नितिन गडकरी ने नई सेमीकंडक्टर यूनिट को भारत की ‘तकनीकी आत्मनिर्भरता’ की खोज में एक महत्वपूर्ण कदम बताया

नई दिल्ली केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में नई सेमीकंडक्टर यूनिट को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की 'तकनीकी आत्मनिर्भरता' की खोज में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर 'भारत सेमीकंडक्टर मिशन' के तहत अतिरिक्त सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की स्थापना को हरी झंडी दिखाए जाने के कदम को सराहा। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने 'एक्स' पर लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'भारत सेमीकंडक्टर मिशन' के तहत एक अतिरिक्त सेमीकंडक्टर विनिर्माण सुविधा की स्थापना को मंजूरी दे दी है।" उन्होंने आगे कहा, "5 यूनिट के निर्माण के एडवांस स्टेज में होने के साथ, यह छठा प्लांट रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की खोज में एक बड़ा कदम है।" केंद्रीय मंत्री गडकरी ने इस प्लांट को लेकर आगे जानकारी दी कि नई अप्रूव्ड यूनिट हार्डवेयर विकास में अपनी विरासत के लिए प्रसिद्ध एचसीएल और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में ग्लोबल लीडर फॉक्सकॉन के बीच एक संयुक्त उद्यम है। यह प्लांट यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के भीतर जेवर हवाई अड्डे के पास स्थित होगा। यह प्लांट 20,000 वेफर और 36 मिलियन यूनिट प्रति माह की अनुमानित क्षमता के साथ डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का उत्पादन करेगा। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना को मंजूरी दी है। इससे 3,700 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित होगा। इस नए प्लांट में मोबाइल, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, पीसी और डिस्प्ले वाले दूसरे डिवाइस के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का निर्माण होगा। कैबिनेट नोट के अनुसार, ''भारत में लैपटॉप, मोबाइल, सर्वर, मेडिकल डिवाइस, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरण और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की तेजी से विकास के साथ सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ रही है, यह नई यूनिट प्रधानमंत्री मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को और आगे बढ़ाएगी।'' recent visitors 77

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा के दुष्कर्म मामले में डॉक्टरों की निगरानी में उसका गर्भपात कराने की अनुमति दी

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने दुष्कर्म की शिकार आठवीं कक्षा की 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा के मामले में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका गर्भपात कराने की अनुमति दे दी है। न्यायालय ने यह फैसला पीड़िता के स्वास्थ्य को देखते हुए लिया, जिसे गर्भ ठहरने के बाद से गंभीर शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों ने हाई कोर्ट को अवगत कराते हुए कहा था कि समय रहते ऑपरेशन नहीं किया गया, तो छात्रा की जान को खतरा हो सकता है। कोर्ट ने इसको बेहद गंभीरता से लिया। पीड़िता महज एक नाबालिग छात्रा है, जो आरोपी के बहकावे में आकर उसके साथ चली गई थी। इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद छात्रा ने परिजनों के साथ थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1), 64(2), 64(2)(एफ), 64(2)(एम), 365(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध दर्ज किया। चिकित्सकीय रिपोर्ट ने दिया खतरे का संकेत सरकारी अस्पताल में हुई चिकित्सकीय जांच में सामने आया कि पीड़िता 10 सप्ताह 4 दिन की गर्भवती है और भ्रूण जीवित अवस्था में है। शुरुआत में डॉक्टरों ने पीड़िता की उम्र और मामले की न्यायिक स्थिति को देखते हुए गर्भपात की अनुमति नहीं दी थी। गर्भ की अवधि बढ़ने के साथ ही पीड़िता को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा होने लगीं। डॉक्टरों ने हाई कोर्ट को अवगत कराया कि समय रहते ऑपरेशन नहीं किया, तो छात्रा की जान को खतरा हो सकता है। सीएमएचओ की रिपोर्ट के आधार पर अनुमति हाई कोर्ट के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने पीड़िता का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कराया और विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि पीड़िता का गर्भपात किया जाना आवश्यक है। इससे उसकी जान को खतरा नहीं होगा। इस आधार पर न्यायालय ने विशेषज्ञ डाक्टरों की निगरानी में अबार्शन कराने की अनुमति दे दी। पीड़िता की गोपनीयता व गरिमा बनी रहे हाई कोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट के तहत पीड़िता की पहचान और गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि पीड़िता या उसकी कानूनी अभिभावक की उपस्थिति में वह जिला अस्पताल में रिपोर्ट करें, जहां डाक्टरों की टीम एक बार फिर से मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य की जांच करेगी। सब कुछ ठीक पाए जाने पर गर्भपात की प्रक्रिया की जाएगी। कोर्ट ने एक और अहम आदेश में यह भी कहा कि गर्भपात के बाद भ्रूण को संरक्षित रखा जाए और उसका डीएनए नमूना लिया जाए, ताकि आगे की जांच में उसका उपयोग किया जा सके।   recent visitors 57

