श्रीनगर में फंसे कई पर्यटक, फ्लाइट का किराया कई गुना बढ़ाने पर अखिलेश यादव ने घोर निंदनीय की और बताया अमानवीय

लखनऊ आतंकी हमले के बाद श्रीनगर में कई पर्यटक फंसे हुए हैं, जिनके लिए वापसी की राह आसान नहीं है. एक ओर जहां फ्लाइट का किराया बढ़ गया है, वहीं दूसरी ओर ट्रेनों में लंबी वेटिंग के चलते पर्यटकों को लौटने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. श्रीनगर से लखनऊ का एयर टिकट इस समय 18,349 रुपये में बिक रहा है, जबकि ट्रेनों में 165 के पार वेटिंग चल रही है. जिसको लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसकी निंदा की है. अखिलेश यादव ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, ”श्रीनगर से हवाई किराये में बेतहाशा वृद्धि का समाचार अमानवीय और घोर निंदनीय है. ऐसी त्रासदी के समय पर्यटकों से मनमाना किराया वसूलना किसी भी तरह से जायज़ नहीं ठहराया जा सकता है.” उन्होंने लिखा- ”सरकार स्पष्ट करे कि ‘बेतहाशा किराया वसूली’ के मामले में सरकार की कोई ज़िम्मेदारी बनती है या नहीं. किराये से संबद्ध टैक्स तो सरकार के पास ही जाता है, इसका मतलब तो जनता यही समझती है कि ये सब सरकार की मिलीभगत से हो रहा है. घोर आपत्तिजनक! घोर निंदनीय!” एयर लाइन्स कंपनियों ने 3 गुना से अधिक बढ़ाया किराया बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद ‘आपदा में अवसर’ खोज रही एयर लाइन्स कंपनियों ने कश्मीर टू दिल्ली का किराया 3 गुना से अधिक बढ़ाया तो सिविल एविएशन मिनिस्ट्री एक्शन मोड़ में आई. किराया 10 हजार के भीतर ही रखे जाने के आदेश हुए. किराया कम करने का दावा बताया जा रहा है कि टूरिस्ट्स पर हुए आतंकी हमले  के बाद कश्मीर से लौटने के लिए एयरलाइंस कंपनियों ने श्रीनगर से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट्स का किराया अब कम कर दिया है. सरकारी दखल के बाद श्रीनगर से दिल्ली के लिए उड़ने वाली फ्लाइट्स का किराया आज यानी 24 अप्रैल को घटकर 10,000 से कम हो गया है. एयर इंडिया और इंडिगो ने एक्स्ट्रा फ्लाइट्स चलाने का किया फैसला एयर इंडिया और इंडिगो ने श्रीनगर से दिल्ली और मुंबई के लिए एक्स्ट्रा फ्लाइट्स चलाने का फैसला किया है. 23 अप्रैल को दोनों कंपनियां चार अतिरिक्त फ्लाइट्स चला चुकी हैं. इसके अलावा एयरलाइंस ने कैंसिल करने और रीशेड्यूलिंग चार्ज भी माफ कर दिए हैं. recent visitors 64

वक्फ बोर्ड में मेंबर की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, इन शर्तों का करना होगा पालन

