मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जर्मनी के इनएविया एविएशन के मैनेजिंग पार्टनर माइकल हॉवेल ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जर्मनी के इनएविया एविएशन के मैनेजिंग पार्टनर श्री माइकल हॉवेल ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की। उन्होंने प्रदेश में विमानन क्षेत्र में अत्याधुनिक एमआरओ (मेंटेनेंस रिपेयर एंड ऑपरेशंस) सुविधा की शुरुआत करने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा की। इनएविया एविएशन समूह, सेवा मुक्त विमानों को रिसाइकल करके उन्हें इच्छुक एयरलाइंस को प्रदान करने के क्षेत्र में गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रदेश में आरंभिक रूप से 500 करोड रुपए के निवेश का इच्छुक है। चरणबद्ध रूप से 2000 करोड़ रुपए तक का निवेश किया जाएगा। एमआरओ के अंतर्गत कंपोनेंट निर्माण, सीएनडी चैक और इंजन मरम्मत भी शामिल होंगे।   recent visitors 56

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा- सैनिक कल्याण कार्यों में सेवा और सम्मान का भाव रहना चाहिए

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सैनिक कल्याण कार्यों में सेवा और सम्मान का भाव रहना चाहिए। इसी के अनुरूप सैनिक कल्याण कार्यों का विस्तार और स्वरूप निर्धारित किया जाना चाहिए। कार्य संचालन में सैनिकों के प्रति सम्मान और सेवा के भाव और भावनाएं आदर्श रूप में प्रतिध्वनित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सैनिकों के लिए किए जाने वाले निर्माण कार्य की डिजाइनिंग, आकार और सुविधाएं पूर्व सैनिकों की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप बनाई जाए। कार्य की समय सीमा और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। राज्यपाल श्री पटेल राजभवन में समामेलित विशेष निधि प्रबंध समिति की 24वीं बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह श्री जे. एन कंसोटिया राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता, जनरल आफिसर कमांडिंग मध्य भारत एरिया लेफ्टिनेंट जनरल पी.एस. शेखावत और जनरल ऑफिसर कमांडिंग पश्चिम मध्यप्रदेश सब एरिया मेजर जनरल सुमित कबथियाल उपस्थित थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा है कि सैनिक कल्याण संबंधी भवनों और निर्माण कार्यों की डिजाइनिंग में उपयोगकर्ता और आगंतुकों की जरूरतों के साथ सामंजस्य पर विशेष बल दिया जाए। उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण विश्राम गृह भोपाल के नवीनीकरण का प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए। प्रस्ताव केन्द्र सरकार को समय सीमा में भेजना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर के सैनिक विश्राम गृहों के नवीनीकरण की रूपरेखा पर अपर मुख्य सचिव गृह, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव और सचिव वित्त की समिति द्वारा प्रस्ताव का परीक्षण करने के निर्देश दिए है। बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार ने शहीदों के माता-पिता को दी जाने वाली अनुदान राशि में वृद्धि की है। अब शहीद के माता-पिता को अनुदान की राशि 10 हजार रुपए दी जाएगी। मध्यप्रदेश के निवासी ऐसे माता-पिता, जिनकी पुत्री सशस्त्र सेना में है, उनकी सम्मान निधि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रतिवर्ष की गई है। बैठक में पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन सेंटर खड़की पुणे को प्रदेश के मूल निवासी दो सैनिक को दवाई और देख-रेख के लिए प्रति पूर्व सैनिक एक लाख रुपए की राशि को बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। वीर नारी पुत्री के विवाह के लिए अनुदान राशि को 45 हजार से बढ़ाकर 1 लाख करने का निर्णय किया गया है। इस अवसर पर समामेलित विशेष निधि प्रबंध समिति सदस्य मेजर जनरल सेवानिवृत्त निश्चय राउत, मेजर जनरल सेवानिवृत्त पी.के. त्रिपाठी, संयुक्त संचालक केंद्रीय सैनिक कल्याण बोर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल श्री प्रशांत मिश्रा एवं संचालक राज्य सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर सेवानिवृत्त श्री अरुण नायर सहित प्रशासन और सेना के अधिकारी मौजूद थे। recent visitors 45

आतंकवादियों को ऑन द स्पॉट मार दिया जाना चाहिए, चाहे उनका धर्म या जाति कुछ भी हो, जान गंवाने वालों के परिजनों की मांग

