यूपी में आसमान से बरस रही आग, अगले 3 दिन हीटवेव का अलर्ट, हीटवेव के बीच पड़ीं बारिश की बूंदें

लखनऊ यूपी के कई शहरों में आसमान से आग बरस रही है। शुक्रवार को मौसम ने दो रूपों में कहर बरपाया। बांदा, प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी और हमीरपुर लू में झुलसे तो कुशीनगर में आंधी-बारिश से प्रदेश में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि बलरामपुर में आकाशीय बिजली की चपेट में आकर 13 वर्षीय किशोरी की मौत हुई है। एक तरफ कुल 12 शहरों में भीषण गर्मी रही तो कई शहरों में बदली के बीच बूंदाबांदी या बौछार पड़ी। बांदा 46. 2 डिग्री तापमान के साथ पूरे देश में सबसे गर्म रहा, जबकि कानपुर (आईएफ) में 45.2, वाराणसी में 45, प्रयागराज में 45.4, हमीरपुर में 45.0 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया। लखनऊ में बादलों की आवाजाही से तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञानियों ने अगले तीन दिन हीटवेव की चेतावनी दी है। हीटवेव के बीच पड़ीं बारिश की बूंदें ब्रज में हीटवेव के बीच चंद सेकंड की बारिश ने लोगों को भिगोया। यहां आगरा का अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार 19 से 21 मई के बीच बारिश और बादल छाए रहने के आसार हैं। कुशीनगर में आंधी-पानी के साथ बिजली गिरी कुशीनगर में शाम को आंधी-पानी के साथ ओले भी गिरे। इस दौरान बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई, आंधी में पेड़ की डाल गिरने से दबकर साइकिल सवार ने दम तोड़ दिया। गोरखपुर हल्के बादल से तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई। बिजली गिरने से किशोरी की मौत शुक्रवार दोपहर दो बजे आई तेज धूल भरी आंधी के साथ नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में 15 मिनट तक बारिश भी हुई है। बलरामपुर में आकाशीय बिजली की चपेट में आकर 13 वर्षीय किशोरी की मौत हुई है। श्रावस्ती में सिर पर पेड़ की डाल गिरने से महिला गंभीर घायल हो गई है। आंधी बारिश से तापमान दो डिग्री नीचे आ गया। बहराइच में आंधी बारिश से चक्रवात से बिजली पोल, पेड़ उखड़ गए। आधे जिले की बिजली ठप हो गई। recent visitors 45

कांग्रेस नेता मोहम्मद आमिर सिद्दकी ने युवती से संबंध बनाए, गर्भवती हुई, तो शादी का झूठा आश्वासन देकर एबॉर्शन करवा दिया

दुर्ग दुर्ग जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक दैहिक शोषण करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान भिलाई निवासी मोहम्मद आमिर सिद्दकी (35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो युवा कांग्रेस का पूर्व प्रदेश महासचिव बताया जा रहा है। 2015 से 2025 तक रिलेशनशिप, शादी से किया इनकार एएसपी पद्मश्री तंवर के अनुसार, पीड़िता और आरोपी की मुलाकात वर्ष 2015 में हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आमिर ने युवती से शादी का वादा किया। हालांकि युवती के घरवालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था, फिर भी दोनों करीब 10 वर्षों तक संपर्क में रहे और साथ में रहे। गर्भवती होने पर करवाया एबॉर्शन रिश्ते के दौरान आमिर ने कई बार युवती से शारीरिक संबंध बनाए। जब युवती गर्भवती हुई, तो उसने शादी का झूठा आश्वासन देकर उसका एबॉर्शन करवा दिया। कुछ दिन पहले युवती को पता चला कि आमिर किसी दूसरी लड़की से निकाह करने वाला है। इस पर दोनों के बीच विवाद हुआ और युवती ने शादी के लिए दबाव बनाया, लेकिन आमिर ने साफ इनकार कर दिया। पद्मनाभपुर थाने में दर्ज हुआ मामला शादी से इनकार के बाद युवती ने पद्मनाभपुर थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट को समय से पहले खोला गया, भेजा गया न्यायिक हिरासत में मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दुर्ग जिला न्यायालय की संबंधित कोर्ट को समय से पहले खोला गया। पुलिस ने आरोपी को बिफोर टाइम कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। घरवालों को रिश्ता मंजूर नहीं था दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी। आमिर ने लड़की को शादी का वादा किया, लेकिन लड़की के घरवालों को ये रिश्ता मंजूर नहीं था। इसके बाद भी आमिर और लड़की साल 2015 से 2025 तक एक साथ रहे। दोनों के बीच मिलना-जुलना होता रहा। गर्भवती हुई तो एबॉर्शन कराया इस दौरान आमिर ने समय-समय पर लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाए। लड़की के गर्भवती होने पर उसने उसे शादी करने का झूठा वादा किया और एबॉर्शन करा दिया। कुछ दिन पहले लड़की को पता की आमिर का किसी दूसरी लड़की से निकाह होने वाला है, इस पर उसने उससे झगड़ा किया और शादी के लिए दबाव बनाया। जब लड़की शादी की जिद पर अड़ गई तो आमिर ने लड़की से शादी करने से ही मना कर दिया। इसके बाद लड़की ने पद्मनाभपुर थाने में जाकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। बिफोर टाइम कोर्ट हुई सुनवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में बिफोर टाइम पेश किया। इस मामले की सुनवाई के लिए दुर्ग जिला न्यायालय की संबंधित कोर्ट को समय से पहले खोला गया। वहां पुलिस ने आरोपी को पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। recent visitors 59

