इंदौर में शराब के नशे में वॉटर पार्क के पूल में युवती से अश्लील हरकत, पहुंचे सलाखों के पीछे

 इंदौर  इंदौर शहर के बायपास स्थित एक वाटर पार्क में हिंदू युवती के साथ मुस्लिम युवकों ने आपत्तिजनक हरकतें की। पति के रोकने पर आरोपितों ने हिंदू देवी-देवताओं पर टिप्पणी की और पूल में छलांग लगा दी। घटना के बाद हिंदू संगठन के कार्यकर्ता थाने पहुंचे और दोनों की पकड़कर पिटाई कर दी। थाने का घेराव करने पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। घटना बिचौली स्थित मयंक ब्ल्यू वाटर पार्क की है। राऊ निवासी युवती पति के साथ पिकनिक मनाने आई थी। अश्लील इशारे किए पूल में नहाते वक्त तीन मुस्लिम युवकों ने युवती की तरफ अश्लील इशारे किए। आरोपितों ने करीब आने की कोशिश भी की। उस वक्त युवती का पति पूल में ही था। उसने इशारा कर युवती को दूर हटाया। दो चेंजिंग रूम में पकड़े गए आरोपितों ने हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और पूल में कूद गए। कुछ देर बाद हंगामा हो गया। पीड़िता के पति ने हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को कॉल लगाकर बुलाया। आरोपितों ने भागने की कोशिश की, मगर दो को चेंजिंग रूम से पकड़ लिया। युवतियों को बनाते हैं निशाना आरोपितों की पहचान कटकटपुरा निवासी सोहेल खान और सादिक खान के रूप में हुई है। एक आरोपित फैजान फरार हो गया। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि आरोपित शराब के नशे में थे। उनका आरोप है कि ऐसे कई मुस्लिम युवा हैं, जो पिकनिक स्पॉट, वाटरपार्क, होटलों में हिंदू युवतियों को निशाना बनाते हैं। इधर…13 वर्षीय बच्चे से हरकत, गिरफ्तार इंदौर की एमआइजी पुलिस ने 13 वर्षीय बच्चे से अश्लील हरकतें करने के आरोप में हाउसिंग बिल्डिंग रोड नेहरूनगर निवासी अनिल गायकवाड़ को गिरफ्तार किया है। टीआइ सीबी सिंह के मुताबिक आरोपित ने बच्चे को रूम में बंद कर लिया था। करीब 15 मिनट बाद छूटकर बच्चे ने मां को घटना बताई। रविवार को बच्चे के कथन लेकर अनिल को गिरफ्तार कर लिया। उसके विरुद्ध पाक्सो एक्ट में केस दर्ज किया है। recent visitors 27

नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे की गिरफ्तारी पर बवाल, हीरानगर थाने के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेसी

इंदौर इंदौर नगर निगम के विपक्षी नेता चिंटू चौकसे को हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई चौकसे और उनके परिवार के बीजेपी नेता कपिल पाठक के परिवार के बीच हुए झगड़े के बाद हुई. चिंटू चौकसेकी गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने मध्य प्रदेश  सरकार पर अपने सदस्यों को गलत तरीके से निशाना बनाने का आरोप लगाया. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह ने बताया कि बीती शनिवार रात चौकसे और बीजेपी नेता कपिल पाठक के बच्चों के बीच झगड़ा हुआ था. उन्होंने बताया कि दोनों परिवारों के बीच झगड़ा हुआ, जिसमें पाठक के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उसे अस्पताल ले जाया गया. पुलिस को दिए गए अपने बयान में पाठक ने चौकसे पर रॉड से हमला करने का आरोप लगाया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में भी डॉक्टर ने पाठक के सिर पर गहरे घाव की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि चौकसे के अलावा 7 अन्य लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि चिंटू चौकसे और सुभाष यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य – रोहन चौकसे, ईशान चौकसे, राधेश्याम चौकसे, गौरव चौधरी, सुमित ठक्कर, रवि प्रजापति और एक अज्ञात व्यक्ति फरार हैं. इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे असंवैधानिक और राजनीतिक प्रतिशोध का नतीजा बताया. पटवारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हमने सत्ता के इस दुरुपयोग को उठाने के लिए डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) से मिलने की मांग की है." गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता इंदौर पुलिस कमिश्नर के कार्यालय के बाहर एकत्र हुए, जबकि चौकसे समर्थकों ने हीरानगर पुलिस स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन किया. आगे की अराजकता को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए बीजेपी समर्थकों ने दावा किया कि पाठक की शिकायत सही थी. recent visitors 42

