भारत के CRPF जवान को पाकिस्तानी महिला से शादी करना पड़ा भारी, नौकरी से बर्खास्त

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान में जारी तनाव के बीच केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने अपने जवान मुनीर अहमद को पाकिस्तानी महिला से अपनी शादी की बात छिपाने के आरोप में नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। मुनीर अहमद का यह काम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक पाया गया। जवान की आखिरी तैनाती देश के प्रमुख आंतरिक सुरक्षा बल सीआरपीएफ की 41वीं बटालियन में थी। आधिकारिक सूत्रों ने 'पीटीआई' को बताया कि उसे उन नियमों के तहत सेवा से बर्खास्त किया गया है, जिसके तहत जांच की जरूरत नहीं होती। सीआरपीएफ के प्रवक्ता उप महानिरीक्षक (डीआईजी) एम दिनाकरन ने कहा, "मुनीर अहमद को पाकिस्तानी नागरिक से अपनी शादी को छिपाने और जानबूझकर उसके वीजा की वैधता से परे उसे शरण देने के कारण तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।'' पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर उठाए गए कूटनीतिक उपायों के तहत भारत द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कहने के बाद अहमद की मीनल खान के साथ शादी का पता चला था। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। दोनों ने पिछले साल 24 मई को एक वीडियो कॉल के जरिए शादी की थी। सीआरपीएफ की जांच में पाया गया कि जवान ने संबंधित अधिकारियों को अपनी शादी और उसके भारत में रहने की सूचना नहीं दी थी। आतंकी हमले के बाद भारत ने पाक के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार ने अल्पकालिक वीजा वाले पाकिस्तानी नागरिकों के साथ-साथ भारत में इस्लामाबाद के शीर्ष सैन्य अधिकारियों को देश छोड़ने का निर्देश दिया था। अन्य ऐक्शन में सैन्य राजनयिकों को अवांछित व्यक्ति घोषित करना, अटारी-वाघा सीमा को बंद करना, सिंधु जल संधि को रोकना, पाकिस्तानी जहाजों को भारत में प्रवेश करने से रोकना और सभी पाकिस्तानी आयातों पर प्रतिबंध लगाना शामिल है। recent visitors 74

आईटी मंत्री कर्नल राठौड़ ने बैठक में साइबर सिक्योरिटी के लिए समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया

जयपुर प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की अध्यक्षता में योजना भवन में शनिवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में साइबर सिक्योरिटी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में तकनीकी उन्नति, मानव संसाधन और प्रक्रियाओं के विकास पर चर्चा की गई। पीपल, प्रोसेस, टेक्नोलॉजी का त्रि-आयामी दृष्टिकोण आईटी मंत्री कर्नल राठौड़ ने बैठक में साइबर सिक्योरिटी के लिए समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि साइबर सिक्योरिटी केवल सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर तैयार करने तक सीमित नहीं है। इसके लिए तीन प्रमुख तत्वों—पीपल (लोग), प्रोसेस (प्रक्रियाएं) और टेक्नोलॉजी (प्रौद्योगिकी) का समन्वय जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल तकनीक पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देना होगा ताकि विदेशी निर्भरता कम हो। प्रशिक्षित कार्मिक: साइबर सिक्योरिटी की रीढ़ कर्नल राठौड़ ने बैठक में मानव संसाधन के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर सिक्योरिटी से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने के लिए संरचित और असंरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हर दिन प्रशिक्षण, जागरूकता का विस्तार और ग्रूमिंग होनी चाहिए। इसके लिए पर्याप्त बजट प्रावधान भी किए जाएंगे, जिससे सर्टिफाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के माध्यम से कर्मचारियों की क्षमता को और निखारा जा सके। इससे न केवल कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी, बल्कि उनकी पेशेवर मूल्यवृद्धि भी होगी। साथ ही कार्य संस्कृति में सुधार होगा, जो दीर्घकालिक रूप से विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा। राजस्थान का विजन: देश में सर्वश्रेष्ठ होगा आईटी विभाग आईटी मंत्री कर्नल राठौड़ ने राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को देश का सर्वश्रेष्ठ बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नया भारत, मजबूत भारत है। हम नई सोच और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि राजस्थान का आईटी विभाग राष्ट्रीय स्तर पर एक मिसाल बने। इस दिशा में विभाग ने एक निश्चित समयावधि में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की योजना बनाई है। कर्नल राठौड़ ने भामाशाह डेटा सेंटर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह वर्तमान में देश के अन्य राज्यों की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित और उन्नत है। यह डेटा सेंटर न केवल तकनीकी रूप से सक्षम है, बल्कि साइबर खतरों से डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बैठक में प्रतिष्ठित साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और पूर्व सैन्य अधिकारी कर्नल निधीश भटनागर ने साइबर सिक्योरिटी के संबंध में प्रजेंटेशन के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी हर दिन चालाक बनते जा रहे हैं। ऐसे में आईटी प्रोफेशन से जुड़े हर व्यक्ति को भी हर दिन अपडेट और सतर्क रहने की आवश्यकता है। बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ ही, ऊर्जा, जयपुर विकास प्राधिकरण, सहकारिता, भूजल संसाधन, परिवहन, आबकारी विभागों के अलावा आरजीएचएस और आईएफएमएस परियोजना आदि से जुड़े विभिन्न अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 74

