नीरज चोपड़ा को टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि मिली

नई दिल्ली ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा को भारतीय सेना में एक बड़ी जिम्मेदारी मिली है। नीरज चोपड़ा को टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि दी गई है। नीरज चोपड़ा भाला फेंक में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं नीरज टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के लिए जेवेलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। अब उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल का पद दिया गया है। नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था। वह देश के लिए व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बने थे। नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर की दूरी के साथ पहला स्थान हासिल कर गोल्ड अपने नाम किया था। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए पहला गोल्ड जीता था। नीरज चोपड़ा इससे पहले आर्मी में सूबेदार के पद पर थे। चोपड़ा की वजह से जैवलिन थ्रो को लोग भारत में जानने लगे हैं। उल्लेखनीय है कि 2020 टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने भारत के लिए भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीता था। उसके बाद से ही वह लाइमलाइट में आ गए थे। उन्होंने 2024 के पेरिस ओलंपिक में भी सिल्वर मेडल जीता था। नीरज चोपड़ा बेंगलुरू में अगले हफ्ते प्रस्तावित एनसी क्लासिक के स्थगित होने के बाद 23 मई को पोलैंड के चोरजोव में 71वें ओरलेन जानुस्ज कुसोसिन्सकी मेमोरियल प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। दोहरे ओलंपिक पदक विजेता नीरज को एनसी क्लासिक में विश्व भर और भारत के कुछ अन्य स्टार खिलाड़ियों के साथ हिस्सा लेना था और उन्हें 24 मई को इस प्रतियोगिता की मेजबानी भी करनी थी लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। चोरजोव में नीरज को दो बार के विश्व चैंपियन और पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स, जर्मनी के जूलियन वेबर और पोलैंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक मार्सिन क्रुकोवस्की के अलावा साइप्रियन मर्जिग्लोड और डेविड वेगनर जैसे स्थानीय खिलाड़ियों की चुनौती का सामना करना होगा। पोलैंड में होने वाली यह प्रतियोगिता नीरज के लिए सत्र का तीसरा टूर्नामेंट होगा। उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका में की और अब 16 मई को दोहा डाइमंड लीग में हिस्सा लेंगे जहां उन्होंने 2023 (88.67 मीटर) में खिताब जीता और 2024 (88.36 मीटर) में दूसरे स्थान पर रहे। दोहा में भी नीरज को पीटर्स की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। पीटर्स को एनसी क्लासिक में भी 2016 के ओलंपिक चैंपियन जर्मनी के थॉमस रोहलर और 2015 के विश्व चैंपियन कीनिया के जूलियस येगो के साथ हिस्सा लेना था। recent visitors 42

अभी ख़त्म नहीं हुआ ऑपरेशन सिन्दूर, फिर से अटैक कर सकते है पीएम मोदी, अब भी डर: इमरान खान

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान जेल में बंद हैं, लेकिन भारत से तनाव पर उनकी पूरी नजर है। इमरान खान से जेल में मुलाकात करने उनकी बहनें पहुंची थीं। उन्होंने मीटिंग के बाद बताया कि इमरान खान को डर है कि भारत ने भले ही सीजफायर स्वीकार कर लिया है, लेकिन अब भी हमला हो सकता है। इमरान खान की बहन अलीमा खान ने कहा कि भाई को इस बात की चिंता है कि अब भी भारत अटैक कर सकता है। उन्होंने पाकिस्तान की सेना और सरकार से अलर्ट रहने को कहा है। जेल प्रशासन की तरफ से इमरान खान की बहनों को 8 सप्ताह के बाद मिलने की परमिशन दी गई थी। पाकिस्तानी अखबार के अनुसार अलीमा ने इमरान से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, 'उन्होंने कहा कि भारत की तरफ से अब भी अटैक हो सकता है। इमरान खान ने कहा कि नरेंद्र मोदी पाकिस्तान से नफरत करते हैं और गुस्से में फिर से कोई अटैक कर सकते हैं।' इमरान खान के हवाले से अलीमा ने कहा कि जंग में 60 फीसदी जंग तो मानसिक ही होती है। मुझे डर है कि नरेंद्र मोदी फिर से अटैक कर सकते हैं। अलीमा ने कहा कि इमरान खान ने देश की चिंताओं पर बात की। इमरान खान की ओर से इस दौरान मिलिट्री कोर्ट में चल रहे मुकदमों को लेकर भी बात की। दरअसल इमरान खान 9 मई, 2023 से ही जेल में बंद हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शन हुए थे और उनके समर्थकों ने सेना के प्रतिष्ठानों पर भी हमले बोले थे। इन ठिकानों पर हमला करने वाले लोगों के खिलाफ मिलिट्री कोर्ट्स में केस चल रहे हैं। इमरान खान ने कहा कि इन मामलों के विरोध में उनके समर्थकों को सड़कों पर उतर जाना चाहिए। दरअसल पिछले सप्ताह पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने सेना को पावर दी है कि आम नागरिकों के खिलाफ भी मिलिट्री कोर्ट्स में केस चल सकते हैं। इसके बाद से ही चर्चा है कि सेना प्रमुख आसिम मुनीर को बहुत ज्यादा ताकत मिल गई है। इससे इमरान खान के समर्थकों पर सख्त ऐक्शन के कयास तेज हो गए हैं। माना जाता है कि इमरान खान को जेल भेजने और राजनीतिक रूप से कमजोर करने का इनाम ही आसिम मुनीर को मिला है।   recent visitors 35

