‘ऑपरेशन सिंदूर’ में तबाह किए गए लश्कर-ए-तैयबा के अड्डों को अब दोबारा बसाने की जिम्मेदारी पाक सरकार ने ली

इस्लामाबाद पाकिस्तान ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपनी असली सोच का खुला सबूत दे दिया है। भारत द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' में तबाह किए गए आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा के अड्डों को अब दोबारा बसाने की जिम्मेदारी खुद पाकिस्तान सरकार ने ले ली है। ये एलान खुद शहबाज शरीफ के मंत्री राणा तनवीर हुसैन ने किया है। राणा तनवीर ने वहां सरेआम कहा कि सरकार इन ठिकानों को अपने खर्चे पर फिर से बनाएगी। इतना ही नहीं, उन्होंने ये भी बताया कि खुद प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और पाकिस्तानी फौज के प्रमुख असीम मुनीर इन निर्माण कार्यों में व्यक्तिगत आर्थिक मदद देंगे। पाकिस्तान के मीडिया ने भी इस बयान को प्रमुखता से छापा है। ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुए थे लश्कर के ठिकाने गौरतलब है कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर के 9 अहम ठिकानों पर धावा बोलकर लश्कर-ए-तैयबा के कई अड्डों को तबाह कर दिया था। इन हमलों में 100 से ज्यादा आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया था। इस अभियान के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव काफी बढ़ गया था, लेकिन बाद में युद्धविराम पर सहमति बनी। दी जाती थी आतंकियों को ट्रेनिंग दरअसल मुरीदके लाहौर से करीब 33 किलोमीटर दूर है, वहां लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय मरकज-ए-तैयबा नाम से स्थित है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 200 एकड़ में फैले इस परिसर में आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती थी, उनकी भर्ती की जाती थी और वहीं से भारत पर हमलों की साजिशें रची जाती थीं। यही वह जगह है जहां से 1980 में पाकिस्तान की आईएसआई की मदद से हाफिज सईद ने लश्कर-ए-तैयबा की नींव रखी थी। अब जब पाकिस्तान खुद इन तबाह हुए अड्डों को दोबारा खड़ा करने की बात कर रहा है, तो इससे साफ हो जाता है कि वो आतंक के खिलाफ लड़ाई का केवल नाटक करता है, असल में वह उसे पाल-पोस रहा है। recent visitors 46