भारतीय महिला हॉकी टीम जोरदार संघर्ष करते हुए ऑस्ट्रेलिया से 2-3 से हारी

नई दिल्ली भारतीय महिला हॉकी टीम ने शनिवार को पर्थ हॉकी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया दौरे के अपने चौथे मैच में जोरदार संघर्ष किया, लेकिन अंततः ऑस्ट्रेलिया से 2-3 से हार गई।भारत के लिए नवनीत कौर (35') और लालरेमसियामी (59') ने गोल किए, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने ग्रेस स्टीवर्ट (2'), जेड स्मिथ (36') और ग्रेटा हेस (42') के गोल की बदौलत करीबी मुकाबले में जीत हासिल की। पहले क्वार्टर में ऑस्ट्रेलिया ने पहला गोल करके 1-0 की बढ़त हासिल की। ​​दूसरे मिनट में ही सफलता मिल गई, जब ग्रेस स्टीवर्ट ने गोल किया। भारत ने क्वार्टर के बाकी बचे समय में स्कोर बराबर करने की पूरी कोशिश की, लेकिन बराबरी का गोल नहीं कर सका। दूसरे क्वार्टर में भारत ने शुरुआती पेनल्टी कॉर्नर का सफलतापूर्वक बचाव किया और इस अवधि के अंत में एक और सेट-पीस खतरे का सामना किया, जिससे हाफटाइम तक अंतर एक गोल तक सीमित रहा। भारत ने तीसरे क्वार्टर में मुकाबले में वापसी की, जब नवनीत ने 35वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को सफलतापूर्वक गोल में बदलकर स्कोर बराबर कर दिया। यह राहत कुछ समय के लिए ही रही, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने तुरंत जवाब दिया और 36वें मिनट में जेड स्मिथ के फील्ड गोल ने उन्हें बढ़त दिला दी। ऑस्ट्रेलिया ने दो और पेनल्टी कॉर्नर जीते, इससे पहले ग्रेटा हेस के 42वें मिनट के गोल ने उनकी बढ़त को फिर से बढ़ाया। भारत ने अंतिम क्वार्टर में अंतर कम किया, जब लालरेमसियामी ने खेल के अंत में गोल किया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय आक्रमण को रोककर जीत हासिल की। कप्तान सलीमा टेटे और उप-कप्तान नवनीत कौर की अगुआई वाली भारत की 26 सदस्यीय टीम ने अब तक दो बार ऑस्ट्रेलियाई सीनियर टीम के साथ खेला है, और जोशीले प्रदर्शन के बावजूद, उन्हें पर्थ में मेजबान टीम से हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलियाई सीनियर टीम के खिलाफ मैच से पहले भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया ए टीम के खिलाफ भी दो दोस्ताना मैच खेले, लेकिन दृढ़ निश्चयी प्रदर्शन के बावजूद जीत दर्ज नहीं कर पाई। अगले साल होने वाले विश्व कप और इस साल के अंत में यूरोप में होने वाले एफआईएच हॉकी प्रो लीग पर नजर रखते हुए भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के इस दौरे पर नए संयोजन और रणनीतियां आजमा रही है। हालांकि भारत ने अभी तक दौरे पर जीत दर्ज नहीं की है, लेकिन रविवार को होने वाला अंतिम मैच इस कमी को पूरा करने का एक बड़ा मौका है। recent visitors 70

