पाकिस्तान की कायराना हरकत है और देश कभी नहीं भूलेगा, देश तपस्या करना भी जानता है और तलवार चलाना भी: राजनाथ सिंह

नई दिल्ली भारत मंडपम में आयोजित संस्कृति जागरण महोत्सव में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह पाकिस्तान की कायराना हरकत है और देश इस हमले को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने कहा, "जैसा देश चाहता है, वैसा ही जवाब दिया जाएगा। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में जोखिम उठाने की क्षमता है और वे जानते हैं कि कब और कैसे निर्णय लेना है।" गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के वीर जवानों पर हमले का बदला लेने की बात कही थी। अब रक्षा मंत्री की यह टिप्पणी इस बात की पुष्टि करती है कि भारत जल्द ही बड़ा कदम उठाने जा रहा है। संत देश की संस्कृति को बचाने के लिए कर रहे महान काम: राजनाथ कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने देश की सांस्कृतिक विरासत और सनातन धर्म की महत्ता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि संत सुधांशु जी महाराज जैसे तपस्वी संत इस देश की संस्कृति को संरक्षित करने का महान कार्य कर रहे हैं। उन्होंने समाज को जीने की सही प्रेरणा दी है, जो आज के तनावपूर्ण युग में अत्यंत आवश्यक है। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीकी युग में भी सत्संग और पूजा-पाठ की ओर आकर्षित हो रही है, जो अत्यंत सकारात्मक संकेत है। उन्होंने साधु-संतों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा, “जिस प्रकार सैनिक राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार साधु-संत संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत की रक्षा करते हैं।” देश तपस्या करना भी जानता है और तलवार चलाना भी: राजनाथ उन्होंने भारत को वीरों की भूमि बताते हुए कहा, "यह देश तपस्या करना भी जानता है और आवश्यकता पड़ने पर तलवार चलाना भी। हमारे साधु-संतों ने समय-समय पर योद्धाओं की तरह देश और धर्म की रक्षा की है।" recent visitors 49

पाक पीएम शहबाज और उनके मंत्री दुनियाभर के देशों से बात करके भारत के साथ तनाव कम करने की गुहार लगा रहे

इस्लामाबाद पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। भारत ने पाकिस्तानी आतंकवादियों पर हमले का आरोप लगाया है और इसके जिम्मेदारों को सजा देने की कसम खाई है। भारत की जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान में घबराहट का माहौल है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज और उनके मंत्री दुनियाभर के देशों से बात करके भारत के साथ तनाव कम करने की गुहार लगा रहे हैं। आशंका है कि दोनों देशों के बीच ताजा संकट सैन्य संघर्ष में बदल सकता है। युद्ध की आशंका के बीच पाकिस्तानी नेतृत्व की अपने ही देश में आलोचना होने लगी है। पाकिस्तानी एक्सपर्ट डॉ बकर हसनैन ने एक लेख में पाकिस्तानी सरकार को कट्टरता में अंधा होने का आरोप लगाया है, जो देश को युद्ध की तरफ धकेल रही है। उन्होंने पाकिस्तान को इतिहास की याद दिलाई और कहा कि उसे इतिहास से सबक लेना चाहिए। पाकिस्तान पहले भी कश्मीर को लेकर कोशिश कर चुका है और हर बार विफल रहा है। हसनैन ने कहा कि 'हम ऑपरेशन जिब्राल्टर (1965) को कैसे भूल सकते हैं, जो जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी मुसलमानों के विद्रोह को भड़काने में विफल रहा?'     पूर्वी पाकिस्तान की दिलाई याद हसनैन ने पाकिस्तान को पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में बंगालियों पर अत्याचार को भी याद दिलाया। उन्होंने कहा, 'हम ऑपरेशन सर्चलाइट (1971) को कैसे भूल सकते हैं जिसका उद्देश्य बंगाली विरोध को रोकना और तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के सभी प्रमुख शहरों पर नियंत्रण करना था? हम ऑपरेशन साइक्लोन (1979) को कैसे भूल सकते हैं जब अमेरिका (और अन्य) ने पाकिस्तान के माध्यम से अफगान मुजाहिदीन को हथियार और वित्त प्रदान किया था?'   हसनैन ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह अमेरिका के लिए प्रॉक्सी की तरह काम करने लगा और हेरोइन स्मग्लिंग, एके-47, धार्मिक उग्रवाद और आतंकवादी संगठनों के लिए प्रजनन स्थल बन गया। भारत की मोदी सरकार को हिंदुत्व को लेकर आलोचना पर पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने शहबाज को आइना दिखाया और कहा कि पाकिस्तान में भी अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने का हमारा रिकॉर्ड निराशाजनक रहा है।   भारत-पाकिस्तान युद्ध में कौन जीतेगा? हसैन ने आगे सवाल किया आज भारत और पाकिस्तान युद्ध के कगार पर खड़े हैं, लेकिन इसे कौन जीतेगा? पाकिस्तान ने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दी है। उन्होंने रटगर्स यूनिवर्सिटी के 2019 के एक अध्ययन का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि 'अगर दोनों देश परमाणु संघर्ष में शामिल होते हैं तो 10 करोड़ लोग तुरंत मर सकते हैं। इससे भी अधिक लोग भुखमरी से मर सकते हैं।' उन्होंने कहा कि किसी भी युद्ध विजेता हमेशा केवर हथियार उद्योग से जुड़े लोग होते हैं, जो युद्ध सामग्री, ड्रोन, मिसाइलों, लड़ाकू विमानों, विमान वाहक और अन्य प्रणालियों की बिक्री से लाभ कमाते हैं।   recent visitors 70

