अयोध्या रेपकांड पर फिर बोले अखिलेश’राजनीतिकरण का मंसूबा कभी कामयाब नहीं होना चाहिए’

अयोध्या अयोध्या रेप कांड को लेकर यूपी की सियासत गरमा गई है. एक ओर समाजवादी पार्टी बीजेपी सरकार पर हमलावर है. वहीं बीजेपी की ओर से कहा जा रहा है कि इस घटना का आरोपी अयोध्या के सपा सांसद का करीबी है. जहां सपा की ओर से पीड़िता और आरोपी के नार्को टेस्ट की मांग की गई, वहीं डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने इसको लेकर 'सैफई परिवार' पर निशाना साधा. अब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि बदनीयत लोगों का इस तरह की घटनाओं का राजनीतिकरण करने का मंसूबा कभी कामयाब नहीं होना चाहिए. अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा है, "बलात्कार पीड़िता के लिए सरकार अच्छे-से-अच्छा चिकित्सीय प्रबंध कराए. बालिका के जीवन की रक्षा की ज़िम्मेदारी सरकार की है. माननीय न्यायालय से विनम्र आग्रह है कि स्वत: संज्ञान लेकर स्थिति की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए अपने पर्यवेक्षण में पीड़िता की हर संभव सुरक्षा सुनिश्चित करवाएं. बदनीयत लोगों का इस तरह की घटनाओं का राजनीतिकरण करने का मंसूबा कभी कामयाब नहीं होना चाहिए." अखिलेश ने की थी DNA टेस्ट की मांग इससे पहले अखिलेश ने कहा था कि इस मामले में जिन पर भी आरोप लगा है उनका DNA TEST कराकर इंसाफ का रास्ता निकाला जाए न कि केवल आरोप लगाकर सियासत की जाए. जो भी दोषी हो उसे कानून के हिसाब से पूरी सजा दी जाए, लेकिन अगर DNA TEST के बाद आरोप झूठे साबित हों तो सरकार के संलिप्त अधिकारियों को भी न बख्शा जाए. यही न्याय की मांग है. शिवपाल बोले- केशव मौर्य का भी हो नार्को टेस्ट इससे पहले सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव ने भी पीड़िता और आरोपी के नार्को टेस्ट की मांग का समर्थन किया था. शिवपाल ने कहा था, "मैं अयोध्या के घटना की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं व साथ ही श्री पवन पांडेय द्वारा किए गए नार्को टेस्ट की मांग का समर्थन भी करता हूं. उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्या का भी नार्को टेस्ट होना चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संवदेनशील विषयों पर घटिया राजनीति कौन कर रहा है." केशव मौर्य ने क्या कहा था? इससे पहले डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने ट्वीट कर कहा था कि बलात्कारियों को बचाना सपा की जन्मजात फ़ितरत है. अगर बलात्कारी मुसलमान हो तब पूरा का पूरा सैफई परिवार उसे बचाने के लिए खूंटा गाड़ देता है. उन्होंने आगे लिखा था- सपा होगी सफा. सपा महासचिव ने केशव मौर्य के इसी बयान का पलटवार किया था.   क्या है अयोध्या की पूरी घटना? रेप की यह घटना अयोध्या के पूरा कलंदर थाना क्षेत्र की है, जहां 12 साल की एक बच्ची से दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने उसका अश्लील वीडियो बना लिया फिर लंबे समय तक उसे ब्लैकमेल करके बारी-बारी रेप करते रहे. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता दो महीने की गर्भवती हो गई. आरोप है कि लगभग ढाई महीने पहले पीड़िता खेत से मजदूरी करके लौट रही थी. तभी रास्ते में उसे राजू नामक एक शख्स मिला जिसने उससे कहा कि बेकरी मालिक मोईद खान उसे बुला रहा है. आरोप है कि मोईद ने उसका बलात्कार किया और राजू ने इसका वीडियो बना लिया. फिर राजू ने भी बच्ची के साथ दुष्कर्म किया. लंबे समय तक दोनों वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल करके उसके साथ गंदा काम करते रहे.बच्ची जब 2 महीने की गर्भवती हो गई तब मामला खुला. पुलिस ने दबाव के बाद लिया एक्शन इस मामले में पीड़िता के परिजनों ने पुलिस से शिकायत भी की, लेकिन आरोप है कि शुरू में इसपर कोई एक्शन नहीं लिया गया. बाद में जब हिंदू संगठनों के साथ निषाद पार्टी के लोगों ने आक्रोश जताया तो पुलिस ने सपा के भदरसा नगर अध्यक्ष मोईद खान और उसकी बेकरी पर काम करने वाले राजू को गिरफ्तार किया. पीड़िता की मां ने बताया कि जब हम शिकायत लेकर चौकी पर गए तो दारोगा ने हमसे कहा कि राजू का नाम रखिए, लेकिन दूसरा नाम हटा दीजिए. फिर एसपी के दखल के बाद हमारा मामला लिखा गया. हमें आरोपियों के लिए फांसी की सजा चाहिए. पीड़िता की मां ने सीएम योगी से की मुलाकात पीड़ित नाबालिग लड़की की मां ने बीते शुक्रवार को लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. इस दौरान सीएम ने सपा नेता मोईद खान समेत अन्य आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया. इसके बाद अब थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी पर भी एक्शन हुआ है और आरोपी की संपत्ति की जांच शुरू कर दी गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए पीड़िता, आरोपी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है.   शिवपाल ने डिप्टी सीएम केशव मौर्य का नार्को टेस्ट कराने की मांग करते हुए लिखा, "मैं अयोध्या के घटना की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं व साथ ही श्री पवन पांडेय द्वारा किए गए नार्को टेस्ट की मांग का समर्थन भी करता हूं. उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्या का भी नार्को टेस्ट होना चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संवदेनशील विषयों पर घटिया राजनीति कौन कर रहा है." दरअसल इससे पहले डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने ट्वीट कर कहा था कि बलात्कारियों को बचाना सपा की जन्मजात फ़ितरत है. अगर बलात्कारी मुसलमान हो तब पूरा का पूरा सैफई परिवार उसे बचाने के लिए खूंटा गाड़ देता है. उन्होंने आगे लिखा था- सपा होगी सफा. सपा महासचिव ने केशव मौर्य के इसी बयान का पलटवार किया था.   पवन पांडेय ने क्या मांग की थी? अयोध्या से पूर्व सपा विधायक और अखिलेश सरकार में मंत्री रहे तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय ने आरोपी मोईद खान के साथ पीड़िता की मां का भी नार्को टेस्ट करने की मांग की थी. उसके बाद दोनों का डीएनए टेस्ट कराने की मांग भी की थी. शिवपाल यादव ने पवन पांडेय की इसी मांग का समर्थन किया है. क्या है अयोध्या का पूरा मामला? रेप की यह घटना अयोध्या के पूरा कलंदर थाना क्षेत्र की है, जहां 12 साल की एक बच्ची से दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने उसका अश्लील वीडियो बना लिया फिर लंबे समय तक उसे … Read more