ऑस्ट्रेलिया चुनाव में गरीब मां के बेटे एंथनी अल्बनीज का कमाल, दूसरी बार बने ऑस्ट्रेलिया के पीएम

कैनबरा ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ 21 वर्षों में लगातार दो बार तीन साल का कार्यकाल जीतने वाले पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं। विपक्षी नेता पीटर डटन अपनी संसदीय सीट से हार गए हैं। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के चुनाव में अल्बनीज ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जीत के बाद पोस्ट किया है। ऑस्ट्रेलिया के चुनाव में मौजूदा प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और विपक्षी नेता पीटर डटन के बीच टक्कर थी। एंथनी अल्बनीज की जीत के बाद पीटर डटन ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। डटन ने अल्बनीज को फोन पर बधाई दी। जीत के बाद अल्बनीज ने कहा कि ये उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने निष्पक्षता, आकांक्षा और अवसर के लिए वोट दिया है। अल्बनीज ने कहा कि वह कल से ही अपने काम पर जुट जाएंगे। गरीब परिवार से निकलकर चमके लेबर पार्टी के नेता अल्बनीज खुद को एक आधुनिक नेता के रूप में पेश करते हैं। उन्होंने हालिया वर्षों में ऑस्ट्रेलिया राजनीति में स्थिरता लाने की कोशिश की है। दरअसल साल 2007 में हावर्ड के बाद ऑस्ट्रेलिया में छह प्रधानमंत्री बदले हैं। ऐसे में अल्बनीज का लगातार दूसरा कार्यकाल हासिल करना और खास हो जाता है। अल्बनीज ने ना सिर्फ अपना पूरा कार्यकाल पूरा किया बल्कि दूसरे टर्म के लिए चुनाव भी जीता है। एंथनी अल्बनीज बीते 30 सालों से सांसद हैं और साल 2022 से ऑस्ट्रलिया के प्रधानमंत्री हैं लेकिन यह जीत उनके व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन में बड़ी उपलब्धि है। इसकी एक वजह ये है कि वह बेहद साधारण परिवार से आते हैं। सिडनी में एंथनी को उनकी मां ने सिंगल मदर के तौर पर पाला पोसा है। उनकी मां पेंशन पर निर्भर थीं और वे सरकारी घर में रहते थे। गरीबी में पले एंथनी आज वह ऑस्ट्रेलिया की राजनीति के सबसे अहम चेहरे हैं। अल्बनीज ने चुनाव प्रचार के दौरान भी कई दफा ये कहा कि वह गरीबी और संघर्ष को समझते हैं। recent visitors 64

आज तहव्वुर राणा की आवाज और हैंडराइटिंग के सैंपल दिल्ली की एक अदालत के सामने इकट्ठा किए, NIA की पूछताछ जारी

