जोकोविच बनाम अल्कराज, ओलंपिक टेनिस गोल्ड मेडल मैच आज

पेरिस  टेनिस के ‘बादशाह’ नोवाक जोकोविच और ‘युवराज’ कार्लोस अल्काराज रविवार को पेरिस ओलंपिक में पुरुष टेनिस एकल के स्वर्ण पदक के लिए जब कोर्ट में उतरेंगे तो दर्शकों को एक बार फिर विंबलडन फाइनल की तरह बेहद अनुभवी बनाम युवा खिलाड़ी की प्रतिद्वंद्विता देखने को मिलेगी।  ओलंपिक टेनिस के फाइनल में जगह बनाने वाले जोकोविच सबसे उम्रदराज पुरुष खिलाड़ी है तो वही अल्काराज सबसे युवा खिलाड़ी है। सर्बिया के 37 साल के जोकोविच अपने शानदार करियर में रिकॉर्ड 24 ग्रैंड स्लैम जीत चुके है लेकिन उनके पिटारे में ओलंपिक का स्वर्ण पदक नहीं है। दूसरी तरफ स्पेन के अल्काराज हाल के दिनों में जोकोविच के सबसे बड़े प्रतिद्वंदी बन कर उभरे हैं। अल्काराज जून में फ्रेंच ओपन चैम्पियन बनने के बाद विंबलडन के फाइनल में सीधे सेटों में जोकोविच पर जीत के साथ अपने खिताब का बचाव किया था। उन्होंने 2023 विम्बलडन फाइनल में भी इस दिग्गज को हराया था। शानदार लय में चल रहे अल्काराज ने ओलंपिक सेमीफाइनल में कनाडा के फेलिक्स ऑगर अलियासिमे को आसानी से 6-1, 6-1 से शिकस्त दी तो वही जोकोविच ने लोरेंजो मुसेटी को 6-4, 6-2 से हराकर पहली बार ओलंपिक के अंतिम चार मुकाबले में जीत दर्ज की। जोकोविच को बीजिंग (2008) में राफेल नडाल, लंदन (2012) में एंडी मरे, तोक्यो (2021) में अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने ओलंपिक सेमीफाइनल में हराया था।  उन्होंने 2008 ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था, लेकिन वह वास्तव में अब इसमें सुधार करना चाहते थे। ओलंपिक मुकाबलों को रोलां गैरां कोर्ट पर खेला जा रहा है जहां अल्काराज ने इस साल फ्रेंच ओपन का खिताब जीता है ऐसे में जोकोविच को फाइनल में मिलने वाली मुश्किल चुनौती के बारे में जानते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अल्काराज ने साबित किया है कि वह इस समय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी है।’’ घुटने में दर्द के साथ खेल रहे जोकोविच ने हालांकि अपनी जीत की उम्मीद जताते हुए कहा, ‘‘मैं अपने बारे में और फाइनल में संभावनाओं के बारे में अधिक आश्वस्त महसूस कर रहा हूं।’’   recent visitors 99

इटावा :लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर कार और बस की टक्कर, 6 की मौत; कई घायल

इटावा  उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के उसराहार इलाके में माइल स्टोन 129 पर आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर डबल डेकर बस की कार से हुई जोरदार टक्कर में 6 लोगो की मौत हो गई जब की 45 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सड़क हादसे में सभी घायलो ने इटावा के जिला प्रशासन और डॉक्टर को निर्देशित किया है कि वह सभी घायलों का बेहतरी से इलाज करे। इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने रविवार को बताया कि देर रात करीब एक बजे के आसपास हुए इस हादसे के बारे में जानकारी सामने आई है कि अमेठी से नईदिल्ली जा रही डबल डेकर बस दूसरी दिशा से आ रही बेकाबू कार से टकरा गई जिससे बस और कार में सवार 6 लोगो की मौत हो गई। डबल डेकर बस में सवार तीन लोगों की मौत हुई है जबकि कार में सवार तीन ही लोगों की मौत हुई है। सभी घायलों को उपचार के लिए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर में भर्ती कर दिया गया है जहां डॉक्टरों की टीम सभी का उपचार करने में जुटी हुई है। हादसे की शिकार बस में करीब 80 लोग सवार थे। डबल डेकर बस की जी कर से टक्कर हुई है वह कार राजस्थान के बालाजी से दर्शन करके लौट रही थी। कार को कन्नौज के तालग्राम पर उतरना था लेकिन उससे पहले कार चालक के नीद आ जाने के कारण कार बेकाबू होकर दूसरी दिशा में रेलिंग तोड़ कर बस से जा टकराई। हादसे के बाद बस करीब 50 फीट गहरे खेत में जा गिरी । हादसे में कन्नौज के तालग्राम वासी 24 साल के प्रधुम,25 साल के मोनू और उसकी मां श्रीमती चंदा देवी की मौत हो गई है जब की डबल डेकर बस में सवार 50 साल के ओमप्रकाश निवासी भरसरीया खीरी, जिला लखीमपुर खीरी ओर दो अन्य लोगो की मौत हो गई। मरने वाले दो लोगों की फिलहाल पहचान नहीं हो पा रही है । दोनों की पहचान की कोशिश लगातार जारी बनी हुई है। मृतकों के शवो को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।   recent visitors 129

हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं, CM ने दिए निर्देश

गोरखपुर  गोरखपुर प्रवास के दाैरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। समस्या लेकर आए लोगों से आत्मीयता से संवाद करते हुए उन्होंने कहा, घबराइए मत सबकी समस्या दूर करने को सरकार संकल्पित है। हर पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर सुनिश्चित कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जाएगा। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने पास मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं। बारिश की आशंका के चलते जनता दर्शन का आयोजन गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चार सौ लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने का निर्देश दिया। जनता दर्शन में महिलाओं की संख्या अधिक रही। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री स्वयं पहुंचे। एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान शीघ्र होगा। कुछ प्रकरणों पर मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देशित किया कि वे यह भी पता लगाएं कि यदि किसी पीड़ित को प्रशासन का सहयोग नहीं मिला है तो ऐसा क्यों और किन कारणों से हुआ। हर पीड़ित की त्वरित मदद की जाए। जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने अफसरों से कहा कि हर पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए जिससे उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों को लेकर आई थीं। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारकर आशीर्वाद दिया। उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और चॉकलेट गिफ्ट कर उन्हें खूब पढ़ने को प्रेरित किया। उल्लेखनीय कि गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान रविवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन करने, अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर मत्था टेकने के बाद सीएम योगी गोशाला में पहुंचे। वहां कुछ समय व्यतीत किया। गोशाला में उन्होंने गोवंश को खूब दुलारा और अपने हाथों से उन्हें गुड़ खिलाया। गोसेवा के बाद मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री ने परिजनों के साथ आए बच्चों से भी मुलाकात की और उनके साथ फोटो खिंचवाई।     recent visitors 118

