रेखा गुप्ता ने कहा- दिल्ली में नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने की घोषणा के बाद इन लोगों को मिलेगी नौकरी में प्राथमिकता

नई दिल्ली दिल्ली में नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने की घोषणा के बाद अपनी नौकरी को लेकर चिंतित मोहल्ला क्लीनिक में तैनात डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ के प्रति मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सहानुभूति दिखाई है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि नई भर्ती में उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। शुक्रवार सुबह शालीमार बाग स्थित आवास पर मोहल्ला क्लीनिक में कार्यरत डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से अपनी चिंता साझा कीं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि आप निश्चिंत रहें, दिल्ली में जो भी नए आरोग्य मंदिर बनाए जाएंगे, उनमें नई भर्ती में पहले आपको प्राथमिकता (आक्यूपाइ करेंगे) दी जाएगी, इसके बाद किसी और को रखा जाएगा। दिल्ली में इस समय 553 मोहल्ला क्लिनिक उल्लेखनीय है कि दिल्ली में इस समय 553 मोहल्ला क्लीनिक है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने 14 मई को ही मोहल्ला क्लीनिक में कार्यरत 431 डॉक्टर को एक साल के लिए कार्य विस्तार दिया गया है। इसके अलावा 410 पैरा मेडिकल कर्मचारियों को भी कार्य विस्तार दिया गया है लेकिन इस कार्य विस्तार में डाली गई एक शर्त को लेकर मोहल्ला क्लीनिक स्टाफ चिंतित है। नई शर्त में यह कहा गया है कि यदि इस अनुबंध अवधि के दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लिए नई नियुक्ति होती हैं तो वर्तमान अनुबंध स्वत: खत्म हो जाएगा। recent visitors 48

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मिले मॉक ड्रिल में घायल जवानों से, उपचार की जानकारी भी डॉक्टर्स से ली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मॉक ड्रिल के दौरान घायल हुए उपचाररत जवानों से शुक्रवार को अस्पताल पहुंचकर कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने उनके उपचार की जानकारी भी डॉक्टर्स से ली। क्षेत्रीय विधायक श्री रामेश्वर शर्मा भी साथ थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायल जवानों श्री संतोष कुमार और श्री विशाल सिंह से चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल के चिकित्सकों को इन जवानों का समुचित उपचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत हुई तो इन जवानों को उच्च चिकित्सा संस्थान में भी भिजवाएं। चिकित्सकों ने बताया कि जवानों का इसी अस्पताल में समुचित उपचार हो जाएगा। घायल जवानों में कांस्टेबल श्री संतोष कुमार को आंख में गंभीर चोट आई है और हेड कांस्टेबल श्री विशाल सिंह भी चोटिल है। दोनों का सघन चिकित्सा कक्ष में इलाज चल रहा है। यह दोनों जवान सीटीजी होप फोर्स के सदस्य हैं और 25वीं बटालियन में पदस्थ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायल जवानों के परिजनों से भी मुलाकात की और उन्हें सांत्वना देखकर कहा कि दोनों जवानों के बेहतर इलाज के लिए सभी प्रबंध किए जाएंगे। चिंता की कोई बात नहीं है। जवानों का हर संभव इलाज कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की जांच के निर्देश भी दिये हैं। जयप्रकाश लखेरा और इनके परिजन से भी मिले मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाणगंगा चौराहे पर विगत दिवस हुई सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल श्री जय प्रकाश लखेरा से भी अस्पताल में मुलाकात की। उन्होंने श्री लखेरा को आश्वस्त किया कि उनका समुचित इलाज कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री लखेरा के परिजनों को भी आश्वस्त किया कि इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।   recent visitors 38

बीएसएफ जवान ने अपनी पत्नी को बताया कि पाकिस्तान में कैद के दौरान उन्हें रात को सोने तक नहीं दिया गया

