सौसर में सात डकैत जिनिंग संचालक राजेन्द्र सावल के घर धावा बोलकर 20 तोला सोना समेत ज्वेलरी ले गए

पांढुर्णा छिंदवाड़ा के सौसर में सात डकैत जिनिंग संचालक राजेन्द्र सावल के घर धावा बोलकर 20 तोला सोना समेत ज्वेलरी ले गए। पांढुर्णा जिले सौसर के पॉश इलाके में तड़के सुबह 3.30 बजे व्यापारी के यहां डकैती हुई। वारदात सिविल लाइन पॉश कॉलोनी में होने से हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी देते हुए पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष संजय राठी ने बताया कि घर पर राजेंद्र सांवल दंपती अकेले थे। तड़के 7 से 8 नकाबपोश रसोई की ग्रिल तोड़कर अंदर घुसे। 20 तोला सोना समेत कीमती सामान ले गए। सौसर पुलिस घटना सुबह 5 बजे घटना स्थल पर पहुंची। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक आरोपी सबसे पहले किचन के मकान में ग्रिल काट कर दाखिल हुए। उन्होंने अंदर से बंद दरवाजे को खोल लिया और सभी आरोपी किचन के माध्यम से बेडरूम में दाखिल हुए। बेडरूम के दरवाजा खुला हुआ था। इसके बाद उन्होंने सावल दंपती को उठाया और उसके बाद उनके मोबाइल फोन छीन लिए। उनसे लॉकर की चाबी मांगी और उसमें रखें जेवर और नकदी निकाल लिए। लुटेरों ने उन्हें धमकी दी कि यदि पुलिस को बताने की कोशिश करी तो जान से मार डालेंगे। घर में थे सिर्फ पति-पत्नी परिवार के राजेंद्र राठी के अनुसार उनके बेटा बहू नागपुर में रहते हैं। घटना के समय घर में सिर्फ पति-पत्नी ही मौजूद थे। ऐसे में आरोपी ने दोनों दंपती को बंधक बनाकर इस बड़ी वारदात को अंजाम देकर पुलिस को खुली चुनौती दी है। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद आरोपी तो उनके मोबाइल फोन लेकर भाग गए। राजेंद्र ने पड़ोसी की मदद से पुलिस को जानकारी दी। तब पुलिस मौके पर पहुंची। बिहार का चड्ढी-बनियान की गिरोह होने की आशंका पुलिस के मुताबिक इस वारदात को बिहार के चड्ढी-बनियान गिरोह ने अंजाम दिया है। दरअसल आरोपी चड्ढी-बनियान पर थे और वे बिहारी भाषा में बात कर रहे थे, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि यह वही गिरोह है, जिसने रेकी कर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया। recent visitors 159

सांपों को सुरक्षित रखने प्रशासन ने नागपंचमी से पूर्व पहल ….

भोपाल  मध्य प्रदेश में नागपंचमी का त्यौहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इसके लिए सपेरे सांपों को पकड़कर घर घर जाकर उनकी पूजन कराते हैं। अंधविश्वास के कारण उन्हे दूध पीने के लिए मजबूर करते हैं। इस घटनाक्रम कई नाग मौत के घाट उतर जाते हैं। या तो बहुत घायल या दयनीय स्थिति में मिलते हैं। इसे लेकर प्रदेश सरकार ने एक अनोखी पहल की है। लोगों को लगता है नाग देवता दूध का सेवन करते हैं। पर यह कथन पूरी तरह गलत है। सांपों की फूड डाइट में दूध कहीं भी नहीं आता है। सपेरों के हाथों पकड़ाए जाने के कारण हर साल सैकड़ों सांपों की मौत हो जाती है। वे फिर न तो शिकार करने लायक बचते हैं और न ही अपनी रक्षा कर पाते हैं। इस सब को रोकने के लिए प्रशासन ने मंदिर के पुजारियों, जीव प्रेमियों और अन्य संस्थानों के लोगों को एक साथ बुलाकर सलाह देने की मुहिम शुरू की है। इस अभियान के तहत आने वाली नागपंचमी को प्रतीकात्मक रूप से नाग देवता की पूजन की अपील की जाएगी। लोग मंदिरों और घरों में मूर्ती की पूजा करके इको सिस्टम में महत्वपूर्ण इन जीवों की रक्षा कर सकते हैं। इसके लिए वन विभाग ने राजधानी भोपाल के भी कई इलाकों में कार्रवाई तेज करने के लिए तैयारी की है। यदि पुजारियों और स्वयंसेवी लोगों को ऐसे सपेरे मिलते हैं तो वे उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करेंगे। इसके बाद वन विभाग उन सपेरों पर सख्त कार्रवाई कर सकता है। उन पर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। वन विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह खास अभियान आने वाले 9 अगस्त तक चलेगा। recent visitors 100

