युद्ध आखिरी चीज होनी चाहिए, जिसका हमें सहारा लेना चाहिए, यही कारण है कि हमारे प्रधानमंत्री ने कहा कि यह युद्ध का युग नहीं है: नरवणे

पुणे पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Manoj Mukund Naravane) ने भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही जंग को रोकने पर उठ रहे सवालों की निंदा करते हुए कहा कि युद्ध रोमांटिक नहीं है और यह कोई बॉलीवुड फिल्म नहीं है.  पुणे में एक कार्यक्रम में बोलते हुए नरवणे ने कहा, "अगर आदेश दिया गया तो वह युद्ध के लिए तैयार हैं, लेकिन कूटनीति उनकी पहली पसंद होगी. सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों में आघात है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं जिन्होंने गोलाबारी देखी है और रात में आश्रयों की ओर भागना पड़ता है. उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके लिए यह हमेशा के लिए एक दुख हो गया. PTSD (पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर) नामक एक और बीमारी भी है. जिन लोगों ने भयानक दृश्य देखे हैं, वे 20 साल बाद भी पसीने से तरबतर हो उठते हैं और उन्हें मनोचिकित्सक की ज़रूरत होती है." 'यह मेरी पहली पसंद नहीं…' इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व सेना प्रमुख पहुंचे थे और वहां पर उन्होंने यह स्पीच दी. उन्होंने कहा, "युद्ध रोमांटिक नहीं है, यह आपकी बॉलीवुड फिल्म नहीं है, यह बहुत गंभीर मामला है. युद्ध या हिंसा आखिरी चीज होनी चाहिए, जिसका हमें सहारा लेना चाहिए, यही कारण है कि हमारे प्रधानमंत्री ने कहा कि यह युद्ध का युग नहीं है. हालांकि, नासमझ लोगों द्वारा हम पर युद्ध थोपा जाएगा, लेकिन हमें इसका स्वागत नहीं करना चाहिए." पूर्व भारतीय सेना प्रमुख ने कहा, "फिर भी, लोग पूछ रहे हैं कि हमने पूरी तरह से युद्ध क्यों नहीं किया. एक सैन्य व्यक्ति के रूप में, अगर आदेश दिया जाता है, तो मैं युद्ध में जाऊंगा, लेकिन यह मेरी पहली पसंद नहीं होगी." मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा कि मेरी पहली पसंद कूटनीति होगी, बातचीत के ज़रिए मतभेदों को सुलझाना और सशस्त्र संघर्ष के दौर तक नहीं पहुंचना. हम सभी राष्ट्रीय सुरक्षा में समान हितधारक हैं. हमें न केवल देशों के बीच, बल्कि अपने बीच के मतभेदों को सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए, चाहे वे परिवारों में हों या राज्यों, इलाकों और समुदायों के बीच. हिंसा इसका जवाब नहीं है." पहलगाम आतंकी हमले के प्रतिशोध में भारत ने 7 मई की सुबह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सात आतंकी ढांचों को नष्ट करने के लिए 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया. भारत और पाकिस्तान ने शनिवार को ज़मीन, हवा और समुद्र पर सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाइयों को रोकने के लिए एक समझौते पर पहुंचने का ऐलान किया.   recent visitors 38

BLA ने भारत से पाकिस्तान के परमाणु खतरों को रोकने के कोशिशों का समर्थन करने की गुजारिश की

