मनेंद्रगढ़ में रेल परियोजना को गति, भू-अर्जन के लिए सर्वे सूची जारी, 30 दिनों में दर्ज कराएं दावा-आपत्ति

एमसीबी/मनेंद्रगढ़ आज मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में यात्री सुविधाओं के विस्तार और रेल परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल की कोशिशें रंग ला रही हैं। उनके अथक प्रयासों से रेल मंत्रालय ने चिरमिरी-नागपुर रोड हाल्ट रेलवे प्रोजेक्ट के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में रेल मंत्रालय ने रेल अधिनियम 1989 की धारा 20(ए) के तहत एक अधिसूचना जारी की है। इस प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय विधायक साल 2017 से है प्रयासरत है। इसके बाद साल 2018 में रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य पचास पचास प्रतिशत राशि से निर्माण कार्य के लिए एमओयू हुआ था। किन्तु सत्ता परिवर्तन के बाद तत्कालीन सरकार ने ये कह कर प्रोजेक्ट को रोक दिया कि इसकी स्थानीय स्तर पर कोई उपयोगिता नहीं है। हालांकि सत्ता परिवर्तन के बाद स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय से पहले बजट में है इस प्रोजेक्ट के लिए राशि की मांग रखी जिसे पहले बजट में है वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा स्वीकृत कर राशि जारी कर दी गई।  इसके पश्चात शुरू हुई अन्य प्रक्रियाओं के तहत भू अर्जन हेतु सर्वे प्रक्रिया पूर्ण कर रेल मंत्रालय के द्वारा राजपत्र में भू अर्जन के लिए अधिसूचना का प्रकाशन किया गया है। इस अधिसूचना के तहत भू-अर्जन के लिए सर्वे सूची जारी की गई है, जिसमें चिराईपानी, सरोला, बंजी, खैरबना, सरभोका और चित्ताझोर गांवों के भूखंडों के खसरा नंबर और अन्य विवरण शामिल हैं। सर्वे सूची में उल्लिखित भूखंडों के संबंध में यदि किसी को कोई आपत्ति या दावा है, तो वे 30 दिनों के भीतर अपर कलेक्टर या सक्षम प्राधिकारी के समक्ष लिखित रूप में अपनी अपील दर्ज करा सकते हैं। यह कदम न केवल स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति देगा। मंत्री जायसवाल के प्रयासों से एमसीबी जिला विकास की नई ऊंचाइयों को छूने की ओर अग्रसर है। इस रेल प्रोजेक्ट के शुरू हो जाने से चिरमिरी को राज्य और राष्ट्र स्तर पर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी और इसके साथ ही यहां के लोगों को शिक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य जैसे अनेक सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। recent visitors 65

एयरपोर्ट-फिल्म सिटी के बाद मोदी सरकार का एक और बड़ा तोहफा, जल्द ही चालू होने वाला है इंटरनेशनल एयरपोर्ट

दिल्ली नोएडा गौतमबुद्धनगर जिले का जेवर अब उत्तर प्रदेश का नया गहना बन गया है। देश के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रॉजेक्ट फिल्म सिटी से इसकी किस्मत पहले ही बदल चुकी है। अब मोदी सरकार के नए तोहफे ने जेवर की चमक में चार चांद लगा दिए हैं। तीन बड़े प्रॉजेक्ट्स के बाद यह रोजगार और रिहायश का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। क्या है मोदी सरकार का नया तोहफा मोदी सरकार ने जेवर में नए सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर जॉइंट वेचर को हरी झंडी दी। दोनों कंपनियां मिलकर जेवर में 3,706 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर यूनिट लगाएंगी। यह उत्तर प्रदेश का पहला और देश का छठा सेमीकंडक्टर प्लांट है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इसमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, गाड़ियों और अन्य उपकरणों के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप बनाए जाएंगे। इस फैक्ट्री में हर महीने 20,000 वेफर्स (सेमीकंडक्टर सामग्री सिलिकन की पतली परत) तैयार होगा। इससे यहां 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। जल्द ही चालू होने वाला है इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर में बन रहा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ना सिर्फ देश में सबसे बड़ा होगा, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में इसकी गिनती होने लगी है। दिल्ली से करीब 75 किलोमीटर दूर इस एयरपोर्ट का निर्माण चार चरणों में होना है। पहला चरण सितंबर 2024 में पूरा होना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। लेकिन इस साल एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। इस हवाई अड्डे का विकास उत्तर प्रदेश सरकार के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल (पीपीपी) के तहत ‘यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा किया जा रहा है, जो स्विस कंपनी ‘ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी’ की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। फिल्म सिटी का काम भी हो चुका है शुरू उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक और ड्रीम प्रॉजेक्ट 'फिल्म सिटी' भी जेवर में ही आकार ले रहा है। फिल्म निर्माता बोनी कपूर की कंपनी 'बेव्यू प्रॉजेक्ट्स' और 'भूटानी ग्रुप' को इसे बनाने का जिम्मा मिला है। यमुना फिल्म सिटी में 2027 तक फिल्मों का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस फिल्म सिटी में 300 से ज्यादा फिल्मों की हर साल शूटिंग का लक्ष्य रखा गया है। यूपी के सीएम जेवर में मुंबई की तरह समृद्धि फिल्म इंडस्ट्री बसाना चाहते हैं और इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। सड़क से नमो भारत ट्रेन तक, जेवर में होगा सबकुछ जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पूरे एनसीआर से यात्रियों की पहुंच को सुगम बनाने के लिए कनेक्टिविटी पर खास ध्यान दिया जा रहा है। यहां एक तरफ जहां सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है तो नमो भारत मेट्रो की योजना पर भी काम चल रहा है। तेजी से आकार ले रहा नया शहर, निवेश का बना नया अड्डा दिल्ली से सटे नोएडा का विस्तार अब जेवर तक पहुंच गया है। नया शहर तेजी से आकार लेता दिख रहा है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास तेजी से आवासीय और कॉमर्शल प्रॉजेक्ट्स का निर्माण हो रहा है। एनसीआर के लोगों के लिए यह निवेश का नया अड्डा बन चुका है। यही वजह है कि जेवर और आसपास के इलाकों में जमीनों की कीमत तेजी से बढ़ रही है।   recent visitors 57

दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई को विकास भवन के सभागार में किया जायेगा

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिये बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने के लिये नित नये प्रयास किये जा रहे हैं। इसके तहत दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई को भोपाल में अरेरा हिल्स स्थित विकास भवन के सभागार में किया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल 15 मई को प्रातः 11 बजे दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर विभाग के अधिकारियों सहित क्रेता एवं समूहों की दीदियां उपस्थित रहेंगी। विभिन्न जिलों से आ रही समूहों की दीदियों द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों का प्रदर्शन करते हुये क्रेताओं को उत्पादों की विशेषताएँ बताई जायेंगी। क्रेता उत्पाद खरीदने का ऑर्डर सीधे समूहों को देंगे। क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के माध्यम से समूहों के उत्पादों को देखने तथा उनकी विशेषताएँ जानने का अवसर क्रेताओं को मिलता है। दीदियां इन दो दिनों में अपने उत्पाद क्रेताओं को दिखायें, उत्पादों की विशेषताएँ बतायें तथा क्रेता-विक्रेता के बीच अनुबंध कर अपने व्यवसाय को बढ़ाने का प्रयास करें। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकरी श्रीमती हर्षिता सिंह ने बताया कि समूह उत्पादों को विभिन्न ऑनलाईन प्लेटफॉर्म पर लाने के साथ-साथ वृहद बाजारों से जोडने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे समूह सदस्यों को सीधा क्रेताओं से जुडकर अधिक-अधिक लाभ प्राप्त होने का अवसर मिल सके। इसी उद्देश्य से बायर-सेलर मीट का आयोजन किया गया है।   recent visitors 41

देशभर में तुर्किये बहिष्कार किया जा रहा, JNU ने स्थगित किया तुर्किये के विश्वविद्यालय के साथ समझौता

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद, तुर्किये ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए उसे रक्षा उपकरण मुहैया कराए थे। ऐसे में देशभर में तुर्किये बहिष्कार किया जा रहा है। इसी कड़ी में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। दरअसल, केंद्रीय विश्वविद्यालय ने तुर्किये के एक विश्वविद्यालय के साथ तीन साल की अवधि के लिए किए  गए समझौता ज्ञापन को स्थगित कर दिया है। जेएनयू की ओर से ऐसा करने की पीछे की वजह सुरक्षा कारणों को बताया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में लिखा है, "राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से जेएनयू और इनोनू विश्वविद्यालय, तुर्किये के बीच समझौता ज्ञापन को अगली सूचना तक निलंबित कर दिया गया है।" तुर्किये के मालट्या में स्थित इनोनू विश्वविद्यालय ने क्रॉस-कल्चरल रिसर्च और छात्र सहयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत जेएनयू के साथ अकादमिक साझेदारी की थी। तीन साल के लिए किया गया था समझौता एमओयू पर 3 फरवरी को तीन साल की अवधि के लिए हस्ताक्षर किए गए थे। जेएनयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमने तुर्किये के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन को निलंबित कर दिया है। समझौते के तहत संकाय विनिमय और छात्र विनिमय कार्यक्रमों के अलावा कई योजनाएं और अन्य बातें थीं।" भारत-पाक संघर्ष में पाकिस्तान को मुहैया कराए थे रक्षा उपरकरण समझौता ज्ञापन रद्द करने का निर्णय भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की पृष्ठभूमि में लिया गया है। दोनों पड़ोसी देशों ने चार दिनों तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए 10 मई को एक समझौता किया था। भारत के तुर्किये के साथ व्यापारिक संबंध तनावपूर्ण होने की आशंका है, क्योंकि अंकारा ने इस्लामाबाद का समर्थन किया है और पाकिस्तान में आतंकी शिविरों पर भारत के हालिया हमलों की निंदा की है। देशभर में उठ रही बहिष्कार की मांग पाकिस्तान को उनके समर्थन के बाद, पूरे देश में तुर्किये के सामान और पर्यटन का बहिष्कार करने की मांग उठ रही है, साथ ही ईजमाईट्रिप और इक्सिगो जैसे ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म ने इन देशों की यात्रा के खिलाफ सलाह जारी की है।   recent visitors 56