बैंड बजाने से इंकार करने पर एमपी में पुलिसकर्मियों की बज गई ‘बाजा’, 19 से अधिक जवान सस्पेंड

भोपाल  मध्य प्रदेश पुलिस ने सीएम के निर्देश पर अपना बैंड तैयार किया गया है। इसके लिए हर जिले से पुलिकर्मियों को ट्रेंड किया जा रहा है। पुलिस बैंड ने पहली बार महाकाल की सवारी में अपना प्रदर्शन दिया है। वहीं, सरकार के इस फैसले से पुलिसकर्मियों में नाराजगी भी और लोगों ने कोर्ट का रूख किया है। हालांकि कोर्ट से पुलिसकर्मियों को राहत नहीं मिली है। स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए बैंड में प्रैक्टिस के लिए कुछ पुलिसकर्मियों को नामित किया गया था लेकिन इसमें शामिल होने से उनलोगों ने मना कर दिया। इसके बाद 19 से अधिक पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इन जिलों में कॉन्स्टेबल को किया गया निलंबित 25 जुलाई को, रायसेन, मंदसौर, खंडवा, सीधी और हरदा जिलों के एसपी ने पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। दरअसल, इन पुलिसकर्मियों के नाम सूची में होने के बावजूद ये स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए राज्य भर में हो रहे बैंड अभ्यास में शामिल नहीं हुए थे। निलंबन आदेश में, पुलिसकर्मियों पर 'घोर अनुशासनहीनता और अवज्ञा' का आरोप लगाया गया था। एसपी की अनुमति के बिना नहीं छोड़ेंगे मुख्यालय नोटिस में लिखा था कि निलंबन अवधि के दौरान, वे नियमों के अनुसार निर्वाह भत्ता पाने के हकदार होंगे। वे एसपी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे और नियमों के अनुसार अपनी हाजिरी दर्ज कराएंगे। रायसेन एसपी विकास कुमार ने एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए कहा कि अधिकारियों को प्रदर्शन के लिए बुलाया गया था और वे गायब हो गए। फिर उन्हें निलंबन नोटिस दिए गए और पुलिस लाइन में रहने का आदेश दिया गया। वे अभी तक नहीं आए हैं। हाईकोर्ट पहुंचे पुलिसकर्मी कई पुलिसकर्मी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर और ग्वालियर पीठ में गए। उनका कहना था कि उन्होंने कि न तो पुलिस बैंड में शामिल होने के लिए अपनी सहमति दी थी और न ही इस संबंध में कोई आवेदन दिया था, क्योंकि वे कानून व्यवस्था और अन्य नियमित कार्यों का निर्वहन करके अपने कर्तव्यों का पालन करने में रुचि रखते हैं। उन्होंने तर्क दिया था कि पुलिस बैंड के हिस्से के रूप में उनके नाम का उल्लेख करने वाला आदेश 'मनमाना और अवैध' था। पुलिसकर्मियों का आरोप था कि इसके बारे में हमारी राय नहीं ली गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीनियर अधिकारियों का दबाव झेलना पड़ रहा है। हाईकोर्ट में हुई सुनवाई पुलिस ने हाईकोर्ट में अपने जवाब में कहा कि पहले लिखित सहमति मांगी गई थी, लेकिन कोई भी सहमति देने के लिए उपस्थित नहीं हुआ। इस कारण एक आम सूची तैयार की गई थी। पांच पुलिसकर्मियों को उस समय (29 मई) ग्वालियर पीठ में बैठे न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने उनकी याचिका खारिज कर दी। उन्होंने स्कॉटिश निबंधकार और इतिहासकार थॉमस कार्लाइल का हवाला देते हुए कहा कि संगीत को देवदूतों की भाषा कहा जाता है। पुलिसकर्मियों को राहत नहीं कोर्ट ने कहा था कि जब जनता उन्हें सांस्कृतिक और औपचारिक कार्यक्रमों में आमंत्रित करती है तो पुलिस बैंड बनाना एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सहमति के अभाव पर, अदालत ने फैसला सुनाया कि पुलिस प्रशिक्षण को 'निरंतर कौशल वृद्धि कार्यक्रम के रूप में माना जा सकता है, इसलिए, याचिकाकर्ताओं से कोई पूर्व सहमति लेने की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि पुलिस एक अनुशासित बल है और इसलिए, याचिकाकर्ताओं द्वारा यह दलील नहीं दी जा सकती है कि वे अपनी सहमति के अनुसार कर्तव्यों का पालन करने के हकदार हैं। यह अनुशासित बल के विपरीत होगा। गौरतलब है कि 1 अगस्त को, जबलपुर के तीन कांस्टेबलों ने ग्वालियर पीठ के आदेश से अवगत होने के बाद अपनी याचिकाएं वापस ले लीं। उनके मामले में, अदालत ने पुलिस को चेतावनी दी कि वह याचिकाकर्ताओं के नुकसान के लिए जबरदस्ती आगे न बढ़े। यदि याचिकाकर्ता निलंबन के आदेश के खिलाफ अपील पसंद करते हैं, तो उस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। ये है आदेश इस पहल की घोषणा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की थी। उन्होंने विभिन्न जिलों में स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए पुलिस बैंड बनाने की कल्पना की थी। 29 जुलाई को, उज्जैन के महाकाल सवारी समारोह में 350-सदस्यीय पुलिस बैंड ने प्रस्तुति दी। 18 दिसंबर, 2023 को, पुलिस मुख्यालय (भोपाल) द्वारा एक परिपत्र जारी किया गया था। इसमें हर बटालियन में पुलिस बैंड बनाने के निर्देश जारी किए गए थे क्योंकि यह जनता की नजर में पुलिस की सकारात्मक छवि लाने में सहायक होगा । इसमें 45 वर्ष उम्र सीम तय की गई थी। recent visitors 130

