यह माओवाद पर निर्णायक प्रहार है- मुख्यमंत्री साय

रायपुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादी गढ़ माने जाने वाले करेगुट्टालू पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय बलों द्वारा संयुक्त रूप से 21 अप्रैल से 11 मई 2025 तक चलाए गए 21 दिवसीय व्यापक नक्सल विरोधी अभियान में कुल 31 वर्दीधारी माओवादी मारे गए, जिनमें 16 महिलाएं शामिल हैं। अभियान के दौरान माओवादियों के 216 ठिकानों और बंकरों को ध्वस्त किया गया तथा भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। यह अभियान छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य माओवादियों की सशस्त्र क्षमता को समाप्त कर राज्य के विकास को गति देना है। करेगुट्टालू पहाड़ी, जो छत्तीसगढ़ के बीजापुर और तेलंगाना के मुलुगू जिले की सीमा पर स्थित है, को माओवादी संगठन वर्षों से अपनी सुरक्षित शरणस्थली के रूप में उपयोग कर रहे थे। इस 60 किलोमीटर लंबे और अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में पीएलजीए बटालियन की टेक्निकल यूनिट सहित लगभग 300-350 माओवादी सक्रिय थे। यहां से देसी हथियार, आईईडी और बीजीएल शेल तैयार किए जा रहे थे। अभियान के दौरान माओवादियों की 4 तकनीकी इकाइयों को भी नष्ट किया गया, जहाँ से 4 लेथ मशीनें, 450 नग आईईडी, 818 बीजीएल शेल, 899 बंडल कार्डेक्स, डेटोनेटर और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। इसके अतिरिक्त राशन, दवाइयां और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी बरामद हुईं। लगातार 21 दिनों तक चले इस अभियान में कुल 21 मुठभेड़ें हुईं। 3 शव 24 अप्रैल, 1 शव 5 मई, 22 शव 7 मई और 5 शव 8 मई को बरामद किए गए। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों के 18 जवान आईईडी विस्फोटों में घायल हुए। हालांकि सभी जवान खतरे से बाहर हैं और उन्हें बेहतर इलाज प्रदान किया जा रहा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के बावजूद जवानों ने साहस और धैर्य के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस सफलता पर कहा कि बीजापुर जिले की करेगुट्टालू की पहाड़ी पर हमारे जवानों ने जिस शौर्य और साहस का प्रदर्शन किया है, वह माओवाद पर निर्णायक प्रहार है। यह केवल ऑपरेशन नहीं, बल्कि भारत के तिरंगे की विजय यात्रा है। मैं सभी वीर सुरक्षाकर्मियों को हृदय से बधाई देता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में यह लड़ाई माओवाद की जड़ों तक पहुँच चुकी है और हम मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त करने में सफल होंगे। गौरतलब है कि वर्ष 2025 के शुरुआती चार महीनों में राज्य में कुल 174 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। सुरक्षा बलों की मजबूत पकड़ के चलते माओवादी संगठन बिखर रहे हैं और छोटे-छोटे समूहों में विभाजित हो रहे हैं। बीजापुर के नेशनल पार्क क्षेत्र और नारायणपुर के माड़ क्षेत्र में भी ऑपरेशन तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य शासन का उद्देश्य माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में आमजनों का विश्वास अर्जित करते हुए समावेशी विकास सुनिश्चित करना और समयबद्ध रूप से माओवाद का समूल उन्मूलन करना है। recent visitors 39

