मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धाभाव से मंत्र जाप करते हुए पूजा स्थल की परिक्रमा भी की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  जशपुर जिले के बगीचा में महाकुल यादव समाज सेवा समिति द्वारा आयोजित हरि अखंड संकीर्तन नाम यज्ञ (चौबीस प्रहरी) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पूजा स्थल पर राधा-कृष्ण, चैतन्य महाप्रभु और गौरांग स्वामी की विधिवत पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धाभाव से मंत्र जाप करते हुए पूजा स्थल की परिक्रमा भी की। वृंदावन भवन विस्तार के लिए 50 लाख और इंडोर स्टेडियम हेतु 2.75 करोड़ की स्वीकृति इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने महाकुल यादव समाज के वृंदावन भवन के विस्तार के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि बगीचा में इंडोर स्टेडियम निर्माण के लिए पूर्व घोषित 2 करोड़ 75 लाख रुपए की राशि शासन द्वारा स्वीकृत कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, बगीचा नगर पंचायत क्षेत्र में मंगल भवन निर्माण के लिए भी एक करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इन दोनों निर्माण कार्यों  को शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यादव समाज: सनातन संस्कृति और गौवंश का रक्षक मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि महाकुल यादव समाज सनातन संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यादव समाज हमेशा से गौवंश का संरक्षक और पालक रहा है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए शासन द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से बीपीएल परिवारों को उच्च नस्ल की दुधारू गायों के वितरण की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई अधिकांश गारंटियों को राज्य सरकार ने अल्प समय में पूरा किया है। सरकार बनने के तुरंत बाद, पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई। अब पात्रता का दायरा बढ़ाकर ‘आवास प्लस 2.0’ योजना में दुपहिया वाहन धारकों, 15 हजार से अधिक मासिक आय वालों तथा सीमित भूमि धारकों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि 30 अप्रैल तक चलाए जा रहे महाअभियान में सर्वे कराकर अपना नाम अवश्य दर्ज कराएं। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहकों के लिए प्रति मानक बोरा दर बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है। रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के माध्यम से तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा दी जा रही है।पीएससी घोटाले में दोषियों को जेल भेजने की कार्रवाई आरंभ कर दी गई है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर राज्य के 146 विकासखंडों के 10-10 ग्रामों में सीएससी और चॉइस सेंटरों के माध्यम से ग्राम स्तर पर धन निकासी की सुविधा शुरू की गई है, जिसे शीघ्र पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा। नक्सल उन्मूलन, पर्यटन और औद्योगिक विकास की दिशा में ठोस पहल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह की घोषणा के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से मुक्त करने हेतु वृहद अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। नवीन औद्योगिक नीति के तहत प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे अनेक बड़े निवेशक राज्य में कारखाने स्थापित कर रहे हैं। साथ ही, वनोत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान की जा रही है। इस अवसर पर पद्मजगेश्वर यादव, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, महाकुल यादव समाज सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष परमेश्वर यादव, जिलाध्यक्ष गणेश यादव, भरत सिंह, पार्षद अमन शर्मा सहित महाकुल यादव समाज के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और भारी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे। ज्ञातव्य है कि महाकुल यादव समाज सेवा समिति द्वारा आयोजित हरि अखंड संकीर्तन नाम यज्ञ का यह तीसरा वर्ष है। 22 अप्रैल से चल रहे इस भक्ति आयोजन का पूर्णाहुति समारोह 26 अप्रैल को संपन्न होगा। recent visitors 36

प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने मेडिकल ऑफिसर एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता होगी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल ऑफिसर एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इन पदों की चयन प्रक्रिया शीघ्रतापूर्वक आयोजित करे, जिससे राज्य के अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्धता हो और मरीजों को समय पर समुचित इलाज मिल सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर कार्यालय में मेडिकल ऑफिसर एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की समय पर नियुक्ति से स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, म.प्र. लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश लाल मेहरा, आयोग के सदस्य प्रो. कृष्णकांत शर्मा, सचिव प्रबल सिपाहा, विशेष कर्तव्य अधिकारी आर. पंचवई अधिष्ठाता एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमजीएम इंदौर डॉ. अरविंद घनघोरिया सहित चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 42