रियान पराग ने छह गेंदों पर लगातार छह छक्के लगा डाले, रौद्र रूप देखने को मिला

नई दिल्ली राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ गजब कारनामा कर डाला। उन्होंने छह गेंदों पर लगातार छह छक्के लगा डाले। हालांकि यह सभी छक्के एक ही ओवर में नहीं लगे। रियान पराग का रौद्र रूप देखने को मिला मोइन अली और वरुण चक्रतर्वी के खिलाफ। रियान ने पहले मोइन अली के खिलाफ लगातार पांच छक्के लगाए। उसके बाद उन्होंने अगला ओवर फेंकने आए वरुण चक्रवर्ती पर भी एक छक्का लगाकर छह गेंदों पर छह छक्के लगा डाले। बड़े लक्ष्य का कर रहे थे पीछा कोलकाता के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की टीम 207 रन बनाने थे। लेकिन उसने शुरू में ही तीन विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद दो और विकेट गिरे। फिर रियान पराग ने अकेले दम पर जिम्मेदारी उठा ली। उन्होंने एक-एक करके कोलकाता के गेंदबाजों की खबर लेनी शुरू की। 12 ओवरों के बाद राजस्थान का स्कोर पांच विकेट पर 102 रन था। रियान पराग का साथ दे रहे थे शिमरन हेटमायर। उस वक्त रियान पराग 26 गेंद पर 45 रन बनाकर खेल रहे थे। फिर शुरू हुआ पराग का तांडव मोइन अली और वरुण चक्रवर्ती के ऊपर में रियान पराग का तांडव कैसे हुआ। आइए जानते हैं छह छक्कों का बॉल बाय बॉल विवरण.. 12.2- मोइन अली के ओवर की दूसरी गेंद को रियान पराग ने स्क्वॉयर लेग के ऊपर छक्के के लिए भेज दिया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी फिफ्टी भी पूरी कर ली। 12.3- यह एक शॉर्ट गेंद थी और रियान पराग ने इस गेंद पर बड़े ही आराम से लांग ऑन के ऊपर से छक्का उड़ा दिया। 12.4- मोइन अली ने राउंड द विकेट गेंदबाजी शुरू की। एक बार फिर से गेंद रियान पराग के स्लॉट में। इस बार गेंद बल्ले से निकली तो पहुंची डीप बैकवर्ड स्क्वॉयर लेग बाउंड्री के बाहर। इस शॉट के साथ मानों पराग ने मोइन को कहा थैंक यू वेरी मच। 12.5- बैक ऑफ द लेंथ बॉल जो रियान पराग की तरफ स्लाइड कर रही थी। पराग खड़े रहे और सीधे बल्ले से लांग ऑन के ऊपर एक फ्लैट छक्का जड़ दिया। 12.6- आरआर के कप्तान की गजब पावर हिटिंग। ऐसा लगा जैसे रियान पराग कुछ साबित करना चाहते हैं। 105.8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली गेंद ऑफ स्टंप के बाहर थी। पराग ने इस गेंद को लांग ऑफ के ऊपर से बाहर भेजा और ओवर से आए कुल 32 रन। 13.2- इसके बाद 14वां ओवर करने आए वरुण की पहली गेंद पर हेटमायर ने सिंगल लेकर पराग को स्ट्राइक दी। पराग ने इस गेंद पर रिवर्स हिट लगाते हुए गेंद पर छक्का मार दिया। उनके इस शॉट से कमेंटेटर्स भी हैरान रह गए। इस तरह पराग ने छह गेंद पर छह छक्के लगाए। लेकिन टीम को नहीं दिला सके जीत रियान पराग ने इस मैच में 45 गेंदों पर 95 रनों की पारी खेली। वह छक्का लगाकर शतक पूरा करने के चक्कर में बाउंड्री पर कैच आउट हो गए। केकेआर ने बेहद रोमांचक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को एक रन से हराकर प्ले ऑफ में पहुंचने की अपनी उम्मीदें बनाए रखी हैं। केकेआर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 206 रन बनाने के बाद राजस्थान रॉयल्स को आठ विकेट पर 205 रन पर रोक दिया। केकेआर के लिए वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा और मोईन अली ने दो-दो विकेट लिए। recent visitors 56