जैसीनगर में 600 से अधिक नव दंपति जोड़े बंधे मंगल परिणय सूत्र में

जैसीनगर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द्र सिंह राजपूत ने कहा जाता है कि एक बेटी का कन्यादान अगर कोई कर दे तो उसे यज्ञ का पुण्य मिलता है। जैसीनगर में बुधवार को आयोजित कन्यादान योजना में 600 से अधिक बेटियां हैं, जिनका कन्यादान हम ले रहे हैं, जो कि महायज्ञ के समान है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बेटियों के पिता की चिंताएं दूर हुई हैं, इस योजना ने बेटियों के पिता के माथे का पसीना पोंछने का काम किया है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना एवं शादी समारोह एक महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री राजपूत ने यह बात सुरखी विधानसभा क्षेत्र के जैसीनगर में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह समारोह में व्यक्त किये।  मंत्री राजपूत ने कहा कि जैसीनगर में यह शादी समारोह एक महापर्व की तरह मनाया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि पहले बेटियां बोझ समझी जाती थीं, लेकिन राज्य सरकार अब बेटियों के जन्म से लेकर शादी तक पूरा खर्च वहन करती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के महिला सशक्तिकरण के लिए किये जा रहे लगातार प्रयासों से हमारी बेटियां वरदान बन गई हैं। मंत्री ने विवाह समारोह में सपत्नीक किया नृत्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत तथा मंच पर सभी अतिथियों ने वैवाहिक जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर मंगलकामनाओं के साथ उन्हें विवाह की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनकी पत्नी श्रीमती सविता सिंह राजपूत ने नृत्य किया एवं वर-वधू को आशीर्वाद दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत एवं आकाश सिंह राजपूत ने भी बुंदेली गीतों पर जमकर नृत्य किया।      सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने कहा कि मध्यप्रदेश में बेटियों बहनों  को अनेक योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि पहले जहां एक बेटी का कन्यादान करने में परिवार कई परेशानियों से गुजरता था।  आज सरकार के माध्यम से एक साथ  इतनी बेटियों का कन्यादान करने का हम सब को सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। मंत्री राजपूत द्वारा अपने क्षेत्र के लिए किये जाने वाले कार्य हमेशा से ही सुर्खियों में रहे हैं। इस कन्यादान में उनके द्वारा की गई व्यवस्थाएं प्रशंसनीय हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के माध्यम से जहां सभी वर्गों का कन्यादान किया जाकर परिजनों की चिंताएं भी दूर की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा बेटियों की शादी में 49000 की राशि उनके खाते में हस्तांतरित कर रही है। इससे वह अपना जीवन सुख में व्यतीत कर सकेंगी। उन्होंने सभी नव दंपतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  श्रीमती सविता सिंह राजपूत ने कहा कि आज मेरा सौभाग्य है कि मुझे सुरखी विधानसभा क्षेत्र में दो दिन में एक हजार से अधिक बेटियों का कन्यादान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। श्रीमती सविता सिंह राजपूत ने बुंदेली बन्ना मांगलिक गीत की प्रस्तुत दी। इस अवसर पर मंत्री राजपूत के आमंत्रण पर बुंदेलखंड की गायिका सुकविता शर्मा ने बुंदेली मांगलिक गीतों की प्रस्तुत दी।  इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में वर वधू के परिजन मौजूद थे।   recent visitors 55

मैहर जिले में टेक्निकल एरर के कारण किसानों का 150 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान अटका

