मोबाइल नेटवर्क नहीं आया तो ग्राहकों को मिलेगा मुआवजा, पोस्टपेड यूजर्स को किराए में मिलेगी छूट

मुंबई मोबाइल या फिर ब्रॉडबैंड सर्विस यूज करने वाले ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। अब टेलीकॉम सर्विसेस (मोबाइल और ब्रॉडबैंड) ठप होने के एवज में कंपनी को ग्राहकों को मुआवजा देना होगा। दरअसल, टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ग्राहकों के हित में एक नया नियम लागू करने जा रही है। ट्राई द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए नए सर्विस क्वालिटी रूल्स के तहत जिला स्तर पर 24 घंटे से अधिक समय तक सर्विस बाधित रहने की स्थिति में टेलीकॉम ऑपरेटरों को ग्राहकों को मुआवजा देना होगा। ट्राई ने नए नियमों के तहत प्रत्येक क्वालिटी बेंचमार्क को पूरा करने में विफल रहने पर जुर्माने की राशि को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया है। नए नियमों को छह महीने बाद लागू किया जाएगा। रेगुलेटर ने रिवाइज्ड रेगुलेशन – " द स्टैंडर्ड्स ऑफ क्वालिटी ऑफ सर्विस ऑफ एक्सेस (वायरलाइन और वायरलेस) एंड ब्रॉडबैंड (वायरलाइन और वायरलेस) सर्विस रेगुलेशन, 2024" के तहत नियम के उल्लंघन के अलग-अलग पैमानों के लिए 1 लाख रुपये, 2 लाख रुपये, 5 लाख रुपये और 10 लाख रुपये का ग्रेडेड पेनाल्टी सिस्टम शुरू किया गया है। किराए में मिलेगी छूट, बढ़ेगी वैलिडिटी नया नियम तीन अलग-अलग रेगुलेशन्स – बेसिक और सेलुलर मोबाइल सर्विसेस, ब्रॉडबैंड सर्विसेस और ब्रॉडबैंड वायरलेस सर्विसेस के लिए क्वालिटी ऑफ क्वालिटी (QoS) का स्थान लेते हैं। किसी जिले में नेटवर्क ठप होने की स्थिति में, टेलीकॉम ऑपरेटरों को नए नियमों के अनुसार पोस्टपेड ग्राहकों के लिए किराए में छूट प्रदान करनी होगी और प्रीपेड ग्राहकों के लिए वैलिडिटी बढ़ानी होगी। ट्राई ने कहा, "यदि कोई नेटवर्क आउटेज 24 घंटे से अधिक समय तक जारी रहता है, तो सर्विस प्रोवाइडर को अगले बिलिंग साइकिल में प्रभावित जिले में रजिस्टर्ड पोस्टपेड ग्राहकों को सर्विस आउटेज के वास्तविक दिनों की संख्या के लिए सब्सक्राइब्ड टैरिफ प्लान के अनुसार प्रपोशनल किराए में छूट प्रदान करनी होगी।" रेगुलेटर एक कैलेंडर दिन में 12 घंटे से अधिक नेटवर्क आउटेज अवधि को किराए में छूट या वैलिडिटी बढ़ाने के लिए एक पूरे दिन के रूप में गिनेगा। नए नियमों में कहा गया है, "पोस्टपेड ग्राहक को किराए में छूट या प्रीपेड ग्राहक को वैलिडिटी एक्सटेंशन, खराबी के सुधार में देरी या 24 घंटे से अधिक के नेटवर्क आउटेज के कारण, जैसा भी लागू हो, नेटवर्क आउटेज के सुधारने के एक सप्ताह के भीतर किया जाना चाहिए।" हालांकि, प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाली रुकावटों को वैलिडिटी एक्सटेंशन के लिए नहीं माना जाएगा। इतनी ही नहीं, फिक्स्ड लाइन सर्विस प्रोवाइडर्स को भी पोस्टपेड और प्रीपेड ग्राहकों को मुआवजा देना होगा, अगर उनके नेटवर्क या सर्विस में खराबी तीन दिनों के बाद ठीक हो जाती है। नए नियम के अनुसार ब्रॉडबैंड सर्विस प्रोवाइडर्स को ग्राहकों द्वारा भुगतान किए जाने के 7 दिनों के भीतर 98 प्रतिशत कनेक्शन एक्टिवेट करने होंगे। छह महीने बाद लागू होंगे नए नियम मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर्स को अपनी वेबसाइट पर सर्विस वाइज (2G, 3G, 4G, 5G) जियोग्राफिकल कवरेज मैप उपलब्ध कराने होंगे, जिससे यूजर्स को मदद मिलेगी। ट्राई के नए नियम छह महीने बाद लागू होंगे। recent visitors 95

