गुजरात टाइटंस वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद का आज नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगा घमाशान, जाने कैसा रहेगा मिजाज

नई दिल्ली गुजरात टाइटंस वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद IPL 2025 का 51वां मैच आज यानी शुक्रवार, 2 मई को अहमदाबाज के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है। गुजरात वर्सेस हैदराबाद मैच भारतीय समयानुसार शाम साढ़े 7 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -शुभमन गिल और पैट कमिंस- आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे। गुजरात टाइटंस के लिए पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में जगह बनाने का शानदार मौका है, वहीं सनराइजर्स हैदराबाद की टीम प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए यह मैच जीतना चाहेगी। अगर आज SRH हारा तो उनपर टूर्नामेंट से बाहर होने की तलवार लटक जाएगी। आईए एक नजर GT vs SRH पिच रिपोर्ट पर डालते हैं- GT vs SRH पिच रिपोर्ट नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच बैटिंग फ्रेंडली होती है, यहां गेंदबाजों को पारी की शुरुआत में कुछ मदद मिलती है, इसके बाद बल्लेबाज ही धाक जमाते हैं। हालांकि, अहमदाबाद में इस्तेमाल की जाने वाली कई तरह की पिचें उपलब्ध हैं, जिनमें काली मिट्टी, लाल मिट्टी और दोनों का मिश्रण शामिल है, जो अंततः यह निर्धारित कर सकता है कि सतह कैसे खेलेगी। काली मिट्टी की पिच पर 180-190 के आसपास का स्कोर एक अच्छा स्कोर हो सकता है। और लाल मिट्टी की पिच पर 210-220 के आसपास का स्कोर एक विजयी स्कोर हो सकता है। इस मैदान पर अब तक आठ पारियों में से पांच में टीमों ने 200 से अधिक का स्कोर बनाया है। ध्यान देने योग्य आंकड़ा यह है कि पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने अब तक यहां चार मैचों में से तीन में जीत हासिल की है। ऐसे में आज भी दोनों टीमों के कप्तानों की नजरें टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने पर होगी। नरेंद्र मोदी स्टेडियम IPL रिकॉर्ड और आंकड़े मैच- 39 पहले बल्लेबाजी करते हुए जीते गए मैच- 18 (46.15%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 21 (53.85%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 18 (46.15%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 21 (53.85%) हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 204/3 प्रति विकेट औसत रन- 28.45 पहले बल्लेबाजी करते हुए औसत स्कोर- 172.35 GT बनाम SRH हेड टू हेड रिकॉर्ड गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच अभी तक कुल 5 ही मैच खेले गए हैं जिसमें जीटी ने 3 बार जीत दर्ज कर अपना दबदबा बनाया हुआ है, वहीं हैदराबाद को इस दौरान 1 ही जीत मिली है। दोनों के बीच खेले गए एक मैच का नतीजा नहीं निकल पाया था। recent visitors 34

मुख्यमंत्री सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों ने नवदंपत्तियों को दी शुभकामनाएं, आशीर्वाद और बधाई

सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का हैं सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कल्याणियों का पुनर्विवाह एक पवित्र कार्य सामाजिक समरसता का महाकुंभ मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह समारोह : पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव गढ़ाकोटा में 3,219 नव दंपत्ति बंधे परिणय सूत्र में मुख्यमंत्री सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों ने नवदंपत्तियों को दी शुभकामनाएं, आशीर्वाद और बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे सनातन धर्म में सभी की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की गई है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का सशक्त माध्यम है। विवाह में सिर्फ वर-वधु का विवाह नहीं, बल्कि दो परिवारों और कुटुम्बों का मिलन भी होता है। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता का यह सपना होता है कि उसकी बेटी का, उन्होंने जितने अच्छे से लालन-पालन किया उससे अच्छा लालन-पालन और प्यार उसे ससुराल में मिलेगा। इस विश्वास के साथ ही बेटी के माता-पिता उसे वर को सौंपते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर जिले के गढ़ाकोटा में 23वें वृहद सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस समारोह में 3 हजार 219 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। समारोह में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मंत्री लखन पटैल, सांसद सागर संसदीय क्षेत्र श्रीमती लता वानखेडे, दमोह सांसद राहुल सिंह, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री एवं विधायक जयंत मलैया, विधायक प्रदीप लारिया, विधायक ब्रज बिहारी पटैरिया, पूर्व विधायक श्रीमती पारुल साहू, पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया, पूर्व मंत्री श्रीमती ललिता यादव, श्री108 किशोरदास जी महाराज, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरासिंह राजपूत, नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार, जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, जिला अध्यक्ष श्रीमती रानी पटैल, अभिषेक दीपू भार्गव, डॉ. अनिल तिवारी, शैलेश केसरवानी ने भी नव दंपत्तियों को वैवाहिक जीवन के शुभारंभ पर आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे विश्वास है कि वर पक्ष के परिवार बहु को बेटी के समान ही प्यार और सम्मान देंगे। उन्होंने कहा कि गढ़ाकोटा में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में निकाह के साथ पुनर्विवाह भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कल्याणियों का पुनर्विवाह एक अच्छी पहल है। यह पवित्र कार्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-प्रतिनिधियों और समाजसेवियों से अपील करते हुए कहा कि वे कल्याणियों के पुनर्विवाह में उनका सहयोग करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार कल्याणियों के पुनर्विवाह, निःशक्तजन के विवाह और सामाजिक समरसता स्थापित करने, अंतर्जातीय विवाह को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड वीरों की भूमि है, बुन्देलखंड के वीरों का गौरवशाली इतिहास रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुन्देलखंड की पवित्र भूमि में सामूहिक कन्या विवाह के भव्य समारोह के लिए आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। सामाजिक समरसता का महाकुंभ है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह : विधायक पूर्व एवं मंत्री भार्गव रहली विधायक एवं पूर्व मंत्री भार्गव ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कन्यादान महादान है, कन्यादान करने से मोक्ष प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि 23 वर्ष पहले प्रारंभ किया गया यह कार्यक्रम जीवन के अंतिम क्षण तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका रहली की जनता के साथ पीढ़ियों का रिश्ता है। विधायक भार्गव ने कहा कि धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक महाकुंभ में आज 3 हजार 219 से अधिक नवदंपत्तियों ने सात फेरे लिए हैं। मुझे अब तक 28 हजार से अधिक बेटियों के कन्यादान का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन की अंतिम सांस तक बेटियों का कन्यादान करने का सिलसिला चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि कन्यादान विवाह समारोह समाज से भेदभाव मिटाने का कार्य भी कर रहा है। विधायक भार्गव ने कहा कि मैंने अपने इकलौते बेटे अभिषेक दीपू भार्गव का विवाह भी इसी महाकुंभ में सभी वर्गों एवं विभिन्न जातियों के जोड़ों के साथ कराया था। इसी प्रकार मैंने अपनी बेटी का विवाह भी सामूहिक विवाह समारोह में किया था। उन्होंने कहा कि सौभाग्य की बात है कि समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मिलित होकर नव दंपत्तियों को आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी नव दंपत्तियों के लिये शुभकामना संदेश भेजा है। बुंदेली व्यंजनों से किया गया नव दंपत्तियों का स्वागत 23वें कन्यादान विवाह निकाह समारोह में 3 हजार से अधिक नव-दंपत्तियों के साथ घराती-बरातियों का बुंदेली व्यंजनों के साथ स्वागत किया गया। कन्यादान कार्यक्रम में सभी बुंदेली व्यंजनों के साथ आम का पना, फ्रूटी, आइसक्रीम, कढ़ी-चावल, बिजोरा, रोटी, खीर, पुरी, पापड़, चटनी, अचार, सलाद सहित अन्य बुंदेली व्यंजन परोसे गए।   recent visitors 23

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरि​जा व्यास का निधन, एक महीने से अहमदाबाद में चल रहा था इलाज

अहमदाबाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजस्थान कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं डॉ गिरिजा व्यास का गुरुवार (1 मई) को निधन हो गया. आग लगने की घटना में बुरी तरह झुलस गई थीं और उनका इलाज चल रहा था. उनके निधन से राजस्थान में शोक की लहर है. सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सद्गति और शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. अशोक गहलोत ने उनके निधन पर कहा कि उनका असमय जाना हम सभी के लिए एक बड़ा आघात है. हम सभी के लिए बड़ा आघात- अशोक गहलोत अशोक गहलोत ने कहा, "पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ गिरिजा व्यास का निधन हम सबके लिए एक अपूरणीय क्षति है. डॉ गिरिजा व्यास ने शिक्षा, राजनीति एवं समाज सेवा के क्षेत्र में बड़ा योगदान था. उनका इस तरह एक हादसे का शिकार होकर असमय जाना हम सभी के लिए एक बड़ा आघात है. मैं ईश्वर से उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना करता हूं." परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना- अशोक चांदना कांग्रेस नेता अशोक चांदना ने एक्स पर लिखा, "पूर्व केन्द्रीय मंत्री, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है. परिवारजनों एवं समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. मैं ईश्वर से प्रार्थना हैं की दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं परिवारजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें." राजस्थान ने एक अच्छा नेता खो दिया- बेनीवाल हनुमान बेनीवाल ने कहा, "पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है. वे न केवल एक प्रखर वक्ता और कुशल प्रशासक थीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा. राजस्थान और देश की राजनीति में उनका लंबा अनुभव और सक्रिय सहभागिता सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगी. राजस्थान ने एक अच्छा नेता खो दिया . मैं परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति दें. सादर श्रद्धांजलि." उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा- डोटासरा गोविंद सिंह डोटासरा ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "केंद्रीय मंत्री रहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व पीसीसी अध्यक्ष डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है. गिरिजा जी का निधन कांग्रेस परिवार के अपूरणीय क्षति है, कांग्रेस पार्टी और प्रदेश की प्रगति में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा. गिरिजा जी के परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिवारजनों को संबल प्रदान करें." नाथद्वारा में जन्मी थीं गिरिजा राजसमंद जिले के नाथद्वारा में जन्मी गिरिजा के पिता स्वतंत्रता सेनानी थे। मां शिक्षिका थीं। उन्होंने उदयपुर में आकर उदयपुर यूनिवर्सिटी (वर्तमान में मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी) से स्नातक और स्नातकोत्तर किया था। बाद में दिल्ली यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। उन्होंने उदयपुर के सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के दर्शनशास्त्र विभाग में प्रोफेसर के रूप में भी काम किया था। ईश्वर दिवंगत आत्म को शांति दें- राजस्थान बीजेपी चीफ राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ ने एक्स पर लिखा, "पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत शोकजनक है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति." महिलाओं के लिए काफी काम गिरिजा व्यास केंद्र और राज्य में मंत्री रहीं। वे राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष भी रहीं। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रहते हुए महिलाओं के कल्याण को लेकर कई काम किए। गिरिजा व्यास ने 2018 में आखिरी विधानसभा चुनाव उदयपुर शहर सीट से लड़ा था। उनको बीजेपी के गुलाबचंद कटारिया ने हराया था। गिरिजा व्यास राजनीति में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के भी बहुत नजदीक रहीं। 31 मार्च को घर पर झुलसी थीं डॉ. गिरिजा व्यास 31 मार्च को उदयपुर के देत्यमगरी स्थित आवास पर गणगौर का पूजन कर रही थीं। दीपक के कारण उनकी चुन्नी में आग लग गई। घर में ही काम करने वाले एक व्यक्ति ने उनको संभाला। उदयपुर में निजी हॉस्पिटल में ले जाया गया। वहां से उनको अहमदाबाद रेफर किया गया था।   recent visitors 38

नए महीने की शुरुआत के साथ ही देश के लिए अच्‍छी खबर आई है. अप्रैल महीने के दौरान GST Collection में शानदार बढ़ोतरी हुई