12,121 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में से सबसे अधिक राजस्थान में : केंद्र सरकार

नई दिल्ली आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने संसद भवन में एक सवाल का जवाब देते हुए पूरे देश में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूरे देश में इस समय आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग 12,121 आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र (एएचडब्ल्यूसी) चल रहे हैं। जिनका नाम बदलकर अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) कर दिया गया है। उन्होंने बताया, “12,121 आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र (एएचडब्ल्यूसी) पूरे देश में काम कर रहे हैं। इन एएचडब्ल्यूसी में सबसे ज्यादा राजस्थान में चल रहे हैं। मंत्री ने एक लिखित उत्तर में कहा, देश में मौजूदा आयुष औषधालयों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों की कुल 12,500 इकाइयां हैं, जिन्हें केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) योजना के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के रूप में उन्नत करने की मंजूरी दी गई है। इस समय राजस्थान में सबसे ज्यादा 2,019 आयुष्मान आरोग्य मंदिर कार्य कर रहे हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 1,034, मध्य प्रदेश 800, हिमाचल प्रदेश 740 और केरल 700 आयुष्मान आरोग्य मंदिर चल रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव में सबसे कम केवल एक-एक ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित है। इसके अलावा दिल्ली और लद्दाख में एक भी आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि सबसे कम आयुष्मान आरोग्य मंदिरों वाले राज्यों में पुडुचेरी (4), अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (6) और लक्षद्वीप (7) शामिल हैं। बता दें, कुछ दिन पहले आयुष मंत्रालय ने कहा था कि वह इस साल सितंबर तक 1,000 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) के तहत प्रवेश स्तर प्रमाणन प्रक्रिया शुरू कर रहा है। इसमे अब तक 750 आरोग्य मंदिरों को प्रमाणित किया जा चुका है। स्वास्थ मंत्रालय के अनुसार एनएबीएच आयुष एंट्री लेवल सर्टिफिकेशन (एईएलसी) लॉन्च करने के लिए देश में सरकार के स्तर पर क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) के साथ साझेदारी की गई है। यह इस साल जून से सितंबर तक देश भर में 10,000 चिकित्सा शिविरों का भी आयोजन कर रहा है। यह शिविर देश की बुजुर्ग आबादी की विशिष्ट स्वास्थ्य देखभाल संबंधी आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करेगा। इसके साथ ही स्वास्थ राज्य मंत्री ने संसद में अपने लिखित जवाब में बताया कि विगत शैक्षणिक वर्ष 2023-24 में देश में रिकार्ड 541 आयुर्वेद, 58 यूनानी, 17 सिद्ध और 277 होम्योपैथी कॉलेज या शैक्षणिक संस्थान स्थापित किए गए हैं। यह देश में 2014 के बाद सबसे बड़े कालेजों की स्थापना है। 2014 के बाद से स्नातक (यूजी) में 32,256, आयुर्वेद 32,256, (पीजी) पाठ्यक्रमों में 7,799 सीटों की संख्या में भी वृद्धि की गई है।     recent visitors 97

शख्स ने प्राइवेट पार्ट में डाली 2 फीट लंबी मछली, ईल ने उसके शरीर से निकलने के प्रयास में मलाशय को काटा

हनोई  वियतनाम में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 31 वर्षीय भारतीय नागरिक को गंभीर पेट दर्द के कारण 27 जुलाई को हनोई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच करने पर पाया गया कि उसके पेट में एक जिंदा ईल मछली है। दरअसल इस व्यक्ति ने अपने प्राइवेट पार्ट से इस मछली को शरीर में डाला था। मछली ने उसके शरीर से निकलने के प्रयास में मलाशय को काटा और पेट तक प्रवेश कर रही। कोलोरेक्टल और पेरिनियल सर्जरी विभाग के उप निदेशक ले नहत हुई ने कहा, 'ईल ने भागने के प्रयास में मरीज के मलाशय और बड़ी आंत के एक हिस्से को काट लिया था।' एक्स रे सहित कई परीक्षणों के जरिए रोगी के पेट की गुहा के अंदर ईल के कंकाल का पता चला। डॉक्टरों ने शुरुआत में गुदा के माध्यम से इसे निकालने की कोशिश की लेकिन एक नींबू उसका रास्ता रोक रहा था। इसे भी उस शख्स ने ही अंदर डाला था। इस कारण उन्हें इमरजेंसी में सर्जरी करना पड़ा। सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को 25 इंच से ज्यादा लंबी और लगभग 4 इंच व्यास वाली जीवित ईल मछली मिली। डॉक्टरों ने ईल और नींबू दोनों को हटा दिया और शरीर में कुछ और तो नहीं है इसकी जांच की। इलाज न मिलने पर हो जाती मौत सर्जरी के बाद जब इस बात की पुष्टि हो गई कि शरीर में कुछ और नहीं है तब डॉक्टरों ने रोगी के शरीर में टांके लगाए। ईल के काटने से बने घाव से मल न गुजरे इसलिए कोलोस्टॉमी भी की गई। डॉक्टरों का कहना है कि अगर इस शख्स को समय पर इलाज न मिलता तो इसकी मौत हो सकती है। अब भी उसे जीवन भर कोलोस्टॉमी बैग के साथ रहना होगा। हॉस्पिटल ने मरीज की पहचान उजागर नहीं की है। डॉक्टर नहत ने कहा कि उन्होंने कई मरीजों के मलद्वार से फंसी वस्तुएं निकालने के सर्जरी की हैं। पहले भी आए हैं ऐसे मामले अस्पताल का कहना है कि ऐसे मामले आमतौर पर उन युवा पुरुषों में आते हैं, जो समलैंगिक हैं और उन्हें यौन सुख नहीं मिलता। इसकी चाहत में वह अपने मलद्वार से वस्तुएं डाल लेते हैं। अस्पताल अन्य मरीजों के शरीर से बोतलें, कप और एडल्ट टॉय हटा चुके हैं। लेकिन किसी जीवित जानवर हटाने का पहला मामला है। डॉक्टरों का कहना है कि ईल ऐसे जानवर हैं जो लंबे समय तक इस परिस्थित में रह सकता था। संभव था कि यह पाचन तंत्र में छेद कर देता। वियतनाम में इस साल यह अपनी तरह की पहली घटना नहीं है। मार्च में क्वांग निन्ह प्रांत के हाई हा डिस्ट्रिक्ट मेडिकल सेंटर में एक 43 वर्षीय व्यक्ति के प्राइवेट पार्ट से 12 इंच की ईल निकाली गई थी। recent visitors 90