प्रदेश के हर गांव में उपलब्ध कराएंगे सिंचाई की सुविधा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ये मध्यप्रदेश के विकास का दौर है। विकास के प्रकाश से प्रदेश का कोई कोना वंचित नहीं रहेगा। विकास के कामों में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश में जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों के साथ-साथ सिंचाई सुविधाओं का विकास भी हमारी सरकार कर रही है। प्रदेश के हर गांव में हमारी सरकार सिंचाई की स्थाई सुविधा उपलब्ध कराएगी। नदी जोड़ो अभियान में हम इसी दिशा में बढ़ रहे हैं। दो बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम प्रारंभ हो चुका है। तीसरी नदी जोड़ो परियोजना के लिए हम महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रीवा जिले की सिरमौर विधानसभा क्षेत्र के दिव्यगवां में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन तथा जल गंगा संवर्धन अभियान में जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यगवां में शासकीय बिरसा मुंडा महाविद्यालय (लागत करीब 6 करोड़ रुपये) सहित कुल 50.73 करोड़ रुपये की लागत वाले 5 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 2 कार्यों का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान में रीवा जिले में करीब 7 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित 501 नए खेत तालाबों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह विकास यज्ञ है, रुकेगा नहीं, थमेगा नहीं। उन्होंने क्षेत्रीय ग्रामीणों से अपील की कि वे सभी विकास के कामों में सरकार का सहयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैकुंठपुर में नया कॉलेज भवन बनाने, चौखंडी में सांदीपनी विद्यालय बनाने, जनपद पंचायत जवां को नगर परिषद बनाए जाने, सिंचाई योजना के अंतर्गत जनपद पंचायत जवां के कुछ चयनित ग्राम समूहों को आपस में नहरों से जोड़ने और यहां स्टॉप डेम निर्माण के लिए राशि मंजूर करने की घोषणा के अलावा इसी जनपद क्षेत्र के प्रस्तावित 3 ग्राम समूहों की एक पृथक ग्राम पंचायत बनाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने उस कॉलेज का किया‍लोकार्पण जिसे उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में किया था स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा को और बेहतर एवं गुणवत्तापरक बनाने के लिए हमारी सरकार पूरी ताकत से काम कर रही है। उन्होंने हर्ष जताते हुए बताया कि उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने दिव्यगवां में कॉलेज मंजूर किया था और आज उसी कॉलेज का वे बतौर मुख्यमंत्री लोकार्पण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कॉलेज में 3 हजार विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, जिसमें 80 प्रतिशत बेटियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार कोई कसर नहीं रखेगी। इनकी पढ़ाई-लिखाई के लिए जितनी जरूरत, उतने विद्यालय और महाविद्यालय खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई लिखाई, कॉपी किताबें, गणवेश, साईकल, लैपटॉप, स्कूटी देने के अलावा हमारी सरकार विद्यार्थियों की बेहतर कोचिंग की व्यवस्था भी कर रही है। 501 नए खेत तालाबों से रीवा जिले का बढ़ेगा सिंचाई रकबा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए संकल्पित है। मध्यप्रदेश देश का इकलौता राज्य है, जहां तीन बड़ी नदी परियोजना पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी), केन-बेतवा लिंक और तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना पर काम हो रहा है। वर्षा जल के संरक्षण के लिए प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विकास कार्य हो रहे हैं। इसी अभियान में रीवा में लोकार्पित किये गये 501 नए खेत तालाबों से जिले का सिंचाई रकबा बढ़ेगा और फसलों की पैदावार बढ़ेगी। प्रदेश सरकार विकास के सभी संकल्पों को अक्षरश: पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने लिए हमारी सरकार गौपालन को बढ़ावा दे रही है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना हम गौ पालकों को अनुदान देंगे। पशुपालकों को प्रोत्साहन देने के लिए अब गाय का दूध सरकार खरीदेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कामधेनु योजना में किसान 25 गाय से लेकर अधिकतम 200 गाय तक पाल सकते हैं। इसके लिए पात्र हितग्राहियों को 25 प्रतिशत तक का अनुदान भी सरकार देगी। राम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय विकसित कर बनायेंगे तीर्थ क्षेत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में जहाँ-जहाँ भगवान श्रीराम के चरण पड़े हैं, वहाँ-वहाँ सरकार श्रीराम वन गमन पथ विकसित कर इन्हें तीर्थ क्षेत्र बनाएगी। इसी प्रकार जहाँ-जहाँ भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुईं, वहाँ-वहाँ श्रीकृष्ण पाथेय बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट का भी विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमूह को विकास के लिए संकल्प दिलाते हुए कहा कि देश ने बीते दिनों में भारतीय सेनाओं का जो शौर्य और पराक्रम देखा है उससे पूरे देशवासी बेहद गौरवान्वित हैं। हमें हमारी सेनाओं और जवानों पर नाज है।   recent visitors 39

एक बार फिर यूपी में जिम्मेदार अधिकारियों का तबादला, आईएएस शशांक चौधरी को बड़ी जिम्मेदारी मिली

