सिंगल यूज प्लास्टिक पर दुकानों का औचक निरीक्षण किया तथा 2 दुकानदारों को 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया

बैजनाथ सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने के लिए जिलेभर में अभियान चलाया जा रहा है। इस बाबत वीरवार को ए.डी.सी. कांगड़ा सौरभ जस्सल की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय धर्मशाला के क्षेत्रीय अधिकारी वरुण गुप्ता ने बैजनाथ में दुकानों का औचक निरीक्षण किया तथा 2 दुकानदारों को 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। ए.डी.सी. सौरभ जस्सल ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है ताकि पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके। किसी भी स्तर पर सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करने दिया जाएगा तथा जिलेभर में इस बाबत निरीक्षण अभियान आरंभ किया गया है। उन्होंने दुकानदारों से भी आग्रह किया कि सिंगल यूज प्लास्टिक को न बेचें तथा बायोडिग्रेडेबल सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हम अपना रचनात्मक सहयोग सुनिश्चित कर सकें। इस अवसर पर उन्होंने व्यापारियों को प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध बारे जागरूक भी किया। इस अवसर पर एस.डी.एम. बैजनाथ, डी.एस.पी. सहित विभिन्न अधिकारी भी उपस्थित रहे। recent visitors 100

स्कूल शिक्षा विभाग करेगा अब नया प्रयोग- ऐसे विद्यार्थी जो पढ़ाई में कमजोर हैं, उनकी अलग से कक्षाएं लगाई जाएंगी

भोपाल नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्कूल शिक्षा विभाग अब नया प्रयोग करने जा रहा है। इसके तहत ऐसे विद्यार्थी जो पढ़ाई में कमजोर हैं, उनकी अलग से कक्षाएं लगाई जाएंगी। इसके लिए कक्षाओं में बकायदा अलग सुपर सेक्शन बनेगा और शिक्षक भी अलग से तैनात होंगे। साप्ताहिक और मासिक टेस्ट भी होगा। प्रति सप्ताह मूल्यांकन करके जहां कमी है, उसे दूर करने पर फोकस किया जाएगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग राज्य ओपन बोर्ड के साथ मिलकर काम करेगा। इनके लिए ओपन स्कूल चलाया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10 वीं कक्षा का परिणाम सुधारना है। मप्र बोर्ड की 10 वीं का परिणाम पिछले छह वर्षों में इस वर्ष सबसे खराब रहा था। 10 वीं का परिणाम 58.10 प्रतिशत रहा है। साथ ही इस साल से बेस्ट आफ फाइव योजना भी समाप्त कर दी गई है। इस कारण स्कूल शिक्षा विभाग ने 10 वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम सुधारने के लिए नौवीं कक्षा से जोर देना शुरू कर दिया है। इसके तहत अब उन स्कूलों में सुपर सेक्शन बनाया जाएगा, जहां 30 से अधिक विद्यार्थी फेल हुए हैं।   अलग से लगेंगी कक्षाएं नौवीं कक्षा में फेल विद्यार्थियों की अलग से कक्षाएं लगाई जाएंगी। सभी विषयों की पढ़ाई के लिए शिक्षक लगाए जाएंगे। साप्ताहिक और मासिक टेस्ट के साथ ही तिमाही और छमाही परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं से एक-एक सवाल पर चर्चा की जाएगी। शिक्षकों काे भी प्रशिक्षित किया जाएगा कि कमजोर विद्यार्थियों को कैसे पढ़ाया जाना चाहिए। नौवीं के तिमाही व छमाही परीक्षा का भी आकलन होगा स्कूल शिक्षा विभाग नौवीं कक्षा से ही गुणवत्ता सुधारने का प्रयास कर रहा है। साथ ही नौवीं कक्षा के तिमाही व छमाही परीक्षा परिणाम के पांच-पांच फीसद अंक वार्षिक परीक्षा के परिणाम में जोड़े जाएंगे। इससे विद्यार्थी तिमाही व छमाही परीक्षाओं को गंभीरता से लेंगे और ध्यान केंद्रित करेंगे।तिमाही व छमाही परीक्षा के परिणामों का भी आकलन किया जाएगा, ताकि वार्षिक परीक्षा में सुधार किया जा सके। कमजोर विद्यार्थियों पर होगा फोकस विभागीय अधिकारियों का मानना है कि कक्षाओं में शिक्षक दो स्तर पर पढ़ाता है। शिक्षक का ध्यान अधिकतर तेज विद्यार्थियों पर ही होता है। साथ ही सामान्य विद्यार्थियों के स्तर पर भी पढ़ाया जाता है। कक्षा के कमजोर विद्यार्थियों पर सामान्यत: शिक्षकों का विशेष ध्यान नहीं होता है। उनके लिए अलग से रणनीति बनाकर उन्हें पढ़ाया जाएगा। recent visitors 105