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विकेटकीपर-बल्लेबाज जोशुआ दा सिल्वा उप-कप्तान की जिम्मेदारी संभालेंगे

नई दिल्ली केमार रोच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू श्रृंखला के लिए वेस्टइंडीज की टेस्ट टीम में वापसी करने के लिए तैयार हैं। काउंटी चैंपियनशिप के दौरान घुटने में लगी चोट के कारण रोच को वेस्टइंडीज के हाल ही में संपन्न इंग्लैंड दौरे से बाहर होना पड़ा था। इस बीच, साथी तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ को आराम दिया गया है, जबकि विकेटकीपर-बल्लेबाज जोशुआ दा सिल्वा उप-कप्तान की जिम्मेदारी संभालेंगे। मुख्य कोच आंद्रे कोली ने सीडब्ल्यूआई प्रेस विज्ञप्ति में कहा, हमने इस श्रृंखला के लिए अपने उप-कप्तान अल्जारी जोसेफ को आराम देने का फैसला किया है। अल्जारी पर हाल ही में काफी काम का बोझ रहा है, और यह ब्रेक उसे स्वस्थ होने और शीर्ष प्रदर्शन पर लौटने का मौका देगा। ऑफ स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर केविन सिंक्लेयर टीम का हिस्सा नहीं हैं, क्योंकि वे अभी तक बाएं हाथ की हड्डी में हुए फ्रैक्चर से उबर नहीं पाए हैं। उन्हें इंग्लैंड दौरे के दौरान नॉटिंघम में मार्क वुड की गेंद पर चोट लगी थी। अनकैप्ड ऑफ स्पिनर ब्रायन चार्ल्स, तेज गेंदबाज ऑलराउंडर जस्टिन ग्रीव्स और बाएं हाथ के स्पिनर जोमेल वारिकन, जो इंग्लैंड दौरे का हिस्सा नहीं थे, को 15 सदस्यीय टीम में जगह मिली है। सीडब्ल्यूआई के क्रिकेट निदेशक माइल्स बैसकॉम्ब ने कहा, इस टीम के लिए चयन प्रक्रिया का नेतृत्व हमारे मुख्य कोच आंद्रे कोली ने किया था, हमारी नई चयन प्रक्रिया के कार्यान्वयन के लिए लंबित है, जिसे आने वाले दिनों में लागू किया जाएगा और जल्द ही सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया जाएगा। वेस्टइंडीज की टीम इंग्लैंड में तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला 3-0 से हारी थी और वर्तमान में सात मैचों में एक जीत के साथ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप तालिका में सबसे नीचे है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट पोर्ट-ऑफ-स्पेन, त्रिनिदाद में 7 से 11 अगस्त तक और प्रोविडेंस, गुयाना में 15 से 19 अगस्त तक खेले जाएंगे। वेस्टइंडीज की टीम : क्रेग ब्रैथवेट (कप्तान), जोशुआ दा सिल्वा (उप-कप्तान), एलिक अथानाज़े, कीसी कार्टी, ब्रायन चार्ल्स, जस्टिन ग्रीव्स, जेसन होल्डर, कावेम हॉज, टेविन इमलाच, शमर जोसेफ, मिकाइल लुइस, गुडाकेश मोटी, केमर रोच, जेडन सील्स, जोमेल वारिकन।     recent visitors 107

खेलीफ के खिलाफ टिप्पणियों ने ‘एलजीबीटीक्यू-प्लस’ और महिला एथलीटों को लेकर चिंता बढ़ाई

