स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण, जल्द ही बनकर होगा तैयार

भोपाल खेल और युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को भोपाल स्थित बरखेड़ा नाथू में निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मापदण्ड के अनुसार निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्यों को तेजी व गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स प्रदेश के युवाओं को खेल के क्षेत्र में वैश्विक मंच तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान खेल संचालक श्री राकेश कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव, कांट्रेक्टर, इंजीनियर्स, प्रोजेक्ट मैनेजर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री सारंग ने एथलेटिक्स स्टेडियम, लाइटिंग सिस्टम, प्रैक्टिस हॉकी फील्ड, वार्म-अप ट्रैक, मल्टीलेवल पार्किंग, फुटबॉल फील्ड, वॉटर एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अन्य निर्माण कार्यों का जायज़ा लिया। उन्होंने प्रोजेक्ट की कंस्ट्रक्शन डिटेल्स का प्रस्तुतीकरण भी देखा और तकनीकी पहलुओं पर अधिकारियों से चर्चा की। सभी खेल सुविधाएं एक परिसर में मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इस सर्वसुविधायुक्त स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के तैयार होने से मध्यप्रदेश में खेलों के लिए एक नया आयाम स्थापित होगा। यहाँ के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण से लेकर प्रतियोगिताओं तक की सभी सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मजबूती मिलेगी।   recent visitors 51

पश्चिमी देश एशिया में आसियान की भूमिका को कमजोर करने की कोशिश कर रहा, बोले रूसी विदेश मंत्री

मॉस्को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि पश्चिमी देश भारत और पाकिस्तान को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर रहे हैं। सरकारी समाचार एजेंसी की खबर के मुताबिक, लावरोव ने मॉस्को में सीमाओं के बिना संस्कृति : सांस्कृतिक कूटनीति की भूमिका और विकास विषय पर आयोजित डिप्लोमैटिक क्लब की बैठक में यह टिप्पणी की। रूसी विदेश मंत्री ने कहा, ''एशिया-प्रशांत क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों पर गौर करें, जिसे पश्चिम ने अपनी नीति को स्पष्ट रूप से चीन विरोधी रुझान देने के लिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र कहना शुरू कर दिया है-इस उम्मीद के साथ भी कि इससे हमारे महान मित्रों और पड़ोसी देशों भारत व चीन के बीच टकराव पैदा किया जा सकेगा।'' चीन के बढ़ते प्रभाव से निपटने के लिए स्थापित चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद (क्वाड) के मुखर आलोचक लावरोव ने ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका के सैन्य गठबंधन एयूकेयूएस के गठन के बाद इसकी आलोचना कम कर दी है। क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और अमेरिका शामिल हैं। लावरोव ने कहा कि पश्चिमी देश एशिया में आसियान (दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन) की भूमिका को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, ''पश्चिमी सहयोगी दुनिया के अन्य हिस्सों की तरह यहां भी प्रभावशाली भूमिका में आना चाहते हैं। वे आसियान की केंद्रीय भूमिका को कमजोर करना चाहते हैं, जो कई दशकों से सभी के लिए अनुकूल थी और जो आसियान देशों और उनके सहयोगियों की ओर से राजनीति के क्षेत्र में, सैन्य सहयोग के क्षेत्र में और रक्षा के क्षेत्र में बातचीत में कायम एकमत पर आधारित थी।'' आसियान दक्षिण-पूर्वी एशिया के 10 देशों का एक क्षेत्रीय समूह है, जिसका उद्देश्य अपने सदस्यों के बीच आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है। इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, म्यांमा, कंबोडिया, लाओस और वियतनाम इसके सदस्य देश हैं। रूसी विदेश मंत्री ने कहा, ''आम सहमति के नियम, साझा आधार की तलाश-इन सभी को हमारे पश्चिमी सहयोगी धीरे-धीरे दरकिनार करना शुरू कर रहे हैं और कुछ आसियान देशों को एकीकृत मंचों के बजाय खुले तौर पर प्रतिरोधी मंचों से जुड़ने के लिए प्रलोभन दे रहे हैं।'' उन्होंने यूरेशिया में सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था का भी आह्वान किया। लावरोव ने कहा, ''यूरेशिया जैसा कोई दूसरा महाद्वीप नहीं है, जहां इतनी सारी सभ्यताएं एक साथ रहती हैं और जिन्होंने आधुनिक युग में भी अपनी पहचान एवं प्रासंगिकता बनाए रखी है। हालांकि, यूरेशिया एकमात्र ऐसा महाद्वीप भी है, जहां कोई महाद्वीप-व्यापी मंच नहीं है। यूरेशिया में इस तरह के एकीकृत मंच की जरूरत है, ताकि कई बड़ी, वास्तव में महान शक्तियों और सभ्यताओं के हितों में सामंजस्य स्थापित किया जा सके।'' उन्होंने याद दिलाया कि अफ्रीका में जहां उप-क्षेत्रीय मंचों के अलावा अफ्रीकी संघ मौजूद है, वहीं लातिन अमेरिका और कैरीबियाई क्षेत्र में लातिन अमेरिकी और कैरीबियाई राज्यों का समुदाय (सीईएलएसी) है, जबकि यूरेशिया में अभी तक ऐसा कोई मंच नहीं बनाया जा सका है।   recent visitors 60

