मध्यप्रदेश में कहीं आंधी-तूफान के साथ बारिश तो कही भीषण गर्मी का अलर्ट, जान लें आपके शहर का मौसम

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहे हैं। कहीं बारिश तो कहीं तेज गर्मी से लोग दो-चार हैं। एक साथ तीन-तीन वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के चलते प्रदेश के कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का सिलसिला जारी है तो वहीं दूरी तरफ ग्वालियर चंबल संभाग में भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 7 संभागों के जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट है तो वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग के तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। 16 मई तक रह सकती है ऐसी स्थिति मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल मध्यप्रदेश में कुछ वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हैं, जिससे आने वाले तीन चार दिनों तक प्रदेश का मौसम ऐसा ही रह सकता है, जहां 16 मई तक प्रदेश के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बनती दिख रही है, हालांकि इसके बाद मौसम साफ होने की उम्मीद की जा रही है, जिसके बाद प्रदेश में तेज गर्मी का दौर शुरू हो सकता है. जहां-जहां मौसम साफ होने लगा है वहां गर्मी भी शुरू हो गई है, ग्वालियर में बीते 24 घंटे में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया था, इसी तरह शहडोल और जबलपुर संभाग में भी मौसम साफ होने से तेज गर्मी शुरू हो गई है. एमपी के इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के कई जिलों में आज आंधी तूफान का अलर्ट जारी किया है, जिनमें भोपाल, उज्जैन समेत आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी , विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, और पांढुर्णा, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर में आंधी-तूफान की संभावना बन रही है, यहां मौसम 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, हालांकि सुबह के वक्त यहां मौसम साफ रहने की संभावना है. मध्यप्रदेश में तेज गर्मी की होगी शुरुआत हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल यह स्थिति ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है, क्योंकि वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म होते ही तेज गर्मी का दौर शुरू होने के चांस है, जैसा दिखना भी शुरू हो गया है, सोमवार खजुराहो सबसे ज्यादा गर्म रहा, यहां का तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था, जबकि सतना और ग्वालियर में 40 डिग्री तापमान था, वहीं  भोपाल में 38.4 डिग्री, इंदौर में 36.7 डिग्री, उज्जैन में 37.8 डिग्री और जबलपुर में 38.3 डिग्री दर्ज किया गया था. सुबह से सभी जगह अच्छी धूप खिली रहती है, लेकिन दोपहर से लेकर शाम के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिलता है, जिससे यहां आंधी तूफान की संभावना बनती है.   खजुराहो सबसे गर्म सोमवार को खजुराहो सबसे ज्यादा गर्म रहा, यहां का तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था, जबकि सतना और ग्वालियर में 40 डिग्री तापमान था, वहीं भोपाल में 38.4 डिग्री, इंदौर में 36.7 डिग्री, उज्जैन में 37.8 डिग्री और जबलपुर में 38.3 डिग्री दर्ज किया गया था. सुबह से सभी जगह अच्छी धूप खिली रहती है, लेकिन दोपहर से लेकर शाम के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिलता है, जिससे यहां आंधी तूफान की संभावना बनती है। इन जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के कई जिलों में आज आंधी तूफान का अलर्ट जारी किया है, जिनमें भोपाल, उज्जैन समेत आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी , विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, और पांढुर्णा, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर में आंधी-तूफान की संभावना बन रही है।  मध्य प्रदेश में इन दिनों लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहे हैं। कहीं बारिश तो कहीं तेज गर्मी से लोग दो-चार हैं। एक साथ तीन-तीन वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के चलते प्रदेश के कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का सिलसिला जारी है तो वहीं दूरी तरफ ग्वालियर चंबल संभाग में भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 7 संभागों के जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट है तो वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग के तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। 16 मई तक रह सकती है ऐसी स्थिति मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल मध्यप्रदेश में कुछ वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हैं, जिससे आने वाले तीन चार दिनों तक प्रदेश का मौसम ऐसा ही रह सकता है, जहां 16 मई तक प्रदेश के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बनती दिख रही है, हालांकि इसके बाद मौसम साफ होने की उम्मीद की जा रही है, जिसके बाद प्रदेश में तेज गर्मी का दौर शुरू हो सकता है. जहां-जहां मौसम साफ होने लगा है वहां गर्मी भी शुरू हो गई है, ग्वालियर में बीते 24 घंटे में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया था, इसी तरह शहडोल और जबलपुर संभाग में भी मौसम साफ होने से तेज गर्मी शुरू हो गई है. एमपी के इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के कई जिलों में आज आंधी तूफान का अलर्ट जारी किया है, जिनमें भोपाल, उज्जैन समेत आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी , विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, और पांढुर्णा, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर में आंधी-तूफान की संभावना बन रही है, यहां मौसम 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, हालांकि सुबह के वक्त यहां मौसम साफ रहने की संभावना है. मध्यप्रदेश में तेज गर्मी की होगी शुरुआत हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल यह स्थिति ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है, क्योंकि वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म होते ही तेज गर्मी का दौर शुरू होने के चांस है, जैसा दिखना भी शुरू हो गया है, सोमवार खजुराहो सबसे ज्यादा गर्म रहा, यहां का तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था, जबकि सतना और ग्वालियर में 40 डिग्री तापमान था, वहीं  भोपाल में 38.4 डिग्री, इंदौर में 36.7 डिग्री, उज्जैन में 37.8 डिग्री … Read more

