वैष्णो देवी के यात्रियों के लिए खुशखबरी, कई महत्वपूर्ण सुविधाओं के लिए नहीं देना होगा कोई चार्ज

नई दिल्ली भारत में जब भी माता के दर्शन की बात होती है, तो सबसे पहले नाम आता है मां वैष्णो देवी का। जम्मू-कश्मीर के त्रिकुटा पर्वत पर स्थित ये धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सालभर देश के कोने-कोने से भक्त यहां मां के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। हालांकि, बहुत से श्रद्धालु यात्रा के खर्च को लेकर असमंजस में रहते हैं — खासकर वे जो सीमित बजट में होते हैं। कई बार लोग ये मान लेते हैं कि इस यात्रा पर जाने में बहुत ज्यादा खर्चा आएगा, इसलिए वो रुक जाते हैं। लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। अगर आप भी वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने की सोच रहे हैं, तो ये जानकर आपको खुशी होगी कि इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण सुविधाएं श्रद्धालुओं को बिल्कुल मुफ्त मिलती हैं। श्राइन बोर्ड और समाजसेवी संगठनों के सहयोग से ऐसी व्यवस्थाएं की गई हैं जिससे हर भक्त श्रद्धा और सम्मान के साथ अपनी यात्रा पूरी कर सके — वो भी बिना किसी भारी खर्च के। 1. रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त कई लोग यह सोचते हैं कि वैष्णो देवी यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जाता होगा। लेकिन ऐसा नहीं है। श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन कटरा में किया जाता है, और इसके लिए किसी प्रकार की कोई फीस नहीं देनी पड़ती। रजिस्ट्रेशन के बाद एक यात्रा कार्ड मिलता है, जिसे पहनकर श्रद्धालु यात्रा करते हैं। यह कार्ड न केवल पहचान का प्रमाण है, बल्कि श्रद्धालु की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी एक जरिया है। 2. फ्री में मिलता है भोजन देशभर से आने वाले भक्तों को यहां भोजन की चिंता नहीं करनी पड़ती। यात्रा मार्ग पर सेवा समितियों, धार्मिक संस्थाओं और श्राइन बोर्ड द्वारा कई स्थानों पर फ्री लंगर का आयोजन होता है। यहां भक्तों को गरम, ताजा और शुद्ध भोजन एकदम मुफ्त परोसा जाता है। सुबह-शाम भोजन की ये सेवा विशेष रूप से उन लोगों के लिए राहतभरी होती है जो सीमित संसाधनों के साथ यात्रा पर आते हैं।   3. रात के विश्राम के लिए भवनों की व्यवस्था यात्रा रात में भी जारी रहती है, और कई श्रद्धालु रात के समय थकान महसूस करते हैं — खासकर बुजुर्ग यात्री। ऐसे में उन्हें विश्राम की जरूरत होती है। कटरा से भवन तक, यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर विश्राम भवन बनाए गए हैं। ये स्थान पूरी तरह से मुफ्त होते हैं, जहां तीर्थयात्री रात में ठहर सकते हैं या दिन में कुछ समय आराम कर सकते हैं। इसके अलावा, जगह-जगह सिटिंग चेयर्स भी उपलब्ध हैं। 4. मुफ्त मेडिकल सुविधाएं यात्रा के दौरान अगर किसी तीर्थयात्री की तबीयत बिगड़ जाए, तो चिंता की कोई बात नहीं। माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। यात्रा मार्ग में मेडिकल सहायता केंद्र बने हुए हैं, जहां छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज तुरंत किया जाता है। यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्ग और बच्चों के लिए बेहद सहायक है। 5. स्नान और साफ-सफाई की व्यवस्था भी मुफ्त श्रद्धालु यह सोचते हैं कि भवन या कटरा में स्नान आदि के लिए शुल्क देना होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। श्राइन बोर्ड द्वारा स्थापित स्नानगृहों में यात्री पूरी तरह से फ्री में स्नान कर सकते हैं और खुद को ताजगी के साथ यात्रा के लिए तैयार कर सकते हैं। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो लंबी यात्रा के बाद भवन तक पहुंचते हैं। recent visitors 27

गोवा के पर्यटन उद्योग में इस साल की पहली तिमाही में पर्यटकों की संख्या में प्रभावशाली वृद्धि दर्ज

