भोपाल में 8 हजार पेड़ बचाने की मुहिम तेज, 18 मई को अयोध्या बायपास पर जुटेंगे लोग चिपको आंदोलन

भोपाल राजधानी भोपाल के अयोध्या बायपास को लेकर 20 साल पहले तय एक नियम ने आज यहां 8000 पेड़ों के काटने की स्थिति बनाई है। बढ़ती आबादी और ट्रैफिक का अनुमान लगाते हुए 1995 में इस रोड की चौड़ाई 66 मीटर तय कर दी थी। आबादी के साथ रोड बनी और अनुमतियां भी यहां 66 मीटर की जगह छोड़कर दी गई, जिससे ग्रीनरी विकसित हुई। अब मास्टर प्लान में तय चौड़ाई को ही आधार बनाकर चौड़ीकरण तय किया और यहां पेड़ों की कटाई प्रस्तावित की गई। रविवार शाम पांच बजे करेंगे चिपको आंदोलन पेड़ों को बचाने पर्यावरण प्रेमी चिपको आंदोलन(Chipko movement) करेंगे। 18 मई शाम पांच बजे पर्यावरण प्रेमियों को बायपास पर एकत्रित होने का आह्वान किया गया है। पेड़ों को बचाने रक्षासूत्र बांधे जाएंगे। प्रशासन को इस आंदोलन की सूचना दी है। इस पर प्रशासन यहां उचित इंतजाम भी कर रहा है। प्रदर्शन को लेकर रणनीति भी बनाई जा रही है। बैठकों का दौर भी चल रहा है। पर्यावरणविद् उमाशंकर तिवारी ने बताया कि पिछले दिनों शिवाजी नगर में बैठक हुई थी। इसमें निर्णय लिया गया कि 18 मई की शाम को अयोध्या बायपास पर आंदोलन किया जाएगा, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल होंगे। विकास जरूरी है, पर हरियाली के नाम पर ऐसा नहीं होने देंगे। एनएचएआई को प्रोजेक्ट में बदलाव करना चाहिए। ताकि, प्रोजेक्ट भी पूरा हो और पेड़ भी न काटे जा सके। इसलिए 10 लेन बनाया जा रहा अयोध्या बायपास बता दें कि इस रोड पर 3 ब्लैक स्पॉट हैं, जहां साल भर में 30-35 लोगों की मौत हो जाती है। इसलिए सड़क को सर्विस लेन मिलाकर 10 लेन किया जा रहा है। विरोध की आशंका को देखते हुए एनएचएआई ने हाईकोर्ट और एनजीटी में कैविएट दायर की है। ताकि न्यायालय कोई भी स्टे देने से पहले एनएचएआई का पक्ष सुना जाए। हाउसिंग बोर्ड ने विकसित की कॉलोनियां मास्टर प्लान में आवासीय सह व्यावसायिक गतिविधि के लिए तय इस क्षेत्र को अयोध्या नगर के तौर पर हाउसिंग बोर्ड ने इसे विकसित किया। बोर्ड के विकास से निजी डेवलपर भी सक्रिय हुए और आवासीय व व्यावसायिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बन गया। आनंद नगर व अयोध्या बायपास के नाम से ये रोड पहचाने जाने लगी। अब 8000 पेड़ कटाई से ये फिर चर्चा में है। पेड़ों को बांध चुके रक्षासूत्र इससे पहले रविवार की शाम को भी लोगों ने प्रदर्शन किया था। बड़ी संख्या में लोगों रत्नागिरी तिराहे पर पहुंचकर पेड़ों को रक्षासूत्र बांधे थे। साथ ही उन्हें बचाने का संकल्प लिया था। आयोजन की अगुआई श्रमिक नेता दीपक गुप्ता ने की। उन्होंने कहा- यह सिर्फ पेड़ों की लड़ाई नहीं है, बल्कि हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। हम इन पेड़ों को कटने नहीं देंगे। गुप्ता ने खुद पेड़ों को रक्षासूत्र बांधते हुए आंदोलन की शुरुआत की। recent visitors 23

मैच के दौरान विराट कोहली को स्पेशल ट्रिब्यूट देंगे फैंस, चिन्नास्वामी स्टेडियम में दिखेगा सबसे अलग नजारा