यूक्रेन का दावा, क्रीमिया बंदरगाह में डूबी रूसी पनडुब्बी, टेंशन में पुतिन

कीव  रूस यूक्रेन युद्ध के बीच पुतिन की सेना को बड़ा झटका लगा है। यूक्रेनी सेना ने ऐसा दावा किया है, जो इस युद्ध में रूस के लिए सबसे बड़े झटके में से एक माना जा सकता है। यूक्रेन की सेना का दावा है कि उसने क्रीमिया के एक बंदरहार पर एक रूसी पनडुब्बी को डुबो दिया है। यूक्रेनी सेना के जनरल स्टाफ ने शनिवार को एक बयान में कहा कि पनडुब्बी रोस्तोव-ऑन-डॉन पर शुक्रवार को सेवस्तोपोल बंदरगाह पर हमला बोला गया। उन्होंने इससे जुड़ा कोई सबूत नहीं दिया। लेकिन कहा कि पनडुब्बी तुरंत डूब गई। यूक्रेन का दावा है कि इस युद्ध में रूस के काला सागर बेड़े का एक तिहाई हिस्सा खत्म हो चुका है। अगर यह बात सच साबित होती है तो यह रूस के लिए यूक्रेन की तरफ से एक नया झटका होगा। फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कथित हमले पर कोई भी बयान नहीं दिया है। यूक्रेनी सेना ने कहा, 'रोस्तोव-ऑन-डॉन की हानि साबित करती है कि काला सागर के यूक्रेनी क्षेत्रीय जल में रूसी नौसेना के लिए कोई जगह सुरक्षित नहीं बची है।' यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने हमले की सराहना करते हुए एक पोस्ट में लिखा, 'सेवस्तोपोल के बंदरगाह पर हमले के बाद एक रूसी पनडुब्बी काला सागर के नीचे तक चली गई। योद्धाओं ने महान काम किया है।' क्या यूक्रेन का हुआ हमला? साल 2014 में क्रीमिया पर रूस ने कब्जा कर लिया था। वहीं पिछले दो साल से ज्यादा समय से यूक्रेन और रूस का युद्ध चल रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद क्रीमिया पर छिटपुट हमले होते रहे हैं। क्रीमिया के सेवस्तोपोल के रूसी गवर्नर मिखाइल रज्वोझायेव ने कहा कि शनिवार को पनडुब्बी रक्षा अभ्यास हो रहा था और अब शहर में सबकुछ शांत है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक एक पोस्ट में रूसी सैन्य ब्लॉगर बोरिस रोजिन ने कहा कि सेवस्तोपोल में जहाज मरम्मत संयंत्र जहां पनडुब्बी खड़ी थी उसे देख ऐसा लग रहा है, जैसे इस पर हमला हुआ है। यूक्रेन के लिए बड़ी जीत रोस्तोव-ऑन-डॉन को 2014 में कमीशन किया गया था। यह 73.8 मीटर किलो-द्वितीय क्लास पनडुब्बी है और इसमें कुल 52 क्रू सवार होते हैं। यह एक डीजल इलेक्ट्रिक पावर पनडुब्बी है जो कैलिबर क्रूज मिसाइल लॉन्च करने में सक्षम है। CNN की सैन्य विश्लेषण सेड्रिक लीटन का कहना है कि कैलिबर मिसाइलों के साथ नेवी को बर्बाद करना यूक्रेन की सैन्य रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि रूस ने इसी मिसाइल से यूक्रेन के बिजली संयंत्र जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमला किया है। उनका कहना है कि पनडुब्बी पर हमला यूक्रेन के लिए एक बड़ी जीत है। recent visitors 101

अमरनाथ यात्रा पर 1112 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना, 36 दिनों में 4.90 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

श्रीनगर श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों ने बताया कि पिछले 36 दिनों में 4.90 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अमरनाथ यात्रा के दर्शन किए हैं। रविवार को 1,112 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था जम्मू से कश्मीर के लिए रवाना हुआ। 1,112 श्रद्धालुओं का जत्था भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया, “इनमें से 11 वाहनों का पहला काफिला 204 यात्रियों को लेकर उत्तरी कश्मीर के बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ, जबकि 39 वाहनों का दूसरा काफिला 908 तीर्थयात्रियों को लेकर दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। सुबह गंदेरबल जिले के काव चेरवान गांव में श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर बादल फटने से श्रीनगर से बालटाल बेस कैंप जाने वाला रास्ता अवरुद्ध हो गया।अधिकारियों ने बताया कि मलबा हटाने का काम चल रहा है और जब तक यात्रियों का काफिला गंदेरबल जिले में पहुंचेगा, तब तक बालटाल बेस कैंप और आगे लद्दाख क्षेत्र तक राजमार्ग बहाल हो जाएगा। जम्मू से लेकर दोनों बेस कैंपों तक 350 किलोमीटर से अधिक लंबे मार्ग पर पुलिस और सीएपीएफ सहित बड़ी संख्या में सुरक्षा बल चौबीसों घंटे ड्यूटी कर रहे हैं, ताकि तीर्थयात्रियों के लिए मार्ग सुरक्षित हो सके। इसके अलावा, यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रांजिट कैंप, बेस कैंप और गुफा मंदिर में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। स्थानीय लोग यह सुनिश्चित करने में पीछे नहीं हैं कि यात्रियों को पहाड़ी यात्रा को आसानी से करने में सहायता मिले। स्थानीय लोग तीर्थयात्रियों के लिए टट्टू उपलब्ध कराते हैं और अक्सर कमजोर और अशक्त भक्तों को अपनी पीठ पर ढोकर गुफा मंदिर ले जाते हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारी पेशेवर दक्षता के साथ यात्रा के मामलों का प्रबंधन कर रहे हैं। इन सभी ने मिलकर इस वर्ष हिमालय के सबसे कठिन और जोखिम भरे पहाड़ी इलाकों से होकर गुफा मंदिर की सुरक्षित, सुचारू और परेशानी मुक्त तीर्थयात्रा सुनिश्चित की है। गुफा मंदिर में बर्फ की एक संरचना है जो चंद्रमा के चरणों के साथ घटती-बढ़ती रहती है। भक्तों का मानना ​​है कि यह बर्फ की संरचना भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों का प्रतीक है। यह गुफा कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। भक्त पारंपरिक दक्षिण कश्मीर पहलगाम मार्ग या उत्तर कश्मीर बालटाल मार्ग से गुफा मंदिर तक पहुँचते हैं। पहलगाम-गुफा मंदिर की धुरी 48 किलोमीटर लंबी है और तीर्थयात्रियों को मंदिर तक पहुँचने में 4-5 दिन लगते हैं। बालटाल-गुफा मंदिर की धुरी 14 किलोमीटर लंबी है और तीर्थयात्रियों को ‘दर्शन’ करने और बेस कैंप पर लौटने में एक दिन लगता है। उत्तर कश्मीर मार्ग पर बालटाल और दक्षिण कश्मीर मार्ग पर चंदनवारी दोनों जगहों पर तीर्थयात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएँ भी उपलब्ध हैं। इस वर्ष की यात्रा 52 दिनों के बाद 19 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन त्योहारों के साथ समाप्त होगी।   recent visitors 126

