भारत और ब्राजील के बीच कृषि व्यापार, तकनीक-नवाचार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

भोपाल/नई दिल्ली केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी ब्राजील यात्रा से 21 अप्रैल, सोमवार को सुबह लौट रहे है। उनकी यह यात्रा कई मायनों में महत्वपूर्ण रही। 15वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में केंद्रीय मंत्री के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी के साथ-साथ यह दौरा भारत और ब्राजील के बीच कृषि व्यापार, तकनीक-नवाचार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ब्राजील प्रवास के दौरान शिवराज सिंह का भारत में सोया उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर रहा। वहीं उनकी मंशा भारतीय किसानों को वैश्विक स्तर की तकनीक का लाभ दिलाने के साथ उन्नत करने की है। उनका कहना है कि विभिन्न देशों के संयुक्त प्रयासों से वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्राजील यात्रा के दौरान भी मुख्य रूप से भारत के छोटे किसानों की चिंता की। उनका कहना रहा कि जब तक छोटे किसानों को संरक्षित और सशक्त नहीं किया जाएगा, तब तक वैश्विक खाद्य सुरक्षा का लक्ष्य अधूरा रहेगा। भारत समावेशी, न्यायसंगत और टिकाऊ कृषि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत ने ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के भाव के साथ सभी देशों के साथ विश्वास और सहयोग का संदेश दिया। केंद्रीय मंत्री ने किया ये आह्वान उन्होंने कृषि तकनीक, नवाचार, क्षमता निर्माण और व्यापार सुलभता में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया, जिससे विभिन्न देशों के किसान और कृषि उद्यम लाभान्वित हो सके। भारत ने ब्रिक्स मंच के माध्यम से कृषि तकनीक हस्तांतरण, अनुसंधान, फूड प्रोसेसिंग, और व्यापार में सहयोग को और मजबूत करने की बात कही। शिवराज सिंह चौहान का उद्बोधन भारत की ओर से वैश्विक खाद्य सुरक्षा, छोटे किसानों के सशक्तिकरण, कृषि नवाचार व तकनीकी सहयोग और ब्रिक्स देशों के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहा। कुल मिलाकर, शिवराज सिंह चौहान की ब्राजील यात्रा सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि भारतीय कृषि के लिए तकनीकी नवाचार, उत्पादन बढ़ोतरी और वैश्विक साझेदारी की दिशा में ठोस पहल है, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। ब्रासीलिया में हुई 15वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में भारत के साथ ही मेजबान ब्राजील तथा रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, यूएई, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान सहित ब्रिक्स सदस्य देशों के कृषि मंत्री/वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य विषय ‘ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग, नवाचार और न्यायसंगत व्यापार के माध्यम से समावेशी और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना’ था। भारत-ब्राजील कृषि सहयोग को नई दिशा शिवराज सिंह चौहान की यह यात्रा 15वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में भागीदारी के साथ-साथ भारत और ब्राजील के बीच कृषि सहयोग को नई दिशा देने वाली है। इससे दोनों देशों के बीच कृषि व्यापार को बढ़ावा मिल सकेगा। केंद्रीय मंत्री ने ब्राजील के साथ जलवायु अनुकूल सोयाबीन किस्मों, यंत्रीकरण, प्रिसिजन फार्मिंग और सतत कृषि पद्धतियों पर ज्ञान साझाकरण की इच्छा जताई। उन्होंने ब्राजील के कृषि मॉडल, मैकेनाइजेशन, सिंचाई और रिसर्च से सीखने व भारतीय कृषि में लागू करने की इच्छा भी व्यक्त की, ताकि अपने किसानों को अधिकाधिक लाभान्वित किया जा सके। तकनीकी नवाचार और आपूर्ति श्रृंखला बैठकों में बायोफ्यूल, बायोएनर्जी, सप्लाई चेन एकीकरण और कृषि मशीनरी के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई है, जिससे भारतीय किसानों को वैश्विक स्तर की तकनीक मिल सकेगी। वैश्विक खाद्य सुरक्षा में योगदान दोनों देशों के संयुक्त प्रयासों से वैश्विक खाद्य सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी, क्योंकि ब्राजील ने 50 वर्षों में कृषि निर्यात में जबरदस्त वृद्धि की है, जो भारत के लिए भी प्रेरणादायक है। शिवराज सिंह ने द्विपक्षीय बैठकें की शिवराज सिंह ने ब्राजील के कृषि एवं पशुधन मंत्री कार्लोस हेनरिक बैकेटा फेवरो और कृषि विकास एवं पारिवारिक कृषि मंत्री लुईज पाउलो टेक्सेरा के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी की। इन बैठकों में कृषि, कृषि-प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। वहीं उन्होंने साओ पाउलो में ब्राजील के कृषि व्यवसाय समुदाय के 27 सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान कृषि व्यापार, उत्पादन तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण, जैव ईंधन, तकनीकी नवाचार और आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण पर सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। आधुनिक कृषि तकनीकों का अवलोकन केंद्रीय कृषि मंत्री ने ब्राजील के सोयाबीन उत्पादन प्लांट, टमाटर के खेत और अन्य संस्थानों का दौरा कर मैकेनाइजेशन, सिंचाई और फूड प्रोसेसिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को करीब से देखा। ब्राजील में लगभग 100 प्रतिशत मैकेनाइजेशन है, जिससे भारतीय कृषि को भी प्रेरणा मिल सकती है। सोयाबीन और फूड प्रोसेसिंग में साझेदारी अभी भारत सोया तेल का आयात करता है, लेकिन अब दोनों देश मिलकर सोयाबीन उत्पादन और प्रोसेसिंग में निवेश, तकनीक और प्लांट लगाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इससे भारत में सोया उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने बताया कि भारत में सोयाबीन उत्पादन और प्रोसेसिंग को बढ़ाने के लिए ब्राजील के साथ मिलकर काम करने की योजना है। साथ ही, मैकेनाइजेशन और बीज अनुसंधान में भी दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। ‘एक पेड़ मां के नाम’ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह का प्रतिदिन पौधरोपण का सिलसिला ब्राजील में भी जारी रहा। उन्होंने ब्रासीलिया स्थित भारतीय दूतावास में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व के सम्मान को बढ़ावा मिला। भारतीय प्रवासियों से मुलाकात ब्राजील के साओ पाउलो में वहां के भारतीय प्रवासियों से भी शिवराज सिंह ने मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों में उनकी भूमिका की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह हमारी आजादी का अमृतकाल है। 2047 में हमें आजाद हुए 100 साल हो जाएंगे और तब संपूर्ण विकसित भारत बनाना ही हमारा लक्ष्य है। शिवराज सिंह बोले- कई तरह के अनुभवों और तकनीकों से समृद्ध होने का मिला अवसर केंद्रीय मंत्री शिवराज का कहना है ‘ब्राजील प्रवास के दौरान कई तरह के अनुभवों और तकनीकों से समृद्ध होने का अवसर मिला है। हम भारत में उत्पादन बढ़ाने के लिए इन तकनीकों का उपयोग करने की दिशा में कार्य करेंगे। मुझे विश्वास है कि भारत और ब्राजील के परस्पर सहयोग से हमारे किसान सशक्त होंगे और वैश्विक खाद्य सुरक्षा को नई दिशा मिलेगी।’ यह यात्रा भारत-ब्राजील कृषि सहयोग, ब्रिक्स देशों के साथ साझेदारी और भारतीय कृषि में नवाचार व टिकाऊ विकास को … Read more

