कर्नल सोफिया पर विवादित टिप्पणी के मामले में अशोका यूनवर्सिटी के प्रोफेसर गिरफ्तार

नई दिल्ली कर्नल सोफिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में अशोका यूनवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को गिरफ्तार कर लिया गया है। यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्य कर रहे अली खान महमूदाबाद ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद महिला अधिकारियों को प्रेस ब्रीफिंग के लिए भेजने को दिखावा और ढोंग बताया था। इसके बाद हरियाणा राज्य के महिला आयोग ने उन्हें नोटिस भेजकर तलब किया था। कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को आगे करने को लेकर महमूदाबाद ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट की थीं। माना जा रहा था कि ऑपरेशन सिंदूर का संबंध महिलाओं से है क्योंकि पहलगाम में आतंकियों ने उन लोगों की भी हत्या कर दी जिनकी हाल ही में शादी हुई थी। कई नवविवाहित महिलाओं की मांग उड़ गई। इसीलिए भारतीय सेना की आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में जानकारी देने के लिए महिला अधिकारियों को आगे किया गया। वहीं अली खान महमूदाबाद महिला अधिकारियों को आगे करने के फैसले को ही गलत बताने लगे। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सरकार ऐसा करके केवल दिखावा और ढोंग कर रही है। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी पोस्ट पर आपत्ति जताई। पहलगाम हमले के बाद जब एक शख्स के 'अल्लाहू अकबर' चिल्लाने और गोलियां चलने को लेकर गिरफ्तारी हुई थी तब भी उन्होंने सोशल मीडिया पर आपत्ति जाहिर की थी। उनका कहना था कि अगर किसी के इस तरह अल्लाहू अकबर चिल्लाने से कुछ साबित करने की कोशिश हो रही है तो आप कश्मीर को समझ ही नहीं पाए हैं। इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर उन्होंने काफी बहस भी की। कौन हैं अली खान महमूदाबाद अली खान महमूदाबाद अशोका यूनिवर्सिटी में प्राध्यापक होने के साथ ही राजनीतिक टिप्पणीकार और स्तंभकार हैं। उन्होंने कैंब्रिज से पीएचडी की है। वह राजनीति शास्त्र और इतिहास से डिग्री हासि कर चुके हैं। इसके अलावा दमिश्क यूनिवर्सिटी से उन्होंने अरबी भाषा की पढ़ाई की है। वह सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव रहते हैं। फेसबुक पर की गई टिप्पणी को लेकर वह मुसीबत में घिरे हैं। recent visitors 57

आज भारत न केवल एक जिम्मेदार परमाणु राष्ट्र बनकर उभरा है, बल्कि सैन्य शक्ति, से दुनिया को अपना लोहा भी मनवाया

