केरल के तिरुवनंतपुरम में विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया: मोदी

तिरुवनंतपुरम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ मंच पर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी मौजूद थे। बंदरगाह का उद्घाटन करने के बाद मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन का एक ‘‘स्तंभ’’ बताया और उन्हें एवं मंच पर मौजूद कांग्रेस सांसद शशि थरूर से कहा कि उद्घाटन समारोह कई लोगों की ‘‘रातों की नींद हराम’’ कर देगा। यह कार्यक्रम बहुतों की नींद हराम देगा- मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी गठबंधन पर चुटकी लेते हुए कहा, “मैं मुख्यमंत्री जी से कहना चाहता हूं, आप INDI गठबंधन के एक मजबूत स्तंभ हैं, शशि थरूर जी भी यहीं बैठे हैं। आज का यह कार्यक्रम बहुतों की नींद हराम देगा।” हालांकि, उनके भाषण का अनुवाद करने वाले व्यक्ति ने इसका ठीक से अनुवाद नहीं किया, जिस पर प्रधानमंत्री को यह कहना पड़ा कि ‘‘संदेश उन तक पहुंच गया है, जिन तक यह संदेश पहुंचाना था’’। इस बंदरगाह परियोजना को अडानी समूह द्वारा विकसित किया गया है, जो अक्सर विपक्षी नेताओं के निशाने पर रहता है। यही वजह रही कि मंच पर शशि थरूर और पिनराई विजयन की उपस्थिति और प्रधानमंत्री मोदी की यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई। शशि थरूर तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद हैं। उन्होंने पहले भी मोदी सरकार की कुछ नीतियों की प्रशंसा की है, खासतौर पर रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की कूटनीतिक स्थिति और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ संबंधों को लेकर। हाल ही में भाजपा के नेता और केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी थरूर को “कांग्रेस के कुछ समझदार नेताओं में से एक” बताया था। वह भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। थरूर ने किया PM का स्वागत इससे पहले दिन में, थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी का केरल में स्वागत किया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में दिल्ली हवाई अड्डे पर हो रही उड़ानों में देरी पर भी तंज कसा और लिखा कि "दुखद हालातों के बावजूद" वह समय पर प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए पहुंच सके। थरूर ने एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ कुछ तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि वे विझिनजम बंदरगाह परियोजना के उद्घाटन को लेकर उत्साहित हैं, जो कि उनकी “शुरुआत से प्रिय परियोजनाओं में से एक” रही है। इस बंदरगाह का निर्माण अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर किया गया है। यह भारत का पहला गहरे पानी वाला ट्रांसशिपमेंट पोर्ट है और इसकी कुल अनुमानित लागत 8,867 करोड़ रुपये बताई गई है। दिसंबर 2024 में इसे वाणिज्यिक संचालन की मंजूरी मिली थी। इस बंदरगाह के शुरू होने से भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार में नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह रणनीतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है और इससे देश की विदेशी बंदरगाहों पर निर्भरता में कमी आएगी। देश में विकास का ब्योरा देते हुए मोदी ने कहा कि जहाजों में यात्रा करने वाले लोगों की संख्या के मामले में भारत दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है और पिछले 10 वर्षों में हमारे बंदरगाहों की क्षमता दोगुनी हो गई है, उनकी दक्षता में सुधार हुआ है और वहां ‘टर्नअराउंड’ समय में 30 प्रतिशत की कमी आई है। ‘टर्नअराउंड’ समय किसी बंदरगाह पर एक जहाज के पहुंचने से लेकर उसके प्रस्थान तक का कुल समय होता है। मोदी ने कहा कि इस बंदरगाह का निर्माण 8,800 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और निकट भविष्य में इसके ‘ट्रांसशिपमेंट हब’ (माल ढुलाई एवं लदान केंद्र) की क्षमता तीन गुना हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘इसे बड़े मालवाहक जहाजों को समायोजित करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है, जो एक महत्वपूर्ण आवश्यकता को पूरा करता है। अब तक, भारत की 75 प्रतिशत ‘ट्रांसशिपमेंट’ गतिविधियां विदेशी बंदरगाहों पर की जाती थीं, जिसके परिणामस्वरूप देश को राजस्व का बड़ा नुकसान होता था।’’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हालांकि, अब इसमें बदलाव आने वाला है। पहले विदेशों में खर्च किए जाने वाले कोष को अब घरेलू विकास में लगाया जाएगा, जिससे विझिनजम और केरल के लोगों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा होंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि देश की संपत्ति सीधे अपने नागरिकों को लाभान्वित करे।’’ "वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में इसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी" उन्होंने कहा कि गुजरात के लोगों को यह जानकर निराशा होगी कि अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम ने केरल में इतना बड़ा बंदरगाह बनाया है, जबकि वे पश्चिम भारतीय राज्य से आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के बंदरगाह मंत्री वी. एन. वासवन द्वारा कॉरपोरेट इकाई अदाणी समूह को वामपंथी सरकार का साझेदार बताना देश में हो रहे बदलावों को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने गुलामी से पहले के दौर का भी जिक्र किया और कहा कि भारत हजारों सालों तक समृद्धि के साथ फलता-फूलता रहा।   recent visitors 43

