विपक्ष की ओर से संसद का विशेष सत्र बुलाने को लेकर राहुल गांधी ने पीएम मोदी को एक चिट्ठी लिखी

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए 10 मई की शाम सीजफायर की घोषणा की गई. इसके बाद भी बॉर्डर से सटे कई इलाकों में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमला किया जा रहा है. इसी बीच विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी से संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है. विपक्ष की ओर से संसद का विशेष सत्र बुलाने को लेकर राहुल गांधी ने पीएम मोदी को एक चिट्ठी लिखी है. उन्होंने लिखा है कि भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी, मैं विपक्ष के सर्वसम्मति से किए गए अनुरोध को दोहराता हूं कि संसद का विशेष सत्र तुरंत बुलाया जाए.   पिछले सारे घटनाक्रम पर सामूहिक चर्चा जरूरी चिट्ठी में राहुल ने आगे लिखा है कि लोगों और उनके प्रतिनिधियों के लिए पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और आज के युद्ध विराम पर चर्चा करना बहुत जरूरी है, जिसकी घोषणा सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने की थी. यह आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए हमारे सामूहिक संकल्प को प्रदर्शित करने का भी एक अवसर होगा. मुझे विश्वास है कि आप इस मांग पर गंभीरता से और तेज़ी से विचार करेंगे. सीजफायर के बाद ही विपक्ष ने की थी विशेष सत्र की मांग सीजफायर के बाद से ही विपक्ष के नेता संसद के विशेष सत्र की मांग कर रहे हैं. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी इसको लेकर पीएम मोदी को एक चिट्ठी लिखी थी. विपक्ष का कहना है कि सीजफायर की घोषणा होने के बाद इस पर सामूहिक रूप से चर्चा होना बहुत जरूरी है.   recent visitors 40

भारत-पाकिस्तान सीमा पर आतंकियों को ढेर करने वाले अग्निवीर मुरली नाइक को अंतिम विदाई, परिवार को मिलेंगे ₹1.65 करोड़!