गोवा गोवा के पर्यटन उद्योग के लिए साल 2025 की शुरुआत बेहद शानदार रही है। राज्य के पर्यटन विभाग ने इस साल की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) में पर्यटकों की संख्या में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 10.5% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है। इस साल पहली तिमाही में 28,51,554 पर्यटक गोवा घूमने आए, जबकि 2024 की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 25,80,155 था। यह लगातार बढ़ती संख्या दर्शाती है कि गोवा अब सिर्फ एक पारंपरिक बीच डेस्टिनेशन नहीं रह गया है बल्कि एक वैश्विक, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और साल भर चलने वाला पर्यटन केंद्र बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस सफलता के पीछे गोवा सरकार के पर्यटन विभाग की तीन-स्तरीय रणनीति का अहम योगदान रहा है। इस रणनीति में प्रमुख और उभरते बाजारों में प्रचार को मजबूत करना, अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क को बढ़ाना और पर्यटन उत्पादों में विविधता लाना शामिल है। हवाई संपर्क का विस्तार, नए बाजारों तक पहुंच गोवा सरकार ने रणनीतिक विमानन साझेदारियों पर विशेष ध्यान दिया है जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस जो पहले से ही दुबई से सीधी उड़ानें संचालित कर रही थी अब गोवा को सीधे कुवैत और अबू धाबी से भी जोड़ रही है। यह विस्तार खाड़ी देशों के विमानन भागीदारों के साथ लगातार बातचीत और मध्य-पूर्व के ट्रांजिट बाजारों को लक्षित करने के प्रयासों का ही नतीजा है। राज्य सरकार इस दिशा में केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। वैश्विक स्तर पर प्रचार और व्यापारिक साझेदारी गोवा पर्यटन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। इसने डब्ल्यूटीएम लंदन, आईटीबी एशिया (सिंगापुर), ताशकंद अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मेला और हाल ही में दुबई में आयोजित अरेबियन ट्रैवल मार्केट (ATM) 2025 जैसे प्रमुख वैश्विक आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लिया है। डब्ल्यूटीएम लंदन में गोवा ने भारत सरकार की 'चलो इंडिया ग्लोबल डायस्पोरा इनिशिएटिव' में हिस्सा लिया जिसका उद्देश्य प्रवासी भारतीयों को अपने विदेशी मित्रों को भारत आने के लिए प्रेरित करना है। यह पहल गोवा की उस रणनीति के अनुरूप है जिसके तहत वैश्विक स्तर पर उच्च-मूल्य और सांस्कृतिक रूप से जुड़े यात्रियों को आकर्षित किया जा रहा है। अरेबियन ट्रैवल मार्केट दुबई में भारत के महावाणिज्यदूत और क्षेत्रीय पर्यटन हितधारकों के साथ उच्च-स्तरीय बैठकों ने यूएई और भारत के बीच एक दीर्घकालिक पर्यटन पुल की नींव रखी है। इन बैठकों में गोवा को न केवल अवकाश यात्रा बल्कि सांस्कृतिक, वेलनेस और पारिवारिक पर्यटन के लिए भी एक प्रीमियम प्रवेश द्वार के रूप में प्रस्तुत किया गया।   समुद्र तटों से आगे साल भर के अनुभव गोवा अब खुद को एक ऐसे केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है जो पर्यटकों को विविध प्रकार के अनुभव प्रदान करता है। इसमें 'एकादश तीर्थ' आध्यात्मिक सर्किट, वेलनेस और आयुर्वेद रिट्रीट, ग्रामीण पर्यटन और मानसून पैकेज जैसी पहलें शामिल हैं। ये विशेष रूप से पर्यावरण के प्रति जागरूक यात्रियों, डिजिटल घुमंतुओं और ऑफ-सीजन में घरेलू पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। खासकर मध्य-पूर्वी बाजारों में मानसून यात्रा को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। दीप पर्व, रापणकाराचो सी फूड फेस्टिवल, चिखल कालो, साओ जोआओ, फेस्टाविस्टा और 'स्पिरिट ऑफ गोवा' व 'हेरिटेज फेस्टिवल' जैसे सांस्कृतिक आयोजनों ने स्थानीय समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा दिया है और समुद्र तटों से परे अनुभवात्मक पर्यटन को मजबूती दी है। मौसम की अनिश्चितताओं के बीच उद्योग संवाद आमतौर पर अप्रैल में ईस्टर के बाद पर्यटकों की संख्या में कमी आती है लेकिन मई में स्कूलों की छुट्टियों और घरेलू अवकाश यात्रा के कारण सुधार देखा जाता है। हालांकि वर्तमान क्षेत्रीय अनिश्चितताओं के कारण भविष्य की मांग पर कुछ असर पड़ सकता है। इसके जवाब में पर्यटन विभाग ने होटल, परिवहन, यात्रा सेवा और वैकल्पिक आवास क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की हैं ताकि मई-जुलाई की बुकिंग के रुझानों की समीक्षा की जा सके और किसी भी संभावित मंदी से निपटने के उपाय तलाशे जा सकें। इन चर्चाओं का उद्देश्य लचीलापन बढ़ाना, संयुक्त प्रचार को बढ़ावा देना और आगामी सीजन के लिए उद्योग का तालमेल सुनिश्चित करना है।   recent visitors 22