नई दिल्ली 51 साल पहले आज ही के दिन भारत ने 'स्माइलिंग बुद्धा' मिशन को अंजाम दिया था और दुनिया को अपनी ताकत का परिचय दिया। 18 मई 1974 में पोखरण-I के उस धमाके ने न सिर्फ भारत को दुनिया की छठी परमाणु शक्ति बनाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि विज्ञान और सुरक्षा के मामले में भारत किसी से पीछे नहीं रहने वाला। आज भारत न केवल एक जिम्मेदार परमाणु राष्ट्र बनकर उभरा है, बल्कि उसने सैन्य शक्ति, तकनीकी कौशल और रणनीतिक दूरदर्शिता से दुनिया को अपना लोहा भी मनवाया है। ‘स्माइलिंग बुद्धा’ पोखरण परीक्षण के लिए एक कोड नेम था। यह मिशन भारत के इतिहास का वह मोड़ था जब देश ने दुनिया को दिखा दिया कि हम न केवल सभ्यता और शांति के प्रतीक हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर सैन्य और तकनीकी ताकत भी रखते हैं। अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन के बाद भारत छठा ऐसा देश बना जिसके पास परमाणु हथियार विकसित करने की क्षमता थी। प्रतिबंधों के बावजूद परमाणु शक्ति के विकास की दास्तान पोखरण-1 के बाद भारत पर अमेरिका समेत कई देशों ने प्रतिबंध लगाए, लेकिन DRDO, BARC और ISRO जैसे संस्थानों ने मिलकर देश को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर किया। 11 और 13 मई 1998 को तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने पांच और परमाणु परीक्षण किए, जिनके साथ भारत ने खुद को एक "परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र" घोषित कर दिया। इसके साथ ही भारत ने दो प्रमुख सिद्धांत अपनाए। पहला- भारत पहले परमाणु हमला नहीं करेगा। दूसरा- भारत केवल न्यूनतम लेकिन विश्वसनीय शक्ति रखेगा। अब कहां खड़ा है भारत? स्वीडिश संस्थान SIPRI के अनुसार भारत के पास 2024 तक लगभग 160–170 परमाणु हथियार मौजूद हैं। इतना ही नहीं भारत अब थल, जल और नभ – तीनों माध्यमों से परमाणु हमले करने की पूर्ण क्षमता रखता है। थल में अग्नि-1 से लेकर अग्नि-5 तक लंबी दूरी की मिसाइलें हैं। जल में INS Arihant जैसी परमाणु-सक्षम सबमरीन और नभ में Mirage-2000 और Su-30MKI जैसे लड़ाकू विमान हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रभाव भारत की परमाणु नीति अब भी ‘नो फर्स्ट यूज’ पर आधारित है, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इसके पुनर्मूल्यांकन की आवाजें उठी हैं। भारत की रणनीतिक ताकत ने उसे चीन और पाकिस्तान के विरुद्ध संतुलन देने वाली शक्ति बना दिया है। 51 वर्षों के पांच निर्णायक मोड़ 1974 में पोखरण-1 ने भारत की परमाणु शक्ति में पहली एंट्री दी। 1998 में पोखरण-2 टेस्टिंग से आधिकारिक रूप से परमाणु राष्ट्र की मान्यता मिली। 2003 में न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन की नीति तय की गई। 2016 में परमाणु-सक्षम सबमरीन INS Arihant भारतीय सेना में शामिल हुआ। 2020 के बाद MIRV टेक्नोलॉजी और अग्नि-5 जैसी अत्याधुनिक मिसाइल तकनीक सेना के बेड़े में शामिल हुए। recent visitors 65

ऑपरेशन सिंदूर का नया वीडियो जारी, सेना का जवाब देते हुए बताया सबक ऐसा सिखाया गया है जिसे पीढ़ियां याद रखेंगी

नई दिल्ली पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने जिस तरह से पराक्रम दिखाते हुए पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया, उससे पाकिस्तान के भी हौसले पस्त हो गए। वहीं जब पाकिस्तान ने बौखलाकर भारत पर हमला शुरू किया तो भारतीय सेना ने ऐसा मुंहतोड़ जवाब दिया कि वह सीजफायर के लिए मिन्नतें करता नजर आया। भारतीय सेना ने रविवार को ऑपरेशन सिंदूर का एक और वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में सेना का जवाब आतंकियों को चुनौती देते हुए कहता है कि सबक ऐसा सिखाया गया है जिसे पीढ़ियां याद रखेंगी। भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड के इस वीडियो में कहा गया, यह बदले की भावना नहीं न्याय था। सबक ऐसा सिखाएंगे कि इनकी पीढ़ियां याद रखेंगी। रात के करीब 9 बजे दुश्मन ने जिस पोस्ट से हमला किया सेना ने उसे मिट्टी में मिला दिया। सिंदूर पाकिस्तान के लिए वह सबक था जो उसने दशकों से नहीं सीखा। वीडियो में देखा जा सकता है कि सेना कैसे आतंकियों के लॉन्चिंग पैड्स और पाकिस्तानी सेना की पोस्ट को तबाह कर रही है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने राजनीतिक और कूटनीतिक, दोनों तरह से भारत की सोच बदल दी है और पूरी दुनिया इसकी गवाह है। जम्मू कश्मीर के उधमपुर से लोकसभा सदस्य एवं केंद्रीय मंत्री सिंह ने यह भी कहा कि सिंधु जल संधि जल्दबाजी में की गई थी, क्योंकि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पाकिस्तान को खुश करना चाहते थे। कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने विजय के. सजावल द्वारा लिखी पुस्तक "कश्मीर क्रॉनिकल्स" का यहां कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में विमोचन करने के बाद कहा कि यह संधि दोनों देशों के लिए न्याय करने में असफल रही।उन्होंने कहा कि 2019 के पुलवामा हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक के पश्चात, भारत ने अपनी रक्षा रणनीतियों में बदलाव की शुरुआत की थी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बलों को परिस्थितियों के अनुसार तथा पेशेवर ज्ञान एवं विवेक के आधार पर कार्य करने की पूरी स्वतंत्रता दी थी। उन्होंने कहा कि यह 2014 से पहले की प्रथा के बिल्कुल विपरीत है, जब सेनाओं को केवल सीमित स्वतंत्रता थी और बड़े हमले के लिए उन्हें नयी दिल्ली से राजनीतिक मंजूरी का इंतजार करना पड़ता था। मंत्री ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा शुरू किया गया ऑपरेशन सिंदूर, अब तक की प्रचलित पद्धति में बदलाव का परिणाम है। recent visitors 54