सभी सेक्टरों में नियुक्तियों में दोहरे अंक में वृद्धि देखने को मिली, भारत में जुलाई में नियुक्तियां 12 प्रतिशत बढ़ी

नई दिल्ली भारत में नियुक्तियां जुलाई में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़ी हैं। सभी सेक्टरों में नियुक्तियों में दोहरे अंक में वृद्धि देखने को मिली है। शुक्रवार को जारी की गई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स के मुताबिक, जून के मुकाबले तिमाही आधार पर नियुक्तियों में 11 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है। फार्मा और बायोटेक सेक्टर में सालाना आधार पर 26 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है। इस सेक्टर में बड़ौदा और हैदराबाद में नियुक्तियों में क्रमश: 61 प्रतिशत और 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, एफएमसीजी सेक्टर में नियुक्तियों में 26 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इस सेक्टर में बेंगलुरु और कोलकाता में नियुक्तियां क्रमश: 52 प्रतिशत और 43 प्रतिशत बढ़ी है। रियल एस्टेट और आईटी सेक्टर में पिछले साल के मुकाबले नियुक्तियों में क्रमश: 23 प्रतिशत और 17 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है। नौकरी के चीफ बिजनेस ऑफिसर, डॉक्टर पवन गोयल ने कहा कि यह पहला महीना है, जब बाजार में सकारात्मक बढ़त देखने को मिली है। यह सभी सेक्टरों में फैला हुआ है। ये काफी अच्छा है। उन्होंने आगे कहा कि यह सकारात्मक बदलाव भारत में व्हाइट कॉलर नौकरियों में उत्थान की एक शुरुआत हो सकती है। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि मशीन लर्निंग इंजीनियर्स, डेटा साइंटिस्ट, बीआई मैनेजर्स और प्रोडक्ट मैनेजर्स की मांग में सबसे ज्यादा इजाफा देखने को मिला है। दिल्ली-एनसीआर और हैदराबाद में नियुक्तियों के कारण वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) में साल-दर-साल 12 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। गुजरात लगातार नियुक्तियों में बढ़त का नेतृत्व कर रहा है। हैदराबाद अलग-अलग सेक्टर में रोजगार सृजन के एक हब के रूप में विकसित हुआ है। recent visitors 88

आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना से 3,029 ट्रांसजेंडर लाभान्वित हुए