भारत में पाकिस्तान की तुलना में अधिक मुस्लिम हैं, जो पाक ने अब तक बर्ताव किया है, उनका इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं: ओवैसी

नई दिल्ली ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तुर्की की ओर से पाकिस्तान का समर्थन करने पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तुर्की को पाकिस्तान का समर्थन करने के अपने रुख पर फिर से विचार करना चाहिए। ओवैसी ने कहा, 'हमें तुर्की को याद दिलाना होगा कि वहां एक बैंक है जिसका नाम इसबैंक (İşbank) है, जिसके शुरुआती जमाकर्ता भारत के लोग थे। तुर्की के भारत के साथ ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। हमें तुर्की को लगातार याद दिलाना चाहिए कि भारत में 20 करोड़ से अधिक सम्मानित मुस्लिम रहते हैं। भारत में पाकिस्तान की तुलना में अधिक मुस्लिम हैं। जिस तरह से पाकिस्तान ने अब तक बर्ताव किया है, उनका इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है।' एआईएमआईएम चीफ ने कहा, 'मैंने पहले भी कहा था और फिर कहूंगा कि हमारे प्रधानमंत्री को युद्धविराम की घोषणा करनी चाहिए थी, न कि अमेरिकी राष्ट्रपति को। क्या आपको पता है कि पाकिस्तान का अमेरिका के साथ व्यापार केवल 10 अरब का है, जबकि भारत का 150 अरब से ज्यादा है। क्या यह मजाक है? क्या यूएस गारंटी दे सकता है कि पाकिस्तान अब हम पर आतंकी हमले नहीं करेगा? पाकिस्तान की सेना हमेशा भारत के साथ छेड़छाड़ करती रहेगी। हम कब तक इसे सहन करेंगे? आप पाकिस्तान के साथ व्यापार कैसे कर सकते हैं? वे तो भिखारी हैं। हम अमेरिका से बस इतनी उम्मीद करते हैं कि वे द रेसिस्टेंस फ्रंट को आतंकवादी संगठन घोषित करें। TRF कुछ और नहीं, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा का पाकिस्तान प्रायोजित समूह है।' ऑपरेशन सिंदूर को प्रदर्शित करने के लिए प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'पहलगाम की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद हमारी सरकार ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों की ओर से हमारे देश में आतंकी घटनाएं हुई हैं, उसे देखते हुए यह बहुत जरूरी है कि हम दूसरे देशों के सामने भारत का पक्ष रखें। भारत का हमेशा से यही रुख रहा है कि हम आतंकवाद के खिलाफ हैं। हम हमेशा से आतंकवाद के खिलाफ रहे हैं। मैं इस जिम्मेदारी को निभाने की पूरी कोशिश करूंगा।' उन्होंने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, तब भी एक प्रतिनिधिमंडल गया था। 2008 में भी एक प्रतिनिधिमंडल गया था। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि लोगों ने हमें सिर्फ अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए नहीं चुना है। हमें अपने देश का भी प्रतिनिधित्व करना है। भारत के सभी लोग आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं। उन्होंने कहा, 'अभी तक मुझे पता है कि मैं जिस ग्रुप में हूं, उसका नेतृत्व मेरे अच्छे दोस्त बैजयंत जय पांडा करेंगे। मुझे लगता है कि इसमें निशिकांत दुबे, फंगनन कोन्याक, रेखा शर्मा, सतनाम सिंह संधू और गुलाम नबी आजाद शामिल होंगे। मुझे लगता है कि हम जिन देशों में जाएंगे, वे हैं यूके, फ्रांस, बेल्जियम, जर्मनी, इटली और डेनमार्क।' मालूम हो कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने का भारत का संदेश लेकर 7 सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करेगा, जिनमें से चार प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व सत्तारूढ़ दलों के नेता, जबकि तीन की अगुवाई विपक्षी दलों के नेता करेंगे। recent visitors 56