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान सीमा रेखा (LoC) पर आतंकियों को ढेर करके अग्निवीर मुरली नाइक ने कर्तव्य की राह पर अपने प्राणों की आहुति दे दी. आज जब उनका पार्थिव शरीर गृहनगर गोरंटला मंडल के कल्लिथंडा गांव, आंध्र प्रदेश पहुंचा तो गांव में शोक की लहर दौड़ गई. देश के लिए मुरली नाइक के सर्वोच्च बलिदान पर नेताओं, अधिकारियों और नागरिकों ने समान रूप से भावभीनी श्रद्धांजलि दी. बचपन से देखा था देश सेवा का सपना अग्निवीर मुरली नाइक, जिनका जन्म 8 अप्रैल 2002 को हुआ, ने बचपन से ही देश सेवा का सपना देखा था. 2022 के दिसंबर में, 20 वर्ष की आयु में, उन्होंने अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती होकर अपने सपने को साकार किया. नासिक में 6 महीने के कठिन प्रशिक्षण के बाद, उन्होंने असम में 1 साल तक सेवा की और वर्तमान में पंजाब में तैनात थे. आंध्र प्रदेश के शिक्षा और आईटी मंत्री नारा लोकेश ने अग्निवीर मुरली नाइक के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. बेहद भावुक होकर मंत्री ने शहीद जवान के शोकाकुल माता-पिता से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, उन्हें सांत्वना दी और आश्वासन दिया कि सरकार इस दुखद समय में उनके साथ खड़ी रहेगी. परिवार से बात करते हुए मंत्री लोकेश ने कहा, "राज्य मुरली नाइक की बहादुरी के सम्मान में नतमस्तक है. राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा."   राज्य के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, मंत्री अनगनी सत्य प्रसाद, वंगालापुडी अनिता और सविता, सांसद बी.के. पार्थसारथी, पूर्व मंत्री पल्ले रघुनाथ रेड्डी और कलावा श्रीनिवासुलु, विधायक पल्ले सिंधुरा रेड्डी, एम.एस. राजू और जे.सी. प्रभाकर रेड्डी समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि मुरली नाइक को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे. अग्निवीर मुरली नाइक के बलिदान के बाद यह सवाल उठ रहा है कि उनके परिवार को भारत सरकार की अग्निपथ योजना के तहत क्या लाभ मिलेंगे, विशेष रूप से, क्या उन्हें शहीद का दर्जा मिलेगा? क्योंकि उनकी मृत्यु जंग के दौरान ड्यूटी करते हुई है. उनके परिवार को कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी? आइए जानते हैं. अग्निपथ योजना क्या है? दरअसल, भारत सरकार की अग्निपथ योजना, जो 2022 में शुरू हुई, सशस्त्र बलों में युवाओं की भर्ती के लिए एक क्रांतिकारी कदम माना जाता है. इस योजना के तहत भर्ती होने वाले सैनिकों को 'अग्निवीर' कहा जाता है. अग्निपथ योजना भारतीय सेना, नौसेना, और वायुसेना में युवाओं को चार साल के लिए भर्ती करने की एक अनूठी स्कीम है, जिसकी शुरुआत 14 जून 2022 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की थी. अग्निपथ योजना का उद्देश्य इसका उद्देश्य सशस्त्र बलों को युवा, ऊर्जावान, और तकनीक-प्रवीण बनाना है. इस योजना के तहत 17.5 से 23 वर्ष की आयु के युवा 'अग्निवीर' के रूप में भर्ती होते हैं. चार साल की सेवा में 6 महीने का कठिन प्रशिक्षण और 3.5 साल की तैनाती शामिल होती है. चार साल बाद, 25% अग्निवीरों को उनकी योग्यता के आधार पर स्थायी सैनिक के रूप में चुना जाता है, जबकि बाकी को 'सेवा निधि' पैकेज और स्किल सर्टिफिकेट के साथ समाज में पुनर्वास के लिए तैयार किया जाता है. क्या मुरली नाइक को शहीद का दर्जा मिलेगा? भारत सरकार की नीति के अनुसार, अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों को आधिकारिक रूप से 'शहीद' का दर्जा नहीं दिया जाता, क्योंकि यह शब्द सरकारी दस्तावेजों में परिभाषित नहीं है. हालांकि, ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर अग्निवीरों को नियमित सैनिकों के समान सम्मान और मुआवजा मिलता है. उदाहरण के लिए, 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे हालिया संघर्षों में अग्निवीरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, और उनकी वीरता को सेना द्वारा सराहा गया. ड्यूटी पर वीरगति को प्राप्त होने वाले अग्निवीर जवान मुरली नाइक के मामले में, उनके परिवार को वित्तीय सहायता और सम्मान मिलेगा, भले ही 'शहीद' शब्द का औपचारिक उपयोग न हो. ड्यूटी पर मृत्यु होने पर मुरली नाइक के परिवार को क्या मिलेगा? ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले अग्निवीर के परिवार को निम्नलिखित सहायता मिलेगी: बीमा राशि: 48 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर. अनुग्रह राशि: 44 लाख रुपये की एकमुश्त अनुग्रह राशि. सेवा निधि और कॉर्पस फंड: मृत्यु के समय तक जमा कॉर्पस फंड और सेवा निधि, जिसमें ब्याज शामिल है (लगभग 10-12 लाख रुपये). शेष वेतन: चार साल की सेवा के बचे हुए कार्यकाल का पूरा वेतन (लगभग 13 लाख रुपये). अतिरिक्त सहायता: सशस्त्र बल युद्ध हताहत कोष से 8 लाख रुपये और आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन से 30,000 रुपये. कुल मिलाकर, परिवार को 1.65 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता मिल सकती है. अग्निवीर को कितनी सैलरी और भत्ते मिलते हैं? वेतन और भत्ते: पहले साल में मासिक वेतन 30,000 रुपये (21,000 रुपये इन-हैंड, 9,000 रुपये कॉर्पस फंड में) होता है, जो चौथे साल में बढ़कर 40,000 रुपये (28,000 रुपये इन-हैंड, 12,000 रुपये कॉर्पस फंड) हो जाता है. इसके अतिरिक्त, जोखिम, कठिनाई, राशन, और यात्रा भत्ते भी मिलते हैं. सेवा निधि पैकेज: चार साल की सेवा के बाद, 11.71 लाख रुपये का टैक्स-मुक्त सेवा निधि पैकेज मिलेगा, जिसमें सरकार और अग्निवीर का कॉर्पस फंड योगदान शामिल है. जीवन बीमा: 48 लाख रुपये का गैर-अंशदायी जीवन बीमा कवर हर अग्निवीर को प्रदान किया जाता है. स्किल सर्टिफिकेट: सेवा के दौरान मिले प्रशिक्षण को शिक्षा मंत्रालय स्नातक स्तर के क्रेडिट के रूप में मान्यता देता है, और इग्नू के विशेष डिग्री प्रोग्राम के तहत 50% क्रेडिट मिलता है.   recent visitors 34