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व मे विश्व का सबसे सफल चीता पुनर्वास अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मालवा क्षेत्र के मंदसौर में गाँधी सागर अभयारण्य की भूमि पर प्रभास और पावक चीतों को खुले बाड़े में छोड़ा। चीतों के फर्राटे के साथ 20 अप्रैल, रविवार का दिन मालवा की भूमि के लिए ऐतिहासिक दिवस के रूप मे दर्ज हो गया। देश में पहली बार अंतर्राज्यीय स्तर पर चीतों का पुनर्वास हुआ है। यह दोनों चीते आज श्योपुर कूनो से मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह पूर्वक इन चीतों को खुले बाड़े में छोड़ा। यहां पर्याप्त संख्या में चीतल चिंकारा और छोटे जानवर हैं। दोनों 6 वर्षीय युवा चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में खुले में ही घूम कर शिकार कर रहे थे। इसलिए इन्हें सीधे खुले बाड़े में छोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीता प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में सबसे अधिक सफल मध्यप्रदेश में हुआ है। पुनर्वास के बाद श्योपुर के कूनो में दुनिया में सबसे अधिक चीतों का जन्म हुआ है। मालवा की भूमि पर हम चीतों का स्वागत करते हैं। चीतों के आने से मंदसौर और नीमच जिलों मे पर्यटन की संभावनाओं को पंख लग जायेंगे। राजस्थान और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों को रोजगार के नये अवसर मिलेंगे, उनके जीवन स्तर में भी सुधार होगा। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा। वन्य पर्यावरण की दृष्टि से मध्यप्रदेश की धरा पर चीतों का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया गया है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, सांसद श्री सुधीर गुप्ता, विधायक श्री अनिरुद्ध मारू, श्री हरदीप सिंह डंग, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सत्य नारायण जटिया, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्नवाल, संभाग आयुक्त श्री संजय गुप्ता और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी श्री असीम श्रीवास्तव के साथ बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। प्रभास और पावक का कूनो से गाँधी सागर अभयारण्य का सफर श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क से गांधीसागर अभयारण्य के लिए दो नर चीते प्रभास और पावक को 20 अप्रैल, रविवार की सुबह रवाना किया गया था। सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा और डॉक्टर ओंकार अचल सहित 20 लोगों की टीम चीतों के साथ गाँधी सागर अभयारण्य पहुंची। यह टीम गांधी सागर में 7 दिन रुकेगी। इस दौरान वह स्थानीय स्टाफ को चीतों की देख-रेख के गुर सिखाएगी। इन चीतों को अलग-अलग वाहनों में लाया गया है, जो श्योपुर, बारां, कोटा और झालावाड़ होते हुए मंदसौर पहुंचे। वाहन और पिंजरे को कूनो नेशनल पार्क में सैनिटाइज किया गया था। गांधी सागर अभयारण्य में 37 किमी का एक बाड़ा बनाया गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी सुविधाओं वाला वाहन और मेडिकल टीम भी साथ रहीl   recent visitors 36