बीजेपी ने नागपुर महानगर की जिम्मेदारी दयाशंकर तिवारी को सौंपी, कौन बनेगा मुंबई बीजेपी चीफ?

मुंबई महाराष्ट्र बीजेपी संगठन चुनावों को गति देते हुए मुंबई समेत 58 जिला अध्यक्षों का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने नागपुर महानगर की जिम्मेदारी दयाशंकर तिवारी को सौंपी है। इसी प्रकार पार्टी ने मीरा भाईंदर में दिलीप जैन को पार्टी की कमान दी है। पार्टी ने कल्याण में नंदु परब और उल्लासनगर में राजेश वधारिया को अध्यक्ष बनाया है। पुणे शहर में जिला अध्यक्ष का पद धिरज घाटे को दिया है। महाराष्ट्र में प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी अभी राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के पास है। पार्टी ने पूर्व मंत्री रवींद्र चव्हाण को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। उन्हें ही बावनकुले के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है। महाराष्ट्र बीजेपी के 58 जिला अध्यक्षों की लिस्ट देखें। कौन बनेगा मुंबई बीजेपी चीफ? जिला अध्यक्षों के ऐलान के बाद अब मुंबई अध्यक्ष को लेकर चर्चा शुरू हो गई है क्यों प्रदेश प्रमुख बावनकुले की तरह ही आशीष शेलार अब मंत्री है। ऐसे में एक व्यक्ति-एक पद के हिसाब से किसी नए व्यक्ति को कमान सौंपेगी। ऐसे में जब आगे बीएमसी के चुनाव होने हैं तब मुंबई प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक और क्रिकेट प्रशासक के तौर पर सक्रिय आशीष शेलार अगस्त, 2022 में मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष बने थे। आशीष शेलार ने तब मंगल प्रभात लोढ़ा को रिप्लेस किया था। मंगल प्रभात लोढ़ा भी महायुति 2.0 सरकार में मंत्री हैं। क्या संजय उपाध्याय बनेंगे चीफ? कांग्रेस में मुंबई प्रदेश अध्यक्ष की कमान डॉ. वर्षा गायकवाड़ के हाथों में है। पार्टी ने अभी तक वर्षा गायकवाड़ को हटाने के संकेत नहीं दिए हैं। अब देखना यह है कि बीजेपी बीएमसी चुनावों से पहले कौन सा दांव खेलती है? राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि संजय उपाध्याय को भी फडणवीस अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे सकते हैं। संजय उपाध्याय पूर्व में मुंबई बीजेपी से महासचिव भी रह चुके हैं। इसके अलावा अमित साटम, अतुल भातखलकर और पराग अलवानी के नाम चर्चा में हैं। देवेंद्र फडणवीस के सीएम बनने के बाद बीजेपी की नजर मुंबई में अपना मेयर बनाने पर है। बीजेपी ने विधानसभा चुनावों में 132 सीटें जीती थीं। recent visitors 48

नए कप्तान की कठिन परीक्षा होगी, क्योंकि भारत को जून में इंग्लैंड दौरे पर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलना है

