उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय प्रशासन विभाग ने सुव्यवस्थित और सुनियोजित विकास के लिए 54 नगर पालिकाओं और 124 नगर पंचायतों के साथ किया मंथन

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने नगर सुराज संगम में आज भी प्रशिक्षण की कमान खुद संभाली और नगर पालिकाओं तथा नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पीपीटी (Power Point Text) के जरिए शहरों के विकास एवं जनसुविधाएं विकसित करने का रोडमैप समझाया। उन्होंने नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों के साथ ही मुख्य नगर पालिका अधिकारियों और अभियंताओं से संवाद कर अगले पांच वर्षों की कार्ययोजना पर चर्चा की। साव ने डेढ़ घंटे के अपने प्रेजेंटेशन में अटल विश्वास पत्र के प्रमुख बिंदुओं, नगरीय निकायों की चुनौतियों, नागरिकों की अपेक्षाओं, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा, शहरी वानिकी, शहरी परिवहन, स्ट्रीट लाइटिंग, कर संग्रहण और सिटी डेव्हलपमेंट प्लान के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए राजधानी रायपुर में आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला के दूसरे दिन के प्रथम सत्र में नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों से कहा कि आप लोग शहर के प्रथम नागरिक हैं, आपका शहर आपका घर है। शहरवासियों को अपना परिजन मानते हुए उनकी चिंता करें, उनकी बेहतरी के लिए काम करें। शहर का विकास, साफ-सफाई और जन सुविधाएं विकसित करना आपकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यशाला में सहभागिता कर रहे सभी लोगों से पूरे मनोयोग से कार्यशाला में मौजूद रहने को कहा। यहां सिखाई जा रही बातों को एकाग्रता और तन्मयता से आत्मसात करने को कहा। साव ने नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपके निकाय उभरते हुए शहर हैं। उन्हें विकास के पथ पर दौड़ाना है। सुनियोजित और सुव्यवस्थित विकास से ही शहर स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनेंगे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि आप लोग अपने शहरों में ऐसा काम करें जो यादगार हो, शहर को नई दिशा देने वाला हो, नागरिकों की सुख-सुविधाएं बढ़ाने वाला हो, शहर को सुंदर, स्वच्छ और सुविधापूर्ण बनाने वाला हो। साव ने शहरों के प्रत्येक घर में रोज पर्याप्त जल की आपूर्ति को बड़ी चुनौती बताते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर कड़ाई से अमल करने को कहा। साव ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से संसाधनों के बेहतर उपयोग, नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा शहर को सुविधापूर्ण बनाने देश-विदेश में स्थानीय स्वशासनों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और श्रेष्ठ प्रथाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने पार्षदों के लिए भी संभागीय स्तर पर इस तरह के प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला के आयोजन की बात कही। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने ’’नगर सुराज संगम’’ में प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को केंद्र व राज्य सरकार तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) की योजनाओं की जानकारी देने इसका आयोजन किया गया है। इस दौरान नगरीय निकायों से संबंधित अधिनियमों और उनके महत्वपूर्ण प्रावधानों की भी जानकारी दी जाएगी। यह संगम दोनों तरफ से संवाद का मंच है। इस मंच के माध्यम से आप लोग नगरीय प्रशासन और विकास से जुड़ी अपनी शंकाओं और जिज्ञासाओं का समाधान कर सकते हैं। इस कार्यशाला का आप लोग पूरा लाभ उठाएं। नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक आर. एक्का और सुडा के सीईओ शशांक पाण्डेय भी कार्यशाला में मौजूद थे। recent visitors 48

केन्द्र और राज्य के समन्वय से 471 जनजातीय बसाहट क्षेत्रों में अभी 1097.29 किमी सड़कों के लिये 833.98 करोड़ रूपये स्वीकृत किये