मुंबई भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम के बाद आईपीएल 2025 कुछ दिनों में फिर से शुरू होने जा रहा है। 17 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस कोलकाता नाइट राइडर्स मैच खेला जाएगा। दोनों टीमें बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में टकराएंगी। आरसीबी बनाम केकेआर मैच को लेकर स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के फैंस ने एक तगड़ा प्लान बनाया है। फैंस चिन्नास्वामी में आरसीबी की जर्सी नहीं पहनेंगे। फैंस ने सफेद जर्सी पहनने का फैसला किया है, जिसका मकसद कोहली को स्पेशल ट्रिब्यूट देना है। कोहली ने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा है और फैंस अपने पसंदीदा क्रिकेटर के लिए कुछ यादगार करने की कोशिश में जुटे हैं। फैंस ने इस संबंध में कैंपेन शुरू किया है, जिसकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही। कैंपेन में आरसीबी और कोहली के सभी फैंस से मैच के दौरान स्टेडियम में आरसीबी की लाल और काली जर्सी के बजाय सफेद जर्सी पहनने की अपील की गई है। इसका उद्देश्य विराट के प्रति सम्मान जताना है, जिन्होंने 12 मई को खेल के सबसे लंबे प्रारूप से संन्यास ले लिया। वायरल पोस्ट में कहा गया, ''क्या आप इस बात को फैलाने में मदद कर सकते हैं कि अगले आरसीबी मैच में फैंस टेस्ट की सफेद जर्सी पहनकर स्टेडियम आएं? विराट कोहली को ट्रिब्यूट देने के लिए ऐसा करें। कोहली ने हममें से बहुत से लोगों को टेस्ट क्रिकेट से प्यार करवाया है। मैं भले ही उन्हें सफेद जर्सी में खेलते हुए कभी नहीं देख पाऊंगा लेकिन मैं बस यह बताना चाहता हूं कि उनके पसंदीदा फॉर्मेट में उन्हें कितना प्यार किया जाता था।'' पोस्ट में आगे कहा गया, ''यह दमदार जेस्चर साबित करेगा कि उनकी विरासत आंकड़ों से कहीं आगे है। यह फैंस के दिलों में बसती है। प्लीज इसके बारे में सोचें और इसे हकीकत बनाने में हमारी मदद करें। यह हममें से बहुतों के लिए बहुत मायने रखेगा। मैंने एक टेम्प्लेट भी बनाया है। मुझे यह भी लगता है कि हम चिन्नास्वामी के बाहर जर्सी देने के लिए फंड जुटा सकते हैं। यह हमारा सबसे अच्छा मौका है। भले ही जर्सी न हो, लेकिन सादे सफेद टी-शर्ट से काम चल सकता है।" सोशल मीडिया पर भले ही मुहिम चलाई जा रही हो लेकिन ऐसा होगा या नहीं, ये देखने वाली बात होगी। 36 वर्षीय कोहली ने 2011 में टेस्ट डेब्यू किया था। उन्होंने भारत के लिए 123 टेस्ट मैच खेल, जिसमें 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान 30 शतक जमाए। कोहली ने इंस्टाग्राम पर संन्यास की घोषणा करते हुए लिखा, ''जब मैं खेल के इस प्रारूप से दूर जा रहा हूं तो यह आसान नहीं है। लेकिन यह सही लगता है। मैंने इसे अपना सबकुछ दिया है और इसने मुझे उम्मीदों से कहीं अधिक दिया है।'' उन्होंने कहा, ''मैं खेल के लिए, मैदान पर खेलने वाले लोगों के लिए और हर उस व्यक्ति के लिए आभार लेकर जा रहा हूं जिसने मुझे इस दौरान खेलते हुए देखा।'' recent visitors 31

हिंदू बेटी ने बलूचिस्तान में रचा इतिहास, कौन हैं 25 साल की कशिश.. जो बनीं असिस्टेंट कमिश्नर