भारतीय सेना ने अपनी ताकत में बड़ा इजाफा किया, मिला आधुनिक हथियार ‘Igla-S’ एयर डिफेंस सिस्टम

नई दिल्ली हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर से चिंता बढ़ा दी है। ऐसे समय में भारतीय सेना ने अपनी ताकत में बड़ा इजाफा किया है। अब सेना के पास एक ऐसा आधुनिक हथियार आ गया है जो दुश्मन के ड्रोन और फाइटर जेट को उड़ान भरते ही हवा में मार गिराने की क्षमता रखता है। इसका नाम है Igla-S एयर डिफेंस सिस्टम। भारतीय सेना को रूस से उन्नत इग्ला-एस (Igla-S) मिसाइल मिल गई है। यह मिसाइल एक पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम है जिसे सैनिक अपने कंधे पर रखकर चला सकते हैं। यानी यह एक मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम (MANPADS) है। इग्ला-एस को खासतौर पर कम ऊंचाई पर उड़ रहे लक्ष्यों जैसे ड्रोन, फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर और क्रूज मिसाइल को गिराने के लिए तैयार किया गया है। क्यों खास है इग्ला-एस? जानिए इसकी ताकत     रेंज: नई इग्ला-एस की मारक क्षमता करीब 6 किलोमीटर है, जबकि पहले वाली इग्ला सिर्फ 3-4 किलोमीटर तक ही असरदार थी।     सटीकता: यह सिस्टम 'लॉक-ऑन' तकनीक पर आधारित है, यानी लक्ष्य को ट्रैक कर सीधे उस पर वार करता है।     आखिरी रक्षा पंक्ति: अगर यह मिसाइल भी निशाना चूक जाए तो दुश्मन का हमला तय है। इसलिए इसे 'लास्ट लाइन ऑफ डिफेंस' माना जाता है।     फुर्तीला और हल्का: सैनिक इसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकते हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों में तुरंत तैनाती संभव हो जाती है। ड्रोन और हवाई खतरे से निपटने में मिलेगा फायदा आज के युद्ध में सबसे बड़ा खतरा है — ड्रोन हमला और सीमावर्ती हवाई निगरानी। चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देश अक्सर भारतीय सीमाओं के पास निगरानी ड्रोन भेजते रहे हैं। इग्ला-एस की तैनाती से अब ऐसे खतरों का जवाब कुछ ही सेकंड में दिया जा सकता है। यह सिस्टम दुश्मन के छोटे से छोटे ड्रोन को भी ट्रैक करके तबाह कर सकता है। चीन-पाकिस्तान को झटका, बढ़ा भारत का रणनीतिक दबाव पश्चिमी (पाकिस्तान) और उत्तरी (चीन) सीमाओं पर भारत को लगातार खतरे का सामना करना पड़ता है। ऐसे में Igla-S सिस्टम की तैनाती से इन दोनों मोर्चों पर भारतीय सेना की शक्ति बढ़ गई है।     पाकिस्तान की ओर से अगर कोई ड्रोन या फाइटर जेट सीमा पार करता है, तो Igla-S उसे तुरंत गिरा सकता है। चीन की तरफ से की जाने वाली निगरानी गतिविधियों का भी अब तगड़ा जवाब मिलेगा। भारत में ही बनेगा इग्ला-एस, मेक इन इंडिया को बढ़ावा रूस की Rosoboronexport कंपनी अब भारत की एक निजी रक्षा कंपनी के साथ मिलकर Igla-S का निर्माण भारत में ही करेगी। इससे देश को दो बड़े फायदे मिलेंगे: विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम होगी रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा डिफेंस इन डेप्थ रणनीति को मिलेगा बल इग्ला-एस की तैनाती से भारत अब 'डिफेंस इन डेप्थ' यानी परतदार सुरक्षा रणनीति को और बेहतर तरीके से लागू कर सकेगा। इसका मतलब है कि हमले की स्थिति में एक के बाद एक कई परतों में सुरक्षा मौजूद होगी, जिससे दुश्मन का वार बेअसर हो जाएगा।   recent visitors 45