पीएम जनमन भोपाल जनजातीय कार्य एवं गैस राहत मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) के जरिये जनजातीय क्षेत्रों में आवागमन को सहज और सुगम बनाने के लिये लगभग 1100 किमी सड़कों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में जनजातीय क्षेत्रों में चिन्हित 1295 बसाहटों के लिये 1800 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा देश भर में जनजातीय वर्ग के लोगों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास के लिये प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से सड़क, शिक्षा, बिजली, पानी और पक्की छत उपलब्ध करवाने के लिये कार्य योजना बनाकर काम किये जा रहे हैं। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा जनजातीय संवर्ग के उत्पाद के लिये चलाई जा रही योजनाओं के लिये त्रैमासिक स्तर पर राशि स्वीकृत की जा रही है। उन्होंने बताया कि केन्द्र और राज्य सरकार के समन्वय से 471 जनजातीय बसाहट क्षेत्रों में अभी 1097.29 किमी सड़कों के लिये 833.98 करोड़ रूपये स्वीकृत किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 630 बसाहटों वाले क्षेत्रों में 1187 किमी की सड़कों के निर्माण लिये प्रस्ताव पर स्वीकृति मिली है। इसके अलावा 194 बसाहटों पर कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ की जायेगी। गांव-गांव तक सड़क मंत्री डॉ. शाह ने बताया किगांव-गांव तक सड़क योजना का लाभ घर-घर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके अंतर्गत 110.29 किमी सड़कें पूर्ण की जा चुकी है। इसमें सर्वाधिक 23.49 किमी की सड़क बालाघाट जिले में पूर्ण की गई है। दूसरे नंबर पर मंडला जिले में 21.37 किमी सड़कों का काम पूरा कर लिया गया है। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जनजातीय संवर्ग के उत्थान और विकास के लिये केन्द्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों को मुर्तरूप दिया जा रहा है। इसके लिये जनजातीय कार्य विभाग दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि जनजातीय बसाहट क्षेत्रों में सड़कों की सुगमता से सामान्य जन का जीवन एवं काम-धंधे, व्यापार-व्यवसाय सुगम एवं सुलभ हो सकेगा।   recent visitors 40

दिल्ली में बढ़ गई दिन और रात की गश्त, हर जिले में पांच जगहों पर होगी Mock Drill, तय हुआ समय

पूर्वी दिल्ली कल शाम को दिल्ली के हर जिले में पांच जगहों पर मॉक ड्रिल होगी। युद्ध सायरन बजेगा। इसमें सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स, पुलिस और अन्य विभाग हिस्सा लेंगे। पूर्वी जिले में शाम चार बजे गीता कॉलोनी स्थित स्कोप मीनार, कोंडली मार्केट, आइपी एक्सटेंशन, एनएसयूआइटी में मॉक ड्रिल होगी। बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव के बीच गृह मंत्रालय के मॉक ड्रिल के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी डीसीपी को तैयारियों के लिए विस्तृत योजना तैयार करने को कहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) ने राष्ट्रीय राजधानी में गश्त को मजबूत करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। दिल्ली में बढ़ गई दिन और रात की गश्त एक सूत्र ने बताया, "हमने शहर में दिन और रात की गश्त बढ़ा दी है। हमने हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगती दिल्ली की सीमाओं पर पुलिसकर्मियों के साथ अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया है। शहर में सुरक्षा पहले ही बढ़ा दी गई है। डीसीपी अपने जिलों में व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। वे सहायक पुलिस आयुक्तों (एसीपी) और स्टेशन हाउस अधिकारियों (एसएचओ) के साथ बैठकें कर रहे हैं।" मॉक ड्रिल क्या होती है? मॉक ड्रिल एक तरह का व्यायाम है जो आपातकालीन स्थिति में किया जाता है। आमतौर पर मॉक ड्रिल प्राकृतिक आपदाओं, आग, आतंकवादी हमलों और अन्य संकटों से बचने के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को आने वाले खतरे के बारे में सचेत रखना और जागरूकता बढ़ाना है। मॉक ड्रिल में हवाई हमले की चेतावनी प्रणाली, भारतीय वायु सेना के साथ हॉटलाइन रेडियो संचार लिंक, आम लोगों के लिए रक्षा प्रशिक्षण, क्रैश ब्लैकआउट उपाय जैसे अभ्यास शामिल हैं। recent visitors 68

