मोदी सरकारी की युद्ध नीति की सराहना की है, कांग्रेस के वरिष्ठ पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम भी कर रहे

नई दिल्ली 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस घटना के बाद देशभर में बदले और बड़ी सैन्य कार्रवाई की मांग उठने लगी। भारतीय सैनिकों ने पहले आतंकी ठिकानों को बर्बाद किया। उसके बाद पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्ण युद्ध की जगह संतुलित और रणनीतिक तरीके से जवाब दिया है। इसकी तारीफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम भी कर रहे हैं। उन्होंने एक लेख के जरिए मोदी सरकारी की युद्ध नीति की सराहना की है। पी चिदंबरम लिखते हैं- प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी 16 सितंबर 2022 को रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान राष्ट्रपति पुतिन से कहा था, “यह युद्ध का युग नहीं है।” यह वक्तव्य वैश्विक स्तर पर सराहा गया और भारत की छवि को एक शांतिप्रिय राष्ट्र के रूप में मजबूत किया। इसी सोच के तहत भारत ने इस बार भी संयम बरता। 7 मई 2025 को भारतीय सेना ने सीमित सैन्य कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में कुल 9 ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों से निशाना बनाया। इन हमलों में आतंकवादी संगठनों द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के बुनियादी ढांचे को नष्ट किया गया। भारत की इस कार्रवाई में किसी नागरिक या पाकिस्तान की सैन्य संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया गया, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि भारत युद्ध नहीं, परन्तु न्याय चाहता है। इसके बावजूद पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा (LoC) पर गोलीबारी के जरिए जवाब मिला। 8 मई को पाकिस्तान ने मिसाइल, ड्रोन और वायुसेना का इस्तेमाल करते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसका भारत ने फिर से मापी गई और प्रभावी प्रतिक्रिया दी। भारत की कार्रवाई के बावजूद यह मानना भूल होगी कि आतंकी संगठन पूरी तरह खत्म हो गए हैं। इन संगठनों का नेतृत्व अभी भी सक्रिय है और पाकिस्तान में उन्हें लगातार समर्थन मिलता रहा है। जब तक पाकिस्तान की सेना और ISI आतंकवाद को बढ़ावा देते रहेंगे, भारत के लिए खतरा बना रहेगा। इस संघर्ष में कुछ भारतीय नागरिकों की जान गई है और कुछ सैन्य नुकसान भी हुआ है। पाकिस्तान की ओर से भारतीय विमान गिराने के दावे को उसके ही रक्षा मंत्री बीबीसी इंटरव्यू में प्रमाणित नहीं कर सके, जिससे पाकिस्तान की स्थिति हास्यास्पद हो गई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब तक कश्मीर में तीन बड़े आतंकी हमले हुए हैं। उरी, पुलवामा और अब पहलगाम। हर बार सरकार ने सीमित परंतु निर्णायक जवाब दिया है। इस बार सरकार ने नक्शे और वीडियो जारी कर पारदर्शिता का परिचय भी दिया। दो युवा महिला सैन्य अधिकारियों को मीडिया ब्रीफिंग में शामिल करना इस दिशा में एक सराहनीय कदम था। हालांकि, प्रधानमंत्री की ओर से 24 अप्रैल और 7 मई को हुई सर्वदलीय बैठकों में अनुपस्थित रहना और अभी तक पहलगाम या पीड़ित परिवारों का दौरा न करना आलोचना का कारण बन रहा है। इसकी तुलना मणिपुर संकट के दौरान उनकी अनुपस्थिति से की जा रही है। पाकिस्तान की दुविधा अब गेंद पाकिस्तान के पाले में है। यदि पाकिस्तान तनाव बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ा तो उसे वैश्विक निंदा झेलनी पड़ सकती है, विशेषकर OIC जैसे मंचों पर। भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अगर युद्ध चाहिए, तो भारत तैयार है। समझदारी इसी में है कि पाकिस्तान अब इस मामले को यहीं समाप्त करे, आतंकियों पर लगाम लगाए और तनावपूर्ण शांति की ओर बढ़े। लेकिन सवाल यही है कि पाकिस्तान में सत्ता वास्तव में किसके हाथ में है। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ की कमजोर सिविल सरकार या सेना और ISI के हाथों की कठपुतली?   recent visitors 27

भारतीय होने के नाते मैं चाहता था कि हमारे सैनिकों को 2 से तीन दिन और मिलने चाहिए थे क्योंकि पाकिस्तान घुटनों पर था