रियान पराग की कोशिश गई बेकार, रोमांचक मुकाबले एक रन से जीता केकेआर

कोलकाता केकेआर ने सांसें रोक देने वाले रोमांचक मुकाबले में राजस्थान को एक रन से हराकर प्लेऑफ के लिए अपनी उम्मीदें कायम रखी है। इस मैच में रियान पराग ने राजस्थान के लिए शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके। केकेआर की रोमांचक जीत कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने रोमांचक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को एक रन से हराया। केकेआर और राजस्थान के बीच यह मुकाबला बेहद करीबी रहा और आखिरी में कोलकाता में टीम महत्वपूर्ण जीत दर्ज करने में सफल रही। केकेआर ने इस तरह प्लेऑफ के लिए अपनी उम्मीदें कायम रखी है। केकेआर ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया और आंद्रे रसेल की तूफानी पारी की मदद से 20 ओवर में चार विकेट पर 206 रन बनाए। जवाब में राजस्थान के लिए कप्तान रियान पराग ने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन टीम 20 ओवर में आठ विकेट पर 205 रन ही बना सकी। लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने 71 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए। इसके बाद रियान पराग ने शिमरॉन हेटमायर के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 92 रनों की साझेदारी की और टीम को मुश्किल से उबारा। रियान ने इस दौरान मोईन अली के ओवर पर लगातार पांच छक्के लगाए। इस साझेदारी को हर्षित राणा ने हेटमायर को आउट कर तोड़ा जो 29 रन बनाकर आउट हुए। इसके कुछ देर बाद हर्षित ने रियान को भी अपना शिकार बनाया। रियान शतक पूरा नहीं कर सके और 95 रन बनाकर पवेलियन लौटे। राजस्थान को आखिरी ओवर में जीत के लिए 22 रन चाहिए थे और क्रीज पर इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर उतरे शुभम दुबे और जोफ्रा आर्चर मौजूद थे। केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने वैभव अरोड़ा को गेंद थमाई। आर्चर ने पहली गेंद पर दो रन और दूसरी गेंद पर एक रन लिया। स्ट्राइक पर आए शुभम ने तीसरी गेंद पर छक्का और चौथी गेंद पर चौका लगाया। इसके बाद पांचवीं गेंद पर छक्का लगाया। अब राजस्थान को एक गेंद पर तीन रन चाहिए थे। वैभव की गेंद पर शुभम ने एक रन चुराया और दूसरा रन लेने के लिए भागे, लेकिन रिंकू सिंह के थ्रो पर रन आउट हो गए। इस तरह केकेआर ने रोमांचक जीत दर्ज की। राजस्थान के लिए यशस्वी जायसवाल ने 34 रन बनाए, जबकि शुभम दुबे 14 गेंदों पर एक चौका और दो छक्कों की मदद से 25 रन बनाकर नाबाद लौटे। आर्चर 12 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, वैभव सूर्यवंशी ने चार रन बनाए और कुणाल सिंह राठौर, ध्रुव जुरेल और वानिंदु हसरंगा खाता भी नहीं खोल सके। केकेआर की ओर से मोईन, हर्षित और वरुण चक्रवर्ती ने दो-दो विकेट लिए, जबकि वैभव को एक विकेट मिला। रियान शतक से चूके राजस्थान के कप्तान रियान पराग शतक से चूक गए और हर्षित राणा ने उन्हें आउट कर केकेआर को बड़ी सफलता दिलाई। रियान 45 गेंदों पर छह चौके और आठ छक्कों की मदद से 95 रन बनाकर आउट हुए। रियान की पारी की मदद से ही राजस्थान मुश्किल परिस्थिति से उबर सका, लेकिन हर्षित ने राजस्थान को बड़ा झटका दिया।  recent visitors 57

बॉर्डर पर तनाव के बीच ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों में छुट्टियां रद्द, चंद्रपुर और जबलपुर की फैक्ट्रियों में सबसे पहले लागू हुआ आदेश