कोलकता पाकिस्तान से 21 दिनों के बाद रिहा होकर भारत लौटे बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ ने अपनी पत्नी रजनी से फोन पर बातचीत में कैद के दौरान के अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने अपनी पत्नी को बताया कि पाकिस्तान में कैद के दौरान उन्हें रात को सोने तक नहीं दिया गया। लगातार पूछताछ की जाती थी। पाकिस्तानी ऐसी हरकत करते थे कि जैसे पीके शॉ कोई जासूस हों। 23 अप्रैल को पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में ड्यूटी के दौरान पूर्णम कुमार शॉ गलती से पाकिस्तानी सीमा में प्रवेश कर गए थे। कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के अगले ही दिन यह घटना घटी। पाकिस्तान की सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया और उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया था। भारत सरकार ने कूटनीतिक चैनल के जरिए दबाव बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद पाकिस्तान से उसकी रिहाई हुई। बुधवार को पति से बात करने के बाद रजनी शॉ ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "उन्होंने बताया कि उन्हें शारीरिक यातना नहीं दी गई, लेकिन मानसिक रूप से वे पूरी तरह थक चुके हैं। उन्हें हर रात पूछताछ के लिए उठाया जाता था। वह बोले कि उन्हें खाना तो मिलता था, लेकिन दांत साफ करने की अनुमति भी नहीं दी गई। उनकी आवाज में थकावट साफ झलक रही थी।" तीन अलग-अलग जगहों पर रखा गया रजनी ने यह भी बताया कि पूर्णम शॉ को तीन अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। उनमें से एक जगह संभवतः किसी एयरबेस के पास की जगह थी, क्योंकि वहां हवाई जहाजों की आवाजें आती थीं। यह सब उनके मानसिक तनाव को और बढ़ाने वाला अनुभव था। रजनी शॉ ने गर्व के साथ कहा, “वह पिछले 17 वर्षों से देश की सेवा कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। हम सभी को उन पर गर्व है। वह फिर से ड्यूटी पर लौटेंगे।” अगर शॉ को जल्दी छुट्टी नहीं मिली, तो रजनी स्वयं पठानकोट जाकर उनसे मिलने की योजना बना रही हैं। आपको बता दें कि बुधवार शाम को पूर्णम कुमार शॉ को अटारी-वाघा सीमा के जरिए भारत लाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण और डिब्रीफिंग की गई।   recent visitors 57

मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई जोगेश्वरी इलाके में 4 करोड़ की ड्रग्स बरामद, दो ड्रग्स सप्लायरों को किया गिरफ्तार

मुंबई मुंबई क्राइम ब्रांच ने नशे के सौदागरों के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। क्राइम ब्रांच की यूनिट 5 ने जोगेश्वरी इलाके में दो ड्रग्स सप्लायरों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 2 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बरामद किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस ड्रग्स की कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये आंकी गई है। जानकारी के अनुसार, क्राइम ब्रांच की टीम को जोगेश्वरी बस डिपो के पास दो संदिग्ध व्यक्तियों पर शक हुआ। तलाशी लेने पर उनके पास से भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स मिला। दोनों आरोपियों के खिलाफ अंबोली पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया। मुंबई क्राइम ब्रांच अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि यह ड्रग्स कहां से लाया गया था और इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाने की योजना थी। पुलिस को शक है कि यह एक बड़े ड्रग्स रैकेट का हिस्सा हो सकता है। बता दें कि पिछले माह अप्रैल में भी क्राइम ब्रांच को मुंबई से सटे मीरा-भायंदर इलाके में एक बड़ी सफलता हाथ लगी थी। तब 'ड्रग्स क्वीन' के नाम से कुख्यात सबीना शेख को भारी मात्रा में कोकीन और नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया। मीरा-भायंदर-वसई विरार पुलिस आयुक्तालय की क्राइम ब्रांच यूनिट-1 (काशीमीरा) की इस कार्रवाई में कुल 14.868 किलोग्राम कोकीन बरामद की गई थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 22.33 करोड़ रुपए आंकी गई थी। सबीना की गिरफ्तारी के बाद मामले की छानबीन आगे बढ़ाई गई, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। सबीना की निशानदेही पर क्राइम ब्रांच ने नाइजीरियाई नागरिक एंडी उबाबुदिके ओनींसे को गिरफ्तार किया, जिसके घर से 2.604 किलोग्राम कोकीन (कीमत 3.90 करोड़ रुपए) और बड़ी मात्रा में नकदी जब्त की गई थी। इसके बाद पुलिस ने वसई के एवरशाइन नगर से एक विदेशी महिला क्रिस्टाबेल एनजेई को भी गिरफ्तार किया था। उसके पास से 64.98 लाख रुपए की कोकीन, भारतीय मुद्रा और विदेशी करेंसी (अमेरिकन डॉलर समेत) बरामद की गई थी। क्रिस्टाबेल एनजेई के बारे में पता चला कि वह कैमरून की नागरिक है। सबीना का नेटवर्क मुंबई, नवी मुंबई, पालघर, पुणे और नासिक तक फैला हुआ है। वह भारतीय नागरिक होने के कारण बिना शक के बड़े नेटवर्क को संभालती थी और विदेशी सप्लायर्स के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर काम करती थी। recent visitors 31

WWE का बड़ा इवेंट मनी इन द बैंक 2025 7 जून को, पैसों के लिए आपस में मार-कुटाई करेंगे रेसलर्स