बलूचिस्तान महज 25 साल की उम्र में कशिश चौधरी ने इतिहास रच दिया है। पाकिस्तान के अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय से ताल्लुक रखने वाली वह बलूचिस्तान प्रांत की पहली महिला बनी हैं, जिन्हें असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर नियुक्त किया गया है। नियुक्ति के बाद पाक चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि महिलाओं और अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण की दिशा में काम करेंगी। बलूचिस्तान के चगाई जिले के नोशकी शहर की रहने वाली कशिश ने बलूचिस्तान पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) की परीक्षा पास कर यह उपलब्धि हासिल की है। यह न सिर्फ उनके व्यक्तिगत जीवन में मील का पत्थर है, बल्कि पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है। कड़ी मेहनत और अनुशासन से सफलता कशिश ने पाक चैनल समा टीवी से बात करते हुए बताया कि उन्होंने लगातार तीन साल तक हर दिन कम से कम आठ घंटे पढ़ाई की। उन्होंने कहा, “अनुशासन, मेहनत और समाज के लिए कुछ करने की चाहत ने मुझे इस सफर में प्रेरित किया।” उनके पिता गिर्धारीलाल पेशे से व्यापारी हैं। उन्होंने अपनी बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा, “मेरी बेटी ने जो हासिल किया है, वह उसकी मेहनत और लगन का परिणाम है। यह मेरे लिए गर्व की बात है।” बताया- क्या होंगी प्राथमिकताएं कशिश चौधरी और उनके पिता ने क्वेटा में बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती से मुलाकात की। कशिश ने मुख्यमंत्री से कहा कि वह महिलाओं और अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण के साथ-साथ प्रांत के समग्र विकास के लिए काम करेंगी। मुख्यमंत्री बुगती ने कहा, “यह देश और बलूचिस्तान के लिए गर्व की बात है कि हमारे अल्पसंख्यक समुदाय की बेटियां इतनी मेहनत कर अहम पदों तक पहुंच रही हैं। कशिश हमारे लिए गर्व का प्रतीक हैं।” और भी महिलाएं दिखा रहीं दम पाकिस्तान में हिंदू समुदाय की महिलाएं धीरे-धीरे पुरुष वर्चस्व वाले क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। इससे पहले 2022 में मनीषा रोपेटा कराची की पहली हिंदू महिला एसपी बनीं थीं। वहीं, पुष्पा कुमारी कोहली कराची में सब-इंस्पेक्टर हैं। सुमन पवन बोधनानी 2019 में सिंध के शहादादकोट में सिविल जज बनी थीं। recent visitors 45

भारतीय मूल की अनीता आनंद ने रचा इतिहास, गीता पर हाथ रखकर ली मंत्री पद की शपथ… जानिए भारत से क्या है कनेक्शन……