श्रद्धालुओं को वैष्णो देवी यात्रा के दौरान घोड़ा, पिट्ठू तथा पालकी आदि की सेवाएं लगातार उपलब्ध हो रही

कटड़ा वर्तमान में मौसम पूरी तरह से मेहरबान है और श्रद्धालु सुहावने मौसम के बीच लगातार अपनी मां वैष्णो देवी की यात्रा जारी रखे हुए हैं। मंगलवार को दिनभर मौसम सुहावना बना रहा हालांकि दिन में अधिकांश समय मौसम साफ रहा लगातार ठंडी हवाएं चलती रही फिलहाल मां वैष्णो देवी की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं को वैष्णो देवी यात्रा के दौरान घोड़ा, पिट्ठू तथा पालकी आदि की सेवाएं लगातार उपलब्ध हो रही हैं दूसरी और भवन मार्ग पर चलने वाली बैटरी कार सेवा के साथ ही मां वैष्णो देवी भवन (Maa Vaishno Devi Bhawan) तथा भैरव घाटी के मध्य चलने वाली रोपवे केवल कार सेवा भी लगातार उपलब्ध हो रही है। कटड़ा के आसपास सुरक्षा के कड़े प्रबंध परंतु मंगलवार को कटड़ा से चलने वाली हेलीकॉप्टर सेवा बीच-बीच में स्थगित रही जिसकी मुख्य वजह श्रद्धालुओं की कमी। श्रद्धालु आधार शिविर कटड़ा में अपना पंजीकरण करवा कर आरएफआईडी यात्रा कार्ड प्राप्त परिवार के साथ लगातार भवन की ओर रवाना होते रहे। श्रद्धालुओं की मां वैष्णो देवी की यात्रा पूरी तरह से सुखमय बनी रहे जिसको लेकर भवन परिसर के साथ ही सभी मार्गों पर यहां तक की आधार शिविर कटड़ा तथा आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। भारत-पाक तनाव के बीच श्रद्धालुओं में कमी पुलिस के साथ ही सुरक्षा बल आदि लगातार चौकसी बरत रहे हैं। भारत तथा पाकिस्तान के बीच बने हालात के मध्य नजर वर्तमान में मां वैष्णो की यात्रा में कमी लगातार जारी है, लेकिन वर्तमान में जो भी श्रद्धालु मां वैष्णो देवी की यात्रा कर रहे हैं उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। श्रद्धालु श्रद्धा के साथ अपनी मां वैष्णो देवी की यात्रा जारी रखे हुए हैं। बिना किसी भय के यात्रा करें श्रद्धालु वहीं, श्राइन बोर्ड के साथ ही होटल उद्योग को संपर्क कर रहे श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाया जा रहा है की मां वैष्णो देवी की यात्रा को लेकर किसी भी तरह की परेशानी नहीं है हालात पूरी तरह से सुखद बने हुए हैं लिहाजा वह बिना किसी भय के मां वैष्णो देवी की यात्रा करें। बीते 5 मई को 14319 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाई थी तो वहीं 6 मई यानी कि मंगलवार शाम 5:00 बजे तक करीब 11500 श्रद्धालु अपना पंजीकरण करवा कर मां वैष्णो देवी भवन की ओर रवाना हो चुके थे और लगातार श्रद्धालुओं का आना जारी है। recent visitors 77