भारत सरकार ने तुर्की के साथ सभी तरह के समझौते की समीक्षा शुरू कर दी, तुर्की पर पहली बार प्राइवेट यूनिवर्सिटी की मार

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के मददगार तुर्की की अब खटिया खड़ी होने लगी है। भारतीयों ने तुर्की बहिष्कार का ऐलान किया है। इसके अलावा भारत सरकार ने तुर्की के साथ सभी तरह के समझौते की समीक्षा शुरू कर दी है। कुछ समझौते तो रद्द भी होने शुरू हो गए हैं। इस बीच, पहली बार एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तुर्की के साथ हुए अपने सभी समझौतों को रद्द कर दिया है। पंजाब के फगवाड़ा में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने ऐसा कर दिखाया है। इस यूनिवर्सिटी ने तुर्की और अजरबैजान के साथ सभी समझौता ज्ञापनों को रद्द कर दिया है। इस यूनिवर्सिटी ने हाल की भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए तुर्की और अजरबैजान के संस्थानों के साथ छह शैक्षणिक साझेदारियों को औपचारिक रूप से तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। एलपीयू के संस्थापक चांसलर और राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने कहा, “जब हमारे बहादुर सशस्त्र बल अपने जीवन को जोखिम में डाल रहे हैं – चाहे गुप्त ऑपरेशन हो, हवाई रक्षा हो, या हमारी सीमाओं पर गश्त करना हो, तो हम, एक संस्थान के रूप में कैसे उदासीन बने रह सकते हैं।"  बता दें कि सुरक्षा और विमानन से लेकर शिक्षा और व्यापार तक भारत तुर्की के साथ कई क्षेत्रों में संबंध खत्म कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्लामाबाद का समर्थन करने के बाद नई दिल्ली ने अंकारा को सबक सिखाने का प्रण किया है। एक दिन पहले ही नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो ने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में’ तुर्की की कंपनी सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लि. की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी। यह कंपनी देशभर के नौ हवाई अड्डों – मुंबई, दिल्ली, कोचीन, कन्नूर, बेंगलुरु, हैदराबाद, गोवा (जीओएक्स), अहमदाबाद और चेन्नई में सेवाएं प्रदान करती थी। इसके बाद इस सभी हवाई अड्डों ने सेलेबी के साथ समझौता रद्द कर दिया है। AIU ने देशभर के कुलपतियों को पत्र लिखा गुरुवार को ही एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) ने देशभर के कुलपतियों को पत्र लिखा है। AIU ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए कुलपतियों से तुर्की, पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ शैक्षणिक संबंध निलंबित करने का आग्रह किया है। इसके अगले ही दिन लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ऐसा कदम उठाकर देश की पहली प्राइवेट यूनिवर्सिटी बन गई है। अब तक इन विश्वविद्यालयों ने लिया ऐक्शन अब तक जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), जामिया मिलिया इस्लामिया और कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) सहित कई शैक्षणिक संस्थान ऐसा ही कदम उठा चुके हैं। दिल्ली में जामिया मिलिया विश्वविद्यालय ने तुर्की के शैक्षणिक संस्थानों के साथ अपने एमओयू को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है, जबकि जेएनयू ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए ऐसा किया है। जेएनयू ने तुर्की के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ एमओयू को निलंबित कर दिया है। तुर्की के पर्यटन स्थलों के बहिष्कार का ऐलान गुरुवार को ही मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) ने तुर्की के यूनुस एमरे इंस्टीट्यूट के साथ अपने संबंधों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। MANUU के एक बयान में कहा, "यह निर्णय भारत-पाक तनाव की पृष्ठभूमि में पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों के लिए तुर्की के समर्थन के विरोध में लिया गया है।" फिलहाल दिल्ली विश्वविद्यालय तुर्की के कॉलेजों के साथ अपने संबंधों की समीक्षा कर रहा है। लोगों ने तुर्की के विमानों और तुर्की के पर्यटन स्थलों का बहिष्कार करने का भी आह्वान किया है। तुर्की एयरलाइन्स के विमान देशभर के 10 हवाई अड्डों से सप्ताह में 56 उड़ान भरते हैं। ये उड़ानें भारतीय यात्रियों को 131 देशों के 352 शहरों तक सेवा पहुंचाती हैं।   recent visitors 69

