मध्य प्रदेश में कहीं भीषण गर्मी का कहर जारी, 40 जिलों में 2 और 3 मई को बारिश हो सकती

भोपाल मध्यप्रदेश के लगभग 40 जिलों में 2 और 3 मई को बारिश हो सकती है। जिन जिलों में मौसम का बदलाव देखने को मिलेगा, उनमें भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर भी शामिल हैं। इसका कारण वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का एक्टिव होना है। हालांकि, इससे पहले 30 अप्रैल और 1 मई को प्रदेश में तेज गर्मी का असर रहेगा। खासकर उज्जैन संभाग में लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को रतलाम, नीमच और मंदसौर में लू का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर जैसे क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत अन्य जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। इधर, नर्मदापुरम जिले के डोलरिया में मंगलवार शाम को आई तेज आंधी से राजपूत समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए लगाया गया टेंट गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को रतलाम, नीमच-मंदसौर में लू का अलर्ट है। वहीं, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत बाकी के जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ की वजह से पिछले दो-तीन दिन से बारिश हो रही है। पूर्वी हिस्से में मंगलवार को भी बारिश हुई। बुधवार से कुछ जिलों में ही असर देखने को मिलेगा। वहीं, राजस्थान और गुजरात से जुड़े जिलों में हीट वेव यानी, लू चल सकती है। 2 मई को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर अगले 3 दिन तक रह सकता है। पिछले 24 घंटे कैसा रहा मौसम? पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के जबलपुर और शहडोल संभाग के कुछ जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई, वहीं बाकी हिस्सों में मौसम साफ और गर्म रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 3 दिनों में भी तापमान में खास बदलाव की उम्मीद नहीं है, हालांकि पारा 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है। धूप ने तोड़े 5 साल के रिकॉर्ड, गर्मी से सड़कों पर पसरा सन्नाटा  इंदौर में मंगलवार को अप्रैल महीने की अब तक की सबसे भीषण गर्मी दर्ज की गई। दिन का तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक है। तेज धूप और तपन के चलते दोपहर में सड़कों पर आवाजाही कम हो गई थी। लोग घरों में दुबके रहे क्योंकि धूप में एक मिनट भी खड़ा रह पाना मुश्किल हो रहा था। यह दिन न केवल अप्रैल का, बल्कि पिछले पांच सालों का भी सबसे गर्म दिन बन गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक ऐसी ही भीषण गर्मी बने रहने की संभावना जताई है। बुधवार को भी सुबह से ही तेज धूप है। गर्म हवाओं के थपेड़े चल रहे हैं और 11 बजे बाद सड़कें सूनी हो गई हैं। पिछले दस वर्षों में केवल चार बार पार हुआ 42 डिग्री का आंकड़ा   पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 29 अप्रैल 2019 को इंदौर में अब तक का सबसे अधिक तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बीते दशक में केवल चार बार तापमान 42 डिग्री के पार गया है। पिछले पांच वर्षों में भी इस बार का तापमान सबसे ज्यादा रहा। 18 अप्रैल 2024 को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री था, जबकि मंगलवार को यह रिकॉर्ड टूट गया। मंगलवार की रात का तापमान भी सामान्य से 3 डिग्री अधिक, यानी 26.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिली। मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान: लू का खतरा बरकरार मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि बीते कुछ दिनों से प्रदेश के कुछ इलाकों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ के कारण बारिश हो रही है। हालांकि इंदौर संभाग पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। यहां गर्मी का दौर जारी है और अगले दो दिन भी हालात ऐसे ही बने रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेताया है कि राजस्थान और गुजरात से सटे जिलों में हीट वेव यानी लू चलने के आसार हैं, जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। कई जिलों में मौसम बदला, बारिश भी हुई इससे पहले मंगलवार को प्रदेश में मौसम बदला रहा। सिवनी, दमोह, सिंगरौली, अनूपपुर और पन्ना तेज आंधी चली। वहीं, रीवा, कटनी, शहडोल, नरसिंहपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सतना, सीधी, मंडला, रायसेन, भोपाल, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, मैहर, उमरिया, जबलपुर, डिंडौरी, पांढुर्णा और सागर में भी मौसम बदला रहा। मंडला में ओले भी गिरे। दूसरी ओर, 8 शहर ऐसे हैं, जहां तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ की वजह से ऐसा मौसम है। भोपाल में सुबह से ही बादल छाए रहे। हालांकि, गर्मी का असर बरकरार रहा। यहां मंगलवार को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री, इंदौर में 42.6 डिग्री, ग्वालियर में 38.8 डिग्री, उज्जैन में 43 डिग्री और जबलपुर में 40 डिग्री दर्ज किया गया। कहीं लू तो कहीं बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार, 30 अप्रैल को मध्य प्रदेश के रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, सीधी और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है. वहीं रतलाम, नीमच और मंदसौर में लू का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत बाकी के जिलों में गर्मी का असर रहेगा. मंगलवार को दमोह, सिवनी, सिंगरौली, अनूपपुर और पन्ना तेज आंधी चली, जबकि मंडला में ओले गिरे. वहीं भोपाल, सीहोर, रीवा, सतना, शहडोल, कटनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सीधी, बैतूल, मैहर, उमरिया, जबलपुर, डिंडौरी, पांढुर्णा और सागर में मौसम का मिजाज बदला रहा. मौसम विभाग के अनुसार,  2 और 3 मई को मध्य प्रदेश के 40 जिलों में बारिश होने के आसार हैं. बीते दिन  शाजापुर में तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. गुना में 43.5 डिग्री सेल्सियस, खजुराहो में  तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में पारा 43.2 डिग्री सेल्सियस, धार-रायसेन-नरसिंहपुर में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा सागर और टीकमगढ़ में 42.8 डिग्री सेल्सियस, खंडवा और दमोह में तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस, खरगोन में पारा 42.4 डिग्री सेल्सियस रहा. इसके अलावा भोपाल में तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 42.6 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में पारा 38.8 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और जबलपुर में 40 … Read more

