जातीय जनगणना पर कांग्रेस का पलटवार, वेणुगोपाल बोले- अब पीएम मोदी की नींद हराम होगी

Politics heated up caste census : कांग्रेस का पीएम मोदी को करारा जवाब Politics heated up caste census देश की राजनीति में इन दिनों जातीय जनगणना को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं। शुक्रवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में विझिनजाम बंदरगाह के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। उनके इस बयान ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। अब कांग्रेस ने भी तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी को लेकर कहा, “हम तो चैन की नींद सोएंगे, लेकिन आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नींद जरूर उड़ने वाली है। यह बयान सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संकेत है कि कांग्रेस जातीय जनगणना को लेकर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। जातीय जनगणना और आरक्षण पर कांग्रेस की रणनीति (Politics heated up caste census) वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अब केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगी कि वह जल्द से जल्द जातीय जनगणना कराए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी अब आरक्षण की 50% सीमा को पार कर सामाजिक न्याय को और मज़बूत करने की मांग करेगी। उनका कहना है कि जैसे महिला आरक्षण विधेयक को सालों बाद लागू किया गया, वैसे ही जातीय जनगणना को और टालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि केंद्र सरकार इस मांग को गंभीरता से ले और समाज के वंचित वर्गों को उनके हक़ और हिस्से का पूरा प्रतिनिधित्व मिले,वेणुगोपाल ने कहा। राजनीतिक माहौल में नया मोड़ (Politics heated up caste census) प्रधानमंत्री और कांग्रेस के बीच यह बयानबाज़ी 2024 के आम चुनावों से पहले राजनीति के मैदान में एक नया मोड़ ला रही है। जातीय जनगणना एक ऐसा मुद्दा है जो न सिर्फ दलों के वोट बैंक को प्रभावित करता है, बल्कि सामाजिक न्याय की बहस को भी नई दिशा देता है। Read more: फिजिकल हेल्थ: गर्मी और दिल की बीमारियां – क्यों बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा और कैसे करें बचाव कांग्रेस का यह रुख साफ करता है कि वह अब इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है। आने वाले हफ्तों में संसद से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर हलचल तेज़ हो सकती है। जातीय जनगणना अब केवल एक आंकड़ों का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, राजनीतिक रणनीति और सत्ता के संतुलन से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। देखना यह होगा कि इस बढ़ती बहस में जनता का समर्थन किसके साथ खड़ा होता है – सत्ता पक्ष के साथ या विपक्ष के संघर्ष के साथ। recent visitors 143

MP के किसान 5 मई तक गेहूं उपार्जन बेच सकते ,अबतक 67.92 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ खरीदी

