पाकिस्तान के लिए भारत का एयरस्पेस 30 अप्रैल से 23 मई तक के लिए बंद रहेगा

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले ने भारत और पाकिस्तान के संबंधों को रसातल तक धकेल दिया है. इस बीच भारत की ओर से होने वाली संभावित सैन्य कार्रवाई से पाकिस्तान अलर्ट पर है. ऐसे में भारत ने पाकिस्तान के नैविगेशन सिस्टम पर बड़ी चोट की है. सूत्रों का कहना है कि भारत ने पाकिस्तानी सेना के विमानों द्वारा इस्तेमाल में लाए जा रहे ग्लोबल नैविगेशन सैटेलाइट सिस्टम के सिग्नल को बाधित करने के लिए एडवांस्ड जैमिंग सिस्टम की तैनाती की है. इन्हें पश्चिमी सीमा पर तैनात किया गया है. भारत के जैमिंग सिस्टम से जीपीएस, GLONASS और बैदू सहित सैटेलाइट आधारित नैविगेशन प्लेटफॉर्म बाधित होंगे. इन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पाकिस्तानी सेना के विमानों द्वारा किया जा रहा है. इससे पहले भारत ने पाकिस्तान के विमानों के लिए अपने एयरस्पेस को बंद करने का फैसला किया. पाकिस्तान के लिए भारत का एयरस्पेस 30 अप्रैल से 23 मई तक के लिए बंद रहेगा. बता दें कि जैमिंग सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर का हिस्सा है, जिसे रेडियो फ्रीक्वेंसी सिगनलों को बाधित करने के लिए डिजाइन किया जाता है. इससे कई बार गलत सिग्नल भेजकर दुश्मनों के उपकरणों को भ्रमित भी किया जाता है. भारत द्वारा तैनात किए गए ये सिस्टम हाई फ्रीक्वेंसी जैमिंग सिस्टम हैं, जो विशेष रूप से सैन्य अभियानों में उपयोग होने वाले GNSS सिग्नलों को लक्षित करने के लिए डिजाइन किए गए हैं. पाकिस्तान द्वारा किए गए सीजफायर उल्लंघन के बाद LOC के कई सेक्टरों में गतिविधियां तेज हो गई हैं. भारतीय सेना ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है और सीमावर्ती क्षेत्रों में ऑपरेशनल अलर्ट जारी कर दिया गया है. दरअसल, पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत सरकार एक्शन मोड में है और पाकिस्तान पर सख्त फैसले ले रही है. इस बीच, नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ता जा रहा है. पाकिस्तान पिछले सात दिन से लगातार सीजफायर तोड़ रहा है और हल्के हथियारों से रातभर फायरिंग कर रहा है. लेकिन बुधवार को पाकिस्तान ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है. उसने अब जम्मू के परागवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फायरिंग की है. रक्षा सूत्रों का कहना है कि मंगलवार सुबह तक पाकिस्तानी सेना सिर्फ नियंत्रण रेखा पर ही संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रही थी, लेकिन अब उसने बुधवार रात जम्मू के परागवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी की है, जिसके बाद पाकिस्तान ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है.   recent visitors 35

झूठ बोलना और भ्रम फैलाना कांग्रेस के डीएनए में है, कांग्रेस का विजन समाज का विभाजन रहा : शिवराज सिंह चौहान