नई दिल्ली रोहित शर्मा के टेस्ट रिटायरमेंट के बाद सिलेक्शन कमेटी के सामने नया कप्तान चुनने की चुनौती है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, बल्लेबाज शुभमन गिल और विकेटकीपर ऋषभ पंत कप्तानी की रेस में सबसे आगे हैं। नए कप्तान की कठिन परीक्षा होगी क्योंकि भारत को जून में इंग्लैंड दौरे पर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए जाना है। ऐसे में पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने सिलेक्शन कमेटी को तगड़ा सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि बुमराह को ऑटोमैटिकली भारतीय टेस्ट टीम का कप्तान बनना चाहिए। गावस्कर ने स्पोर्ट्स तक से कहा, ''मुझे लगता है कि सिलेक्शन कमेटी को जसप्रीत बुमराह से बात करनी चाहिए। कमेटी को उनसे पूछना चाहिए कि आप क्या चाहते हैं? अगर बुमराह ने कहा कि वह कप्तानी के लिए तैयार हैं तो फिर उन्हें कप्तान बनाया जाना चाहिए। वह फिलहाल भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान हैं। ऑटोमैटिकली उनको कप्तानी मिलनी चाहिए। सिलेक्शन कमेटी बुमराह से पूछे कि 6 हफ्तों में पांच टेस्ट मैच होने हैं और क्या आप कर पाएंगे?'' बता दें कि 31 वर्षीय बुमराह ने अभी तक तीन टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की है। उनके साथ फिटनेस की समस्या रही है। बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में पर्थ में कप्तानी करते हुए भारत को 295 रनों से जीत दिलाई थी। वह प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। उन्होंने पांचवें और आखिरी टेस्ट में रोहित के बाहर होने पर भी कमान संभाली थी लेकिन पीठ की परेशानी के कारण पूरा मैच नहीं खेल सके। इसके बाद, वह अनफिट होने के कारण तीन महीने भारतीय टीम से बाहर रहे और आईपीएल 2025 में वापसी की। हाल ही में स्काई स्पोर्ट्स की रिपोर्ट में दावा किया गया कि बुमराह ने वर्कलोड को देखते हुए कप्तानी से दूर रहने का फैसला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, बुमराह ने भारत का अगले टेस्ट कप्तान बनने से इनकार कर दिया, जिसके बाद गिल और पंत इस दौड़ में सबसे आगे हैं। रोहित के बाद बुमराह कप्तानी के लिए पसंदीदा खिलाड़ी थे लेकिन कार्यभार के कारण वह सीरीज के सभी मैचों में नहीं खेलना चाहते। बुमराह के इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों में खेलने की संभावना कम है और चयनकर्ता ऐसे कप्तान को प्राथमिकता देंगे जो पूरी सीरीज में लगातार खेल सके।   recent visitors 39

पिछले दो दिनों से निकोबार द्वीपों में हल्की से भारी बारिश हो रही, समय से पहले मानसून ने दी दस्तक

नई दिल्ली भारतीय मौसम विभान ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को अंडमान-निकोबार द्वीप, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में समय से पहले दस्तक दी है। जहां पिछले दो दिनों से निकोबार द्वीपों में हल्की से भारी बारिश हो रही है। साथ ही इलाके में तेज पश्चिमी हवाएं चल रही हैं और घने बादल भी बने हुए रहे हैं, जिसके बाद इन सब संकेतों से मौसम विभाग ने इसे मानसून की शुरुआत घोषित की है।   खाड़ी में हवाओं की रफ्तार बढ़ी मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में पश्चिमी हवाओं की ताकत और गहराई बढ़ गई है। 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर हवाओं की रफ्तार 20 नॉट्स (लगभग 37 किमी/घंटा) से ज्यादा रही और कुछ क्षेत्रों में यह 4.5 किमी तक फैली रही। अब इन जगहों पर पहुंच सकता है मानसून स्थिति को देखते हुए अब मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 3-4 दिनों में मानसून दक्षिण अरब सागर, मालदीव, कोमोरिन क्षेत्र, बाकी अंडमान-निकोबार द्वीप, अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के और हिस्सों में पहुंच सकता है। यानि अब देश में धीरे-धीरे मानसून की दस्तक शुरू हो गई है और जल्द ही दक्षिण भारत में बारिश बढ़ सकती है। मानसून की शुरुआत, किसानों के लिए राहत कैसे? मौसम विभाग के अनुसार मानसून की शुरुआत हो चुकी है, जिसके बाद अब धीरे-धीरे यह देश के बाकी हिस्सों की तरफ बढ़ेगी। इससे दक्षिण भारत और उसके बाद पूर्वी और मध्य भारत में बारिश का मौसम शुरू हो जाएगा। देखा जाए तो यह किसानों, खासकर खरीफ फसल की बुआई की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। मामले में मौसम विभाग ने बताया कि हम लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं और समय-समय पर आगे की जानकारी देते रहेंगे। recent visitors 36

दमोह में दिल दहला देने वाली घटना, बाप ने तीन बेटियों के साथ खाया जहर, चारों की मौत, वजह की जांच कर रही पुलिस