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में तबादलों का सिलसिला जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आईएएस से लेकर आईपीएस अधिकारियों को बड़ी-बड़ी जिम्मेदारी सौंप रहे हैं। इसी क्रम में एक बार फिर यूपी में जिम्मेदार अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। मिल रही जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को तीन आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। आईएएस देवयानी को बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। तबादलों के क्रम में आईएएस शशांक चौधरी को बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। आईएएस शशांक चौधरी को इन्वेस्ट यूपी का अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है। आईएएस शशांक मौजूदा समय में मथुरा में नगर आयुक्त के पद पर तैनात थे। इसी तरह आईएएस जग प्रवेश का भी तबादला कर दिया गया है। आईएएस जग प्रवेश को मथुरा जिले का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। आईएएस जग प्रवेश मौजूदा समय में बरेली जिले में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर तैनात थे। इसके अलावा महिला आईएएस देवयानी को बरेली जिले का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। आईएएस देवयानी अभी तक झांसी जिले में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। बता दें कि यूपी की योगी सरकार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। साथ ही ईमानदार और सरकार की मंशा के अनुरूप काम करने वाले अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। पिछले समय में भी यूपी में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया जा चुका है। recent visitors 60

लोगों की समस्या के निराकरण और विकास की योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिये निरंतर संवाद आवश्यक : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं जबलपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि लोगों की समस्या के निराकरण और विकास की योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिये जन प्रतिनिधियों और सबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच निरन्तर संवाद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आम जनता से जुड़ी समस्या का निराकरण तत्परता से किया जाएं। जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समय-सीमा तय कर समाधान करें। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा गुरूवार को जबलपुर में जिला योजना समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने बैठक में जल जीवन मिशन एवं अमृत 2.0 सहित जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के कार्यों की समीक्षा की तथा सिविल डिफेंस प्लान के क्रियान्वयन पर योजना समिति के सदस्यों के साथ विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे का निराकरण अगर जिला स्तर पर संभव नहीं है, तो तत्काल उनके संज्ञान में लाया जाएं जिससे शासन स्तर पर उसे निराकृत करने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था, शहर में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था में सुधार, यात्री बसों के शहर में प्रवेश पर लगे प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने और अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर भी बैठक में विचार विमर्श हुआ। इस के साथ ही नवनिर्मित राँझी में स्टेडियम का नामकरण पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. ईश्वरदास रोहाणी खेल परिसर के नाम पर करने तथा पनागर जनपद पंचायत के ग्राम खिरियाकला के शासकीय हाई स्कूल का नाम इस स्कूल के लिये जमीन दान करने वाली श्रीमती राधिका पटेल एवं श्रीमती लक्ष्मी पटेल के नाम करने के प्रस्ताव का अनुमोदन भी बैठक में किया गया। बैठक में राज्य सभा सदस्य श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद श्री आशीष दुबे एवं विधायकगण मौजूद थे।   recent visitors 41

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर अपने बयान से पलट गए, कहा- ‘मैंने जंग नहीं रुकवाई

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार को भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर अपने बयान से पलट गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता नहीं कराई। उन्होंने कहा कि मैंने दोनों देशों के बीच तनाव का समाधान निकालने में मदद की थी। कतर दौरे पर पहुंचे ट्रंप ने अल-उदीद एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य कर्मियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'मैंने ये नहीं कहना चाहता कि मैने ऐसा किया। लेकिन मैंने पिछले सप्ताह पाकिस्तान और भारत के बीच समस्या को सुलझाने में मदद की, जो काफी तनावपूर्ण होती जा रही थी।' कई बार ले चुके थे क्रेडिट ट्रंप ने मंगलवार को सऊदी अरब की यात्रा के दौरान दावा किया था कि उनके प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच सफलतापूर्वक ऐतिहासिक संघर्ष विराम कराया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने गत शनिवार को दो बार यह दावा किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम उन्होंने करवाया। इसके बाद सोमवार को तीसरी बार उन्होंने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु संघर्ष को रोकने में उनकी सरकार ने मध्यस्थता की और लाखों लोगों की जान बचाई। बता दें कि ट्रंप इस समय पश्चिम एशिया के चार दिवसीय दौरे पर हैं। भारत ने खारिज कर दिया था बयान भारत ने स्पष्ट तौर पर कह दिया था कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने फोन कर भारत से सीजफायर की गुजारिश की थी। इसमें कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं है। अमेरिकी सैनिकों को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने फिर से दावा किया कि उन्होंने देशों से ट्रेड के बारे में बात की। recent visitors 42