पेरिस  पेरिस ओलंपिक में महिला मुक्केबाज इमान खेलीफ को ट्रांसजेंडर या पुरुष के रूप में गलत पहचान बताने वाली घृणित टिप्पणियों को लेकर ‘एलजीबीटीक्यू – प्लस’ एथलीटों, अधिकारियों और पर्यवेक्षकों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की मानसिकता इस समुदाय और महिला खिलाड़ियों के लिए खतरा पैदा कर सकती है। ‘एलजीबीटीक्यू – प्लस’ ‘लेस्बियन’, ‘गे’, ‘बाइसेक्शुअल’, ‘ट्रांसजेंडर’, ‘क्वीर’, ‘इंटरसेक्स’ और ‘एसेक्सुअल’ और अन्य लोगों से संबंधित है। इस मुद्दे पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से लेकर ‘हैरी पॉटर’ की लेखिका जे.के. रॉलिंग जैसे लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अल्जीरिया की खेलीफ पेरिस ओलंपिक के मुक्केबाजी स्पर्धा में गुरुवार को इटली की प्रतिद्वंद्वी एंजेला कारिनी के मुकाबले के महज 46 सेकेंड बाद हटने से पहले दौर का मुकाबला जीत गईं। कारिनी ने मुकाबला बीच में छोड़कर हटने के बाद कहा कि वह खेलीफ के खिलाफ कोई राजनीतिक भाव भांगिमा नहीं दिखा रही थी। इस मुकाबले से हटने के बाद उनकी नम आंखें सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी और लोगों ने उनके प्रति सहानुभूति दिखायी।  सोशल मीडिया टिप्पणियों में कहा गया कि खेलीफ एक महिला से मुक्केबाजी करने वाला पुरुष था। इस तरह की टिप्पणियों के बाद खेलीफ और ताइवान की मुक्केबाज लिन यू-टिंग के महिला वर्ग में खेलने को लेकर सामाजिक विवाद बढ़ गया। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के प्रवक्ता मार्क एडम्स ने शुक्रवार को कहा कि खेलीफ ‘महिला के रूप में पैदा हुई थी, महिला के तौर पर पंजीकृत है, उसने अपना जीवन एक महिला के रूप में बिताया, एक महिला के रूप में मुक्केबाजी की और उसके पास एक महिला पासपोर्ट है।’’ उन्होंने चेतावनी दे हुए कहा, ‘‘इसका इस्तेमाल किसी के प्रति नफरत फैलाने के लिए नहीं किया जाना चाहिये।’’ कुछ खिलाड़ियों और ‘एलजीबीटीक्यू – प्लस’ पर्यवेक्षकों ने चिंता जताई है कि आलोचकों की घृणित टिप्पणियां के बीच आईओसी इस मुद्दें को संबोधित करने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि समावेशी की वकालत करने वाले ओलंपिक कार्यक्रम के दौरान ट्रांसजेंडर और ‘एलजीबीटीक्यू – प्लस’ समुदाय के लोगों को अपमानित किया जा रहा है। पेरिस ओलंपिक ने समावेश के एजेंडे को आगे बढ़ाया है और रिकॉर्ड 193 ‘एलजीबीटीक्यू – प्लस’ एथलीट खुले तौर पर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। अमेरिकी ओलंपिक टीम के लिए महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाली दुनिया की शीर्ष मध्यम दूरी की धावकों में से एक निक्की हिल्ट्ज को भी ऐसी घृणित टिप्पणियों का सामना करना पड़ा है। जन्म के समय निर्दिष्ट महिला, हिल्ट्ज की पहचान ‘नॉन-बाइनरी (जिसका कोई लिंग नहीं है)’ के रूप में है। उन्होंने ‘इंस्टाग्राम’ पर लिखा, ‘‘इन ओलंपिक में ‘ट्रांसफोबिया’ अपने चरम पर है। ट्रांस-विरोधी बयानबाजी महिला-विरोधी है। ये लोग महिलाओं के खेल की रक्षा नहीं कर रहे हैं, वे कठोर लिंग मानदंडों को लागू कर रहे हैं, और जो कोई भी उन मानदंडों के मुताबित नहीं है उसपर निशाना साधा जा रहा है और उसे अपमानित किया जाता है।’’ ओलंपिक में ‘एलजीबीटीक्यू-प्लस’ की भागीदारी पर नजर रखने वाली साइट ‘आउटस्पोर्ट्स’ के सह-संस्थापक सीड जिग्लर जैसे कुछ लोगों का कहना है कि खेलों से पहले स्पष्टता प्रदान करने में आईओसी की विफलता ने महिला एथलीटों और ‘एलजीबीटीक्यू-प्लस’ प्रतियोगियों को नुकसान पहुंचाया है, दोनों ने मान्यता के लिए लंबे समय से संघर्ष किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मुद्दा यह नहीं है कि एथलीट प्रतिस्पर्धा करने की कोशिश कर रहा है, मुद्दा यह है कि कौन नीति बना रहा है। इसका निराशाजनक पहलू यह है कि पिछले दो दिनों से इन खिलाड़ियों पर निशाना साधा जा रहा है।’’  खेलीफ एमेच्योर मुक्केबाज हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आईबीए) की 2022 विश्व चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता था। पिछले साल की विश्व चैम्पियनशिप में उन्हें स्वर्ण पदक मैच से ठीक पहले ‘डिस्क्वालीफाई’ घोषित कर दिया था क्योंकि जांच में दावा किया गया कि उनके टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ा हुआ था। आईबीए ने इसी तरह के मामले में लिन से कांस्य पदक वापस ले लिया था। आईओसी ने हालांकि 2019 में आईबीए को नेतृत्व, अखंडता और वित्तीय पारदर्शिता में गड़बड़ी जैसे मामलों को लेकर आईओसी ने 2019 से ओलंपिक कार्यक्रम से अलग कर दिया है। आईओसी का कार्यबल तोक्यो ओलंपिक के बाद पेरिस में भी मुक्केबाजी का संचालन कर रहा है।   recent visitors 110