हापुड़ में एक भावुक करने वाला नजारा देखने को मिला, सेना के जवानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया

हापुड़ उत्तर प्रदेश के हापुड़ से देशप्रेम से ओतप्रोत एक भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया है. यहां सेना के जवानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका सम्मान किया. यहां एक ढाबे पर भोजन करने पहुंचे सैनिक जैसे ही रवाना हुए, वहां मौजूद लोगों ने 'भारत माता की जय' के नारों के बीच फूल बरसाए. जवानों ने कहा कि वे बॉर्डर पर जा रहे हैं. इस पूरे दृश्य का वीडियो सामने आया है. लोग इन वीर सपूतों को सलाम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक भावुक करने वाला नजारा देखने को मिला. यहां भारतीय सेना के जवानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया. ये जवान यहां एक ढाबे पर भोजन करके निकले थे, उसी दौरान लोगों ने उन पर फूल बरसाए. जवानों ने बताया कि वे बॉर्डर पर जा रहे हैं. इस दौरान लोगों ने 'भारत माता की जय' के नारे लगाए. इस दौरान का वीडियो सोशल भी सामने आया है. देशभक्ति से ओतप्रोत यह वीडियो हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के एक ढाबे का है. यहां कुछ लोग भोजन कर रहे थे, तभी भारतीय सेना के जवानों का एक दल ढाबे पर पहुंचा और सभी ने मिलकर भोजन किया. जवान जैसे ही भोजन कर ढाबे से निकलने लगे, वहां मौजूद लोगों ने उन्हें देख 'भारत माता की जय' के नारे लगाने शुरू कर दिए और पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया.   इस भावुक क्षण में न केवल जवानों का मनोबल ऊंचा हुआ, बल्कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखों में गर्व और सम्मान की चमक दिखाई दी. जवानों ने लोगों को बताया कि वे ड्यूटी पर जा रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि आम लोग अपने सैनिकों का सम्मान कर रहे हैं. भारतीय सेना के त्याग और समर्पण को दिल से नमन कर रहे हैं. यह वीडियो वायरल हो रहा है, और लोग इन भावुक कर देने वाले पलों को देख गर्व प्रकट कर रहे हैं.   recent visitors 31

यदि भारत के साथ बातचीत होती है, तो कश्मीर, सिंधु जल संधि चर्चा का हिस्सा हो सकते: पाक के रक्षा मंत्री

