अप्रैल के अंत तक बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है, मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर बड़ा ऐलान

नई दिल्ली भारतीय राजनीति में एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल जल्द देखने को मिल सकता है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस वीकेंड तक पांच राज्यों के लिए नए प्रदेश अध्यक्षों के नाम का ऐलान कर सकती है। इसके तुरंत बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अप्रैल के अंत तक बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है, जो 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी की नई दिशा और रणनीति तय करेगा। क्या है पूरी प्रक्रिया? BJP के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले कम से कम 50 प्रतिशत राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति होनी जरूरी है। अब तक 14 राज्यों में नए अध्यक्ष चुने जा चुके हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों में यह पद अभी खाली है। इस हफ्ते इन राज्यों के लिए नामों का ऐलान हो सकता है। बड़े नेताओं के बीच अहम बैठकें इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संगठन महामंत्री बीएल संतोष और मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। यह मंथन अगले अध्यक्ष के चयन और संगठनात्मक बदलावों की ओर इशारा करता है। किसके नाम की हो रही है चर्चा? सूत्रों के मुताबिक, अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा इसको लेकर मनोहर लाल खट्टर, धर्मेंद्र प्रधान, और भूपेंद्र यादव जैसे दिग्गज नेताओं के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इन नामों पर जल्द ही RSS से भी फीडबैक लिया जाएगा।  कैबिनेट में भी हो सकता है फेरबदल बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव के बाद मोदी कैबिनेट में भी विस्तार और फेरबदल की संभावनाएं जताई जा रही हैं। माना जा रहा है कि इसमें NDA सहयोगी दलों जैसे NCP, शिवसेना और बिहार के नेताओं को भी जगह मिल सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अध्यक्ष पद का कार्यकाल और देरी की वजह जेपी नड्डा जनवरी 2020 में अध्यक्ष बने थे। आम तौर पर बीजेपी अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है, लेकिन चुनाव टलते रहे और नड्डा का कार्यकाल बढ़ा दिया गया। 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी अब सोच-समझकर अगला चेहरा चुनना चाहती है, ताकि आगामी राज्य चुनावों और 2029 की तैयारियों के लिए रणनीति पक्की की जा सके।   recent visitors 50