वर्तमान समय में मोटापा एक गंभीर और तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुका है, पार्टियों में खड़े होकर नहीं करें भोजन

इंदौर वर्तमान समय में मोटापा एक गंभीर और तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। इसकी मुख्य वजह अस्वस्थ जीवनशैली मानी जाती है। जंक फूड, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव और नींद का अभाव लोगों के वजन को बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। यह केवल एक शारीरिक समस्या नहीं है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकती है। आजकल के खानपान में अधिक कैलोरी, वसा और चीनी होती है। मोटापे के कारण शरीर में कई समस्याएं पनपने लगती हैं। जैसे किसी भी काम करने में मोटापे से ग्रसित व्यक्ति जल्दी थकने लग जाता है। इसके अलावा सांस फूलना, नींद में गड़बड़ी, जोड़ों में दर्द और आत्मविश्वास की कमी। इसके अलावा मोटापा मधुमेह, उच्चरक्तचाप, हार्ट अटैक और कई अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। बाहर का फास्ट फूड, माइक्रोवेव में बना भोजन और फ्रिज में रखा बासी खाना हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है। दिनभर बैठकर काम करना, टीवी या मोबाइल पर घंटों समय बिताना भी शरीर में चर्बी जमा होने का कारण बनता है। कुछ अन्य कारणों में आनुवंशिकता (जैसे माता-पिता से मिले मोटापे के जीन), हार्मोनल गड़बड़ी, नशे की लत शामिल हैं। ऐसे करें मोटापे पर नियंत्रण मोटापे से छुटकारा पाने के लिए सबसे पहले हमें जीवनशैली में आवश्यक बदलाव करना चाहिए। हम आसान उपाय अपनाकर इसपर नियंत्रण कर सकते हैं। स्वस्थ आहार लें। भोजन में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाले प्रोटीन को शामिल करें। जंक फूड, तली चीजों और मीठे पेय पदार्थों से दूरी बनाएं। नियमित व्यायाम करें। रोज कम से कम 30 मिनट टहलना, दौड़ना, साइकिल चलाएं। तनाव से बचें। ध्यान, प्राणायाम और सकारात्मक सोच तनाव को कम करने में सहायक हैं। नींद में सुधार करें। रोजाना एक तय समय पर सोना और उठना, सोने से पहले मोबाइल या टीवी से दूरी रखना नींद को बेहतर बनाता है। पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद भी जरूरी है। होम्योपैथी से भी मिलता है लाभ होम्योपैथिक चिकित्सा में भी मोटापे के लिए कई असरदार दवाएं मौजूद हैं, जो शरीर की प्रकृति और मानसिक लक्षणों के आधार पर दी जाती हैं। होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए दवा देती हैं। एसपी सिंह, होम्योपैथिक चिकित्सक के अनुसार मोटापे के इलाज के लिए कोई एक दवा सभी के लिए कारगर नहीं होती। बल्कि डाॅक्टर व्यक्ति की आदतें, आहार, सोच और शरीर की बनावट के अनुसार दवा निर्धारित करते हैं। ये दवाएं शरीर के मेटाबालिज्म को सुधारती हैं और अतिरिक्त वसा को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करती हैं। इलाज के साथ ही उचित आहार, पानी का सेवन और नियमित व्यायाम जरूरी है। लेकिन हमेशा बिना डाक्टर की सलाह के कोई दवाई नहीं लेना चाहिए।   recent visitors 35