रामबन में हुए दुखद भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से बेहद दुखी हूं, राहत और बचाव कार्य तेज करने के दिए निर्देश

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में रविवार सुबह भारी बारिश के बाद सेरी बागना इलाके में बादल फटने की दुखद घटना सामने आई। इसमें जनहानि की भी खबरें आ रही हैं। इस आपदा के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय पुलिस और राहत दलों ने तेजी से मोर्चा संभाला और करीब 100 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस त्रासदी पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "रामबन में हुए दुखद भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से बेहद दुखी हूं, जिससे जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं।" उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जहां भी जरूरत हो, वहां तत्काल बचाव और राहत कार्य पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वे जल्द ही बहाली, राहत और मरम्मत योजनाओं की समीक्षा करेंगे। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान जमीनी स्तर पर हालात को संभालने पर है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम और यात्रा संबंधी सलाहों का पालन करें तथा संवेदनशील और जोखिम भरे क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से आवाजाही से बचें। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाओं का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक 20 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। पूरे दिन आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे, जबकि देर शाम तक कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश या बर्फबारी भी हो सकती है। वहीं, 21 अप्रैल को भी कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश और गर्जन के साथ बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। 22 से 28 अप्रैल के बीच मौसम सामान्य रूप से शुष्क रहेगा, हालांकि 25 अप्रैल को आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। मौसम विभाग ने सभी संबंधित विभागों और आम जनता से अपील की है कि वे अपने कार्यक्रम मौसम पूर्वानुमान के अनुसार तय करें और प्रशासन या यातायात विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। खासतौर पर किसानों को सलाह दी गई है कि वे 21 अप्रैल तक कोई भी कृषि कार्य स्थगित रखें, ताकि मौसम जनित जोखिम से बचा जा सके। recent visitors 26

पाकिस्तान में हिंदू राज्य मंत्री पर प्रदर्शनकारियों ने किया हमला, हिंदू मंत्री भी सुरक्षित नहीं, पीएम शहबाज ने की हमले की निंदा