ओटावा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) ने मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल किया है. उन्होंने भारतीय मूल की अनीता आनंद (Anita Anand) को विदेश मंत्री नियुक्त किया है. अनीता पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो सरकार में भी कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं. अनीता आनंद ने पवित्र हिंदू ग्रंथ गीता पर हाथ रखकर पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. उन्होंने कहा कि मैं कनाडा की विदेश मंत्री के तौर पर चुने जाने को लेकर सम्मानित महसूस करती हूं. मैं प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ मिलकर काम करने और एक बेहतर और सुरक्षित दुनिया बनाने के लिए हमारी टीम के साथ मिलकर काम करने को लेकर आशान्वित हूं. बता दें कि उन्हें मेलोनी जोली की जगह विदेश मंत्री बनाया गया है. जोली को उद्योग मंत्री नियुक्त किया गया है. कार्नी के कैबिनेट में आधी सदस्य महिलाएं हैं. पीएम कार्नी ने कहा कि उनका मंत्रिमंडल कनाडा के लोगों की इच्छा और जरूरत के मुताबिक बदलाव लाने के लिए काम करेगा. अनीता का भारत से क्या है कनेक्शन? अनीता आनंद भारतीय मूल की है. उनके पिता तमिलनाडु से जबकि मां पंजाब से हैं. लेकिन बाद में उनके माता-पिता कनाडा जाकर बस गए. उन्होंने गीता पर हाथ रखकर विदेश मंत्री पद की शपथ ली. वह ट्रूडो सरकार में परिवहन और व्यापार मंत्री भी रह चुकी हैं. अनीता का जन्म 1967 में नोवा स्कोटिया में हुआ था. उनके माता-पिता दोनों डॉक्टर हैं. अनीता टोरंटो विश्वविद्यालय में लॉ की प्रोफेसर रह चुकी हैं. वह पहली बार 2019 में ओकविल से सांसद चुनी गई थीं. वह 2021 से 2023 तक रक्षा मंत्री और 2023 से 2024 तक ट्रेजरी बोर्ड की अध्यक्ष रही. 2025 के चुनाव में उन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी और मार्क कार्नी की अल्पमत सरकार में कैबिनेट मंत्री बनीं. वह राजनीति में आने से पहले पेशे से वकील और प्रोफेसर रही हैं. अनीता ने अपनी भारतीय विरासत को बार-बार स्वीकार किया है. उन्होंने प्रवासी भारतीय दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर भारत के साथ अपने संबंधों को उजागर किया है. उन्होंने कनाडा की रक्षा मंत्री के रूप में भारत-कनाडा रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम किया. बता दें कि मार्क कार्नी की अगुवाई में हाल ही में हुए आम चुनाव में लिबरल पार्टी ने 343 में से 169 सीटें जीती थीं. हालांकि, लिबरल पार्टी बहुमत के लिए 172 सीटों से तीन सीटें लाने से चूक गई थी. लेकिन इसके बावजूद पार्टी ने सरकार बनाई. यह कनाडा में लिबरल पार्टी की चौथी सरकार है. कौन हैं अनीता आनंद पूर्व में कनाडा की रक्षा मंत्री और परिवहन मंत्री जैसे पदों को संभाल चुकी अनीता आनंद का जन्म 20 मई 1967 को कनाडा के केंटविले में एक प्रवासी डॉक्टर परिवार के घर में हुआ था। उनके माता-पिता 1960 के दशक की शुरुआत में भारत से कनाडा चले गए थे। उनकी मां पंजाब से थी, जबकि पिता तमिलनाडु से थे। उनकी दो बहनें गीता और सोनिया हैं। कनाडा की पहली हिंदू मंत्री उन्होंने ओंटारियो से राजनीति विज्ञान में अकादमिक डिग्री हासिल की और न्यायशास्त्र में कला स्नातक किया। उन्होंने डलहौजी और टोरंटो यूनिवर्सिटी से क्रमशः कानून में स्नातक और मास्टर डिग्री हासिल की। 1995 में आनंद ने कनाडाई वकील और बिजनेस एग्जीक्यूटिव जॉन नॉल्टन से शादी की। उनके चार बच्चे हैं। साल 2019 में वह कनाडा के संघीय मंत्रिमंडल में शामिल होने वाली पहली हिंदू बनीं। राजनीति छोड़ने का किया था ऐलान आनंद ने जनवरी में कहा था कि वह राजनीति छोड़कर शिक्षा जगत में लौट रही हैं। लेकिन 2025 के संघीय चुनाव में फिर से चुने जाने के बाद कार्नी ने उन्हें मंत्रिमंडल में वापस आने और विदेश मामलों का मंत्रालय संभालने के लिए राजी कर लिया। वह हाउस ऑफ कॉमन्स में ओकविले ईस्ट राइडिंग का प्रतिनिधित्व करती हैं।   recent visitors 30

