पाकिस्तानी संसद ने भारत के खिलाफ सर्वसम्मति से घातक हमले को पाकिस्तान से जोड़ने को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया

इस्लामाबाद जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान कनेक्शन सामने आने से पड़ोसी देश तिलमिला गया है। संसद में पाकिस्तान भारत के खिलाफ जमकर जहर उगल रहा है। शुक्रवार को पाकिस्तानी संसद ने भारत के खिलाफ सर्वसम्मति से घातक हमले को पाकिस्तान से जोड़ने को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया। उसने कहा कि पाकिस्तान अपनी रक्षा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। पहलगाम हमले में आतंकियों ने 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद देशभर में पाकिस्तान के खिलाफ भारी गुस्सा है। पाकिस्तानी डिप्टी पीएम इशाक डार ने संसद में प्रस्ताव पेश किया, जिसमें कहा गया कि पाकिस्तान जल आतंकवाद या सैन्य उकसावे सहित किसी भी आक्रमण के खिलाफ अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है। प्रस्ताव के अनुसार, संसद ने इस बात पर जोर दिया कि निर्दोष नागरिकों की हत्या पाकिस्तान के अपनाए गए मूल्यों के विपरीत है। कहा गया, ''यह प्रस्ताव जम्मू और कश्मीर में 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम हमले से पाकिस्तान को जोड़ने के सभी तुच्छ और निराधार प्रयासों को भी खारिज करता है।'' प्रस्ताव में पाकिस्तान ने भारत पर उसे बदनाम करने का आरोप लगाया। संसद ने कहा, ''पाकिस्तान को बदनाम करने के लिए भारत सरकार द्वारा सुनियोजित और दुर्भावनापूर्ण अभियान की निंदा की जाती है, जो संकीर्ण राजनीतिक लक्ष्य के लिए आतंकवाद के मुद्दे का शोषण करने के परिचित पैटर्न पर चल रहा है।'' साथ ही, पाकिस्तान ने भारत की सिंधु जल संधि पर रोक लगाने के फैसले की भी निंदा की और फिर से दोहराया कि यह साफ तरीके से युद्ध की कार्रवाई के बराबर है। नई दिल्ली ने हमले के बाद बुधवार को पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए। भारत ने कार्रवाई करते हुए 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया। इसके अलावा, पाक से लगने वाली अटारी बॉर्डर को भी बंद कर दिया और राजनयिक संबंधों को भी कम कर दिया है। इसके अलावा, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी अहम बैठक की और भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस को बंद करने समेत कई फैसले लिए। recent visitors 31

सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का लिया फैसला

नई दिल्ली चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच आईपीएल 2025 का 43वां मुकाबला शुक्रवार को एम चिदंबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है। सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है।चेन्नई ने दो बदलाव किए हैं। रचिन और शंकर को बाहर का रास्ता दिखाया गया है, जबकि ब्रेविस और हुड्डा को प्लेइंग इलेवन में जगह मिली है। चेन्नई ने किए दो बदलाव सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस ने इंडियन प्रीमियर लीग में शुक्रवार को चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। सुपरकिंग्स ने दो बदलाव करते हुए रचिन रविंद्र और विजय शंकर की जगह डेवाल्ड ब्रेविस और दीपक हुड्डा को एकादश में शामिल किया है। सनराइजर्स हैदराबाद प्लेइंग इलेवन सनराइजर्स हैदराबाद (प्लेइंग इलेवन): अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, नितीश कुमार रेड्डी, हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), अनिकेत वर्मा, कामिंडु मेंडिस, पैट कमिंस (कप्तान), हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी, मोहम्मद शमी चेन्नई सुपर किंग्स प्लेइंग इलेवन चेन्नई सुपर किंग्स (प्लेइंग इलेवन): शेख रशीद, आयुष म्हात्रे, सैम करन, रवींद्र जड़ेजा, देवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, एमएस धोनी (विकेटकीपर/कप्तान), दीपक हुडा, नूर अहमद, खलील अहमद, मथीशा पथिराना सनराइजर्स हैदराबाद ने जीता टॉस सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। recent visitors 43

सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन की शुरुआत कर दी, पहलगाम में हमला करने वाले 4 आतंकियों को देखा है, महिला के दावे से हड़कंप