मां ने मोबाइल पर गेम खेलने से डांटा तो फंदे पर झूल गया आठवीं क्लास का छात्र

 गाजियाबाद मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलने को लेकर मां ने डांटा तो गाजियाबाद में आठवीं क्लास के छात्र ने फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक छात्र अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। घटने के वक्त माता-पिता काम पर गए हुए थे। मां जब घर लौटी तो उसे घटना का पता चला। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। मूलरूप से मैनपुरी के गांव बेलार निवासी राम प्रसाद यादव अपनी पत्नी और 15 वर्षीय इकलौते बेटे यश यादव के साथ लालकुआं चौकी क्षेत्र की लक्ष्मी विहार रेलवे कॉलोनी के एक मकान में किराये पर रहते हैं। राम प्रसाद यादव एक दुकान पर नौकरी करते हैं और पत्नी घरों में चौका-बर्तन का काम करती है। पुलिस के मुताबिक, यश को मोबाइल फोन पर गेम खेलने की लत लग गई थी। शुक्रवार को मां ने इसी बात को लेकर उसे डांट दिया और पढ़ाई पर ध्यान देने की नसीहत दी। इसके बाद राम प्रसाद यादव और उनकी पत्नी अपने-अपने काम पर चले गए, जबकि यश घर पर अकेला था। सुबह करीब साढ़े 11 बजे मां काम से घर लौटी तो इकलौते बेटे यश का शव फंदे पर लटका देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। बेटे को फंदे से उतारकर यश को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसीपी पूनम मिश्रा ने बताया कि वेव सिटी थाना क्षेत्र के लाल कुआं के पास लक्ष्मी विहार रेलवे कॉलोनी में राम प्रसाद के बेटे यश (15) का शव घर की छत पर लगे हुक में फंदे से लटका मिला। यश लालकुआं स्थित ज्योति पब्लिक स्कूल में आठवीं क्लास का छात्र था। मां की डांट से नाराज होकर उसने दुपट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों ने कानूनी कार्रवाई तथा पोस्टमॉर्टम से इनकार कर दिया और वे शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, एसीपी ने कहा कि मृतक छात्र की मां ने पुलिस को बताया है कि यश ने ऑनलाइन गेम में दो लाख रुपये गंवा दिए थे। यह प्रयास जरूरी ● अभिभावक बच्चों से लगातार संवाद करें, बच्चे के गुमसुम होने पर उसकी समस्या के बारे में पूछें और उसका समाधान करने का प्रयास करें। ● बच्चे की डिजिटल गतिविधियों पर भी नजर रखें कि वह सोशल मीडिया पर क्या कर रहा है। ● बच्चे के दोस्तों के बारे में भी जानकारी रखें, उसके स्कूल टीचर या अन्य अध्यापक से भी बात करते रहें। ● यदि परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है तो उससे भी उनकी समस्या के बारे में बारे में बात करें।   recent visitors 98

JK में आतंकी फंडिंग से जुड़े एक रैकेट का भंडाफोड़, 6 सरकारी कर्मचारियों को किया suspended