मां वैष्णो देवी जाने वालों के लिए जरूरी सूचना, अचानक बंद हुई हेलीकॉप्टर सेवा फिर हुई शुरू

कटरा  जम्मू एवं कश्मीर के रियासी जिले में स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा बुधवार को फिर से शुरू हो गई। भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य गतिरोध के कारण यह सेवा करीब एक सप्ताह से निलंबित थी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने से एक दिन पहले ही जम्मू और श्रीनगर सहित 32 हवाई अड्डों पर उड़ानें बहाल की गई थीं। दोनों पड़ोसी देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनने के बाद यह कदम उठाया गया है। मंदिर प्रबंधन बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया, ‘माता वैष्णो देवी मंदिर में हेलीकॉप्टर सेवा पिछले सात दिनों से निलंबित थी जिसे आज सुबह बहाल कर दिया गया।’ उन्होंने बताया कि इस महीने की शुरुआत से तीर्थयात्रियों की संख्या में तेजी से कमी आई थी लेकिन अब यह बढ़ रही है। अधिकारी ने बताया कि तीर्थयात्रियों के लिए बैटरी कार सेवा भी चालू है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जनवरी से अब तक 30 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने मंदिर में दर्शन किए हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 94.84 लाख थी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह संख्या आने वाले दिनों में कई गुना बढ़ जाएगी। दिल्ली से आए श्रद्धालु शुभम कुमार ने कहा, ‘‘हम हेलीकॉप्टर सेवा दोबारा शुरू होने और मंदिर प्रबंधन द्वारा की गई व्यवस्थाओं से खुश हैं।’ recent visitors 31

युनूस सरकार ने भारत सरकार से अपील की, भविष्य में अवैध घुसपैठियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही डिपोर्ट किया जाए

ढाका भारत की ओर से अवैध रूप से घुसपैठ कर चुके करीब 300 बांग्लादेशी नागरिकों को सुंदरबन के रास्ते नाव में बैठाकर वापस बांग्लादेश भेज दिया गया है। यह कार्रवाई बीते कुछ दिनों में भारतीय खुफिया एजेंसियों के अलर्ट और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर बांग्लादेश सरकार द्वारा की गई। बांग्लादेश की युनूस  सरकार ने भारत सरकार से अपील की है कि भविष्य में अवैध घुसपैठियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही डिपोर्ट किया जाए। युनूस  सरकार ने भारत सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि “कृपया डिपोर्ट करने से पहले दोनों देशों के बीच तय प्रक्रिया का पालन करें।” ढाका में गृह सलाहकार क्वेलेट्टे जुरल जहरगीर आलम चौधरी की अध्यक्षता में हुई एक विशेष बैठक में यह तय हुआ कि बांग्लादेश की एजेंसियां उन नागरिकों को फिर से पहचानेंगी, जो अवैध रूप से भारत में घुस आए थे। इसके लिए 200 से ज्यादा घुसपैठियों की पहचान कर ली गई है। हरियाणा के  हिसार में मंगलवार को 39 बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े गए हैं। ये सभी अलग-अलग गांवों और इलाकों में रह रहे थे। छानबीन के दौरान इनके पास वैध दस्तावेज नहीं मिले।भारत की सीमाओं पर सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और पहचान के डर से कई बांग्लादेशी नागरिक देर रात लुंगी पहनकर नाव के जरिये बांग्लादेश में वापस लौटने लगे। सुंदरबन के रास्ते तीन दिनों में 300 से अधिक लोगों को जबरन नाव में बैठाकर वापस भेजा गया। परिवार के कुछ सदस्यों ने बताया कि उन्हें खुद पता नहीं चला कि उन्हें अचानक क्यों वापस भेजा जा रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि वे कई सालों से भारत में रह रहे थे। बांग्लादेश के सेनाध्यक्ष और युनूस  सरकार के बीच इस डिपोर्ट को लेकर असहमति सामने आई है। सेना ने 300 लोगों के जबरन डिपोर्ट पर नाराजगी जताई है और कहा है कि इससे दोनों देशों के संबंधों में खटास आ सकती है।विपक्षी  बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ( BNP)  ने आरोप लगाया कि यह सरकार का तानाशाही कदम है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने मांग की है कि भारत से आने वाले सभी डिपोर्ट को वैध प्रक्रिया से ही निपटाया जाए।   recent visitors 44

