डिप्टी पीएम इशाक डार ने कहा- भारत की पाबंदियां गैर मुनासिब हैं, पाकिस्तान के पास भी परमाणु हथियार हैं और हम झुकेंगे नहीं

इस्लामाबाद पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन शुरू कर दिया है। सिंधु नदी का पानी रोकने सहित पांच पाबंदियां पाकिस्तान पर लगाई गई हैं। इसके बाद पाकिस्तान सरकार में हलचल तेज है। वहीं, डिप्टी पीएम इशाक डार ने भारत ने परमाणु बम वाली धमकी दी है। डार ने कहा है कि भारत की पाबंदियां गैर मुनासिब हैं। पाकिस्तान के पास भी परमाणु हथियार हैं और हम झुकेंगे नहीं।   पाकिस्तान ने किया मिसाइल परीक्षण मिडिया ने रक्षा सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि पाकिस्तान ने 24-25 अप्रैल को अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर कराची तट पर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण करने के लिए अधिसूचना जारी की है। संबंधित भारतीय एजेंसियां ​​सभी घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रख रही हैं। शिमला एग्रीमेंट से पीछे हट सकता है पाकिस्तान पाकिस्तान में आज होने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में सेना प्रमुख और विदेश मंत्री भी शामिल रहेंगे। बैठक के बाद विदेश मंत्रालय द्वारा आधिकारिक जानकारी दी जाएगी। खबर है कि भारत द्वारा लगाई गई पाबंदियों के जवाब में पाकिस्तान भी कुछ फैसले ले सकता है। इसमें 1972 का शिमला एग्रीमेंट भी शामिल है। 1971 में पाकिस्तान के दो टुकड़े होने के बाद शिमला एग्रीमेंट हुआ था। यह समझौता इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच हुआ था। शिमला एग्रीमेंट में तय हुआ था कि 17 दिसंबर 1971 को जो स्थिति है, दोनों देश उसे ही एलओसी मान लें। पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारत में बढ़ते आक्रोश के बीच पाकिस्तान के पूर्व मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने कहा कि अगर भारत द्वारा हमला किया गया या धमकी दी गई तो देश अपनी रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़ा होगा। अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के वरिष्ठ नेता हुसैन ने एक्स पर लिखा, पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन), पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी), पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई), जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई) सहित सभी प्रमुख दल अपने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद एकजुट रहेंगे। पाकिस्तान राजनीतिक रूप से विभाजित है, लेकिन हम एक राष्ट्र के रूप में एकजुट हैं। अगर भारत द्वारा हमला किया गया या धमकी दी गई, तो सभी समूह अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए पाकिस्तानी झंडे के नीचे एकजुट होंगे। recent visitors 35

भारतीय क्रिकेट टीम के कोच गौतम गंभीर को ईमेल के जरिए ‘ISIS कश्मीर’ ने धमकी दी

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के कोच गौतम गंभीर को धमकी मिली है। खबर है कि उन्हें ईमेल के जरिए 'ISIS कश्मीर' ने धमकी दी है। फिलहाल, इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है और उनके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई गई है। खास बात है कि धमकी भरा मेल ऐसे समय पर आया है, जब दो दिन पहले ही जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों को भून डाला था। धमकी मिलने के बाद गंभीर ने बुधवार को दिल्ली पुलिस को सूचना दी थी। उन्होंने अधिकारियों से अपील की है कि उन्हें और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। गंभीर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद भी हैं। यह पहली बार नहीं है, जब उन्हें धमकी मिली है। सांसद के कार्यकाल के दौरान साल 2021 में भी उन्हें इसी तरह का एक मेल मिला था। पहलगाम हमले को लेकर भी गंभीर ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने भारत की जवाबी कार्रवाई के बारे में लिखा था। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया था, 'पीड़ित परिवारों के लिए प्रार्थना करता हूं। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को इसकी कीमत चुकानी होगी। भारत हमला करेगा।' भारत सरकार अलर्ट बुधवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में CCS यानी सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति की बैठक हुई थी। सीसीएस की बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल भी शामिल हुए थे। इस दौरान पाकिस्तान के खिलाफ सिंधु जल समझौता स्थगित करने समेत 5 बड़ी कार्रवाई के फैसले लिए गए हैं। recent visitors 31