नई दिल्ली  अगस्त 2022 से कुल 3,029 सत्यापित ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत शामिल किया गया है। इसकी जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने शुक्रवार को लोकसभा में दी। नड्डा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ ट्रांसजेंडर व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। लाभार्थियों को मिलेगी कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं मंत्री ने एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण के लिए व्यापक पुनर्वास हेतु केन्द्रीय क्षेत्र योजना की आजीविका और उद्यम के लिए लोगों को सहायता उप-योजना के तहत लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। नड्डा ने कहा कि इन लाभार्थियों को स्वास्थ्य लाभ पैकेज 2022 के अनुसार कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा, AB-PMJAY के राष्ट्रीय स्वास्थ्य लाभ पैकेज मास्टर के तहत लिंग पुष्टि सर्जरी से संबंधित प्रक्रिया उपलब्ध नहीं है। इसलिए, किसी भी लाभार्थी ने इस योजना के तहत यह उपचार नहीं कराया है। ये लाभार्थी योजना के तहत अतिरिक्त ट्रांसजेंडर-विशिष्ट उपचार के लिए पात्र हैं। नड्डा ने कहा कि लिंग पुष्टि सर्जरी और अन्य ट्रांसजेंडर-विशिष्ट चिकित्सा उपचार दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल और डॉ. आरएमएल अस्पताल में उपलब्ध हैं। मरीजों ने बचाए 28000 करोड़ रुपये- नड्डा संसद में प्रश्नकाल के दौरान जेपी नड्डा ने कहा कि जनऔषधि केंद्रों पर कीमतों में कमी के कारण मरीज अबतक 28,000 करोड़ रुपये बचाने में सफल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इलाज के लिए सस्ती दवाएं और विश्वसनीय प्रत्यारोपण (अमृत) योजना के तहत मरीज 24,273 करोड़ रुपये बचा सकते हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना फार्माक्यूटिकल्स विभाग द्वारा जन औषधि केंद्र नामक दुकानों में गरीबों और वंचितों को कम कीमत पर दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई एक योजना है। इस योजना का एकमात्र उद्देश्य कम कीमतों पर दवाएं उपलब्ध करके प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य देखभाल बजट को कम करना है। वैक्सीन को लेकर क्या बोले नड्डा? कोरोना काल में दवाओं की सप्लाई को लेकर जेपी नड्डा ने कहा कि सात देशों में कोवैक्सीन गया है। 48 देशों में विश्व मैत्री में मुफ्त वैक्सीन दी गई है। हमने 100 से अधिक देशों को दवाएं भेजीं। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि हमसे भी लोगों ने कहा कि भारत की वैक्सीन सर्वश्रेठ है। इसमें कोई आपत्ति है क्या? डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने सवाल किया कि क्या भारत की 99 फीसदी युवा आबादी अनफिट है। इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि ये रिपोर्ट फिट-अनफिट की नहीं है। रिपोर्ट है कि 99 फीसदी लोग सफिशिएंट फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते हैं। उनके मुताबिक सफिशिएंट फिजिकल एक्टिविटी का जो मानक है, आप भी और हम भी, बहुत से सदस्य इनसफिशिएंट में ही आते होंगे।  recent visitors 98

कोवैक्सीन के टीके के पेटेन्ट हासिल करनेबीबीआईएल ने चुपचाप बिना बताये आवेदन कर दिया था

नई दिल्ली  कोरोना के विषाणु को निष्क्रिय करने के लिए स्वदेश में विकसित कोवैक्सीन के टीके के पेटेन्ट हासिल करने के लिए भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबीआईएल) ने चुपचाप बिना बताये आवेदन कर दिया था लेकिन सरकार के हस्तक्षेप के बाद भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय जीवाणुविज्ञान संस्थान (एनआईवी), तीनों संयुक्त रूप से आवेदक बने हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। तृणमूल कांग्रेस के प्रो. सौगत राय ने एक सवाल में कहा कि कोवैक्सीन काेरोना संक्रमण के विरुद्ध दुनिया का सबसे प्रभावी टीका माना गया है जिसे आईसीएमआर और एनआईवी ने संयुक्त रूप से 35 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया था। लेकिन इस टीके के पेटेंट के लिए बीबीआईएल ने आवेदन किया है और उसमें आईसीएमआर और एनआईवी का उल्लेख नहीं किया है। इस पर सरकार क्या दंडात्मक कार्रवाई करेगी। नड्डा ने कहा कि यह सही है कि कोवैक्सीन के विकास के लिए आईसीएमआर और एनआईवी ने बीबीआईएल के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये थे। वैक्सीन के विकास के दो भाग थे -एक, विषाणु को अलग थलग करना और दूसरा, विषाणु को निष्क्रिय करना। ये काम आईसीएमआर ने एनआईवी की प्रयोगशाला में किया जिस पर सात करोड़ रुपए की लागत आयी और बीबीआईएल ने प्रयोगशाला परीक्षण एवं विकास का काम किया जिसमें सात करोड़ से अधिक राशि व्यय हुई। बीबीआईएल ने भी इस काम पर 60 करोड़ से अधिक राशि खर्च की है। उन्होंने कहा कि जब हमें पता चला कि बीबीआईएल ने पेटेंट आवेदन में सिर्फ खुद के नाम का उल्लेख किया था। लेकिन जैसे ही सरकार को इसका पता लगा, हमने तुरंत आपत्ति दाखिल की और कहा कि यह तो संयुक्त एमओयू के तहत विकसित किया गया है और तीनों का संयुक्त स्वामित्व है। इस पर बीबीआईएल ने स्वीकार किया कि अनजाने में गलती से वैक्सीन के विकास के लिए जिम्मेदार नामों में आईसीएमआर एवं एनआईवी के नाम छूट गये थे। बहरहाल अब तीनों नाम संयुक्त रूप में पेटेंट के आवेदन में दर्ज हो गये हैं। एक पूरक प्रश्न के उत्तर में नड्डा ने कहा कि कोविड काल में वैक्सीन मैत्री ऑपरेशन के तहत भारत ने 100 देशों को वैक्सीन की आपूर्ति की थी और उनमें से 48 देशों को मुफ्त वैक्सीन भेजी थी। सात देशों को कोवैक्सीन दी गयी थी। कुछ 220 करोड़ डबल डोज़ का उत्पादन हुआ था। भारत में काेविड टीकाकरण का कार्यक्रम विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम था।     recent visitors 99