व्यवस्था के सरलीकरण और पारदर्षिता की दिषा में खान विभाग का बढ़ता कदम

जयपुर राज्य के खान विभाग ने खानों के माइनिंग प्लान व माइनिंग योजनाओं  के ऑनलाईन अनुमोदन की प्रक्रिया शुरु कर दी है। प्रमुख सचिव माइन्स, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम श्री टी. रविकान्त ने बताया कि राज्य सरकार ने माइनिंग सेक्टर में सरलीकरण और पारदर्षी व्यवस्था की दिषा में एक कदम और बढ़ाते हुए पिछले दिनों एक मई से माइनिंग प्लान व माइनिंग योजनाओं का ऑनलाईन अनुमोदन का निर्णय किया था। उन्होंने बताया कि ऑनलाईन अनुमोदन की प्रक्रिया आरंभ हो गई है और जयपुर, ब्यावर, सिरोहीए बारांए बांसवाड़ा, और चुरु में लाइमस्टोन बर्निंंग, मेसेनरी स्टोन, ग्रेनाइट, लाइमस्टोन क्रषर और क्वार्टज.फेल्सपार के माइनिंग प्लान व माइनिंग योजनाएं अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की गई है।   श्री टी. रविकान्त ने बताया कि नई व्यवस्था से करीब 30 हजार अप्रधान खनिज लीजधारक और क्वारी लाइसेंसधारक लाभान्वित हो सकेंगे। अब उन्हें योजनाओं के अनुमोदन के लिए खनिज विभाग के कार्यालयों में चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। अप्रधान खनिजों के माइनिंग लीजधारकों व क्वारी लाइसेंसधारकों को माइनिंग प्लान व माइनिंग स्कीम का अनुमोदन करवाना होता है। नियमानुसार विभाग द्वारा 90 दिवस में अनुमोदन की कार्रवाई पूरी करनी होती है पर अनुमोदन में इससे अधिक समय भी लग जाता है। निदेषक माइन्स श्री दीपक तंवर ने बताया कि लीजधारक द्वारा माइनिंग प्लान व माइनिंग योजना के अनुमोदन के लिए ऑनलाईन आवेदन किया जाएगा। अनुमोदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाईन होने से कार्य में पारदर्षिताए समयवद्धता के साथ ही लीजधारक के समय की बचत व अनावष्यक असुविधा से राहत मिल सकेगी। ऑनलाईन व्यवस्था होने से लीजधारक अनुमोदन प्रक्रिया की प्रगति से भी अवगत हो सकेंगे और तय समयसीमा में ही अनुमोदन कार्रवाई पूरी हो सकेगी। अतिरिक्त निदेषक विजिलेंस व प्रभारी श्री पीआर आमेटा ने बताया कि एसीपी श्री जयेष द्वारा विभाग के सभी फील्ड अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया के संबंध में वर्चुअली प्रषिक्षण दिया गया है। माइनिंग इंजीनियर श्री मनीष वर्मा द्वारा अधिकारियों को और अधिक जानकारी दी जाएगी ताकि कि ऑनलाईन आवेदन से लेकर अनुमोदन तक का कार्य सुव्यवस्थित तरीके से निष्पादित कर सके।  recent visitors 78

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आतिशबाजी की स्थिति में शिकायत निवारण बनाना होगा, भंडारण और बिक्री पर भी प्रतिबंध