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सैनिकों ने पराक्रम दिखाया और पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को तबाह कर दिया। 100 से ज्यादा आतंकियों को मार डाला। लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप और ठिकानों को बर्बाद कर दिया। पाकिस्तान के कई एयरबेसों को नुकसान पहुंचाया, चार दिनों तक चले संघर्ष में अचानक अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ट्वीट करते हैं और बयान देते हैं कि हमारी मध्यस्थता से भारत और पाक सीजफायर पर सहमत हो गए हैं। कुछ देर बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि कर दी। इस पूरे घटनाक्रम पर जम्मू कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने निराशा जताई है। उन्होंने कहा- भारतीय होने के नाते मैं चाहता था कि हमारे सैनिकों को 2 से तीन दिन और मिलने चाहिए थे क्योंकि पाकिस्तान घुटनों पर था। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर को लेकर कई सुर उठ रहे हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के खिलाफ हमारा जीरो टॉलरेंस जारी है। पाकिस्तान की अगली किसी भी हरकत का कड़े से कड़ा जवाब दिया जाएगा। सीजफायर को लेकर भारत में सवाल भी उठ रहे हैं, कि कोई तीसरा देश कैसे सीजफायर का ऐलान कर सकता है? इस बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने कहा है कि भारत को सैन्य अभियान के लिए कुछ और समय मिलना चाहिए था। वैद ने कहा, "एक भारतीय होने के नाते, मैं मानता हूं कि हमारी सशस्त्र सेनाओं को पाकिस्तान को पूरी तरह सबक सिखाने के लिए 2-3 दिन और चाहिए थे। पाकिस्तान पहले ही घुटनों पर था।" भारतीय कदम की सराहना हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत की राजनीतिक नेतृत्व के पास कुछ ऐसे तथ्य और कूटनीतिक कारण रहे होंगे जो आम जनता को नहीं बताए गए। उन्होंने कहा, "ऐसे कई तथ्य होते हैं जो नेतृत्व जानता है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में कुछ विशेष परिस्थितियां होती हैं। सरकार को देशहित को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने पड़ते हैं। देश केवल अहंकार से नहीं चलता, बल्कि दूरदृष्टि से चलता है।" कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं" ट्रंप ने सीजफायर के बाद फिर ट्वीट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे का भी जल्द समाधान निकलेगा। इस पर वेद ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "जहां तक कश्मीर मुद्दे का सवाल है, भारत की राजकीय नीति स्पष्ट है — हम किसी तीसरे पक्ष की दखल को स्वीकार नहीं करते। यह शिमला समझौते के अनुसार दो देशों के बीच का मसला है, जिसे आपसी बातचीत से ही सुलझाया जाना है।" गौरतलब है कि एसपी वैद का यह बयान ऐसे समय आया है जब कई विश्लेषक और पूर्व सैन्य अधिकारी यह सवाल उठा रहे हैं कि पाकिस्तान के खिलाफ अभियान को अचानक क्यों रोका गया? वैद ने संतुलन साधते हुए कहा कि भले ही उन्हें लगता है कि कुछ और कार्रवाई की जा सकती थी, लेकिन सरकार की जिम्मेदारी वृहद राष्ट्रीय हित को देखते हुए निर्णय लेना है। सिब्बल ने उठाई मांग- विशेष सत्र या सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए कपिल सिब्बल ने एएनआई से बातचीत में कहा, "ट्रंप के इस ट्वीट को लेकर कई सवाल खड़े होंगे… भारत-पाकिस्तान के बीच जो समझ बनी, वो कैसे बनी, क्यों बनी, इसकी कोई जानकारी हमें नहीं दी गई है। इसलिए आज हम कोई आलोचना नहीं करेंगे, लेकिन सरकार से एक सीधी मांग जरूर कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर विशेष संसद सत्र और सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। सिब्बल ने सभी विपक्षी दलों से अपील की कि वे तब तक सर्वदलीय बैठक में शामिल न हों, जब तक यह स्पष्ट न हो जाए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उस बैठक में मौजूद रहेंगे।   recent visitors 26

झूठ के बखान में सामने पाकिस्तानी सेना के बड़े अफसर ने कैमरे के सामने कबूल किया कि पुलवामा आतंकी हमला उसने किया था