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गाँधी सागर अभयारण्य में छोड़ेंगे 2 चीते, चीतों का बनेगा नया आशियाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को मंदसौर जिले के गाँधी सागर अभयारण्य में 2 चीतों को छोड़ेंगे। "चीता प्रोजेक्ट" मध्यप्रदेश की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य भारत में चीतों की संख्या बढ़ाना और उनकी प्रजाति को बचाना है। इस परियोजना के तहत मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क के साथ अब गाँधी सागर अभयारण्य में चीतों का आशियाना बनाया जा रहा है। गाँधी सागर अभयारण्य प्रदेश का दूसरा ऐसा स्थान होगा, जहाँ चीतों को बसाया जा रहा है। यह वन्य-जीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। साथ ही वन्य-जीव संरक्षण प्रेमियों और देशी-विदेशी पर्यटकों के लिये भी यह उत्साह का अवसर होगा। प्रदेश में चीतों की संख्या बढ़ाने के लक्ष्य के तहत दक्षिण अफ्रीका, केन्या और बोत्सवाना से चीते लाकर उन्हें मध्यप्रदेश के जंगलों में बसाया जा रहा है। श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में वर्तमान में 26 चीते हैं। बोत्सवाना से 8 चीते लाने की योजना है। मई-2025 तक 4 चीते लाये जायेंगे। इसके बाद 4 चीते और लाये जायेंगे। दक्षिण अफ्रीका और केन्या से भी चीते लाने की योजना प्रस्तावित है। अंतर्राज्यीय चीता संरक्षण परिसर की स्थापना के लिये मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच सैद्धांतिक सहमति हो चुकी है। दोनों राज्य मिलकर अंतर्राज्यीय चीता संरक्षण परिसर बनायेंगे। चीता परियोजना पर 112 करोड़ रुपये व्यय किये जा चुके हैं, जिसमें से 67 प्रतिशत राशि मध्यप्रदेश में चीता पुनर्वास पर व्यय हुई है। भारत और लगभग सम्पूर्ण एशिया महाद्वीप से विलुप्त हो चुके चीतों का पुनर्वास कर राज्य सरकार प्रकृति से प्रगति और प्रगति से प्रकृति के संरक्षण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। गाँधी सागर पूर्वी मध्यप्रदेश में स्थित एक वन्य-जीव अभयारण्य है। यह अभयारण्य प्रदेश के मंदसौर और नीमच जिले में फैला हुआ है। इस अभयारण्य में सलाई, करधई, धौड़ा, तेंदू, पलाश जैसे पेड़ हैं। यह विश्व प्रसिद्ध चतुर्भुज नाला का हिस्सा है। रॉक सेंटर भी इसी अभयारण्य का हिस्सा है। इस अभयारण्य को वर्ष 1974 में अधिसूचित किया गया था और वर्ष 1984 में अभयारण्य बनाया गया। अभयारण्य में वन शैल चित्रकला स्थलों और चतुर्भुजनाथ मंदिर जैसे प्रसिद्ध मंदिरों के होने से इसका पुरातात्विक और धार्मिक महत्व है। अभयारण्य गाँधी सागर के बैक वाटर के आसपास के क्षेत्र में फैला हुआ है, जो जंगली कुत्ते, चिंकारा, तेंदुआ, ऊदबिलाव, मगरमच्छ जैसे कुछ दुर्लभ प्रजातियों के लिये जाना जाता है। इसके अलावा यहाँ चित्तीदार हिरण, सांभर, ग्रे लंगूर जैसे जानवर भी पाये जाते हैं।   recent visitors 51

दिल्ली में दो दिन भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, उत्तर भारत में मौसम ने पलटी चाल

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने अचानक करवट ली है, और शुक्रवार शाम से शुरू हुई आंधी-बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस वीकेंड दिल्ली में तेज आंधी और बारिश की संभावना है, जिसके साथ ही बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। सिर्फ दिल्ली ही नहीं, देश के कई अन्य राज्यों में भी मौसम बिगड़ने की संभावना जताई जा रही है। दिल्ली में दो दिन भारी बारिश और आंधी का अलर्ट शनिवार और रविवार को दिल्लीवासियों को फिर से मौसम की सख्ती का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने आंधी, बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली का तापमान इस दौरान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, लेकिन बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। रविवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री तक गिर सकता है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान: यूपी, पंजाब और अन्य राज्यों में आफत दिल्ली के अलावा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के गंगा मैदानी इलाकों में भी आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। इसके अलावा, हिमालयी क्षेत्रों और उप-हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मणिपुर जैसे राज्यों में भी आंधी और बिजली की संभावना बनी हुई है। राजस्थान और अन्य राज्यों में गर्मी का प्रकोप वहीं, कुछ राज्यों में गर्मी का कहर भी जारी है। राजस्थान में लू चलने की संभावना जताई जा रही है। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी उमस और गर्मी का असर देखा जा सकता है। उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने का अनुमान है, जबकि गुजरात में भी तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी विक्षोभ और इसकी भूमिका मौसम विभाग के अनुसार, इस अचानक मौसम परिवर्तन का कारण पश्चिमी विक्षोभ है, जो उत्तरी ईरान और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है। इसके प्रभाव से 19 से 21 अप्रैल तक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश, गरज, और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन इलाकों में बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है। recent visitors 52

आईआईटी जेईई मेन परिणाम: बुरहानपुर के विद्यार्थी माजिद हुसैन ने आल इंडिया रैंकिंग में 30वां स्थान हासिल किया

