फिजिकल हेल्थ: गर्मी और दिल की बीमारियां – क्यों बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा और कैसे करें बचाव

Physical Health: Heat and heart diseases – why the risk of heart attack is increasing and how to prevent it हेल्थ डेस्क: Physical Health of heart attack जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, दिल की बीमारियों का खतरा भी उसी रफ्तार से बढ़ रहा है। हीटवेव और पॉल्यूशन अब सिर्फ पर्यावरण की समस्या नहीं, बल्कि दिल की सेहत के लिए सीधा खतरा बन गए हैं। खासकर बुजुर्ग, हृदय रोगी और खुले में काम करने वाले लोग इस खतरे के दायरे में सबसे पहले आते हैं। गर्मी में क्यों बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क? Physical Health of heart attack गर्मी के मौसम में शरीर खुद को ठंडा बनाए रखने के लिए लगातार पसीना बहाता है। इस प्रक्रिया में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाना पड़ता है, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव भी दिल को कमजोर बना सकते हैं। Read more: आंगनबाड़ियों में मशीन के सामने चेहरा दिखाने पर ही उपस्थिति मान्य होगी, पोषण आहार का वितरण किया जाएगा सबसे ज्यादा खतरे में कौन? हार्ट अटैक से बचाव के आसान उपाय: Declaration : बढ़ती गर्मी ने दिल की सेहत को नई चुनौती दी है। ऐसे में सही जानकारी और सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का पालन करें, क्योंकि मौसम अब सिर्फ बाहरी नहीं, आंतरिक स्वास्थ्य का भी मामला बन चुका है। recent visitors 124

मध्यप्रदेश में अगले 4 दिन तक बारिश का अलर्ट, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर में 41 डिग्री के ऊपर पहुंच गया है पारा

भोपाल  मध्य प्रदेश के आसमान पर छाए बादलों की वजह से कहीं पर गरज-चमक के साथ बारिश हुई तो कहीं पर धूप-छांव का सिलसिला चल रहा है। हालांकि मंगलवार के बाद इन गतिविधियां में कमी आएगी और फिर से तीखी धूप सताने लगेगी। सोमवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के अनूपपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, नर्मदापुरम, बैतूल, शहडोल, उमरिया, जबलपुर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। कहीं-कहीं तेज आंधी-तूफान के साथ ओले भी गिरे। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के आसमान पर छाए बादलों की वजह से धूप-छांव का खेल शाम तक चलता रहा। कई शहरों में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया इन गतिविधियों का असर प्रदेश के तापमान पर साफ नजर आ रहा है। इससे रात के तापमान में जहां कमी आई है, वहीं सोमवार को दिन के तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्रों के कई जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं पूर्वी क्षेत्रों के कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे हैं। इधर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में गर्मी का असर तेज रह सकता है। भोपाल, इंदौर संभाग के शहरों में भी पारा 42 डिग्री के आसपास ही रहेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। वहीं, दो टर्फ एक्टिव है। इस वजह से सोमवार को कई जिलों में बारिश का दौर रहा। ऐसा ही मौसम मंगलवार को भी बना रहेगा। यहां गरज-चमक के साथ तेज आंधी भी चल सकती है। 1-2 मई को भी नए सिस्टम की वजह से बारिश होने के आसार है। भोपाल-इंदौर समेत 17 शहरों में पारा 40 डिग्री के पार आंधी और बारिश के बीच सोमवार को मध्यप्रदेश में गर्मी का असर भी तेज रहा। ग्वालियर में पारा 44 डिग्री के पार पहुंच गया। एक ही दिन में 3.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन के साथ प्रदेश के 17 शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार रहा। मौसम विभाग के अनुसार, धार में 42.9 डिग्री, नरसिंहपुर में 42.2 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री, खरगोन-गुना में 42 डिग्री, शाजापुर में 41.4 डिग्री, सागर-नौगांव में 41.1 डिग्री, दमोह, रायसेन-खजुराहो में 41 डिग्री और नर्मदापुरम में 40.6 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में सबसे ज्यादा 42 डिग्री, भोपाल में 41.2 डिग्री, इंदौर में 41.4 डिग्री, ग्वालियर में 41.8 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश और तेज हवा चलने के आसार मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि राजस्थान में हवा के ऊपरी हवा में चक्रवात बना हुआ है। दूसरा सिस्टम राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र तक एक द्रोणिका के रूप में है। इस वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने के आसार हैं। मंगलवार से प्रदेश में दिन के तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। अगले 24 घंटों में प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।   ऐसा रहेगा अप्रैल का आखिरी सप्ताह     चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक, यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री, जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। अप्रैल में ऐसा रहा अब तक का मौसम अप्रैल के पहले, दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही। दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, कुछ जिलों में गर्मी का असर भी रहा। तीसरे सप्ताह में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस या इससे ज्यादा रहा। कई जिलों में लू भी चली। recent visitors 51