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर को लेकर सहमति तो बन गई है, लेकिन भारत की शर्तों पर। पाकिस्तान अपनी हार छिपाने के लिए बड़ी-बड़ी डींगे हांक रहा है। पाकिस्तानी सेना ने प्रेस कॉफ्रेंस में जमकर झूठ बोला। हालांकि इस झूठ के बखान में उसके पोल भी खुल गई। पाकिस्तानी सेना के बड़े अफसर ने कैमरे के सामने कबूल किया कि पुलवामा आतंकी हमला उसने किया था। बता दें कि पाकिस्तान हमेशा पुलवामा आतंकी हमले में अपनी भूमिका से इनकार करता आया है। पाकिस्तानी सेना का यह बयान अब सोशल मीडिया पर उनकी ही सरकार की किरकिरी कर रहा है। 2019 के पुलवामा आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान ने पहली बार सार्वजनिक मंच से अपनी भूमिका स्वीकार की है। पाकिस्तान एयरफोर्स के प्रवक्ता एयर वाइस मार्शल औरंगजेब अहमद ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हमने पुलवामा में अपनी टैक्टिकल ब्रिलिएंस से उन्हें समझाने की कोशिश की थी…" यह बयान पाकिस्तान की वर्षों से चली आ रही उस रणनीति को पूरी तरह झुठला देता है, जिसमें वह पुलवामा हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार करता रहा है। औरंगजेब अहमद का यह दिखावटी बहादुरी अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के सामने आया, जिसमें उनके साथ DG ISPR लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी और नौसेना प्रवक्ता भी मौजूद थे। पाकिस्तान के झूठ की पोल खुली 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में एक आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आतंकवादी ने सीआरपीएफ के 40 जवानों को शहीद कर दिया था। भारत ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन पाकिस्तान ने हमेशा इन आरोपों को खारिज किया। अब एयर वाइस मार्शल औरंगजेब के इस बयान ने न केवल पुलवामा हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता को उजागर कर दिया है। पाकिस्तान का दोहरा चेहरा औरंगजेब ने कहा, "अगर पाकिस्तान की सीमा, जमीन, जल या लोग खतरे में हों, तो कोई समझौता नहीं होगा। पुलवामा में हमने टैक्टिकल ब्रिलिएंस से संदेश देने की कोशिश की थी, अब हमने रणनीतिक स्तर पर भी क्षमता दिखा दी है।" इस बयान ने पाकिस्तान की कूटनीतिक पाखंड और दोहरे रवैये को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है। बालाकोट एयर स्ट्राइक पुलवामा हमले के बाद भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर को नष्ट कर दिया था। इस ऑपरेशन में 12 मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने जैश के सबसे बड़े ठिकाने को तबाह किया था।   recent visitors 27

शांति स्थापित होने के बाद अब वह दोनों देशों के साथ व्यापार और कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए मिलकर काम करेंगे: ट्रंप

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार सुबह भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर को लेकर अपनी राय रखी। ट्रंप ने चार दिन की दुश्मनी के बाद संघर्ष विराम के लिए राजी होने के लिए दोनों देशों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस आक्रामकता के कारण लाखों लोगों की जान जा सकती थी। शांति स्थापित होने के बाद अब वह दोनों देशों के साथ व्यापार और कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए मिलकर काम करेंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार शाम को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में घोषणा की थी कि अमेरिकी की मध्यस्थता के बाद दोनों ही देश आपस में सीजफायर करने के लिए तैयार हुए हैं। हालांकि, भारत ने इस मामले पर कहा कि पाकिस्तान के साथ सीधी बातचीत के जरिए संघर्ष विराम पर सहमति बनी है, जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अमेरिका की मध्यस्थता की बात कही। रविवार की सुबह ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक बार फिर इस मामले पर बयान दिया। उन्होंने लिखा, "मुझे भारत और पाकिस्तान के मजबूत और अडिग नेतृत्व पर बहुत गर्व है, क्योंकि उनके पास यह जानने और समझने की शक्ति और बुद्धि है कि वर्तमान आक्रामकता को रोकने का वक्त आ गया है। अगर यह संघर्ष चलता रहता तो यह कई लोगों की मौत और विनाश का कारण बन सकता था। इसकी वजह से लाखों अच्छे और निर्दोष लोग मारे जा सकते थे। मुझे गर्व है कि अमेरिका आपको इस ऐतिहासिक और वीरतापूर्ण निर्णय तक पहुंचने में मदद कर पाया। मैं इन दोनों महान देशों के व्यापार में काफी वृद्धि करने जा रहा हूं।" कश्मीर का हल निकाल सकते हैं: ट्रंप कश्मीर के मुद्दे पर दोनों देशों के नेताओं को संबोधित करते हुए ट्रंप ने लिखा, " मैं आप दोनों के साथ मिलकर कश्मीर के मुद्दे पर भी बात करने के लिए तैयार हूं। हम मिलकर यह देख सकते हैं कि क्या 'हजार साल' बाद भी कश्मीर के संबंध में कोई समाधान निकाला जा सकता है। भगवान, भारत और पाकिस्तान के नेतृत्व को अच्छी तरह से काम करने के लिए आशीर्वाद दें।"" भारत-पाकिस्तान समझौता पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच में शुरू हुई लड़ाई को दोनों देशों ने शनिवार को रोकने पर सहमति जताई। भारत की तरफ से बताया गया कि दोनों देशों के बीच में अधिकारी लेवल की बातचीत हुई और फिर दोनों ने इस पर सहमति जताई। हालांकि कुछ ही घंटों बाद, पाकिस्तान ने ड्रोन से भारतीय शहरों के ऊपर हमला करके समझौता तोड़ दिया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि भारतीय सेनाएं पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे सीजफायर उल्लंघन पर उचित कदम उठा रही है। इससे पहले भारत की तरफ से यह साफ किया गया कि दोनों देशों के बीच में हुआ युद्ध विराम में किसी भी तीसरे देश की भूमिका नहीं थी। हालांकि ट्रंप ने भारत की प्रेस कॉन्फ्रेंस होने से पहले ही सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा कर दी। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भी ट्रंप के नैरेटिव को आगे बढ़ाते हुए अपने पोस्ट में ट्रंप को धन्यवाद दिया। आपको बता दें कि कश्मीर के मुद्दे पर शिमला समझौते के बाद से ही भारत की स्थिति पूरी तरह से साफ है। भारत इस मुद्दे पर किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करता है।   recent visitors 31