सतना कुछ समय पूर्व ही अस्तित्व में आए मैहर जिले में टेक्निकल एरर के कारण किसानों का 150 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान अटक गया है। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के एवज में मिलने वाली इस रकम का कुछ हिस्सा जारी हो चुका है, लेकिन तकनीकी खामी के कारण वह पैसा किसानों के खाते में नहीं जा पा रहा है। मैहर में इस सत्र में 8600 किसानों ने 150.12 करोड़ रुपए से अधिक कीमत का 5.77 लाख ङ्क्षक्वटल गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचा था। डिजिटल हस्ताक्षर करते ही भुगतान फेल हो गया किसानों को देने के लिए राज्य शासन से 5 से 12 मई के बीच 3.73 करोड़, 99 लाख और 55.22 करोड़ रुपए के ईपीओ नागरिक आपूर्ति निगम कार्यालय मैहर को प्राप्त भी हुए। लेकिन जेआईटी पोर्टल में तकनीकी खामियों के कारण डिजिटल हस्ताक्षर करते ही भुगतान फेल हो गया। मैहर के उलट सतना में 184 करोड़ का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। यहां 25667 किसानों से 523.33 करोड़ रुपए मूल्य के 20.12 लाख ङ्क्षक्वटल गेहूं की खरीदी की गई थी। शेष भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। इन्हें भुगतान का इंतजार अमरपाटन ब्लॉक के ग्राम लालपुर निवासी किसान नारायण प्रसाद चौरसिया को 189 ङ्क्षक्वटल गेहूं के भुगतान का इंतजार है। किसान ने 11 अप्रेल को यह गेहूं बेचा था। इसी तरह 13 अप्रेल को 75 ङ्क्षक्वटल गेहूं का विक्रय करने वाले जरियरी गांव निवासी भगवती पाण्डेय को भी भुगतान की प्रतीक्षा है। 15 अप्रेल को 240 ङ्क्षक्वटल गेहूं देने वाले मैहर के घनश्याम प्रसाद त्रिपाठी भी 6 लाख 24 हजार रुपए की अपनी राशि मिलने की बाट जोह रहे हैं। 24 अप्रेल को 19 ङ्क्षक्वटल गेहूं का विक्रय करने वाले मैहर के ग्राम देवरा निवासी रामदयाल कुशवाहा को भी 49 हजार 400 रुपए के बकाया में से एक पाई का भुगतान भी नहीं हुआ है। जेआईटी पोर्टल में तकनीकी समस्या आने से नहीं हो रहा भुगतान जेआईटी पोर्टल में तकनीकी समस्या के कारण अभी किसानों को भुगतान नही हो रहा। लगभग डेढ़ सौ करोड़ का भुगतान लंबित है। प्रबंधक संचालक को चिठ्ठी भेजकर अवगत कराया गया है। इसके साथ ही 12 मई को एनआईसी भोपाल को भी पत्र से जानकारी भेज दी गई है। राजीव पाण्डेय, प्रभारी डीएसओ, मैहर recent visitors 31

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने जारी किए आदेश, जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य पर मिलेगा पुरस्‍कार

भोपाल जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, कर्मियों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कार दो श्रेणी में प्रदान किये जायेंगे। इस संबंध में म.प्र. राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद के आयुक्‍त श्री अवि प्रसाद ने बताया कि एक पुरस्कार जल गंगा संवर्धन अभियान में समग्र रूप से उत्कष्ट कार्य पर और दूसरा मनरेगा अन्‍तर्गत खेत-तालाब निर्माण में श्रेष्ठ कार्य करने पर दिया जाएगा। अभियान में समग्र रूप से श्रेष्ठ कार्य करने पर पुरस्कार प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी में दिया जाएगा। विभाग द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को निर्देश पत्र भी जारी कर दिए गए हैं। अभियान में समग्र रूप से श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिले के कलेक्टर को क्रमश: 1 लाख 50 हजार रुपये, 1 लाख 25 लाख रुपये और 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। इसी प्रकार मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्‍कार क्रमश: 1 लाख, 75 हजार और 50 हजार रुपये पुरस्कार स्वरूप राशि प्रदान की जाएगी। जबकि, जिले के अमले के लिए क्रमश: 6 लाख, 4 लाख 50 हजार और 3 लाख रुपये की पुरस्कार स्वरूप राशि प्रदान की जाएगी। जिले के अधिकारियों-कर्मचारियों को पुरस्कार देने के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जिला स्तरीय समिति द्वारा चयन किया जाएगा। इसके साथ ही यदि अभियान के अंतर्गत श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिला, जनपद, पंचायत में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों, कर्मियों का स्थानांतरण हो जाता है तो उन्हें पदस्थापना की कार्य अवधि के समानुपात में पुरस्कार की राशि प्रदान की जाएगी। जिन नवगठित जिलों में जिला पंचायत गठित नहीं है उन जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त रूप से उनकी जनपदों के प्रदर्शन के आधार पर समानुपातिक रूप से पुरस्कार दी जाएगी। राज्य स्तर पर किया जाएगा सत्यापन जल गंगा संवर्धन अभियान की अवधि पूर्ण होने पर मनरेगा डेशबोर्ड/ पोर्टल/JGSA dashboard पर निर्धारित मापदंडों के अनुसार जिला, जनपद और ग्राम पंचायतों की रैंक के आधार पर उपरोक्त श्रेणियों का चयन किया जाएगा। इसका सत्यापन राज्य स्तर पर किया जाएगा। खेत-तालाब में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले व विकासखंड को भी मिलेगा पुरस्कार जल गंगा संवर्धन अभियान में खेत-तालाब के निर्माण में उत्कृष्ट कार्य वाले जिले व विकासखंड को पुरस्कृत किया जाएगा। यह पुरस्कार दो श्रेणियों में दिया जाएगा। जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए "ए" व "बी" दो श्रेणी होगी। "ए" श्रेणी में 4 या उससे कम जनपदों को शामिल किया जाएगा। है। इसी तरह से बी श्रेणी में 5 या उससे अधिक जनपदों को शामिल किया जाएगा। विकासखंड स्तरीय पुरस्कार के लिए भी ए व बी श्रेणी निर्धारित की गई। ए श्रेणी में 70 या उससे कम ग्राम पंचायतों वाली जनपद पंचायतों को शामिल किया गया, जबकि "बी" श्रेणी के लिए 71 या उससे अधिक ग्राम पंचायत वाली जनपदों को शामिल किया गया है। पूरे प्रदेश में जिला स्तर व विकासखंड स्तर की दोनों श्रेणियों के लिए 1-1 पुरस्कार दिया जाएगा। जिला स्तरीय पुरस्कार "ए" व "बी" श्रेणी में आने वाले कलेक्टर को 1 लाख रुपये, मुख्य कार्यपालन अधिकारी को 75 हजार रुपये, कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को 50 हजार रुपये और जिले के अमले के लिए 2 लाख 75 हजार रुपये की राशि पुरस्कार के तौर पर दी जाएगी। विकासखंड स्तर पर भी "ए" व "बी" श्रेणी में आने वाले जनपद पंचायत सीईओ को 50 हजार रुपये, सहायक यंत्री जनपद पंचायत को 30 हजार रुपये और जनपद अमले को 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि पुरस्कार के रूप में प्रदान की जाएगी।   recent visitors 45

शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिये 19 मई से शिविर लगाने का फैसला किया

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश में ग्रीष्मकालीन अवकाश की समाप्ति तक की अवधि में संभाग और जिला स्तर पर समस्याओं के निराकरण के लिये 19 मई से शिविर लगाने का फैसला किया है। शिविर में किये जाने वाले कार्यों के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किये हैं। शिविर में क्रमोन्नति वेतनमान, समयमान वेतनमान, वेतन वृद्धि, सेवा अभिलेखों के अपडेटेशन पर विशेष कार्य किया जायेगा। इसके साथ ही आगामी 3 वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के वेतन निर्धारण का कोष एवं लेखा द्वारा परीक्षण किया जाकर वसूली योग्य प्रकरणों में सेवा से पूर्व वसूली का निर्धारण किया जायेगा। शिविर में पेंशन और अन्य लम्बित स्वतत्वों का निराकरण, अन्य लम्बित अभ्यावेदनों का निराकरण किया जायेगा। जिला और संभागीय कार्यालयों को 30 मई तक समय-सारणी का निर्धारण संबंधित संयुक्त संचालक के मार्गदर्शन में किये जाने के लिये कहा गया है। समय-सारणी की सूचना लोक शिक्षण संचालनालय को दिये जाने के लिये कहा गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस से होगी समीक्षा शिविरों में होने वाली प्रतिदिन की कार्यवाही की 5 जून तक प्रति कार्य-दिवस वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भोपाल से समीक्षा की जायेगी। प्रकरणों पर निराकरण नहीं होने पर लम्बित आवेदन और न्यायालयीन प्रकरण निर्मित होने पर संबंधित संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होंगे। लम्बित प्रकरणों के संबंध में आवेदक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और संयुक्त जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं।   recent visitors 40

अब छात्र जिन विषयों में फैल हुए हैं, उनकी दोबारा से परीक्षा देनी होगी, 10वीं और 12वीं की दूसरी परीक्षा का टाइम टेबल जारी

