मुस्लिम युवक हिंदू नाम से युवतियों से संपर्क करते हैं फिर उन्हें दुष्कर्म का शिकार बनाते हैं, इंदौर में दुष्कर्म का मामला आया सामने

इंदौर भोपाल और उज्जैन के बाद अब इंदौर में भी हिंदू युवतियों को लव जिहाद में सुनियोजित ढंग से फंसाकर उनसे दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले सामने आए हैं। इससे साबित हो रहा है कि मध्य प्रदेश के कई शहरों में यह गिरोह काम कर रहे हैं। इंदौर पुलिस की जांच में सामने आया कि शहर के कुछ काल सेंटर को आरोपितों ने लव जिहाद की गतिविधियों का अड्डा बना रखा है। यहां मुस्लिम युवक हिंदू नाम से युवतियों से संपर्क करते हैं फिर उन्हें दुष्कर्म का शिकार बनाते हैं। चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि इन मुस्लिम युवकों को इस काम में उनके परिवार की महिलाएं भी सहयोग करती हैं। पुलिस के अनुसार, एक काॅल सेंटर में काम करने वाली पांच से ज्यादा युवतियों से शारीरिक शोषण की जानकारी अभी तक मिल चुकी है। फरहान और हन्नेन खान को पकड़ा तो उनसे कई चौंकाने वाले राजफाश हुए हैं। पुलिस इनकी जांच में जुटी है। एक आरोपित हन्नेन खान भोपाल का निवासी है। वह पिछले कुछ समय से इंदौर में रहकर यहां हन्नेन टेलीपरफार्मेंस कंपनी चला रहा था। उसने हिंदू युवती को अपना नाम आयुष पटेल बताकर झांसे में लिया। पुलिस ने हन्नेन के फोन की जांच की तो कई हिंदू युवतियों से चैटिंग मिली। इसी तरह, आरोपित फरहान ने हिंदू युवती को हिंदू नाम बताकर झांसे में लिया था। युवती को सच्चाई का पता चला तो विजय नगर थाने में उसके विरुद्ध मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (लव जिहाद) की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, फरहान के कृत्य में उसकी मां अफसाना भी शामिल थी। पुलिस ने फरहान की मां अफसाना, पिता जब्बार, बहन एमन, सोफिया, बहनोई इमरान, छोटे भाई आवेश और उसके साथियों से पूछताछ की। वहीं, पुलिस आरोपित फरहान के संपर्क में रहने वाले हरेक व्यक्ति की काल डिटेल और बैंक ट्रांजेक्शन भी जांच रही है। थाना प्रभारी सीके पटेल के मुताबिक, आरोपित फरहान को कहीं से फंडिंग तो नहीं मिल रही, इसके लिए उसके बैंक खातों की जांच की जा रही है। बता दें कि इंदौर में पिछले कुछ समय में लव जिहाद के तमाम मामले सामने आए हैं। recent visitors 69

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव में कमल खिलेगा और जनता आप पार्टी सरकार को सत्ता से बेदखल करेगी: नायब सैनी