आम आदमी पार्टी को दिल्ली में बड़ा झटका लगा, पार्टी के 13 निगम पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी को दिल्ली में बड़ा झटका लगा है। पार्टी के 13 निगम पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है। इन सभी ने नई पार्टी बनाने की घोषणा भी की है। पार्षदों ने इस्तीफे का ऐलान करते हुए आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर नगर निगम को ठीक से ना चला पाने का आरोप लगाया है। इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा है क जनता से किए गए वादे को पूरा न कर पाने के कारण हम पार्टी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। नई पार्टी का ऐलान पार्षदों ने नई पार्टी का ऐलान करते हुए कहा कि उनकी पार्टी का नाम इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी होगा और मुकेश गोयल को पार्टी का मुखिया चुना गया है। पार्षदों ने बताया कि हम सभी निगम पार्षद दिल्ली नगर निगम में वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी की टिकिट से चुने गए थे लेकिन 2022 में दिल्ली नगर निगम में सत्ता में आने के बावजूद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व दिल्ली नगर निगम को सुचारू रूप से चलाने में असमर्थ रहा। शीर्ष नेतृत्व का निगम पार्षदों से आपस में समन्वय न के बराबर रहा जिसके कारण पार्टी विपक्ष में आ गई। जनता से किए गए वादे को पूरा न कर पाने के कारण हम निम्नलिखित पार्षद पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, हम निगम पार्षद आज दिनांक 17-5-2025 को अपनी एक पार्टी बना रहे हैं जिसका नाम इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी होगा और उसके द्वारा लिए गए फैसलों पर पूर्ण सहमत्ति व्यक्त करते हैं। हम सभी मुकेश गोयल जी को अपने दल का नेता स्वीकार करते हैं। उन्होंने बताया कि आज हेमवंद गोयल जी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई जिसमें 13 निगम पार्षदों ने मुकेश गोयल जी को इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी का नेता चुना गया। इन 13 पार्षदों ने छोड़ी पार्टी जिन 13 पार्षदों ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया उनमें मुकेश गोयल, हिमानी जैन, देवेंद्र कुमार, राजेश कुमार लाडी, सुमन अनिल राणा और दिनेश भारद्वाज शामिल हैं। recent visitors 59

हिमंत सरमा कांग्रेस की लिस्ट में गौरव गोगोई का नाम देख भड़के, बोले- इनका पाकिस्तान से कनेक्शन