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को किया संबोधित —————————————————- -जातिगत जनगणना सबका साथ, सबका विकास और सबके कल्याण के लिए -राहुल गांधी को संविधान पढ़ने के लिए ट्यूशन लगानी चाहिए -झूठ बोलना और भ्रम फैलाना कांग्रेस के डीएनए में है -कांग्रेस का विजन समाज का विभाजन रहा है -कांग्रेस का नकली चेहरा सामने आता है, असली सूरत छिपी रहती है -सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह ने जातिगत जनगणना क्यों नहीं करवाई -शिवराज सिंह चौहान भोपाल भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जातिगत जनगणना के फैसले को लेकर कहा कि, ये सबका साथ, सबका विकास और सबके कल्याण के लिए की जाएगी। मैं जातिगत जनगणना कराने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को धन्यवाद देता हूं। ये जाति की राजनीति नहीं है, सुशासन की आधारभूत नींव है, समाज के हर वर्ग को न्याय देने का प्रयास है, जो पूरे पारदर्शी तरीके से जमीन पर उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि, राष्ट्र और समाज के व्यापक हित में जातिगत जनगणना का उपयोग किया जाएगा। वहीं इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, कांग्रेस जब सत्ता में रहती है तो काम नहीं करती है, और जब विपक्ष में आती है तो जातिगत जनगणना जैसी मांग करती है। हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और हैं।   झूठ बोलना और भ्रम फैलाना कांग्रेस के डीएनए में है केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, आज कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेताओं में श्रेय लेने की होड़ लगी हुई है। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूँ कि, वर्षों तक देश में कांग्रेस की सरकारें रही, इतने सालों तक जातिगत जनगणना क्यों नहीं हुई..? उनके पहले प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरू ने मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में कहा था कि, वह जाति के आधार पर आरक्षण के भी विरोधी हैं। पत्र रिकार्ड में मौजूद हैं, उन्होंने हमेशा जाति और जातिगत जनगणना का विरोध किया। काका कालेलकर की रिपोर्ट किसने दबाई थी। कांग्रेस ने हमेशा जातिगत जनगणना का विरोध किया। झूठ बोलना और भ्रम फैलाना कांग्रेस के डीएनए में है। कर्जा माफ करेंगे, बिजली बिल माफ करेंगे और बेरोजगारी भत्ता ऐसे कई झूठ कांग्रेस ने हमेशा से बोले हैं।    राहुल गांधी को संविधान पढ़ने की ट्यूशन लेनी चाहिए केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि, आज वो कह रहे हैं कि, तेलंगाना में हुआ है। मैं राहुल गांधी को बताना चाहता हूं कि, तेलंगाना में जातिगत जनगणना नहीं हुई है, सर्वे हुआ है। उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी जी को संविधान पढ़ने के लिए ट्यूशन लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस आज विज़न की बात करती हैं, कांग्रेस का विजन समाज का विभाजन रहा है। विभाजनकारी नीतियाँ रहीं हैं, समाज को तोड़ने का रहा है, लेकिन हम सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास इसको मूल मंत्र मानकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है। आज ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में राजनीतिक विषयों की कैबिनेट समिति ने यह फैसला किया है कि अब जनगणना के साथ, जातियों की गणना भी होगी। यह फैसला ऐतिहासिक है, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का हृदय से अभिनंदन करता हूं। जातिगत जनगणना पूरी पारदर्शिता के साथ होगी। समाज के सभी वर्गों के आर्थिक और सामाजिक हितों को ध्यान में रखते हुए देश के हित में होगी। इंदिरा गांधी ने जातिगत जनगणना का विरोध किया केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 1980 के दशक में जब मण्डल कमीशन आया तब इंदिरा गांधी ने ही विरोध किया था। वीपी मण्डल की जातिगत जनगणना की मांग को तत्कालीन गृहमंत्री ज्ञानी ज़ेल सिंह ने खारिज किया था। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राहुल गांधी मैं आपको याद दिलाना चाहता हूँ, स्वर्गीय राजीव गांधी का रुख क्या था, उस समय जातिगत जनगणना क्यों नहीं हुई..? फिर श्रीमती सोनिया गांधी पॉवर में आईं, दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उनकी सरकार आई, तब उन्होंने पार्लियामेंट में आश्वस्त किया था कि, वो जातिगत जनगणना पर कैबिनेट में विचार करेंगे। मंत्रीमण्डल का एक समूह बना “ग्रुप ऑफ मिनिस्टर“ तब भी जातिगत जनगणना नहीं हुई बस एक सर्वे ही हुआ। मैं पूछना चाहता हूं कि, क्यों श्रीमती सोनिया गांधी ने, क्यों स्वर्गीय मनमोहन सिंह ने जातिगत जनगणना नहीं कारवाई और उस समय सर्वे के एसईसीसी के जो आँकड़े थे, उसमें भी हजारों त्रुटियाँ थीं। वो लगभग अस्वीकार कर दिया गया था, तब कांग्रेस कहाँ थी। पत्रकार वार्ता के पूर्व पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा के दुखद निधन पर शोक व्यक्त किया गया। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल उपस्थित रहे। recent visitors 34