रेलवे और सड़क परिवहन मंत्रालय के बीच खींचतान के लिए दोनों मंत्रालयों ने नए सिरे से एक सहमति पत्र पर किये हस्ताक्षर

नई दिल्ली जमीन समेत अन्य अनेक मामलों में रेलवे और सड़क परिवहन मंत्रालय के बीच खींचतान और उसके कारण परियोजनाओं में होने वाली देरी को समाप्त करने के लिए दोनों मंत्रालयों ने नए सिरे से एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहमति पत्र से पीएम गति शक्ति के तहत आने वाली बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में आ रहीं अड़चनों को दूर करने में मदद मिलेगी। दोनों मंत्रालयों ने पिछले साल नवंबर में भी नेशनल हाईवे कॉरिडोर में आने वाले रोड ओवर और रोड अंडर ब्रिजों के लिए इसी तरह के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। मिलकर समाधान निकालेंगे मंत्रालय उसी के अनुरूप अब जमीन समेत अन्य मामलों को लेकर भी अनुबंध किया गया है। नए समझौते में एक-दूसरे की जमीन लेने की प्रक्रिया को और सरल और समयबद्ध किया गया है। इसके साथ ही दोनों मंत्रालय समन्वय के लिए प्रोजेक्ट स्तर पर समितियों का भी गठन करेंगे और विवाद वाली स्थितियों में मिलकर समाधान तक पहुंचने की कोशिश करेंगे। सहमति पत्र के अनुसार अगर हाईवे निर्माण के लिए रेलवे की जमीन का कोई हिस्सा सड़क परिवहन मंत्रालय अथवा एनएचएआई को चाहिए तो उसे उसके ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा और रेलवे 90 दिनों के भीतर वह जमीन सौंप देगा। यही प्रक्रिया रेलवे की जरूरतों के लिए भी लागू होगी। साझा पोर्टल किया जाएगा तैयार चूंकि सड़क परिवहन मंत्रालय के पास अभी इस तरह का कोई पोर्टल नहीं है इसलिए रेलवे को ऑफलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के 15 दिनों के भीतर दोनों मंत्रालयों की एक संयुक्त टीम जमीन की पहचान करेंगी। जमीन और आरओबी तथा आरयूबी के मामलों के समाधान के लिए दोनों मंत्रालयों ने हर दो महीने में समीक्षा बैठक करने का भी फैसला किया है। इसके अतिरिक्त दोनों मंत्रालय एक साझा पोर्टल भी विकसित करेंगे जिसमें इन मामलों को दर्ज किया जा सकेगा।   recent visitors 58

मनेंद्रगढ़ में रेल परियोजना को गति, भू-अर्जन के लिए सर्वे सूची जारी, 30 दिनों में दर्ज कराएं दावा-आपत्ति

एमसीबी/मनेंद्रगढ़ आज मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में यात्री सुविधाओं के विस्तार और रेल परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल की कोशिशें रंग ला रही हैं। उनके अथक प्रयासों से रेल मंत्रालय ने चिरमिरी-नागपुर रोड हाल्ट रेलवे प्रोजेक्ट के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में रेल मंत्रालय ने रेल अधिनियम 1989 की धारा 20(ए) के तहत एक अधिसूचना जारी की है। इस प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय विधायक साल 2017 से है प्रयासरत है। इसके बाद साल 2018 में रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य पचास पचास प्रतिशत राशि से निर्माण कार्य के लिए एमओयू हुआ था। किन्तु सत्ता परिवर्तन के बाद तत्कालीन सरकार ने ये कह कर प्रोजेक्ट को रोक दिया कि इसकी स्थानीय स्तर पर कोई उपयोगिता नहीं है। हालांकि सत्ता परिवर्तन के बाद स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय से पहले बजट में है इस प्रोजेक्ट के लिए राशि की मांग रखी जिसे पहले बजट में है वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा स्वीकृत कर राशि जारी कर दी गई।  इसके पश्चात शुरू हुई अन्य प्रक्रियाओं के तहत भू अर्जन हेतु सर्वे प्रक्रिया पूर्ण कर रेल मंत्रालय के द्वारा राजपत्र में भू अर्जन के लिए अधिसूचना का प्रकाशन किया गया है। इस अधिसूचना के तहत भू-अर्जन के लिए सर्वे सूची जारी की गई है, जिसमें चिराईपानी, सरोला, बंजी, खैरबना, सरभोका और चित्ताझोर गांवों के भूखंडों के खसरा नंबर और अन्य विवरण शामिल हैं। सर्वे सूची में उल्लिखित भूखंडों के संबंध में यदि किसी को कोई आपत्ति या दावा है, तो वे 30 दिनों के भीतर अपर कलेक्टर या सक्षम प्राधिकारी के समक्ष लिखित रूप में अपनी अपील दर्ज करा सकते हैं। यह कदम न केवल स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति देगा। मंत्री जायसवाल के प्रयासों से एमसीबी जिला विकास की नई ऊंचाइयों को छूने की ओर अग्रसर है। इस रेल प्रोजेक्ट के शुरू हो जाने से चिरमिरी को राज्य और राष्ट्र स्तर पर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी और इसके साथ ही यहां के लोगों को शिक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य जैसे अनेक सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। recent visitors 73