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बसों का किया उद्घाटन, दिल्लीवालों को 400 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिली

नई दिल्ली दिल्लीवालों को 400 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इन बसों का उद्घाटन किया। सीएम ने कहा कि यह यह ट्रिपल इंजन वाली सरकार की ताकत है। तीनों अंग एक साथ मिलकर अथक काम कर रहे हैं। कहा कि इस साल के अंत तक 2080 और इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जाएंगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल इनिशिएटिव (डीईवीआई) के तहत 400 नई इलेक्ट्रिक बसों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 45 प्रतिशत प्रदूषण वाहनों के कारण होता है। हम अगले साल तक 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में काम कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार राजधानी के परिवहन को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति पर भी काम कर रही है। गुप्ता ने शुक्रवार की सुबह राष्ट्रीय राजधानी में हुई बारिश के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि सुबह से ही मंत्री और अधिकारी स्थिति पर नजर रखने के लिए जमीन पर थे। उन्होंने कहा, “हमारे कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा सुबह 6 बजे मिंटो रोड पर थे और अधिकारी सुबह 5 बजे से काम कर रहे थे।” सीएम ने कहा, "हमें याद नहीं है कि किसी पूर्व मुख्यमंत्री या मंत्री ने बाढ़ या सीवर की स्थिति का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया हो। हम यह सुनिश्चित करने के लिए यहां हैं कि दिल्ली को पिछली उपेक्षा के कारण नुकसान न उठाना पड़े।" सीएम ने प्री-मानसून बारिश को शहर के बुनियादी ढांचे के लिए एक चेतावनी संकेत और विकास में एक दशक से चल रहे पिछड़ेपन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली में योजनाबद्ध विकास नहीं होगा तो ऐसी समस्याएं उत्पन्न होती रहेंगी। हालांकि आज पूरा प्रशासन इन चुनौतियों से निपटने के लिए तत्पर है। recent visitors 44

टीम से बाहर रहने के बावजूद भारत की तरफ से खेलने के उनकी इच्छा और भूख पहले की तरह बरकरार: अजिंक्य रहाणे