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के शिवपुरी, इंदौर, धार, हरदा, छिंदवाड़ा और पन्ना जिलों में हुए कार्यक्रम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 6 जिलों के सामूहिक विवाह सम्मेलनों को वर्चुअली किया संबोधित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत हुए कार्यक्रम में परिणय सूत्र में बंधे 2205 जोड़े मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के शिवपुरी, इंदौर, धार, हरदा, छिंदवाड़ा और पन्ना जिलों में हुए कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मनुष्य जन्म वर्षों के पुण्य का फल है और सनातन संस्कृति में प्रत्येक व्यक्ति को जीवनकाल में 16 संस्कारों से होकर गुजरना होता है। इसमें विवाह संस्कार सबसे बड़ा संस्कार है। अग्नि को साक्षी मानकर 7 फेरों के माध्यम से 7 जन्मों का संकल्प लिया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अक्षय तृतीया पर 6 जिलों में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलनों में शामिल नव दंपतियों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग से शामिल होकर आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज अक्षय तृतीया है और इस दिन जो मिलता है वो हमेशा बढ़ता ही जाता है। जिसका कभी क्षय नहीं हो, वो अक्षय है। उन्होंने छिंदवाड़ा में 929, पन्ना में 915, आनंदधाम शिवपुरी में 80, इंदौर में 121, पंधानिया जिला धार में 80 एवं ग्राम नया गांव जिला हरदा में 80 नव दंपतियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विवाह बंधन में बंध रहे सभी जोड़ों के उज्जवल, सुखद-स्वस्थ जीवन और उनके दीर्घायु होने की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष बजट में बेटी-बहनों के कल्याण के लिए 27 हजार 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश के महिला सशक्तिकरण के मॉडल का कई राज्य अनुसरण कर रहे हैं। राज्य सरकार औद्योगिक विकास और महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से नारी सशक्तिकरण और कृषकों की आय बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नारी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की हैं। राज्य सरकार भी सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत ग्राम परिच्छा पौहरी, जिला शिवपुरी, ग्राम झलारिया, तह. सांवेर, जिला इन्दौर, ग्राम पंधानिया, धरमपुरी, जिला धार, ग्राम नयागांव तह. टिमरनी, जिला हरदा, इनर ग्राउंड (डी.डी.सी कॉलेज) नयापुर रोड, छिंदवाड़ा और ग्राम पंचायत बनौली, कुआंताल धाम, पवई, जिला पन्ना में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलनो में उज्जैन से वर्चुअली शामिल हुऐ। एनआईसी कक्ष उज्जैन में विधायक श्री अनिल जैन कालुहेड़ा मौजूद थे।   recent visitors 21

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और रीजनल कॉन्क्लेव के निवेशकों को MP में प्लॉट लेना महंगा हो गया

भोपाल  मध्यप्रदेश में मई में निवेशक और उद्योगपति औद्योगिक क्षेत्रों में प्लॉट के लिए आवेदन कर सकेंगे। अब नई कलेक्टर गाइडलाइन के रेट लागू होने के बाद प्लॉट 30 से 50% तक महंगे हो गए हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और रीजनल कॉन्क्लेव में आए निवेशकों को भी प्लॉट लेना महंगा हो गया है। मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने अपने औद्योगिक पार्कों में 319 प्लॉट निकाले हैं। एमएसएमई पोर्टल के जरिए प्लॉट आवंटन प्रक्रिया एक मई से शुरू होने जा रही है। इसमें सूक्ष्म, लघु और मध्ययम उद्यमों के लिए लगभग 1100 प्लॉट उपलब्ध होंगे। एमएसएमई में प्रक्रिया में बदलाव के चलते पिछले करीब सात माह से प्लॉट(Property Rate) आवंटन बंद था। इस संबंध में उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि भूमि आवंटन के लिए पोर्टल बनाया गया है। इसी पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। ऑनलाइन ही प्रस्ताव मंगाकर ई-ऑक्शन के माध्यम से प्लॉट आवंटन किया जाएगा। अब पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर प्लॉट आवंटन बंद कर दिया गया है। प्लॉट्स की नई दरें जारी कर दी गई हैं। इसी के अनुसार आवंटन होगा। पीथमपुर में जमीन सबसे ज्यादा महंगी नई कलेक्टर गाइडलाइन में प्रदेश में जमीन के औसतन रेट 30% तक बढ़े हैं। कुछ स्थानों पर 50% तक। एमपीआइडीसी के इंदौर, पीथमपुर, उज्जैन, देवास, जबलपुर, ग्वालियर के औद्योगिक क्षेत्रों में रेट ज्यादा बढ़े हैं। पीथमपुर में 50% तक रेट बढ़े हैं। जीआइएस, रीजनल कॉन्क्लेव में इन्हीं क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव ज्यादा आए हैं। निवेशक यदि अब जमीन आवंटन कराएंगे तो 50% ज्यादा रेट देना होगा। एमएसएमई के औद्योगिक क्षेत्रों में भी मक्सी, उज्जैन, ग्वालियर, सुभाषनगर सागर, भोपाल के गोविंदपुरा आदि क्षेत्रों मेंरेट ज्यादा बढ़े हैं। एमपीआइडीसी के प्लॉट 15 जिलों में एमपीआइडीसी ने धार, झाबुआ, भिण्ड, मुरैना, ग्वालियर, उज्जैन, नीमच, रतलाम, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, राजगढ़, विदिशा, कटनी, मंडला और जबलपुर जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों में कुल 319 प्लॉट निकाले हैं। एमपीआइडीसी से प्लॉट आवंटन के लिए 9 मई को ऑनलाइन ऑक्शन होगा। recent visitors 29