नई दिल्ली बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने क्षेत्रीय बदलाव की चेतावनी देते हुए कहा है कि साउथ एशिया में 'एक नई व्यवस्था जरूरी हो गई है.' इसने विदेशी प्रॉक्सी होने के दावों को खारिज कर दिया है. ग्रुप ने खुद को आने वाले वक्त में इलाके की एक गतिशील और निर्णायक पार्टी करार दिया है. इसके अलावा, बीएलए ने दावा किया कि उसने पाकिस्तानी सैन्य और खुफिया साइट्स को निशाना बनाते हुए कब्जे वाले बलूचिस्तान में 51 से ज्यादा जगहों पर 71 हमले किए. बीएलए ने कहा, "हम इस बात को मजबूती के साथ खारिज करते हैं कि बलूच राष्ट्रीय प्रतिरोध किसी राज्य या शक्ति का प्रतिनिधि है. बीएलए न तो मोहरा है और न ही मूक दर्शक. इलाके के मौजूदा और भविष्य के सैन्य, राजनीतिक और रणनीतिक गठन में हमारी अपनी सही जगह है और हम अपनी भूमिका के बारे में पूरी तरह से सचेत हैं." बीएलए ने पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए आतंकवाद को बढ़ावा देते हुए भ्रामक शांति बयानबाजी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. भारत को सीधे संबोधित करते हुए बीएलए ने कहा, "पाकिस्तान की तरफ से शांति, युद्ध विराम और भाईचारे की हर बात महज एक धोखा, जंग की रणनीति और एक अस्थायी चाल है." इसमें कहा गया है, "यह एक ऐसा राज्य है, जिसके हाथ खून से रंगे हैं और जिसका हर वादा खून से लथपथ है." 51 से ज़्यादा जगहों पर हमला बीएलए ने एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए दावा किया कि उसने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों के खिलाफ़ बड़े पैमाने पर हमला किया है. बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच के मुताबिक, "इस हफ्ते की शुरुआत में भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव के चरम पर रहा. बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सेना के लिए एक और मोर्चा खोल दिया, क्योंकि इसने कब्जे वाले बलूचिस्तान में 51 से ज़्यादा जगहों पर 71 हमले किए, जो कई घंटों तक चले." टारगेट्स में सैन्य काफिले, खुफिया केंद्र और खनिज परिवहन वाहन शामिल थे. बलूच ने कहा, "इन हमलों का मकसद केवल दुश्मन को खत्म करना नहीं था, बल्कि आने वाले वक्त में मजबूत जंग के लिए तैयारी को ठोस करने के लिए सेना की तैयारी, जमीनी कंट्रोल और डिफेंस स्थिति को जांचना था." बीएलए ने पाकिस्तान की सेना और खुफिया संस्था आईएसआई पर भी आरोप लगाया और इसे आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली जगह बताया. बयान में कहा गया, "पाकिस्तान न सिर्फ ग्लोबल आतंकवादियों को बढ़ावा देने की जगह है, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और आईएसआईएस जैसे घातक आतंकवादी समूहों के राज्य प्रायोजित विकास का केंद्र भी रहा है. आईएसआई इस आतंकवाद के पीछे का नेटवर्क है. पाकिस्तान हिंसक विचारधारा वाला परमाणु राज्य बन गया है."   recent visitors 24

ग्वालियर में अब तक 1250 से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑफलाइन पंजीयन कराए

ग्वालियर बाबा बर्फानी की पवित्र अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra 2025) 3 जुलाई से शुरू होगी। 9 अगस्त को पूरी होगी। भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव (Bharat Pak Tanav) के बावजूद श्रद्धालुओं (Devotees) में इस बार 38 दिनों तक चलने वाली तीर्थयात्रा को लेकर खासा उत्साह है। ग्वालियर की नया बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में अब तक 1250 से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑफलाइन पंजीयन कराए हैं। इस बार भी यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के जत्थे भी जाएंगे। उनका मानना है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था के बलबूते ही इस बार बाबा बर्फानी के दर्शन होंगे। प्रदेश से 40 हजार जाते हैं अमरनाथ बाबा बर्फानी हर हर महादेव समिति के संरक्षक महेंद्र भदकारिया और भरत ढींगरा ने बताया, मध्यप्रदेश से हर साल करीब 35 से 40 हजार श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा पर जाते हैं। इनमें ग्वालियर से ही 7 से 8 हजार लोग रहते हैं। इस बार सरहद पर तनाव से संख्या कम हो सकती है, लेकिन उत्साह भी बरकरार है। 15 अप्रेल से जारी है पंजीयन अमरनाथ यात्रा के लिए 15 अप्रेल को पंजीयन शुरू हुआ तो पंजाब नेशनल बैंक शाखा में कड़ी धूप में भी लंबी-लंबी कतारें देखी गईं। मैनेजर अमित सिंह ने बताया, पहलगाम आतंकी हमला व हालिया परिस्थितियों के मद्देनजर पंजीयन में कमी आई है। अब काफी कम लोग पंजीयन के लिए आ रहे हैं। 450 लोग दर्शन के लिए जाएंगे बम बम भोले सेवादल के संयोजक डॉ.संजय पांडे ने बताया, ये हमारे ग्रुप की 25वीं यात्रा होगी। पिछले वर्ष ग्रुप के साथ 428 यात्रियों ने बाबा के दर्शन किए थे। यात्रियों में बनारस, गोवा, गोरखपुर, दिल्ली, मैनपुरी, मुम्बई एवं ग्वालियर-चम्बल संभाग के यात्री थे। इस वर्ष 450 लोग दर्शन के लिए जाएंगे। 2 जुलाई को ग्वालियर से यात्रा शुरू होगी। recent visitors 28