भोपाल मध्य प्रदेश के किसानों के लिए काम की खबर है। गेहूँ के उपार्जन की लास्ट डेट 5 मई है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश में अभी तक 7 लाख 81 हजार 389 किसानों से 67 लाख 92 हजार 890 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है और इसके लिए लगभग 6000 करोड़ रूपये से अधिक का भुगतान किया गया है। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। इस साल प्रदेश में लगभग 80 लाख टन गेहूं उपार्जन अनुमानित है। मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम समेत सभी संभागों में गेहूं की खरीदी जारी है जो 5 मई तक चलेगी। इस बार 2600 (न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 +175 बोनस) रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जाएगा।बता दे कि मालवा निमाड़ में इंदौर, उज्जैन संभाग के कई किसान गेहूं का उत्पादन करते हैं, लेकिन देशभर में सबसे ज्यादा सीहोर का शरबती गेहूं मशहूर है। 7. 81 लाख किसानों से 67.92 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ का उपार्जन     प्रदेश में अभी तक जिला उज्जैन में 6 लाख 48 हजार 993, सीहोर में 6 लाख 25 हजार 718, विदिशा में 5 लाख 38 हजार 284, रायसेन में 5 लाख 25 हजार 172, शाजापुर में 3 लाख 55 हजार 439, राजगढ़ में 3 लाख 52 हजार 734, नर्मदापुरम में 3 लाख 42 हजार 513, भोपाल में 3 लाख 23 हजार 273।     देवास में 2 लाख 82 हजार 360, सागर में 2 लाख 70 हजार 225, इंदौर में 2 लाख 46 हजार 432, सिवनी में 2 लाख 2 हजार 890, आगर-मालवा में एक लाख 81 हजार 129, मंदसौर में एक लाख 65 हजार 210, सतना में एक लाख 36 हजार 217, हरदा में एक लाख 26 हजार 653।     धार में एक लाख 22 हजार 249, दमोह में एक लाख 10 हजार 321, रतलाम में एक लाख 2 हजार 67, नरसिंहपुर में 98 हजार 584, जबलपुर में 79 हजार 308, कटनी में 77 हजार 40, श्योपुर में 77 हजार 30, दतिया में 70 हजार 768, शिवपुरी में 64 हजार 782, रीवा में 61 हजार 349।     ग्वालियर में 57 हजार 292, छतरपुर में 55 हजार 910, अशोकनगर में 49 हजार 421, पन्ना में 46 हजार 82, गुना में 45 हजार 560, मण्डला में 44 हजार 484, भिण्ड में 42 हजार 476, खण्डवा में 42 हजार 194, मैहर में 35 हजार 32, नीमच में 34 हजार 503, मुरैना में 28 हजार 967।     बैतूल में 23 हजार 868, झाबुआ में 23 हजार 863, छिंदवाड़ा में 22 हजार 869, टीकमगढ़ में 16 हजार 975, शहडोल में 6 हजार 338, सिंगरौली में 6 हजार 239, उमरिया में 5 हजार 403, सीधी में 4 हजार 171।     मऊगंज में 3 हजार 619, डिण्डोरी में 2 हजार 941, खरगौन में 2 हजार 914, निवाड़ी में 2 हजार 754, बालाघाट में 1 हजार 121, अनूपपुर में 832, अलीराजपुर में 245 और पांढुर्णा में 77 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। recent visitors 57

जातिगत जनगणना में मुस्लिम केवल मुस्लिम से नहीं जाना जाएगा, पठान, अंसारी , लोहार चालीस जातियां है: मंत्री विजयवर्गीय

इंदौर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय  अपनी विधानसभा की 200 आंगनबाड़ी केंद्रों और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरत की सामग्री वितरित करने पहुंचे थे. कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने राहुल गांधी सहित पाकिस्तान पर जवाबी हमला बोला. राहुल गांधी के जातिगत जनगणना के सवाल पर हमला बोलते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ''वह छोटी बुद्धि के हैं उन्हें समझ नहीं आएगा कि जातिगत जनगणना सबकी होगी. हिंदू की भी होगी मुस्लिम की भी होगी. मुस्लिम केवल मुस्लिम से नहीं जाना जाएगा. ये पठान कौन है, अंसारी कौन है, लोहार कौन है. चालीस जातियां है, मुस्लिम समाज में उनकी भी जाति गिनी जाएगी. ऐसा नहीं के सीधा के सीधा अल्पसंख्यक के नाम से आरक्षण ले ले. सबकी जाति गणना होगी. अभी उन्हें समझ नहीं आ रहा कि मोदी जी ने जो निर्णय लिया तो उसके पीछे उन्होंने एक बहुत अच्छी रणनीति के लिए काम किया''. वहीं पाकिस्तानी सांसद के भड़काऊ बयान के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ''सेना के चीफ युद्ध में यदि जिंदा रहे तो नमाज पढ़ेंगे. युद्ध होगा तो पाकिस्तान 24 घंटे में साफ हो सकता है. वह हमारी क्षमता है, हमारी क्षमता का आंकलन अभी पाकिस्तान को नहीं है, इसलिए वह बड़ी-बड़ी बाते करते हैं. जो दहाड़ते हैं बेकार में, वह कुछ नहीं कर पाते और जो चुप रहते हैं, वह काम करते हैं''. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कहा, ''भारत ने कभी नहीं कहा कि हम लाहौर में जाकर झंडा गाड़ेंगे. युद्ध होगा जब बताएंगे उन्हें. भारत की क्षमता का पता नहीं उन्हें वह बस लंबी-लंबी बात कर रहे हैं. जब युद्ध हुआ तो 24 घंटे के अंदर पाकिस्तान का नक्शा मिट जाएगा. बड़ी बड़ी बात करने वाले किस कब्र होंगे उन्हें ढूंढना पड़ेगा''. कर्नाटक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के अभी युद्ध की कोई जरूरत नहीं वाले बयान पर उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया तो मंच पर ही अधिकारी को थप्पड़ मार देते हैं. उनकी उम्र बहुत हो गई है और ऐसी उम्र के लोग ऐसी बहकी बहकी बातें कर सकते हैं. भोपाल लव जिहाद मामले पर कहा, ''यह षडयंत्र काफी दिनों से भोपाल में हो रहा है. भोपाल में हर रोज एक हिन्दू लड़की मुस्लिम नवजवानों का शिकार हो रही है. मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लिया है. भोपाल नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों से कह रहा हूं कि वे नेतागीरी कर रहे हैं, साथ-साथ वह यह भी देखें लव जिहाद के माध्यम से समाज के अंदर विषमता का जहर कौन फैला रहा है, उसकी भी चिंता करें चाहे सांसद हो या विधायक''. recent visitors 50

