ओम बिरला ने सदन में खड़े होने के तौर-तरीकों को लेकर कांग्रेस के सचेतक मणिकम टैगोर को फटकार लगाई

नई दिल्ली लोकसभा के अंदर सांसदों के तौर-तरीके और व्यवहार से नाराज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को सदन में खड़े होने के तौर-तरीकों को लेकर कांग्रेस के सचेतक मणिकम टैगोर को फटकार लगाई। दोनों के बीच सदन में इसे लेकर बहस भी हुई है। दरअसल, शुक्रवार को लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही के दौरान जब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा एक सवाल का जवाब दे रहे थे, उस समय मणिकम टैगोर विपक्षी बेंच की तरफ अपनी सीट से पीछे जाकर खड़े होकर एक सांसद के साथ बातें कर रहे थे और उस समय उनकी पीठ लोकसभा अध्यक्ष के आसन की तरफ थी। स्पीकर बिरला की नजर जैसे ही उस तरफ गई, उन्होंने जवाब दे रहे जेपी नड्डा को रोककर कांग्रेस के सचेतक मणिकम टैगोर को फटकार लगाते हुए कहा, "आप पीठ पीछे करके मत खड़े हुआ करिए।" कांग्रेस सांसद ने भी जवाब में बहस करते हुए यह पूछ लिया, "कैसे खड़े होना है?" उनके जवाब पर नाराजगी जाहिर करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, "मैं वह ट्रेनिंग भी आपको दे दूंगा।" आपको याद दिला दें कि, इससे पहले 30 जुलाई को सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर बिरला विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी आसन (लोकसभा अध्यक्ष की चेयर) की तरफ पीठ नहीं करने की नसीहत दे चुके हैं। recent visitors 94

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बिजली कंपनी मुख्यालय गोविंदपुरा में करेंगे पौध-रोपण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के गोविन्दपुरा स्थित मुख्यालय परिसर में 6 अगस्त को प्रातः 11 बजे पौध-रोपण कर बिजली कंपनियों के परिसर में पौधे लगाने के अभियान का शुभारंभ करेंगे। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि ‘‘एक पेड़ मॉं के नाम‘‘ अभियान के तहत प्रदेश में बिजली कंपनियों के परिसर में एक लाख से अधिक पौधे लागाये जायेंगे। मंत्री श्री तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 19 हजार, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 18 हजार 800, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 20 हजार, ट्रांमिसन कंपनी द्वारा 19 हजार, पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा 19 हजार और मध्यप्रदेश पॉवर मेनेजमेंट कंपनी द्वारा 5 हजार से अधिक पौधे लगाये जायेंगे। उन्होंने निर्देशित किया है कि अधिकारी-कर्मचारी लगाये जाने वाले पौधों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करें। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्‍वास कैलाश सारंग,  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण एवं विमुक्त और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर एवं महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय सहित जन-प्रतिनिधि, कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक भी 6 अगस्त को मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के गोविन्दपुरा स्थित मुख्यालय परिसर में पौध-रोपण करेंगे।   recent visitors 109

इंटरेक्टिव सेशन 8 अगस्त को, मुख्यमंत्री बेंगलुरू में उद्योगपतियों से करेंगे चर्चा