जम्मू जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में शामिल आतंकियों के लिए तेजी से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस बीच, कठुआ जिले में एक महिला ने दावा किया कि उन्होंने हमले में शामिल आतंकियों को देखा है, जिससे हड़कंप मच गया। इसके बाद कठुआ में बड़े स्तर पर सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन की शुरुआत कर दी है। 'इंडिया टुडे' के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस का विशेष अभियान समूह मौके पर पहुंच गया है और तलाशी अभियान चला रहा है। कठुआ के अलावा, पुलवामा और बारामूला में भी आतंकियों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने गोलीबारी करते हुए 26 लोगों की हत्या कर दी थी। इसमें कई लोग घायल भी हुए थे। इसके बाद आतंकी घटनास्थल से भागने में कामयाब रहे थे। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सेना आतंकियों को ढूंढने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला रही है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले में शामिल प्रत्येक अपराधी की तलाश की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमलावरों को इस कायरतापूर्ण कृत्य की भारी कीमत चुकानी होगी। उपराज्यपाल ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी समेत शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की। लगभग एक घंटे तक चली बैठक में उपराज्यपाल ने सेना प्रमुख से न केवल पहलगाम आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के दायरे में लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा, बल्कि आतंकवाद के बुनियादी ढांचे और उसके पारिस्थितिकी तंत्र को कुचलने के प्रयासों को भी तेज करने को कहा। बैठक के दौरान सिन्हा ने कहा कि देश को सेना, पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के शौर्य और वीरता पर पूरा भरोसा है और इन सभी एजेंसियों को मिलकर पहलगाम आतंकवादी हमले के गुनहगारों और मददगारों की पहचान कर, उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में सतत कार्रवाई करनी चाहिए। सेना प्रमुख शुक्रवार को घाटी पहुंचे थे, जहां उन्होंने पहलगाम हमले के बाद की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि सेना प्रमुख जम्मू-कश्मीर की समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे और शीर्ष सैन्य अधिकारी उन्हें हमले के बाद उठाए गए कदमों की जानकारी देंगे। recent visitors 24

भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी, 25 से 30 अप्रैल के बीच राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है

देहरादून गर्मी से झुलसते उत्तराखंडवासियों को जल्द ही राहत मिल सकती है, क्योंकि एक बार फिर पहाड़ों में मौसम करवट लेने को तैयार है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 25 से 30 अप्रैल के बीच राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। जहां एक ओर मैदानों में तेज गर्मी और लू लोगों को बेहाल कर रही है, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में भी तपिश बढ़ने लगी है। इसका असर अब प्राकृतिक जल स्रोतों पर भी दिखने लगा है, जिससे कई इलाकों में जल संकट की स्थिति बन गई है।  कहां-कहां और कब होगी बारिश? जानिए जिलेवार अलर्ट  25 अप्रैल – उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में बारिश के आसार।  26 व 27 अप्रैल – इन तीन जिलों के साथ रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में भी बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना।  28 अप्रैल – पूरे प्रदेश में मौसम के साफ रहने की उम्मीद। 29 अप्रैल – पिथौरागढ़, चम्पावत और नैनीताल में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 30 अप्रैल – मौसम विभाग ने पूरे उत्तराखंड में व्यापक बारिश की संभावना जताई है, खासकर चम्पावत और नैनीताल में तेज़ बौछारें पड़ सकती हैं।  गर्जना और बिजली गिरने की चेतावनी IMD ने 26 और 27 अप्रैल को गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। लोगों से आग्रह किया गया है कि इस दौरान खुले स्थानों से बचें और सुरक्षित स्थानों में रहें।  गर्मी से बेहाल लोग और जल संकट की दस्तक राज्य के मैदानी जिलों में पारा लगातार चढ़ रहा है। एसी-कूलर ही अब राहत का सहारा बने हैं। उधर, पहाड़ों में तेज धूप के कारण झरने और प्राकृतिक जलस्रोत सूखने लगे हैं, जिससे गांवों में पेयजल संकट गहराने लगा है।   recent visitors 33

जामा मस्जिद की सीढ़ियों से पाकिस्तान को तगड़ा जवाब दिया गया, पहलगाम पर जुटे मुसलमान, पूरे देश में उबाल