भारत-पाकिस्तान: जबरन दोनों देशों के विवाद को सुलझाने के लिए सरपंच बनने की कोशिश कर रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान के तनावपूर्ण सबंध के बीच भारत के द्वारा बार-बार मना करने के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जबरन मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहे हैं। जबरन दोनों देशों के विवाद को सुलझाने के लिए सरपंच बनने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप ने सऊदी अरब में एक संबोधन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष विराम को अपनी सरकार की शांति स्थापना की उपलब्धि करार दिया है। उन्होंने यहां तक कहा कि भारत और पाकिस्तान को एक साथ डिनर पर जाना चाहिए ताकि तनाव और कम हो सके। आपको यह भी बता दें कि भारत ने बार-बार कहा है कि पाकिस्तान से पीओके और आतंकवाद पर ही सिर्फ बात होगी। और किसी की मध्यस्थता हमें स्वीकार नहीं। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मौजूदगी में हुए यूएस-सऊदी इन्वेस्टमेंट फोरम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसी देशों के बीच संभावित परमाणु युद्ध को टालने में अहम भूमिका निभाई। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “कुछ ही दिन पहले मेरे प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच एक ऐतिहासिक संघर्ष विराम कराने में सफलता हासिल की। हमने इसमें व्यापार को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया। मैंने कहा कि दोस्तों, आओ कुछ ट्रेड करो। न्यूक्लियर मिसाइल्स का नहीं, बल्कि उन चीजों का जो तुम खूबसूरती से बनाते हो।” उन्होंने आगे कहा, “दोनों ही देशों के पास बहुत ताकतवर और समझदार नेता हैं। और यह सब रुक गया। उम्मीद है ऐसा ही बना रहेगा।” भारत की तीखी प्रतिक्रिया- तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं भारत सरकार ने ट्रंप के इन बयानों को एक बार फिर सिरे से खारिज किया है। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम पूरी तरह से दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMOs) के बीच आपसी बातचीत का परिणाम है। इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी। यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का दावा किया है। इससे पहले भी वे कश्मीर मुद्दे पर इसी प्रकार की पेशकश कर चुके हैं, जिसे भारत ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया था। अपने संबोधन में ट्रंप ने अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो की ओर मुड़कर कहा, “मुझे लगता है कि अब भारत-पाकिस्तान वास्तव में साथ में ठीक रह रहे हैं। शायद हम उन्हें थोड़ा और करीब ला सकें। क्यों न उन्हें साथ में डिनर पर भेजा जाए? कितना अच्छा होगा?” recent visitors 40

पाकिस्तान सरकार ने आतंकी अजहर मसूद को सहायता राशि देने का किया ऐलान, मिल सकते है 14 करोड़ रुपये