दुर्घटना में बैंककर्मी की मौत, कोर्ट ने मृतक के परिवार को 83 लाख का मुआवजा देने के दिए आदेश

भोपाल  एक सड़क हादसे में बैंक कर्मचारी रोहित ठाकुर की मौत हो गई थी। कोर्ट ने इस मामले में मृतक के परिवार को 83 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह हादसा दो साल पहले रातीबढ़ इलाके में हुआ था। रोहित ठाकुर 4 जून 2023 को अपनी बाइक से जा रहे थे, तभी एक ऑटो ने उन्हें टक्कर मार दी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। कोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनी को यह मुआवजा राशि देने का आदेश दिया है। 30 हजार महीने कमाते थे रोहित रोहित ठाकुर एक सरकारी बैंक में काम करते थे। वह हर महीने 30 हजार रुपये कमाते थे। उनके परिवार ने कोर्ट में मुआवजे के लिए अर्जी दी थी। कोर्ट ने सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया है। यह घटना रातीबड़ थाने के इलाके में हुई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच में पता चला कि ऑटो चालक की लापरवाही से यह हादसा हुआ। इसी कमाई से करते थे परिवार का भरण-पोषण कोर्ट के अनुसार, रोहित ठाकुर एक्सीडेंट से पहले पूरी तरह स्वस्थ थे। वह एक सरकारी बैंक में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। उनकी मासिक आय 30 हजार रुपये थी। वह इस कमाई से अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी मृत्यु के बाद, परिवार ने मुआवजे के लिए कोर्ट में आवेदन किया। 83 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान स्वयं प्रकाश दुबे, जो कि 21वें सदस्य हैं और मोटर दुर्घटना अधिकरण के सदस्य हैं, उन्होंने बीमा कंपनी को मृतक के परिवार को 83 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। रोहित ठाकुर 4 जून 2023 को भदभदा से नीलबढ़ की ओर जा रहे थे। भदभदा चौकी से सूरज नगर की ओर जाने वाली सड़क पर, ऑटो क्रमांक MP-04-RB-6065 ने पीछे से रोहित की बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में रोहित गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां अगले दिन उनकी मौत हो गई। रातीबढ़ थाने में इस मामले को मर्ग के रूप में दर्ज किया गया था। पत्नी और बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़ रोहित के परिवार में उनकी पत्नी और बच्चे हैं। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। परिवार ने कोर्ट से इंसाफ की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने सभी बातों को ध्यान में रखते हुए परिवार को मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनी को जल्द से जल्द मुआवजा राशि देने का आदेश दिया है। इससे परिवार को कुछ राहत मिलेगी। recent visitors 34

AICC ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के चीफ सचिन राव और एमपी कांग्रेस के प्रशिक्षण विभाग द्वारा ये ट्रेनिंग कैम्प आयोजित किया जाएगा