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन कानून से संबंधित मामला चल रहा है, जिसमें अदालत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है. यह निर्णय राज्य वक्फ बोर्ड में सदस्यों की नियुक्ति से जुड़ा हुआ है. देशभर में मुस्लिम समुदाय इस कानून का विरोध कर रहा है, और इसी संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन है. हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हाई कोर्ट के एक निर्णय को खारिज करते हुए नया आदेश जारी किया है, जिसके अनुसार यदि कोई वकील राज्य बार काउंसिल में किसी पद पर नहीं है, तो वह राज्य वक्फ बोर्ड का सदस्य नहीं बन सकता. सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और राजेश बिंदल की बेंच ने स्पष्ट किया है कि केवल संसद, राज्य विधानसभा या राज्य बार काउंसिल के सक्रिय सदस्य और मुस्लिम व्यक्ति ही वक्फ बोर्ड के सदस्य बन सकते हैं. कोर्ट ने मणिपुर हाईकोर्ट के उस निर्णय को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि बार काउंसिल का सदस्य न रहने पर भी कोई व्यक्ति वक्फ बोर्ड का सदस्य बना रह सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि वक्फ कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति बार काउंसिल से बाहर हो जाता है, तो उसकी वक्फ बोर्ड की सदस्यता भी समाप्त मानी जाएगी. जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस राजेश बिंदल की पीठ ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड का सदस्य बनने के लिए दो आवश्यक शर्तें पूरी करनी अनिवार्य हैं.     व्यक्ति मुस्लिम समुदाय से हो.     संसद, राज्य विधानसभा या बार काउंसिल के सदस्य के रूप में सक्रिय भूमिका निभाना. सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हाईकोर्ट के उस निर्णय को गलत ठहराया, जिसमें कहा गया था कि कानून में यह स्पष्ट नहीं है कि बार काउंसिल से बाहर होने पर वक्फ बोर्ड की सदस्यता भी समाप्त हो जाएगी. दिल्ली में इस तारीख से 10-15 साल पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा फ्यूल, राजधानी में बैन होगी एंट्री, CAQM का आदेश ये है पूरा मामला मणिपुर के मो. फिरोज अहमद खालिद को फरवरी 2023 में मणिपुर वक्फ बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया. इससे पहले, वे दिसंबर 2022 में बार काउंसिल के सदस्य चुने गए थे, जहां उन्होंने एक हारने वाले सदस्य की जगह ली थी. प्रारंभ में हाईकोर्ट ने उनकी नियुक्ति को मान्यता दी, लेकिन बाद में डिवीजन बेंच ने इस निर्णय को पलट दिया. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बार काउंसिल से बाहर होने पर वक्फ बोर्ड की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी. भारत में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की संख्या को लेकर विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में भिन्न-भिन्न आंकड़े प्रस्तुत किए जाते हैं. हालांकि, 2022 में भारत सरकार ने जानकारी दी कि देश में 7.8 लाख से अधिक वक्फ की अचल संपत्तियां मौजूद हैं. इनमें सबसे बड़ी संख्या उत्तर प्रदेश वक्फ के पास है, जहां लगभग दो लाख से अधिक अचल संपत्तियां स्थित हैं. सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता बताते हैं कि 2009 के बाद वक्फ की संपत्तियों में दोगुने का इजाफा हुआ है. अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने दिसंबर 2022 में लोकसभा में जानकारी दी थी जिसके अनुसार वक्फ बोर्ड के पास 8,65,644 अचल संपत्तियां हैं. लगभग 9.4 लाख एकड़ वक्फ की जमीनों की अनुमानित कीमत 1.2 लाख करोड़ है. भारत में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की संख्या को लेकर मीडिया में विभिन्न आंकड़े प्रस्तुत किए जाते हैं. 2022 में भारत सरकार ने बताया कि देश में 7.8 लाख से अधिक वक्फ की अचल संपत्तियां हैं. इनमें सबसे अधिक संपत्तियां उत्तर प्रदेश वक्फ के पास हैं, जहां लगभग दो लाख से अधिक अचल संपत्तियां स्थित हैं. सुप्रीम कोर्ट में विपक्ष के कई नेताओं ने इस कानून के खिलाफ याचिकाएं दायर की हैं, जिनकी पहली सुनवाई 17 अप्रैल को हुई थी. इस सुनवाई के दौरान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक एफिडेविट पेश करते हुए आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई तक इस कानून के किसी भी विवादास्पद प्रावधान को लागू नहीं किया जाएगा. अगली सुनवाई 5 मई को निर्धारित है. इस बीच, मुस्लिम समुदाय देशभर में इस कानून के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहा है. recent visitors 67