नई दिल्ली कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने शुक्रवार को कहा कि पिछले दो साल से राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने के बावजूद भारत की तरफ से खेलने के उनकी इच्छा और भूख पहले की तरह बरकरार है। इस 36 वर्षीय खिलाड़ी ने आखिरी टेस्ट मैच 2023 में खेला था और वह करीब एक दशक से सीमित ओवरों की टीम से बाहर हैं लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी करने को लेकर अभी हार नहीं मानी है। उन्होंने एक तरह से चयनकर्ताओं को संदेश दे दिया है कि वह उपलब्ध हैं। उनके नाम पर विचार होना चाहिए। रहाणे ने स्टार स्पोर्ट्स प्रेस रूम पर कहा, ‘मैं फिर से भारतीय टीम में जगह बनाना चाहता हूं। मेरी इच्छा, भूख, जज्बा पहले की तरह बरकरार है। मैं अब भी पहले की तरह फिट हूं। मैं एक समय में केवल एक मैच पर ध्यान देना चाहता हूं और अभी मेरा ध्यान केवल आईपीएल पर है। इसके बाद देखते हैं कि भविष्य में क्या होता है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसा व्यक्ति हूं जो कभी हार नहीं मानता। मैं हमेशा मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता हूं। मैं मैदान पर 100 प्रतिशत से अधिक देता हूं। यह उन चीजों से जुड़ा है जो मेरे नियंत्रण में हैं। मैं घरेलू क्रिकेट भी खेल रहा हूं और इस समय मैं वास्तव में अपने क्रिकेट का आनंद ले रहा हूं।’ रहाणे के लिए गौरव का सबसे बड़ा क्षण शायद 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा था जिसमें उन्होंने चोटों से जूझ रही टीम का नेतृत्व करते हुए भारत को टेस्ट श्रृंखला में 2-1 से जीत दिलाई थी। इसके बाद वह हालांकि लंबे समय तक भारतीय टीम का हिस्सा नहीं रहे। उन्होंने कहा, ‘हर सुबह जब मैं उठता हूं तो यही सोचता रहता हूं कि मैं कौन से लक्ष्य हासिल करना चाहता हूं। मेरे लिए अपने देश का प्रतिनिधित्व करने से बढ़कर कुछ नहीं है। मैं फिर से भारतीय जर्सी पहनना चाहता हूं। जब कोई टूर्नामेंट नहीं चल रहा होता है तो मैं एक दिन में दो से तीन सत्र तक अभ्यास करता हूं। मुझे लगता है कि अभी मेरे लिए खुद को फिट रखना वास्तव में काफी महत्वपूर्ण है।’ रहाणे ने कहा, ‘मैं अपने आहार पर भी ध्यान दे रहा हूं। मेरे अंदर भारत की तरफ से अच्छा प्रदर्शन की प्रेरणा पहले की तरह बनी हुई है। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि मैं पहले की तरह खेल का पूरा आनंद ले रहा हूं। मैं खेल को लेकर भावुक हूं। मैं अब भी खेल से प्यार करता हूं।’ रहाणे ने आईपीएल के संदर्भ में कहा कि टीम प्रबंधन नाइट राइडर्स के उप कप्तान वेंकटेश अय्यर का पूरा समर्थन करती है जो इस सत्र में रन बनाने के लिए जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हम पूरी तरह से वेंकटेश अय्यर का समर्थन कर रहे हैं। वह बड़ा स्कोर बनाने से सिर्फ एक पारी दूर हैं। आप शायद अगले चार मैचों में उनकी एक अच्छी पारी देख सकते हैं।’ recent visitors 46

जातीय जनगणना पर कांग्रेस का पलटवार, वेणुगोपाल बोले- अब पीएम मोदी की नींद हराम होगी

Politics heated up caste census : कांग्रेस का पीएम मोदी को करारा जवाब Politics heated up caste census देश की राजनीति में इन दिनों जातीय जनगणना को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं। शुक्रवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में विझिनजाम बंदरगाह के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। उनके इस बयान ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। अब कांग्रेस ने भी तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी को लेकर कहा, “हम तो चैन की नींद सोएंगे, लेकिन आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नींद जरूर उड़ने वाली है। यह बयान सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संकेत है कि कांग्रेस जातीय जनगणना को लेकर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। जातीय जनगणना और आरक्षण पर कांग्रेस की रणनीति (Politics heated up caste census) वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अब केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगी कि वह जल्द से जल्द जातीय जनगणना कराए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी अब आरक्षण की 50% सीमा को पार कर सामाजिक न्याय को और मज़बूत करने की मांग करेगी। उनका कहना है कि जैसे महिला आरक्षण विधेयक को सालों बाद लागू किया गया, वैसे ही जातीय जनगणना को और टालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि केंद्र सरकार इस मांग को गंभीरता से ले और समाज के वंचित वर्गों को उनके हक़ और हिस्से का पूरा प्रतिनिधित्व मिले,वेणुगोपाल ने कहा। राजनीतिक माहौल में नया मोड़ (Politics heated up caste census) प्रधानमंत्री और कांग्रेस के बीच यह बयानबाज़ी 2024 के आम चुनावों से पहले राजनीति के मैदान में एक नया मोड़ ला रही है। जातीय जनगणना एक ऐसा मुद्दा है जो न सिर्फ दलों के वोट बैंक को प्रभावित करता है, बल्कि सामाजिक न्याय की बहस को भी नई दिशा देता है। Read more: फिजिकल हेल्थ: गर्मी और दिल की बीमारियां – क्यों बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा और कैसे करें बचाव कांग्रेस का यह रुख साफ करता है कि वह अब इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है। आने वाले हफ्तों में संसद से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर हलचल तेज़ हो सकती है। जातीय जनगणना अब केवल एक आंकड़ों का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, राजनीतिक रणनीति और सत्ता के संतुलन से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। देखना यह होगा कि इस बढ़ती बहस में जनता का समर्थन किसके साथ खड़ा होता है – सत्ता पक्ष के साथ या विपक्ष के संघर्ष के साथ। recent visitors 127