Malegaon Blast Case: NIA ने की प्रज्ञा ठाकुर को फांसी देने की मांग, 8 मई को आएगा फैसला

Malegaon Blast Case: NIA demands death penalty for Pragya Thakur, decision will come on May 8 Malegaon Blast Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कोर्ट से साल 2008 के मालेगांव ब्लास्ट के आरोपों से घिरी भोपाल की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित सात आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग की है। दरअसल, NIA ने मुंबई के स्पेशल कोर्ट से साल 2008 के मालेगां बम ब्लास्ट मामले में सभी सात आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि UAPA की धारा 16 के तहत मौत की सजा देने का अनुरोध किया है। एनआईए की ओर से आखिरी दलील की गई है।जिसमें उल्लेख किया गया है कि साल 2008 में हुए बम ब्लास्ट में छह मुस्लिम मारे गए और 100 से अधिक लोग घायल हुए। एनआईए के द्वारा दायर की गई दलील में डेढ़ हजार से ज्यादा पन्ने हैं। कोर्ट ने अपने फैसला सुरक्षित रखा लिया है। 8 मई को मालेगांव ब्लास्ट पर फैसला आएगा।पहले NIA के द्वारा साध्वी प्रज्ञा को बरी करने की कोशिश की थी, लेकिन तब एजेंसी के पास कोई ठोस सबूत नहीं था। अब एनआईए ने अपना रूख बदल लिया है। एजेंसी के द्वारा स्पष्ट किया गया है कि साध्वी प्रज्ञा के साथ किसी भी प्रकार की नरमी न बरती जाए।इस केस में साध्वी प्रज्ञा, कर्नल प्रसाद पुरोहित, मेजर रमेश उपाध्याय, स्वामी दयानंद पांडे, अजय राहिरकर, समीर कुलकर्णी और सुधाकर चतुर्वेदी पर आरोप है कि उन्होंने हिंदुत्व विचारधारा से जुड़ी एक बड़ी साजिश के तहत बम ब्लास्ट की योजना बनाकर अंजाम दिया था।जमीयत उलेमा ने भी की फांसी की मांग जमीयत उलेमा महाराष्ट्र के लीगल सेल के वकील शाहिद नदीम ने बताया कि एजेंसी के द्वारा UAPA कानून की धारा 16 का हवाला दिया है। इसके मुताबिक, किसी आतंकी हमले में किसी की मौत होती हैं, तो दोषियों को फांसी तक की सजा दी जा सकती है।बता दें कि, सितंबर 2008 में मालेगांव ब्लास्ट ऐसा हमला था। जिसमें हिंदूत्व संगठनों को संदिग्ध के तौर पर चिन्हित किया गया था। मुंबई से करीब 200 किलोमीटर दूर मालेगांव की एक मस्जिद के पास मोटरसाइकिल में बम ब्लास्ट हुआ था। जिसमें 6 की मौत और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। recent visitors 75

मोदी की रैली में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ी बात कही, ललन सिंह ने तुड़वाया था भाजपा-जदयू का गठबंधन?