नई दिल्ली WWE का अगला बड़ा इवेंट, मनी इन द बैंक 2025, 7 जून को होगा। कंपनी इसकी तैयारी कर रही है। WWE के लिए यह एक बड़ा मौका है। इस इवेंट में फैंस को अक्सर चौंकाने वाले सरप्राइज मिलते हैं। ट्रिपल एच के समय में WWE ने बहुत सफलता हासिल की है। मनी इन द बैंक लैडर मैच पर सबकी निगाहें होंगी। WWE मनी इन द बैंक 2025 के लिए बड़े इवेंट आयोजित करने की योजना बना रहा है और लोग इसका इंतजार कर रहे हैं। मनी इन द बैंक में दिखेंगे कई सितारे रोमन रेंस, सीएम पंक और जॉन सीना जैसे पहलवान इसमें प्रदर्शन करते दिखेंगे। हाल के महीनों में, ट्रिपल एच ने जिन पहलवानों को चुना है, उस वजह से विवाद हुआ है। मनी इन द बैंक 2025 में ट्रिपल एच दर्शकों को इम्प्रेस करने के लिए तीन मुख्य मैच आयोजित कर सकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि वह तीन मुकाबले कौन-कौन से हैं। ये हैं वो तीन मुकाबले, जिसका आयोजन करवा सकते है ट्रिपल एच     पहला मैच सैथ रॉलिंस और सीएम पंक के बीच हो सकता है। रेसलमेनिया 41 में सैथ रॉलिंस, सीएम पंक और रोमन रेंस ने एक इवेंट में भाग लिया था। वहां रॉलिंस जीते थे। हेमैन ने पंक और रेंस को धोखा दिया। उस समय, ब्रॉन ब्रेकर उस टीम का हिस्सा बन गए जिसे वे मैनेज करते हैं। पंक रॉलिंस और हेमैन से बदला लेना चाहते हैं। सामी जेन और जे उसो ने अब तक उनकी मदद की है।     दूसरा मैच सोलो सिकोआ और जैकब फातू के बीच हो सकता है। ट्रिपल एच को सोलो सिकोआ और जैकब फातू के बीच के झगड़े पर ध्यान देना चाहिए। फरवरी में दोनों के बीच एक मैच का इशारा मिला था। दोनों ने गलती से एक-दूसरे पर हमला कर दिया था। रेसलमेनिया 41 में, सिकोआ ने यूएस चैंपियनशिप जीती। इन दोनों के बीच अभी तक कोई अच्छी केमिस्ट्री नहीं बनी है।     तीसरा मैच रोमन रेंस और ब्रॉन ब्रेकर के बीच हो सकता है। फैंस लंबे समय से रोमन रेंस और ब्रॉन ब्रेकर के बीच मुकाबले का इंतजार कर रहे हैं। ब्रेकर ने कई बार यह साफ किया है कि वह रेंस से लड़ना चाहते हैं। कंपनी ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। रेसलमेनिया 41 के बाद पहले रॉ के दौरान, ब्रेकर ने रेंस के खिलाफ दो स्पीयर का इस्तेमाल किया। रोमन बुरी हालत में थे। वह रिंग में लड़ते हुए बेबस दिख रहे थे। ब्रेकर और रोमन के बीच का मुकाबला भविष्य में नई कहानियों को जन्म दे सकता है। recent visitors 49

खरगोन में आधी रात को मचा हड़कंप, गौ तस्करों की गाड़ी ने गौ सेवकों को रौंदा, चार लोग हुए घायल

खरगोन  खरगोन जिले के गोगांवा थाने के बिलाली और दसनावल गांव के बीच गो तस्करों के चार पहिया वाहन ने गो सेवकों को सामने से टक्कर मारी। इसमें दो गौ सेवक गंभीर रूप से घायल हो गए है। वहीं दो गो सेवकों को चोट आई है। घटना गुरुवार रात डेढ से 2 बजे की है। खरगोन में गो सेवकों को सूचना मिली थी कि गोवंश को महाराष्ट्र भेजा जा रहा है। खंडवा-बड़ौदा मार्ग पर गो सेवक पहुंच गए। इस दौरान गौ तस्करी के लिए जा रहे वाहनों को रोकने के दौरान तस्करों ने सामने से ही गो सेवकों को जानलेवा टक्कर मार दी। सिर में आई गंभीर चोट घटना में दो गो सेवक सतीश राठौर और राजा चौहान के सिर में गंभीर चोट के बाद खरगोन के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो गो सेवक को मामूली चोट आई है जिनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। 6-7 पिकअप वाहनों से महाराष्ट्र भेजे जा रहे थे गोवंश अवैध गो वंश परिवहन की सूचना के बाद करीब एक दर्जन से अधिक गो सेवक गाड़ी पकड़ने पहुंचे थे। करीब 6 से 7 पिकअप वाहन से महाराष्ट्र जाने के लिए गोवंश का परिवहन हो रहा था। बताया जा रहा है छह वाहन भाग निकले। एक वाहन को पुलिस ने जब्त किया है। खबर लगते ही देर रात को ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र रावत पहुंचे थे। पुलिस ने सूचना कर नाकेबंदी भी करा दी थी। गोगांवा पुलिस विवेचना कर रही है। उधर, हिंदू संगठन के पदाधिकारी का आरोप है कि इतने थानों और चौकी क्रास होकर गो तस्करी के वाहन महाराष्ट्र कैसे पहुंच रहे हैं। पिछले दिनों ही गो सेवकों ने प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग को शिकायत की थी। उसके बावजूद तस्करी जारी है। recent visitors 34

सेना ने 48 घंटे में छह आतंकी किये ढेर, त्राल-शोपियां में कैसे रडार पर आए दहशतगर्द?