छत्तीसगढ़ में पीएम आवास 2018 की सर्वे सूची के सभी हितग्राहियों को मिलेगा आवास

रायपुर : अब कोई गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा, सबके बनेंगे पक्के मकान : केंद्रीय मंत्री चौहान अब कोई गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा, सबके बनेंगे पक्के मकान : केंद्रीय मंत्री चौहान केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को सौंपा 3 लाख 700 पीएम आवासों का स्वीकृति पत्र छत्तीसगढ़ में पीएम आवास 2018 की सर्वे सूची के सभी हितग्राहियों को मिलेगा आवास नवनिर्मित 51 हजार प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का कराया गृह प्रवेश प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के आवास हितग्राहियों के पैर पखार कर सौंपी खुशियों की चाबी मनरेगा में छत्तीसगढ़ का लेबर बजट बढ़ाने की घोषणा केंद्रीय मंत्री चौहान अम्बिकापुर में आयोजित “मोर आवास मोर अधिकार” कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर अब कोई गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा, सबके बनेंगे पक्के मकान : केंद्रीय मंत्री चौहान अब कोई गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा, सबके बनेंगे पक्के मकान : केंद्रीय मंत्री चौहान अब कोई गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा, सबके बनेंगे पक्के मकान : केंद्रीय मंत्री चौहान अब कोई गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा, सबके बनेंगे पक्के मकान : केंद्रीय मंत्री चौहान केंद्रीय  ग्रामीण विकास एवं कृषि व किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज अम्बिकापुर में आयोजित “मोर आवास मोर अधिकार” कार्यक्रम में शामिल हुए। सरगुजा संभाग के मुख्यालय अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और पीएम जनमन के आवास हितग्राहियों को उनके पूर्ण हो चुके आवास की चाबी सौंपी और उन्हें शुभकामनाएं दी। केन्द्रीय मंत्री ने आवास का निर्माण प्रारंभ करने वाले हितग्राहियों के आवास का भूमिपूजन कर उन्हें आवास स्वीकृति पत्र भी प्रदान किया। केंद्रीय मंत्री चौहान ने प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के नवनिर्मित 51 हजार आवासों में हितग्राहियों को गृह प्रवेश भी करवाया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व सहायता समूह की दीदियों, लखपति दीदियों को सम्मानित किया तथा अमृत सरोवर पोर्टल का शुभारंभ किया।   केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोई गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि नया सर्वे हो रहा है और जिनके कच्चे मकान हैं, उनके पक्के मकान बनाए जाएंगे।  उन्होंने कहा कि हमने वादा किया था कि डबल इंजन की सरकार बनी तो सबको पक्के मकान बनाकर देंगे, हमारी सरकार बनते ही हमने अपना वादा निभाया।  छत्तीसगढ़ में जो पात्र हितग्राही थे सबके आवास अब स्वीकृत हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत का उदय हो रहा है। हमारा संकल्प विकसित भारत के निर्माण का है। विकसित छत्तीसगढ़ बनेगा। उन्होंने लखपति दीदी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में तीन लाख लखपति दीदी बनीं हैं। आने वाले समय में 4 लाख लखपति दीदी बनाएंगे। महिला स्व-सहायता से जुड़ी हर दीदी को लखपति बनाएंगे। गांव के हर एक गरीब को रोजगार से जोड़कर उसकी आमदनी बढ़ाएंगे।   खेती को बनाएंगे फायदे का धंधा केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि खेती को फायदे का धंधा बनाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में धान की फसल 3100 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से खरीद रहे हैं। किसानों की आय को बढ़ा रहे हैं। मेरे पास 16000 से अधिक कृषि वैज्ञानिक है। 29 मई से 12 जून तक कृषि वैज्ञानिक गांवों में आएंगे और 15 से 20 गांवों के किसी सेंटर पर किसानों के साथ बैठकर कृषि को फायदे का धंधा बनाने के लिए चर्चा करेंगे। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए क्या-क्या किया जाए, वे आपके बीच जाएंगे, आपकी समस्या को सुनेंगे, आपके खेत को देखेंगे, मिट्टी-मिट्टी का परीक्षण करेंगे कि खेत किस प्रकार की फसल के लिए उपयुक्त है। खरीफ फसलों की तैयारी के लिए सुझाव देंगे। खेती के साथ पशुपालन, उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करेंगे। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आज जिन 51000 हितग्राही को अपने घर का चाबी मिल रही है उन सभी को शुभकामनाएं। इसके साथ आपको बिजली, पानी सभी सुविधा मिलेगी। एक साथ कई सुविधा दे रहे हैं ताकि आपके जीवन में कोई भी अभाव ना रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सल प्रभावित जिले में 15 हजार आवास की स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लेबर बजट बढ़ा दिया जाएगा। घर बनाने के लिए हितग्राहियों को 90 दिन की मजदूरी भी दी जाती है।  उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए भारतीय सेना के वीर जवानों के शौर्य और वीरता को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारत अब सहने वाला नहीं, जवाब देने वाला राष्ट्र बन चुका है।   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए विशेष कर सरगुजा संभाग के लिए सौभाग्य का दिन है। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास देने वाले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ की पावन भूमि में पधारे है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  13 दिसम्बर को हमारी सरकार बनते ही 14 दिसम्बर की पहली कैबिनेट बैठक में हमने पहला काम 18 लाख आवास की स्वीकृति देने का किया। पात्र हितग्राहियों को उपलब्ध कराएंगे आवास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभी आवास प्लस-प्लस का सर्वे चल रहा है। सब से आग्रह है कि 15 मई तक सर्वेक्षण में अपना नाम जुड़वा लें। इस बार आवास के लिए पात्रता में कई छूट दी गई हैं। जिनके पास पांच एकड़ असिंचित जमीन या ढाई एकड़ सिंचित जमीन है, जिनकी मासिक आय 15 हजार रूपए तक है, जिनके पास मोटर सायकल हैं उन्हें भी प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए पात्र माना गया है। आम जनता की समस्या के समाधान के लिए प्रदेश में चल रहा है सुशासन तिहार मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए 3 चरणों में सुशासन तिहार चल रहा है। पहले चरण में लोगों से आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में उनका समाधान किया गया और तीसरे चरण में समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं और मंत्रिगण समाधान शिविर में शामिल हो रहे हैं। विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है और समीक्षा बैठक आयोजित किया जा रहा है। अभी तक मैं … Read more