तेजस फाइटर का भारत में अभी हो रहा इंतजार,पाक उड़ाने लगे पांचवीं पीढ़ी का चीनी फाइटर जेट J-31

नईदिल्ली भारत इन दिनों तेजस फाइटर जेट के उत्‍पादन के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है लेकिन अमेरिका के इंजन नहीं देने से इसमें जल्‍द सफलता मिलती नहीं दिख रही है। अब कहा जा रहा है कि नवंबर महीने में भारत को पहला तेजस फाइटर जेट मिलेगा। वहीं भारत का सबसे बड़ा दुश्‍मन चीन अब पाकिस्‍तान की वायुसेना को पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट से लैस करने जा रहा है। पाकिस्‍तानी मीडिया के मुताबिक पाकिस्‍तानी वायुसेना के फाइटर पायलट अब चीन के J-31 स्‍टील्‍थ फाइटर जेट की ट्रेनिंग लेना शुरू कर चुके हैं। कुछ समय पहले ही पाकिस्‍तानी वायुसेना के प्रमुख ने संकेत दिया था कि उनका देश जल्‍द ही चीन ने जे-31 फाइटर जेट खरीदने जा रहा है। पाकिस्‍तान की वायुसेना जहां पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट से लैस होने जा रही है, वहीं भारत अभी भी चौथी पीढ़ी के राफेल फाइटर जेट पर अटका हुआ है। पाकिस्‍तानी टीवी चैनल बोल न्‍यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्‍तानी वायुसेना के पायलटों ने चीन में जे-31 जेट की ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया है। उसने बताया कि यह पाकिस्‍तान की एयरफोर्स के लिए बड़ी घटना है। उसने बताया कि जल्‍द ही पाकिस्‍तानी वायुसेना में चीनी जे-31 फाइटर जेट को शामिल कर लिया जाएगा और ये ट्रेन किए हुए पायलट उसे उड़ाएंगे। चीन का दावा है कि उसका जे-31 या FC-31 फाइटर जेट पांचवीं पीढ़ी का है और उसे रेडॉर से पकड़ा नहीं जा सकता है। इसी वजह से चीन इसे 'अदृश्‍य' मानता है। इससे पहले पाकिस्‍तानी वायुसेना के तत्‍कालीन प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू ने 2 जनवरी को ऐलान किया था कि उनका देश इस नए चीनी फाइटर जेट को शामिल करने जा रहा है। पाकिस्‍तान और तुर्की के प्‍लान से डरा चीन! इससे पहले पाकिस्‍तान ने चीन से जे-10सी फाइटर जेट खरीदा था जो उसने राफेल से टक्‍कर लेने के लिए लिया है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्‍तान को यह फाइटर जेट बेचना चीन के लिए काफी महत्‍वपूर्ण है। पाकिस्‍तान इन दिनों चीन के हथियारों का सबसे बड़ा ग्राहक बनकर उभरा है। उन्‍होंने कहा कि चीन इस विमान के लिए पाकिस्‍तान को सब्सिडी और सपोर्ट मुहैया करा सकता है। चीन पाकिस्‍तान को चेंगदू जे-20 फाइटर जेट के प्रोडक्‍शन में भी मदद का ऑफर दे सकता है। यह विमान भी पांचवीं पीढ़ी का है। दरअसल, चीन को डर सता रहा है कि उसका सबसे बड़ा ग्राहक तुर्की के पास जा सकता है जो कान फाइटर जेट बना चुका है। एफ-35 को टक्‍कर देने के लिए बनाया जे-31 जेट कान एक पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट है और तुर्की ने पाकिस्‍तान को इसका ऑफर दिया है। तुर्की चाहता है कि पाकिस्‍तान इस विमान के निर्माण में मदद करे। वहीं कंगाल पाकिस्‍तान अब चीन बनाम तुर्की में फंसा हुआ था लेकिन माना जा रहा है कि वह अपने आका चीन की ओर ही जा रहा है। जे-31 एक कम कीमत वाला पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट है जिसका बड़े पैमाने पर उत्‍पादन किया जा सकता है। इसे चीनी वायुसेना और नेवी दोनों में शामिल किया गया है ताकि अमेरिका के एफ-35 और यूरोप के फोर प्‍लस फाइटर जेट को टक्‍कर दिया जा सके। पाकिस्‍तान की अभी जो माली हालत है, उसको देखकर लग नहीं रहा है कि वह बहुत बड़ी तादाद में यह विमान खरीद पाएगा। वहीं भारत की बात करें तो अभी हमारे पास एक भी पांचवीं पीढ़ी का विमान नहीं है। रूस और अमेरिका दोनों ही अपने स्‍टील्‍थ विमान बेचना चाहते हैं।   recent visitors 101