जम्‍मू-कश्‍मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में ढेर किया एक आतंकी, दो के फंसे होने की आशंका

श्रीनगर  जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबल एक बार फिर एक्शन में आ गए हैं। मंगलवार को आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई। लगातार फायरिंग के बाद सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया। यह एनकाउंटर शोपियां के जिनपथेर केलर इलाके में हुआ है। बताया जा रहा है कि मारा गया आतंकी लश्कर-ए-तैयबा का था। वहीं सेना के हाथ बड़ी कामयाबी भी लगी है कि दो आतंकियों को जिंदा पकड़ा गया है। सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि दक्षिण कश्मीर के शोपियां में जम्पाथरी इलाके में कुछ आतंकी छिपे हैं। ये आतंकी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। सुरक्षाबलों ने सर्च अभियान चलाया। इसी दौरान सुरक्षाबलों ने आतंकियों के ठिकाने को चारों तरफ से घिर लिया। आतंकियों को सरेंडर करने को कहा गया। आतंकियों ने की फायरिंग सुरक्षाबलों से घिरे आतंकियों ने फायरिंग करनी शुरू कर दी। इसी दौरान सुरक्षाबलों ने भी जवाबी फायरिंग की। लगातार ताबड़तोड़ गोलीबारी होती रही। आखिरकार एक आतंकी को गोली लगी और वह गिर पड़ा। दो आतंकियों ने इसी दौरान भागने की कोशिश की लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान मिले सामान तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों को भारी मात्रा में गोला-बारूद मिला। असलहे मिले हैं और कई गुप्त दस्तावेज भी बरामद हुए है। आतंकी लश्कर ए तैयबा संगठन से जुड़ा है। पकड़े गए दो आतंकियों से पूछताछ के बाद कुछ और खुलासे हो सकते हैं। recent visitors 54

केंद्रीय मंत्री चौहान अजा 13 मई को अम्बिकापुर में आयोजित “मोर आवास मोर अधिकार” कार्यक्रम में शामिल होंगे

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से  छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि व किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने चौहान का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह व शॉल भेंट किया। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि  गरीब, किसान एवं गांव के कल्याण के लिए आपका समर्पण हम सबके लिए प्रेरणादायी है। आपके अनुभव और मार्गदर्शन से डबल इंजन सरकार का संकल्प और सशक्त होगा। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री चौहान कल 13 मई को अम्बिकापुर में आयोजित "मोर आवास मोर अधिकार" कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में चौहान प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और पीएम जनमन के आवास हितग्राहियों को खुशियों की चाबी देंगे तथा आवास निर्माण प्रारंभ करने वाले हितग्राहियों का भूमिपूजन कर उन्हें आवास स्वीकृति पत्र प्रदान करेंगे। केंद्रीय मंत्री चौहान राज्य में नवनिर्मित 51 हजार प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का गृह प्रवेश करवाएंगे। इसके साथ ही वे उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व सहायता समूह की दीदियों, लखपति दीदियों को सम्मानित भी करेंगे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वनमंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओपी चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। recent visitors 67