भारत को Sweden से मिला Anti-armour हथियार, पाकिस्तान के लिए बनेगा काल

नई दिल्ली/ स्टॉकहोम  पहलगाम आतंकी हमले के बीच आशंका है कि भारत और पाकिस्तान युद्ध में फंस सकते हैं। इन सबके बीच स्वीडिश कंपनी SAAB ने भारतीय सशस्त्र बलों को AT4 Anti-Armor वीपन सिस्टम की डिलीवरी की घोषणा की है। साब इंडिया ने कहा है कि उसने कामयाबी के साथ भारतीय सुरक्षा बलों को AT4 Anti-Armor सिस्टम सौंप दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में SAAB इंडिया ने कहा है कि "हमें भारतीय सशस्त्र बलों को हमारे AT4 Anti-Armor हथियार प्रणाली की सफल डिलीवरी की घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है। AT4 कम दूरी की लड़ाई के लिए एक भरोसेमंद सिंगल-शॉट समाधान के रूप में भारत के शस्त्रागार में शामिल हो गया है। भारत ने AT4CS AST वैरिएंट खरीदा है, जिसमें इमारतों, दुश्मनों के बंकरों और शहरी लड़ाई में इस्तेमाल किया जाता है।" भारतीय सेना AT4 Anti-Armor से शहरी युद्ध के अलावा पहाड़ी इलाकों में बंकर बनाकर छिपे दुश्मनों पर सिंगल शॉट हमला कर सकती है। इसके अलावा इसे काफी कम स्थान से दागा जा सकता है। कई बार जवानों के पास हथियार चलाने के लिए काफी कम स्थान होता है या फिर इमारतों में छिपकर भी इसे फायर किया जा सकता है। भारत ने खास तौर पर आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए इसे स्वीडिश कंपनी साब से खरीदा है और इस वक्त, जब पाकिस्तान के साथ तनाव बना हुआ है, AT4 Anti-Armor भारतीय सेना की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाएगा। AT4 Anti-Armor सिस्टम की खासियत AT4 Anti-Armor को जवान कंधे पर रखकर फायर कर सकते हैं। ये एक मानव-पोर्टेबल हथियार है, जिसका वजन सिर्फ 7.5 किलो होता है। ये एक ही शॉट के बाद डिस्पोजेबल हो जाते होते हैं। ये एक रिकॉइललेस हथियार है, जिसे एक ही सैनिक ऑपरेट कर सकते हैं। इसकी लंबाई सिर्फ एक मीटर होती है और इससे 300 मीटर की दूरी से दुश्मन पर सटीक हमला किया जा सकता है। एक बार दागने के बाद इसे फेंक दिया जाता है। इसमें प्री लोडेड हीट वारहेड होता है, जो टैंक, बख्तरबंद वाहन, बंकर या दीवार को भेदने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे पैदल सेना के लिए डिजाइन किया गया है। यानि एक सैनिक छिपकर आराम से किसी टैंक को उड़ा सकता है। इसका इस्तेमाल काफी आसान होता है और फायर करने के लिए इसे कुछ ही सेकंड्स में तैयार किया जा सकता है। बख्तरबंद गाड़ियों, फोर्टिफाइड पोजिशन्स, और लो-फ्लाईंग हेलीकॉप्टरों के खिलाफ ये काफी असरदार है। भारत के अलावा इसका इस्तेमाल अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन, जर्मनी और फ्रांसीसी सैनिक करते हैं। यूक्रेनी सैनिकों ने इससे रूसी टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को काफी नुकसान पहुंचाया है। रूसी टैंकों को उड़ाने के लिए इसका जमकर इस्तेमाल किया गया है। हालांकि भारत इसका नया ग्राहक है, लेकिन भारतीय सेना लंबे समय से साब द्वारा डिजाइन किए गए कार्ल-गुस्ताफ शोल्डर-फायर हथियार सिस्टम का इस्तेमाल करती आ रही है। इसका उत्पादन भारत में भारत डायनेमिक्स करती है। AT4 में कार्ल-गुस्ताफ वाली सारी खूबियां हैं। AT4-CS एक हल्का, पोर्टेबल, पूरी तरह से डिस्पोजेबल एंटी-टैंक हथियार है जिसे भारतीय सेना और वायुसेना ने 2022 में प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के तहत चुना था। पता चला है कि करीब 2,000 यूनिट का ऑर्डर दिया गया था। इसका वजन करीब 9 किलोग्राम है और इसकी प्रभावी रेंज 200 मीटर है। कार्ल गुस्ताफ़ का इस्तेमाल भारतीय सेना द्वारा 1976 से किया जा रहा है और यह कंधे से दागा जाने वाला मुख्य हथियार रहा है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, भारतीय सेना कार्ल गुस्ताफ़ के लगभग सात अलग-अलग प्रकारों का इस्तेमाल कर रही है। कार्ल गुस्ताफ़ के गोला-बारूद की रेंज अलग-अलग है, जिसकी अधिकतम रेंज 1,500 मीटर तक है। एंटी-टैंक गोला-बारूद की रेंज 500 मीटर है। कार्ल गुस्ताफ़ के पुराने संस्करण और पुराने गोला-बारूद का निर्माण भारत में ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड और अब नए बने रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा किया जाता है। recent visitors 45

भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई के अंदेशे के बीच पाकिस्तान में खौफ, पाक सेना ने रडार सिस्टम को सियालकोट पर तैनात किया

 नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले को सात दिन हो गए हैं. इस हमले के बाद भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई के अंदेशे के बीच पाकिस्तान खौफ में है. ऐसे में पाकिस्तानी सेना भारत के किसी भी तरह के संभावित हमले से बचने के लिए कई कदम उठा रहा है. जानकारी के मुताबिक, इंडियन एयरस्ट्राइक को डिटेक्ट करने के लिए पाकिस्तानी सेना अपने रडार सिस्टम को सियालकोट सेक्टर में फॉरवर्ड लोकेशन पर तैनात कर रही है. फिरोजपुर से सटे हुए इलाकों में भारत की मूवमेंट्स का पता लगाने के लिए पाकिस्तानी फौज इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर को भी फॉरवर्ड लोकेशंस पर तैनात कर रहा है. हाल ही में पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 58 किलोमीटर की दूरी पर चोर कंटोनमेंट में TPS-77 रडार को तैनात किया था. वहीं, पाकिस्तान ने लगातार पांचवें दिन सीजफायर का उल्लंघन किया और एलओसी पर फायरिंग की. पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के कुपवाड़ा, बारामूला और अखनूर सेक्टर्स में फायरिंग शुरू की. भारतीय सेना ने पाकिस्तान का मुंहतोड़ जवाब दिया. बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी जबकि 17 घायल हुए थे. यह हमला पहलगाम की बैसारन घाटी में किया गया था, जिसमें आतंकियों ने चुन-चुनकर लोगों को निशाना बनाया गया था. पहलगाम अटैक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) ने सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था. यह पहली बार है जब भारत ने इतनी बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई. भारत और पाकिस्तान के बीच तीन बड़ी जंग हो चुकी है लेकिन पहले कभी भी इस संधि को स्थगित नहीं किया गया. कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया था कि 1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई. यह रोक तब तक रहेगी, जब तक पाकिस्तान क्रॉस बॉर्डर टेरेरिज्म को अपना समर्थन देना बंद नहीं करता.   recent visitors 49