28 साल बाद कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की मौत की दोबारा जांच, हैंडराइटिंग से खुल सकता हैं हत्या का राज

भोपाल मध्य प्रदेश की दिवंगत कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की 1997 में हुई संदिग्ध मौत के मामले में भोपाल की एक अदालत ने नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं. न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पलक राय ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को अधूरा बताते हुए टीटी नगर पुलिस को मामले की दोबारा जांच करने का निर्देश दिया. इस फैसले से सरला मिश्रा के परिवार को 28 साल बाद न्याय की उम्मीद जगी है. 14 फरवरी 1997 को सरला मिश्रा भोपाल के साउथ टीटी नगर स्थित अपने सरकारी आवास में गंभीर रूप से जली हुई अवस्था में पाई गई थीं. 5 दिन बाद यानी 19 फरवरी को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. पुलिस ने इस मामले को आत्महत्या करार देते हुए साल 2000 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी. हालांकि, सरला के भाई अनुराग मिश्रा ने इस रिपोर्ट को चुनौती दी और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया. हाईकोर्ट के निर्देश पर भोपाल जिला अदालत ने मामले की फिर से जांच का आदेश दिया. अनुराग मिश्रा ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा, "यह मामला पहली बार अदालत में आया और हमारे तर्कों को स्वीकार किया गया. पुलिस ने इस मामले को दबाने की कोशिश की और इसे आत्महत्या के रूप में पेश किया. हम अदालत के फैसले से बहुत संतुष्ट हैं." उन्होंने दावा किया, "मेरी बहन ने आत्महत्या नहीं की, उसकी हत्या की गई थी. मुझे पूरा विश्वास है कि अब न्याय मिलेगा." प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था और केस बंद करने के लिए कोर्ट में आवेदन किया था। वहीं, सरला मिश्रा के भाई ने कोर्ट में इसे हत्या बताते हुए तत्कालीन दिग्विजय सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया था। परिजन के आपत्ति दर्ज करने के बाद 16 अप्रैल को कोर्ट ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि कोर्ट ने जिन बिंदुओं को लेकर जांच के आदेश दिए हैं, क्या उन बिंदुओं की नए सिरे से जांच की जा सकती है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए  फॉरेंसिक साइंस और हैंडराइटिंग एक्सपर्ट्स के अलावा कानून के जानकारों से बात की। अनुराग ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने के अदालत के फैसले को गड़बड़ी का सबूत बताया. उन्होंने कहा कि 90% जली हुई अवस्था में कोई व्यक्ति मृत्यु पूर्व बयान या हस्ताक्षर कैसे दे सकता है, जैसा कि पुलिस ने दावा किया था. इस मामले ने उस समय राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था, क्योंकि 1997 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे. अनुराग मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके भाई लक्ष्मण सिंह पर हत्या के आरोप लगाए हैं, जिसे उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जोड़ा. बुधवार के अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, "जितनी जांच करनी है, करा लें. मैं हर जांच का स्वागत करता हूं." उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भाजपा सरकार के दौरान सीबीआई ने भी इस मामले की जांच की थी. सरकार से लगाई गुहार अनुराग मिश्रा ने वर्तमान सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाए और जो सफेद पोश लोग हैं, उनके नाम भी सामने आने चाहिए. कोर्ट में दोबारा सरला के मौत की फाइल दोबारा खुलने से उनके परिवार को राहत मिली है और उन्हें न्याय की आशा जगी है.   recent visitors 24

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस चार दिन के भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंचे, Vice President ताजमहल और अक्षरधाम मंदिर की करेंगे यात्रा, जानें कहां रुकेंगे