MP के किसान 5 मई तक गेहूं उपार्जन बेच सकते ,अबतक 67.92 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ खरीदी

भोपाल मध्य प्रदेश के किसानों के लिए काम की खबर है। गेहूँ के उपार्जन की लास्ट डेट 5 मई है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश में अभी तक 7 लाख 81 हजार 389 किसानों से 67 लाख 92 हजार 890 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है और इसके लिए लगभग 6000 करोड़ रूपये से अधिक का भुगतान किया गया है। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। इस साल प्रदेश में लगभग 80 लाख टन गेहूं उपार्जन अनुमानित है। मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम समेत सभी संभागों में गेहूं की खरीदी जारी है जो 5 मई तक चलेगी। इस बार 2600 (न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 +175 बोनस) रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जाएगा।बता दे कि मालवा निमाड़ में इंदौर, उज्जैन संभाग के कई किसान गेहूं का उत्पादन करते हैं, लेकिन देशभर में सबसे ज्यादा सीहोर का शरबती गेहूं मशहूर है। 7. 81 लाख किसानों से 67.92 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ का उपार्जन     प्रदेश में अभी तक जिला उज्जैन में 6 लाख 48 हजार 993, सीहोर में 6 लाख 25 हजार 718, विदिशा में 5 लाख 38 हजार 284, रायसेन में 5 लाख 25 हजार 172, शाजापुर में 3 लाख 55 हजार 439, राजगढ़ में 3 लाख 52 हजार 734, नर्मदापुरम में 3 लाख 42 हजार 513, भोपाल में 3 लाख 23 हजार 273।     देवास में 2 लाख 82 हजार 360, सागर में 2 लाख 70 हजार 225, इंदौर में 2 लाख 46 हजार 432, सिवनी में 2 लाख 2 हजार 890, आगर-मालवा में एक लाख 81 हजार 129, मंदसौर में एक लाख 65 हजार 210, सतना में एक लाख 36 हजार 217, हरदा में एक लाख 26 हजार 653।     धार में एक लाख 22 हजार 249, दमोह में एक लाख 10 हजार 321, रतलाम में एक लाख 2 हजार 67, नरसिंहपुर में 98 हजार 584, जबलपुर में 79 हजार 308, कटनी में 77 हजार 40, श्योपुर में 77 हजार 30, दतिया में 70 हजार 768, शिवपुरी में 64 हजार 782, रीवा में 61 हजार 349।     ग्वालियर में 57 हजार 292, छतरपुर में 55 हजार 910, अशोकनगर में 49 हजार 421, पन्ना में 46 हजार 82, गुना में 45 हजार 560, मण्डला में 44 हजार 484, भिण्ड में 42 हजार 476, खण्डवा में 42 हजार 194, मैहर में 35 हजार 32, नीमच में 34 हजार 503, मुरैना में 28 हजार 967।     बैतूल में 23 हजार 868, झाबुआ में 23 हजार 863, छिंदवाड़ा में 22 हजार 869, टीकमगढ़ में 16 हजार 975, शहडोल में 6 हजार 338, सिंगरौली में 6 हजार 239, उमरिया में 5 हजार 403, सीधी में 4 हजार 171।     मऊगंज में 3 हजार 619, डिण्डोरी में 2 हजार 941, खरगौन में 2 हजार 914, निवाड़ी में 2 हजार 754, बालाघाट में 1 हजार 121, अनूपपुर में 832, अलीराजपुर में 245 और पांढुर्णा में 77 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। recent visitors 45