BJP को वोट देता था मृतक , इमाम ने जनाजे में नमाज पढ़ने से किया इनकार, बताया- ‘गुस्‍ताख ए रसूल’

 मुरादाबाद उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के कुंदरकी थाना क्षेत्र में 23 जुलाई को एक मुस्लिम व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. उसके जनाजे का जब वक्त हुआ तो इमाम को नमाज पढ़ने के लिए बुलाया गया. लेकिन इमाम ने नवाज पढ़ने से इनकार कर दिया. आरोप है कि उसने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि मृतक भाजपा समर्थक था. वहीं, इसके बाद परिजनों ने रिश्तेदारों को बुलाया और नमाज अदा करके उसे दफन किया. इस पूरे मामले को लेकर मृतक के परिजनों ने डीएम और एसएसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल पुलिस ने मामले में 5 लोगों पर FIR दर्ज कर ली है. इमाम ने बीजेपी समर्थक कहकर नमाज पढ़ने से किया इनकार इस पूरे मामले को लेकर मृतक के बेटे दिलनवाज खान ने बताया कि मेरे पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. उन्हें दफन करने से पहले आखिरी नमाज के लिए इमाम को बुलाया गया था, लेकिन इमाम ने नमाज पढ़ने से मना कर दिया था. हालांकि, जब मैंने उनसे नमाज नहीं पढ़ने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि वो बीजेपी समर्थक का नमाज नहीं पढ़ेंगे. मामले में 5 पर FIR दर्ज मामले में मुरादाबाद के डीएम अनुज कुमार सिंह का भी बयान आया है. उन्होंने कहा कि एक शिकायत प्राप्त हुई है. जिसमें कहा गया है कि एक व्यक्ति है की हार्ट अटैक से मौत होने पर इमाम की तरफ से आखिरी नमाज नहीं अदा की गई. शिकायत के आधार पर हम मामले की जांच कर रहे हैं. जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी. वहीं, इस पूरे मामले में जब आरोपी इमाम राशिद से जब मीडिया ने सवाल किया तो उसने बोलने से इनकार कर दिया.राशिद पिछले कई वर्षों से इमाम के तौर पर दफन से पहले आखिरी नमाज अदा करता आ रहा है. 5   recent visitors 115