 नई दिल्ली अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। अमेरिका के उपराष्ट्रपति, उनकी पत्नी उषा और उनके तीन बच्चे इवान, विवेक और मीराबेल चार दिवसीय भारत यात्रा पर सोमवार सुबह करीब 10 बजे पालम एयरपोर्ट पर पहुंचे। उनके साथ अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ सदस्य भी हैं। एयरपोर्ट के बाद वे अक्षरधाम मंदिर जाएंगे। वहां पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प देखने किसी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी जाएंगे। वे सोमवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी वेंस के साथ व्यापार, शुल्क, क्षेत्रीय सुरक्षा और समग्र द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों सहित कई प्रमुख मुद्दों पर सोमवार को बातचीत करेंगे। फिर शाम को उनके एवं उनकी पत्नी उषा के लिए रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि पीएम मोदी और वेंस की बैठक में प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार संधि के अलावा दोनों देशों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने के तरीके पर चर्चा होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाले भारतीय दल का संभवत: हिस्सा होंगे। जेडी वेंस का पूरा शेड्यूल वेंस के यात्रा कार्यक्रम की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि दिल्ली पहुंचने के कुछ घंटों बाद वेंस और उनका परिवार स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर जाएगा। फिर वे पारंपरिक भारतीय हस्तनिर्मित सामान बेचने वाले एक 'शॉपिंग कॉम्प्लेक्स' भी जा सकते हैं। वेंस के भारत आगमन पर केंद्र का कोई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री पालम एयरबेस पर उनका स्वागत करेगा। वेंस अपने परिवार के साथ दिल्ली के अलावा जयपुर और आगरा की भी यात्रा करेंगे। इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय एवं विदेश मंत्रालय के अधिकारियों सहित कम से कम पांच वरिष्ठ अधिकारियों के वेंस के साथ भारत आने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को शाम साढ़े छह बजे अपने 7 लोक कल्याण मार्ग निवास पर वेंस और उनके परिवार का स्वागत करेंगे जिसके बाद आधिकारिक वार्ता होगी। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार संधि साथ-साथ दोनों देशों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने के तरीके पर चर्चा होने की संभावना है। कहां रुकेंगे? – अमेरिकी उपराष्ट्रपति और उनका परिवार दिल्ली में आईटीसी मौर्य शेरेटन होटल में ठहरेगा। अधिकारियों ने बताया कि वेंस और उनका परिवार सोमवार रात जयपुर रवाना होगा। वेंस 22 अप्रैल को आमेर किले सहित कई ऐतिहासिक स्थलों पर जाएंगे। यह किला यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन) विश्व धरोहर स्थल है। वेंस दोपहर में जयपुर स्थित राजस्थान अंतरराष्ट्रीय केंद्र में एक सभा को संबोधित करेंगे। – वेंस अपने भाषण में अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के शासनकाल में भारत-अमेरिका संबंधों के व्यापक पहलुओं पर बात कर सकते हैं। इस कार्यक्रम में राजनयिकों, विदेश नीति विशेषज्ञों, भारत सरकार के अधिकारियों और शिक्षाविदों के भाग लेने की संभावना है। – अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति और उनका परिवार संभवत: 23 अप्रैल की सुबह आगरा जाएगा। वे वहां ताजमहल और शिल्पग्राम जाएंगे। शिल्पग्राम विभिन्न भारतीय कलाकृतियों को दर्शाने वाला एक खुला एम्पोरियम है। आगरा की यात्रा के बाद वेंस 23 अप्रैल को जयपुर लौटेंगे। – अधिकारियो ने बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति और उनका परिवार 24 अप्रैल को जयपुर से अमेरिका रवाना होंगे। जयपुर में वेंस भव्य रामबाग पैलेस में ठहरेंगे, जो एक आलीशान होटल है। कभी शाही लोगों का अतिथि गृह हुआ करता था। वेंस इटली की अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद दिल्ली आएंगे। recent visitors 36

आज आप पार्टी और बीजेपी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगी, मेयर चुनाव 25 अप्रैल को होना है