मुंबई 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की पूछताछ जारी है। इस कड़ी में, शनिवार को राणा की आवाज और हैंडराइटिंग के सैंपल दिल्ली की एक अदालत के सामने इकट्ठा किए गए। तहव्वुर राणा को कड़ी सुरक्षा में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास वैभव कुमार के समक्ष लाया गया, जहां एनआईए ने उसकी हैंडराइटिंग के नमूने एक बंद कमरे में दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार, तहव्वुर राणा से अलग-अलग अक्षरें और संख्याएं लिखवाई गईं। 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की पूछताछ जारी है। इस कड़ी में, शनिवार को राणा की आवाज और हैंडराइटिंग के सैंपल दिल्ली की एक अदालत के सामने इकट्ठा किए गए। तहव्वुर राणा को कड़ी सुरक्षा में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास वैभव कुमार के समक्ष लाया गया, जहां एनआईए ने उसकी हैंडराइटिंग के नमूने एक बंद कमरे में दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार, तहव्वुर राणा से अलग-अलग अक्षरें और संख्याएं लिखवाई गईं। तहव्वुर राणा को कानूनी सहायता में मदद देने वाले वकील पीयूष सक्सेना ने इस बारे में अधिक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हाल के अदालती आदेश का पूरी तरह पालन किया, जिसमें उन्हें अपनी आवाज और हैंडराइटिंग के सैंपल जमा करने का निर्देश दिया गया था। बीते दिनों अदालत ने एनआईए को राणा के आवाज और हस्तलेखन के नमूने एकत्र करने की इजाजत दी थी। विशेष एनआईए जज चंदर जीत सिंह ने 28 अप्रैल को राणा की हिरासत को 12 दिनों के लिए बढ़ाया था, उन्होंने 30 अप्रैल को एनआईए की ओर से दायर आवेदन पर यह आदेश पारित किया। 26/11 आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड मुंबई के ताज होटल सहित कई ठिकानों पर 26 नवंबर 2008 को हुए हमलों ने विश्व भर में लोगों को दहला दिया था, जिसमें विदेशी नागरिकों सहित 166 लोग मारे गए थे। राण इन हमलों का एक मुख्य आरोपी है। अमेरिका के साथ प्रत्यपर्ण समझौते के अंतर्गत वहां से 10 अप्रैल को भारत लाया गया। तब से वह एनआईए की हिरासत में है। तहव्वुर पाकिस्तानी मूल और कनाडा का नागरिक है। उस पर 26/11 हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के लिए मुंबई में हमले की जगहों की रेकी करने का आरोप है। आरोप है कि वह अपने बचपन के दोस्त डेविड कोलमैन हेडली के साथ हमले की साजिश में शामिल था। recent visitors 51

मुख्यमंत्री ने मंदसौर जिले के दुधाखेडा में 400 करोड़ रुपए से अधिक लागत के निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्षेत्र की आस्था के केंद्र दुधाखेड़ी माता मंदिर परिसर को देवी लोक के रूप में भव्य रूप से विकसित किया जाएगा। इसके विकास कार्यों और सौन्दर्यीकरण के लिए प्रत्येक कार्य होगा मुख्यमंत्री ने दुधाखेड़ी माता मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना तथा दर्शन किये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर हाथ को काम और हर खेत को पानी उपलब्ध कराना हमारी सरकार का संकल्प है। इसके लिए प्रदेश में विशाल पैमाने पर औद्योगिकरण तथा सिंचाई योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को मंदसौर जिले के ग्राम दुधाखेड़ी में विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहाँ 400 करोड़ रुपए लागत के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरोठ भानपुरा क्षेत्र का ऐतिहासिक विकास हो रहा है। यह क्षेत्र अब देश में चहूंओर से जुड़ रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे तथा अन्य मार्गों के निर्माण से गरोठ भानपुरा क्षेत्र देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ रहा है। उज्जैन-गरोठ मार्ग निर्माण से हमारी सरकार ने उज्जैन से इस क्षेत्र के हजारों साल पुराने संबंध को और पक्का करने का कार्य किया है। इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर रहे हैं क्षेत्र में अब चीते दौड़ते हुए दिखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरोठ भानपुरा क्षेत्र का ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्व है। यहां पर भानपुरा शंकराचार्य जी की पीठ स्थापित है मुख्यमंत्री द्वारा शंकराचार्य श्री सत्यमित्रानंद जी महाराज के कार्यों का जिक्र करते हुए धर्म तथा राष्ट्र के लिए विभिन्न शंकराचार्य के कार्यों तथा भूमिका पर प्रकाश डाला गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश में जिन-जिन स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुई है, उन स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। गीता भवन बनाये जा रहे हैं। गरोठ भानपुरा में भी गीता भवन बनाया जाएंगे। कामधेनु योजना से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक क्षेत्र में प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे निरंतर इस क्षेत्र में आते रहेंगे तथा विकास की सौगात मिलती रहेगी। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने अपने संबोधन में कहां कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में अभूतपूर्व रूप से सिंचाई क्षमता वृद्धि में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के 50 लाख हैक्टेयर भूमि के रकबे में सिंचाई उपलब्ध करा दी गई है। आगामी 2 वर्षों में 65 लाख हेक्टेयर तथा 5 वर्षों में प्रदेश का 100 लाख हैकटेयर रकबा सिंचित कर दिया जाएगा। देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई के नदी जोड़ो के सपने को साकार करने की दिशा मे हमारी सरकार द्वारा काम किया जा रहा है। इस दिशा में पार्वती-कालीसिंध-चम्बल परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसका लाभ पूरे मालवा क्षेत्र को मिलेगा। इस परियोजना से प्रदेश का 6 लाख हेक्टर से अधिक रकबा सिंचित हो सकेगा। शत प्रतिशत सिंचित रकबे के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए लोकार्पित की गई। शामगढ़-सुवासरा विस्तारीकरण सिंचाई परियोजना, ताखा जी सिंचाई परियोजनाओ के साथ ही अन्य परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इनमें मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ सिंचाई परियोजना भी शामिल है। सांसद श्री सुधीर गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा उज्जैन-गरोठ मार्ग का निर्माण कराकर ऐतिहासिक कार्य किया गया है। प्रदेश शासन द्वारा गांधी सागर, नीमच जावद तथा मल्हारगढ़ आदि परियोजनाओं के निर्माण से सिंचाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास की ओर आगे बढ़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटन विकास किया जा रहा है। गांधी सागर क्षेत्र में चीता छोड़ने से लेकर हिंगलाजगढ़ माता मंदिर जैसे स्थान पर्यटन के नक्शे में सम्मिलित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दुधाखेड़ी में आयोजित कार्यक्रम में 223 करोड़ 26 लाख रुपए लागत से निर्मित शामगढ़-सुवासरा वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना विस्तारीकरण, 60 करोड़ 3 लाख रुपए लागत की ताखाजी सूक्ष्म मध्यम सिंचाई परियोजना, 2 करोड़ 48 लाख रुपए लागत से शामगढ़ बोलिया मार्ग कंधारी नदी पर पुल निर्माण तथा 7 करोड़ 71 लाख रुपए लागत से निर्मित अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय भवन गरोठ तथा तहसील कार्यालय भवन निर्माण का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 102 करोड़ 64 लाख रुपए लागत के गरोठ बोलिया मार्ग टू-लेन निर्माण और 4 करोड़ 73 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाला गरोठ शामगढ़ मार्ग से दादावाड़ी से हिंगोरिया मार्ग का भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से आमसभा में उपस्थित नागरिकों का पुष्प वर्षा कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों द्वारा वृहद पुष्प हार से आत्मीय अभिनंदन किया गया। दुधाखेड़ी माता मंदिर प्रबंध समिति द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया गया। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गांधी सागर डैम का छायाचित्र भेंट किया।   recent visitors 50