गुजरात टाइटंस वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद का आज नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगा घमाशान, जाने कैसा रहेगा मिजाज

नई दिल्ली गुजरात टाइटंस वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद IPL 2025 का 51वां मैच आज यानी शुक्रवार, 2 मई को अहमदाबाज के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है। गुजरात वर्सेस हैदराबाद मैच भारतीय समयानुसार शाम साढ़े 7 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -शुभमन गिल और पैट कमिंस- आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे। गुजरात टाइटंस के लिए पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में जगह बनाने का शानदार मौका है, वहीं सनराइजर्स हैदराबाद की टीम प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए यह मैच जीतना चाहेगी। अगर आज SRH हारा तो उनपर टूर्नामेंट से बाहर होने की तलवार लटक जाएगी। आईए एक नजर GT vs SRH पिच रिपोर्ट पर डालते हैं- GT vs SRH पिच रिपोर्ट नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच बैटिंग फ्रेंडली होती है, यहां गेंदबाजों को पारी की शुरुआत में कुछ मदद मिलती है, इसके बाद बल्लेबाज ही धाक जमाते हैं। हालांकि, अहमदाबाद में इस्तेमाल की जाने वाली कई तरह की पिचें उपलब्ध हैं, जिनमें काली मिट्टी, लाल मिट्टी और दोनों का मिश्रण शामिल है, जो अंततः यह निर्धारित कर सकता है कि सतह कैसे खेलेगी। काली मिट्टी की पिच पर 180-190 के आसपास का स्कोर एक अच्छा स्कोर हो सकता है। और लाल मिट्टी की पिच पर 210-220 के आसपास का स्कोर एक विजयी स्कोर हो सकता है। इस मैदान पर अब तक आठ पारियों में से पांच में टीमों ने 200 से अधिक का स्कोर बनाया है। ध्यान देने योग्य आंकड़ा यह है कि पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने अब तक यहां चार मैचों में से तीन में जीत हासिल की है। ऐसे में आज भी दोनों टीमों के कप्तानों की नजरें टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने पर होगी। नरेंद्र मोदी स्टेडियम IPL रिकॉर्ड और आंकड़े मैच- 39 पहले बल्लेबाजी करते हुए जीते गए मैच- 18 (46.15%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 21 (53.85%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 18 (46.15%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 21 (53.85%) हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 204/3 प्रति विकेट औसत रन- 28.45 पहले बल्लेबाजी करते हुए औसत स्कोर- 172.35 GT बनाम SRH हेड टू हेड रिकॉर्ड गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच अभी तक कुल 5 ही मैच खेले गए हैं जिसमें जीटी ने 3 बार जीत दर्ज कर अपना दबदबा बनाया हुआ है, वहीं हैदराबाद को इस दौरान 1 ही जीत मिली है। दोनों के बीच खेले गए एक मैच का नतीजा नहीं निकल पाया था। recent visitors 46