दिग्गज सेमीकंडक्टर कंपनी Intel छंटनी करने पर मजबूर हुई , 15 फीसदी कर्मचारियों की जाने वाली है नौकरी

नई दिल्ली  दिग्गज कंपनी इंटेल ने कहा है कि वो कर्मचारियों की छंटनी के साथ-साथ डिविडेंड पर रोक लगा दिया है। इस खबर ने निवेशकों को झटका लगा। जिसकी वजह से इंटेल के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। इंटेल ने बताया है कि वो अपने कर्मचारियों की संख्या के 15% से अधिक, लगभग 17,500 लोगों में कटौती करेगा, और अपने पैसे खोने वाले मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस पर केंद्रित करेगा। बदलाव इस की योजनाओं के बीच चौथी तिमाही में शुरू होने वाले अपने डिविडेंड को निलंबित कर दिया है। 20% लुढ़का शेयर चिपमेकर द्वारा नौकरी में कटौती और अपने डिविडेंड के निलंबन की घोषणा के बाद, इंटेल शेयर की कीमत विस्तारित व्यापार में 20% गिर गई, बाजार मूल्य में $ 24 बिलियन से अधिक का नुकसान हुआ। इंटेल का शेयर गुरुवार को 7% की गिरावट के साथ बंद हुआ था। 2024 के अंत तो हो जाएगी कटौती सांता क्लारा, कैलिफोर्निया स्थित कंपनी ने 29 जून तक 1,16,500 लोगों को रोजगार दिया था। इसने कहा कि अधिकांश नौकरी में कटौती 2024 के अंत तक पूरी हो जाएगी। रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी ने कहा कि वह ऑपरेटिंग खर्चों में कटौती करेगी और 2025 में पूंजीगत व्यय को 10 बिलियन डॉलर से अधिक कम कर देगी, जो शुरू में योजना से अधिक थी। इस साल 40% से अधिक टूट चुका है शेयर यह बाजार के अनुमान से नीचे तीसरी तिमाही के राजस्व का भी अनुमान लगाता है। एलएसईजी के आंकड़ों से पता चला है कि तीसरी तिमाही के लिए, इंटेल को विश्लेषकों के 14.35 अरब डॉलर के औसत अनुमान की तुलना में 12.5 अरब डॉलर से 13.5 अरब डॉलर के राजस्व की उम्मीद है। यह 38% के समायोजित ग्रॉस मार्जिन का अनुमान लगाता है, जो 45.7% की बाजार अपेक्षाओं से कम है। 29 जून तक, कंपनी के पास 11.29 बिलियन डॉलर की नकदी और नकद समकक्ष थे, और लगभग 32 बिलियन डॉलर की कुल वर्तमान देनदारियां थीं। इंटेल के शेयर इस साल अब तक 40% से ज्यादा गिर चुके हैं। recent visitors 109