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बेटियों के पिता की चिंता खत्म हुई : मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

शादी प्रेम और अपनत्व का बंधन है, इसे समर्पण के साथ निभाएं : खाद्य मंत्री राजपूत परिणय सूत्र में बंधे 750 नवयुगल, पुष्प वर्षा कर सपत्नीक मंत्री राजपूत ने दी बधाई और शुभकामनाएं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बेटियों के पिता की चिंता खत्म हुई : मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सुरखी शादी प्रेम और अपनत्व का बंधन है। इसे समर्पण के साथ निभाएं ताकि जीवन में कभी कोई परेशानी न आये। एक-दूसरे का साथ हर परेशानी में दें जिससे आपका जीवन सुख और समृद्धि से भरा रहे। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बेटियों के पिता की चिंता खत्म हुई है। यह बात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ में 750 से अधिक मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह कार्यक्रम के दौरान कही। मंत्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री विवाह योजना के माध्यम से बेटियों की शादी में अब सीधे 49000 की राशि उनके खातों में हस्तांतरित की जाने लगी है। मंत्री राजपूत ने कहा कि सभी नव दंपति आज दी जाने वाली राशि से अपनी गृहस्ती का सामान खरीदना या घूमने जाना किंतु अपना जीवन पूरे प्रेम के साथ जीना। मंत्री राजपूत ने कहा कि आज हमारा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं सेना के कारण प्रभावशाली बन गया है। पाकिस्तान ने भारत पर आंख उठाने की गुस्ताखी की जिस पर हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं सेना ने करारा जवाब देकर उनको अच्छा सबक सिखाया है। जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के माध्यम से हमारी गरीब मध्यम वर्ग की बेटियों की शादी की जा रही है जिसमें मंत्री,नेता अधिकारी एवं हजारों की संख्या में बाराती उपस्थित है। राजपूत ने उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज बड़ा शुभ दिन है जब एक ही पंडाल में हिंदुओं की बेटियों की शादियां हो रही है वहीं मुस्लिम बेटियों का निकाह भी हो रहा है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं मंत्री गोविंद राजपूत की पत्नी श्रीमती सविता राजपूत ने कहा कि सभी दूल्हे राजा हमारी बेटियों को कोई कष्ट ना देना उनका कष्ट हमारा कष्ट है आप उनका पूरा ध्यान रखना और प्रेम से अपना जीवन जीना। श्रीमति सविता सिंह राजपूत ने अवसर पर बुंदेली गीत बन्नो तेरी अखियां सुरमेदानी की प्रस्तुति दी तो बेटियों के परिजनों की आंखें नम हो गई। कार्यक्रम में बुंदेली गायिका कविता शर्मा की बुंदेली मांगलिक गीतों से पूरा समारोह विवाह की मस्ती में सराबोर हो गया। पुष्प वर्षा कर नव दांपत्य जोड़े को दी शुभकामनाएं राहतगढ़ में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह समारोह में खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत तथा उनकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सविता सिंह राजपूत सहित मंच पर आसीन सभी अतिथियों ने सभी जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर नव दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दी। श्रीमति सविता सिंह राजपूत ने सभी बेटियों को अपनी तरफ से उपहार स्वरूप साड़ियां भेंट की तथा चैक वितरित किये गये। आयोजन में बुंदेली व्यंजन परोसे जा रहे थे, वहीं गर्मी से बचने के लिए ठंडी छाछ एवं पना कुल्फी का आनंद भी लिया जा रहा था।   recent visitors 31