श्रीनगर जम्मू कश्मीर में आतंकी फंडिंग से जुड़े एक रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है। ड्रग्स बेचकर आतंकियों की मदद करने के मामले में 6 सरकारी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल बर्खास्त कर दिया गया है। इसमें पांच पुलिसकर्मी और एक शिक्षक शामिल है। जांच में पता चला कि ये सभी सरकारी कर्मचारी पाकिस्तान के आईएसआई के एक नार्को टेरर नेटवर्क का हिस्सा थे। जानकारी के मुताबिक ये लोग जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स के अवैध कारोबार में मदद करते थे और इससे प्राप्त फंडिंगा का इस्तेमाल पाकिस्तान के आतंकी संगठन दहशत फैलाने के लिए करते हैं। पीटीआई के मुताबिक ड्रग्स की बिक्री के माध्यम से आतंकी फंडिंग से जुड़े छह सरकारी कर्मचारियों पर ऐक्शन लिया गया है। आरोपियों की पहचान कॉन्स्टेबल फारूक अहमद शेख, कॉन्स्टेबल खालिद हुसैन शाह कन्स्टेबल रहमत शाह, कन्स्टेबल इर्शाद अहमद चाकू, कॉन्स्टेबल सैफ दीन और सरकारी सिक्ष नजम दीन के तौर पर की गई है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने संविधान के आर्टिकल 311 (2) का इस्तेमाल करते हुए इन सभी को तत्काल सेवा से हटा दिया है। बता दें कि संविधान में इस आर्टिकल के तहत प्रावधान है कि अगर कोई देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करता है तो राष्ट्रपति या फिर राज्यपाल उसे बिना किसी जांच के तत्काल सेवा से हटा सकते हैं। 2019 में आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद अब तक 70 सरकारी कर्मचारियों को इसी तरह के आरोपों के चलते बर्खास्त किया जा चुका है। बीते महीने भीचार सरकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी इसमें दो पुलिसकर्मी शामिल थे। नार्को टेरर में शामिल होने के आरोप में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। इन चारों की पहचान कॉन्स्टेबल मुश्ताक अहमद पीर और इम्तियाज अहमद लोन के तौर पर की गई थी। वहीं शिक्षा विभाग में कार्यरत जूनियर असिस्टेंट अहमद मीर और ग्रामीण विकास विभाग के मोहम्मद जैद को बर्खास्त कर दिया गया ता। मामले की जांच कर रहे अधिकारी ने कहा कि ये सभी आतंकी संगठनों के लिए काम कर रहे थे। खुफिया एजेंसियों ने इनके बारे में जानकारी हासिल की थी। बता दें कि ब्राउन शुगर और हेरोइन की तस्करी पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में होती है। आतंकी संगठनों के लिए फंडिंग जुटाने में इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है। recent visitors 89

Paris Olympics में तीसरे मेडल से चूकीं शूटर मनु भाकर, मुकाबले में चौथे नंबर पर रहीं

पेरिस पेरिस ओलिंपिक में भारत को 2 मेडल दिला चुकी स्टार शूटर मनु भाकर तीसरे मेडल से चूक गई हैं। वे 25 मीटर विमेंस पिस्टल इवेंट में चौथे स्थान पर रहीं। तीसरे स्थान के लिए हुए शूटऑफ में उनके 3 निशाने चूक गए। उनका मुकाबला हंगरी की मेजर वेरोनिका से था। फाइनल में मनु ने 28 पॉइंट्स स्कोर किए, जबकि ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हंगरी की मेजर वेरोनिका ने 31 स्कोर किए। कोरियाई शूटर यंग जीन ने 37 अंक के साथ गोल्ड मेडल जीता। फ्रांस की कैमिली को सिल्वर मिला। उन्होंने भी 37 पॉइंट्स हासिल किए, लेकिन वे गोल्ड के लिए शूट ऑफ में टारगेट पर एक निशाना ही लगा सकीं। 