मई में 11 दिन बैंकों में रहेगा अवकाश, देख लीजिए पूरी लिस्ट

नई दिल्ली आज  गुरुवार को बैंक बंद रहने वाले हैं। 1 मई 2025 को बैंक देश के ज्यादतर राज्यों में बंद रहेंगे। यानी ग्राहक गुरुवार को बैंक जाकर अपना काम नहीं निपटा सकते।  यहां जानें RBI ने कल गुरुवार 1 मई 2025 की छुट्टी क्यों दी है और किन राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं। 1 मई को क्यों बंद रहेंगे बैंक? गुरुवार 1 मई को बैंक महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार, कोलकाता, गोवा, आंधप्रदेश जैसे तमाम राज्यों में बंद रहेंगे। महाराष्ट्र में बैंक महाराष्ट दिवस के कारण बैंक बंद हैं। वहीं, बाकि सभी राज्यों में बैंक लेबर डे के कारण नहीं खुलेंगे। यहां बैंक लेबर डे के कारण बंद हैं। 1 मई को बंद रहेंगे बैंक 1 मई (गुरुवार) – मजदूर दिवस / महाराष्ट्र दिवस: बेलापुर, बेंगलुरु, चेन्नई, गुवाहाटी, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, इंफाल, कोच्चि, कोलकाता, मुंबई, नागपुर, पणजी, पटना और तिरुवनंतपुरम में बैंक बंद रहेंगे। मई में छुट्टियों की पूरी लिस्ट 4 मई (रविवार) – रविवार 9 मई (शुक्रवार) – रवींद्रनाथ टैगोर जयंती: कोलकाता में बैंक बंद रहेंगे। 10 मई (शनिवार) – मई महीने का दूसरा शनिवार 11 मई (रविवार) – रविवार 12 मई (सोमवार) – बुद्ध पूर्णिमा: अगरतला, आइज़ोल, बेलापुर, भोपाल, देहरादून, ईटानगर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, रायपुर, रांची, शिमला और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे। 16 मई (शुक्रवार) – राज्य दिवस: गंगटोक में बैंक अवकाश रहेगा। 18 मई (रविवार) – रविवार 24 मई (शनिवार) – चौथा शनिवार 25 मई (रविवार) -रविवार 26 मई (सोमवार) – काजी नजरुल इस्लाम की जयंती: अगरतला में बैंक बंद रहेंगे। 29 मई (गुरुवार) – महाराणा प्रताप जयंती: शिमला में बैंक बंद रहेंगे। क्या ऑनलाइन बैंकिंग सर्विस मिलेंगी? हालांकि बैंक शाखाएं इन छुट्टियों पर बंद रहेंगी, लेकिन ग्राहकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे UPI, IMPS, नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप्स सामान्य रूप से काम करते रहेंगे। ग्राहक फंड ट्रांसफर, बिल पेमेंट और अन्य ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी बैंक शाखा से जुड़े काम समय से पहले निपटा लें, ताकि छुट्टियों के दौरान कोई असुविधा न हो। 46 दिन तक स्कूलों में छूट्टी मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों(School Holiday) में गर्मी की छु‌ट्टी की घोषणा कर दी है। इस बीच छात्रों को गर्मी से राहत मिलेगी और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन छुट्टियों की घोषणा हुई है। 1 मई से लेकर 15 जून तक स्टूडेंट्स को 46 दिन की छुट्टी मिलने वाली है। जबकि शिक्षकों को एक महीने की छुट्टी मिलेगी recent visitors 44