शेयर बाजार में एक दिन की रेकॉर्ड तेजी के बाद आज भारी गिरावट दिख रही

मुंबई  टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील ने कल यानी सोमवार को वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी किए थे। चौथी तिमाही में कंपनी को बंपर मुनाफा हुआ है। यह दोगुने से भी ज्यादा रहा। इसके बावजूद आज मंगलवार को इस कंपनी के शेयर में वह तेजी दिखाई नहीं दी, जिसकी उम्मीद थी। वहीं कंपनी ने कहा है कि वह अपनी सिंगापुर स्थित इकाई, टी स्टील होल्डिंग्स में 2.5 बिलियन डॉलर का निवेश करेगी। टाटा स्टील का शेयर सोमवार को 151.55 रुपये पर बंद हुआ था। मंगलवार को यह कुछ तेजी के साथ 152.35 रुपये पर खुला। हालांकि बाद में इसमें गिरावट आई और यह 149.65 रुपये पर आ गया। इसके बाद इसमें उतार-चढ़ाव आता रहा। सुबह 10 बजे टाटा स्टील का शेयर 0.46% की गिरावट के साथ 150.85 रुपये पर कारोबार कर रहा था। कंपनी को कितना हुआ मुनाफा? कंपनी को चौथी तिमाही में 1,200.88 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 554.56 करोड़ रुपये था। कंपनी ने बताया कि ज्यादा बिक्री और खर्चों में कमी की वजह से मुनाफा बढ़ा है। हालांकि, इस दौरान कंपनी की कमाई थोड़ी कम हुई है। कंपनी की कुल आय 56,679.11 करोड़ रुपये रही। पिछले साल यह 58,863.22 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने अपने खर्चों को भी कम किया है। इस तिमाही में कंपनी का खर्च 54,167.61 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल यह 56,496.33 करोड़ रुपये था। कितना मिलेगा डिविडेंड? पूरे वित्त वर्ष FY25 की बात करें तो टाटा स्टील को 3,173.78 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी को 4,909.61 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इस साल कंपनी ने नुकसान की भरपाई कर ली है। कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को डिविडेंड देने का भी फैसला किया है। हर शेयर पर 3.60 रुपये का डिविडेंड मिलेगा। यह डिविडेंड 1 रुपये के फेस वैल्यू वाले शेयर पर 360% है। सहायक कंपनी में निवेश बोर्ड ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। टाटा स्टील अपनी सिंगापुर स्थित इकाई, टी स्टील होल्डिंग्स में 2.5 बिलियन डॉलर का निवेश करेगी। यह निवेश यूरोप में कंपनी के कारोबार को मजबूत करने और कर्ज चुकाने के लिए किया जा रहा है। टाटा स्टील, टी स्टील होल्डिंग्स के माध्यम से यूके और नीदरलैंड में अपने कारोबार का संचालन करती है। किसी भी विदेशी निवेश के लिए, जो एक वित्तीय वर्ष में 1 बिलियन डॉलर से अधिक है, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से पहले अनुमति लेनी होती है। टाटा स्टील के बोर्ड ने सोमवार को इस निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। recent visitors 57

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इस उपलब्धि के लिए रीवा संभाग की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही

रीवा उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि जिद, जुनून एवं जज्वे से बड़े से बड़े लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। मध्यप्रदेश की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले रीवा संभाग के विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिया है कि विन्ध्य का भविष्य सुनहरा है और आने वाले दिनों में यह विद्यार्थी अपना योगदान देंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय रीवा परिसर के सभागार में माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले रीवा संभाग 66 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। “आपरेशन निखार” की सराहना की उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इस उपलब्धि के लिए रीवा संभाग की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। उन्होंने प्रतिभाशाली बच्चों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की तथा कहा कि संस्कारवान शिक्षा ही सर्वोत्तम है। शिक्षित होकर संस्कारवान बनें और आगे बढ़ते रहें। श्री शुक्ल ने कहा कि जीवन में निराश न हों। सफलतायें एवं असफलतायें मिलती रहती हैं अपने लक्ष्य के लिए हमेशा प्रयासरत रहें। उन्होंने कहा कि इन बच्चों ने जो अपने अनुभव बताये हैं उससे यह सिद्ध होता है कि इन्हें आगे बढ़ने का मंत्र प्राप्त हो गया है। आगे की शिक्षा में इसी लगन और मेहनत से लगे रहे। उन्होंने रीवा संभाग के कमिश्नर श्री बीएस जामोद द्वारा शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए संभाग में प्रारंभ किये गये “आपरेशन निखार” की प्रशंसा की जिसके सार्थक परिणाम सामने आये हैं। उन्होने कहा कि प्रशासन के साथ-साथ शिक्षा विभाग के शिक्षकों व अन्य अधिकारियों ने रीवा संभाग में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए समन्वित प्रयास किया है जो बधाई के पात्र हैं। उन्होंने अपेक्षा की कि प्रतिभाशाली बच्चों से अन्य बच्चे भी प्रेरणा लेगें। सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने कहा कि विद्यार्थियों में घमण्ड व अतिरेक की भावना न जागृत हो। आत्मविश्वास कायम रहे जीवन में सफलता के लिए विनम्रता, लगन एवं निष्ठा आवश्यक है जो विद्यार्थियों को समग्रता देती है। श्री मिश्र ने कहा कि समाज में इन प्रतिभाओं की आग्रणी भूमिका रहेगी। उन्होंने अपेक्षा की कि प्रतिभावान छात्र अन्य विद्यार्थियों को भी मार्गदर्शन दें और उनको भी आगे बढ़ाने में मददगार हों। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल ने कहा कि शिक्षकों और गुरूजनों के प्रयासों से ही बच्चों ने सफलता प्राप्त की है और विन्ध्य का नाम रोशन किया है जिससे हम सब गौरवांवित महसूस कर रहे हैं। कमिश्नर रीवा संभाग श्री जामोद ने कहा कि रीवा का इतिहास शिक्षा के क्षेत्र में समृद्धशाली रहा है। इन प्रतिभावान विद्यार्थियों ने इसमें और चार चाँद लगा दिये हैं। उन्होंने कहा कि सम्मान समारोह में सभी को गौरव का अनुभव हो रहा है। छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं उनके परिजन को इस सफलता के लिए बहुत-बहुत बधाई। कमिश्नर ने कहा कि संभाग के 66 बच्चों ने मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आप सभी मंजिल पर कायम रहते हुये लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सतत प्रयत्नशील रहें। इससे पूर्व कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में सिंगरौली की प्रज्ञा जायसवाल, सतना की प्रियल द्विवेदी, सीधी के दिव्यांशु तिवारी तथा रीवा के अंकुर यादव ने अपने अनुभव बताते हुए सफलता के लिए माता-पिता व गुरूजनों के योगदान का श्रेय दिया। कक्षा 10वीं की प्रदेश की प्रावीण्य सूची में संभाग के 39 तथा कक्षा 12वीं की सूची में संभाग के 27 विद्यार्थियों ने अपना स्थान बनाया है। स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और उनके परिजन उपस्थित रहे।   recent visitors 27

स्कूल शिक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष-2024-25 में प्रावधान किये गये कुल बजट का 95 प्रतिशत हिस्सा स्कूल शिक्षा के सुधार में दिया