पहलगाम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके अलावा, 17 लोग हमले में घायल हो गए। दहशतगर्दों ने पहलगाम घूमने आए पर्यटकों को धर्म पूछकर गोली बरसाई। इस हमले से देशभर में गुस्सा है और जल्द बदला चाहता है। पीड़ितों के परिजनों ने भी इस नृशंस कृत्य के दोषियों के लिए कठोर सजा की मांग की है। हमले में मारे गए नीरज उधवानी के चाचा भगवान दास ने कहा कि आतंकवादियों को ऑन द स्पॉट मार दिया जाना चाहिए, चाहे उनका धर्म या जाति कुछ भी हो। मीडिया से कहा, "आतंकवादी हमले में उनकी मृत्यु हो गई। उनकी पत्नी भी वहां थीं, वह सुरक्षित हैं। वे वहां छुट्टियां मनाने गए थे। हम सरकार से मांग करते हैं कि दोषियों को मार दिया जाए… मैं कहता हूं कि आतंकवादी को, चाहे उसका धर्म या जाति कुछ भी हो, मौके पर ही मार दिया जाना चाहिए।" पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ित अतुल मोने की भाभी राजश्री अकुल ने भी मांग की कि सरकार बिना देरी किए आतंकवादियों को कड़ी सजा दे। आतंकवादियों ने सुशील नथानियल (58) की भी गोली मारकर हत्या कर दी, जो ईस्टर मनाने के लिए अपनी पत्नी, बेटी और बेटे के साथ जम्मू-कश्मीर गए थे। उनके चचेरे भाई संजय कुमरावत ने 'पीटीआई' को बताया, ''हमने सुशील नथानिएल की पत्नी और बेटे से फोन पर बात की है। उन्होंने हमें बताया कि आतंकवादियों ने सुशील का नाम पूछा और उसे घुटने टेकने के लिए मजबूर किया, फिर उन्होंने उससे कलमा पढ़ने के लिए कहा। जब सुशील ने कहा कि वह कलमा नहीं पढ़ सकते, तो आतंकवादियों ने उसे गोली मार दी।'' उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कुमरावत ने कहा, "कश्मीर में कायराना हमला कर 26 निर्दोष लोगों की हत्या करने वाले आतंकवादियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि यह पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बने।" राजनाथ सिंह ने उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद बुधवार को जम्मू कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। सूत्रों ने बताया कि करीब ढाई घंटे चली बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. के. सिंह शामिल थे। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और सैन्य अभियान महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई भी बैठक में शामिल हुए। recent visitors 44

पहलगाम में 26 पर्यटकों के कत्ल पर पूरे देश में उबाल, पूरा कश्मीर गुस्से में बंद, आतंकियों के खिलाफ बोल रहे इमाम: आजाद

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों के कत्ल पर पूरे देश में उबाल है। यूपी, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक समेत कई राज्यों के लोगों को आतंकियों ने मजहब पूछकर मार डाला। आतंकियों ने हर उस शख्स को मौत के घाट उतार दिया, जो कलमा नहीं पढ़ पाए और अपना धर्म इस्लाम से अलग बताया। कश्मीर में लंबे समय बाद ऐसा हुआ, जब पर्यटकों पर आतंकवादियों ने इस तरह हमला कर दिया। इससे कश्मीर में टूरिजम इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा सरकार की ओऱ से बीते एक दशक में जो भरोसा कायम करने की कोशिश हुई है, उसे भी बौखलाए आतंकियों ने कमजोर करने की कोशिश की है। इस बीच पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद ने हमले की निंदा की है तो वहीं यह भी कहा कि कश्मीर अब काफी बदल चुका है। उन्होंने कहा कि अब कश्मीर में लोगों को आतंकवादियों का कोई डर नहीं है। सब लोग खुलकर उनकी निंदा करते हैं। गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'पहले कश्मीर में ऐसी घटनाओं की निंदा किया जाना दुर्लभ बात थी। ऐसा शायद इसलिए होता था क्योंकि कश्मीर के लोगों को उग्रवादियों का डर होता था कि यदि उनके खिलाफ बोले तो जान खतरे में आ जाएगी। लेकिन ऐसा पहली बार मैं देख रहा हूं कि आतंकी हमले से पूरे कश्मीर में लोग सदमे और शोक में है। हर गांव, जिला और शहर में बंद का आयोजन किया गया है। सन्नाटा पसरा है।' गुलाम नबी आजाद ने कहा कि एक समय तो ऐसा था कि जम्मू-कश्मीर की कुछ मस्जिदों से उग्रवादियों के समर्थन में भाषण दिए जाते थे। उन्हें सहयोग करने की माइक पर अपील की जाती थी। लेकिन पहली बार देख रहा हूं कि मस्जिदों से इमाम आतंकियों के खिलाफ बोल रहे हैं। वे आतंकियों की खुलकर निंदा कर रहे हैं। बता दें कि हमले को लेकर गुलाम नबी आजाद ने दुख जताया है। उन्होंने मंगलवार को ही कहा था कि नरेंद्र मोदी सरकार के दौर में आतंकी घटनाओं पर लगाम कसने में मदद मिली है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के हालात भी काफी बदले हैं। उनका कहना था कि यह हमला देश और जम्मू-कश्मीर के बीच कायम हुए भरोसे को तोड़ने वाला है। recent visitors 45