आतंकी हमले के बाद अधिकांश लोगों ने निरस्त कराया कश्मीर टूर

इंदौर ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान इंदौर से बड़ी संख्या में लोग उत्तर भारत के विभिन्न ठंडे प्रदेशों में छुट्टियां मनाने जाते हैं। अधिकांश लोगों ने कश्मीर के लिए बुकिंग कराई थी। यह बुकिंग अप्रैल के आखरी सप्ताह से जून के बीच सर्वाधिक है। श्रीनगर के पहलगाम में मंगलवार दोपहर हुए आतंकी हमले के बाद अधिकांश लोगों ने कश्मीर टूर निरस्त कर दिया है। ट्रैवल एजेंटों के अनुसार, अभी तक लगभग 20 प्रतिशत लोगों ने अपना टूर निरस्त कराया है। होटल बुकिंग और ट्रिप प्लान कैंसल किए ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हेमेन्द्र सिंह जादौन ने बताया कि बुधवार को इंदौर से श्रीनगर जाने वाले बहुत सारे पर्यटकों ने अपने आगामी टूर निरस्त करवाए हैं। होटल बुकिंग और अन्य ट्रिप प्लान भी रद किए हैं। उनके अलावा, जो लोग अभी नहीं जा रहे हैं, वे अपनी यात्रा मई के अंत या जून तक के लिए टाल रहे हैं। जो पर्यटक पहले से श्रीनगर में हैं, वे किसी भी कीमत पर इंदौर लौटना चाहते हैं। कई लोग कह रहे हैं कि चाहे जितना किराया लगे, लेकिन सीट मिलनी चाहिए। नहीं लगेगा अन्य चार्ज कश्मीर में हुए आतंकी हमले के कारण विमान कंपनियां पहले से बुक हो चुके टिकट पर ट्रिप आगे बढ़ाने के लिए सुविधा दे रही हैं। इसके लिए किसी तरह का अन्य चार्ज नहीं वसूला जाएगा। इंडिगो कंपनी ने 22 अप्रैल से पहले की सभी बुकिंग को 30 अप्रैल तक दोबारा बुकिंग करने का ऑफर दिया है। वहीं एयर इंडिया ने यह सुविधा 15 मई तक की है, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बुकिंग को 30 अप्रैल तक चेंज करने की सुविधा दी है। श्रीनगर में कर रहे मदद ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया कश्मीर में टूरिस्टों की मदद के लिए जुटा हुआ है। होटल और अन्य सुविधाएं उनके लिए जुटाई जा रही हैं। इसके साथ ही भोजन, पानी और ट्रैवल की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जा रही है। ट्रैवल एजेंट लगातार यात्रियों को राहत देने के लिए प्रयासरत हैं। recent visitors 49

खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने रचा नया इतिहास, बिक्री में 447% और उत्पादन में 347% का रिकॉर्ड उछाल