कश्मीर मुद्दा सिर्फ पाकिस्तान की स्थिति नहीं है बल्कि वैश्विक रूप से मान्यता प्राप्त विवाद-विदेश मंत्री डार

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने एक बार फिर से भारत को चेतावनी देने का दुस्साहस किया है। उन्होंने चेतावनी देने के लहजे में कहा है कि "पाकिस्तान की जल आपूर्ति को रोकने या मोड़ने की कोई भी कोशिश युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा।" इशाक डार का बयान उस वक्त आया है जब भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में साफ शब्दों में कहा था कि 'खून और पानी साथ नहीं बह सकते।' एक्सपर्ट्स ने मोदी के बयान को 'सिंधु जल समझौता सस्पेंड' करने के फैसले को जारी रखना माना है। इशाक डार ने सीएनएन से बात करते हुए कहा कि "कभी-कभी राष्ट्रों को बेहद कठिन विकल्प चुनने की आवश्यकता होती है, जैसा कि हमने 9 मई की रात को किया।" इशाक डार ने सीएनएन से बात करते हुए आगे कहा कि "हम चाहते हैं कि पूरी प्रक्रिया दोनों पक्षों के बीच सम्मान के साथ आगे बढ़े।" अमेरिकी मीडिया ऑउटलेट से बात करते हुए इशाक डार ने कहा कि "हम बातचीत के माध्यम से सभी लंबित मुद्दों को हल करना चाहते हैं, ऐसे मुद्दे जो क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता की नींव रख सकते हैं।" इसके अलावा पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने दक्षिण एशिया में शांति का एकमात्र रास्ता कश्मीर समस्या का समाधान बताया। पाकिस्तान ऐसा करके एक बार फिर से कश्मीर को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश कर रहा है और ये दिखाने की कोशिश कर रहा है कि कश्मीर समस्या का समाधान किए बगैर शांति नहीं हो सकती है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री की गीदड़भभकी कश्मीर को लेकर भारत ने एक बार फिर से साफ कर दिया है कि पाकिस्तान से जो भी बात होगी, वो पीओके को लेकर होगी। भारत ने पाकिस्तान से पीओके को खाली करने के लिए कहते हुए पीओके को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया है। सीएनएन से बात करते हुए इशाक डार ने कश्मीर को इंटरनेशनल मुद्दा बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि, "कश्मीर मुद्दा सिर्फ पाकिस्तान की स्थिति नहीं है बल्कि वैश्विक रूप से मान्यता प्राप्त विवाद है।" वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता की इच्छा के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए डार ने ट्रंप की पेशकश को "बहुत महत्वपूर्ण" बताया और लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को हल करने के लिए अमेरिका सहित तीसरे पक्ष के समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया। यानि पाकिस्तान अब कश्मीर पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता चाह रहा है, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर रखा है। कश्मीर पर भारत का रूख साफ है कि वो किसी भी तरह की मध्यस्थता का विरोध करता है। इशाक डार ने भारत के साथ व्यापक बातचीत के लिए पाकिस्तान की तत्परता को दोहराया, लेकिन कहा कि "यह एक द्विपक्षीय मुद्दा है। आप एक हाथ से ताली नहीं बजा सकते। हम इसे अकेले हल नहीं कर सकते।" उन्होंने बिना देरी के ऐसे मुद्दों को हल करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया और चेतावनी दी, कि 'फैसला होने में जितनी देरी होगी, मुश्किलें उतनी ज्यादा बढ़ेंगी।' पाकिस्तान के नेता लगातार इंटरनेशनल मीडिया के जरिए कश्मीर मुद्दे को इंटरनेशनल मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस बात की कोई संभावना नहीं है कि भारत उनके बयान पर कोई प्रतिक्रिया भी दे। recent visitors 46