आज बुधवार 30 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष: आज खुश रहने के लिए लव लाइफ से जुड़े सभी मुद्दों को सुलझा लें। व्यावसायिक रूप से आप अच्छे और भाग्यशाली रहेंगे। छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं रहेंगी जबकि आपका धन-धान्य बना रहेगा। ऑफिस में भी आज आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। वृषभ: आज कार्यालय में आपका प्रदर्शन बेहतरीन रहने वाला है। वित्त और स्वास्थ्य दोनों दिन भर अच्छे रहेंगे, जिससे खुशी के पल आप महसूस करेंगे। वहीं, एक खुशहाल रिश्ते को व्यावसायिक सफलता का भी सहारा मिलता है। पैसों को सोच-समझकर खर्च करें। मिथुन: आज अपनी क्षमता साबित करने के लिए दफ्तर में हर मुद्दे को सुलझाएं। निवेश के लिए आज का दिन अच्छा है लेकिन एक्सपर्ट से बात करना जरूरी है। स्वास्थ्य भी आज अच्छा रहने वाला है। वहीं, प्रेम जीवन भी शानदार रहेगा। कर्क: रिश्ते में छोटी-मोटी नोकझोंक के बावजूद आपकी लव लाइफ अच्छी रहेगी। करियर में सफल होने के लिए हर आने वाली चुनौती को पूरी शिद्दत से हल करें। अच्छे श्रोता बनें और अपने साथी के साथ समय बिताएं। सिंह: हर आकर्षक व्यक्ति पर लेफ्ट स्वाइप करने से आप तुरंत उसके प्यार में नहीं पड़ सकते। आपको खुद को समय देना होगा। गलत फैसला लेने से बचें। कोई मित्र आपकी सहायता कर सकता है। परिवार किसी फंक्शन में आपके साथ शामिल हों सकता है। कन्या: काम पर समझौता करने में जल्दबाजी न करें। आज अपने बिजी कार्यक्रम के कारण कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। बहस की उम्मीद की जा सकती है लेकिन आखिर में आप आसानी से विवाद को सुलझा लेंगे। तुला: आज धन-वृद्धि के योग बन रहे हैं। काम पर एनर्जी थोड़ी लो हो सकती है। सिंगल लोगों को कई निराशाजनक प्रयासों के बाद प्यार खोजने से थोड़ा ब्रेक लेना चाहिए। यह ब्रेक उन्हें यह जानने में मदद करेगा कि उन्हें वास्तव में एक साथी से क्या चाहिए। वृश्चिक: आज काम के सिलसिले में किसी यात्रा की योजना बना सकते हैं क्योंकि पूरी संभावना है कि सब कुछ आपके पक्ष में होगा। प्यार से जुड़ी उम्मीदें आपके मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती हैं। आप गलत जगह पर प्यार की तलाश कर रहे हैं। जो आपका है, वह खुद ही आपके पास आएगा। धनु: पैसों की समस्या दरार पैदा कर सकती है। बहस करने से बचें। खुद को यह याद दिलाना चाहिए कि आप और आपका पार्टनर एक साथ क्यों हैं। संघर्ष से निपटें और फिर पैसों की स्थिति को सुलझाने की दिशा में काम करें। मकर: आज आपको अपना पूरा फोकस काम पर रखना चाहिए। शादीशुदा जोड़ों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर मनमुटाव हो सकता है। बात-चीत करने और एक-दूसरे के लिए समय निकालने की सलाह दी जाती है। आपको अपने परिवार को छोटे-मोटे झगड़ों में शामिल होने से बचाना चाहिए। कुंभ: आज खर्चों को कंट्रोल करें। सेहत पर ध्यान दें। अच्छे ह्यूमर वाला कोई आकर्षक व्यक्ति आपसे संपर्क कर सकता है। बिना आपको एहसास हुए ही आप दोनों के बीच चीजें तेजी से बदल जाएंगी। आपके सितारे आने वाले दिनों में आपके लिए खुशहाल रिश्ते की भविष्यवाणी करते हैं। मीन: आपका दोस्त आज आपको किसी ऐसे स्पेशल व्यक्ति से मिलवा सकता है, जो आपको अच्छा फील करवाएगा। उनकी उपस्थिति में आपको खुशी महसूस होगी, जिससे आप उनसे दोबारा मिलने की इच्छा करेंगे। आज आपके लव सितारे आपका साथ देंगे। इसलिए धैर्य बनाए रखें। recent visitors 75