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, एवीजीसी-एक्सआर, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों पर केंद्रित

आईटी और संबंधित क्षेत्र की नीतियों से मिलेगा निवेश और नवाचार को बढ़ावा प्रदेश में आईटी और संबंधित क्षेत्रों में नवाचार और निवेश को गति देने के लिए चार प्रगतिशील नीतियां लागू ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, एवीजीसी-एक्सआर, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों पर केंद्रित भोपाल प्रदेश में आईटी और संबंधित क्षेत्रों में नवाचार और निवेश को गति देने के लिए चार प्रगतिशील नीतियां लागू हैं। यह नीतियां ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, एवीजीसी-एक्सआर, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। इन नीतियों का उद्देश्य उन्नत तकनीकों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना, व्यवसायों को समर्थन देना और नवाचार को बढ़ावा देना है। इन नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। आगामी टेक ग्रोथ कॉनक्लेव में नीतियों का अधिकतम लाभ निवेशकों तक पहुंचाने और राज्य के तकनीकी इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिए गाइडलाइंस जारी की जाएंगी। तकनीकी और रचनात्मक क्षेत्रों के लिए नई उड़ान जीसीसी और एवीजीसी-एक्सआर नीति जीसीसी नीति 2025 के तहत बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता प्रमाणन के लिए पूंजीगत सहायता, कौशल विकास, वेतन सहायता, आरएंडडी और आईपी संरक्षण को प्रोत्साहन देने के प्रावधान हैं। प्रमुख प्रोत्साहनों में पूंजीगत सहायता, किराया सहायता, वेतन सब्सिडी और आरएंडडी सहायता शामिल है। साथ ही भूमि छूट, ब्याज सहायता, मार्केटिंग व इवेंट होस्टिंग के लिए भी वित्तीय सहयोग मिलेगा। जीसीसी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिक विभाग अंतर्गत एमपीएसईडीसी द्वारा इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में आईटी पार्कों में 4 नए सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। एवीजीसी-एक्सआर नीति 2025 के तहत प्रदेश को भारत के रचनात्मक उद्योगों का केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। नीति के अंतर्गत पीपीपी मॉडल पर एवीजीसी मीडिया पार्क की स्थापना, कौशल विकास, कंटेंट निर्माण और इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन दिए जाने के प्रावधान हैं। इसमें कैपेक्स सहायता, किराया व वेतन सहायता, प्रोडक्शन इंसेंटिव और क्वालिटी सर्टिफिकेशन की सहायता दिए जाने के प्रावधान है। इंटरनेट शुल्क की आंशिक प्रतिपूर्ति और वार्षिक एवीजीसी-एक्सआर कॉन्क्लेव का आयोजन भी प्रस्तावित है। कॉनक्लेव में नवीन एवीजीसी-एक्सआर प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन किए जाएंगे। ड्रोन और सेमीकंडक्टर क्रांति की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, सरकार ने ड्रोन और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश, निर्माण और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए दो नई नीतियाँ "ड्रोन प्रमोशन एंड यूसेज पॉलिसी- 2025" और "सेमीकंडक्टर नीति-2025" लॉन्च की हैं। ड्रोन नीति का लक्ष्य मध्यप्रदेश को ड्रोन निर्माण और तकनीक में अग्रणी बनाना है। नीति के तहत ड्रोन आधारित गवर्नेंस सेवाओं को बढ़ावा देना, स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से ईको-सिस्टम को मजबूत करना। पूंजीगत सहायता, किराया सहायता, आईपी प्रोटेक्शन एवं क्वालिटी सर्टिफिकेशन पर सहायता और आरएंडडी सहायता शामिल है। इसके अतिरिक्त, ड्रोन कोर्सेस के लिए सहायता और मार्केटिंग व इंटर्नशिप के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। कॉनक्लेव में ड्रोन स्कूल्स ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन किया जायेगा। सेमीकंडक्टर नीति-2025 के अंतर्गत प्रदेश को देश की सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने का लक्ष्य है। यह नीति डिजाइन से लेकर निर्माण तक सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) ईको-सिस्टम को विकसित करने पर केंद्रित है। इसके अंतर्गत पूंजीगत सहायता, भूमि पर छूट, ब्याज सब्सिडी, बिजली दर सब्सिडी शामिल है। कंपनियों को पेरोल प्रोत्साहन, ईपीएफ रीइंबर्समेंट और अधिक के निवेश पर कस्टमाइज़्ड पैकेज भी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के संबंधित कंपनियों के स्थापना का भूमि पूजन कॉनक्लेव में किए जाएंगे। टेक ग्रोथ कॉनक्लेव के आयोजन से राज्य सरकार तकनीकी नवाचार, निवेश और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर रही है।   recent visitors 27