नई दिल्ली कांग्रेस ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का पक्ष दुनिया के सामने रखने के लिए विदेश भेजे जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल करने के लिए अपने चार सांसदों के नाम सरकार को भेज दिए हैं। इनमें असम से आने वाले गौरव गोगोई का भी नाम शामिल है। उनका नाम कांग्रेस की लिस्ट में देखकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सराम ने पलटवार किया है। सरमा ने ट्वीट कर कहा, "लिस्ट में शामिल सांसदों में से एक ने पाकिस्तान में अपने लंबे समय तक रहने से इनकार नहीं किया है। कथित तौर पर वह दो सप्ताह तक पाकिस्तान में रहे हैं। विश्वसनीय दस्तावेजों से पता चलता है कि उनकी पत्नी भारत में काम करते हुए पाकिस्तान स्थित एक NGO से वेतन ले रही थी।'' सरमा ने आगे कहा, ''राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में और दलगत राजनीति से परे, मैं लोकसभा के नेता राहुल गांधी से आग्रह करता हूं कि इस व्यक्ति को ऐसे संवेदनशील और रणनीतिक काम में शामिल न करें।" इससे पहले कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने यह जानकारी देते हुए बताया की पार्टी ने लोकसभा और राज्यसभा से दो-दो सदस्यों के नाम इस प्रतिनिधिमंडल मैं शामिल होने के लिए भेजें हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जिन सांसदों के नाम प्रतिनिधिमंडल के लिए भेजे हैं उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, राज्यसभा सांसद डॉ. सैयद नसीर हुसैन तथा राजा बरार शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कल सुबह संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से बात कर कांग्रेस से पाकिस्तान से आतंकवाद पर भारत के रुख को स्पष्ट करने के लिए विदेश भेजे जाने वाले प्रतिनिधिमंडलों के लिए पार्टी के चार सांसदों के नाम देने का आग्रह किया था। पार्टी ने कल दोपहर तक कांग्रेस की ओर से सरकार को नाम भेज दिए थे। सरकार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों समेत प्रमुख साझेदार देशों में इस महीने के अंत में सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजेगी जो पहलगाम आतंकवादी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के मद्देनजर आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने के भारत के संदेश को उन तक पहुंचाएंगे। संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल हर तरह के आतंकवाद का मुकाबला करने की भारत की राष्ट्रीय सहमति और दृढ़ दृष्टिकोण को सामने रखेंगे। वे आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने के देश के मजबूत संदेश को दुनिया के सामने लेकर जाएंगे।" सरकार ने प्रतिनिधिमंडल के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के ऐसे नेताओं का सोच समझ कर चयन किया है, जिन्हें मुखर माना जाता है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, कांग्रेस सांसद शशि थरूर, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के सांसद संजय झा, द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) की कनिमोई, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले और शिवसेना के श्रीकांत शिंदे सात अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करेंगे। इनमें से चार नेता सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से हैं, जबकि तीन विपक्षी ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन से हैं। सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल के करीब पांच देशों का दौरा करने की संभावना है। मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल में प्रतिष्ठित राजनयिक शामिल होंगे। बयान में कहा गया है, "ऑपरेशन सिंदूर और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की निरंतर लड़ाई के संदर्भ में, सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल इस महीने के अंत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों समेत प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करेंगे।" recent visitors 61

हेयर ट्रांसप्लांट करने वाली डॉक्टर अनुष्का ने इंजीनियर की मौत के बाद क्लीनिक बदलकर दूसरी जगह प्रैक्टिस करने लगी

लखनऊ हेयर ट्रांसप्लांट करने वाली डॉक्टर अनुष्का पांच महीने पहले तक आवास विकास रोड पर एक कार शोरूम के नीचे अपना क्लीनिक चला रही थी। इसी क्लीनिक पर अनुष्का ने फर्रुखाबाद के इंजीनियर मंयक का हेयर ट्रांसप्लांट किया था। ट्रांसप्लांट के 24 घंटे बाद मंयक की मौत हो गई थी। मंयक के परिजन लगातार क्लीनिक में जाकर डॉक्टर अनुष्का से संपर्क का प्रयास कर रहे थे। इसी से घबराकर अनुष्का क्लीनिक बदलकर दूसरी जगह प्रैक्टिस करने लगी थी। केशवपुरम में क्लीनिक चलाने वाली हेयर ट्रांसप्लांट डॉक्टर अनुष्का पर गलत इलाज के चलते पनकी पावर हाउस के सहायक अभियंता विनीत और फर्रुखाबाद के इंजीनियर मंयक की मौत का आरोप लगा है। फर्रुखाबाद निवासी मयंक कटियार ने 18 नवंबर को डॉक्टर अनुष्का से हेयर ट्रांसप्लांट कराया था। 24 घंटे बाद ही हालत बिगड़ने पर मयंक की मौत हो गई थी। छोटे भाई कुशाग्र ने बताया कि भाई की मौत के बाद वह लगातार डॉक्टर अनुष्का से संपर्क करते रहे। लेकिन उन्होंने पीड़ित पक्ष का मोबाइल नंबर ही ब्लॉक कर दिया था। क्लीनिक जाकर भी डॉक्टर अनुष्का से संपर्क का प्रयास किया गया। वहीं इस बवाल से घबराई डॉक्टर अनुष्का ने इस क्लिनिक को बदलकर पास में ही केशवपुरम इलाके में अपना नया क्लीनिक बना लिया। शुक्रवार को पुलिस की एक टीम डॉ. अनुष्का के पुराने क्लिनिक गई। जहां पर पुलिस टीम को ताला लटका मिला। साथ ही वहां पर डॉक्टर अनुष्का का बोर्ड लगा था। बिल्डिंग में मौजूद गार्ड ने पुलिस को बताया कि दो महीने से यहां पर कोई नहीं आया है। क्लीनिक का पूरा सामान भी यहां से शिफ्ट कर लिया गया है। कल्याणपुर एसीपी अभिषेक पांडे ने बताया कि आरोपित डॉक्टर की तलाश में दबिशें दी जा रही है। घटना से जुड़े सभी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। सीएमओ की रिपोर्ट भी इस घटना में महत्वपूर्ण साक्ष्य बनेंगी। सहायक अभियंता की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर अनुष्का ने अपनी पहचान छुपाते हुए विनीत की पत्नी जया को फोनकर मामले की जानकारी दी थी। इस मामले में जया ने भी डॉक्टर अनुष्का को फोन कर पूरी जानकारी ली थी। इस दौरान जया ने डॉक्टर अनुष्का पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खरी-खोटी भी सुनाई थी। जया और डॉ. अनुष्का के बीच हुई बातचीत के ऑडियो को भी पुलिस अपनी विवेचना में शामिल करेगी। बनारस में पुलिस की छापेमारी जारी रावतपुर पुलिस बनारस समेत कई स्थानों पर डॉक्टर अनुष्का की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। हालांकि अभी तक पुलिस डॉक्टर अनुष्का के करीब नहीं पहुंच सकी है। recent visitors 54