ग्वालियर मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल(MPBSE) 10वीं व 12वीं की परीक्षा में फेल होने वाले, अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का मौका 17 जून से मिलेगा। जिले में बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट आने के बाद दोनों ही कक्षाओं के 15967 छात्र इस परीक्षा में बैठकर अपने पूरे साल को बचा सकते हैं। यहां बता दें कि नई शिक्षा नीति के तहत अब छात्रों की पूरक परीक्षा नहीं आएगी। अब छात्र जिन विषयों में फैल हुए हैं, उनकी दोबारा से परीक्षा देनी होगी और उनकी अंक सूची में सप्लीमेंट्री भी लिखा हुआ नहीं आएगा। यदि छात्र सभी विषयों में फेल हैं, तो वह सभी विषयों की परीक्षा दे सकता है। बोर्ड ने द्वितीय परीक्षा के लिए टाइम टेबल भी जारी कर दिया है। दूसरी परीक्षा में परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से लेकर अन्य जो भी नियम हैं वे फरवरी-मार्च में हुई परीक्षा वाले ही रहेंगे। इसलिए खास है यह परीक्षा दूसरी परीक्षा में छात्र सभी विषयों की परीक्षा दे सकते हैं। इसके साथ ही जो छात्र पास हो गए हैं, वे श्रेणी सुधार के लिए भी परीक्षा दे सकते है। साथ ही किसी वजह से पहली परीक्षा में अनुपस्थित रहे छात्र या परीक्षा में समय पर न पहुंचने वाले सभी छात्रों को इस परीक्षा में मौका मिलेगा। पूरा साल खराब नहीं होगा यानी छात्र का पूरा साल खराब नहीं होगा। साथ ही जो छात्र परीक्षा देगा परिणाम आने तक वह अगली परीक्षा में अस्थायी रूप से प्रवेश भी ले सकता है। इससे उसकी अगली परीक्षा की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी। recent visitors 43

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को बूथ मैनेजमेंट से लेकर आभासी दुनिया में मज़बूत करेगी, लगेगा स्पेशल ट्रेनिंग कैंप

भोपाल मध्य प्रदेश की सत्ता से करीब 2 दशक से बाहर कांग्रेस पार्टी अब आगामी 2028 विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को नए सिरे से तैयार करने में जुट गयी है. यह तैयारी ज़मीन पर बूथ मैनेजमेंट से लेकर आभासी दुनिया यानि वर्चुअल वर्ल्ड में कांग्रेस को कैसे मज़बूत करना है, उसकी होगी. जिसमें नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गुर सिखाये जायेंगे. सबसे खास बात यह है कि इसका खर्चा नेता और कार्यकर्ता खुद उठाएंगे. इसके लिए AICC ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के प्रमुख सचिन राव अपनी टीम के साथ 9 जून से 15 जून तक मध्यप्रदेश में रहेंगे और सर्वोदय मेथोडोलॉजी को अपनाते हुए किसी शांत जगह पर यह ट्रेनिंग कैंप लगाया जायेगा. सबसे बड़ी बात है कि कांग्रेस के सभी विधायकों और जिला अध्यक्षों समेत सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस प्रशिक्षिण शिविर में आना अनिवार्य होगा, जिसके लिए एक निश्चित शुल्क उनसे लिया जायेगा. एमपी कांग्रेस के अभिनव बरोलिया ने बताया कि सर्वोदय कैंप पहले भी आयोजित होते रहे हैं लेकिन अब नए ज़माने की नई तकनीक को भी इस बार शामिल किया जायेगा. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं को बीजेपी के संगठन से मुकाबले के लिए हर मोर्चे पर तैयार करना पड़ेगा इसलिए इस कैंप का आयोजन किया जा रहा है. बीजेपी जिस तरह से सोशल मीडिया में नैरेटिव बनाती है और फेक न्यूज़ फैलाती है उसे कैसे पहचानें और कांग्रेस के खिलाफ होने वाले दुष्प्रचार को कैसे रोका जाये, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस पार्टी का देश की आज़ादी और विकास में क्या योगदान रहा इसे जनता तक पहुंचाने की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके अलावा नेताओं और कार्यकर्ताओं को बताया जायेगा कि वो कैसे प्रवास पर रहें, प्रवास के दौरान लोगों से मिले, कार्यकर्ताओं के घर खाना खाएं या जिस इलाके में प्रवास पर हों वहां के लोगों के साथ समय बिताएं यह सारी बातें इस सर्वोदय कैंप में बताई जाएगी. recent visitors 66