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के चलते देश की ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों में अलर्ट का माहौल है। हालात को देखते हुए सरकार ने देश की प्रमुख ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों में सभी कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। सभी कर्मचारियों को बिना देरी ड्यूटी पर लौटने का आदेश दिया गया है। आदेश के मुताबिक, कोई भी कर्मचारी छुट्टी पर नहीं रहेगा और सिर्फ आपात स्थिति में ही अवकाश की अनुमति दी जाएगी। चंद्रपुर और जबलपुर की फैक्ट्रियों में सबसे पहले लागू हुआ आदेश यह आदेश महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री चंदा और मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया (OFK) में सबसे पहले लागू किया गया है। दोनों फैक्ट्रियां म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड (MIL) के अंतर्गत आती हैं और रक्षा उत्पादन में अहम भूमिका निभाती हैं। इन फैक्ट्रियों में गोला-बारूद, तोप के गोले, बम और रक्षा से जुड़ी कई सामग्रियों का उत्पादन होता है। MIL के चेयरमैन के निर्देश पर जारी हुआ सर्कुलर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री चंदा द्वारा जारी किए गए सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय MIL के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक के निर्देशों पर लिया गया है। इसमें सभी प्रकार की छुट्टियों को रद्द करते हुए, हर कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी पर लौटने का सख्त निर्देश दिया गया है। आदेश में यह भी जोड़ा गया है कि ड्यूटी से अनुपस्थिति को अनुशासनहीनता माना जाएगा। जबलपुर OFK में भी शुक्रवार को रद्द हुईं छुट्टियां मध्यप्रदेश की खमरिया फैक्ट्री (OFK) में शुक्रवार को कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियां रद्द की गईं। इस संबंध में OFK के जनसंपर्क अधिकारी अविनाश शंकर ने जानकारी देते हुए बताया कि "इस वित्तीय वर्ष में हमारा उत्पादन लक्ष्य काफी बड़ा है, लेकिन अप्रैल महीने में हम उस स्तर तक नहीं पहुंच पाए। इसलिए मुख्यालय से निर्देश मिले हैं कि सभी छुट्टियां रद्द कर दी जाएं ताकि लक्ष्य की पूर्ति के लिए कार्यबल उपलब्ध रहे।" 4,000 से ज्यादा कर्मचारी कर रहे काम खमरिया स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड की सबसे बड़ी इकाइयों में से एक है जहां लगभग 4,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। यहां रक्षा बलों के लिए गोला-बारूद, मिसाइल और तोप के गोले बनाए जाते हैं। तनाव के इस दौर में उत्पादन की गति बनाए रखना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है ताकि यदि जरूरत पड़ी तो देश को किसी प्रकार की आपूर्ति की समस्या न हो। राष्ट्रीय सुरक्षा की तैयारी में जुटा देश विशेषज्ञ मानते हैं कि सीमा पर हालात भले नियंत्रण में हों लेकिन किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारी पहले से जरूरी होती है। रक्षा उत्पादों की समय पर आपूर्ति और स्टॉक बनाए रखने के लिए कर्मचारियों की लगातार मौजूदगी जरूरी मानी जा रही है। छुट्टी अब सिर्फ आपातकाल में मिलेगी जारी आदेश में यह साफ कर दिया गया है कि छुट्टियों की अनुमति सिर्फ उन्हीं मामलों में दी जाएगी जो अत्यंत आवश्यक और आपातकालीन हों। सभी कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए निष्ठा से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले का उद्देश्य न सिर्फ रक्षा तैयारियों को बढ़ावा देना है बल्कि उत्पादन लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना भी है।   recent visitors 52