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी सभी मातृ दिवस की बधाई दी, मदर्स डे पर पोस्ट किया मां के साथ तस्वीरों का वीडियो

नई दिल्ली आज मदर्स डे है। इस मौके पर देश और दुनिया भर में बेटे-बेटियां अपनी मां को प्यार भरे संदेश दे रहे हैं। इस बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी सभी मातृ दिवस की बधाई दी है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी माताजी के साथ खुद की तस्वीरों का एक वीडियो भी पोस्ट किया। वीडियो के जरिए उन्होंने मातृ दिवस के अवसर पर सभी मातृ शक्ति का वंदन-अभिनंदन किया। मां के साथ सीएम योगी की पहली तस्वीर पर लिखा है- ‘मां परिवार की एकता एवं सुमति की सेतु।’ अलग-अलग अवसरों पर ली गईं सीएम योगी और उनकी माताजी सावित्री देवी अगली तस्वीरों पर कोटेशन में मां को संस्कारों की प्रथम शिल्पकार और हमारी जीवनदायिनी बताते हुए मां के आशीष को सुरक्षा कवच और मां के सानिध्य को सर्वोत्तम वरदान बताया गया है। सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में सीएम योगी ने लिखा-‘या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै।। नमस्तस्यै।। नमस्तस्यै नमो नमः।। मातृ दिवस की समूची मातृशक्ति एवं प्रदेश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! परिवार की एकता एवं सुमति की सेतु मां, संस्कारों की प्रथम शिल्पकार होती है। मां हमें जीवन देने के साथ ही उसे अर्थमय भी बनाती है। समस्त मातृशक्ति का वंदन-अभिनंदन!’ बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखण्ड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) के पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचुर गाँव में हुआ था। इनके पिता आनन्द सिंह बिष्ट का 20 अप्रैल 2020 को निधन हो गया था। सीएम योगी की माताजी का नाम सावित्री देवी है। सीएम योगी अपनी माता-पिता के सात बच्चों में तीन बड़ी बहनों और एक बड़े भाई के बाद पांचवें थे। इनसे और दो छोटे भाई हैं। पिछले साल अक्टूबर महीने में सीएम योगी की माताजी को तबीयत खराब होने के बाद देहरादून के जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब मां से मिलने सीएम योगी ने देहरादून पहुंचे थे।   recent visitors 50