22 साल की मनु 10 मीटर पिस्टल और 10 मीटर पिस्टल मिक्स्ड इवेंट में एक-एक ब्रॉन्ज जीत चुकी हैं। मनु के अलावा, आज अनुभवी तीरंदाज दीपिका कुमारी, भजन कौर और मुक्केबाज निशांत देव भी भारतीय चुनौती पेश करेंगे। कुल म‍िलाकर जो मनु ने क‍िया, उसने भारतवास‍ियों का द‍िल जीत ल‍िया. मनु ने वूमेन्स 25 मीटर पिस्टल के फाइनल के बाद कहा इस इवेंट को लेकर प्रेशर था. उन्होंने यह भी कहा कि वह पेर‍िस ओलंप‍िक के दौरान वह सोशल मीड‍िया से दूरी बनाई थी, ऐसे में बाहर क्या चल रहा था. उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है. मनु ने कहा कि अब यहां से वह आने वाले अगले इवेंट की तैयारी में जुटेंगी. इस दौरान उन्होंने फैन्स और पर‍िवार के प्रत‍ि आभार जताया. वहीं मनु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई बात को भी यादगार बताया.    मैच के बाद मनु भाकर की मां डॉ सुमेधा भाकर ने कहा क‍ि वह मेडल से चूक गईं, लेक‍िन उन्हें उस पर बेहद गर्व है, मैं उसका पलकें बिछाकर इंतजार कर रही हूं. मनु  की मां ने कहा वह लास्ट तक लड़ती रही. वहीं मनु के प‍िता रामकृष्ण भाकर ने कहा क‍ि खेल में हार जीत तो लगी रहती है, उसने शानदार प्रदर्शन क‍िया.  मनु ने इन दो इवेंट में बनाया था र‍िकॉर्ड   इससे पहले मनु भाकर ने व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीतने के बाद सरबजोत सिंह के साथ मिलकर मिश्रित टीम वर्ग में भी कांस्य पदक जीता. वह एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं थी. जो अपने आप में एक र‍िकॉर्ड है.  मनु से पहले केवल नॉर्मन प्र‍िचार्ड ने क‍िया ऐसा  मनु भाकर से पहले ब्रिटिश मूल के भारतीय खिलाड़ी नॉर्मन प्रिचार्ड ने 1900 ओलंपिक में 200 मीटर फर्राटा और 200 मीटर बाधा दौड़ में रजत पदक जीते थे, लेकिन वह उपलब्धि आजादी से पहले की थी. शूट‍िंंग में आए हैं 3 मेडल   देखा जाए तो पहली बार किसी भारतीय शूटर ने ओलंपिक की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में पदक जीता है. भारत का मौजूदा ओलंपिक खेलों में ये तीसरा मेडल रहा. इससे पहले भारत के पिछले दो मेडल भी शूटिंग में आए थे. यानी पहली बार शूटिंग में भारत ने किसी ओलंपिक सीजन में तीन मेडल हासिल किए. शूटिंग में भारत के पदकवीर (ओलंपिक) 1. राज्यवर्धन सिंह राठौड़ रजत पदक: एथेंस (2004)  2. अभिनव बिंद्रा स्वर्ण पदक, बीजिंग ओलंपिक (2008)  3. गगन नारंग कांस्य पदक: लंदन ओलंपिक (2012)  4. विजय कुमार रजत पदक: लंदन ओलंपिक (2012)  5. मनु भाकर कांस्य पदक: पेरिस ओलंपिक (2024)  6.मनु भाकर- सरबजोत स‍िंह कांस्य पदक: पेरिस ओलंपिक (2024)  7.स्वप्निल कुसाले कांस्य पदक: पेरिस ओलंपिक (2024) भारत के ओलंप‍िक मेडल‍िस्ट की पूरी ल‍िस्ट, जानें कौन, कब बना व‍िजेता एथलीट/खेल  मेडल  इवेंट  ओलंप‍िक सीजन नॉर्मन प्रिचर्ड*  स‍िल्वर  पुरुषों की 200 मीटर रेस पेरिस 1900 नॉर्मन प्रिचर्ड**  स‍िल्वर पुरुषों का 200 मीटर बाधा दौड़ (हर्डल रेस) पेर‍िस 1900 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड  पुरुष हॉकी एम्स्टर्डम 1928 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी लॉस एंजिल्स 1932 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी बर्लिन 1936 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी लंदन 1948 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी हेल्सिंकी 1952 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी मेलबर्न 1956 केडी जाधव ब्रॉन्ज पुरुषों की बेंटमवेट कुश्ती हेल्सिंकी 1952 भारतीय हॉकी टीम  स‍िल्वर  पुरुष हॉकी रोम 1960 भारतीय हॉकी टीम  गोल्ड  पुरुष हॉकी टोक्यो 1964 भारतीय हॉकी टीम  ब्रॉन्ज पुरुष