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के मार्गदर्शन में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2024-25 में खादी और ग्रामोद्योग का कुल कारोबार ₹1,70,551.37 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक कारोबार है। केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने नई दिल्ली स्थित राजघाट कार्यालय में वित्तीय वर्ष 2024-25 के अनंतिम आंकड़े जारी करते हुए यह जानकारी दी। उत्पादन और बिक्री में अभूतपूर्व वृद्धि केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने बताया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में बीते 11 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादन में 347% और बिक्री में 447% की वृद्धि हुई है। उत्पादन ₹26,109.07 करोड़ से बढ़कर ₹1,16,599.75 करोड़ तक पहुंचा, जबकि बिक्री ₹31,154.19 करोड़ से बढ़कर ₹1,70,551.37 करोड़ हो गई। इस प्रगति के साथ खादी और ग्रामोद्योग ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में एक नया अध्याय रचा है। रोजगार सृजन में 49.23% की वृद्धि केवीआईसी ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2013-14 में जहां संचयी रोजगार 1.30 करोड़ था, वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा 1.94 करोड़ तक पहुंच गया, जो कि 49.23% की वृद्धि को दर्शाता है। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के निर्माण की दिशा में एक अहम कदम है। खादी वस्त्र उत्पादन और बिक्री में ऐतिहासिक उछाल खादी वस्त्रों के उत्पादन और बिक्री में भी शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। उत्पादन ₹811.08 करोड़ से बढ़कर ₹3,783.36 करोड़ (366% वृद्धि) और बिक्री ₹1,081.04 करोड़ से बढ़कर ₹7,145.61 करोड़ (561% वृद्धि) तक पहुंची है। यह बढ़ोतरी प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा खादी को जनआंदोलन में बदलने की अपील और प्रचार के प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। खादी ग्रामोद्योग भवन ने बनाया नया रिकॉर्ड नई दिल्ली स्थित खादी ग्रामोद्योग भवन ने भी पहली बार ₹110.01 करोड़ का कारोबार किया है, जो वर्ष 2013-14 में ₹51.02 करोड़ था। इसमें 115% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो शहरी उपभोक्ताओं के बीच खादी के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है। पीएमईजीपी के माध्यम से 90 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना के तहत अब तक 10.18 लाख इकाइयों की स्थापना हो चुकी है। इन इकाइयों के लिए ₹27,166.07 करोड़ की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की गई है और इससे 90,04,541 लोगों को रोजगार उपलब्ध हुआ है। यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने में सहायक रही है। ग्रामोद्योग विकास योजना से ग्रामीण भारत को बल ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत अब तक कुल 2,87,752 मशीनें, उपकरण और टूलकिट वितरित किए गए हैं। इसमें मधुमक्खी पालन बॉक्स, विद्युत चालित चाक, अगरबत्ती निर्माण मशीन, फुटवियर टूलकिट, सिलाई व मरम्मत टूल्स शामिल हैं। वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना का बजट बढ़ाकर ₹60 करोड़ कर दिया गया है, जो वर्ष 2021-22 की तुलना में 134% अधिक है। महिला सशक्तिकरण में केवीआईसी की अहम भूमिका महिलाओं को स्वरोजगार और प्रशिक्षण से जोड़ने के क्षेत्र में भी केवीआईसी ने उल्लेखनीय कार्य किया है। बीते 10 वर्षों में 7,43,904 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 57.45% महिलाएं हैं। इसके अलावा, 5 लाख से अधिक खादी कारीगरों में 80% महिलाएं कार्यरत हैं। पारिश्रमिक में 275% और पिछले तीन वर्षों में 100% तक की वृद्धि कर महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सशक्त किया गया है। ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प की ओर मजबूत कदम अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने इस सफलता का श्रेय पूज्य बापू की प्रेरणा, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी, एमएसएमई मंत्रालय के सहयोग और देशभर के करोड़ों कारीगरों की मेहनत को दिया है। उन्होंने कहा कि केवीआईसी की यह ऐतिहासिक उपलब्धियाँ भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को मजबूती देती हैं।   recent visitors 45