स्कूल शिक्षा को भारतीय मूल्यों, संस्कृति आधारित शिक्षा से जोड़ने के लिये किये गये प्रभावी प्रयास एक वर्ष की रही है उल्लेखनीय उपलब्धियाँ भोपाल प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 21वीं सदी की पहली शिक्षा नीति है, जिसका उद्देश्य भारत के सतत् विकास के लिये आवश्यक शैक्षिक सुधारों को साकार करना प्रमुख रहा है। इसी उद्देश्य को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का स्कूल शिक्षा में प्रभावी रूप से क्रियान्वयन कर रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय परम्परा और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाये रखते हुए, आधुनिक, वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप शिक्षा प्रणाली में समग्र परिवर्तन को प्रस्तावित करती हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति कहती है कि शैक्षिक प्रणाली का उद्देश्य अच्छे इंसानों का विकास करना है, जो तर्कसंगत विचार और कार्य करने में सक्षम हो, जिसमें करूणा और सहानुभूति, साहस और लचीलापन, वैज्ञानिक चिंतन, रचनात्मक कल्पना शक्ति, नैतिक मूल्य और आधार हो। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह का मानना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को ध्यान में रखते हुए समावेशी शिक्षा के दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 स्थानीय और वैश्विक आवश्यकताओं के बीच संतुलन भी बनाती है। प्रदेश में उठाये गये उल्लेखनीय कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन के लिये स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में विभागीय अधिकारियों, शिक्षाविदों, शासकीय-अशासकीय विद्यालयों के 43 सदस्यीय टॉस्क फोर्स का गठन प्रदेश में किया जा चुका है। टॉस्क फोर्स के गठन के बाद नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा एवं सुझाव के लिये टॉस्क फोर्स की 3 बैठकों का आयोजन भी किया जा चुका है। इसके साथ ही निरन्तर समीक्षा के लिये 13 समितियों का गठन भी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी शासकीय व अशासकीय विद्यालयों में जुलाई 2024 में गुरूपूर्णिमा के महत्व एवं पारम्परिक गुरू-शिष्य संस्कृति पर प्रार्थना सभा में बातचीत एवं शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा गुरू संस्मरण का आयोजन भी किया गया है। प्रदेश की शालाओं में जन्माष्टमी पर्व पर आयोजन अगस्त 2024 में किया गया। आयोजन में श्रीकृष्ण की शिक्षा एवं मित्रता के प्रसंग तथा जीवन दर्शन पर आधारित विभिन्न विषयों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं व्याख्यान आयोजित किये गये। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयन्ती के आयोजन को देखते हुए भाषा भारती कक्षा-7 पाठ 18 सुरभि संस्कृत कक्षा 8 में लोकमाता के जीवन पर केन्द्रित पाठ्यक्रम को शामिल किया गया। स्कूलों में बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने के लिये निरन्तर कैम्प भी आयोजित किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में 26 से 29 नवम्बर 2024 के मध्य श्रीमद् भागवत गीता आधारित मूल्य शिक्षा क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 11 दिसम्बर 2024 को गीता जयन्ती के अवसर पर विद्यालयों में गीताकर्म पर आधारित व्याख्यान एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्कूलों में मकर संक्रांति पर्व, संस्कृत भाषा के विकास के लिये महाकवि कालिदास के व्यक्तित्व और कृतित्व पर श्लोक पाठ और नृत्य-नाटिका आयोजित की गई। प्रदेश में स्थानीय जनजातीय भाषा गोंडी, भीली, सहरिया, बारेली, निमाड़ी, बुंदेली और बघेली में तैयार की गई त्रिभाषा पुस्तकें 21 जिलों के 89 जनजातीय विकासखंडों में उपलब्ध कराई गई। बजट का समुचित उपयोग स्कूल शिक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष-2024-25 में प्रावधान किये गये कुल बजट का 95 प्रतिशत हिस्सा स्कूल शिक्षा के सुधार में दिया। प्रदेश में 10वीं बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष 74 प्रतिशत परिणाम आया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है। कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम इस वर्ष 74 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 10 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। बोर्ड की कक्षा 10 और 12 में 53 प्रतिशत विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की है। प्रदेश में बोर्ड जीरो पेपर लीक के साथ सम्पन्न हुई। योजनाओं का क्रियान्वयन प्रदेश में स्कूल शिक्षा की लोक कल्याण योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक योजना में शासकीय विद्यालय में पढ़ाई कर रहे 82 लाख विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरित की गई। छात्रवृत्ति योजना में कक्षा एक से 12वीं में अध्ययनरत एससी, एसटी, ओबीसी और बीपीएल के 66 लाख छात्रों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 332 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की गई। नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना में कक्षा 6 एवं 9 के 4 लाख 75 हजार विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल वितरित की गई। प्रतिभाशाली छात्र प्रोत्साहन योजना में कक्षा 12 में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 89 हजार 801 विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 224 करोड़ 25 लाख रूपये की राशि ट्रांसफर की गई। सांदीपनि विद्यालय योजना में पहले चरण में 276 सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ किये जा चुके हैं। इन विद्यालयों में 2 लाख 62 हजार 613 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। विनोवा सांदीपनि रतलाम विद्यालय में नवाचार की श्रेणी में वर्ल्ड बेस्ट स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में मध्यप्रदेश में 787 पीएमविद्यालय संचालित किये जा रहे हैं। मॉडल स्कूलों का संचालन प्रदेश में 145 मॉडल स्कूलों में से 143 मॉडल स्कूल स्वयं के भवन निर्मित हो चुके हैं। प्रदेश में मॉडल स्कूलों में 50 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। इसी के साथ प्रत्येक जिला मुख्यालय एवं विकासखंड मुख्यालय पर स्थापित चयनित एक शासकीय विद्यालय को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित किया गया है। प्रदेश में 43 जिला मुख्यालयों एवं 96 विकासखंड स्तर पर उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं। शिक्षकों को प्रशिक्षण और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिये शैक्षिक संवाद का आयोजन किया जा रहा है। व्यावसायिक शिक्षा नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रदेश के 2383 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा संचालित की जा रही है, जिसमें 4 लाख विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिन्हें 12 ट्रेड्स में शिक्षा दी जा रही है। विद्यालयों में कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये भी 465 विद्यालयों में कृषि ट्रेड्स संचालित किये जा रहे हैं। स्किल कैरियर काउंसलिंग के माध्यम से करीब डेढ़ लाख विद्यार्थियों को कैरियर संबंधी सलाह दी गई। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये एक लाख 84 हजार प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को टैबलेट प्रदान किये गये।   recent visitors 31