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अगला पढ़ाव बेंगलुरू में होने जा रहा है। जहाँ उद्योगपतियों के साथ 8 अगस्त को इंटरेक्टिव सेशन होगा। मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ाने के लिए किये जा रहे विशेष प्रयासों के तहत यह सत्र फरवरी, 2025 में होने वाले “इन्वेस्ट मध्यप्रदेश-ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025” से पहले ‘रोड़ टू जीआईएस’ श्रृंखला का हिस्सा है। GIS-25 में आईटी सेक्टर में उद्योगपतियों को निवेश के लिये आमंत्रित करने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7-8 अगस्त को बेंगलुरू में इंटरेक्टिव सेशन में उद्योगपतियों से चर्चा करेंगे। बेंगलुरू विप्रो, इंफोसिस, टीसीएस, आईबीएम जैसी कई बड़ी आईटी कंपनियों का हब है। सत्र में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाएँ (आईटीईएस), इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम), कपड़ा और परिधान, एयरोस्पेस और रक्षा, ऑटोमोबाइल और ओईएम, फार्मास्यूटिकल्स, हेल्थकेयर और मेडिकल डिवाइस संबंधी उद्योगों के प्रदेश में निवेश पर विस्तृत चर्चा की जायेगी। वर्तमान आवश्यकतानुरूप प्रदेश में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में निवेश होने से म.प्र. के विकास में नए आयाम स्थापित होंगे। इसके अतिरिक्त सत्र में विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपति, निवेशक और हितधारक शामिल होंगे। 7 अगस्त की शाम को नेटवर्किंग डिनर में उद्योगपतियों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ जुड़ने और संभावित सहयोग पर चर्चा करने का विशेष अवसर प्राप्त होगा। सत्र में औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग/ एमपीएसईडीसी द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर प्रस्तुतीकरण दिया जायेगा। प्रमुख उद्योगपतियों द्वारा मध्यप्रदेश में अपने अनुभव साझा करने और राज्य के औद्योगिक परिदृश्य और भविष्य की विकास संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जायेगी। 8 अगस्त को इंटरेक्टिव सत्र में फिल्म "एडवांटेज मध्य प्रदेश" दिखाई जाएगी, जो उद्योगपतियों को राज्य में अपने उद्योग स्थापित करने के लिये निवेश की सुविधाओं की जानकारी देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और सतत् विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार के दृष्टिकोण और नवाचारों की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ वन-टू-वन बैठक, साथ ही वैश्विक क्षमता केंद्रों, आईटी और परिधान क्षेत्रों के साथ राउंड टेबल चर्चा भी होगी। मुंबई और कोयंबटूर में सफल सत्रों के बाद, कर्नाटक के प्रमुख औद्योगिक केंद्र भारत की सिलिकॉन वैली बेंगलुरू में आयोजित किया जा रहा है। सत्र का उद्देश्य मध्यप्रदेश के प्रचुर संसाधनों, कुशल कार्यबल और अनुकूल औद्योगिक वातावरण से देश के प्रमुख औद्योगिक संस्थानों को अवगत कराकर प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित कर मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी निवेश स्थल बनाना है। म.प्र. में आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश सरकार नवाचार कर रही है।   recent visitors 86

गाजियाबाद में हुई दर्दनाक घटना, जिम के अंदर ट्रेड मिल पर दौड़ लगाते समय बीमा एजेंट की मौत

गाजियाबाद गाजियाबाद के वेव सिटी थानाक्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक जिम के अंदर ट्रेड मिल पर दौड़ लगाते समय बीमा एजेंट की मौत हो गई। घटना के बाद जिम में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस का कहना है कि घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। हार्ट अटैक आने से मौत होने का अंदेशा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। वेव सिटी थानाक्षेत्र के गांव महरौली स्थित पीआर एनक्लेव में रहने वाले 42 वर्षीय जलेंद्र सिंह अपनी पत्नी और बेटी के साथ रहते थे। वह निजी बीमा कंपनी में एजेंट थे। जलेंद्र सिंह रोजाना की तरह शुक्रवार तड़के भी महरौली अंडरपास के सामने स्थित एमके फिटनेस जिम में कसरत करने गए थे। ट्रेड मिल पर दौड़ते वक्त वह एकाएक जमीन पर गिर गए। घटना से जिम में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बयाना गांव निवासी जिम मालिक कपिल तथा महरौली निवासी अमित उन्हें नजदीक के मणिपाल अस्पताल में ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सूचना मिलने पर पहुंची वेव सिटी पुलिस ने प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक से मौत होने का अंदेशा जताया है। एसीपी वेव सिटी पूनम मिश्रा का कहना है कि घटना जिम में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसीपी वेव सिटी के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में जलेंद्र ट्रेड मिल पर दौड़ते दिख रहे हैं। एकाएक वह अपना एक हाथ अपने सीने पर लगाते हैं। इसके बाद उनकी स्पीड कम हो जाती है। थोड़ी देर बाद वह दौड़ना बंद कर ट्रेड मिल पर खड़े हो जाते हैं। कुछ सेकेंड रुकने के बाद वह एकाएक नीचे गिर जाते हैं। जलेन्द्र को गिरता देख बगल में कसरत कर रहे युवक ने उनकी छाती पर पंपिंग कर उन्हें बचाने का प्रयास किया और फिर वहां जिम मालिक भी पहुंच गया। दोनों ने काफी प्रयास किया, लेकिन वह होश में नहीं आए।   recent visitors 123