नई दिल्ली पहलगाम में आतंकवादी हमले के विरोध में पूरे देश में उबाल है। दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद की सीढ़ियों से शुक्रवार को पाकिस्तान को तगड़ा जवाब दिया गया। जुमे की नमाज के बाद सैकड़ों मुसलमानों ने दहशतगर्दी के खिलाफ लड़ने की आवाज बुलंद की और कहा कि पाकिस्तान भारतीय मुसलमानों का भी दुश्मन है। कश्मीर के पहलगाम में धर्म पूछकर मारे गए 26 पर्यटकों के लिए देशभर में गम और गुस्से की लहर है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं और सरकार से सख्त ऐक्शन की मांग की जा रही है। शुक्रवार को दिल्ली की जामा मस्जिद पर भी जबरदस्त आक्रोश जाहिर किया गया। सैकड़ों मुसलमानों ने हाथों में तिरंगे और 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के पोस्टर लेकर अपनी भावनाओं का इजहार किया। जामा मस्जिद से कहा गया, 'जो हमारी मुल्क के ऊपर बुरी नजर रखेगा, सबसे पहले हिन्दुस्तान के एक-एक मुसलमान का खून बहेगा। अपने मुल्क में दहशतगर्दी पनपने नहीं देंगे। सरकार जल्द से जल्द सख्त फैसले ले, कड़े फैसले ले। उसके बाद देश को सुकून मिलेगा। कश्मीर के उन भाइयों को भी सलाम जिन्होंने दहशतगर्दों का मुकाबला किया और जानें बचाईं। हम उन 26 परिवारों के साथ हैं जिनके बच्चों की जान गई।' उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान का एक एक नागरिक, 140 करोड़ देशवासी, हिंदू हो मुस्लिम हो या सिख, ईसाई, गरीब हो या अमीर, आतंकवाद को हिन्दुस्तान के अंदर पनपने नहीं देगा। इस जामा मस्जिद से कहना चाहते हैं कि जो कह रहे हैं कि लड़ाई लड़ रहे हैं, वो हिन्दुस्तान के मुसलमानों के साथ भी अत्याचार और अन्याय कर रहे हैं। ये आपस में नफरत पैदा करना चाहते हैं। भाई को भाई से लड़वाना चाहते हैं। इस मुल्क में 75 साल पहले हिंदुओं और मुसलमानों ने आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी और अब आतंकवाद के खिलाफ एकसाथ लड़ेगा। recent visitors 30