इस्लामाबाद पाकिस्तान में हिंदुओं के खिलाफ बर्बरता की खबरें लगातार आती रहती हैं। अब तो हिंदू मंत्री भी पाकिस्तान में सुरक्षित नहीं हैं। पाकिस्तान के सिंध में हिंदू राज्य मंत्री पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। हमलावर सरकार की विवादास्पद सिंचाई नहर परियोजनाओं का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इससे दक्षिणी प्रांत में सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण नदियों का बहाव कम हो जाएगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अगुवाई वाली सरकार में धार्मिक मामलों के राज्य मंत्री खील दास कोहिस्तानी शनिवार को प्रांत के थट्टा जिले से गुजर रहे थे, तभी उनके काफिले पर टमाटर और आलू फेंके गए। अधिकारियों ने बताया कि हमले में खील दास को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। प्रधानमंत्री शहबाज ने हमले की कड़ी निंदा की और उन्हें घटना की गहन जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, "जनप्रतिनिधियों पर हमला अस्वीकार्य है। घटना में शामिल लोगों को कड़ी सजा दी जाएगी।" कोहिस्तानी सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सदस्य हैं और प्रदर्शनकारियों ने पार्टी की संघीय सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। संघीय सूचना मंत्री अत्ता तरार ने भी घटना का संज्ञान लिया और इसे हमला घोषित किया। उन्होंने सिंध के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) गुलाम नबी मेमन से घटना का ब्योरा मांगा और संघीय आंतरिक सचिव से रिपोर्ट मांगी। सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने भी इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की। अपने बयान में उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। उन्होंने हैदराबाद क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक को हमले में शामिल बदमाशों को तुरंत गिरफ्तार करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। नेशनल असेंबली की वेबसाइट पर उपलब्ध व्यक्तिगत विवरण के अनुसार, कोहिस्तानी सिंध के जामशोरो जिले से हैं और वह पहली बार 2018 में पीएमएल-एन के टिकट पर संसद सदस्य चुने गए थे। पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद, उन्हें 2024 में फिर से चुना गया और उन्हें राज्य का मंत्री बनाया गया। सरकार ने घोषणा की है कि ग्रीन पाकिस्तान पहल के तहत चोलिस्तान क्षेत्र में भूमि की सिंचाई के लिए पंजाब प्रांत में छह नहरों के निर्माण का प्रस्ताव है। यह एक ऐसी परियोजना है जिसे शक्तिशाली सेना, संघीय सरकार और पंजाब प्रांतीय प्रशासन का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, सिंध में विभिन्न दल और राष्ट्रवादी समूह इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं और दलील दे रहे हैं कि नहरों के कारण पानी का बहाव कम हो जाएगा और प्रांत में सिंचाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। हमलावर प्रस्तावित नहरों का विरोध कर रहे थे। recent visitors 40

बांग्लादेश दक्षिण त्रिपुरा में मुहुरी नदी के पास एक और तटबंध बना रहा है, अब भारत के खिलाफ नई साजिश रच रहा

नई दिल्ली सत्ता परिवर्तन के बाद से ही बांग्लादेश और भारत के बीच संबंध खराब होते जा रहे हैं। अब बांग्लादेश ने भारत के खिलाफ एक और साजिश रची है। वह दक्षिण त्रिपुरा में मुहुरी नदी के पास एक और तटबंध बना रहा है। इसकी वजह से सीमा से सटे शहरों में बाढ़ की आशंकाएं बढ़ गई हैं। बेलोनिया के सीपीएम विधायक दीपांकर सेन ने इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय से तुरंत इसमें हस्तक्षेप करने की मांग क है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नदी पर बन रहा यह तटबंध डेढ़ किलोमीटर लंबा और 20 फीट ऊंचा है। सेन ने कहा कि इंदिरा-मुजीब समझौते के अनुसार, किसी भी देश को बॉर्डर के 150 गज के अंदर किसी भी तरह का निर्माण करने की अनुमति नहीं है। इस समझौते के बाद भी बॉर्डर से 50 गज की दूरी और कुछ जगह 10 गज की दूरी पर इस तटबंध का निर्माण किया जा रहा है। इसी समझौते के चलते दक्षिणी त्रिपुरा के इलाकों में बांग्लादेश की आपत्ति के बाद कई प्रोजेक्ट्स भी रोक दिए गए। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि वे इस मामले में रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, एसपी साउथ त्रिपुरा ने कहा, ''हमारे नोटिस में मामला सामने आया है और हम इसकी जांच कर रहे हैं। फिलहाल अभी कोई दिक्कत वाली बात नहीं है।'' भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के पास मुहुरी नदी के नजदीक स्थित शहरों में रहने वाले कम से कम 500 परिवारों को इस तटबंध के निर्माण की वजह से मॉनसून में बाढ़ आने का डर है। बता दें कि तटबंध नदी के पानी के बहाव को रोकता है और इसकी वजह से ही बेलोनिया में बाढ़ आने की आशंका बढ़ गई है। भारत के खिलाफ साजिश रच रहा बांग्लादेश शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से ही भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते खराब हो गए। मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल में बांग्लादेश में हिंदू सुरक्षित नहीं हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के बिराल उपजिला में भाबेश चंद्र रॉय नामक शख्स को पहले अगवा किया गया और फिर उसे पीट-पीटकर मार डाला गया। इससे दोनों देशों में टेंशन बढ़ गई। भारत ने बांग्लादेश को मुंहतोड़ जवाब दिया। रॉय शतग्राम संघ के अंतर्गत बसुदेबपुर गांव के निवासी थे और बांग्लादेश पूजा उद्जापन परिषद की बिराल इकाई के उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। स्थानीय हिंदू समुदाय में उनका काफी सम्मान था। recent visitors 26