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद से ही सेना पूरे कश्मीर में आतंकियों का खात्मा करने में लगी हुई है. यहां सेना सर्च ऑपरेशन के साथ ही कई अन्य ऑपरेशन चला रही है. इसी के तहत सेना ने 48 घंटों के अंदर 6 आतंकियों ढेर कर दिया है. इसके अलावा कई आतंकियों तलाश की जा रही है. गुरुवार को सेना की पुलवामा जिले में आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई, इसमें मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के तीन आतंकवादी मारे गए. इनकी पहचान आसिफ अहमद शेख, आमिर नजीर वानी और यावर अहमद भट के रूप में हुई है. इसके पहले मंगलवार को लश्कर के मॉड्यूल के आतंकवादियों को ढेर किया गया था. 6 आतंकी ढेर 8 की तलाश श्रीनगर में आज की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में IGP कश्मीर वी.के. बिरदी ने आतंकियों के खात्मे के बारे में बताया है. उन्होंने कहा कि पिछले 48 घंटों में हमने दो बहुत सफल ऑपरेशन किए हैं. ये दो ऑपरेशन शोपियां और त्राल में किए गए. कुल 6 आतंकवादियों को मार गिराया गया. उन्होंने बताया कि 4 आतंकियों की लिस्ट में से 6 को ढेर कर दिया गया है इसके अलावा बचे हुए अन्य 8 आतंकियों की तलाश की जा रही है. कैसे ऑपरेशन हुआ सफल? प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से इन आतंकियों के मूवमेंट की खबर मिल रही थी. इसी को देखते हुए हम लोग सर्च ऑपरेशन चला रहे थे. उसी दौरान हमें आतंकियों के बारे में जानकारी मिली. सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था. सर्च ऑपरेशन के दौरान ही आतंकियों ने जैसे ही सेना के जवानों को देखा तो तुरंत ही फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में 3 आतंकी मारे गए. इनकी पहचान आसिफ अहमद शेख, आमिर नजीर वानी और यावर अहमद भट के रूप में हुई है. मारे गए आतंकियों के पास से हथियार और गोला बारूद भी जब्त किया गया है. मंगलवार को शोपियां में मुठभेड़ में लश्कर के तीन आतंकियों को मार गिराया गया था। आईजीपी कश्मीर वीके बिरदी ने कहा कि तीनों आतंकियों को जिंदा पकड़ने का प्रयास किया गया था, लेकिन उन्होंने हथियार नहीं डाले। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि जैश कमांडर आसिफ अहमद शेख और उसके दो साथियों आमिर नजीर वानी व यावर अहमद बट के त्राल के नादिर में एक जगह छिपे होने की सूचना मिली थी। आतंकियों पर था पांच-पांच लाख का इनाम इसके आधार पर पुलिस ने सेना और सीआरपीएफ के जवानों के साथ मिलकर अभियान शुरू किया। आतंकियों ने मकान के साथ सटे शेड में भी शरण लेने का प्रयास किया और एक आतंकी वहीं शेड में मारा गया। आसिफ जैश का जिला कमांडर था। सात लाख का इनामी आसिफ 2022 को आतंकी बना था। आमिर और यावर अहमद बट दोनों ही पांच-पांच लाख के इनामी थे और 2024 को आतंकी बने थे। स्थानीय लोगों ने की ऑपरेशन में मदद मेजर जनरल धनंजय जोशी ने बताया कि 12 मई को हमें आतंकियों के बारे में इनपुट मिला था. हालांकि वे बहुत ऊंचाई पर थे. हमने जानकारी मिलने के बाद ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया और उनकी पहचान पता की. सर्च ऑपरेशन के दौरान उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी. एक-एक घर में जाकर तलाशी ली गई. इस दौरान, हमारे सामने चुनौती नागरिक ग्रामीणों को बचाने की थी. इसके बाद, तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया. मारे गए 6 आतंकवादियों में से एक, शाहिद कुट्टे, दो बड़े हमलों में शामिल था, जिसमें एक जर्मन पर्यटक पर हमला भी शामिल था. पूरे सर्च ऑपरेशन के दौरान अच्छा लोकल सपोर्ट भी मिला था.   recent visitors 40