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन चले खतरनाक सैन्य तनाव के बाद शनिवार को जब सीजफायर की घोषणा हुई, तब दोनों देशों ने राहत की सांस ली. इस बीच, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रविवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यदि भविष्य में भारत के साथ बातचीत होती है, तो कश्मीर, सिंधु जल संधि (IWT) और आतंकवाद जैसे बड़े मुद्दे उस चर्चा का हिस्सा हो सकते हैं. एक टेलीविज़न चैनल को दिए इंटरव्यू में आसिफ ने कहा, “ये तीन अहम मुद्दे हैं जिन पर चर्चा हो सकती है. हम सीजफायर पर कायम रहेंगे. ” उनका इशारा भारत के साथ लंबे समय से चली आ रही विवादित विषयों की ओर था, जिन पर पहले भी कई बार बातचीत हुई लेकिन कोई निर्णायक नतीजा नहीं निकला. दोनों देशों के बीच हुआ है सीजफायर यह बयान उस वक्त आया है जब भारत और पाकिस्तान ने जमीन, हवा और समुद्र में सभी सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से रोकने का "समझौता" किया है. हालांकि पाकिस्तान ने इसे सीजफायर समझौता बताया, वहीं भारत ने इसे केवल "आपसी समझ" करार दिया है.   पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर यह सीजफायर स्थायी शांति की दिशा में पहला कदम साबित होता है, तो इसे सकारात्मक संकेत माना जाएगा. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अभी कुछ भी कह पाना जल्दबाज़ी होगी. गौरतलब है कि पिछले सप्ताह दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी लॉन्चपैड्स पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे. इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए हमले किए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया. सहयोगी देशों की तारीफ आसिफ ने उम्मीद जताई कि समय के साथ शांति की संभावनाएं बन सकती हैं. उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि भारत और खासकर उसकी नेतृत्वकारी राजनीति एक दिन पूरे दक्षिण एशिया के भविष्य को अपने दलगत हितों से ऊपर रखेगी.” पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने उन देशों की भी तारीफ की, जिन्होंने मौजूदा संकट में कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने में मदद की. इनमें चीन, तुर्किये, अज़रबैजान और खाड़ी देशों का विशेष उल्लेख किया गया. भारत की ओर से अभी तक ख्वाजा आसिफ के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान पाकिस्तान की रणनीतिक सोच में एक नरमी और शांति के लिए तैयार दिखाने की कोशिश हो सकती है, खासकर तब जब देश आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय दबाव से जूझ रहा है. recent visitors 34

दिग्विजय सिंह बोले- हमें दुख है कि युद्ध विराम की घोषणा होने के बाद पाकिस्तान द्वारा भारत पर मिसाइल दागे गए, जो उचित नहीं

गुना मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि युद्ध विराम की घोषणा के बाद पाकिस्तान का मिसाइल दागना गलत है। इस पर सख्ती से रोक लगना चाहिए। राज्यसभा सदस्य सिंह रविवार सुबह शहर के हड्डी मिल क्षेत्र में भू-माफिया से पीड़ित आदिवासी परिवार से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान वे मीडिया से अनौपचारिक चर्चा कर रहे थे। दिग्विजय ने कहा कि हर समस्या का निदान बातचीत है, जबकि युद्ध तो आखिरी विकल्प होता है। सिंह ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों का गढ़ बन चुका है। वहां की सरकार आतंकवादियों को पैसे का लालच देकर ट्रेनिंग देती है, जिसके बाद उन्हें आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करती है।   युद्ध विराम की घोषणा के बाद भी मिसाइल दागी यह सब बातें अब साफ होकर उजागर हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश देश भी स्वीकार कर चुके हैं कि पाकिस्तान पूरी तरह आतंकियों का गढ़ बन चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें दुख है कि युद्ध विराम की घोषणा होने के बाद पाकिस्तान द्वारा भारत पर मिसाइल दागे गए, जो उचित नहीं है। इस पर सख्ती से रोक लगाई जाना चाहिए। युद्ध के समय विपक्ष के भारत सरकार के साथ खड़े होने के सवाल पर सिंह ने कहा कि जब देश संकट में हो, तो सभी को राजनीति से परे होना चाहिए। हम भारत सरकार और सेना के साथ खड़े हैं और जरूरत में पूरा समर्थन करेंगे। recent visitors 31

भारतीय वायुसेना ने दिया बड़ा अपडेट, लक्ष्य हासिल लेकिन अब भी जारी है ऑपरेशन सिंदूर