हिमांशु जाखड़ ने अंडर-18 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश-प्रदेश का नाम रोशन किया

झज्जर हरियाणा के झज्जर हिमांशु जाखड़ सऊदी अरब के दम्मम में चल रही एशियन अंडर-18 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश-प्रदेश का नाम रोशन किया। हिमांशु की इस उपलब्धि पर पूरे गांव में खुशी का माहौल है।  हमांशु जाखड़ पुत्र दलबीर जाखड़ गांव साल्हावास के रहने वाले है। हिमांशु ने एशियन अंडर-18 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 67.57 मीटर भाला फेंककर भारत के लिए पहला और एकमात्र स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय, क्षेत्र और जिले बल्कि पूरे हरियाणा को गौरवान्वित किया है। इससे पहले भी हिमांशु ने नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2024 में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। हिमांशु की इस असाधारण उपलब्धि पर उसे ग्रामीणों की तरफ से सम्मानित किया जाएगा। हिमांशु ने जेवलिन थ्रो में अपने आदर्श नीरज चोपड़ा को बताया। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले हिमांशु जाखड़ ने यह सिद्ध कर दिया कि सपने केवल देखने से नहीं बल्कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से पूरे होते हैं। recent visitors 42

मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया

बेंगलुरु मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच आईपीएल 2025 का 38वां मुकाबला खेला जा रहा है। मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। चेन्नई सुपर किंग्स ने एक बदलाव किया है। राहुल त्रिपाठी की जगह आयुष को प्लेइंग इलेवन में जगह मिली है। मुंबई की टीम बिना बदलाव के उतरी है। हार्दिक पांड्या के नेतृत्व में मुंबई इंडियंस की टीम ने जारी सीजन में सात मैच खेलते हुए तीन जीते हैं और चार में उसे हार मिली है। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स के नियमित कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ चोटिल हो गए हैं, उनकी जगह एमएस धोनी टीम की कमान संभाल रहे हैं। चेन्नई ने जारी सीजन में सात मैच खेले हैं सिर्फ दो जीते हैं, जबकि पांच में उसे हार का सामना करना पड़ा है। मुंबई इंडियंस प्लेइंग इलेवन मुंबई इंडियंस (प्लेइंग इलेवन): रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), विल जैक्स, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या (कप्तान), नमन धीर, मिशेल सेंटनर, दीपक चाहर, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, अश्विनी कुमार चेन्नई सुपर किंग्स प्लेइंग इलेवन चेन्नई सुपर किंग्स (प्लेइंग इलेवन): शेख रशीद, रचिन रवींद्र, आयुष म्हात्रे, रविंद्र जड़ेजा, शिवम दुबे, विजय शंकर, जेमी ओवरटन, एमएस धोनी (विकेटकीपर/कप्तान), नूर अहमद, खलील अहमद, मथीशा पथिराना मुंबई इंडियंस ने जीता टॉस मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। चेन्नई की टीम पहले बैटिंग करेगी। recent visitors 31