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व पुस्तक दिवस की प्रदेशवासियों को बधाई दी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व पुस्तक दिवस की प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने आशा की है कि सभी पुस्तक मेले का भरपूर लाभ उठाएँगे। उन्होंने आह्वान किया कि विश्व पुस्तक दिवस पर प्रत्येक व्यक्ति कोई न कोई पुस्तक अपने पास अवश्य रखे। पुस्तक पढ़ने का जो आनंद है, वह सबसे श्रेष्ठ है। खासकर जब हमारी लाइब्रेरी समृद्ध होती है, तो वह ज्ञानार्जन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वप्न, राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना तथा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की दूरदर्शिता से, देश के इतिहास में पहली बार मेडिकल एजुकेशन सहित समस्त तकनीकी शिक्षा को क्षेत्रीय भाषाओं, राष्ट्रीय भाषा में पढ़ाने का अभियान चलाया गया है, उसमें पुस्तकें एक सशक्त माध्यम बन रही हैं। चिकित्सा शिक्षा को हिंदी भाषा में पढ़ाने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन को मूर्त रूप देते हुए तकनीकी शिक्षा में मातृभाषा हिंदी को प्राथमिकता दी है, जिससे प्रत्येक छात्र को बिना भाषायी अवरोध के गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्राप्त हो सके। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर देश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय बन गया है जिसने चिकित्सा शिक्षा को हिंदी भाषा में पढ़ाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। मेडिकल, डेंटल, पैरामेडिकल आदि सभी संकायों की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र अब हिंदी एवं अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में छात्रों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे वे छात्र जो विषयवस्तु में निपुण होते हुए भी अंग्रेज़ी में कमजोर होते हैं, अब आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में सम्मिलित हो पा रहे हैं। छात्रों को उत्तर पुस्तिकाओं में हिंदी में उत्तर लिखने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा प्रायोगिक परीक्षाओं में भी हिंदी भाषा में उत्तर देने की अनुमति प्रदान की गई है। इस पहल से विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान का मूल्यांकन उनकी भाषायी सुविधा के अनुरूप संभव हो रहा है। इसके अतिरिक्त, राज्य के समस्त चिकित्सा महाविद्यालयों की पुस्तकालयों में हिंदी भाषा में चिकित्सा विषयक पुस्तकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे छात्रों को विषय के गहन अध्ययन में कोई कठिनाई न हो। recent visitors 46

मध्यप्रदेश सरकार पूरे देश में सर्वाधिक 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं खरीद रही

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार पूरे देश में सर्वाधिक 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं खरीद रही है, ताकि प्रदेश के गेहूं उत्पादक किसानों को सर्वाधिक लाभ मिले। इस उपार्जन राशि में सरकार द्वारा किसानों को दी जा रही 175 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि भी शामिल है। उन्होंने कहा कि गेहूं उत्पादन एवं उपार्जन के मामले में हम पंजाब और हरियाणा जैसे खाद्यान्न उत्पादक राज्यों से भी आगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रकार के राशन कार्डधारकों की ई-केवाईसी जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता अधिकार संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी प्रकार के राशन कार्ड धारकों को समय पर और बिना किसी कठिनाई के पात्रतानुसार राशन सामग्री उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को राशन पाने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक खाद्यान्न वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए व्यवस्थाओं को बेहतर और त्रुटिरहित बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी राशन पाने से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी सभी योजनाएं, विशेषकर खाद्यान्न वितरण, उज्जवला गैस योजना की सब्सिडी वितरण और घर-घर घरेलू गैस पाइप लाइन डालने का काम पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ किये जाएं, ताकि प्रदेश के नागरिकों को सरकार की सुविधाओं का भरपूर लाभ मिल सके। हर जरूरतमंद तक खाद्यान्न पहुंचाना हमारी प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्रुटिरहित राशन वितरण, किसानों को उपार्जन राशि का समय पर भुगतान और हर जरूरतमंद तक खाद्यान्न पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी प्रबंध और जरूरी कदम उठाये जायें। घरेलू गैस की पाइप लाइन डालने का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि मक्का, कोदो-कुटकी जैसे श्रीअन्न भी स्व-सहायता समूह एवं शासकीय उचित मूल्य की दुकानों को दिये जायें, ताकि इनकी मांग (खपत) में वृद्धि हो और श्रीअन्न पैदा करने वाले किसानों को प्रोत्साहन मिले। गेहूं उपार्जन का काम 5 मई तक पूरा कर लें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चल रही गेहूं उपार्जन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीदी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता का पालन किया जाए और किसानों को गेहूं उपार्जन का भुगतान कम से कम समय में कर दिया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की अवधि 30 अप्रैल तक करें। इस अवधि तक बुकिंग कराने वाले सभी किसानों से गेहूं उपार्जन का समस्त कार्य 5 मई 2025 तक हर हाल में पूराकिया जाए। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता अधिकार संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बैठक में बताया कि गोदामों में खाद्यान्न स्कंध की हेरा-फेरी पर अंकुश लगाने के लिए अब खाद्य विभाग द्वारा खाद्यान्नों के सभी बारदानों (बोरों) में क्यूआर कोड लगाये जायेंगे। इसी तरह एमपी वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के अधीन सभी वेयरहाउस को भी क्यूआर कोडयुक्त किया जा रहा है। इनमें सीसीटीव्ही कैमरे भी लगवाये जाएंगे। खाद्यान्न वितरण, शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर नजर रखने एवं फूड-स्टॉकिंग के सभी कामों की मुख्यालय से निगरानी के लिए भोपाल में एक कंट्रोल कमांड सेंटर भी बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग स्वयं के 1596 गोदामों का क्रमबद्ध तरीके से आधुनिकीकरण एवं उन्नयन कर रहे हैं। सभी गोदाम में भंडारित स्टॉक एवं अन्य संसाधनों के अधिकतम रिस्क कवर के लिए नवीनतम प्रावधानों के तहत बीमा पॉलिसी भी लागू की जा रही है। मंत्री श्री राजपूत बताया कि उपार्जित स्कंध की साफ-सफाई के लिए उपार्जन केन्द्रों पर मैकेनाइज्ड क्लीनिंग मशीनों की स्थापना की गई है। स्कंध की गुणवत्ता परीक्षण के लिए ग्रेन एनालाईजर के साथ-साथ विभाग के अधीन सभी वेयर हाउसेस में संकेतक (साइनेज) भी लगाये जा रहे हैं। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा (मुख्यमंत्री कार्यालय), अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता अधिकार संरक्षण श्रीमती रश्मि अरुण शमी, आयुक्त खाद्य विभाग श्री कर्मवीर शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। अधिकारियों ने विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं और व्यवस्थाओं की प्रगति से मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अवगत कराया।   recent visitors 32