मुख्यमंत्री सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों ने नवदंपत्तियों को दी शुभकामनाएं, आशीर्वाद और बधाई

सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का हैं सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कल्याणियों का पुनर्विवाह एक पवित्र कार्य सामाजिक समरसता का महाकुंभ मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह समारोह : पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव गढ़ाकोटा में 3,219 नव दंपत्ति बंधे परिणय सूत्र में मुख्यमंत्री सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों ने नवदंपत्तियों को दी शुभकामनाएं, आशीर्वाद और बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे सनातन धर्म में सभी की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की गई है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का सशक्त माध्यम है। विवाह में सिर्फ वर-वधु का विवाह नहीं, बल्कि दो परिवारों और कुटुम्बों का मिलन भी होता है। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता का यह सपना होता है कि उसकी बेटी का, उन्होंने जितने अच्छे से लालन-पालन किया उससे अच्छा लालन-पालन और प्यार उसे ससुराल में मिलेगा। इस विश्वास के साथ ही बेटी के माता-पिता उसे वर को सौंपते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर जिले के गढ़ाकोटा में 23वें वृहद सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस समारोह में 3 हजार 219 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। समारोह में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मंत्री लखन पटैल, सांसद सागर संसदीय क्षेत्र श्रीमती लता वानखेडे, दमोह सांसद राहुल सिंह, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री एवं विधायक जयंत मलैया, विधायक प्रदीप लारिया, विधायक ब्रज बिहारी पटैरिया, पूर्व विधायक श्रीमती पारुल साहू, पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया, पूर्व मंत्री श्रीमती ललिता यादव, श्री108 किशोरदास जी महाराज, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरासिंह राजपूत, नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार, जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, जिला अध्यक्ष श्रीमती रानी पटैल, अभिषेक दीपू भार्गव, डॉ. अनिल तिवारी, शैलेश केसरवानी ने भी नव दंपत्तियों को वैवाहिक जीवन के शुभारंभ पर आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे विश्वास है कि वर पक्ष के परिवार बहु को बेटी के समान ही प्यार और सम्मान देंगे। उन्होंने कहा कि गढ़ाकोटा में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में निकाह के साथ पुनर्विवाह भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कल्याणियों का पुनर्विवाह एक अच्छी पहल है। यह पवित्र कार्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-प्रतिनिधियों और समाजसेवियों से अपील करते हुए कहा कि वे कल्याणियों के पुनर्विवाह में उनका सहयोग करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार कल्याणियों के पुनर्विवाह, निःशक्तजन के विवाह और सामाजिक समरसता स्थापित करने, अंतर्जातीय विवाह को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड वीरों की भूमि है, बुन्देलखंड के वीरों का गौरवशाली इतिहास रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुन्देलखंड की पवित्र भूमि में सामूहिक कन्या विवाह के भव्य समारोह के लिए आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। सामाजिक समरसता का महाकुंभ है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह : विधायक पूर्व एवं मंत्री भार्गव रहली विधायक एवं पूर्व मंत्री भार्गव ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कन्यादान महादान है, कन्यादान करने से मोक्ष प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि 23 वर्ष पहले प्रारंभ किया गया यह कार्यक्रम जीवन के अंतिम क्षण तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका रहली की जनता के साथ पीढ़ियों का रिश्ता है। विधायक भार्गव ने कहा कि धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक महाकुंभ में आज 3 हजार 219 से अधिक नवदंपत्तियों ने सात फेरे लिए हैं। मुझे अब तक 28 हजार से अधिक बेटियों के कन्यादान का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन की अंतिम सांस तक बेटियों का कन्यादान करने का सिलसिला चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि कन्यादान विवाह समारोह समाज से भेदभाव मिटाने का कार्य भी कर रहा है। विधायक भार्गव ने कहा कि मैंने अपने इकलौते बेटे अभिषेक दीपू भार्गव का विवाह भी इसी महाकुंभ में सभी वर्गों एवं विभिन्न जातियों के जोड़ों के साथ कराया था। इसी प्रकार मैंने अपनी बेटी का विवाह भी सामूहिक विवाह समारोह में किया था। उन्होंने कहा कि सौभाग्य की बात है कि समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मिलित होकर नव दंपत्तियों को आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी नव दंपत्तियों के लिये शुभकामना संदेश भेजा है। बुंदेली व्यंजनों से किया गया नव दंपत्तियों का स्वागत 23वें कन्यादान विवाह निकाह समारोह में 3 हजार से अधिक नव-दंपत्तियों के साथ घराती-बरातियों का बुंदेली व्यंजनों के साथ स्वागत किया गया। कन्यादान कार्यक्रम में सभी बुंदेली व्यंजनों के साथ आम का पना, फ्रूटी, आइसक्रीम, कढ़ी-चावल, बिजोरा, रोटी, खीर, पुरी, पापड़, चटनी, अचार, सलाद सहित अन्य बुंदेली व्यंजन परोसे गए।   recent visitors 32