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन की युद्ध जैसी स्थिति के बाद शनिवार को सीजफायर का ऐलान कर दिया गया। वहीं भारतीय वायुसेना ने एक बयान जारी कर कहा है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अब भी जारी है। वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर कहा, भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किए हैं। राष्ट्र के हित में यह ऑपरेशन बहुत ही आक्रामक ढंग से चलाया गया। हालांकि यह ऑपरेशन अब भी जारी है। आगे इसकी विस्तृत जानकारी दी जाएगी। वायुसेना अफवाहों और अप्राणित जानकारी पर विश्वास करने से बचने की सलाह देती है। गौरतलब है कि इस ऑपरेशन के दौरान वायु सेना के प्लेटफार्म और उसके पायलटो के संबंध में अलग अलग तरह की विवादास्पद जानकारियां साझा की जा रही है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर के अलावा शीर्ष अधिकारियों के साथ रविवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक सैन्य कार्रवाई रोकने पर भारत और पाकिस्तान के बीच सहमति बनने के एक दिन बाद हुई। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान और सेना के तीनों अंगों के प्रमुख शामिल हुए। भारत ने पाकिस्तान पर सहमति की शर्तों का उल्लंघन करने का शनिवार रात आरोप लगाया था और उससे इस तरह के उल्लंघन से बचने के लिए उचित कदम उठाने तथा स्थिति से ‘‘गंभीरता और जिम्मेदारी’’ के साथ निपटने का आह्वान किया था। स्थिति अब शांत हो गई है लेकिन कई सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग कई दिनों तक जारी रही गोलाबारी और ड्रोन संबंधी घटनाओं के कारण अब भी आशंकित हैं। बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को मासूम पर्यटकों पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए थे। इसके बाद पूरे देश में रोष था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेनाओं को पूरी छूट दे दी। इसके बाद सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर आतंकियों के 9 ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया।   recent visitors 37

राजधानी दिल्ली में 15 दिन बंद रहेगी यह सड़क, ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर लोगों से वैकल्पिक रास्तों से निकलने को कहा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में काठिया बाबा मार्ग पर स्वरूप नगर एसडीएम ऑफिस से लेकर बुराड़ी के विजय चौक तक 15 दिन गाड़ियों की आवाजाही बंद रहेगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस संबंध में एक ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर लोगों से वैकल्पिक रास्तों से निकलने को कहा है। इसके साथ ही यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार, काठिया बाबा मार्ग (स्वरूप नगर-बुरारी रोड) पर पीडब्ल्यूडी की टीम द्वारा मरम्मत और री-कार्पेटिंग के काम के चलते 10 मई 2025 से 15 दिन के लिए स्वरूप नगर एसडीएम ऑफिस (एनएच-44 पर नाला के पास) और विजय चौक (बुराड़ी साइड) के बीच वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इससे ट्रैफिक जाम हो सकता है और इस रास्ते से गुजरने वाले यात्रियों को असुविधा हो सकती है। इन वैकल्पिक मार्ग के इस्तेमाल की सलाह • एसडीएम ऑफिस स्वरूप नगर नाला रोड से यात्री सीसी रोड के माध्यम से भलस्वा लैंडफिल (कूड़ा-खट्टा) की ओर जा सकते हैं, फिर झंडा चौक से बुराड़ी चौक तक जा सकते हैं। वैकल्पिक रूप से, बुराड़ी पहुंचने के लिए झंडा चौक से विजय चौक तक का मार्ग चुनें। • विजय चौक से यात्री गुरुद्वारा रोड से होते हुए गुर्जर चौक के रास्ते झंडा चौक से भलस्वा लैंडफिल (कूड़ा-खट्टा) और फिर नाला तक का रास्ता अपना सकते हैं। यात्रियों के लिए सामान्य निर्देश • प्रभावित मार्ग से जाने से बचें और सुझाए गए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। • इस अवधि के दौरान धैर्य और सहयोग बनाए रखें। • ट्रैफिक नियमों का पालन करें और मुख्य मोड़ बिंदुओं पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मियों और मार्शलों/गार्डों के निर्देशों का पालन करें। • सड़क पर भीड़भाड़ कम करने के लिए कृपया सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। • अपने वाहनों को केवल तय पार्किंग क्षेत्रों में ही पार्क करें। • सुचारू यातायात प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए सड़क किनारे पार्किंग से बचें। • वाहन चालकों से अनुरोध है कि वे धैर्य रखें। ट्रैफिक नियमों का पालन करें और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के साथ सहयोग करें। प्रमुख चौराहों पर तैनात पुलिस के निर्देशों का पालन करें। • दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के माध्यम से अपडेट रहें।   recent visitors 43