किंग कोबरा के बदले मध्य प्रदेश सरकार वन विहार से बाघ और बाघिन का जोड़ा कर्नाटक को देगी

भोपाल प्रदेश में किंग कोबरा की आबादी बढ़ाने की दिशा में कर्नाटक से लाए गए दो मेल किंग कोबरा को वन विहार भोपाल में रखा गया है। इसके बदले में प्रदेश सरकार वन विहार से बाघ और बाघिन का जोड़ा कर्नाटक को देगी। इसके लिए पहले ही अनुबंध कर लिया गया था। वर्षाकाल के बाद बाघ का जोड़ा कर्नाटक भेजा जाएगा। वहीं वन विहार में दो मेल किंग कोबरा में से एक किंग कोबरा इंदौर चिड़ियाघर भेजा जाएगा। इंदौर चिड़ियाघर में एक मादा किंग कोबरा है। प्रदेश सरकार कर्नाटक के साथ ही छत्तीसगढ़, राजस्थान और ओडिशा को भी बाघ देगी। राज्य सरकार इन तीनों राज्यों को 15 बाघ देगी। इनमें छत्तीसगढ़ को आठ बाघ (दो बाघ, छह बाघिन), राजस्थान को चार बाघिन एवं ओडिशा को तीन (एक बाघ, दो बाघिन) दिए जाएंगे। इसको लेकर सहमति बन गई है। बांधवगढ़, पेंच एवं कान्हा टाइगर रिजर्व से ये बाघ भेजे जाएंगे। इसके लिए यह शर्त भी रखी गई है कि बाघ एवं बाघिन को भेजने की प्रक्रिया पशु चिकित्सकों की टीम की देखरेख में की जाए। बाघों के जीवन को किसी प्रकार का खतरा न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। बाघों को भेजने का पूरा खर्च संबंधित राज्य को ही उठाना होगा और इसकी विधिवत अनुमति भारत सरकार से लेनी होगी। वन विहार से मेल किंग कोबरा इंदौर चिड़ियाघर भेजने या वहां से मादा किंग कोबरा वन विहार लाने को लेकर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। हमारा प्रयास अन्य राज्य से एक मादा किंग कोबरा लाने का भी है।  एल कृष्णमूर्ति, एपीसीसीएफ वन्यप्राणी मुख्यालय, भोपाल। recent visitors 36