पहलगाम आतंकी हमले पर राजनाथ सिंह की दो टूक, भारत को डराया नहीं जा सकता, करारा जवाब देंगे

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर दो टूक कहा कि भारत को डराया नहीं जा सकता है और जिम्मेदार लोगों को करारा जवाब मिलेगा। उन्होंने साफ किया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस की नीति है। इसके अलावा, जिन्होंने पर्दे के पीछे बैठकर भारत के खिलाफ साजिश रची है, उन तक भी पहुंचा जाएगा। एक कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा, ''आप जानते हैं कि कल पहलगाम में धर्म को निशाना बनाते हुए आतंकवादियों द्वारा किए गए कायरतापूर्ण हमले में हमारे देश ने अनेक निर्दोष नागरिकों को खोया है। इस घोर अमानवीय कृत्य से हम सभी गहरे शोक में हैं। सबसे पहले उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपनों को खोया है। दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए परमात्मा से प्रार्थना करता हूं। यहां मैं भारत के दृढ़ संकल्प को दोहराना चाहूंगा, आतंक के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है।'' रक्षा मंत्री ने आगे कहा, ''भारत का एक-एक नागरिक इस कायरतापूर्ण हरकत के खिलाफ एकजुट है। मैं इस मंच से देशवासियों को आश्वस्त करता हूं कि घटना के मद्देनजर भारत सरकार वह हर कदम उठाएगी जो जरूरी होगा। हम सिर्फ उन लोगों तक नहीं पहुंचेंगे जिन्होंने घटना को अंजाम दिया है, हम उन तक भी पहुंचेंगे जिन्होंने पर्दे के पीछे बैठकर भारत के खिलाफ नापाक साजिश रची है। भारत पुरानी सभ्यता और इतना बड़ा देश है, जिसको ऐसी किसी भी आतंकी गतिविधियों से डराया नहीं जा सकता है। ऐसी हरकतों का जिम्मेदार और इसके जिम्मेदार लोगों को आने वाले समय में जोरदार तरीके से नजर आएगा। मैं देशवासियों को आश्वस्त करता हूं।'' जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बेसरन घाटी में बीते दिन आतंकियों ने गोलीबारी करके 26 पर्यटकों की हत्या कर दी। इसके अलावा 17 अन्य घायल हुए हैं। हमले के बाद सामने आया कि आतंकियों ने लोगों के धर्म पूछकर उनकी जान ली। लोगों से कलमा पढ़ने को कहा गया और जिन्होंने पढ़ लिया, उन्हें छोड़ दिया गया, जबकि अन्य को सिर के नजदीक से गोली मार दी गई। recent visitors 45

‘सिंधु जल संधि को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित करने का आ गया है समय, पहलगाम आतंकी हमला पर बोले- पूर्व राजदूत कंवल सिब्बल