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरि​जा व्यास का निधन, एक महीने से अहमदाबाद में चल रहा था इलाज

अहमदाबाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजस्थान कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं डॉ गिरिजा व्यास का गुरुवार (1 मई) को निधन हो गया. आग लगने की घटना में बुरी तरह झुलस गई थीं और उनका इलाज चल रहा था. उनके निधन से राजस्थान में शोक की लहर है. सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सद्गति और शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. अशोक गहलोत ने उनके निधन पर कहा कि उनका असमय जाना हम सभी के लिए एक बड़ा आघात है. हम सभी के लिए बड़ा आघात- अशोक गहलोत अशोक गहलोत ने कहा, "पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ गिरिजा व्यास का निधन हम सबके लिए एक अपूरणीय क्षति है. डॉ गिरिजा व्यास ने शिक्षा, राजनीति एवं समाज सेवा के क्षेत्र में बड़ा योगदान था. उनका इस तरह एक हादसे का शिकार होकर असमय जाना हम सभी के लिए एक बड़ा आघात है. मैं ईश्वर से उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना करता हूं." परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना- अशोक चांदना कांग्रेस नेता अशोक चांदना ने एक्स पर लिखा, "पूर्व केन्द्रीय मंत्री, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है. परिवारजनों एवं समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. मैं ईश्वर से प्रार्थना हैं की दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं परिवारजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें." राजस्थान ने एक अच्छा नेता खो दिया- बेनीवाल हनुमान बेनीवाल ने कहा, "पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है. वे न केवल एक प्रखर वक्ता और कुशल प्रशासक थीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा. राजस्थान और देश की राजनीति में उनका लंबा अनुभव और सक्रिय सहभागिता सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगी. राजस्थान ने एक अच्छा नेता खो दिया . मैं परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति दें. सादर श्रद्धांजलि." उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा- डोटासरा गोविंद सिंह डोटासरा ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "केंद्रीय मंत्री रहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व पीसीसी अध्यक्ष डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है. गिरिजा जी का निधन कांग्रेस परिवार के अपूरणीय क्षति है, कांग्रेस पार्टी और प्रदेश की प्रगति में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा. गिरिजा जी के परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिवारजनों को संबल प्रदान करें." नाथद्वारा में जन्मी थीं गिरिजा राजसमंद जिले के नाथद्वारा में जन्मी गिरिजा के पिता स्वतंत्रता सेनानी थे। मां शिक्षिका थीं। उन्होंने उदयपुर में आकर उदयपुर यूनिवर्सिटी (वर्तमान में मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी) से स्नातक और स्नातकोत्तर किया था। बाद में दिल्ली यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। उन्होंने उदयपुर के सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के दर्शनशास्त्र विभाग में प्रोफेसर के रूप में भी काम किया था। ईश्वर दिवंगत आत्म को शांति दें- राजस्थान बीजेपी चीफ राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ ने एक्स पर लिखा, "पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत शोकजनक है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति." महिलाओं के लिए काफी काम गिरिजा व्यास केंद्र और राज्य में मंत्री रहीं। वे राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष भी रहीं। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रहते हुए महिलाओं के कल्याण को लेकर कई काम किए। गिरिजा व्यास ने 2018 में आखिरी विधानसभा चुनाव उदयपुर शहर सीट से लड़ा था। उनको बीजेपी के गुलाबचंद कटारिया ने हराया था। गिरिजा व्यास राजनीति में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के भी बहुत नजदीक रहीं। 31 मार्च को घर पर झुलसी थीं डॉ. गिरिजा व्यास 31 मार्च को उदयपुर के देत्यमगरी स्थित आवास पर गणगौर का पूजन कर रही थीं। दीपक के कारण उनकी चुन्नी में आग लग गई। घर में ही काम करने वाले एक व्यक्ति ने उनको संभाला। उदयपुर में निजी हॉस्पिटल में ले जाया गया। वहां से उनको अहमदाबाद रेफर किया गया था।   recent visitors 48