2019 में स्वीकृत 5.1 किमी फ्लाईओवर पर अब तक काम कब शुरू होगा, HC ने पीडब्ल्यूडी विभाग से जवाब तलब किया

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्याओं में से एक अंबेडकर चौक से अब्दुल हमीद चौक तक के मार्ग पर फ्लाईओवर निर्माण की योजना, जो वर्ष 2019 में स्वीकृत हुई थी, अब तक शुरू नहीं हो पाई है। इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court) ने कड़ा रुख अपनाया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी, शहरी विकास विभाग के सचिव और जबलपुर कलेक्टर समेत संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 2019 में मिली थी मंजूरी, 2024 तक सिर्फ बढ़ती गई लागत फ्लाईओवर की शुरुआती योजना 3.2 किलोमीटर लंबी थी, जिसकी लागत 186 करोड़ रुपए तय की गई थी। हालांकि, 2024 में इसकी लंबाई बढ़ाकर 5.1 किलोमीटर कर दी गई और बजट भी तीन गुना तक बढ़ाया गया, लेकिन धरातल पर अब तक कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। हाईकोर्ट ने इस देरी पर नाराजगी जताते हुए पूछा है कि जब स्वीकृति और बजट दोनों पहले ही तय हो चुके हैं, तो आखिर निर्माण कार्य शुरू क्यों नहीं हुआ? सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक इलाके में स्वीकृत है फ्लावर आपको बता दे की अंबेडकर चौक से लेकर अब्दुल हमीद चौक तक स्वीकृत यह फ्लाईओवर शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक है। अंबेडकर चौक से लेकर घमापुर चौक तक हर वक्त जाम की स्थिति लगी रहती है। उसके बावजूद यहां फ्लाईओवर ना बनना अपने आप में कई सवाल खड़ा करता है। जबकि यहां पर स्थानीय प्रतिनिधि से लेकर आम लोगों ने कई बार फ्लाईओवर की मांग की है। घंटों जाम में फंसते हैं लोग अंबेडकर चौक से घमापुर और अब्दुल हमीद चौक तक का इलाका जबलपुर का सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता है, जहां दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। ट्रैफिक की परेशानी से जूझ रहे स्थानीय लोगों ने कई बार फ्लाईओवर की मांग उठाई है। इसके बावजूद शासन और प्रशासन की उदासीनता से यह परियोजना केवल कागज़ों में ही सिमटी रह गई है। हाईकोर्ट की सख्ती से जागेगा सिस्टम? हाईकोर्ट (MP High Court) द्वारा अधिकारियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अब इस फ्लाईओवर प्रोजेक्ट पर कुछ ठोस कार्रवाई देखने को मिलेगी। यह मामला ना केवल एक शहरी विकास परियोजना से जुड़ा है, बल्कि यह जनता की रोजमर्रा की परेशानियों और शासन की जवाबदेही से भी सीधा संबंध रखता है। सात साल पुरानी मंजूरी के बावजूद अगर एक जरूरी फ्लाईओवर का काम शुरू नहीं हो पाया है, तो ऐसी व्यवस्था पर सवाल खड़े होना लाजिम है। recent visitors 43