नई दिल्ली जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के कुलाधिपति और रूस में भारत के पूर्व राजदूत कंवल सिब्बल ने पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर पाकिस्तान के साथ हुए सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को अनिश्चित काल के लिए निलंबित करने की वकालत की है. दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में भारत के विदेश सचिव रहे सिब्बल ने एक्स पर किए अपने पोस्ट में कहा कि पाकिस्तान द्वारा उकसाए गए पहलगाम में नवीनतम आतंकवादी हमले के लिए वास्तव में सार्थक प्रतिक्रिया के रूप में सिंधु जल संधि को अनिश्चित काल के लिए निलंबित करने का समय आ गया है. हमने पहले भी कहा है कि खून और पानी एक साथ नहीं चल सकते. आइए हम अपनी घोषित स्थिति पर काम करें. यह एक रणनीतिक प्रतिक्रिया होगी.” लेकिन सिब्बल आईडब्ल्यूटी को निलंबित करने के लिए क्यों दबाव डाल रहे हैं? दरअसल, सिंधु नदी और उसकी 5 सहायक नदियों के पानी के उपयोग को नियंत्रित करने वाली सिंधु जल संधि पर भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हस्ताक्षर किए गए थे. इस संधि के अनुसार, भारत रावी, ब्यास और सतलुज के पानी का उपयोग कर सकता है जबकि पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चिनाब का पानी आवंटित किया गया है. भले ही वितरण समान लगता हो, लेकिन संधि पाकिस्तान के पक्ष में है क्योंकि देश को सिंधु नदी प्रणाली के कुल जल प्रवाह का लगभग 80 प्रतिशत प्राप्त होता है. पाकिस्तान का कृषि क्षेत्र सिंधु, झेलम और चिनाब के पानी पर बहुत अधिक निर्भर है, खासकर पंजाब और सिंध में. सिब्बल ने पोस्ट में आगे कहा कि व्हाइट हाउस में ट्रम्प प्रशासन के साथ, भारत अमेरिका के साथ इस मुद्दे पर अनुकूल स्थिति में है, क्योंकि हमला अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की भारत यात्रा के दौरान हुआ था. उनका मानना ​​है कि इस कार्रवाई से बांग्लादेश को भी कड़ा संदेश जाएगा. “ट्रंप और वेंस के इस्लामी चरमपंथ और आतंकवाद पर कड़े विचार हैं. इस कदम से बांग्लादेश को भी अच्छा संदेश जाएगा.” बता दें कि 2019 के पुलवामा हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में हुए सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक में 2 विदेशी नागरिकों सहित कम से कम 26 लोगों की जान चली गई है. हमलावर आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़े हैं. recent visitors 36

पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया, विराट कोहली समेत कई क्रिकेटरों ने इस घटना पर दुख जताया

नई दिल्ली भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और उनकी वाइफ अनुष्का शर्मा ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले मारे गए लोगों के लिए शोक व्यक्त किया है। पहलगाम में हुए इस आतंकी हमले में कम से कम 26 नागरिक मारे गए। इनमें ज्यादातर पर्यटक थे। 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में यह सबसे घातक हमला है। हमला बैसरन में हुआ, जो एक घास का मैदान है और वहां पैदल या टट्टू से ही पहुंचा जा सकता है। विराट और अनुष्का ने इंस्टाग्राम पर पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उम्मीद जताई कि इस घटना के अपराधियों को सजा दी जाएगी। कोहली के अलावा, केएल राहुल और शुभमन गिल सहित कई अन्य क्रिकेटरों ने भी पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस हमले में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई। विराट कोहली समेत कई क्रिकेटरों ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही, उन्होंने इस हमले के दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की है।   विराट कोहली ने सोशल मीडिया पर लिखा- पहलगाम में निर्दोष लोगों पर हुए जघन्य हमले से बहुत दुखी हूं। पीड़ितों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना। उन सभी परिवारों को शांति और शक्ति के लिए प्रार्थना करता हूं जिन्होंने अपनी जान गंवाई और इस क्रूर कृत्य के लिए न्याय मिले। दूसरी ओर, अनुष्का ने लिखा- कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष लोगों पर हुए निर्दयी आतंकी हमले के बारे में सुनकर दिल टूट गया। उनके परिवारों के प्रति हार्दिक प्रार्थनाएं और संवेदनाएं। यह एक जघन्य हमला है जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकेगा विराट कोहली के इस ट्वीट के बाद कई अन्य क्रिकेटरों ने भी इस घटना पर दुख जताया। केएल राहुल ने लिखा- कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बारे में सुनकर दुख हुआ। मेरी प्रार्थनाएं पीड़ितों के परिवारों के साथ हैं। शांति और शक्ति के लिए प्रार्थना करता हूं। शुभमन गिल ने कहा- पहलगाम में हुए हमले के बारे में सुनकर दुख हुआ। मेरी प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। हमारे देश में इस तरह की हिंसा का कोई स्थान नहीं है। अनिल कुंबले ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा- पहलगाम में हुए दुखद हमले के बारे में सुनकर दुख हुआ। निर्दोष लोगों की जान चली गई। प्रभावित परिवारों के लिए शक्ति और शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। आइए, नफरत के खिलाफ एक साथ खड़े हों। recent visitors 44