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- जिला अस्पतालों में उपलब्ध होंगे शव वाहन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ऐसे भाई-बहन जो पारिवारिक सदस्य की मृत्यु के बाद शव को घर ले जाने में असमर्थ है, उन सभी के लिए राज्य सरकार शव वाहन से पार्थिव देह घर तक पहुंचाने का कार्य करेगी। शुरुआत में यह व्यवस्था जिला स्तर पर लागू की जा रही है, जिसे बाद में विकासखण्ड और तहसील तक विस्तार मिलेगा। सड़क दुर्घटना एवं अन्य विषम परिस्थितियों में मृत्यु होने पर परिजन को शव वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि प्रदेश सरकार अति संवेदनशील है और मुश्किल समय में लोगों की पीड़ा समझती है। शव वाहन उपलब्ध कराने के संबंध में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं।   recent visitors 37

मध्यप्रदेश के कईं जिलों में 4 दिन बारिश के आसार: भोपाल सहित कईं जिलों में बरकरार रहेगी गर्मी

Chances of rain for 4 days in many districts of Madhya Pradesh: Heat will persist in many districts including Bhopal भोपाल । मध्यप्रदेश में अगले 4 दिन तेज गर्मी से थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने ट्रफ की वजह से प्रदेश में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। शनिवार को ग्वालियर-जबलपुर समेत 19 जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर और उज्जैन में गर्मी का असर बरकरार रहेगा। शनिवार को 3 जिलों में लू भी चल सकती है। इनमें रतलाम, खंडवा और बुरहानपुर शामिल हैं। वहीं, जिन जिलों में बारिश का अलर्ट है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, अनूपपुर शामिल हैं। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने अगले चार दिन तक प्रदेश में हल्की बारिश और गरज-चमक का अनुमान जताया है। कुछ जगहों पर लू भी चल सकती है। वहीं, गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। ऐसा रहेगा अप्रैल का आखिरी सप्ताह चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक, यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री, जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। अप्रैल में ऐसा रहा अब तक का मौसम अप्रैल के पहले, दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही। दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, कुछ जिलों में गर्मी का असर भी रहा। तीसरे सप्ताह में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस या इससे ज्यादा रहा। कई जिलों में लू भी चली। recent visitors 112

अंतरराष्ट्रीय मार्गों की उड़ानों को को रद करना शुरू कर दिया गया, आगमन में छह घंटे तक का विलंब