 दमोह मंगलवार सुबह पति विनोद अपनी तीनों बेटियों को समोसा खिलाने ले गया। कुछ देर बाद गांव के एक व्यक्ति ने आकर बताया कि दामाद और तीनों बच्चियां तालाब के पास बेहोश पड़े हैं। परिजन तालाब के पास पहुंचे, उनके मुंह से झाग निकल रहा था। चारों को इलाज के लिए हटा सिविल अस्पताल लाया गया। जहां ड्यूटीरत डॉक्टर आरपी कोरी, डॉक्टर अमन श्रीवास्तव, डॉक्टर मनीष ने हरियाणा निवासी विनोद जाट (कंसोरिया) बेटी महक दो वर्ष, खुशबू चार वर्ष को मृत घोषित कर दिया और सात वर्षीय बेटी खुशी की हालत गंभीर होने पर दमोह जिला अस्पताल रेफर किया।  जहां जिला अस्पताल में इलाज के दौरान चौथी बच्ची की भी मौत हो गई। घटना काफी बड़ी है, लेकिन परिजन कुछ बताने तैयार नहीं हैं। पत्नी जूली ने सिर्फ इतना कहा कि पति-पत्नी का विवाद था, लेकिन क्या विवाद था यह नहीं बताया। पति और तीनों बेटियों की मौत के बाद पत्नी कुछ बोलने की हालत में नहीं है। हटा में तीनों के शव को रखा गया है और दमोह में मृत हुई बेटी के शव को भी हटा भेजा गया है। जहां चारों का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। हटा एसडीओपी प्रशांत सुमन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, जिला अस्पताल पहुंचे दमोह सीएसपी अभिषेक तिवारी ने बताया कि परिजनों के बताए अनुसार पिता और तीन बच्चियों की मौत किसी जहरीले पदार्थ को खाने से हुई है। मामले की जांच की जा रही है, अभी वह कुछ बोलने की हालत में नहीं हैं।   recent visitors 25

पाक विदेश मंत्री ने कहा- यदि सिंधु जल समझौते का मसला हल नहीं हुआ तो फिर सीजफायर नहीं चल पाएगा

इस्लामाबाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार का कहना है कि हमने भारत के खिलाफ परमाणु हथियार तैनात करने के बारे में विचार नहीं किया था। इशाक डार ने मीडिया से बातचीत में डींगे हांकते हुए कहा कि हम भारत से जमीन और आसमान दोनों ही जगहों पर मुकाबला करने में सक्षम हैं, जबकि पाकिस्तानी सेना ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद बने जंग जैसे हालात में बुरी तरह मार खाई है। उन्होंने कहा कि हमने कभी भी भारत के खिलाफ परमाणु हथियारों की तैनाती पर विचार नहीं किया। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे गंभीर हालात बनते हैं कि आपको कुछ फैसले लेने पड़ते हैं, लेकिन हम बिना परमाणु हथियारों को तैनात किए ही तनाव से निपटने में सक्षम हैं। यही नहीं इशाक डार ने एक और गीदड़भभकी देते हुए कहा कि यदि सिंधु जल समझौते का मसला हल नहीं हुआ तो फिर भारत और पाकिस्तान के बीच लागू हुआ सीजफायर खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाली अगली मीटिंग में इस पर बात होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जल समझौते का मसला हल नहीं हुआ तो फिर यह जंग वाली हरकत मानी जाएगी। यही नहीं पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का मुद्दा क्षेत्रीय शांति के लिए महत्वपूर्ण है। डार ने कहा कि यदि कश्मीर के मसले का हल नहीं होगा तो फिर स्थायी शांति भी मुश्किल होगी। पाकिस्तानी मंत्री के बयान से साफ है कि सिंधु जल समझौते को रोका जाना उसे बहुत अखर रहा है। दरअसल पाकिस्तान में पंजाब से लेकर सिंध तक सिंधु नदी का जल खेतों की सिंचाई से लेकर पेयजल तक के लिए महत्वपूर्ण है। फिलहाल भारत ने सिंधु जल समझौते को रोकने का ही ऐलान किया है और इसका कोई असर जमीन पर नहीं है। लेकिन भारत सरकार ने जिस तरह से पनबिजली परियोजनाओं पर डैम के निर्माण में तेजी लाने के प्रयास शुरू किए हैं, उससे पाक में आशंकाओं का दौर है। पाकिस्तानियों को लगता है कि भारत यदि सिंधु का जल मोड़ने में सफल रहा तो उन्हें पीने के पानी से लेकर फसलों तक का संकट झेलना होगा। यही वजह है कि पहले से ही पाकिस्तानी धमकियां देने पर उतारू हो गए हैं।   recent visitors 35