नए महीने की शुरुआत के साथ ही देश के लिए अच्‍छी खबर आई है. अप्रैल महीने के दौरान GST Collection में शानदार बढ़ोतरी हुई

नई दिल्ली नए महीने की शुरुआत के साथ ही देश के लिए अच्‍छी खबर आई है. अप्रैल महीने के दौरान GST Collection में शानदार बढ़ोतरी हुई है. इस बढ़ोतरी के साथ जीएसटी कलेक्‍शन रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में वस्तु एवं सेवा कर (GST) कलेक्‍शन साल-दर-साल 12.6 प्रतिशत बढ़कर 2.37 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया. इससे पहले सबसे ज्‍यादा जीएसटी कलेक्शन अप्रैल 2024 में हुआ था, जो 2.10 लाख करोड़ रुपये था. हालांकि अब ये रिकॉर्ड भी टूट चुका है. मार्च 2025 में यह कलेक्‍शन 1.96 लाख करोड़ रुपये था. घरेलू लेनदेन से जीएसटी राजस्व 10.7 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आयातित वस्तुओं से राजस्व 20.8 प्रतिशत बढ़कर 46,913 करोड़ रुपये हो गया है. जनवरी से मार्च तक कितना रहा जीएसटी कलेक्‍शन सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में यह कलेक्‍शन 1.96 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.9% की ग्रोथ है. फरवरी में जीएसटी कलेक्‍शन 1.83 लाख करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 9.1% की ग्रोथ रही. वहीं जनवरी में भी 1.96 लाख करोड़ रुपये जीएसटी कलेक्‍शन रहा, जो 12.3% की ग्रोथ को दिखाता है. जीएसटी कलेक्‍शन में हर महीने बढ़ोतरी की बड़ी वजह देश में घरेलू मांग की बढ़ोतरी रही है. इन जगहों पर ज्‍यादा हुआ जीएसटी कलेक्‍शन लक्षद्वीप में जीएसटी कलेक्‍शन में 287% की ग्रोथ हुई है. राज्यों में, अरुणाचल प्रदेश ने 66% की ग्रोथ दर्ज की है, जबकि मेघालय और नागालैंड में क्रमशः 50% और 42% की वृद्धि हुई है. हरियाणा, बिहार और गुजरात जैसे बड़े राज्यों ने भी दोहरे अंकों की ग्रोथ दर्ज की है. इसके विपरीत, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा और मिजोरम में गिरावट देखी गई, जिसमें मिजोरम में 28% की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई. कब लागू हुआ था जीएसटी? बता दें, देश में  1 जुलाई 2017 को GST लागू हुआ था. वस्तु एवं सेवा कर (GST) भारत में वस्तुओं और सेवाओं के निर्माण, बिक्री और उपभोग पर अप्रत्यक्ष कर है. जीएसटी के 4 प्रकार हैं, जिसमें सीजीएसटी, एसजीएसटी, यूटीजीएसटी और आईजीएसटी शामिल हैं. कभी-कभी उपकर भी लगाया जाता है. भारत में विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के लिए GST की दरें 4 स्लैब में विभाजित किया गया है, 5% जीएसटी, 12% जीएसटी, 18% जीएसटी और 28% जीएसटी. देश में GST लागू होने के बाद जीएसटी परिषद ने कई बार विभिन्न उत्पादों के लिए जीएसटी दरों में संशोधन किया है.   recent visitors 79