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पटाखे जलाने के कारण होने वाले वायु प्रदूषण के मामले पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में पटाखों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब एनसीआर में शामिल अन्य राज्यों को एक महीने के भीतर प्रतिबंध लगाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आतिशबाजी की स्थिति में शिकायत निवारण और शिकायत तंत्र बनाना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (ईपीए) की धारा पांच के तहत यह निर्देश जारी किए हैं, ताकि जुर्माना लगाया जा सके और अन्य राज्यों को भी इसका पालन करना चाहिए। जस्टिस अभय एस. ओक की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि हमने दिल्ली तथा एनसीआर में पटाखों के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध के मामले में सुनवाई के दौरान तीन अप्रैल को आदेश जारी कर निर्देश दिए थे। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा आदेश के अनुपालन का हलफनामा दाखिल कर बताया गया कि पटाखों का निर्माण, भंडारण आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। कोर्ट ने कहा कि इस आधार पर हम एनसीआर के क्षेत्रों में राजस्थान, यूपी और हरियाणा को ईपीए की धारा 5 के तहत इसी तरह के निर्देश जारी करने का निर्देश देते हैं और इसे एक महीने के भीतर जारी किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने बीते 3 अप्रैल को दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध को सही ठहराया था। अदालत ने कहा था कि जब तक यह स्पष्ट रूप से साबित नहीं हो जाता कि ग्रीन पटाखों से जीरो प्रदूषण होता है, तब तक प्रतिबंध के पुराने आदेश में बदलाव करने का कोई औचित्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा था कि स्वच्छ वातावरण में जीना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरों को देखते हुए पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि हर व्यक्ति एयर प्यूरीफायर नहीं खरीद सकता और सड़कों-गलियों में काम करने वाले लोगों पर प्रदूषण का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। recent visitors 85

भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान, 2026 में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी: मूडीज

नई दिल्ली मूडीज रेटिंग्स ने मंगलवार को 2025 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है और उम्मीद जताई है कि 2026 में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और यह 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज करेगी। मूडीज का पूर्वानुमान आईएमएफ के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो भारत को 2025 में 6 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर दर्ज करने वाली दुनिया की एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में देखता है। मूडीज ने अपने ग्लोबल मैक्रो आउटलुक के मई अपडेट में कहा, "वैश्विक आर्थिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता का असर उपभोक्ता, व्यवसाय और वित्तीय गतिविधियों पर पड़ने की संभावना है।" रेटिंग एजेंसी ने पहले भारत के लिए 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया था। मूडीज ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ को लेकर कटौती के बावजूद भी नीति अनिश्चितता और अमेरिका-चीन के बीच व्यापार तनाव वैश्विक व्यापार और निवेश को प्रभावित कर सकते हैं, जिसका असर जी-20 देशों पर भी पड़ सकता है। व्यापार अनिश्चितताओं के अलावा, बढ़ते तनाव से विकास पर असर पड़ने की संभावना है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव बेसलाइन पूर्वानुमानों के लिए एक और संभावित नकारात्मक जोखिम है। हाल के दिनों में, दक्षिण एशिया में भारत और पाकिस्तान और दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच तनाव बढ़ गया है। मूडीज ने कहा कि ये देश भी अब रूस और यूक्रेन में अनसुलझे युद्धों की तरह आपसी तनाव में उलझ गए हैं। इसमें कहा गया है, "निवेशकों और व्यवसायों की लागत बढ़ने की संभावना है।" मूडीज को उम्मीद है कि भारत की मुद्रास्फीति दर 2025 में 4 प्रतिशत और 2026 में 4.3 प्रतिशत रहेगी, जिससे देश के मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल को मजबूती मिलेगी और आरबीआई के पास विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती करने के लिए अधिक गुंजाइश होगी। मूडीज ने कहा, "उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंकों के लिए फेड की नीति का मार्ग उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना पिछले साल इस समय था। दूसरे उभरते देशों में, हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक विकास को समर्थन देने के लिए दरों को और कम करेगा।" आरबीआई ने अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी के मद्देनजर वैश्विक व्यापार और नीति अनिश्चितताओं के बीच 2025-26 में भारत के लिए 6.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने हाल ही में कहा, "सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अनिश्चितता अपने आप में व्यवसायों और परिवारों के निवेश और खर्च के निर्णयों को प्रभावित कर विकास को धीमा कर देती है। दूसरा, ट्रेड फ्रिक्शन के कारण वैश्विक विकास पर पड़ने वाला असर घरेलू विकास को बाधित करेगा। तीसरा, उच्च टैरिफ का शुद्ध निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।" आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि अब 6.5 प्रतिशत अनुमानित है। recent visitors 62