EPFO के 7 करोड़ यूजर्स के लिए प्रोफाइल को अपडेट करने के लिए एसओपी वर्जन 3.0 की मंजूरी दे दी

मुंबई कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कर्मचारियों के PF अकाउंट को लेकर नया नियम पेश किया है. यह बदलाव सभी पीएफ खाताधारकों के लिए है. अगर आप भी एक पीएफ अकाउंट होल्‍डर्स हैं तो आपके लिए ये नियम पेश किया गया है. ईपीएफओ ने पीएफ अकाउंट्स में उनके विवरण को सही करने, अपडेट करने के लिए कुछ नए नियम पेश किए हैं. आइए जानते हैं EPFO की तरफ से किस नियम को पेश किया गया है? EPFO ने पर्सनल जानकारी जैसे नाम, डेट ऑफ बर्थ को सही करने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) गाइडलाइन जारी किया है. जिसके तहत सदस्‍यों के प्रोफाइल को अपडेट करने के लिए एसओपी वर्जन 3.0 की मंजूरी दे दी गई है. अब इस नए नियम के बाद UAN प्रोफाइल में अपडेट या सुधार के लिए दस्‍तावेज देने होंगे. साथ ही डिक्‍लेयरेशन देकर आवेदन कर सकते हैं. ईपीएफओ ने अपने गाइडलाइन में कहा कि अक्‍सर देखा जाता है कि कई तरह की गलतियां होती हैं, जिसे सुधारने के लिए लोगों को बड़ी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है. यह परेशानी डेटा अपडेट नहीं होने के कारण होता है. ऐसे में ये गाइडलाइन पेश की गई है. दो कैटेगरी में होंगे बदलाव नए गाइडलाइन के मुताबिक, नए निर्देश के तहत ईपीएफओ ने प्रोफाइल में होने वाले बदलावों को मेजर और माइनर श्रेणियों में बांटा है. माइनर बदलावों को संयुक्त घोषणा रिक्वेस्ट के साथ कम से कम दो जरूरी दस्तावेज पेश करने होंगे. वहीं बड़े यानी मेजर सुधार के लिए कम से कम तीन आवश्यक दस्तावेज सबमिट करने होंगे. इसमें फील्ड कार्यालयों को सदस्यों की प्रोफाइल को अपडेट करने में ज्यादा सावधानी बरतने को कहा गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या धोखाधड़ी ना हो सके. दूसरी ओर, बड़े बदलावों के लिए कम से कम तीन जरूरी दस्तावेज देने होंगे. यह ध्यान रखना जरूरी है कि आधार से जुड़े बदलावों के मामले में, आधार कार्ड या एक्टिव मोबाइल नंबर से जुड़ा ई-आधार कार्ड सहायक दस्तावेज के तौर पर काफी होगा. किस बदलाव के लिए कितने दस्‍तावेज       छोटे बदलाव के लिए दस्तावेजों की सूची में से कम से कम दो दस्तावेजों की आवश्यकता है.     बड़े बदलाव के लिए दस्तावेजों की सूची में से कम से कम तीन दस्तावेज की आवश्यकता है. बता दें ईपीएफ सदस्‍यों के पास सदस्‍य ई-सर्विस पोर्टल के माध्‍यम से सुधार के लिए संयुक्‍त डिक्‍लेयरेशन पेश करने का विकल्‍प है. यह ध्‍यान रखना महत्‍वपूर्ण है कि सुधार केवल वर्तमान नियोक्‍ता की ओर से मैनेज किए जा रहे ईपीएफ अकाउंट से संबंधित डेटा में ही किए जा सकते हैं. नियोक्ताओं के पास पिछले या अन्य प्रतिष्ठानों के ईपीएफ खातों में कोई भी बदलाव करने का अधिकार नहीं है. ईपीएफओ ने कहा कि सदस्य को अपने रजिस्‍टर्ड पोर्टल लॉगिन से जेडी आवेदन जमा करने की जिम्मेदारी होगी.   recent visitors 226

मनु भाकर आज निशानेबाजी की 25 मीटर महिला पिस्टल स्पर्धा का फाइनल में खेलेंगी, सोने पर होगा निशाना