पुरुष हॉकी एशिया कप में पाकिस्तान के ख‍िलाड़‍ियों को वीजा नहीं देगा भारत

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले 26 लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए, भारत सरकार ने गुरुवार को पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया और उनके वीजा रद्द कर दिए. इस कदम से एशिया कप में पाकिस्तान की मौजूदगी पर सवालिया निशान लग गया है, जो 29 अगस्त से 7 सितंबर तक बिहार के राजगीर में आयोजित होने वाला है. ऐसे में माना जा रहा है कि अब पाकिस्तान के ख‍िलाड़‍ियों को वीजा पुरुष हॉकी एशिया कप जो 2026 एफआईएच (International Hockey Federation) वर्ल्ड कप क्वाल‍िफायर है, इस पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं, क्योंकि पहलगाम आतंकी हमलों के बाद बिहार में होने वाले इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी अनिश्चित है. इस महीने की शुरुआत में हॉकी इंडिया ने पुष्टि की थी कि पाकिस्तान, साउथ कोरिया, मलेशिया, चीन और जापान के साथ कॉन्ट‍िनेंटल चैम्प‍ियनश‍िप के लिए भारत आएगा. इंड‍ियन एक्सप्रेस को सूत्र ने बताया कि यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान से जुड़े मैच किसी न्यूट्रल वेन्यू पर होंगे या उन्हें प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी जाएगी? इस पर हॉकी इंडिया के एक सूत्र ने कहा कि वे ‘इंतजार करेंगे और देखेंगे कि अगले कुछ महीनों में स्थिति कैसी होती है. अभी कोई भी फैसला लेना जल्दबाजी होगी. लेकिन एक बात स्पष्ट है, हम सरकार की नीति का पालन करेंगे, चाहे वह कुछ भी हो. क्यों हैं एश‍िया कप का महत्व? एशिया कप का महत्व बहुत अधिक है क्योंकि यह वर्ल्ड कप क्वाल‍िफायर है, जिसके विजेता को अगले साल के मेगा-इवेंट के लिए सीधा स्थान मिलता है, जिसकी सह-मेजबानी नीदरलैंड और बेल्जियम द्वारा होनी है.  भारत और पाकिस्तान अपने चौथे कॉन्ट‍िनेंटल टाइटल की तलाश में हैं. यहां भारत की टक्कर साउथ कोरिया से भी होनी है. जो गत चैम्प‍ियन भी है. उसने इस प्रतियोगिता को किसी भी अन्य देश की तुलना में पांच बार जीता है. वैसे एशिया कप ही नहीं, पाकिस्तान की अंडर-23 टीम को FIH जूनियर वर्ल्ड कप में भी भाग लेना है, जो कि साल के अंत में चेन्नई और मदुरै में होना है.  पाकिस्तान की हॉकी टीम का टूर्नामेंट के लिए भारत आना असामान्य नहीं है, क्योंकि पिछले एक दशक में ही पाकिस्तानी की टीम ने ने तीन बार सीमा पार की है. ऐसा 2014 चैम्प‍ियंस ट्रॉफी, 2018 वर्ल्ड कप और 2021 जूनियर वर्ल्ड कप के दौरान हुआ. 2023 में PAK फुटबॉल टीम आई थी भारत 2023 में पाकिस्तान की फुटबॉल टीम ने भारत में साउथ एश‍ियन चैम्पियनशिप खेली, जबकि भारत के टेनिस खिलाड़ियों ने पिछले साल डेविस कप के लिए इस्लामाबाद की यात्रा की थी. दोनों देशों की टीमों द्वारा लगातार किए जा रहे दौरे क्रिकेट की स‍िचुएशन से से अलग हैं, जहां भारत और पाकिस्तान ने दोनों देशों में आयोजित आईसीसी इवेंट्स में तटस्थ स्थानों पर मैच खेलने पर सहमति जताई है.   recent visitors 32

हम सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन सवाल है कि पानी को कहां संग्रहित करेंगे?”: असदुद्दीन ओवैसी

नई दिल्ली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पहलगाम आतंकी हमले पर केंद्र सरकार की सख्त प्रतिक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि अब वक्त है कि पाकिस्तान को ठोस और निर्णायक जवाब दिया जाए। उन्होंने सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे साहसिक कदम बताया। साथ ही उन्होंने सरकार से यह सवाल भी पूछा कि अगर हम पाकिस्तान को पानी नहीं देंगे तो उसे कहां स्टोर करेंगे। ओवैसी ने कहा, “पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों को शरण दी जाती है, सरकार को अब किसी संकोच के बिना कार्रवाई करनी चाहिए। हम सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन सवाल है कि पानी को कहां संग्रहित करेंगे?” ओवैसी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून भारत को आत्मरक्षा में वायु और समुद्री नाकेबंदी करने का अधिकार देता है और भारत को हथियारों की बिक्री पर प्रतिबंध जैसे कठोर कदम भी उठाने चाहिए। हालांकि, इस दौरान ओवैसी ने बेसरान घास के मैदान में CRPF की अनुपस्थिति और QRT (त्वरित प्रतिक्रिया दल) के एक घंटे की देरी से पहुंचने पर सवाल उठाए। उन्होंने इस हमले को टारगेटेड और सांप्रदायिक करार दिया। ओवैसी ने कहा, "हमलों के दौरान लोगों से उनका धर्म पूछकर गोली मारी गई। ये सामान्य आतंकवाद नहीं, सांप्रदायिक हिंसा है।" उन्होंने कश्मीरियों और घाटी के छात्रों के खिलाफ झूठा प्रचार बंद करने की अपील की। साथ ही जोर देकर कहा कि आतंकवादियों की कड़ी निंदा जरूरी है, लेकिन निर्दोष लोगों को निशाना बनाना नहीं। बैठक में शामिल रहे नेता जेपी नड्डा, एस जयशंकर, किरण रिजिजू, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने भी आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहने का संकल्प लिया। आपको बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम के लोकप्रिय पर्यटन स्थल में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। हमले की जिम्मेदारी TRF (The Resistance Front) ने ली है, जिसे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा माना जाता है। recent visitors 56