नई दिल्ली दिल्ली में आज मसीडी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के नामांकन का आखिरी दिन है. दिल्ली में मेयर चुनाव 25 अप्रैल को होना है, ऐसे में नामांकन के आखिरी दिन आम आदमी पार्टी और बीजेपी की तरफ से मेयर और डिप्टी मेयर के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी. उम्मीदवार अपना नामांकन सुबह 10 बजे से शाम 5 के बीच नगर निगम सेक्रेटरी के पास सिविक सेन्टर में करेंगे. दरअसल, दिल्ली नगर निगम में पिछले तीन सालों से आम आदमी पार्टी की सरकार है. पहले साल आम आदमी पार्टी ने अपना मेयर शैली ओबेरॉय और डिप्टी मेयर अली मोहम्मद इकबाल को बनाया था, इसके बाद दूसरे साल भी यही लोग मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर रहे. तीसरे साल में रिजर्व सीट होने की वजह से इस सीट पर महेश कुमार खींची मौजूदा वक्त में मेयर है जो कि आम आदमी पार्टी से ही है. आप के लिए मुश्किल रहा साल हालांकि एमसीडी में यह साल आम आदमी पार्टी के लिए कुछ मुश्किल भरा रह सकता है क्योंकि इस बार विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की दिल्ली में हर के बाद सत्ता से आम आदमी पार्टी की सरकार चली गई है और एमसीडी में भी पार्षदों के नंबर बीजेपी के मुकाबले काफी कम हो गए हैं. 3 साल से विपक्ष में बीजेपी अगर बीजेपी की बात करें तो पिछले तीन सालों से बीजेपी विपक्ष के तौर पर एमसीडी में थी लेकिन इस बार एमसीडी चुनाव में बीजेपी का पडला भारी दिखाई दे रहा है. जिसकी दो मुख्य वजह हैं एक यह की बीजेपी के पार्षद नंबर में ज्यादा हैं और दूसरी वजह मेयर चुनाव के लिए पार्षदों के अलावा विधायक और एमपी भी वोट करते हैं जिसे हिसाब से दिल्ली में बीजेपी के विधायक को और एमपी की संख्या भी ज्यादा है. किसका नंम्बर कितना? एमसीडी चुनाव में नंबरों का आंकड़ा बेहद दिलचस्प है और यही आंकड़ा किसी एक पार्टी को जीत की ओर ले जाएगा और एमसीडी में सत्ता दिलाएगा. मौजूदा वक्त में आम आदमी पार्टी के 113 पार्षद हैं बीजेपी के 117 और कांग्रेस के 8 पार्षद हैं. इसके इलावा विद्यायक और सांसद भी वोट करते हैं जिसके हिसाब से आंकड़ा देखा जाए तो वोट के लिए आम आदमी पार्टी के पास वोट के लिए 3 विधायक और 3 सांसद हैं. बीजेपी के पास 11 विधायक और 7 सांसद हैं.   recent visitors 53

बीजेपी सरकार ओबीसी वर्ग के अधिकारों का हनन कर रही है, सरकार पर नियुक्ति में भेदभाव का आरोप: जीतू पटवारी