पूजा खेडकर के काले कारनामों की लिस्ट कभी वो दृष्टिबाधित बनीं, तो कभी उन्होंने मानसिक रोगी का सर्टिफिकेट लगाया

नई दिल्ली आईएएस की नौकरी गंवा चुकी पूजा खेडकर इन दिनों सुर्खियों में हैं। उनके फर्जीवाड़ों की पूरी फेहरिस्त सामने आ गई थी। सोशल मीडिया पर भी उनकी काफी आलोचना होती रहती है। उनके फर्जी दस्तावेजों के बारे में जब लोगों को पता चला, तब तो लोग और भी ज्यादा भड़क गए। अब सोशल मीडिया पर उनके द्वारा किए गए फर्जीवाड़े की लिस्ट वायरल हो रही है, जिसमें बताया गया है कि उन्होंने किस-किस साल में यूपीएससी एग्जाम अटेम्प्ट किए थे, और उसमें क्या घपलेबाजी की थी। यूजर प्रशांत सिंह ने हाल ही में एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है, जिसमें पूजा खेडकर के काले कारनामों की लिस्ट है। कभी वो दृष्टिबाधित बनीं, तो कभी उन्होंने मानसिक रोगी का सर्टिफिकेट लगाया। फिर माता-पिता के नामों में भी फेरबदल किया। अपने नाम में भी कई तरह के बदलाव किए। ये फोटो शेयर करते हुए प्रशांत ने लिखा- ‘एक ओलंपिक्स गोल्ड तो पूजा खेडकर को भी मिलना चाहिए। क्या गजब और कंसिस्टेंट परफॉर्मेंस है!’ दरअसल, पूजा ने जितनी बार भी यूपीएससी की परीक्षा दी, उसमें उन्होंने फर्जी दस्तावेज लगाए, जिससे उन्हें कुछ रियायत मिल जाए। इस लिस्ट को देखकर आपको समझ आएगा कि यूपीएसी ने उन्हें क्यों घेरे में लिया। इस ट्वीट पर कुछ लोगों ने कमेंट किया है। एक ने सवाल किया कि आखिर अब जाकर यूपीएससी को कैसे पता चला कि उसने घपलेबाजी की है? वहीं एक ने कहा- ‘इसे ITUS अवॉर्ड देना चाहिए!’ अगर आप इस कमेंट का अर्थ नहीं समझ पाए, तो बता दें कि अक्षय कुमार, परेश रावल और सुनील शेट्टी की फिल्म फिर हेरा फेरी में अक्षय कुमार एक सीन में बोलते हैं कि उनके पास एक डिग्री है, जिसका नाम है आईटस। जब बिपाशा बासु उस डिग्री का फुल फॉर्म पूछती हैं, तो सुनील शेट्टी तपाक से बोलते हैं- ‘इसकी टोपी उसके सर दरअसल, सुनील, अक्षय के घपलेबाजी करने के स्वभाव पर व्यंग्य करने के लिए ऐसा बोलते हैं। इसी से जोड़ते हुए ट्विटर पर भी यूजर ने पूजा खेडकर को ये अवॉर्ड देने की बात कही।     recent visitors 114