नई दिल्ली भारतीय विमानन कंपनियों पर पाकिस्तान द्वारा अपने एयर स्पेस के इस्तेमाल को लेकर लगाए गए प्रतिबंध का असर अब साफ साफ नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मार्गों की उड़ानों को को रद करना शुरू कर दिया गया है। इंडिगो ने प्रतिबंधों और सीमित वैकल्पिक मार्गों के कारण अलमाटी और ताशकंद इंडिगो के वर्तमान विमान बेड़े की परिचालन सीमा से बाहर हैं। अलमाटी के लिए 27 अप्रैल से 7 मई और ताशकंद के लिए 28 अप्रैल से 7 मई तक की उड़ानें रद कर दी गई हैं। इंडिगो प्रवक्ता ने कहा कि हम अपने ग्राहकों से अपेक्षा करते हैं कि वे इस स्थिति को समझेंगे। आगमन में छह घंटे तक का विलंब यूरोप, खाड़ी देशों, मध्य एशिया व अमेरिका से आने वाली उड़ानें अब विलंब की चपेट में आ रही हैं। शुक्रवार को कई उड़ानें तो छह छह घंटे विलंब से पहुंची। एअर इंडिया की न्यूयार्क से नई दिल्ली आ रही उड़ान संख्या एआइ 102 चार घंटे विलंबित रही। शिकागो से नई दिल्ली पहुंची एअर इंडिया की उड़ान संख्या एआइ 126 के आगमन में पांच घंटे का विलंब हुआ। सेन फ्रांसिस्को की फ्लाइट छह घंटे की देरी से दिल्ली पहुंची सेन फ्रांसिस्को से नई दिल्ली आ रही उड़ान के आगमन में छह घंटे का विलंब हुआ। लंदन से एअर इंडिया की जिस उड़ान संख्या एआई 112 आइजीआई एयरपोर्ट पर बृहस्पतिवार देर रात 3.10 बजे लैंडिंग करनी थी, वह सुबह करीब पौने सात बजे पहुंची। पेरिस से आ रही एअर इंडिया की उड़ान संख्या 142 को शुक्रवार सुबह 8.35 बजे लैंडिंग करनी थी, यह करीब 10 बजे पहुंची। फ्रेंकफर्ट की उड़ानों के आगमन में विलंब की स्थिति विएना, एम्सटर्डम, फ्रेंकफर्ट की उड़ानों के आगमन में विलंब की स्थिति रही। दुबई, शारजाह, जेद्दा, अबूधाबी, बहरीन से आ रही उड़ानों में एक से तीन घंटे का विलंब देखने को मिला। उधर अजरबैजान की बात करें तो इसकी राजधानी बाकू से नई दिल्ली की उड़ान के आगमन में साढ़े घंटे का विलंब रहा। इसी तरह जार्जिया की राजधानी तिब्लिसी की उड़ान नई दिल्ली करीब पांच घंटे की देरी से पहुंची। जारी हुई एडवाइजरी विमानन कंपनियों ने भी एडवाइजरी जारी कर यात्रियों व उनके स्वजन को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए एडवाइजरी जारी की। इंडिगो ने कहा कि यदि आपकी उड़ान प्रभावित हो रही है तो आप कस्टमर केयर या हमारी वेबसाइड पर जाकर हरसंभव सहायता पा सकते हैं। इसमें रिबुकिंग या रिफंड जैसे विकल्प मौजूद हैं। एअर इंडिया ने एडवाइजरी में कहा कि उत्तर अमेरिका, यूके, यूरोप व मध्य पूर्व से जुड़ी उड़ानें अब परंपरागत मार्ग के बजाय वैकल्पिक मार्ग अपना रही हैं। इससे यात्रा का समय बढ़ेगा। ऐसे बढ़ गई दूरी बाकू व नई दिल्ली के बीच चलने वाली इंडिगो की उड़ान पहले कैस्पियन सागर, ईरान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान होते हुए भारत में प्रवेश कर पहले राजस्थान फिर हरियाणा होते हुए नई दिल्ली में दाखिल हो जाती थी। अब इसी उड़ान को बाकू से कैस्पियन सागर के बाद ईरान में प्रवेश करना पड़ता है। उत्तर से दक्षिण तक पूरे ईरान को लांघने के बाद विमान सीधा अरब सागर के रास्ते भारतीय सीमा में दाखिल होता है। इसके बाद गुजरात, राजस्थान, हरियाणा होते हुए नई दिल्ली में प्रवेश करता है। यह दूरी पहले के मुकाबले कम से कम 30 प्रतिशत अधिक है। recent visitors 49

झुग्गियों को हटाने के लिए कई बार कार्रवाई की गई, जमकर गरजा DDA का बुलडोजर, 200 से ज्यादा झुग्गियां ध्वस्त