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कुछ नेताओं के पार्टी से निलंबन की भी कार्रवाई की, दो नेताओं को पार्टी से निलंबित किया

भोपाल मध्यप्रदेश कांग्रेस में उथलपुथल का दौर अभी थमा नहीं है। पार्टी में आपसी खींचातानी और अनुशासनहीनता बदस्तूर जारी है। कांग्रेस नेता पार्टी हित की बजाए व्यक्तिगत हित को सर्वोपरि रखकर काम करते देखे जा रहे हैं। यहां तक कि इसके लिए अपनी घोर प्रतिद्वंद्वी बीजेपी से भी जब तब हाथ मिलाते रहते हैं। ऐसे ही एक मामले में पार्टी ने सख्त रुख दिखाते हुए कई नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की है। संगठन ने कुछ नेताओं को तो पार्टी से निलंबित ही कर दिया है। एमपी कांग्रेस ने बड़ा फैसला लेते हुए थांदला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गेंदाल डामोर को पद से हटा दिया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा यह कार्रवाई की गई है। थांदला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पर अनुशासनहीनता व पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप में यह कार्रवाई की गई है। गेंदाल डामोर पर कांग्रेस स​मर्थित जिला पंचायत अध्यक्ष को हटाने के​ लिए बीजेपी से हाथ मिलाकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का आरोप है। संगठन में अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं इसी के साथ मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कुछ नेताओं के पार्टी से निलंबन की भी कार्रवाई की है। गेंदाल डामोर के पुत्र और पुत्रवधू को पार्टी से निलंबित किया गया है। इस संबंध में जारी आदेश में जिला पंचायत सदस्य शांति राजेश डामोर एवं राजेश गेंदाल डामोर को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किए जाने की बात कही गई है। गेंदाल डामोर, राजेश डामोर और शांति डामोर पर कार्रवाई के संबंध में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री संजय कामले ने आदेश जारी किया है। पत्र में साफ कहा गया है कि कांग्रेस संगठन में अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। recent visitors 41

सवाई मानसिंह स्टेडियम को मिली बम से उड़ाने धमकी, मचा हड़कंप, जिसको देखते हुए कड़ी की गई सुरक्षा

जयपुर जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम को महज सात दिनों में चौथी बार बम की धमकी मिली है, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राजस्थान खेल परिषद की आधिकारिक आईडी पर भेजे गए नवीनतम धमकी भरे ईमेल में विषय पंक्ति ‘एचएमएक्स बम विस्फोट सवाई मानसिंह स्टेडियम ऑपरेशन प्रभाकर दिविज’ थी और इसमें एक भयावह संदेश भी शामिल था, जिसमें चेतावनी दी गई थी, “पाकिस्तान से पंगा मत लो। हमारे पास भारत में स्लीपर सेल हैं। ऑपरेशन सिंदूर के लिए आपके अस्पताल भी उड़ा दिए जाएंगे।” अधिकारियों ने जांच तेज कर दी है और इन बार-बार आने वाली धमकियों को अत्यंत गंभीरता से ले रहे हैं।   विदेशी स्लीपर सेल और आतंकवाद विरोधी अभियानों के प्रतिशोध का हवाला देते हुए दहशत फैलाने के संगठित प्रयास की संभावना की जांच की जा रही है। मेट्रो स्टेशनों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि आईपीएल मैचों के जल्द ही होने के कारण सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना राजस्थान की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। घटना की पुष्टि करते हुए खेल परिषद के अध्यक्ष नीरज के पवन ने कहा कि बम की धमकियों के मद्देनजर राज्य सरकार ने इस बार अतिरिक्त सावधानी बरती है। उन्होंने कहा, “हम चार-चरणीय सुरक्षा उपाय बढ़ा रहे हैं। हम अतिरिक्त पुलिस और बाउंसर तैनात करेंगे। हमने कैमरों की संख्या बढ़ा दी है और खराब कैमरों की मरम्मत कर दी है।” इस बीच, राजस्थान खेल परिषद के सचिव राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि स्टेडियम को निशाना बनाकर यह चौथी ऐसी धमकी है। उन्होंने कहा कि ई-मेल में न केवल स्टेडियम को धमकी दी गई है, बल्कि अस्पतालों पर हमले का भी जिक्र किया गया है। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है और साइबर क्राइम विशेषज्ञ भेजने वाले का पता लगाने के लिए जांच में जुट गए हैं। इस बीच, स्टेडियम में चौबीसों घंटे सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सभी प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। हाल ही में जयपुर में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 8 मई, 12 मई और 13 मई को स्टेडियम को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। 9 मई को जयपुर मेट्रो को भी ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिसमें मेट्रो स्टेशन और ट्रेनों में विस्फोट की चेतावनी दी गई थी, जिसमें फिर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र था। 20 फरवरी को एसएमएस मेडिकल कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी ईमेल के जरिए दी गई थी, जिसका पता 22 फरवरी को चला। इसी तरह 4 अक्टूबर 2023 को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत पूरे भारत के 100 से ज्यादा एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले। सीआईएसएफ अधिकारियों को भेजे गए संदेश में कहा गया था, “आइए हम दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों से अकेले ही मुकाबला करें। हर जगह धमाका होगा…धमाका होगा…धमाका होगा।” recent visitors 56