मार्च 2026 तक पूरा प्रदेश नक्सल मुक्त होगा, सरकार और जवान नक्सलियों के सामने शक्ति से कार्रवाई कर रहे : मंत्री तोखन साहू

रायपुर  छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा एंटी नक्सल ऑपरेशन 8 वें दिन भी जारी है। नक्सलियों के बड़े लीडरों को जवानों ने कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में घेर रखा है। इस मुठभेड़ में फ़ोर्स को बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है। इस बीच नक्सलवाद के खात्मे को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने बड़ा बयान दिया है। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खात्मे की ओर है, लेकिन कुछ नेता और दल माओवाद को सपोर्ट करने में लगे हैं। तेलंगाना की एक पार्टी ऑपरेशन रोकने की अपील कर रही है। लेकिन केंद्रीय अमित शाह ने टारगेट तय कर दिया ऑपरेशन रुकेगा नहीं। मार्च 2026 तक पूरा प्रदेश नक्सल मुक्त होगा। सरकार और जवान नक्सलियों के सामने शक्ति से कार्रवाई कर रहे हैं। कांग्रेस के संविधान बचाओ रैली पर बोला केंद्रीय राज्य मंत्री का हमला केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कांग्रेस के संविधान बचाओ रैली पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने संविधान की हत्या की है। भाई भतीजा वाद करने वाले संविधान की बात क्या करेंगे। प्रदेश में प्रदर्शन करने भ्रमित करने कांग्रेस पार्टी आती है। कांग्रेस के सिर्फ नेताओं की सक्रियता सिर्फ प्रदर्शन करने के लिए दिखती है। कांग्रेस के मन में सेवा भाव नहीं है। बता दें कि तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों ने बड़ी संख्या में जवानों ने डेरा डाला हुआ है। हेलीकॉप्टर से इलाके की निगरानी रखी जा रही है। यहां नक्सलियों के बड़े लीडरों के होने की आशंका है। जिसके मद्देनजर फ़ोर्स ने भी पूरी तैयारी के साथ घेराबंदी कर ली है। फिलहाल तीन महिला नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जिन पर 8-8 लाख का इनाम घोषित था।  recent visitors 53

भारत ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे 26/11 के मुंबई हमलों से भी खराब करार दिया..

न्यूयॉर्क  भारत ने संयुक्त राष्ट्र में एक खास मौके पर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के मुद्दे को उठाया. घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे 26/11 के मुंबई हमलों से भी खराब करार दिया. संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद पीड़ित संघ नेटवर्क (वोटन) के शुभारंभ के अवसर पर भारत का पक्ष रखते देश की उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने कहा, 'पहलगाम आतंकवादी हमला 2008 में हुए 26/11 मुंबई हमलों के बाद सबसे क्रुर हमला है. उन्होंने कहा कि दशकों से सीमापार आतंकवाद का शिकार होने के कारण भारत इस बात को अच्छी तरह समझता है कि ऐसे कृत्यों का पीड़ितों, उनके परिवारों और समाज पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत, जिसका सीमापार आतंकवाद का सामना करने का इतिहास रहा है, यह समझता है कि ऐसे कृत्य समय के साथ समाज पर गहरा प्रभाव डालते हैं. राजदूत पटेल ने पहलगाम हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा दिखाए गए मजबूत और स्पष्ट समर्थन की भी सराहना की. उन्होंने कहा, 'जम्मू- कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर दुनिया भर के नेताओं और सरकारों द्वारा दिए गए मजबूत, स्पष्ट समर्थन और एकजुटता की गहराई से सराहना करता है और उसे महत्व देता है. यह आतंकवाद के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शून्य सहिष्णुता का प्रमाण है.' उन्होंने कहा कि सामूहिक निंदा और एकजुटता इस बढ़ती वैश्विक सहमति को प्रतिबिंबित करती है कि आतंकवाद का सामना दृढ़ संकल्प और एकता के साथ किया जाना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय दायित्वों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए पटेल ने आतंकवाद विरोधी प्रयासों में जवाबदेही के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा, 'जैसा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अपने बयान में कहा है, आतंकवाद के निंदनीय कृत्यों के अपराधियों, आयोजकों, वित्तपोषकों और प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए.' आतंकवाद के परिणामों की सार्वभौमिकता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, 'आतंकवादी कृत्य आपराधिक और अनुचित हैं, चाहे उनका उद्देश्य कुछ भी हो, वे कहीं भी, कभी भी और किसी के द्वारा भी किए गए हों.' पटेल ने भारत के इस दृढ़ रुख को दोहराया कि किसी भी परिस्थिति में आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता तथा न्याय एवं निवारण के लिए व्यापक जवाबदेही आवश्यक है. पीड़ित-केंद्रित पहलों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, पटेल ने आतंकवाद के पीड़ितों के लिए एसोसिएशन की स्थापना का स्वागत किया. कहा कि यह पीड़ितों की सुनवाई और समर्थन के लिए एक संरचित, सुरक्षित स्थान बनाएगा. वैश्विक आतंकवाद-रोधी रणनीतियों के केंद्र में पीड़ितों को रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, 'भारत का मानना ​​है कि आतंकवाद के प्रति वैश्विक प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए वोटान जैसी पहल आवश्यक है. साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ित हमारे सामूहिक प्रयासों के केंद्र में रहें.' recent visitors 60