इस्लामाबाद पाकिस्तान की सरकार ने भारत के हमलों में मारे गए लोगों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। उसकी इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा खूंखार आतंकी अजहर मसूद को ही मिलता दिख रहा है। अजहर मसूद के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित मुख्यालय पर भारत ने एयर स्ट्राइक की थी। इन हवाई हमलों में जैश के मुख्यालय को जबरदस्त नुकसान पहुंचा। इसके अलावा उसके परिवार के ही 10 लोग मारे गए थे। 4 अन्य लोग उसके करीबी थे, जो मारे गए। अब इन सभी लोगों की एवज में 14 करोड़ रुपये अजहर मसूद और उसके करीबियों के परिवारों के खाते में जाएंगे। इस तरह पाकिस्तान सरकार की ओर से मदद के नाम पर जारी रकम सीधे तौर पर आतंकियों और उनके परिवारों को मदद देगी। पाकिस्तान पीएमओ की ओर से जारी प्रेस रिलीज में एक करोड़ रुपये की सहायता राशि का ऐलान हुआ था। अब मदद के नाम पर जारी इस रकम का सीधा फायदा मसूद अजहर को ही मिलेगा। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने हाफिज सईद के मुरीदके स्थित ठिकाने और फिर बहावलपुर में जैश के ठिकानों पर जोरदार हमले किए थे। लाहौर से करीब 400 किलोमीटर दूर स्थित बहावलपुर पर भारत के इस भीषण हमले ने आतंकी आकाओं को भी हिला दिया। जैश के इस मुख्यालय को उस्मान अली परिसर के नाम से भी जाना जाता है। यहीं पर जामिया मस्जिद शुभान अल्लाह भी स्थित है, जिस पर हमले का आरोप पाकिस्तान ने भारत पर लगाया था। यह मस्जिद भी जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय वाले परिसर के भीतर ही स्थित है। मसूद अजहर की ओर से ही जारी बयान में स्वीकार किया गया था कि उसके परिवार के 10 लोग इस अटैक में मारे गए हैं। इन हमलों में उसने अपनी बड़ी बहन और बहनोई के मारे जाने की बात स्वीकारी थी। इसके अलावा एक भतीजे और उसकी पत्नी, भतीजी और 5 बच्चों के मारे जाने की बात कबूल की गई थी। यही नहीं अजहर मसूद ने इसके बाद भी पूरी कट्टरता दिखाते हुए कहा था कि इन लोगों ने शहादत दी और अल्लाह उन्हें जन्नत देगा। अब इन लोगों के मारे जाने के बाद मसूद अजहर ही उनका कानूनी वारिस है। ऐसे में पाक सरकार से मिलने वाली पूरी मदद उसके ही खाते में जा सकती है। इसके अलावा 4 अन्य करीबियों के नाम पर जारी होने वाली मदद भी उसे ही मिलने की संभावना है। recent visitors 38

भारत ने चीन के बाद अब तुर्की के प्रोपेगेंडा पर कसी नकेल, TRT वर्ल्ड का सोशल मीडिया हैंडल ब्लॉक