लखनऊ ने जीता टॉस, पंजाब को दिया पहले बल्लेबाजी का न्योता

नई दिल्ली आज पंजाब किंग्स वर्सेस लखनऊ सुपर जायंट्स आईपीएल 2025 का 54वां मैच धर्मशाला के एचसीपीए स्टेडियम में खेला जा रहा है। दोनों टीम हिमालय की वादियों से घिरे खूबसूरत मैदान में आमने-सामने हैं। एलएसजी ने टॉस जीता है। पीबीकेएस को पहले बैटिंग का मौका मिला है। चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) पर जीत से उत्साहित पीबीकेएस रविवार को लय और फॉर्म के साथ मजबूती से उतरेगी। श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली पंजाब टीम अंक तालिका में चौथे स्थान पर है। उसके 10 मैचों छह जीत और तीन हार के बाद 13 अंक हैं। पंजाब का एक मैच बारिश की भेंट चढ़ा। दूसरी ओर, ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ टीम जीत की पटरी पर लौटने की फिराक में होगी। एलएसजी पिछले चार मैचों से तीन गंवा चुकी है और तालिका में 10 अंकों के साथ छठे स्थान पर है। उसने 10 मैचों से पांच जीते और पांच गंवाए हैं। आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी पंत की खराब फॉर्म ने एलएसजी की टेंशन बढ़ा रखी है। दोनों की प्लेइंग इलेवन पंजाब किंग्स की प्लेइंग इलेवन: प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह, श्रेयस अय्यर (कप्तान), जोश इंग्लिस (विकेटकीपर), शशांक सिंह, नेहल वढेरा, मार्कस स्टोइनिस, अजमतुल्लाह उमरजई, मार्को जानसन, युजवेंद्र चहल, अर्शदीप सिंह। लखनऊ सुपर जायंट्स की प्लेइंग इलेवन: एडेन मार्कराम, निकोलस पूरन, ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), अब्दुल समद, आयुष बडोनी, डेविड मिलर, आकाश महाराज सिंह, दिग्वेश सिंह राठी, अवेश खान, मयंक यादव, प्रिंस यादव। लखनऊ ने जीता टॉस लखनऊ ने टॉस जीतकर पंजाब को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया है। recent visitors 45