पूजा खेडकर ने चयन के लिए फर्जी सर्टिफिकेट जमा किए थे, अब इस मामले में 6 और अफसरों पर लटकी तलवार

नई दिल्ली कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ट्रेनी और सेवारत अधिकारियों के सर्टिफिकेट्स को लेकर काफी सजग हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी कड़ी में 6 सिविल सेवकों के विकलांगता प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी। दरअसल, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने बीते बुधवार को ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर की उम्मीदवारी रद्द कर दी थी। साथ ही, भविष्य में उसके किसी भी परीक्षा में शामिल होने पर रोक लगा दी। खेडकर ने चयन के लिए फर्जी विकलांगता और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सर्टिफिकेट जमा किए थे। इसे देखते हुए डीओपीटी ने उम्मीदवारों की विकलांगता स्थिति की फिर से जांच के लिए स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (DGHS) को पत्र लिखा है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिन 6 अधिकारियों के प्रमाणपत्र संदेह के दायरे में हैं उनके मेडिकल सर्टिफिकेट बीते दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। अगर यूपीएससी के नियमों की बात करें तो आरक्षण का लाभ उठाने के लिए कैंडिडेट का न्यूनतम 40 प्रतिशत दिव्यांग होना जरूरी है। UPSC विकलांग उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा, प्रयासों की संख्या और परीक्षा केंद्रों को लेकर छूट देता है। पूजा खेडकर केस को लेकर आयोग ने कहा था कि पिछले 15 वर्षों में यह एकमात्र मामला है, जिसमें वह यह पता नहीं लगा सका कि खेडकर ने एक अभ्यर्थी के लिए सीएसई परीक्षा में बैठने के लिए निर्धारित प्रयासों से ज्यादा बार परीक्षा दी, क्योंकि उसने न सिर्फ अपना नाम बदला, बल्कि अपने माता-पिता के नाम भी बदल दिए। पूजा खेडकर को अग्रिम जमानत देने से इनकार बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने पूजा खेडकर को अग्रिम जमानत देने से गुरुवार को इनकार कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुमार जंगला ने कहा कि दिल्ली पुलिस को यह भी जांच करनी चाहिए कि क्या यूपीएससी में किसी ने खेडकर की मदद की थी। जस्टिस ने मामले में जांच का दायरा भी बढ़ाया। साथ ही, दिल्ली पुलिस को यह जांच करने का निर्देश दिया कि क्या अन्य उम्मीदवारों ने बिना पात्रता के ओबीसी और पीडब्ल्यूडी कोटे के तहत लाभ उठाया है। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के साथ-साथ यूपीएससी की ओर से भी वकील पेश हुए। उन्होंने ने अर्जी का विरोध करते हुए दावा किया कि खेडकर ने व्यवस्था को धोखा दिया है। recent visitors 93

सुप्रीम कोर्ट ने दान लेने वाले और दान देने वाले कॉरपोरेट घरानों के बीच सांठगांठ के कथित आरोपों की SIT जांच से किया इनकार