नई दिल्ली भारत ने पाकिस्तान की मदद करने वाले चीन के खिलाफ पहला बड़ा एक्शन लिया है। भारत सरकार ने प्रोपेगेंडा फैलाने वाले ग्लोबल टाइम्स और शिन्हुआ न्यूज के सोशल मीडिया एकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र शिन्हुआ न्यूज को भी भारत ने ब्लॉक कर दिया है। चीन सिन्हुआ न्यूज कई सालों से भारत के खिलाफ गलत सूचना, फर्जी खबरें और दुष्प्रचार फैलाने में लगा हुआ था। ग्लोबल टाइम्स के बाद शिन्हुआ को भी ब्लॉक कर दिया गया है। ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान ग्लोबल टाइम्स पूरी बेशर्मी के साथ झूठ फैलाने में लगा था और बीजिंग में भारत के राजदूत ने इसके लिए चीनी मीडिया ऑउटलेट को फटकार भी लगाई थी। ग्लोबल टाइम्स बार बार ये नैरेटिव फैलाने की कोशिश कर रहा था कि भारत बिना किसी उकसावे के पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई कर रहा था। इसके अलावा वो भारत के ऑपरेशन सिंदूर को 'एकतरफा कार्रवाई' बताने की कोशिश भी कर रहा था। दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार हो रहा है जब यह कार्रवाई की गई है। इसके अलावा देखा जा रहा था कि वो जताने की कोशिश कर रहा था कि भारत एक लंबी युद्ध में नहीं ठहर सकता है और इस बात को आधार बनाकर वो निवेशकों को भड़काने की कोशिश कर रहा था। ग्लोबल टाइम्स, शिन्हुआ न्यूज के एक्स अकाउंट बैन प्रोपेगेंडा फैलाते हुए चीनी मीडिया में पुराने युद्ध के वीडियो एडिट करके लगाए जा रहे थे। ग्लोबल टाइम्स, पाकिस्तान की सेना के हवाले से तमाम फर्जी खबरें चला रहा था। वो भारतीय हथियारों को लेकर भ्रामक जानकारियां फैला रहा था। चीन में भारतीय दूतावास ने तो ग्लोबल टाइम्स को फर्जी खबरें चलाने के लिए फटकार तक लगाई थी। चीन के साथ साथ तुर्की की मीडिया में लिखा जा रहा था कि "पाकिस्तान के JF-17 थंडर की हाइपरसोनिक मिसाइलों ने आदमपुर में भारत के S-400 सिस्टम को नष्ट कर दिया है। एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की कीमत करीब 1.5 बिलियन डॉलर है।" भारतीय सेना ने जब इन दावों का खंडन कर दिया, फिर भी खबरों को अपडेट नहीं किया गया। इन देशों की मीडिया में भारतीय सेना के बयान नहीं दिखाए जा रहे थे। जाहिर तौर पर चीनी मीडिया में ऐसा इसलिए दिखाया जा रहा था क्योंकि जेएफ-17 चीनी फाइटर जेट है और सरकारी चीनी मीडिया में इस तरह के निराधार दावों से सीधे तौर पर सरकारी चीनी एयरोस्पेस कंपनियों को फायदा होता है। इन रिपोर्टों के बाद, J-17 और J-10C लड़ाकू विमानों के निर्माता एविक चेंगदू एयरक्राफ्ट कंपनी लिमिटेड के शेयरों में शेन्ज़ेन ट्रेडिंग में दो सत्रों में 36 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा तुर्की की मीडिया में भारत को मुस्लिम विरोधी देश दिखाने की कोशिश की गई। डिजिटल तरह से मुस्लिम ब्रदरहुड को बढ़ावा दिया गया। कई संकेतों में चीनी मीडिया ने एक्सपर्ट्स के हवाले से भारत के नागरिकों को डराने की नीयत से 'टू फ्रंट वॉर' का नैरेटिव फैलाने की कोशिश की। भारतीय फाइटर जेट को गिराए जाने के फर्जी वीडियो चीन-समर्थित अकाउंट्स से फैलाए गए। लिहाजा भारत ने सख्त एक्शन लेते हुए चीन के दोनो भोंपू के मुंह को बंद कर दिया है। TRT वर्ल्ड का सोशल मीडिया हैंडल ब्लॉक भारत सरकार ने आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तुर्की के सरकारी टीवी चैनल टीआरटी वर्ल्ड के सोशल मीडिया हैंडल को भारत में ब्लॉक कर दिया। यह कार्रवाई भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए की गई है। आज ही दिन में भारत ने चीन के सरकारी प्रोपेगेंडा अखबार ग्लोबल टाइम्स के सोशल मीडिया हैंडल को भी ब्लॉक कर दिया था। सूत्रों के अनुसार, टीआरटी वर्ल्ड और ग्लोबल टाइम्स पर भारत के खिलाफ भ्रामक और भड़काऊ सामग्री फैलाने का आरोप है। पाकिस्तान समर्थक इन देशों के न्यूज पोर्टल अपने सोशल मीडिया हैंडल्स के जरिए भारत के ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी फर्जी खबरें फैलाते पाए गए। भारत सरकार का कड़ा रुख भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को 8,000 से अधिक खातों को ब्लॉक करने का आदेश दिया, जिनमें अंतरराष्ट्रीय समाचार संगठनों और प्रमुख यूजर्स के खाते शामिल हैं। सरकार का कहना है कि ये खाते राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश संबंधों और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाली गलत सूचनाएं फैला रहे थे। टीआरटी वर्ल्ड और ग्लोबल टाइम्स के खाते इस कार्रवाई का हिस्सा हैं। पाकिस्तान समर्थक प्रचार का आरोप ग्लोबल टाइम्स और कुछ अन्य अकाउंट्स पर पाकिस्तान समर्थक प्रचार को बढ़ावा देने का आरोप है। हाल के दिनों में, भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच गलत सूचनाओं का प्रसार तेजी से बढ़ा है। तुर्की का टीआरटी वर्ल्ड खुद को वैश्विक समाचार और तुर्की के दृष्टिकोण को पेश करने का दावा करता है। उस पर भी भारत विरोधी कवरेज का आरोप लगा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भारत द्वारा क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और विदेशी प्रचार को रोकने की दिशा में उठाया गया है। पाकिस्तान का हिमायती है तुर्की ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान का खुला समर्थन किया, जिससे भारत और तुर्की के बीच तनाव बढ़ गया है। ऑपरेशन सिंदूर 7-8 मई 2025 की रात को शुरू हुआ। यह पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए एक सटीक और नियंत्रित सैन्य कार्रवाई थी। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे। भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों के शिविर शामिल थे। भारत ने इस कार्रवाई को गैर-उत्तेजक और आतंकवाद के खिलाफ एक जिम्मेदार कदम बताया। हालांकि, तुर्की ने इस ऑपरेशन की निंदा करते हुए पाकिस्तान का समर्थन किया। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने 7 मई को एक बयान जारी कर ऑपरेशन सिंदूर को "उकसाने वाला कदम" करार दिया और कहा कि इससे पूर्ण युद्ध का खतरा बढ़ गया है। तुर्की ने भारत और पाकिस्तान दोनों से संयम बरतने की अपील की, लेकिन साथ ही पाकिस्तान की मांग का समर्थन करते हुए पहलगाम हमले की जांच की वकालत की। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज … Read more