ऑपरेशन सिंदूर से बेदम पाकिस्तान, भारत ने पहली बार किया ब्रह्मोस का इस्तेमाल

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की सशस्त्र सेनाओं ने पाकिस्तान के कई प्रमुख सैन्य अड्डों पर सटीक और योजनाबद्ध तरीके से हमले किए। इन हमलों में अत्याधुनिक मिसाइलों और आधुनिक गाइडेड हथियारों का उपयोग किया गया, जिसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, SCALP एयर-लॉन्च क्रूज मिसाइल और HAMMER गाइडेड म्यूनिशन जैसे हथियार शामिल बताए जा रहे हैं। भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों से लॉन्च किए गए ये हथियार पाकिस्तानी वायुसेना के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ठिकानों जैसे कि रफीकी (झंग), मुरिद (चक्कवाल), नूर खान (चकलाला, रावलपिंडी), रहीम यार खान, सुक्कुर और चुनीयां (कसूर) को निशाना बनाया गया। स्कर्दू, भोलारी, जैकबाबाद और सरगोधा के एयरबेस को भी गंभीर क्षति पहुंची है। वहीं, पस्रूर और सियालकोट में रडार ठिकानों को भी सटीक हथियारों से ध्वस्त किया गया। ब्रह्मोस मिसाइल का पहला युद्ध उपयोग भारत की ओर से ब्रह्मोस मिसाइल के उपयोग की औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि यह इस क्रूज मिसाइल की पहली युद्ध उपयोगिता हो सकती है। यह मिसाइल भारतीय वायुसेना और नौसेना के सबसे खतरनाक हथियारों में से एक मानी जाती है। भारतीय सेना ने केवल सैन्य और तकनीकी ठिकानों को ही निशाना बनाया जैसे कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, रडार स्टेशन, यूएवी बेस और हथियार भंडार स्थल। मुरिद एयरबेस पाकिस्तानी ड्रोन और यूएवी गतिविधियों का मुख्य केंद्र है, वहीं रफीकी बेस में उन्नत फाइटर स्क्वॉड्रन तैनात हैं। चकलाला स्थित नूर खान बेस में पाकिस्तानी वायुसेना की भारी परिवहन क्षमता और ईंधन भरने वाले विमानों की तैनाती है। पाकिस्तान की घुसपैठ की कोशिश नाकाम भारतीय सेना ने बताया कि पाकिस्तान ने श्रीनगर से लेकर नलिया तक 26 से अधिक स्थानों पर हवाई घुसपैठ की कोशिश की, जिसे भारतीय वायुसेना ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया कि "हमने सभी घुसपैठ प्रयासों को निष्क्रिय किया। हालांकि उधमपुर, पठानकोट, आदमपुर और भुज में कुछ उपकरणों और जवानों को सीमित क्षति पहुंची है।" कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि "पाकिस्तान ने श्रीनगर, अवंतीपुर और उधमपुर एयरबेस पर मौजूद स्वास्थ्य केंद्र और स्कूल परिसर को भी निशाना बनाया, जो स्पष्ट रूप से नागरिक ढांचे पर हमला है।"   recent visitors 44

स्मृति मंधाना ने ठोका एक और शतक, दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा सेंचुरी WODI क्रिकेट में जड़ने वाली बल्लेबाज बन गई

नई दिल्ली आज भारतीय टीम की ओपनर स्मृति मंधाना के बल्ले से एक और शतक निकला। वे भारत के लिए पहले से ही वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाली बल्लेबाज हैं, जबकि अब वह दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा सेंचुरी WODI क्रिकेट में जड़ने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। स्मृति मंधाना ट्राई सीरीज के फाइनल में मेजबान श्रीलंका की टीम की गेंदबाजों पर आग की तरह बरसीं। शुरुआत में वह संभलकर खेलीं, लेकिन जब उनके बल्ले से चौके और छक्के निकलने शुरू हुए तो फिर रुकने का नाम नहीं लिए। बाएं हाथ की बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 92 गेंदों में 12 चौके और 2 छक्कों की मदद से शतक पूरा किया, जो वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में उनका 11वां शतक था। वे 11 या इससे ज्यादा शतक जड़ने वालीं दुनिया की तीसरी बल्लेबाज बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने इंग्लैंड की टॉमी ब्यूमोंट को पीछे छोड़ा है, जिन्होंने 10 शतक अब तक महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मे जड़े हैं। शतक जड़ने तक मंधाना का स्ट्राइक रेट 108.70 था। मंधाना से ज्यादा शतक महिला एकदिवसीय क्रिकेट में मैग लेनिंग (15) और सूजी बेट्स (13) ने जड़े हैं। श्रीलंका के खिलाफ स्मृति मंधाना का ये पहला शतक है। स्मृति मंधाना ने मेजबान टीम की कप्तान चमारी अट्टापट्टू के खिलाफ लगातार तीन चौके जड़कर अपना शतक पूरा किया। इस शतक से भारत को इस खिताबी मैच में मजबूती मिली है। उन्होंने प्रतिका रावल के साथ पहले विकेट के लिए बड़ी साझेदारी कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई और फिर हरलीन देओल के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। एक विशाल स्कोर के लिए भारत को मंच मिल चुका है। अगर इस मैच में मंधाना 129 रन बना लेती हैं तो वे इस ट्राई सीरीज की टॉप स्कोर बन जाएंगी। मौजूदा समय में वे दूसरे स्थान पर हैं। पहले चार मैचों में उन्होंने 148 रन बनाए थे, जिसमें एक अर्धशतक शामिल था।   recent visitors 41