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए दान लेने वाले राजनीतिक दलों और दान देने वाले कॉरपोरेट घरानों के बीच सांठगांठ के कथित आरोपों की विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने की मांग करने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने आज इस मामले की सुनवाई की। दो गैर सरकारी संगठनों, कॉमन कॉज और सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन की याचिका में चुनावी बॉन्ड योजना के तहत कथित चंदा लो और धंधा दो की व्यवस्था की न्यायिक निगरानी में जांच के लिए एक विशेष जांच दल गठित करने की मांग की गई थी। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने गैर सरकारी संगठन की तरफ से मामले में पैरवी की। सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि अधिकांश इलेक्टोरल बॉन्ड के बदले दानदाताओं को कुछ न कुछ बदले में दिए गए हैं। कुछ लोगों को तो कॉन्ट्रैक्ट दिए गए और उनके द्वारा दान की गई रकम कुल कॉन्ट्रैक्ट रकम का एक फीसदी है। प्रशांत भूषण ने कहा, इन मामलों में न केवल राजनीतिक दल बल्कि प्रमुख केंद्रीय जांच एजेंसियां ​​भी शामिल हैं। बकौल भूषण यह देश के इतिहास में सबसे खराब वित्तीय घोटालों में से एक है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने भी फैसले में बिल्कुल यही आशंका जताई थी, और अब जो कुछ सामने आया है, वह बिल्कुल चौंकाने वाला है। इस पर CJI ने कहा, "हमने पहले ही खुलासा करने का आदेश दे दिया है, अब सामान्य प्रक्रिया का पालन होने दीजिए। हम एक निश्चित बिंदु तक पहुंच गए हैं।" CJI ने पूछा कि एसआईटी इसमें अब क्या जांच कर सकती है? इस पर भूषण ने कहा कि SIT यह जांच कर सकती है कि क्या दोनों पक्षों के बीच चंदा लो और धंधा दो जैसी अदला-बदली या एक हाथ से ले और दूसरे हाथ से दे जैसी भावना और व्यवस्था थी और अगर थी तो इसमें  कौन-कौन लोग शामिल थे? सीजेआई ने ये भी कहा कि यह वस्तुतः एक खुली जांच होगी लेकिन हमारा मानना ​​है कि आपराधिक प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाले कानून के मामले में इस अदालत के किसी भी रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एसआईटी के गठन का आदेश नहीं दिया जाना चाहिए। बता दें कि इसी साल फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को गुमनाम फंडिंग की अनुमति देने वाली चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द कर दिया था और भारतीय स्टेट बैंक को चुनावी बॉन्ड जारी करना तुरंत बंद करने का आदेश दिया था। इसके साथ ही अदालत ने SBI को सभी दानदाताओं के विवरण सार्वजनिक करने का भी आदेश दिया था। याचिकाओं में दावा किया गया था कि SBI द्वारा जारी किए गए चुनावी बॉन्ड के आंकड़ों से पता चला है कि इनमें से अधिकांश को कॉरपोरेट घरानों द्वारा राजनीतिक दलों को चंदा लो और धंधा लो की व्यवस्था के रूप में दान दिया गया था। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि ये समझौते केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) या आयकर विभाग सहित केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से बचने के लिए या फिर आर्थिक लाभ के लिए किए गए हो सकते हैं। इसलिए इनकी न्यायिक निगरानी में SIT से जांच कराई जाए।   recent visitors 104