हॉकी मेक्सिको सिटी 1968 भारतीय हॉकी टीम  ब्रॉन्ज  पुरुष हॉकी म्यूनिख 1972 भारतीय हॉकी टीम  गोल्ड पुरुष हॉकी मास्को 1980 लिएंडर पेस ब्रॉन्ज पुरुष एकल टेनिस  अटलांटा 1996 कर्णम मल्लेश्वरी ब्रॉन्ज भारोत्तोलन (महिलाओं का 54 किग्रा सिडनी 2000 राज्यवर्धन सिंह राठौड़ स‍िल्वर पुरुषों की डबल ट्रैप शूटिंग  एथेंस 2004 अभिनव बिंद्रा गोल्ड पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग बीजिंग 2008 विजेंदर सिंह ब्रॉन्ज पुरुषों की मिडिलवेट बॉक्सिंग (मुक्केबाजी) बीजिंग 2008 सुशील कुमार ब्रॉन्ज पुरुषों की 66 किग्रा कुश्ती बीजिंग 2008 सुशील कुमार स‍िल्वर पुरुषों की 66 किग्रा कुश्ती लंदन 2012 विजय कुमार स‍िल्वर पुरुषों की 25 मीटर रैपिड पिस्टल शूटिंग लंदन 2012 साइना नेहवाल ब्रॉन्ज महिला एकल बैडमिंटन लंदन 2012 मैरी कॉम ब्रॉन्ज महिला फ्लाइवेट मुक्केबाजी लंदन 2012 योगेश्वर दत्त ब्रॉन्ज पुरुष 60 किग्रा कुश्ती लंदन 2012 गगन नारंग ब्रॉन्ज 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग लंदन 2012 पीवी सिंधु स‍िल्वर महिला एकल बैडमिंटन रियो 2016 साक्षी मलिक ब्रॉन्ज महिला 58 किग्रा कुश्ती रियो 2016 मीराबाई चानू  स‍िल्वर महिला 49 किग्रा भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) टोक्यो 2020 लवलीना बोरगोहेन ब्रॉन्ज महिला वेल्टरवेट बॉक्स‍िंंग (64-69 किग्रा) टोक्यो 2020 पीवी सिंधु  ब्रॉन्ज महिला एकल बैडमिंटन टोक्यो 2020 रवि कुमार दहिया  स‍िल्वर पुरुष फ्रीस्टाइल 57 किग्रा कुश्ती टोक्यो 2020 भारतीय हॉकी टीम  ब्रॉन्ज पुरुष हॉकी टोक्यो 2020 बजरंग पुनिया ब्रॉन्ज पुरुष 65 किग्रा कुश्ती टोक्यो 2020 नीरज चोपड़ा गोल्ड पुरुषों का भाला फेंक (जेवल‍िन थ्रो) टोक्यो 2020 मनु भाकर ब्रॉन्ज  वूमेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल पेरिस 2024 मनु भाकर-सरबजोत स‍िंह  ब्रॉन्ज  10 मीटर एयर पिस्टल म‍िक्स्ड टीम  पेरिस 2024 स्वप्निल कुसाले ब्रॉन्ज  50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन पेरिस 2024 *** नोट: नॉर्मन प्रिचर्ड ने ब्रिटिश झंडे के तहत भारत की ओर से भाग ल‍िया था, वह एक ब्रिट‍िश मूल के ख‍िलाड़ी थे.  recent visitors 111

SSB के डीजी को सौंपा गया BSF का प्रभार, गृह मंत्रालय ने अगले आदेश तक के लिए दी जिम्मेदारी

नई दिल्ली  सरकार ने बीएसएफ के नए चीफ की नियुक्ति कर दी है। हालांकि अभी इस पद के लिए स्थाई नियुक्ति नहीं की गई है। गृह मंत्रालय ने नियमित पद पर नियुक्ति होने तक या अगले आदेश तक महानिदेशक (बीएसएफ) दलजीत सिंह चौधरी को महानिदेशक (एसएसबी) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह कदम बीएसएफ महानिदेशक नितिन अग्रवाल को उनके राज्य कैडर में वापस भेजे जाने के एक दिन बाद उठाया गया है। बता दें कि गृहमंत्रालय ने बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल नितिन अग्रवाल को उनके पद से हटा दिया था और समय से पहले ही उनके राज्य कैडर में वापस भेज दिया। इसके अगले ही दिन गृहमंत्रालय ने नोटिस जारी कर एसएसबी के डीजी दलजीत सिंह चौधरी को ये जिम्मेदारी सौंपी है। नितिन अग्रवाल को उनके कैडर वापस भेजा BSF के डीजी नितिन अग्रवाल पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती भारत की सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते थे। उन्हें कार्यकाल के बीच में ही यहां से हटाकर उनके मूल राज्य कैडर केरल वापस भेजने के आदेश दिए गए। जबकि बीएसएफ के स्पेशल डीजी वाई. बी. खुरानिया को भी तत्काल प्रभाव से उनके मूल राज्य कैडर भेजने के आदेश जारी किए गए। कार्यकाल के बीच में ही पद से हटाया शुक्रवार को जारी किए गए दोनों अलग-अलग आदेशों में बीएसएफ के डीजी नितिन अग्रवाल के बारे में बताया गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने केरल कैडर के 1989 बैच के आईपीएस और बीएसएफ के डीजी अग्रवाल को तुरंत प्रभाव से उनके मूल राज्य कैडर वापस भेजने के आदेश दिए हैं। इस मामले में उन्हें समय से पहले उनके मूल राज्य कैडर में वापस भेजने का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिया था। इसे समिति ने मंजूरी देते हुए उन्हें वापस केरल भेजने की मंजूरी दे दी। आईपीएस अग्रवाल ने पिछले साल जून में बीएसएफ के डीजी का कार्यभार संभाला था। स्पेशल डीजी को भी पद से हटाया गया इसी तरह से कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने ओडिशा कैडर के 1990 बैच के आईपीएस और बीएसएफ के स्पेशल डीजी वाई. बी. खुरानिया को भी उनके मूल कैडर में वापस भेजने के आदेश दिए गए हैं। यह प्रस्ताव भी गृह मंत्रालय ने दिया था। जिसे समिति ने मंजूरी दे दी। खुरानिया बीएसएफ के स्पेशल डीजी (पश्चिम) के रूप में पाकिस्तान सीमा पर बल का नेतृत्व कर रहे थे। बीएसएफ के इन दोनों टॉप अफसरों को उनके मूल कैडर वापस भेजने के आदेशों में फिलहाल कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि जिस तरह से पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले बढ़े हैं। उसे देखते हुए संभवत: यह फैसले लिए गए। कौन ही दलजीत सिंह चौधरी, जिन्हें मिला BSF का अतिरिक्त प्रभार दलजीत सिंह चौधरी 1990 बैच के यूपी कैडर के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं. उनका जन्म 25 नवम्बर 1965 में हुआ था. दिल्ली में जन्मे यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी दलजीत सिंह चौधरी की गिनती तेज तर्रार अधिकारियों में होती है. उन्हें अब तक 3 बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जा चुका है. आईपीएस दलजीत चौधरी की बहादुरी को देखते हुए उन्हें समाजवादी पार्टी की अखिलेश सरकार में एडीजी एलओ यानी अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था बनाया गया था. आईपीएस दलजीत सिंह चौधरी यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी होने के बावजूद लंबे समय से केंद्र में बड़ी-बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. दलजीत सिंह चौधरी यूपी कैडर के 1990 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी हैं. दलजीत चौधरी जन्म 25 नवम्बर 1965 को दिल्ली में हुआ था. यूपी कैडर के आईपीएस अफसर दलजीत सिंह चौधरी की गिनती तेज तर्रार अधिकारियों में की जाती है. आईपीएस दलजीत सिंह चौधरी को अब तक तीन बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जा चुका है. पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की अखिलेश सरकार में आईपीएस दलजीत चौधरी की बहादुरी को देखते हुए उन्हें अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी. यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी होने के बावजूद दलजीत सिंह चौधरी केंद्र में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वह 30 नवंबर 2025 में सेवानिवृत्त होंगे. recent visitors 114