पहलगाम हमले के बाद 48 पर्यटक स्थल किए गए बंद, सुरक्षा एजेंसियों के अलर्ट के बाद सरकार का फैसला

श्रीनगर पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में कई पर्यटक स्थलों को मौजूदा वक्त के लिए बंद कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिश पर ये फैसला लिया है. आतंकवादी हमलों की संभावना के बारे में खुफिया चेतावनी के कारण कश्मीर में 87 में से 48 पर्यटक स्थलों को बंद किया है. सूत्रों के मुताबिक, पहलगाम हमले के बाद घाटी में कुछ स्लीपर सेल एक्टिव हो गए हैं, उन्हें गतिविधि शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. पहलगाम हमले के बाद घाटी में सक्रिय आतंकवादियों के घरों को उड़ाने का बदला लेने के लिए टीआरटी द्वारा कुछ टार्गेटेड हत्याओं के साथ-साथ बड़े हमले को अंजाम देने की कोशिश के बारे में लगातार खुफिया चेतावनी भी मिल रही है. सुरक्षा बलों ने गुलमर्ग, सोनमर्ग और लेक इलाकों सहित कई संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर पुलिस के विशेष ऑप्स समूह से एंटी फिदायीन दस्तों को तैनात किया है. घाटी में आतंकी घटना होने के बाद सामान्य तौर पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. हमले से इन सेक्‍टर्स पर होगा गहरा असर! इस हमले का असर कश्‍मीर के सभी सेक्‍टर्स पर पड़ सकता है. खासकर पर्यटन पर ज्‍यादा प्रभाव दिखाई दे सकता है. वहां पर होटल, कंपनी खोलने और फल का व्‍यापार करने का इरादा रखने वाले निवेशकों का विश्‍वास हिल सकता है. इससे सालों की मेहनत के बाद वापस स्थिर हुई कश्‍मीर की आर्थिक प्रगति पटरी से उतर सकती है. इतना ही नहीं, कश्‍मीर के लोगों की इनकम पर भी गहरा असर दिखाई पड़ सकता है. अभी तक मजबूत रही है कश्‍मीर की इकोनॉमी जम्मू और कश्मीर की आर्थिक प्रगति मजबूत रही है. 2024-25 के लिए इसकी रीयल GSDP 7.06% की दर से बढ़ने का अनुमान है, जबकि नॉमिनल GSDP ₹2.65 लाख करोड़ होने का अनुमान है, जो निरंतर तरक्‍की का संकेत है. 2019 और 2025 के बीच, केंद्र शासित प्रदेश ने 4.89% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की, जबकि प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) वित्त वर्ष 25 में ₹1,54,703 तक पहुंचने की उम्मीद थी, जो साल-दर-साल 10.6% अधिक है. यह शानदार तरक्‍की ऐसे ही नहीं है, बल्कि 2018 में आतंकवादी घटनाओं की संख्या 228 से घटकर 2023 में सिर्फ 46 रह गई थी, जो 99% की गिरावट है. यह अभी तक शांति का ही फायदा था, जिसने निवेश, पर्यटन का ध्‍यान कश्‍मीर की ओर खींचा.   recent visitors 54

CM साय ने कहा मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल उन्मूलन करना हमारा लक्ष्य है और इस दिशा में हम हर संभव प्रयास कर रहे