पेरिस मनु भाकर ने पेर‍िस ओलंप‍िक में अब तक धाकड़ प्रदर्शन किया है, वह ज‍िस भी इवेंट में खेलने पर उतरी हैं, उन्होंने मेडल जीता है. मनु भाकर आज (3 अगस्त) निशानेबाजी की 25 मीटर महिला पिस्टल स्पर्धा का फाइनल में खेलेंगी. यह मुकाबला दोपहर एक बजे से है. मनु अगर इस इवेंट में मेडल जीत लेती हैं तो वह भारत की सबसे बड़ी एथलीट बन जाएंगी, क्योंकि कभी भी कोई भारतीय ख‍िलाड़ी व्यक्त‍िगत तौर पर 3 मेडल नहीं जीत पाया है.  मनु भाकर तो इस मामले में एक कदम और आगे निकलेंगी, क्योंकि वह मेडल की हैट्र‍िक बनाने के नजदीक हैं. पेरिस ओलंप‍िक में मनु भाकर शानदार एथलीट बनकर उभरी हैं. उन्होंने एक के बाद एक दो मेडल जीतकर अपना नाम इत‍िहास के पन्नों में दर्ज करवा लिया है. मनु भाकर ने व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीतने के बाद सरबजोत सिंह के साथ मिलकर मिश्रित टीम वर्ग में भी कांस्य पदक जीता. वह एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं.अब मनु के पास एक और इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने के करीब हैं.  खास बात यह है कि इस ओलंप‍िक में भारत के तीनों ही मेडल शूटिंग में ही आए हैं. मनु के अलावा पेर‍िस ओलंपिक 2024 के 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस (50m Rifle 3 Positions Men's Final Results) में स्वप्निल कुसाले ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था. 1 अगस्त को जब कुसाले ब्रॉन्ज जीते तो पहली बार किसी भारतीय शूटर ने ओलंपिक के इस इवेंट यानी 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में पदक जीता. आइए अब आपको बता देते हैं आज (3 अगस्त 2024) भारत का ओलंप‍िक में शेड्यूल कैसा रहेगा पेरिस ओलंपिक में आठवें दिन भारत का शेड्यूल निशानेबाजी पुरुष स्कीट क्वाल‍िफ‍िकेशन (दूसरा द‍िन): अनंतजीत स‍िंंह नरुका    महिला स्कीट क्वालिफिकेशन (पहला दिन): रेइजा ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान : दोपहर 12.30 महिला 25 मीटर पिस्टल (फाइनल ): मनु भाकर (दोपहर 1.00 बजे ) गोल्फ पुरुष राउंड 3 (स्ट्रोक प्ले) – शुभंकर शर्मा, गगनजीत भुल्लर – दोपहर 12:30 बजे तीरंदाजी महिला व्यक्तिगत ( 1/8 एलिमिनेशन ) : दीपिका कुमारी बनाम मिशेले क्रोपेन (जर्मनी) दोपहर 1.52 बजे महिला व्यक्तिगत ( 1/8 एलिमिनेशन ) : भजन कौर बनाम डियांडा चोइरूनिसा (इंडोनेशिया), दोपहर 2.05 बजे महिला व्यक्तिगत क्वार्टरफाइनल (यदि क्वाल‍िफाई करते हैं) – दीपिका कुमारी/भजन कौर: शाम 4:30 महिला व्यक्तिगत सेमी-फाइनल (यदि क्वाल‍िफाई करते हैं) – दीपिका कुमारी/भजन कौर: शाम 5:22 महिला व्यक्तिगत कांस्य पदक मैच (यदि सेमीफाइनल हार गए) – दीपिका कुमारी/भजन कौर: शाम 6:03 महिला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक मैच (यदि क्वाल‍िफाई करते हैं) – दीपिका कुमारी/भजन कौर: शाम 6:16 सेल‍िंग बोटिंग पुरुष डिंगी (रेस पांच ): विष्णु सरवनन – दोपहर 3. 45 बजे पुरुष डिंगी (रेस छह ): विष्णु सरवनन – दोपहर 4. 53 बजे महिला डिंगी (रेस पांच ): नेत्रा कुमानन – दोपहर 5. 55 बजे महिला डिंगी (रेस छह ): नेत्रा कुमानन – शाम 7. 03 बजे मुक्केबाजी : पुरुष वेल्टरवेट ( क्वार्टर फाइनल ) 71 KG : निशांत देव बनाम मार्को वेरडे (मैक्सिको ): रात 12. 18 बजे recent visitors 112