भोपाल चुनावों में हार और दलबदल के बाद अब कांग्रेस अपने कैडर मैनेजमेंट पर फोकस कर रही है। अपने सभी विधायकों, जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों, विधानसभा प्रभारियों को अब कांग्रेस आवासीय प्रशिक्षण देगी। ट्रेनिंग कैम्प में प्रशिक्षण लेने वाले विधायकों, जिला अध्यक्षों सहित सभी नेताओं को एक निश्चित राशि बतौर पार्टी के पास जमा करनी होगी। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी(AICC) ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के चीफ सचिन राव और एमपी कांग्रेस के प्रशिक्षण विभाग द्वारा ये ट्रेनिंग कैम्प आयोजित किया जाएगा। पार्टी के इतिहास से लेकर एआई को समझाएंगे बीते 7 मई को भोपाल में एमपी कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के साथ हुई बैठक में ये तय हुआ है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को आइडियोलॉजी के आधार पर जोड़ने के लिए विधायकों, जिलाध्यक्षों, प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर ब्लॉक, मंडलम, सेक्टर और बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिए जाएं। सबसे पहले होने वाली ट्रेनिंग में कांग्रेस पार्टी के इतिहास, राजनीतिक सफरनामे से लेकर वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में बताया जाएगा। फेक और फैक्ट को कैसे पहचानें कांग्रेस ने ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया है। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को ये बताया जाएगा कि वर्तमान में एआई के युग में फेक न्यूज और कंटेंट और फैक्ट को कैसे पहचानें। विरोधी दल द्वारा सोशल मीडिया पर किए जाने वाले दुष्प्रचार को रोकने के तौर तरीके भी बताए जाएंगे। मोबाइल मैनेजमेंट से लेकर चुनाव प्रबंधन सिखाएंगे कांग्रेस का मानना है कि सार्वजनिक जीवन में व्यक्ति के व्यवहार और काम करने के तौर तरीके का कार्यकर्ताओं और आम जनता पर बड़ा असर पड़ता है। ट्रेनिंग में मोबाइल मैनेजमेंट, मीडिया और सोशल मीडिया मैनेजमेंट भी सिखाया जाएगा। प्रशिक्षण विभाग से जुडे़ एक सदस्य ने बताया कि कई नेता अपने वॉट्सऐप पर रीड रिसिप्ट ऑन किए रहते हैं। ऐसे में जब कोई वॉट्सऐप पर मैसेज भेजता है तो यह पता नहीं चलता कि मैसेज देखा या नहीं? नेताओं के वॉट्सऐप पर प्रोफाइल फोटो, बायो पब्लिक होना चाहिए। एक्सपर्ट्स देंगे ट्रेनिंग कांग्रेस विधायकों, जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विधानसभा प्रभारियों को ट्रेनिंग देने के लिए देश भर के अलग-अलग सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स बुलाए जाएंगे। दो दिनों में करीब सात-आठ सत्रों में अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। recent visitors 42

गांधी परिवार पर आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए दिग्विजय सिंह के भाई को मिला नोटिस