जातिगत जनगणना में मुस्लिम केवल मुस्लिम से नहीं जाना जाएगा, पठान, अंसारी , लोहार चालीस जातियां है: मंत्री विजयवर्गीय

इंदौर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय  अपनी विधानसभा की 200 आंगनबाड़ी केंद्रों और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरत की सामग्री वितरित करने पहुंचे थे. कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने राहुल गांधी सहित पाकिस्तान पर जवाबी हमला बोला. राहुल गांधी के जातिगत जनगणना के सवाल पर हमला बोलते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ''वह छोटी बुद्धि के हैं उन्हें समझ नहीं आएगा कि जातिगत जनगणना सबकी होगी. हिंदू की भी होगी मुस्लिम की भी होगी. मुस्लिम केवल मुस्लिम से नहीं जाना जाएगा. ये पठान कौन है, अंसारी कौन है, लोहार कौन है. चालीस जातियां है, मुस्लिम समाज में उनकी भी जाति गिनी जाएगी. ऐसा नहीं के सीधा के सीधा अल्पसंख्यक के नाम से आरक्षण ले ले. सबकी जाति गणना होगी. अभी उन्हें समझ नहीं आ रहा कि मोदी जी ने जो निर्णय लिया तो उसके पीछे उन्होंने एक बहुत अच्छी रणनीति के लिए काम किया''. वहीं पाकिस्तानी सांसद के भड़काऊ बयान के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ''सेना के चीफ युद्ध में यदि जिंदा रहे तो नमाज पढ़ेंगे. युद्ध होगा तो पाकिस्तान 24 घंटे में साफ हो सकता है. वह हमारी क्षमता है, हमारी क्षमता का आंकलन अभी पाकिस्तान को नहीं है, इसलिए वह बड़ी-बड़ी बाते करते हैं. जो दहाड़ते हैं बेकार में, वह कुछ नहीं कर पाते और जो चुप रहते हैं, वह काम करते हैं''. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कहा, ''भारत ने कभी नहीं कहा कि हम लाहौर में जाकर झंडा गाड़ेंगे. युद्ध होगा जब बताएंगे उन्हें. भारत की क्षमता का पता नहीं उन्हें वह बस लंबी-लंबी बात कर रहे हैं. जब युद्ध हुआ तो 24 घंटे के अंदर पाकिस्तान का नक्शा मिट जाएगा. बड़ी बड़ी बात करने वाले किस कब्र होंगे उन्हें ढूंढना पड़ेगा''. कर्नाटक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के अभी युद्ध की कोई जरूरत नहीं वाले बयान पर उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया तो मंच पर ही अधिकारी को थप्पड़ मार देते हैं. उनकी उम्र बहुत हो गई है और ऐसी उम्र के लोग ऐसी बहकी बहकी बातें कर सकते हैं. भोपाल लव जिहाद मामले पर कहा, ''यह षडयंत्र काफी दिनों से भोपाल में हो रहा है. भोपाल में हर रोज एक हिन्दू लड़की मुस्लिम नवजवानों का शिकार हो रही है. मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लिया है. भोपाल नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों से कह रहा हूं कि वे नेतागीरी कर रहे हैं, साथ-साथ वह यह भी देखें लव जिहाद के माध्यम से समाज के अंदर विषमता का जहर कौन फैला रहा है, उसकी भी चिंता करें चाहे सांसद हो या विधायक''. recent visitors 39