मधुबनी बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर में गुरुवार को आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बड़ी बात कह दी। अपने संबोधन के दौरान सीएम नीतीश ने कहा कि बीच में हमारी पार्टी ने गड़बड़ कर दी थी। उन्होंने जदयू के पूर्व अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की ओर इशारा किया। फिर कहा, "यहीं बैठे हुए हैं, इन्हीं से पूछिए। बाद में इनको लगा कि गड़बड़ है उनको (आरजेडी-कांग्रेस) को छोड़ दीजिए, हम कभी उनके साथ नहीं जा सकते हैं।" सीएम ने महागठबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सब गड़बड़ किया है। लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि ये गड़बड़ करते हैं, इसलिए पहले भी उनके खिलाफ ही लड़े थे। 2005 में बहुत बढ़िया से लड़े थे। नीतीश ने ललन सिंह की ओर इशारा करते हुए कहा कि उस समय ये हमारे साथ ही थे। खूब लड़े थे। पार्टी के अध्यक्ष भी थे। नीतीश ने पहली बार खुले मंच से भाजपा और जदयू के गठबंधन को तोड़ने के लिए किसी नेता को जिम्मेदार ठहराया है। सीएम के संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मंच पर मौजूद थे। नीतीश ने पीएम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार के लिए बहुत कुछ किया है। हम लोग अब साथ हैं और आगे भी रहेंगे। बता दें कि नीतीश की पार्टी जदयू ने 2022 में बीजेपी से नाता तोड़ लिया और आरजेडी के साथ मिलकर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनाई थी। उस समय सीएम नीतीश ही बने थे और उनके डिप्टी तेजस्वी यादव रहे। 2022 के सत्ता परिवर्तन के दौरान जदयू की कमान ललन सिंह के हाथों में थी। जब नीतीश ने भाजपा का साथ छोड़ा था तब जदयू में ललन सिंह के अलावा बिजेंद्र यादव जैसे सीनियर नेता भी समाजवादी एकता के नाम पर लालू यादव की पार्टी राजद और महागठबंधन के साथ जाने के पैरोकार थे। दिसंबर 2023 में ललन सिंह ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद नीतीश ने एक बार फिर पार्टी की कमान अपने हातों में ले ली। इसके ठीक एक महीने बाद जनवरी 2024 में जदयू का आरजेडी से नाता टूट गया और नीतीश ने एनडीए में वापसी कर बीजेपी के साथ सरकार का गठन किया। recent visitors 50

delicious chatpati aloo katli: इस तरह बनाएं चटपटी और मसालेदार आलू की कतली, पराठों के संग लगती है खूब टेस्टी