रेखा गुप्ता ने कहा- दिल्ली में नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने की घोषणा के बाद इन लोगों को मिलेगी नौकरी में प्राथमिकता

नई दिल्ली दिल्ली में नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने की घोषणा के बाद अपनी नौकरी को लेकर चिंतित मोहल्ला क्लीनिक में तैनात डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ के प्रति मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सहानुभूति दिखाई है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि नई भर्ती में उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। शुक्रवार सुबह शालीमार बाग स्थित आवास पर मोहल्ला क्लीनिक में कार्यरत डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से अपनी चिंता साझा कीं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि आप निश्चिंत रहें, दिल्ली में जो भी नए आरोग्य मंदिर बनाए जाएंगे, उनमें नई भर्ती में पहले आपको प्राथमिकता (आक्यूपाइ करेंगे) दी जाएगी, इसके बाद किसी और को रखा जाएगा। दिल्ली में इस समय 553 मोहल्ला क्लिनिक उल्लेखनीय है कि दिल्ली में इस समय 553 मोहल्ला क्लीनिक है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने 14 मई को ही मोहल्ला क्लीनिक में कार्यरत 431 डॉक्टर को एक साल के लिए कार्य विस्तार दिया गया है। इसके अलावा 410 पैरा मेडिकल कर्मचारियों को भी कार्य विस्तार दिया गया है लेकिन इस कार्य विस्तार में डाली गई एक शर्त को लेकर मोहल्ला क्लीनिक स्टाफ चिंतित है। नई शर्त में यह कहा गया है कि यदि इस अनुबंध अवधि के दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लिए नई नियुक्ति होती हैं तो वर्तमान अनुबंध स्वत: खत्म हो जाएगा। recent visitors 61

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मिले मॉक ड्रिल में घायल जवानों से, उपचार की जानकारी भी डॉक्टर्स से ली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मॉक ड्रिल के दौरान घायल हुए उपचाररत जवानों से शुक्रवार को अस्पताल पहुंचकर कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने उनके उपचार की जानकारी भी डॉक्टर्स से ली। क्षेत्रीय विधायक श्री रामेश्वर शर्मा भी साथ थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायल जवानों श्री संतोष कुमार और श्री विशाल सिंह से चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल के चिकित्सकों को इन जवानों का समुचित उपचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत हुई तो इन जवानों को उच्च चिकित्सा संस्थान में भी भिजवाएं। चिकित्सकों ने बताया कि जवानों का इसी अस्पताल में समुचित उपचार हो जाएगा। घायल जवानों में कांस्टेबल श्री संतोष कुमार को आंख में गंभीर चोट आई है और हेड कांस्टेबल श्री विशाल सिंह भी चोटिल है। दोनों का सघन चिकित्सा कक्ष में इलाज चल रहा है। यह दोनों जवान सीटीजी होप फोर्स के सदस्य हैं और 25वीं बटालियन में पदस्थ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायल जवानों के परिजनों से भी मुलाकात की और उन्हें सांत्वना देखकर कहा कि दोनों जवानों के बेहतर इलाज के लिए सभी प्रबंध किए जाएंगे। चिंता की कोई बात नहीं है। जवानों का हर संभव इलाज कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की जांच के निर्देश भी दिये हैं। जयप्रकाश लखेरा और इनके परिजन से भी मिले मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाणगंगा चौराहे पर विगत दिवस हुई सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल श्री जय प्रकाश लखेरा से भी अस्पताल में मुलाकात की। उन्होंने श्री लखेरा को आश्वस्त किया कि उनका समुचित इलाज कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री लखेरा के परिजनों को भी आश्वस्त किया कि इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।   recent visitors 48

बीएसएफ जवान ने अपनी पत्नी को बताया कि पाकिस्तान में कैद के दौरान उन्हें रात को सोने तक नहीं दिया गया