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  मंत्रालय स्थित अपने कार्यालय में छत्तीसगढ में  नक्सल उन्मूलन अभियान  की समीक्षा की। बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम, विशेष डीजी नक्सल ऑपरेशंस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक का मुख्य फोकस प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा स्थिति और नक्सल उन्मूलन अभियानों की प्रगति रहा। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने के संकल्प के साथ दृढ़ता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल उन्मूलन करना हमारा लक्ष्य है और इस दिशा में हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के अधिकारियों और जवानों के अदम्य साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि उनकी बहादुरी के कारण आज प्रदेश के कई क्षेत्र नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने सुरक्षा बलों के मनोबल को और ऊंचा बनाए रखने के लिए उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अंतिम सफलता अब बहुत निकट है। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से यह निर्देश दिया कि नक्सल विरोधी अभियानों में आपसी समन्वय और सूचना संकलन तंत्र को मजबूत किया करते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नक्सल उन्मूलन केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के भविष्य को सुरक्षित करने का मिशन है, जिसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में सुरक्षा और विकास दोनों को साथ लेकर चलना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय समुदायों का विश्वास जीतने के लिए संवाद बढ़ाया जाए और क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज गति से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जनता को यह महसूस होना चाहिए कि सरकार उनके लिए समर्पित है और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहती है। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा, सजगता और प्रतिबद्धता के साथ इस ऐतिहासिक लक्ष्य को प्राप्त करने में अपनी भूमिका निभाएँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त और विकासोन्मुख प्रदेश के रूप में पूरे देश में एक नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी सुरक्षा बल, प्रशासनिक अमला और प्रदेशवासी एकजुट होकर इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेंगे और  'विकसित छत्तीसगढ़' के सपने को साकार करेंगे। recent visitors 29

नई दिल्ली में 8-9 मई को होगी उच्च स्तरीय कॉन्फ्रेंस, जिसमें आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा की जाएगी

जयपुर हर साल मानसून में देश के किसी न किसी हिस्से में बाढ़, जल भराव, बांध या नहरें टूटने की घटनाएं होती हैं। यदि समय रहते तैयारियां कर ली जाए तो ये घटनाएं काफी हद तक कम हो जाती है तथा ऐसी घटनाएं होने के बावजूद मानव व अन्य संसाधनों का नुकसान सीमित रखा जा सकता है। इसी बिन्दु को दृष्टिगत रखते हुए केन्द्रीय गृह मंत्रालय का आपदा प्रबंधन डिविजन आगामी 8 व 9 मई को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में वार्षिक सम्मेलन आयोजित कर रहा है जिसमें सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। राज्य के आपदा प्रबंधन, राहत और नागरिक सुरक्षा विभाग ने इसकी तैयारियों के लिए सभी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों की शीघ्र बैठक आयोजित कर आईडीआरएन पोर्टल पर डेटा अपडेट करने तथा जिला आपदा प्रबंधन प्लान तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। आईडीआरएन (इंडिया डिजास्टर रेस्पोंस नेटवर्क) पोर्टल ऐसा मंच है जो किसी भी आपदा से निपटने के लिए कुशल मानवीय संसाधन और उपकरणों की उपलब्धता, उन्हें प्राप्त करने के तरीके तथा हर प्रकार के कॉंटेक्ट नम्बर उपलब्ध करवाता है। जैसे किसी जिले में बाढ़ आने पर उस जिले या समीपवर्ती जिले में नाव, नाविक, मिट्टी के कट्टे, ट्रैक्टर, अन्य वाहन, रसद सामग्री, शुद्ध पेयजल, किस स्थान से किस से सम्पर्क करने पर प्राप्त होगी। recent visitors 50

rskmp.in पोर्टल पर लॉग इन कर पुनर्गणना विंडो को ओपन कर कक्षा 5 और 8 का चयन किया जा सकता