लाडवा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने शनिवार को पानी के मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव में कमल खिलेगा और जनता आम आदमी पार्टी की सरकार को सत्ता से बेदखल करेगी। सैनी ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद पंजाब में किसानों, युवाओं, महिलाओं को सम्मान दिया जाएगा जो मान की सरकार में अब तक नहीं मिला। लाडवा पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मीडिया से पानी के मुद्दे पर कहा कि हमें संदेश मिला है कि यह (पंजाब) सरकार गुरुओं की शिक्षाओं के खिलाफ जा रही है। यहां तक कि जब कोई अजनबी घर आता है, तो हम उसे पीने का पानी देते हैं। मैंने पंजाब के मुख्यमंत्री से कहा कि पानी प्रकृति का उपहार है, और किसी को भी पीने के पानी से वंचित नहीं किया जा सकता। यह मानवता का मामला है कि हर घर में पानी की पहुंच होनी चाहिए। मानसून के दौरान, हरियाणा को अधिक पानी की आवश्यकता होती है, और हमें हमेशा पर्याप्त आपूर्ति मिलती है। लेकिन इस बार, पंजाब के सीएम ने प्रवाह को रोक दिया है और गुरुओं की पवित्र परंपराओं पर सवाल उठाया है, सब तुच्छ राजनीति के लिए किया है। हम सभी तो गुरुओं के संदेश पर चलने वाले लोग हैं, लेकिन, पंजाब के सीएम ने पानी रोक लिया है। 'तिरंगा यात्रा' पर हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा से सबसे ज्यादा युवा देश सेवा और सेना में लगे हुए हैं। हमारे गांव के युवा, माताएं-बहनें, बुजुर्ग, इन सभी का आशीर्वाद और समर्थन देश के प्रति अगाध प्रेम का माहौल बनाता है। हमारा हर बच्चा, हर महिला और हर युवा साथी इस यात्रा में शामिल हुआ। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देशभक्ति और बलिदान की भावना को सच्ची श्रद्धांजलि देने का एक तरीका है। हम यहां तिरंगा यात्रा के लिए और ऑपरेशन सिंदूर के जरिए हमारे देश की रक्षा करने वाले हमारे सैनिकों को सम्मान देने के लिए एकत्र हुए हैं। हमारी सेना ने सिर्फ चार दिनों में पाकिस्तान को घुटनों के बल पर ला दिया। मैं हरियाणा की धरती को नमन करता हूं जहां के लोग हमेशा भारत माता की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि पहलगाम में आतंकी घटना के बाद देश में रोष था। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। पाकिस्तान और पीओके में जाकर हमारी सेना ने आतंकवाद को मिट्टी में मिलाने का काम किया। मैं सेना के वीर सैनिकों के जज्बे को सलाम करता हूं। सोफिया कुरैशी, व्योमिका सिंह दोनों ने ऑपरेशन सिंदूर की ब्रीफिंग पूरे देश को दी। यह हमारे लिए गर्व की बात है। हमारी सुरक्षा के लिए हमारी बेटियां भी आतंकवाद के खिलाफ खड़ी हैं। उनके खिलाफ जिनकी ओर से बयान आए वो ठीक नहीं हैं। recent visitors 85

कामायनी एक्सप्रेस में बम की सूचना से मचा हड़कंप, ट्रेन खंडवा पहुुंचने पर यात्री को कोच से उतारकर करीब एक घंटे सघन जांच

खंडवा इटारसी से भुसावल की ओर जा रही वाराणसी- लोकमान्य तिलक कामायनी एक्सप्रेस में बम होने से सूचना से रेलवे महकमें में हडकंप मच गया। ट्रेन खंडवा पहुुंचने पर यात्री को कोच से उतारकर करीब एक घंटे सघन जांच की गई। जांच में कोई भी विस्फोटक या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। ट्रेन क्रमांक़ 11072 कामायनी एक्सप्रेस के कोच एस-4, एस-5 या बी-4 ,बी-5 में बम होने की सूचना जीआरपी पुलिस खंडवा को दोपहर करीब 12.42 बजे भोपाल जीआरपी कंट्रोल रूम से मिली थी।   इस पर जीआरपी थाना प्रभारी एमपी ठक्कर ने तत्काल आरपीएफ,सिटी पुलिस और रेलवे के अधिकारियों को दी। सूचना के समय ट्रेन तलवड़िया रेलवे स्टेशन के पास थी। ट्रेन खंडवा स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक पांच पर पहुंचते ही जीआरपी,आरपीएफ, कोतवाली थाने की पुलिस टीम ने डाग स्क्वाड की मदद से ट्रेन की जांच शुरू की। बताए गए कोच में कुछ नहीं मिलने पर सभी कोच की जांच की गई। इस दौरान एक लावारिस बैग मिलने पर बम निरोधक दस्ते व प्रशिक्षित डाग की मदद से तलाशी लेने पर कुछ नहीं मिला। जांच के चलते करीब एक घंटे तक ट्रेन खंड़वा स्टेशन पर रोकनी पड़ी। बम या अन्य कोई सामग्री नहीं मिलने से सभी राहत मिली। इसके बाद ट्रेन को भूसावल की ओर दोपहर करीब 1.55 बजे रवाना किया गया।जीआरपी थाना प्रभारी एमपी ठक्कर ने बताया कि जलगांव कंट्रोल रूम को कामायनी एक्सप्रेस में बम होने की सूचना फोन पर मिली थी। recent visitors 90

भारतीय दस्तावेज फर्जी रूप से बनाकर काफी दिन से रह रहे थे खुफिया एजेंसी की बड़ी कार्रवाई, 90 बंग्लादेशी मुस्लिम अरेस्ट