नई दिल्ली नए महीने की शुरुआत के साथ ही देश के लिए अच्‍छी खबर आई है. अप्रैल महीने के दौरान GST Collection में शानदार बढ़ोतरी हुई है. इस बढ़ोतरी के साथ जीएसटी कलेक्‍शन रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में वस्तु एवं सेवा कर (GST) कलेक्‍शन साल-दर-साल 12.6 प्रतिशत बढ़कर 2.37 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया. इससे पहले सबसे ज्‍यादा जीएसटी कलेक्शन अप्रैल 2024 में हुआ था, जो 2.10 लाख करोड़ रुपये था. हालांकि अब ये रिकॉर्ड भी टूट चुका है. मार्च 2025 में यह कलेक्‍शन 1.96 लाख करोड़ रुपये था. घरेलू लेनदेन से जीएसटी राजस्व 10.7 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आयातित वस्तुओं से राजस्व 20.8 प्रतिशत बढ़कर 46,913 करोड़ रुपये हो गया है. जनवरी से मार्च तक कितना रहा जीएसटी कलेक्‍शन सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में यह कलेक्‍शन 1.96 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.9% की ग्रोथ है. फरवरी में जीएसटी कलेक्‍शन 1.83 लाख करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 9.1% की ग्रोथ रही. वहीं जनवरी में भी 1.96 लाख करोड़ रुपये जीएसटी कलेक्‍शन रहा, जो 12.3% की ग्रोथ को दिखाता है. जीएसटी कलेक्‍शन में हर महीने बढ़ोतरी की बड़ी वजह देश में घरेलू मांग की बढ़ोतरी रही है. इन जगहों पर ज्‍यादा हुआ जीएसटी कलेक्‍शन लक्षद्वीप में जीएसटी कलेक्‍शन में 287% की ग्रोथ हुई है. राज्यों में, अरुणाचल प्रदेश ने 66% की ग्रोथ दर्ज की है, जबकि मेघालय और नागालैंड में क्रमशः 50% और 42% की वृद्धि हुई है. हरियाणा, बिहार और गुजरात जैसे बड़े राज्यों ने भी दोहरे अंकों की ग्रोथ दर्ज की है. इसके विपरीत, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा और मिजोरम में गिरावट देखी गई, जिसमें मिजोरम में 28% की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई. कब लागू हुआ था जीएसटी? बता दें, देश में  1 जुलाई 2017 को GST लागू हुआ था. वस्तु एवं सेवा कर (GST) भारत में वस्तुओं और सेवाओं के निर्माण, बिक्री और उपभोग पर अप्रत्यक्ष कर है. जीएसटी के 4 प्रकार हैं, जिसमें सीजीएसटी, एसजीएसटी, यूटीजीएसटी और आईजीएसटी शामिल हैं. कभी-कभी उपकर भी लगाया जाता है. भारत में विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के लिए GST की दरें 4 स्लैब में विभाजित किया गया है, 5% जीएसटी, 12% जीएसटी, 18% जीएसटी और 28% जीएसटी. देश में GST लागू होने के बाद जीएसटी परिषद ने कई बार विभिन्न उत्पादों के लिए जीएसटी दरों में संशोधन किया है.   recent visitors 61

आगर मालवा में बेमौसम बारिश ने व्यापारियों की मेहनत और अनाज दोनों पर पानी फेर दिया