सचिन वाझे ने फडणवीस को पत्र लिखकर अनिल देशमुख और जयंत पाटिल पर रंगदारी वसूलने का आरोप लगाया

मुंबई निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे ने गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख और राकांपा (एसपी) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल पर रंगदारी वसूलने का आरोप लगाया है। सचिन वाझे ने कहा कि रंगदारी वसूली का पैसा वह खुद अनिल देशमुख और जयंत पाटिल के पीए तक पहुंचाता था। वाझे ने यह भी कहा कि अगर सरकार इस मामले का नार्को टेस्ट करवाती है तो वह इसके लिए पूरी तरह से तैयार है। सचिन वाझे ने ये बातें मीडिया के साथ उस वक्त साझा कीं, जब उसे जेजे अस्पताल में मेडिकल चेकअप के लिए लाया गया। इसके बाद इसे लेकर राजनीति गर्मा गई है। पूर्व रेल राज्य मंत्री राव साहेब दानवे ने कहा कि इस मामले की छानबीन की जानी चाहिए कि आखिर वसूली का पैसा कहां-कहां तक पहुंचा है। यह कोई सामान्य बात नहीं है। वाझे के आरोप गंभीर हैं। पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि इससे पहले वाझे ने 100 करोड़ की वसूली का आरोप लगाया था। उस समय कोर्ट ने कहा था कि आरोपित के वक्तव्य पर विश्वास नहीं किया जा सकता है। अनिल देशमुख ने कहा कि सचिन वाझे से गृहमंत्री फडणवीस झूठा बयान दिलवा रहे हैं और यह सब फडणवीस की ही नई चाल है। शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राऊत ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की राजनीति को निचले स्तर पर ला दिया है। कल मैं भी जेल में बंद कई आरोपितों को खड़ा कर कहवा सकता हूं कि देवेंद्र फडणवीस ने उनसे वसूली करवाई और पैसे लिये। इसलिए सचिन वाझे के आरोपों का कोई महत्व नहीं है। संजय राऊत ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को करारा झटका लगा है, इसलिए भाजपा अब क्रिमिनल्स का सहारा विधानसभा चुनाव के लिए ले रही है। उल्लेखनीय है कि सचिन वाझे को उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित अंटिलिया बंगले के पास जिलेटिन बम रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और उस पर एक व्यापारी की हत्या का भी आरोप है। इस मामले में तत्कालीन मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने का आदेश देने का आरोप लगाया था। इसी आरोप के बाद अनिल देशमुख ने गृहमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद इस आरोप की छानबीन मुंबई पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने किया था। परमवीर सिंह ने जांच एजेंसियों को बताया था कि उनके पास कोई सबूत नहीं हैं, उन्होंने सुनी सुनाई बात के आधार पर आरोप लगाया था। जब मामले की छानबीन चल रही थी, उस समय जेल में बंद सचिन वाझे ने भी मुंबई के होटलों से 100 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलकर अनिल देशमुख के पीए को देने का आरोप लगाया था। हालांकि, कोर्ट ने उनके आरोपों को मानने से मना कर दिया था। अनिल देशमुख को जमानत मिल गई है। पिछले सप्ताह अनिल देशमुख ने कहा था कि जब वे जेल में थे, उस समय गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समित कदम नामक व्यक्ति को भेजकर उन्हें कहा था कि वे उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, अजीत पवार और पार्थ पवार पर झूठा आरोप लगाएं, जिससे इन सबको गिरफ्तार किया जाए। इसके बाद उन्हें ईडी छोड़ देगा। अनिल देशमुख ने कहा कि मैंने ऐसा नहीं किया, इसलिए ईडी की कार्रवाई की गई थी। अनिल देशमुख के इस वक्तव्य के एक सप्ताह बाद सचिन वाझे ने अपना पुराना आरोप फिर से नए तरीके से लगाते हुए देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है। हालांकि, इस पत्र पर गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।   recent visitors 104