कोलकता पाकिस्तान से 21 दिनों के बाद रिहा होकर भारत लौटे बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ ने अपनी पत्नी रजनी से फोन पर बातचीत में कैद के दौरान के अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने अपनी पत्नी को बताया कि पाकिस्तान में कैद के दौरान उन्हें रात को सोने तक नहीं दिया गया। लगातार पूछताछ की जाती थी। पाकिस्तानी ऐसी हरकत करते थे कि जैसे पीके शॉ कोई जासूस हों। 23 अप्रैल को पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में ड्यूटी के दौरान पूर्णम कुमार शॉ गलती से पाकिस्तानी सीमा में प्रवेश कर गए थे। कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के अगले ही दिन यह घटना घटी। पाकिस्तान की सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया और उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया था। भारत सरकार ने कूटनीतिक चैनल के जरिए दबाव बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद पाकिस्तान से उसकी रिहाई हुई। बुधवार को पति से बात करने के बाद रजनी शॉ ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "उन्होंने बताया कि उन्हें शारीरिक यातना नहीं दी गई, लेकिन मानसिक रूप से वे पूरी तरह थक चुके हैं। उन्हें हर रात पूछताछ के लिए उठाया जाता था। वह बोले कि उन्हें खाना तो मिलता था, लेकिन दांत साफ करने की अनुमति भी नहीं दी गई। उनकी आवाज में थकावट साफ झलक रही थी।" तीन अलग-अलग जगहों पर रखा गया रजनी ने यह भी बताया कि पूर्णम शॉ को तीन अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। उनमें से एक जगह संभवतः किसी एयरबेस के पास की जगह थी, क्योंकि वहां हवाई जहाजों की आवाजें आती थीं। यह सब उनके मानसिक तनाव को और बढ़ाने वाला अनुभव था। रजनी शॉ ने गर्व के साथ कहा, “वह पिछले 17 वर्षों से देश की सेवा कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। हम सभी को उन पर गर्व है। वह फिर से ड्यूटी पर लौटेंगे।” अगर शॉ को जल्दी छुट्टी नहीं मिली, तो रजनी स्वयं पठानकोट जाकर उनसे मिलने की योजना बना रही हैं। आपको बता दें कि बुधवार शाम को पूर्णम कुमार शॉ को अटारी-वाघा सीमा के जरिए भारत लाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण और डिब्रीफिंग की गई।   recent visitors 72

मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई जोगेश्वरी इलाके में 4 करोड़ की ड्रग्स बरामद, दो ड्रग्स सप्लायरों को किया गिरफ्तार

मुंबई मुंबई क्राइम ब्रांच ने नशे के सौदागरों के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। क्राइम ब्रांच की यूनिट 5 ने जोगेश्वरी इलाके में दो ड्रग्स सप्लायरों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 2 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बरामद किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस ड्रग्स की कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये आंकी गई है। जानकारी के अनुसार, क्राइम ब्रांच की टीम को जोगेश्वरी बस डिपो के पास दो संदिग्ध व्यक्तियों पर शक हुआ। तलाशी लेने पर उनके पास से भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स मिला। दोनों आरोपियों के खिलाफ अंबोली पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया। मुंबई क्राइम ब्रांच अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि यह ड्रग्स कहां से लाया गया था और इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाने की योजना थी। पुलिस को शक है कि यह एक बड़े ड्रग्स रैकेट का हिस्सा हो सकता है। बता दें कि पिछले माह अप्रैल में भी क्राइम ब्रांच को मुंबई से सटे मीरा-भायंदर इलाके में एक बड़ी सफलता हाथ लगी थी। तब 'ड्रग्स क्वीन' के नाम से कुख्यात सबीना शेख को भारी मात्रा में कोकीन और नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया। मीरा-भायंदर-वसई विरार पुलिस आयुक्तालय की क्राइम ब्रांच यूनिट-1 (काशीमीरा) की इस कार्रवाई में कुल 14.868 किलोग्राम कोकीन बरामद की गई थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 22.33 करोड़ रुपए आंकी गई थी। सबीना की गिरफ्तारी के बाद मामले की छानबीन आगे बढ़ाई गई, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। सबीना की निशानदेही पर क्राइम ब्रांच ने नाइजीरियाई नागरिक एंडी उबाबुदिके ओनींसे को गिरफ्तार किया, जिसके घर से 2.604 किलोग्राम कोकीन (कीमत 3.90 करोड़ रुपए) और बड़ी मात्रा में नकदी जब्त की गई थी। इसके बाद पुलिस ने वसई के एवरशाइन नगर से एक विदेशी महिला क्रिस्टाबेल एनजेई को भी गिरफ्तार किया था। उसके पास से 64.98 लाख रुपए की कोकीन, भारतीय मुद्रा और विदेशी करेंसी (अमेरिकन डॉलर समेत) बरामद की गई थी। क्रिस्टाबेल एनजेई के बारे में पता चला कि वह कैमरून की नागरिक है। सबीना का नेटवर्क मुंबई, नवी मुंबई, पालघर, पुणे और नासिक तक फैला हुआ है। वह भारतीय नागरिक होने के कारण बिना शक के बड़े नेटवर्क को संभालती थी और विदेशी सप्लायर्स के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर काम करती थी। recent visitors 46