कभी देखी है किसी School Teacher की ऐसी विदाई, गिफ्ट में मिली ₹10 लाख की कार

नागौर  राजस्थान में बीते दिनों कई सरकारी कर्मचारी रिटायर्ड हुए। उन्हीं में नगौर जिले के ग्रामीण स्कूल के शारीरिक प्रशिक्षण प्रशिक्षक (Physical training Instructor) का विदाई समारोह चर्चाओं में है। शिक्षक हनुमान राम देवड़ा 31 जुलाई को रिटायर्डमेंट हुए। शिक्षक हनुमान राम देवड़ा के विदाई समारोह में न सिर्फ उनके शिष्यों ने अनूठी विदाई दी, बल्कि राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावार खुद 250 किलोमीटर चलकर उनके पैर छूने पहुंच गए। शिक्षामंत्री ने न सिर्फ शिक्षक हनुमान राम देवड़ा की उत्कृष्ट सेवाओं का बखान किया, बल्कि उनके काबिल शिष्यों को भी नमन किया। हनुमान राम देवड़ा बतौर पीटीआई नागौर जिले के गोगेलाव गांव सेठ मेघराज एवं माणकचंद बोथरा राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में पिछले 29 सालों से लगातार सेवाएं दे रहे थे, जब वो रिटायर्ड हुए तो पूरा गांव भावुक हो गया। छात्रों ने टीचर को गिफ्ट की लग्जरी कार दरअसल, पीटीआई हनुमान सिंह देवड़ा ने अपने नौकरी के सेवाकाल में द्रोणाचार्य बनकर अनेक अर्जुन तैयार किए, जो आज देश की सेवा में लगे हैं। 32 साल की अपनी सेवा में पीटीआई हनुमान राम देवड़ा ने 29 साल तो सिर्फ इसी गोगेलाव स्कूल को दिए हैं, जहां उनके 65 शिष्य सेना में हैं। वहीं 20 शिष्य पुलिस में सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा, एक राजस्थान पुलिस में एसआई है। वहीं 15 से अधिक विद्यार्थी पीटीआई बन गए। इसके साथ ही 18 से अधिक ऐसे खिलाड़ी हैं, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बने हैं, बाकि सैकड़ों अन्य सरकारी सेवाएं दे रहे हैं। यही वजह है कि अपने 'गुरु द्रोणाचार्य' के सेवानिवृत्ति समारोह को इन्हीं अर्जुनों ने मिलकर ऐतिहासिक बना दिया। पीटीआई हनुमान राम देवड़ा के पढ़ाए हुए इन शिष्यों ने पूर्व छात्र परिषद नाम से पहले एक वॉट्सएप ग्रुप बनाया और फिर सभी शिष्य अपनी सरकारी सेवाओं से छुट्टी लेकर गांव गोगेलाव पहुंच गए। जहां एक सप्ताह तक कई खेल प्रतियोगिताएं, रक्तदान, पौधरोपण कर 31 जुलाई को गुरु को भावुक विदाई देने के साथ ही उन्हें 10 लाख रुपए की लग्जरी कार भी गिफ्ट की। मदन दिलावर बोले-जीवन में पहला ऐसा कार्यक्रम देखा पीटीआई के विदाई समारोह में आए शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने कहा-मेरे जीवन में पहला ऐसा कार्यक्रम देखा जहां किसी शारीरिक शिक्षक को उनके शिष्यों ने ऐसे विदाई दी हो। इसके पीछे पीटीआई हनुमान सिंह देवड़ा की त्याग, तपस्या और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण है, जो दिखाता है कि कैसे एक गुरु ने अपने शिष्यों का न सिर्फ काबिल बनाया, बल्कि उन शिष्यों में भी इतना बड़ा समर्पण दिखा कि उन्होंने अपने गुरु का मान बढ़ाया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि संघर्ष से निकलकर हनुमान सिंह देवड़ा ने अपने पद को सिर्फ सरकारी नौकरी नहीं समझा, बल्कि राष्ट्र सेवा के लिए अपने सैकड़ों शिष्यों को तैयार कर दिल जीता है। इसलिए वो खुद अपने आप को भाग्यशाली समझते हैं कि ऐसे गुरु के चरण स्पर्श करने का भाग्य उन्हें भी मिला। बता दें कि खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी कुछ महीनों पहले गोगेलाव गांव पहुंच पीटीआई हनुमान सिंह देवड़ा से मिलकर उनके समर्पण की तारीफ कर चुके हैं। recent visitors 207