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tasty easy delicious chatpati aloo katli fry recipe lifestyle recipe : delicious chatpati aloo katli घर में कोई सब्जी ना हो या कुछ अलग सा खाने का मन हो, तो बना लें ये चटपटी मसालेदार आलू की कतली। ये झटपट बन भी जाती है और सभी को इसका स्वाद भी खूब पसंद आता है। रोज-रोज की वही दाल-सब्जियां खा कर बोर होना लाजमी है। delicious chatpati aloo katli इसलिए अक्सर घर की महिलाएं बड़ी कन्फ्यूज रहती हैं कि खाने में क्या कुछ नया बनाया आए। बच्चे खाने को देखकर अलग नाक-मुंह बनाएं रहते हैं। अब गर्मियों के मौसम में घंटों किचन में खड़े रहना तो मुमकिन है नहीं, इसलिए कुछ ऐसा ही बनाने का मन होता है जो घर में सभी खा भी लें और झटपट बन भी जाए। हमारी आज की रेसिपी आपकी इन सभी परेशानियों को दूर कर देगी। जी हां, आज हम आपके लिए लाए हैं चटपटी मसालेदार सूखी आलू कतली की रेसिपी। ये आलू की सूखी सब्जी इतनी टेस्टी बनती है कि घर में हर कोई इसे खाना पसंद करेगा। पूड़ी हों या रोटी-पराठे, ये सभी के साथ बड़ी टेस्टी लगती है। तो चलिए जानते हैं आलू कतली की मजेदार सी रेसिपी। चटपटी सूखी आलू कतली बनाने की सामग्री (delicious chatpati aloo katli) आलू की कतली बनाने के लिए आपको जिन सामग्रियों की जरूरत होगी वो हैं – सरसों का तेल (1/3 कप), जीरा, चुटकी भर हींग, 3 सूखी लाल मिर्च, आलू ( 4 से 5, लगभग 500-600 ग्राम), स्वादानुसार नमक, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर (1 चम्मच), आधा चम्मच भुना जीरा पाउडर, एक चम्मच चाट मसाला, आधा चम्मच अमचूर पाउडर, एक प्याज, फ्रेश हरी धनिया पत्ती, हरी मिर्च। चटपटी आलू कतली बनाने की विधि (delicious chatpati aloo katli) आलू की सूखी मसालेदार कतली बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में सरसों का तेल गर्म कर लें। जैसे ही तेल हल्का गर्म हो, उसमें जीरा और चुटकी भर हींग मिलाएं। इसमें सूखी हुई लाल मिर्च के टुकड़े भी एड कर दें। अब इसमें कटे हुए आलू के टुकड़े भी मिलाएं। आपको आलू को ना ज्यादा मोटा और ना ही ज्यादा बारीक काटना है। आलू के टुकड़े गोल शेप में कटे होने चाहिए। अब आलू को अच्छी तरह तेल में फ्राई होने दें। तेज आंच पर लगभग सात से आठ मिनट के लिए आलू को फ्राई कर लें, जबतक ये गोल्डन रंग के ना हो जाएं और 70 से 80 प्रतिशत तक कुक ना हो जाएं। Read more : पहलगाम हमले पर कांग्रेस की मांग-खुफिया विफलताओं और सुरक्षा चूक की जांच की जाए जैसे ही आलू थोड़े पक जाएं, तो उनमें लाल मिर्च, नमक, भुना जीरा पाउडर, हल्दी, धनिया पाउडर और चाट मसाला एड करें। इस दौरान गैस की फ्लेम को धीमा रखें और दो से तीन मिनट के लिए मसालों को अच्छी तरह पका लें। अब इसमें गोल-गोल कटी हुई प्याज के टुकड़े एड करें। इसके बाद सभी चीजों को अच्छी तरह पका लें। इसके लिए आप सब्जी में दो से तीन चम्मच पानी भी एड कर सकते हैं। अब इसे ढककर तबतक पकाएं, जबतक आलू अच्छी तरह गल ना जाएं। लास्ट में आप इसमें अमचूर पाउडर मिला सकती हैं। इसके बाद दो से तीन मिनट के लिए सब्जी को पकाना ना भूलें। पकने के बाद गैस बंद करें और इसमें फ्रेश हरा धनिया और बीच से कटी हुई हरी मिर्च एड करें और गरमा-गरम आलू की कतली का लुफ्त उठाएं। recent visitors 75

भारत के ऐक्शन से पाक में खलबली, सुरक्षा समिति की बैठक कर रहे शहबाज शरीफ

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़ी हर ताजा अपडेट्स, भारत सरकार के ऐक्शन से लेकर पाकिस्तान के रिएक्शन तक, हर जानकारी के लिए बने रहें लाइव हिन्दुस्तान के साथ। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। बैसारन घाटी, जिसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से जाना जाता है, वहां हुए इस हमले में 26 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 17 से अधिक लोग घायल हैं। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन ‘द रजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है। भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर बुधवार को पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए उसके साथ राजनयिक संबंधों में व्यापक कटौती, 1960 की सिंधु जल संधि स्थगित करने और अटारी चौकी को बंद किए जाने समेत कई फैसले किए हैं। भारत जल्द ही कई और बड़े कदम उठा सकता है। इस घटनाक्रम से जुड़ी हर पल की ताजा जानकारी, सरकारी प्रतिक्रियाएं, और सुरक्षा बलों के ऑपरेशन के अपडेट्स जानने के लिए बने रहें लाइव हिन्दुस्तान के साथ। भारत के खिलाफ रणनीति बना रही पाक सरकार Pahalgam Terror Attack: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की एक अहम बैठक इस समय जारी है। बैठक में भारत द्वारा उठाए गए कदमों के जवाब पर विचार किया जा रहा है। बैठक में पाकिस्तान की शीर्ष नागरिक और सैन्य नेतृत्व शामिल है। उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने जियो से कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा समिति भारत को एक व्यापक जवाब देगी।” विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बैठक भारत-पाक संबंधों में एक निर्णायक मोड़ बन सकती है, खासकर तब जब दोनों देशों के बीच कश्मीर को लेकर तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक बयान बैठक के बाद जारी किया जाएगा। recent visitors 100