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर जिले में मकान क्षतिग्रस्त होने की घटना पर किया दु:ख व्यक्त

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर जिले में मकान क्षतिग्रस्त होने की घटना पर किया दु:ख व्यक्त मृत्यु का शिकार हुए बच्चों के प्रभावित परिवारों को 4-4 लाख रूपये आर्थिक सहायता के निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले में कच्चे मकान के क्षतिग्रस्त होने की घटना में बच्चों की असामयिक मृत्यु पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। यह घटना सागर जिले के शाहपुर में आज प्रात: हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्षाकाल में सावधानियां रखे जाने के निरंतर प्रयासों के बाद ऐसी घटनाएं होना पीड़ा का विषय है। राज्य सरकार ने जिलों में अतिवर्षा की स्थितियों से निपटने के लिए आपदा दलों को भी सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को 4-4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने और हादसे में घायल बच्चों के उचित उपचार के निर्देश दिए हैं।   recent visitors 97

सवाई माधोपुर के पास एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, ट्रक में घुसी कार, चार की मौत..मध्यप्रदेश के रहनेवाले थे सभी

जयपुर राजस्थान के सवाई माधोपुर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर रविवार सुबह 7 बजे एक कार ट्रक में घुस गई। हादसे में 3 महिलाओं समेत 4 लोगों की मौके पर मौत हो गई‌। 6 लोग घायल हो गए। हादसा सूरवाल थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुरा गांव के पास हुआ। पीड़ित परिवार ऋषिकेश से अंतिम संस्कार से लौट रहा था। ट्रक में कार घुस गई औह हादसा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया।पुलिस के मुताबिक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हादसा रविवार सुबह करीब 7 बजे हुआ। हादसे का शिकार लोग कार में सवार होकर ऋषिकेश से वापस घर लौट रहे थे। तभी बनास नदी पुलिया पर ट्रक और कार में भिड़ंत हो गई। इस हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक मध्यप्रदेश के बताए जा रहे है। कार को एक किलोमीटर तक घसीट कर ले गया ट्रक चालक पुलिस के मुताबिक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कार आगे चल रही थी। तभी पीछे से आ रहा ट्रक बेकाबू होकर कार में घुस गया। हादसे के बाद भी ट्रक चालक करीब एक किलोमीटर तक कार को घसीटता हुआ ले गया। इसके बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से ट्रक चालक की तलाश कर रही है। कार में सवार लोगों शव बुरी तरह चिपक गए हादसा इतना जबर्दस्त था कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार में सवार लोगों शव बुरी तरह चिपक गए। ऐसे में पुलिस को भी शवों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हादसे का मंजर देख हर किसी के रौंगटे खड़े हो गए। हादसे की सूचना पर सूरवाल और बौंली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं, सीओ सीटी हेमेंद्र शर्मा मौके पर पहुंचकर हादसे के बारे में जानकारी ली। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। वहीं, क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सुचारू करवाया। फिलहाल, पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।   recent visitors 115