मथुरा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के निर्देशन में मथुरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. खुफिया एजेंसी ने करीब 90 बांग्लादेशी मुस्लिमों को पकड़ा है. पकड़े गए बांग्लादेशियों में पुरुष, महिला और बच्चे भी शामिल हैं. नौहझील थाना क्षेत्र के अलग-अलग ईंट भट्टो से इनकी गिरफ्तारी हुई है. जानकारी के मुतबिक ये सभी अवैध रूप से भारत की सीमा में प्रवेश कर रह रहे थे. जो कि भारतीय दस्तावेज फर्जी रूप से बनाकर काफी दिन से यहां रह रहे थे. पुलिस जांच में सामने आया कि ये लोग 10 से 15 साल पहले भारत में घुसे थे और हरियाणा, नोएडा, दिल्ली, अलीगढ़ जैसे क्षेत्रों में काम करते रहे. पिछले 6-7 महीनों से वे मथुरा के भट्ठों पर ईंट-पताई का काम कर रहे थे. इन अवैध नागरिकों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी इसकी सूचना दे दी गई है.   लगातार चल रहा अभियान बता दें कि केंद्र सरकार लंबे समय से देशभर में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और निष्कासन को लेकर अभियान चला रही है. अनुमान है कि बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, असम और पूर्वोत्तर के राज्यों में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक फर्जी पहचान बनाकर रह रहे हैं. recent visitors 55

उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा- अब वह समय नहीं रहा जब हम अपने हितों के विरोधी देशों को सशक्त करते रहें

नई दिल्ली भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रहित, सुरक्षा और शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों, शिक्षकों और गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए कहा कि अब वह समय नहीं रहा जब हम अपने हितों के विरोधी देशों को यात्रा या आयात के माध्यम से सशक्त करते रहें। जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, "अब समय आ गया है जब हममें से प्रत्येक को आर्थिक राष्ट्रवाद के बारे में गहराई से सोचना चाहिए। हम अब उन देशों की अर्थव्यवस्थाओं को सुधारने के लिए यात्रा या आयात के माध्यम से अपनी भागीदारी के कारण खर्च नहीं कर सकते जो संकट के समय हमारे खिलाफ खड़े हो जाते हैं। हर व्यक्ति राष्ट्र की सुरक्षा में मदद करने के लिए सशक्त है और हम व्यापार, व्यवसाय, वाणिज्य, विशेष रूप से सुरक्षा के मुद्दों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए मेरा दृढ़ विश्वास है कि हमें हमेशा एक बात ध्यान में रखनी चाहिए, और वह है: 'राष्ट्र प्रथम'। हर चीज को राष्ट्रवाद के प्रति समर्पण के आधार पर देखा जाना चाहिए।" भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की सराहना करते हुए धनखड़ ने भारत के सशस्त्र बलों की सराहनी की। उन्होंने कहा कि मैं ऑपरेशन सिंदूर की उल्लेखनीय सफलता के लिए सभी सशस्त्र बलों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को अपना सलाम करता हूं। यह पहलगाम में हुई बर्बरता के खिलाफ एक उल्लेखनीय जवाब था। 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद हमारे नागरिकों पर यह सबसे घातक हमला था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के हृदय स्थल बिहार से पूरे विश्व बिरादरी को संदेश भेजा। वे खोखले शब्द नहीं थे। दुनिया को अब एहसास हो गया है कि जो कहा जाता है वह हकीकत है। अब कोई सबूत नहीं मांग रहा है। दुनिया ने देखा और स्वीकार किया है। हमने यह गाथा देखी है जब सशस्त्र बलों और सैन्य शक्ति और राजनीतिक शक्ति के साथ भारत द्वारा सिंदूर को उत्कृष्टता से न्याय दिलाया जाता है।" धनखड़ ने कहा कि भारत के आतंकवाद विरोधी प्रयासों में एक नया मानक स्थापित हुआ है। युद्ध की कार्यप्रणाली और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक नया मानक स्थापित हुआ है। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान की सीमा के अंदर बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद को निशाना बनाया। अंतरराष्ट्रीय सीमा से परे आतंकियों के अड्डों को निशाना बनाया गया। इसे दुनिया ने देखा और स्वीकार किया है। यह सीमापार की गई भारत की अब तक की सबसे बड़ी स्ट्राइक है। यह स्ट्राइक सावधानीपूर्वक और सटीक तरीके से की गई थी, ताकि आतंकवादियों को छोड़कर किसी को कोई नुकसान न पहुंचे। धनखड़ ने 2 मई 2011 को अमेरिकी ऑपरेशन का जिक्र करते हुए कहा कि जब एक वैश्विक आतंकवादी ने 2001 में अमेरिका के अंदर 11 सितंबर के हमले को अंजाम दिया, तब अमेरिका ने उसके साथ भी ऐसा ही किया। अब भारत ने भी वैश्विक समुदाय की जानकारी में ऐसा किया है। उन्होंने आगे कहा कि हम एक राष्ट्र के रूप में अद्वितीय हैं। दुनिया का कोई भी राष्ट्र 5,000 साल पुरानी परंपराओं पर गर्व नहीं कर सकता। हमें पूर्व और पश्चिम के बीच की खाई को पाटने की जरूरत है, न कि उसे तोड़ने की। धनखड़ ने आगे कहा कि हम राष्ट्र-विरोधी आख्यानों को कैसे स्वीकार या अनदेखा कर सकते हैं? विदेशी विश्वविद्यालयों का हमारे देश में आना ऐसी चीज है जिसे छानने की जरूरत है। इसके लिए गहन चिंतन की जरूरत है। यह ऐसी चीज है जिसके बारे में हमें बेहद सावधान रहना होगा। शिक्षा और शोध के व्यावसायीकरण के खिलाफ भी उपराष्ट्रपति ने चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यह देश शिक्षा के व्यावसायीकरण और वस्तुकरण को बर्दाश्त नहीं कर सकता। हमारी सभ्यता के अनुसार शिक्षा और स्वास्थ्य पैसा कमाने के क्षेत्र नहीं हैं। ये समाज को वापस देने के क्षेत्र हैं। हमें समाज के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करना होगा। उन्होंने शोध के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को पूरी तरह से कॉरपोरेट द्वारा वित्त पोषित किया जाना चाहिए। सीएसआर फंड को प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि शोध में निवेश मौलिक है। recent visitors 66