राइट टू एजुकेशन के तहत गुजरात के प्राइवेट स्कूलों में पहले चरण में 86 हजार बच्चों को मिला प्रवेश, प्रक्रिया हुई पूरी

अहमदाबाद गुजरात में शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए राइट टू एजुकेशन (RTE) अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों के बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश देने की प्रक्रिया के पहले चरण में 86,274 बच्चों को पहली कक्षा में दाखिला मिला है. यह दाखिले राज्य की कुल 9,741 प्राइवेट स्कूलों में आरक्षित 93,860 सीटों में से हुए हैं. RTE कानून के अनुसार, राज्य की मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को अपनी पहली कक्षा की कुल सीटों में से 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) और वंचित वर्गों (DG) के बच्चों के लिए आरक्षित रखनी होती हैं. गुजरात सरकार इस आरक्षण के तहत चयनित बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन करती है. 2.38 लाख से अधिक छात्रों ने किए थे आवेदन इस वर्ष राज्य भर से RTE के तहत 2,38,916 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे. दस्तावेजों की जांच के बाद 1,75,685 आवेदन स्वीकृत किए गए.  13,761 आवेदन गलत या अधूरे दस्तावेजों के कारण रद्द कर दिए गए हैं. वहीं, 49,470 आवेदन अभिभावकों ने स्वयं रद्द कर दिए. नियमों के मुताबिक, अभिभावकों को आवेदन के समय अपने घर से 6 किलोमीटर की परिधि में स्थित स्कूलों को ही प्राथमिकता देनी होती है. इसी आधार पर पहले राउंड में सीटों का आवंटन किया गया है. पहले चरण में खाली रहीं 7,586 सीटें पहले चरण में कुल 86,274 बच्चों को प्रवेश मिला, लेकिन 7,586 सीटें अभिभावकों द्वारा पसंद नहीं की जाने के कारण खाली रह गईं. इन खाली सीटों को अगले चरण में भरा जाएगा. प्रवेश की पुष्टि की अंतिम तिथि 8 मई पहले चरण में चयनित बच्चों के अभिभावकों को SMS के माध्यम से जानकारी भेजी गई है. उन्हें 8 मई, गुरुवार तक संबंधित स्कूल में सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर बच्चे का प्रवेश सुनिश्चित करना होगा. पहले राउंड की प्रक्रिया के बाद, बची हुई सीटों के लिए दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी, जिसकी जानकारी RTE गुजरात की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से दी जाएगी. गुजरात के 9,741 निजी स्कूलों में विभिन्न भाषाओं में शिक्षा दी जाती है, जिनमें शामिल हैं:   – गुजराती माध्यम की स्कूलें: 5,725   – अंग्रेजी माध्यम: 3,553   – हिंदी माध्यम: 408   – मराठी: 35   – उड़िया: 13   – उर्दू: 7 इस वर्ष RTE के पहले चरण में जिन बच्चों को प्राथमिकता दी गई, वे निम्नलिखित श्रेणियों से थे:   – सरकारी आंगनवाड़ी में पढ़ने वाले बच्चे (32,267 विद्यार्थी)   – अनाथ एवं संरक्षण की जरूरत वाले बच्चे   – प्रवासी मज़दूरों के बच्चे   – शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चे   – शहीद जवानों के बच्चे   – एकमात्र बेटी वाली संतान   – BPL, SC/ST, SEBC, OBC और सामान्य वर्ग के पात्र बच्चे   recent visitors 34