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने रखी फुले फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग, भोपाल के डीबी मॉल में होगा आयोजन

भोपाल एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के जीवन और विचारों पर बनी फिल्म "फुले" की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी है।  इसका आयोजन आज 13 मई का भोपाल के डीबी मॉल स्थित सिनेप्लेक्स में किया जाएगा। दिग्विजय सिंह के अलावा पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अन्य कांग्रेस नेता व पार्टी कार्यकर्ता यहां फिल्म देखेंगे। कार्यकर्ताओं को फुले के संघर्ष से रूबरू कराना इस आयोजन का उद्देश्य पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को फुले के समतावादी विचारों और सामाजिक न्याय के संघर्ष से रूबरू कराना है। दिग्विजय सिंह की इस पहल को सामाजिक परिवर्तन के पुरोधा फुले को वर्तमान राजनीतिक संदर्भ में पुनः स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इस आयोजन को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है। फुले जैसे विचारकों को याद करना जरूरी कार्यक्रम को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि महात्मा फुले ने उस दौर में समानता, शिक्षा और जातिविहीन समाज का सपना देखा था जब ऐसी बातें सोच पाना भी कठिन था। आज जब समाज में विभाजनकारी शक्तियां सक्रिय हैं, फुले जैसे विचारकों को याद करना और उनकी प्रेरणा लेना पहले से कहीं ज्यादा ज़रूरी है। फुले के जीवन संघर्षों पर बनी है यह फिल्म जनकारी के लिए बता दें कि कि यह फिल्म महात्मा फुले के जीवन संघर्ष, शिक्षा आंदोलन और जातिवादी व्यवस्था के खिलाफ उनके आंदोलन को प्रभावशाली ढंग से दर्शाती है। फिल्म में दिखाया गया है कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने किस तरह समाज के खिलाफ जाकर पहले अपनी पत्नी को पढ़ाया और फिर समाज की लड़कियों को पढ़ाना शुरू किया। ये सब उस दौर में हुआ जब लड़कियों को पढ़ाना पाप माना जाता था। जब हमारे समाज में बाल विवाह, विधवा का मुंडन कर देना और छुआछूत जैसी कुप्रथाएं जिंदा थी। समाज के एक बड़े तबके के विरोध के बावजूद उन्होंने ये कैसे किया। यही इस फिल्म की कहानी है।   recent visitors 38