2024 में खाद्य असुरक्षा और कुपोषण की स्थिति और खराब, 53 देशों में 29.5 करोड़ लोग भूख से प्रभावित: संयुक्त राष्ट्र

रोम संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (फाओ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में खाद्य असुरक्षा और कुपोषण की स्थिति और खराब हुई, जिससे 53 देशों में 29.5 करोड़ लोग भूख से प्रभावित रहे। साल 2023 की तुलना में पूरी दुनिया में भूख से प्रभावित लोगों की संख्या में 1.37 करोड़ की वृद्धि हुई है। यह आंकड़ा दुनिया के सबसे कमजोर क्षेत्रों में तीव्र खाद्य असुरक्षा में लगातार छठी वार्षिक वृद्धि को दर्शाता है। खाद्य संकटों पर साल 2025 में वैश्विक नेटवर्क में यह रिपोर्ट छपी थी। यह एक अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन है जिसमें खाद्य और कृषि संस्थान, संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम और विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संगठन शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इन आंकड़ों को दुनिया के लिए बेहद खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया में भूख और कुपोषण के फैलने की दर हमारी नियंत्रण क्षमता से कहीं अधिक है। हालांकि वैश्विक स्तर पर उत्पादित अन्न का एक-तिहाई बर्बाद हो जाता है। एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि मानवीय जरूरतों को पूरा करने के लिए फंड में कमी होना लगातार भूखमरी जैसी वैश्विक समस्या को और जटिल बना रहा है। तीव्र खाद्य असुरक्षा आम तौर पर कई कारकों के संयोजन से उत्पन्न होती है। इसमें गरीबी, आर्थिक झटके और मौसम में असंतुलन अहम हैं। आबादी के कुछ हिस्से को भूख के अलावा कुछ दूसरी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। साल 2024 में सूडान के कुछ हिस्सों में अकाल की पुष्टि हुई थी। गाजा पट्टी, दक्षिण सूडान, हैती और माली में खाद्य असुरक्षा भयावह स्तर पर दर्ज की गई थी। गाजा पट्टी में, मानवीय सहायता में वृद्धि की वजह से अकाल की स्थिति नहीं बनी। रिपोर्ट में बताया गया है कि यदि बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान और नाकाबंदी जारी रही तो मई और सितंबर 2025 में जोखिम बढ़ सकता है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में जबरन विस्थापित किए गए 12.8 करोड़ लोगों में से लगभग 9.5 करोड़ – जिसमें आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्ति, शरण चाहने वाले और शरणार्थी शामिल हैं – पहले से ही खाद्य संकट से जूझ रहे देशों में रह रहे थे। इसके अलावा, आर्थिक झटकों ने 15 देशों में खाद्य असुरक्षा को जन्म दिया, जिससे 5.94 करोड़ लोग प्रभावित हुए, मौसम में बदलाव की घटनाओं ने भी 18 देशों को संकट में डाल दिया, जिससे 9.6 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हुए, विशेष रूप से दक्षिण एशिया, अफ्रीका के दक्षिणी हिस्से और हॉर्न ऑफ अफ्रीका में लोग प्रभावित हुए। फाओ के महानिदेशक क्वो डोंग्यू ने चेतावनी दी कि तीव्र खाद्य असुरक्षा एक सतत वास्तविकता बन रही है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में। उन्होंने कहा, "आगे का रास्ता स्पष्ट है: आपातकालीन कृषि में निवेश बहुत अहम है। कृषि में निवेश से दीर्घकालिक समाधान निकाला जा सकता है। recent visitors 67