जल गंगा संवर्धन अभियान देश में जन-आंदोलन के रूप में ख्याति प्राप्त कर रहा: तुलसीराम सिलावट

भोपाल जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान देश में जन-आंदोलन के रूप में ख्याति प्राप्त कर रहा है। समाज की भागीदारी से सरकार की जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों के फलस्वरुप मध्यप्रदेश जल शक्ति के रूप में उभर कर देश के नक्शे में स्थापित होगा। मंत्री श्री सिलावट ने शनिवार को विदिशा ज़िलें में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ग्राम जम्बार के तालाब में आयोजित श्रमदान कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी, विधायक श्री मुकेश टंडन, श्री हरि सिंह सप्रे, श्री हरि सिंह रघुवंशी, जनपद अध्यक्ष श्री वीर सिंह के साथ अन्य जन-प्रतिनिधियों ने भी श्रमदान में सहभागिता की। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संपूर्ण मध्यप्रदेश में लागू कर जल संवर्धन के ऐसे कार्य को मूर्तरूप दिया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ी को हम प्रचुर मात्रा में जल संचय भण्डार विरासत में दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इंदौर में प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में लीड कर राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति हासिल की है, ठीक वैसी ख्याति विदिशा जिला जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों में अर्जित करे। इस अभियान को अपना समझकर हम अपने स्तर पर सहयोग व योगदान कर मिसाल कायम करें। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि जल का कोई विकल्प नहीं है, जल है तो कल है, भविष्य है और प्रगति संभव है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में सिंचित रकबा बढ़ाने के लिए सिंचाई कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में पूरे कराए जा रहे हैं। उन्होंने विगत वर्षों की तुलना में सिंचित रकबे में हुई आशातीत वृद्धि को रेखांकित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का नदियों को जोड़ने का संकल्प प्रदेश में केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर पूरा कर रहे हैं। उन्होंने केन-बेतवा लिंक परियोजना से होने वाले प्रमुख फायदों के बारे में बताते हुए कहा कि इससे बिजली उत्पादन के साथ 12 माह पेयजल की उपलब्धता रहेगी। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि पहले गांवों के तालाब व अन्य जल संचय लबालब भरे रहते थे। इस स्थिति को पुन: लाने में हम कोई कोर कसर ना छोड़े। उन्होंने कहा कि हरेक जल स्रोत की संरचना अतिक्रमण से विमुक्त हो यदि कहीं कोई इस प्रकार की खबर मिलती है तो अभियान के रूप में क्रियान्वित कराने की समझाइश अधिकारियों की दी है। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि जल का सदुपयोग हो इसके लिए विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने बताया कि खुली नहरों की जगह माइक्रो परियोजना से पाईप लाईन का विस्तारीकरण किया जा रहा है। उन्होंने प्राचीन तालाब, कुएं, बावड़ियों के अलावा अन्य जल स्रोतों के जीणोद्धार पर बल देते हुए कहा कि इन विरासतों को बनाए रखना जरूरी है। विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन ने कहा कि बेतवा नदी में नाले ना मिलें इसके लिए पृथक से तैयार की गई कार्य योजना अनुसार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने जल संचय को बढ़ावा देने के कार्यो को अतिमहत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विदिशा जिला इस क्षेत्र में विशेष पहल कर रहा है। उन्होंने प्राचीन जल स्त्रोत धरोहरो के जीर्णोद्धार हेतु किए जा रहे कार्यो को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हम अपने खेतो में अधिक से अधिक जल संचय की संरचनाओं क निर्माण कराएं। इस कार्य में शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं से मदद की जा रही है। ऐसी संरचनाओं का निर्माण होने से हम सिंचित रकबे को बढ़ा सकते हैं, वहीं भू-जल स्तर को गिरने से बचा सकते है। मंत्री श्री सिलावट ने जम्बार लघु तालाब में श्रमदान कर जल संचय कार्यो के लिए सभी को अभिप्रेरित किया। जम्बार तालाब सम्राट अशोक सागर परियोजना संभाग क्रमांक-2 विदिशा के अंतर्गत निर्मित जम्बार तालाब का निर्माण वर्ष 1965-66 में हुआ था। तालाब का कैचमेन्ट एरिया 3.74 वर्ग किमी. तथा जीवित जल भराव क्षमता 1.26 मिलियिन घन मीटर है। तालाब से विदिशा तहसील के 3 ग्रामों कमशः जम्बार, बागरी एवं पिपरिया घाट की कुल 235 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र सिंचाई होती है। वर्तमान में तालाब से उक्त तीनों ग्रामों की कुल 318 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई हो रही है। कार्यक्रम में जनप्रतिनियों के साथ साथ गणमान्य नागरिक, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया, जल संसाधन विभाग, राजस्व विभाग, पंचायत ग्रामीण विकास के अधिकारी और ग्रामीण जन मौजूद रहे। मंत्री ने बेतवा नदी की आरती की और स्वच्छ बनाए रखने का आह्वान किया मंत्री श्री सिलावट ने विदिशा जिले में बेतवा नदी के बड़वाले घाट पर आरती की और साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश संप्रेषित किया है। सफाई अभियान में विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन, कुरवाई विधायक श्री हरि सिंह सप्रे, बासौदा विधायक श्री हरि सिंह रघुवंशी को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष श्री श्याम सुंदर शर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागीय अधिकारी/कर्मचारियों ने भी स्वच्छता संबंधी कार्यो में सहभागिता निभाई।   recent visitors 54