एयरपोर्ट-फिल्म सिटी के बाद मोदी सरकार का एक और बड़ा तोहफा, जल्द ही चालू होने वाला है इंटरनेशनल एयरपोर्ट

दिल्ली नोएडा गौतमबुद्धनगर जिले का जेवर अब उत्तर प्रदेश का नया गहना बन गया है। देश के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रॉजेक्ट फिल्म सिटी से इसकी किस्मत पहले ही बदल चुकी है। अब मोदी सरकार के नए तोहफे ने जेवर की चमक में चार चांद लगा दिए हैं। तीन बड़े प्रॉजेक्ट्स के बाद यह रोजगार और रिहायश का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। क्या है मोदी सरकार का नया तोहफा मोदी सरकार ने जेवर में नए सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर जॉइंट वेचर को हरी झंडी दी। दोनों कंपनियां मिलकर जेवर में 3,706 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर यूनिट लगाएंगी। यह उत्तर प्रदेश का पहला और देश का छठा सेमीकंडक्टर प्लांट है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इसमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, गाड़ियों और अन्य उपकरणों के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप बनाए जाएंगे। इस फैक्ट्री में हर महीने 20,000 वेफर्स (सेमीकंडक्टर सामग्री सिलिकन की पतली परत) तैयार होगा। इससे यहां 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। जल्द ही चालू होने वाला है इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर में बन रहा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ना सिर्फ देश में सबसे बड़ा होगा, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में इसकी गिनती होने लगी है। दिल्ली से करीब 75 किलोमीटर दूर इस एयरपोर्ट का निर्माण चार चरणों में होना है। पहला चरण सितंबर 2024 में पूरा होना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। लेकिन इस साल एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। इस हवाई अड्डे का विकास उत्तर प्रदेश सरकार के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल (पीपीपी) के तहत ‘यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा किया जा रहा है, जो स्विस कंपनी ‘ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी’ की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। फिल्म सिटी का काम भी हो चुका है शुरू उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक और ड्रीम प्रॉजेक्ट 'फिल्म सिटी' भी जेवर में ही आकार ले रहा है। फिल्म निर्माता बोनी कपूर की कंपनी 'बेव्यू प्रॉजेक्ट्स' और 'भूटानी ग्रुप' को इसे बनाने का जिम्मा मिला है। यमुना फिल्म सिटी में 2027 तक फिल्मों का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस फिल्म सिटी में 300 से ज्यादा फिल्मों की हर साल शूटिंग का लक्ष्य रखा गया है। यूपी के सीएम जेवर में मुंबई की तरह समृद्धि फिल्म इंडस्ट्री बसाना चाहते हैं और इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। सड़क से नमो भारत ट्रेन तक, जेवर में होगा सबकुछ जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पूरे एनसीआर से यात्रियों की पहुंच को सुगम बनाने के लिए कनेक्टिविटी पर खास ध्यान दिया जा रहा है। यहां एक तरफ जहां सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है तो नमो भारत मेट्रो की योजना पर भी काम चल रहा है। तेजी से आकार ले रहा नया शहर, निवेश का बना नया अड्डा दिल्ली से सटे नोएडा का विस्तार अब जेवर तक पहुंच गया है। नया शहर तेजी से आकार लेता दिख रहा है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास तेजी से आवासीय और कॉमर्शल प्रॉजेक्ट्स का निर्माण हो रहा है। एनसीआर के लोगों के लिए यह निवेश का नया अड्डा बन चुका है। यही वजह है कि जेवर और आसपास के इलाकों में जमीनों की कीमत तेजी से बढ़ रही है।   recent visitors 62

दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई को विकास भवन के सभागार में किया जायेगा

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिये बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने के लिये नित नये प्रयास किये जा रहे हैं। इसके तहत दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई को भोपाल में अरेरा हिल्स स्थित विकास भवन के सभागार में किया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल 15 मई को प्रातः 11 बजे दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर विभाग के अधिकारियों सहित क्रेता एवं समूहों की दीदियां उपस्थित रहेंगी। विभिन्न जिलों से आ रही समूहों की दीदियों द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों का प्रदर्शन करते हुये क्रेताओं को उत्पादों की विशेषताएँ बताई जायेंगी। क्रेता उत्पाद खरीदने का ऑर्डर सीधे समूहों को देंगे। क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के माध्यम से समूहों के उत्पादों को देखने तथा उनकी विशेषताएँ जानने का अवसर क्रेताओं को मिलता है। दीदियां इन दो दिनों में अपने उत्पाद क्रेताओं को दिखायें, उत्पादों की विशेषताएँ बतायें तथा क्रेता-विक्रेता के बीच अनुबंध कर अपने व्यवसाय को बढ़ाने का प्रयास करें। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकरी श्रीमती हर्षिता सिंह ने बताया कि समूह उत्पादों को विभिन्न ऑनलाईन प्लेटफॉर्म पर लाने के साथ-साथ वृहद बाजारों से जोडने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे समूह सदस्यों को सीधा क्रेताओं से जुडकर अधिक-अधिक लाभ प्राप्त होने का अवसर मिल सके। इसी उद्देश्य से बायर-सेलर मीट का आयोजन किया गया है।   recent visitors 44

देशभर में तुर्किये बहिष्कार किया जा रहा, JNU ने स्थगित किया तुर्किये के विश्वविद्यालय के साथ समझौता

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद, तुर्किये ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए उसे रक्षा उपकरण मुहैया कराए थे। ऐसे में देशभर में तुर्किये बहिष्कार किया जा रहा है। इसी कड़ी में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। दरअसल, केंद्रीय विश्वविद्यालय ने तुर्किये के एक विश्वविद्यालय के साथ तीन साल की अवधि के लिए किए  गए समझौता ज्ञापन को स्थगित कर दिया है। जेएनयू की ओर से ऐसा करने की पीछे की वजह सुरक्षा कारणों को बताया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में लिखा है, "राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से जेएनयू और इनोनू विश्वविद्यालय, तुर्किये के बीच समझौता ज्ञापन को अगली सूचना तक निलंबित कर दिया गया है।" तुर्किये के मालट्या में स्थित इनोनू विश्वविद्यालय ने क्रॉस-कल्चरल रिसर्च और छात्र सहयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत जेएनयू के साथ अकादमिक साझेदारी की थी। तीन साल के लिए किया गया था समझौता एमओयू पर 3 फरवरी को तीन साल की अवधि के लिए हस्ताक्षर किए गए थे। जेएनयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमने तुर्किये के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन को निलंबित कर दिया है। समझौते के तहत संकाय विनिमय और छात्र विनिमय कार्यक्रमों के अलावा कई योजनाएं और अन्य बातें थीं।" भारत-पाक संघर्ष में पाकिस्तान को मुहैया कराए थे रक्षा उपरकरण समझौता ज्ञापन रद्द करने का निर्णय भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की पृष्ठभूमि में लिया गया है। दोनों पड़ोसी देशों ने चार दिनों तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए 10 मई को एक समझौता किया था। भारत के तुर्किये के साथ व्यापारिक संबंध तनावपूर्ण होने की आशंका है, क्योंकि अंकारा ने इस्लामाबाद का समर्थन किया है और पाकिस्तान में आतंकी शिविरों पर भारत के हालिया हमलों की निंदा की है। देशभर में उठ रही बहिष्कार की मांग पाकिस्तान को उनके समर्थन के बाद, पूरे देश में तुर्किये के सामान और पर्यटन का बहिष्कार करने की मांग उठ रही है, साथ ही ईजमाईट्रिप और इक्सिगो जैसे ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म ने इन देशों की यात्रा के खिलाफ सलाह जारी की है।   recent visitors 61