साय सरकार ने दी सहमति- झारखंड में शराब नीति घोटाले की आंच छत्तीसगढ़ तक, मामले की जांच अब CBI करेगी

रायपुर झारखंड में शराब नीति में बदलाव कर करोड़ों रुपये के घोटाले को अंजाम देने के मामले की जांच अब CBI करेगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने इसके लिए अधिसूचना जारी करते हुए दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के तहत CBI को छत्तीसगढ़ में जांच के लिए सहमति दी है। यह मामला रायपुर स्थित आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) द्वारा दर्ज अपराध से जुड़ा है। बता दें कि यह घोटाला झारखंड की आबकारी नीति में बदलाव के जरिए रचा गया था, जिसकी योजना छत्तीसगढ़ में बनी। आरोप है कि रायपुर से डुप्लिकेट होलोग्राम लगाकर शराब की आपूर्ति झारखंड में की गई, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ। EOW ने पिछले साल इस मामले में FIR दर्ज की थी, लेकिन जब उनके अधिकारी जांच के लिए झारखंड पहुंचे, तो वहां के अधिकारियों ने सहयोग नहीं किया। इसके बाद जांच को केंद्रीय एजेंसी CBI को सौंपने का निर्णय लिया गया। घोटालेबाजों की बढ़ी मुश्किलें बता दें कि इस जांच के दायरे में छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के आरोपी पूर्व IAS अफसर अनिल टुटेजा, सलाहकार अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी, कारोबारी अनवर ढेबर, झारखंड के आबकारी सचिव विनय कुमार चौबे और संयुक्त आबकारी आयुक्त गजेन्द्र सिंह, सिद्धार्थ सिंघानिया, विधु गुप्ता, निरंजन दास और अन्य की मुसीबतें अब और बढ़ने वाली हैं। सिंडिकेट और शराब दुकानों में घोटाले का तरीका गौरतलब है कि झारखंड में FL-10A लाइसेंस मॉडल पर आधारित नई शराब नीति बनाई गई, जो पूरी तरह छत्तीसगढ़ की तर्ज पर थी। इसके तहत पुरानी ठेका प्रणाली को खत्म कर एक चहेती एजेंसी को आपूर्ति का ठेका दिया गया। आरोप है कि सिंडिकेट ने नकली होलोग्राम का उपयोग कर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की। अब क्या होगा आगे? CBI की टीम अब FIR की कॉपी के आधार पर झारखंड में नए सिरे से जांच करेगी और जिन लोगों के नाम EOW की चार्जशीट में हैं, उनसे पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है। इस जांच से झारखंड-छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला? यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच राज्य की सरकारी शराब दुकानों से अवैध तरीके से शराब बेचने का था, जिससे सरकार को करोड़ों का नुकसान होने का आरोप है। इस घोटाले में लगभग दो हजार करोड़ रुपये के नुकसान का खुलासा हुआ है। ED की जांच में यह सामने आया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शासनकाल में IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी ए.पी. त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के गठजोड़ ने यह घोटाला किया। ED ने इस मामले में 28 दिसंबर 2024 को कवासी लखमा और उनके परिवार के सदस्यों के घरों पर छापे मारे थे और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज व डिजिटल डिवाइस जब्त किए थे, जिनमें अपराध से अर्जित आय के सबूत मिले थे। recent visitors 61