असम पंचायत चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत, हिमंत बिस्व सरमा ने ठोंका 105 सीटों पर दावा, कांग्रेस को करारी शिकस्त दी

गुवाहाटी असम के पंचायत चुनावों में बीजेपी और उसके सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) ने कांग्रेस को करारी शिकस्त दी है। दोनों दलों ने असम के ग्रामीण इलाकों में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जहां कभी कांग्रेस का सिक्का चलता था। बीजेपी और एजीपी ने 397 जिला परिषदों में से 300 पर कब्जा कर लिया है। दोनों दलों की जोड़ी ने 2,192 आंचलिक पंचायतों में से 1,436 जीत ली हैं। वोटिंग पैटर्न में इस बदलाव का असर विधानसभा में दिखा तो कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाएगा। 2018 के मुकाबले इस बार एनडीए का वोट शेयर 26 फीसदी बढ़ा है। इन आंकड़ों के आधार पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया है कि 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 126 में से 104 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कई जिलों में कांग्रेस का खाता नहीं खुला असम में एनडीए ने 2 मई और 7 मई को हुए पंचायत चुनावों में बड़ी जीत हासिल की है। विधानसभा चुनाव से एक साल पहले हुए इस चुनाव परिणाम से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा उत्साहित है। बीजेपी ने जिला परिषद में 274 और असम गण परिषद ने 26 सीटें जीती हैं। 2,192 आंचलिक पंचायतों में बीजेपी ने 1,265 और असम गण परिषद ने 171 सीटें जीती हैं। कांग्रेस को 72 जिला परिषदों में जीत मिली है। सीएम सरमा ने बताया कि राज्य की 76.27 फीसदी जिला परिषद सीटें एनडीए के पास हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने डिब्रूगढ़, धेमाजी, सोनितपुर, तिनसुकिया, गोलाघाट, जोरहाट जैसे कई जिलों में लगभग पूरी तरह से जीत हासिल की है। बीजेपी ने कई जिलों में 100 प्रतिशत परिषद सीटें जीती हैं। एनडीए के वोट में 26 प्रतिशत का इजाफा 126 सदस्यों वाली असम विधानसभा में अभी बीजेपी के 64 विधायक हैं। उसके सहयोगी असम गण परिषद के नौ और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल के सात विधायक हैं। अगले साल 2026 में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिला परिषद में मिले वोट का आकलन किया जाए तो एनडीए 105 विधानसभा में जीत मिल सकती है। असम के सीएम ने दावा किया कि बीजेपी ने मुस्लिम बहुल सीटों पर भी जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस पूरे असम में एक भी हिंदू-बहुल सीट नहीं जीत पाई। स्वदेशी मुसलमानों में बीजेपी का वोट प्रतिशत 60-70 प्रतिशत तक बढ़ गया है। ओवरऑल एनडीए का वोट प्रतिशत भी 26 प्रतिशत बढ़ गया। पंचायत सम्मेलन करेगी बीजेपी, शाह होंगे चीफ गेस्ट मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि बीजेपी गुवाहाटी में एक पंचायत सम्मेलन करेगी, जिसमें पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रित किया जाएगा। पंचायत चुनाव में बड़ी जीत पर अमित शाह ने X पर कहा कि असम के लोगों को पंचायत चुनाव 2025 में एनडीए को ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए धन्यवाद। यह जीत पीएम नरेंद्र मोदी की जन-केंद्रित नीतियों का समर्थन है, जिन्होंने असम में शांति और समृद्धि का एक नया युग लाए हैं। recent visitors 48