10 सीनियर अफसरों के तबादले, सुलेमान से स्वास्थ्य लिया, खाड़े को पूरा जनसंपर्क

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को नौकरशाही में बड़े फेरबदल के तहत 10 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इसके तहत एस एन मिश्रा को गृह विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) और मोहम्मद सुलेमान को कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) नियुक्त किया गया है। मिश्रा , संजय दुबे की जगह लेंगे। उन्हें अब विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का प्रमुख सचिव (पीएस) बनाया गया है। इन सब अधिकारियों को मिलाकर कुल 10 अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में लंबे समय से अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर तैनात सुलेमान को फेरबदल के तहत मिश्रा की जगह कृषि उत्पादन आयुक्त बनाया गया है। उन्होंने बताया कि मिश्रा परिवहन विभाग के एसीएस का कार्यभार संभालते रहेंगे। इसके अलावा कई और अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग में एसीएस के. सी. गुप्ता को अब डी.पी आहूजा की जगह लोक निर्माण विभाग में इसी पद पर तैनात किया गया है। आहूजा अब मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग का कार्यभार संभालेंगे। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग के पीएस विवेक कुमार पोरवाल को अब राजस्व विभाग का पीएस और राहत एवं पुनर्वास विंग का आयुक्त बनाया गया है। आयुष विभाग के पीएस पद पर तैनात अनिरुद्ध मुखर्जी को विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) बनाकर दिल्ली भेजा गया है, जबकि सहकारिता विभाग की पीएस दीपाली रस्तोगी को अब पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का पीएस बनाया गया है। जनसंपर्क विभाग के पीएस और ‘मध्यम’ के प्रबंध निदेशक (एमडी) संदीप यादव को अब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का पीएस बनाया गया है, जबकि यादव की जगह सुदाम पी. खाड़े ‘मध्यम’ के एमडी होंगे और जनसंपर्क विभाग के सचिव का कार्यभार भी संभालेंगे। एसएन मिश्रा को गृह विभाग का ACS बनाया कृषि उत्पादन आयुक्त तथा परिवहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे 1990 बैच के आईएएस अधिकारी और अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा को गृह विभाग का एसीएस बनाया गया है. परिवहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार यथावत रखा है. उच्च शिक्षा विभाग के ACS और संसदीय कार्य विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे 1992 बैच के आईएएस अधिकारी केसी गुप्ता को लोक निर्माण विभाग का अपर मुख्य सचिव और संसदीय कार्य विभाग का प्रभार यथावत रखा है. गृह विभाग के प्रमुख सचिव 1993 बैच के आईएएस अधिकारी संजय दुबे को प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी बनाया गया है. इससे एक दिन पहले दिल्ली के एलजी ने 7 आईपीएस अधिकारियों का ट्रांसफर दिल्ली में किया था। उन्हें दिल्ली में नई जिम्मेदारियां दी गई थीं।   recent visitors 122