हम बीते 35 साल से आतंकवाद झेल रहे हैं, अब इसे खत्म करना ही होगा: फारूक अब्दुल्ला

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। एक ओर जहां विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सत्ताधारी पक्ष आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदमों की बात कर रहा है। इसी बीच, जेकेएनसी नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा, "हम बीते 35 साल से आतंकवाद झेल रहे हैं, अब इसे खत्म करना ही होगा। बहुत हो गया, आखिर कब तक छाती पीटते रहेंगे?" उन्होंने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है और सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से कैसे निपटा जाए, यह प्रधानमंत्री अच्छी तरह से जानते हैं। महबूबा मुफ्ती के एक बयान पर जब फारूक अब्दुल्ला से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने कहा, "मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, क्योंकि उनका निशाना प्रधानमंत्री पर होता है। मैं ऐसी कोई बात नहीं करूंगा। आज पूरा देश प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है और उम्मीद है कि वह ऐसा कदम उठाएंगे जिससे आतंकवाद का अंत हो सके।" पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के बयान पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा, "उनसे कहिए कि थोड़ा इंतजार करें, सब्र रखने में ही सब कुछ होगा। इससे ही सब कुछ ठीक होगा।" दरअसल, चरणजीत सिंह चन्नी ने शुक्रवार को 2016 में हुए सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हुए फिर से सबूत मांगा था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में "कहां हुआ था सर्जिकल स्ट्राइक?" उनके इस बयान पर राजनीति तेज हो गई। हालांकि, चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए कांग्रेस पार्टी सरकार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जो लोग मारे गए हैं, उनके परिवार को इंसाफ चाहिए। बता दें कि पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना से पूरा देश आक्रोशित है और सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहा है। recent visitors 50