नई दिल्ली मयूर विहार यमुना खादर में शुक्रवार को डीडीए ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। 10 बुलडोजर लगाकर एनएच-नौ से डीएनडी के बीच 200 से ज्यादा झुग्गियों को ध्वस्त किया गया। उनके आगे बने चबूतरे तोड़े गए। खेतों में फसल को बुलडोजर से रौंदा गया। नर्सरियों को भी तहस-नहस कर दिया गया। कार्रवाई होते देखते काफी संख्या में लोग ट्रैक्टर, टेंपो और रेहड़ी में झुग्गियों से अपना सामान ले जाते हुए दिखे। मौके पर माैजूद डीडीए के अधिकारियों ने बताया कि थोड़ी-थोड़ी कार्रवाई कई दिन से चल रही है, अब बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। यह आगे भी जारी रहेगी। झुग्गियों को हटाने के लिए कई बार कार्रवाई की गई मयूर विहार खादर क्षेत्र में नेचर पार्क प्रस्तावित है। इस जगह पर लोग अवैध रूप से झुग्गी डालकर रह रहे थे। यहीं पर वह सब्जियों की खेती करते थे। कुछ लोग पौधों की नर्सरी चला रहे थे। इन झुग्गियों को हटाने के लिए कई बार कार्रवाई की गई। लेकिन बार-बार लोग दोबारा आकर बस जाते थे। कार्रवाई के खिलाफ कई लोग व संगठन दिल्ली हाई कोर्ट ले गए थे। वहां से भी इनको कोई राहत नहीं मिली। बुलडोजर से झुग्गियों को ध्वस्त किया डीडीए ने अब दोबारा से मयूर विहार खादर क्षेत्र में रह रहे झुग्गीवासियों को झुग्गियां खाली करने और अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। साथ ही चेतावनी दी थी कि ऐसा नहीं किया तो डीडीए खुद अतिक्रमण हटाएगा। उसके तहत ही डीडीए की टीम ने पुलिस बल के सहयोग से शुक्रवार को खादर में कार्रवाई करते हुए बुलडोजर से झुग्गियों को ध्वस्त किया। इस दौरान किसी तरह का कोई विरोध नहीं हुआ। दबंग किराये पर देते हैं जमीन, उन पर नहीं होती कार्रवाई खादर में दबंग सक्रिय हैं। ये मजदूरी की तलाश में ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को खादर में बसाते हैं। झुग्गी उजड़ने के बाद गाजीपुर के रामखिलावन ने बताया कि वह यहां खेती कर रहे थे। उनके मुताबिक, चिल्ला गांव के एक व्यक्ति से प्रति बीघा 10 हजार रुपये सालाना पर 20 बीघा जमीन ली थी। वहीं पर रहकर सब्जियों की खेती करते थे। पौधों की नर्सरी के लिए 50 हजार रुपये वार्षिक किराये पर भूमि दी गई थी। इस खादर क्षेत्र में बरेली, बदायं, मुजफ्फरपुर, दरभंगा समेत कई इलाकों के लोग रह रहे थे, जो अब छत की तलाश में हैं। इनमें से कुछ ने बताया कि वह नजदीकी आश्रय स्थल चले जाएंगे, कई लोगों ने बताया कि वह न्यू अशोक नगर, त्रिलोकपुरी में कमरा किराये पर लेंगे। अभी बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि डीडीए दबंगों पर कार्रवाई नहीं करता, जो उसकी जमीन का किराया वसूलते हैं। डीडीए की रही है लापरवाही यमुना खादर में पिछले वर्ष भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई थी। उस वक्त दो हजार से अधिक झुग्गियों को हटाकर वहां पर निगरानी के लिए सुरक्षा गार्ड लगाए गए थे। इन गार्डों के रहते हुए वहां पर दोबारा कब्जा हो गया। सुरक्षा गार्डों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह समय-समय पर यहां बस रहे लोगों की जानकारी डीडीए अधिकारियों को देते रहे हैं। इस बारे में डीडीए के प्रवक्ता बिजय पटेल को फोन करके और वाट्सएप पर पक्ष मांगा गया, लेकिन उनका जवाब प्राप्त नहीं हुआ। recent visitors 51