सरकार की बड़ी सौगात- जल्द ही डिलीवरी बॉय को भी मिलेगी पेंशन!, कंपनियां भी तैयार

नई दिल्ली जोमैटो, स्विगी, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ काम कर रहे लाखों डिलीवरी पार्टनर्स और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स के लिए एक अहम खबर सामने आई है। जल्द ही इन गिग वर्कर्स को भी पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सकता है। सूत्रों की मानें तो ओला, उबर और अमेजन सहित कई कंपनियों ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और इसे अगली कैबिनेट बैठक में पेश किया जा सकता है। कौन हैं गिग वर्कर्स? गिग वर्कर्स वो श्रमिक होते हैं जो किसी स्थायी नौकरी की बजाय अस्थायी या अनुबंध आधारित कार्य करते हैं। इनमें फ्रीलांसर, डिलीवरी एजेंट, कैब ड्राइवर, कंटेंट क्रिएटर, और कई ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइडर्स शामिल हैं। ये कर्मचारी "पे-पर-टास्क" मॉडल पर काम करते हैं और परंपरागत कर्मचारियों की तरह उन्हें पेंशन, मेडिकल या अन्य सुविधाएं नहीं मिलतीं। क्या है सरकार की योजना? सरकार की योजना के मुताबिक, इन अस्थायी कर्मचारियों के लिए एक पेंशन स्कीम लागू की जा सकती है, जिसमें कंपनियां EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) के माध्यम से एक तय राशि जमा करेंगी। गिग वर्कर्स के पास दो विकल्प होंगे—या तो वो खुद भी अंशदान करें या केवल कंपनी के अंशदान के आधार पर पेंशन प्राप्त करें। क्यों है यह जरूरी? देश में लंबे समय से यह मांग उठती रही है कि गिग वर्कर्स को भी पारंपरिक कर्मचारियों की तरह सामाजिक सुरक्षा दी जाए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस साल के आम बजट में गिग वर्कर्स के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य उनके डेटा को संकलित करना और उन्हें स्वास्थ्य बीमा, बीमा कवर और अब पेंशन जैसी सुविधाएं देना है। आगे क्या? अब यह प्रस्ताव कैबिनेट के पास भेजा जाएगा और वहां से मंजूरी मिलने पर एक बड़ी श्रेणी के गिग वर्कर्स को पहली बार संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों की तरह सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलने लगेगा। अगर यह स्कीम लागू हो जाती है, तो यह भारत के श्रम बाजार में एक ऐतिहासिक कदम माना जाएगा।   recent visitors 35

सतना में गोवंश की हत्या, पेड़ से बांधकर कई अंग काटे, पुलिस के सामने ग्रामीणों ने आक्रोश जताया

सतना जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र में आने नौखड़ गांव में अज्ञात लोगों ने निर्ममता से पेड़ में बांधकर गौवंश का अंग-भंग कर हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस के सामने ग्रामीणों ने आक्रोश जताया है। सिंहपुर पुलिस ने गौवंश मालिक गोपाल की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।   पेड़ से बांधकर की हत्या गौपालक छोटे अहिरवार ने बताया कि उन्होंने अपनी गाय को घर से कुछ दूरी पर बांध दिया था। बुधवार की रात से सुबह छह बजे के बीच कुछ लोग गाय को वहां से ले गए। उसे दूर पेड़ में बांधकर गौवंश की निर्ममता से अंग-भंग कर हत्या कर दी। उसका किसी भी कोई विवाद भी नहीं है। क्षेत्र में तनाव का माहौल गौवंश के साथ इस प्रकार का अमानवीय कृत्य सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन चुकी है। जानकारी लगते ही ग्रामीणों ने गौवंश समाधि बनाने व आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर दी है। लोगों ने कहा कि पुलिस आरोपियों को जल्द पकड़े। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज सिंहपुर थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। गौपालक की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। रैगांव और सिंहपुर थाना पुलिस मिलकर मामले की जांच कर रही है। पशु चिकित्सक ने गौवंश का पीएम किया है। recent visitors 37