बुलाने पर उनके साथ एक कार्यक्रम में गए थे लेकिन संजय दीक्षित ने उन्हें धक्का देकर रोक दिया। राठौर ने बताया है कि 6 जुलाई को वो प्रदेश कांग्रेस दफ्तर गए थे जहां अजय राय ने उन्हें एक कार्यक्रम में चलने कहा। राठौर का आरोप है कि संजय दीक्षित ने उन्हें धक्का देकर कार्यक्रम में रोक दिया। राठौर ने खरगे को याद दिलाया है कि बसपा से कांग्रेस में आए नसीमुद्दीन सिद्दिकी के खिलाफ बयानबाजी के कारण पार्टी ने संजय दीक्षित को 2018 में छह साल के लिए निष्साकित कर दिया था। लेकिन दीक्षित को अब प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय ने कांग्रेस वॉर रूम में तैनात कर रखा है। सांसद राकेश राठौर ने खरगे को लिखा है- “मैं अति पिछड़ी जाति से आता हूं और अपने समाज के प्रति भाजपा द्वारा सवर्णवादी मानसिकता प्रदर्शित करने के कारण ही भाजपा से मौजूदा विधायक होते हुए मैंने भाजपा छोड़ दी थी। आप द्वारा और राहुल गांधी और प्रियंका गांधी द्वारा सामाजिक न्याय के मुद्दों को उठाने से प्रभावित होकर ही मैंने कांग्रेस की सदस्यता ली थी। कमजोर तबकों के अधिकतर लोग राजनीति में सिर्फ इस वजह से आते हैं कि वो अपने समाज को सम्मान दिला सकें। मैं चुना हुआ सांसद हूं। मेरे साथ ऐसा व्यवहार हुआ है तो अंदाजा लगा सकते हैं कि दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज के कार्यकर्ताओं के साथ किस तरह का व्यवहार होता होगा। ” recent visitors 143

इंदौर मालवा मिल की जमीन के एक हिस्से में सिटी फारेस्ट विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है

इंदौर इंदौर शहरी क्षेत्र में बंद मिलों की जमीनों का उपयोग शहर हित में किया जाना है। मालवा मिल की जमीन के एक हिस्से में सिटी फारेस्ट विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। नगर वन विकास करने की योजना के तहत इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा इंदौर और जबलपुर शहरी क्षेत्र में नगर वन (सिटी फारेस्ट) विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिये विभाग द्वारा योजनाबद्ध तरीके से तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 की कार्य योजना में नगर वन विकसित करने संबंधी प्रस्ताव रखा गया है। लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा नेशनल टेक्सटाईल कॉर्पोरेशन से इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं बुरहानपुर जिले की बंद मिलों की भूमि को पुनः राज्य शासन के पक्ष में बंदोबस्त (वैष्ठित) कर लिया गया है। इसके विरुद्ध नेशनल टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन ने इंदौर, उज्जैन एवं भोपाल की भूमि के संबंध में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। संबंधित जिलों के कलेक्टर्स से समन्वय स्थापित कर विभाग द्वारा इन भूमि प्रकरणों के जल्द से जल्द निराकरण की कार्यवाही की जा रही है। कल्याण मिल का भी होगा प्रबंध इंदौर जिले में स्थित यूनाइटेड मालवा मिल का एक प्रमुख भाग प्रबंधन की मंशा से नगर वन (सिटी फारेस्ट) के रूप में विकसित करने के लिये बेहद उपयुक्त पाया गया है। इस विकास प्रस्ताव पर विभागीय योजना बनाकर कार्यवाही की जा रही है एवं कल्याण मिल का उचित रूप से प्रबंधन किया जा रहा है। यहां भी बन रही योजना उज्जैन की विनोद मिल के शेष पार्सलों पर व्यवसायिक गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिये विभागीय योजना तैयार की जा रही है। उज्जैन की हीरा मिल का समुचित प्रबंधन भी विभागीय तौर पर किया जा रहा है। लोक परिसम्पत्ति विभाग द्वारा जबलपुर शहरी क्षेत्र में बीएसएनएल द्वारा अधिग्रहित भूमि को पुनः राज्य शासन के पक्ष में बंदोबस्त (वैष्ठित) कर लिया गया है। अब यहाँ 'सिटी फारेस्ट के लिए जरूरी विकास के मद्देनजर समुचित प्रबंधन एवं व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। 16 जिलों के विकास प्रस्ताव तैयार 'लोक परिसंपत्ति प्रबंधन जिला प्रोत्साहन योजना' के अंतर्गत विभाग द्वारा जिलों में मौजूद आधारभूत संरचनाओं को और अधिक सुदृढ़ कर इन्हें नई आवश्यकतानुसार विकसित करने के लिये गत वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में 20 जिलों को उनसे प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार कुल 126 करोड़ 79 लाख रूपये वितरित किये गये। जारी वित्त वर्ष 2024-25 में इस योजना में 16 जिलों से पात्रतानुसार 65 करोड़ 49 लाख रूपये के विकास प्रस्ताव प्राप्त करने के लिये भी विभाग द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। recent visitors 69