मजदूर दिवस 2025: श्रमिकों के संघर्ष और योगदान को समर्पित एक वैश्विक दिवस

Labor Day 2025: A global day dedicated to the struggle and contribution of workers 1 मई को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है — एक ऐसा दिन जो मेहनतकश श्रमिकों के अधिकारों, सम्मान और संघर्षों को सलाम करता है। भोपाल। 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (International Workers’ Day) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन दुनियाभर में कामगारों, मजदूरों और श्रमिक वर्ग के लोगों के संघर्षों और सामाजिक-आर्थिक योगदान को मान्यता देने के लिए समर्पित है। यह एक ऐसा अवसर है जब श्रमिकों के अधिकारों, वेतन, काम की स्थिति और सामाजिक सुरक्षा पर चर्चा की जाती है। मजदूर दिवस की शुरुआत 1886 में अमेरिका के शिकागो शहर से मानी जाती है, जब हज़ारों श्रमिकों ने 8 घंटे के कार्यदिवस की मांग को लेकर आंदोलन किया था। यह आंदोलन बाद में “हेमार्केट हत्याकांड” में बदल गया और इसी के बाद 1 मई को वैश्विक मजदूर दिवस के रूप में स्वीकार किया गया। भारत में मजदूर दिवस को पहली बार 1923 में मद्रास (अब चेन्नई) में मनाया गया था, जब भारतीय मजदूर किसान पार्टी ने इसे औपचारिक रूप से मनाना शुरू किया। आज के दिन विश्व के अनेक देशों में सरकारी छुट्टियाँ, रैली,सम्मेलन, संस्कृतिक कार्यक्रम और श्रमिक कल्याण योजनाओं की घोषणाएँ होती हैं। यह दिवस मजदूरों के अधिकारों और गरिमा के समर्थन में एकजुटता दिखाने का प्रतीक बन चुका है। मजदूरों के लिए आज भी कई चुनौतियाँ विशेष संदेश   मजदूर दिवस हमें यह याद दिलाता है कि दुनिया के सबसे ऊंचे निर्माण भी उन्हीं हाथों से खड़े होते हैं जो मेहनत की नींव रखते हैं। श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें सम्मान देना एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य है। 1 मई – नमन उन हाथों को जो दुनिया को गढ़ते हैं!   अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस 2025 पर आइए श्रमिकों के अधिकारों और योगदान को करें सम्मानित।       recent visitors 290

छतरपुर : फर्जी डॉक्टरों पर गिरी गाज: बिना डिग्री चला रहे क्लीनिक सील, मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत FIR दर्ज

Chhatarpur: Action taken against fake doctors: Clinics running without degrees sealed, FIR lodged under Medical Council Act छतरपुर : जिले में फर्जी और अवैध रूप से चल रहे क्लीनिकों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देश पर गौरीहार में बिना डिग्री चल रहे पाल क्लीनिक को एसडीएम ने सील कर दिया। वहीं, जिलेभर में 10 अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई की गई है। गौरीहार में पाल क्लीनिक का संचालन बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री के किया जा रहा था। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर क्लीनिक को सील कर दिया। यह कार्रवाई स्वास्थ्य, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई। क्लीनिक संचालक के खिलाफ मेडिकल काउंसिल एक्ट 1987 की धारा 24 के तहत FIR दर्ज की गई है। सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता ने बताया कि जिलेभर में लगातार फर्जी डॉक्टरों और अवैध चिकित्सा सेवाओं के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। अब तक इन स्थानों पर हुई कार्रवाई- छतरपुर शहर: सिंह क्लीनिक और सकील क्लीनिक सील राजनगर: भपका का पटेल क्लीनिक और बसारी का शिवशक्ति क्लीनिक बंद नौगांव (हरपालपुर): लाइफ हेल्थ केयर क्लीनिक सील लवकुशनगर: बसंतपुर चौराहे का एक अवैध क्लीनिक बंद बकस्वाहा: चांदसी और खान क्लीनिक पर भी कार्रवाई जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। recent visitors 139