प्रदेश में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ की हलचल देखने को मिल रही, अगले तीन दिन बारिश के साथ तेज आंधी की चेतावनी

भोपाल मध्यप्रदेश में इन दिनों आंधी-बारिश का दौर चल रहा है। राजधानी भोपाल में मौसम साफ रहा। वहीं, सिंगरौली, विदिशा, बैतूल, छतरपुर और ग्वालियर में आंधी के साथ बारिश भी हुई। मौसम विभाग के द्वारा 20 मई तक ऐसे ही मौसम रहने की संभावना जताई गई है।  मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ की हलचल देखने को मिल रही है। इसके कारण से बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। आने वाले कुछ दिनों में बारिश के साथ गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। आज यहां बारिश का अनुमान मौसम विभाग की रिपोर्ट की मानें तो नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर जिलों में तेज आंधी-बारिश की संभावना है। वहीं, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा जिलों में हवाएं के साथ हल्की बारिश का अनुमान है। 18 मई को गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, शिवपुरी, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन,अलीराजपुर, बड़वानी, सागर, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल और सिंगरौली में तेज आंधी के साथ बारिश का अलर्ट है। 19 मई इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, डिंडौरी, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बड़वानी, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा,बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और सिंगरौली में तेज आंधी और आंधी का अनुमान है। ऐसे ही 20 मई को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, दतिया, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, दमोह, पन्ना, सतना, उमरिया, मैहर, बुरहानपुर, खरगोन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, सागर, शहडोल, अनूपपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, मऊगंज, सीधी, नरसिंहपुर, और सिंगरौली में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट है। यहां पर 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चल सकती है। recent visitors 42

पर्यटन साइट्स पर पर्याप्त संख्या में लगाएं जाएं सीसी टीवी कैमरे: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी

जयपुर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में  पर्यटन सचिव रवि जैन की उपस्थिति में शासन सचिवालय में पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में आयोजित की गई। उपमुख्यमंत्री ने राज्य में पर्यटन नीति, फिल्म नीति शीघ्रता से जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य में एडवेंचर योजना पर कार्य किये जाने के अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके साथ ही विभिन्न पर्यटन साइट्स पर पर्याप्त संख्या में सीसी टीवी कैमरे लगाये जाने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने राज्य में पर्यटन नीति, फिल्म नीति को अंतिम रूप से तैयार कर, शीघ्र ही जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके साथ ही राज्य में एडवेंचर योजना पर कार्य करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने  पुष्कर सरोवर की डीपीआर में सरोवर के कार्यों सहित घाट के सौंदर्यकरण का कार्य एवं अन्य वॉंछित उपयोगी कार्यों को प्राथमिकता से लेने के निर्देश भी प्रदान किये। उपमुख्यमंत्री ने श्री खाटूश्याम जी का सुनियोजित विकास कार्य किया जाने तथा वहां दर्शनार्थियों की सुविधा पर फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंदिर में प्रवेश और निकासी की बेहतर सुविधा विकसित किये जाने के निर्देश दिए। दिया कुमारी ने मालासेरी डूंगरी के विकास कार्यों की विस्तार से चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में विकास कार्य करवाये जाने के निर्देश दिए इसके साथ ही उन्होंने जयपुर सहित पर्यटन साइट्स पर स्वच्छता एवं साफ सफाई के कार्यों की चर्चा की और निर्देश दिए कि पर्यटन साइट्स पर मुख्य रूप से पेयजल की सुविधा के साथ शौचालयों की बेहतर सुविधाएं विकसित की जाए। उन्होंने पर्यटन साइट्स पर पर्याप्त संख्या में सीसी टीवी कैमरे लगाएं जाने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जयपुर के आमेर क्षेत्र में कॉन्सेर्ट वेंन्यु विकसित किये जाने की सम्भावनाओं को तलाशने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने चौड़ा रास्ता स्थित टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर (टीएफसी)  के बेहतर उपयोग का प्लान बनाने के निर्देश प्रदान किये। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एनएचएआई द्वारा राज्य के चार स्थान आमेर, रणथंबोर, चित्तौड़ एवं बांसवाड़ा में स्थापित किए जाने वाले रोप वे की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही अजमेर के चामुंडा माता मंदिर पर रोप वे स्थापना हेतु कार्यवाही प्रारमभ करने के निर्देश प्रदान किए। दिया कुमारी ने शेखावाटी की हवेलियों के संरक्षण कार्य हेतु चर्चा की।समीक्षा बैठक में पर्यटन विभाग के विभिन्न बिंदुओं जैसे अल्बर्ट हॉल के जीर्णाेद्धार, लाइट एंड साउंड शो, बावड़ियों का जीर्णाेद्धार, डेजर्ट टूरिज्म झुंझुनू में वार म्यूजियम के लिए चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। इसी प्रकार जैसलमेर के वार म्यूजियम पर भी चर्चा की और निर्देश दिए। टैगोर योजना पर चर्चा की गई। इसी प्रकार महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट के पर चर्चा की। उपमुख्यमंत्री ने इसी प्रकार आरटीडीसी के कार्यों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। recent visitors 62

पुरी से हटिया आ रही तपस्विनी एक्सप्रेस पर हुआ पथराव, यात्रियों में दहशत

राउरकेला अज्ञात बदमाशों ने झारसुगुड़ा जिले के लपंगा स्टेशन के पास पुरी से हटिया आ रही तपस्विनी एक्सप्रेस पर सुबह 5:45 बजे कथित तौर पर पथराव किया। आरपीएफ से मिली जानकारी के अनुसार बदमाशों द्वारा पथराव किए जाने के कारण पत्थर उक्त ट्रेन के एसी कोच संख्या-बी-7 की सीट संख्या-15 की अगली खिड़की पर लगा। जिससे एसी बोगी का शीशा टूट गया और कोच के अंदर कांच के टुकड़े बिखर गए। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान झारसुगुड़ा में घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की। आरपीएफ ने पुष्टि की है कि किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। पथराव के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इसमें शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में पुरी-हटिया तपस्विनी एक्सप्रेस के कोच अटेंडेंट केसी नायक ने बताया कि वे गेट की ओर जा रहे थे। तभी कुछ यात्री उनके पास आए और बताया कि वे अपनी सीट पर बैठे थे, तभी यह घटना घटी। जिससे वे डर गए। शीशा टूटने के साथ ही शीशे का टुकड़ा भी सीट पर गिर गया। कोच अटेंडेंट ने घटना की जानकारी उक्त एसी कोच के टीटीई को दी। टीटीई उक्त कोच में पहुंचे और टूटे हुक को देखकर झारसुगुड़ा स्टेशन प्रबंधक को घटना की जानकारी दी। लेकिन राजगांगपुर और राउरकेला में भी उक्त ट्रेन के एसी बोगी का शीशा नहीं बदला गया। हटिया पहुंचने के बाद शीशा बदलने की जानकारी कोच अटेंडेंट ने दी है। यह कोई नई घटना नहीं है। इसके पहले भी 26 मार्च 2025 को उपद्रवियों ने पानपोष-कलुंगा स्टेशन के बीच राउरकेला-पुरी वंदे-भारत एक्सप्रेस ट्रेन में पथराव कर बोगी का शीशा तोड़ दिया था। लेकिन अब तक राउरकेला आरपीएफ उक्त आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है। एक बार फिर इसी रूट की तपस्विनी एक्सप्रेस में उपद्रवियों ने पथराव कर शीशे तोड़ दिए, जिससे ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। recent visitors 75