भारत की ‘सिंधु स्ट्राइक’ से पहले ही पाकिस्तान हुआ खस्ताहाल, दाने-दाने को तरसेंगे करोड़ों पाकिस्तानी

पहलगाम पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की सख्त कूटनीतिक कार्रवाई 'सिंधु स्ट्राइक' से पहले ही पाकिस्तान की हालत बेहद खराब है। विश्व बैंक की नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान में लगभग 1 करोड़ लोग इस वित्त वर्ष में गंभीर खाद्य संकट की चपेट में आ सकते हैं। भारत सरकार पहले ही 1960 में पाकिस्तान संग सिंधु नदी समझौते को निलंबित कर चुकी है। भारत ने कहा है कि जब तक पाकिस्तान आतंकियों का समर्थन करना बंद नहीं कर देता, यह कार्रवाई जारी रहेगी। वाशिंगटन स्थित विश्व बैंक ने बुधवार को जारी अपनी द्वि-वार्षिक रिपोर्ट Pakistan Economic Update में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 1 करोड़ पाकिस्तानी नागरिकों को तीव्र खाद्य संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही देश में गरीबी दर में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। खस्ताहाल पाकिस्तान पाकिस्तान में आर्थिक वृद्धि दर घटकर 2.7% कर दी गई है, जो पहले के अनुमान से कम है। सख्त आर्थिक नीतियों के कारण उत्पादन पर दबाव पड़ा है। सरकार वित्तीय घाटे के लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, कुल कर्ज भार बढ़ेगा, जो GDP के अनुपात में भी अधिक होगा। कृषि संकट और दाने-दाने को तरसेंगे पाकिस्तानी पाकिस्तानी चैनल ट्रिब्यून डॉट पीके के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन और खराब मौसम की वजह से धान और मक्का जैसी फसलों का उत्पादन घटा है। इसके चलते विशेषकर ग्रामीण इलाकों में खाद्य असुरक्षा का खतरा बढ़ा है। लगभग 19 लाख और लोग गरीबी रेखा से नीचे जा सकते हैं। रोज़गार दर मात्र 49.7% है, जो बताता है कि युवाओं और महिलाओं की भागीदारी कम है। 62% महिलाएं और 37% युवा न तो पढ़ाई कर रहे हैं, न ही रोज़गार में हैं और न ही किसी प्रशिक्षण में शामिल हैं। मजदूरी बढ़ी लेकिन कमाई जीरो दिहाड़ी मजदूरों की नाममात्र मजदूरी भले ही लगभग दोगुनी हुई हो, लेकिन वास्तविक आय स्थिर या घट गई है। मजदूर वर्ग, जैसे मिस्त्री, पेंटर, प्लंबर आदि, महंगाई की मार झेल रहे हैं। सामाजिक सुरक्षा पर खर्च महंगाई के अनुरूप नहीं बढ़ा। इससे गरीबों के लिए भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी आवश्यक चीजें और मुश्किल हो गई हैं। वर्ष 2024 के हिसाब से प्रति वयस्क 8,231 मासिक आय को गरीबी रेखा माना गया है। इसी आधार पर गरीबी दर 25.4% तक पहुंचने की आशंका है। recent visitors 29