आगर मालवा मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में बेमौसम बारिश ने व्यापारियों की मेहनत और अनाज दोनों पर पानी फेर दिया. जिले की मुख्य अनाज मंडी में खुले में रखा गया हजारों क्विंटल गेहूं मंगलवार और बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश में पूरी तरह भीग गया. अचानक बदले मौसम के कारण हुई तेज बारिश से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. बुधवार को तेज धूप और करीब 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच दोपहर में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई. इससे पहले मंगलवार को भी इसी तरह की बेमौसम बारिश ने अनाज मंडी में रखे गेहूं को नुकसान पहुंचाया था. व्यापारियों ने उम्मीद की थी कि मंगलवार के बाद मौसम साफ रहेगा और वे गेहूं को समेट सकेंगे, लेकिन बुधवार को हुई बारिश ने उनकी बाकी उम्मीदें भी तोड़ दीं. मंडी के व्यापारी संजय बंसल, विजय कोठारी और बंटी ने कहा कि लगातार दो दिनों से हुई बारिश ने अनाज को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. खुले में रखा गया गेहूं पूरी तरह पानी में भीग चुका है और आशंका है कि इतनी नमी के बाद गेहूं सड़ सकता है, जिससे यह किसी काम का नहीं रहेगा. व्यापारियों ने प्रशासन से इस नुकसान का आंकलन कर मुआवजा देने की मांग की है. व्यापारियों का कहना है कि अनाज मंडी में पर्याप्त गोदामों की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें गेहूं खुले में रखना पड़ा था. अब जब मौसम ने इस तरह धोखा दिया है, तो लाखों रुपये का माल खराब हो गया है. फिलहाल व्यापारी नुकसान के आकलन में जुटे हुए हैं. बेमौसम बारिश ने जहां किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है, वहीं मंडी में खुले में रखा गया अनाज भी इसकी चपेट में आ गया है.   recent visitors 43

उप मुख्यमंत्री अरुण साव सामूहिक विवाह में भी हुए शामिल, 20 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव राजनांदगांव के घुमका में विकास कार्यों के भूमिपूजन और मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने घुमका नगर पंचायत में एक करोड़ 49 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में घुमका में विभिन्न कार्यों के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। इनमें विद्युतीकरण के लिए नौ लाख 85 हजार रुपए, सड़क में बोर्ड लगाने के लिए नौ लाख 83 हजार रुपए तथा तीन द्वारों के लिए दस-दस लाख रुपए शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा घुमका में आयोजित सामूहिक विवाह में 20 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। साव ने सभी जोड़ों को आशीष प्रदान करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दीं। सांसद संतोष पाण्डेय और विधायक श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल भी दोनों कार्यक्रमों में शामिल हुईं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत यहां 20 जोड़ों का विवाह हो रहा है, 40 परिवारों में खुशियां आ रही हैं। आज का दिन ऐतिहासिक है, सामूहिक विवाह के साथ ही एक करोड़ 49 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार हर व्यक्ति के विकास के लिए कार्य कर रही है। राज्य और केंद्र सरकार हर परिवार के आवास और इलाज की व्यवस्था के साथ ही सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के माध्यम से बेटे-बेटियों के विवाह की चिंता भी दूर कर रही है। छत्तीसगढ़ में विष्णु का सुशासन कल्याणकारी है। सांसद संतोष पाण्डेय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि आज बड़ी खुशी का दिन है, सामूहिक विवाह में 20 दम्पति परिणय सूत्र में बंधे हैं, उनके जीवन में कृपा और समृद्धि आए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव घुमका नगर पंचायत की सोच के अनुरूप सुंदर शहर की परिकल्पना से समग्र विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। विधायक श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल ने भी सभी नवदम्पत्तियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह शासन की महत्वपूर्ण योजना है। इससे गरीब एवं जरूरतमंदों को मदद मिल रही है। राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, राजनांदगांव जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव और समाज सेवी कोमल सिंह राजपूत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारी-कर्मचारी भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे। recent visitors 27

नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया

नैनीताल उत्तराखंड के नैनीताल में बुधवार रात सांप्रदायिक बवाल हो गया। मल्लीताल क्षेत्र में 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया। घटना से नाराज स्थानीय लोगों और संगठनों ने देर रात तक कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ के साथ मस्जिद में पथराव किया। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर उस्मान नाम के आरोपी को हिरासत में ले लिया था। मल्लीताल और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस की भी तैनाती की गई है। जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात समुदाय विशेष के एक व्यक्ति पर किशोरी से दुष्कर्म का आरोप लगा। मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान उग्र भीड़ ने कुछ दुकानों में तोड़फोड़ शुरू कर लोगों से मारपीट कर दी। मल्लीताल क्षेत्र की मस्जिद पर कुछ अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित किया। आरोपी को पुलिस पकड़कर कोतवाली ले आई। ऐसे में उग्र लोगों ओर कई संगठनों ने देर रात कोतवाली पहुंचकर हंगामा काटना शुरू कर दिया। नैनीताल में तनावपूर्ण माहौल के बीच देररात तक पुलिस और भीड़ के बीच आरोपी को लेकर खींचतान चलती रही। हंगामे के दौरान इलाके में अफरा तफरी और दहशत का माहौल फैल गया। लोग घबराकर अपने घरों में दुबक गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। प्रशासन ने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। घटना के बाद मल्लीताल और आसपास के क्षेत्रों में भारी तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल बुलाने का निर्णय लिया। पुलिस लाइन से तुरंत बल मंगाया गया और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की और गश्त बढ़ा दी। प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर रखने को निगरानी टीमों को भी सक्रिय किया। मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला। पुलिस बल की मौजूदगी से स्थानीय लोगों को कुछ हद तक राहत मिली। प्रशासन किसी भी तरह की हिंसा या अफवाह को रोकने के लिए तत्पर है। सैकड़ों की भीड़ कोतवाली में जमा रही घटना के बाद से ही बड़ी संख्या में लोग कोतवाली में इकट्ठा हो गए। लोग रात 12:30 बजे के बाद तक वहां मौजूद रहे और पुलिस अधिकारियों से किशोरी से छेड़छाड़ के आरोपी को सख्त सजा देने की मांग करते रहे। भीड़ में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा सभी वर्गों के लोग शामिल थे। सभी लोगों का एक ही सवाल था बेटियां कब सुरक्षित होंगी? कोतवाली परिसर में भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। पुलिस अधिकारियों ने बार-बार लोगों को समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं लोगों ने कहा, ऐसी घटनाओं को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। जनता, प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है। कार्रवाई की मांग को लेकर शहर में निकाला जुलूस नैनीताल में सामने आई दुष्कर्म की घटना के विरोध में कई स्थानीय सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने एकजुट होकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इसके लिए शहर में रात को जुलूस निकालकर नारेबाजी की और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। कहा, यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन होगा। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। संगठनों ने प्रशासन को चेताया कि किसी भी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। युवाओं और महिलाओं की बड़ी भागीदारी इस विरोध में देखी गई। संगठनों का कहना था कि बेटियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कोतवाली पहुंचा। पुलिस के साथ भी धक्का-मुक्की हुई घटना के विरोध में एकत्र हुई भीड़ जब कोतवाली पहुंची, तो पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की घटनाएं भी सामने आईं। आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। स्थिति कुछ देर के लिए पूरी तरह तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने संयम बरतते हुए हालात को बिगड़ने से रोका। कुछ युवकों ने पुलिस बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की, जिसे समय रहते नियंत्रण में लिया गया। कुछ स्थानों पर हंगामा और नारेबाजी भी हुई। कोतवाली में तैनात अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया। महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया, ताकि भीड़ को शांतिपूर्वक नियंत्रित किया जा सके। पुलिस ने किसी भी प्रकार की हिंसा से निपटने के लिए रणनीति तैयार कर ली है। एसपी क्राइम नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्रा ने कहा कि मल्लीताल क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी उस्मान को हिरासत में ले लिया गया है। बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। आगे की वैधानिक कार्रवाई पुलिस कर रही है। लोग देर रात तक प्रदर्शन करते रहे। सभी से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। रेस्टोरेंट के कई कर्मचारियों के साथ मारपीट जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने रेस्टोरेंट के कई कर्मचारियों के साथ मारपीट की। उनके साथ गाली-गलौच की गई। रेस्टोरेंट के शीशे और काउंटर तक लाठी-डंडों से तोड़ दिए गए। सामान सड़क पर फेंक दिया गया। गाड़ीपड़ाव क्षेत्र में मारपीट के दौरान एकमात्र पुलिसकर्मी पिट रहे समुदाय विशेष के युवक को बचाने आया। लेकिन उसे भी प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। युवक के सिर पर लोहे की बेंच आदि से हमला किया गया। recent visitors 38