भोपाल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद 25 अप्रैल को कांग्रेस नेता लक्ष्मण सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर हमला बोला था। लक्ष्मण सिंह मध्य प्रदेश के राजगढ़ से सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा इनकी एक और पहचान है, लक्ष्मण सिंह कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के छोटे भाई हैं। कांग्रेस ने कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा है कि राहुल गांधी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाकर की गई उनकी अपमानजनक टिप्पणी ने सारी हदें पार कर दी हैं। राहुल गांधी पर की थी टिप्पणी 25 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक शोक सभा के दौरान लक्ष्मण सिंह ने कहा था कि "राहुल गांधी और रॉबर्ट वाद्रा बहुत नादान हैं। देश उनकी अपरिपक्वता के परिणामों को भुगत रहा है।" सिंह को पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति (DAC) के सदस्य सचिव तारिक अनवर ने नौ मई को नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया, "आपके द्वारा बार-बार सार्वजनिक रूप से दिए गए बयानों के संबंध में कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महासचिव हरीश चौधरी की ओर से एक शिकायत मिली है…सार्वजनिक बयानबाजी से पार्टी की छवि और गरिमा को गंभीर नुकसान पहुंचा है।" मांगा गया है स्पष्टीकरण नोटिस में ये भी कहा गया है, "आपके हालिया बयान, खासकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी ने सारे हदें पार कर दी हैं…आपको कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है और नोटिस मिलने की तारीख से 10 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया जाता है।" उमर अब्दुल्ला पर भी साधा था निशाना पूर्व लोकसभा सदस्य एवं पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह भारतीय जनता पार्टी में भी रह चुके हैं। उन्होंने 25 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर भी निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी आतंकवादियों के साथ मिलीभगत हो सकती है। पार्टी से निकाले जा सकते हैं सिंह रॉबर्ट वाड्रा पर सिंह ने यह कहा था कि "रॉबर्ट वाड्रा का यह बयान कि मुस्लिमों को सड़क पर नमाज अदा नहीं करने देने के कारण आतंकवादियों ने हमला किया, न सिर्फ गैर जिम्मेदाराना है बल्कि ऐसा बयान भी है जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है। मैं यह सब कैमरे के सामने कह रहा हूं, ताकि कोई भी भ्रमित न हो। कांग्रेस बोलने से पहले 10 बार सोचे, नहीं तो चुनाव में जनता जवाब दे देगी।" संपर्क किए जाने पर राज्य में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न उजागर करने की शर्त पर कहा कि पार्टी में लक्ष्मण सिंह के गिनती के दिन बचे हैं। recent visitors 42

खेलों में नई क्रांति: सरकार ने दोगुना किया खेल बजट, विधानसभा स्तर पर बनेंगे अत्याधुनिक मैदान – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

New revolution in sports: Government has doubled the sports budget, ultra-modern grounds will be built at Vidhan Sabha level – Chief Minister Dr. Mohan Yadav भोपाल ! New revolution in sports मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षीरसागर स्टेडियम, उज्जैन में आयोजित अखिल भारतीय फिरोजिया ट्रॉफी 2025 के समापन समारोह में खेलों के क्षेत्र में सरकार की दूरदर्शी नीति की घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेल बजट को दोगुना कर दिया है। साथ ही, ओलंपिक पदक विजेताओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए करने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अत्याधुनिक खेल मैदानों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जहाँ खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेल अब केवल मनोरंजन या प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शिक्षा नीति का एक अभिन्न हिस्सा होंगे। खेल प्रशिक्षकों और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासन में महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी। खेलों से राष्ट्रीय गौरव का निर्माण New revolution in sports मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, “खेल केवल शरीर को नहीं, बल्कि चरित्र को भी गढ़ते हैं। प्राचीन भारत में खेलों को पुरुषार्थ का प्रतीक माना गया, और आज हम उसी भावना को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर पुनर्जीवित कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड जल्द ही बनकर तैयार होगा, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को वैश्विक मंच तक पहुँचने का अवसर मिलेगा। खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं समापन समारोह में इंदौर और ओडिशा की टीमों के बीच हुए फाइनल मैच के अवसर पर मुख्यमंत्री ने दोनों टीमों को खेल भावना से खेलने की प्रेरणा दी और आशा जताई कि उज्जैन सहित पूरे प्रदेश से ऐसे खिलाड़ी उभरें जो रणजी ट्रॉफी खेलें, राष्ट्रीय टीम में चयनित हों और विश्व कप में भारत का नाम रोशन करें। फिरोजिया ट्रॉफी: खेल और परंपरा का संगम New revolution in sports इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन 5 से 11 मई तक क्षीरसागर मैदान में रात्रिकालीन क्रिकेट मैचों के रूप में किया गया। यह ट्रॉफी सांसद अनिल फिरोजिया द्वारा अपने पिता, स्वर्गीय भूरेलाल जी फिरोजिया की स्मृति में पिछले 20 वर्षों से कराई जा रही है। समापन समारोह में सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, जनप्रतिनिधि संजय अग्रवाल, रवि सोलंकी सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ट्रॉफी का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्होंने उज्जैन में हो रहे औद्योगिक निवेश और विकास के कार्यों का भी उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की और देश की सुरक्षा में भारतीय सेना के अद्वितीय योगदान का स्मरण किया। recent visitors 231