कक्षा 5 और 8 की उत्तर पुस्तिकाओं की पुनर्गणना के संबंध में निर्देश प्रदेश में 5 और 8  परीक्षा सत्र 2024-25 की उत्तर पुस्तिकाओं की पुनर्गणना प्रक्रिया के संबंध में राज्य शिक्षा केन्द्र ने दिशा-निर्देश जारी  rskmp.in पोर्टल पर लॉग इन कर पुनर्गणना विंडो को ओपन कर कक्षा 5 और 8 का चयन किया जा सकता राज्य शिक्षा केन्द्र ने जारी किये निर्देश भोपाल प्रदेश में कक्षा 5 और 8 वार्षिक मुख्य परीक्षा सत्र 2024-25 की उत्तर पुस्तिकाओं की पुनर्गणना प्रक्रिया के संबंध में राज्य शिक्षा केन्द्र ने दिशा-निर्देश जारी किये हैं। निर्देशों में बताया गया है कि कक्षा 5 और 8 के परीक्षा परिणाम की घोषणा के 5 दिन बाद 3 अप्रैल 2025 से परीक्षा पोर्टल पर पुनर्गणना की सुविधा लाइव की जा चुकी है। पुनर्गणना के लिये विद्यालय के माध्यम से छात्रों के पुनर्गणना के आवेदन पोर्टल पर पंजीकृत किये जा रहे हैं। विद्यालयों से कहा गया है कि rskmp.in पोर्टल पर लॉग इन कर पुनर्गणना विंडो को ओपन कर कक्षा 5 और 8 का चयन किया जा सकता है। जिन छात्रों द्वारा विद्यालय के समक्ष उत्तर पुस्तिकाओं की पुनर्गणना के लिये ऑफ लाइन आवेदन प्रस्तुत किये गये हैं, उनके संबंध में पोर्टल में पंजीकरण करते हुए पुनर्गणना के चयनित विषयों को सबमिट किया जाये। छात्रवार एक से अधिक विषय की उत्तर पुस्तिकाओं की पुनर्गणना करायी जा सकती है। निर्धारित समयावधि के बाद किसी भी परिस्थिति में पुनर्गणना के लिये आवेदन स्वीकार नहीं किये जायेंगे। प्रक्रिया में 21 अप्रैल 2025 तक विद्यालय के माध्यम से छात्रों के पुनर्गणना के आवेदन पोर्टल पर पंजीकृत किये जायेंगे। 21 अप्रैल 2025 रात्रि 12 बजे के बाद यह सुविधा उपलब्ध नहीं रहेगी। मूल्यांकन केन्द्र अधिकारी पुनर्गणना के लिये समस्त आवेदनों की पुनर्गणना के बाद संशोधित प्राप्तांकों की एंट्री पोर्टल पर 28 अप्रैल तक करने के लिये कहा गया है। इस तिथि का पालन न करने पर मूल्यांकन अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। उत्तर पुस्तिकाओं की पुनर्गणना की प्रक्रिया में 21 अप्रैल तक आवेदन पोर्टल पर पंजीकृत करने के लिये समस्त शालाओं को सूचित करने का उत्तरदायित्व डीपीसी, बीआरसीसी और जनशिक्षकों का संयुक्त रूप से निर्धारित किया गया है।   recent visitors 43

पुतिन ने यूक्रेन के साथ तीन दिनों के लिए अस्थायी युद्धविराम की घोषणा की, 8 मई से शुरू होकर 11 मई तक जारी रहेगा

मास्को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के साथ तीन दिनों के लिए अस्थायी युद्धविराम की घोषणा की है, जो 8 मई से शुरू होकर 11 मई तक जारी रहेगा। पुतिन का कहना है कि यह निर्णय मानवीय कारणों और दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर लिया गया है। रूस ने स्पष्ट किया कि युद्धविराम के दौरान यूक्रेन को भी इसका पालन करना होगा, और यदि यूक्रेन इस पर नहीं टिकता, तो रूसी सेना इसका सख्त और प्रभावी जवाब देगी। पुतिन ने रूस की तरफ से एक बार फिर यह भी कहा कि वे बिना शर्त वार्ता के लिए तैयार हैं, ताकि यूक्रेन संकट की जड़ को समाप्त किया जा सके। रूस अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सकारात्मक बातचीत के लिए भी तैयार है। इससे पहले, रूस ने ईस्टर के मौके पर 30 घंटे के लिए संघर्ष विराम का एलान किया था, लेकिन इस बार युद्धविराम की अवधि अधिक है और इसका उद्देश्य मानवीय राहत को सुनिश्चित करना है। यूक्रेन की ओर से इस घोषणा पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। recent visitors 46