भोपाल मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण न दिए जाने को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता जा रहा है. मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर संविधान की अवहेलना का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति से प्रदेश में तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है. पटवारी ने कहा कि बीजेपी सरकार ओबीसी वर्ग के अधिकारों का हनन कर रही है और विधायिका द्वारा पारित कानून को लागू करने में विफल रही है, जो एक गंभीर संवैधानिक संकट है. 27 प्रतिशत आरक्षण पर ऐतिहासिक पृष्ठभूमि जीतू पटवारी ने बताया कि वर्ष 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए अध्यादेश जारी किया था. हालांकि इस अध्यादेश को एक मेडिकल छात्रा स्मृति दुबे द्वारा हाई कोर्ट में चुनौती दी गई, जिसके चलते कोर्ट ने मेडिकल पीजी में बढ़े हुए आरक्षण के अमल पर रोक लगा दी थी. इसके बावजूद, जुलाई 2019 में इस अध्यादेश को विधानसभा द्वारा पारित कर कानून का रूप दे दिया गया. पटवारी ने स्पष्ट किया कि यह कानून आज तक किसी भी अदालत द्वारा निरस्त नहीं किया गया है और न ही इस पर कोई स्थगन आदेश (स्टे) लागू है. फिर भी राज्य सरकार इसे मनमाने ढंग से लागू कर रही है, कभी 14 प्रतिशत और कभी 27 प्रतिशत. सरकार पर नियुक्ति में भेदभाव का आरोप कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने जिन विभागों में 27 प्रतिशत आरक्षण के तहत चयन प्रक्रिया पूरी कर ली, वहां भी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए. उन्होंने बताया कि कई उम्मीदवार बीते चार से पांच सालों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं. इसके अलावा जनवरी 2025 में शिक्षक भर्ती के लिए मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा जारी विज्ञापन में भी केवल 14 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का उल्लेख किया गया है, जो कि विधानसभा द्वारा पारित कानून का खुला उल्लंघन है. संविधान की भावना के खिलाफ कार्य कर रही सरकार: पटवारी जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य की कार्यपालिका संविधान की मूल भावना और कानून का उल्लंघन कर रही है. उन्होंने बताया कि स्वयं राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में स्वीकार किया है कि मध्य प्रदेश में ओबीसी की जनसंख्या 50 प्रतिशत से अधिक है. इसके बावजूद सरकार ओबीसी समाज को उनके हक से वंचित रखे हुए हैं. राष्ट्रपति शासन की मांग और कांग्रेस का एलान पटवारी ने इस पूरे प्रकरण को संवैधानिक संकट करार देते हुए महामहिम राष्ट्रपति से अपील की है कि मध्य प्रदेश में तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार चुनावों के समय ओबीसी समाज को बहलाने के लिए बड़े वादे करती है, लेकिन हकीकत में उनके अधिकारों को कुचलने का काम कर रही है. कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ओबीसी वर्ग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उनके हक की लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक लड़ा जाएगा. recent visitors 24

तीन बार विधायक रह चुके थोपटे ने अपने समर्थकों के साथ बैठक के बाद छोड़ी कांग्रेस पार्टी, अब उठाएंगे ‘कमल’

मुंबई महाराष्ट्र में कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस नेता और तीन बार के पूर्व विधायक संग्राम थोपटे ने बीजेपी में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। पुणे जिले के भोर निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके थोपटे ने अपने समर्थकों के साथ बैठक के बाद इस निर्णय की घोषणा की। उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है।   संग्राम थोपटे ने स्पष्ट कहा कि यह कदम उन्होंने अपने क्षेत्र के विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया है। थोपटे ने कहा कि उनके समर्थक लगातार यह महसूस कर रहे थे कि सत्ता में शामिल हुए बिना क्षेत्र के विकास की गति को तेज करना संभव नहीं है। इसी के चलते उन्होंने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा उन्हें नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया।   पूर्व विधायक संग्राम थोपटे ने बताया कि 22 अप्रैल को वे मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रवींद्र चव्हाण की उपस्थिति में बीजेपी में शामिल होंगे। इस दौरान उनके साथ विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी बीजेपी का दामन थामेंगे। कांग्रेस नेतृत्व से नाखुश! मीडियाकर्मियों से बातचीत में थोपटे ने कांग्रेस नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वे 2019 से ही पार्टी में खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा, पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई वरिष्ठ नेताओं से समर्थन में रैली करने की अपील की थी, लेकिन कोई उनके निर्वाचन क्षेत्र में नहीं गया। चुनाव हारने के बाद पार्टी के किसी भी नेता ने मुझे एक बार फोन तक नहीं किया। इस बीच, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया है कि जब महाविकास आघाड़ी (MVA) सरकार सत्ता में थी और नाना पटोले ने विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था, तब पार्टी थोपटे को इस पद के लिए आगे लाना चाहती थी। लेकिन उस समय विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर दबाव बनाकर ऐसा नहीं होने दिया। गौरतलब है कि संग्राम थोपटे का परिवार कांग्रेस पार्टी से दशकों से जुड़ा रहा है। वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनंतराव थोपटे के बेटे हैं, जिन्होंने छह बार भोर से विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया था। लेकिन अब, राजनीति के इस पुराने रिश्ते को तोड़ते हुए संग्राम थोपटे ने बीजेपी की ओर कदम बढ़ा दिया है। आगामी नगर निगम चुनावों को देखते हुए उनका बीजेपी में जाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। recent visitors 32