बुरहानपुर आईआईटी जेईई मेंस 2025 के परीक्षा परिणाम शनिवार को घोषित किए गए हैं। इसमें बुरहानपुर के विद्यार्थी माजिद हुसैन ने आल इंडिया रैंकिंग में 30वां स्थान हासिल किया है। साथ ही वे मप्र के टाॅपर बन गए हैं। इस परीक्षा में माजिद ने 99.9992 परसेंटाइल हासिल किए हैं। उनकी इस सफलता पर एकेडमी के डायरेक्टर आनंद चौकसे व शिक्षकों ने फूल माला पहना कर स्वागत किया। माजिद मूलत: पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के जलगांव जिले के रहने वाले हैं। काफी समय से बुरहानपुर में रह कर परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। ये है सफलता की कहानी IIT जेईई मेन 2025 की परीक्षा में आल इंडिया रैंकिंग में 30वां स्थान हासिल करके मध्य प्रदेश में टाप करने वाले माजिद हुसैन को यूं ही सफलता हाथ नहीं लगी। परीक्षा की तैयारी के दौरान माजिद ने दिन के 12 से 14 घंटे किताबों के बीच खपाए हैं। इस परीक्षा में माजिद ने 99.9992 परसेंटाइल हासिल किए हैं। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की एक निजी शिक्षण संस्था में अध्ययनरत रहकर तैयारी करने वाले माजिद हुसैन मूलत: पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के जलगांव जिले के रहने वाले हैं। उनके पिता जलगांव में इंजीनियर हैं, जबकि मां शिक्षिका हैं। माजिद बताते हैं कि कक्षा 10वीं से वह बुरहानपुर की निजी शिक्षण संस्था में अध्ययनरत हैं और यहीं छात्रावास में रहकर परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। टाॅपर बनना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उनका अगला लक्ष्य IIT जेईई एडवांस्ड में देशभर में टाप करना है। उन्होंने एनएसईसी, आइएनपीएचओ, आइओक्यूएम, एनएसईपी, आइएनएमओ की अंतरराष्ट्रीय गणित ओलंपियाड में भी प्रथम स्थान हासिल किया। माजिद ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, माता-पिता के सहयोग और एकेडमी के बेहतर मार्गदर्शन को दिया है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा है। माता-पिता और एकेडमी के प्रोत्साहन के कारण ही आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। माजिद ने एनएसईसी, आईएनपीएचओ, आईओक्यूएम, एनएसईपी, आईएनएमओ की अंतर्राष्ट्रीय गणित ओलंपियाड में भी प्रथम स्थान हासिल किया है। माजिद ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य आईआईटी जेईई एडवांस्ड में भी देशभर में टाॅप करना है। इन्होंने भी पाया बेहतर स्थान माजिद के साथ ही एकेडमी के शुभ जैन ने 99.88, साजिद हुसैन 99.84, संमित महाजन 99.82, आयुशी साहू 99.74, गौरव अडवानी 99.66, अदम्य पाटीदार 99.60, स्वर्णिम राठौर 99.58, मकरंद सरखाने 99.53, कृष यादव 99.51, दिव्यांश तिवारी 99.50, हर्ष रावत 99.48, आदि कुमार जैन 99.47, आरूश साहू 99.34, अर्पित पटेल 99.31, कृष्णम पाटिल 99.14, ऋतुराज सिंह चौहान 99.05 अजय धोते ने भी 99.05 परसेंटाइल हासिल किया है। recent visitors 54

गुजरात टाइटंस ने सात विकेट से जीता मैच, स्टार्क नहीं दोहरा सके पुरानी कहानी, बटलर शतक से चूके

अहमदाबाद गुजरात टाइटंस वर्सेस दिल्ली कैपिटल्स आईपीएल 2025 का 35वां मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है। टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने गुजरात टाइटंस के सामने जीत के लिए 204 रनों का टारगेट रखा है। इस स्कोर का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की टीम को पहला झटका कप्तान शुभमन गिल (7) के रूप में लगा, जो दूसरे ओवर में करुण नायर के हाथों रन आउट हुए। गुजरात टाइटंस ने 5वें ओवर में 50 रन का आंकड़ा पार किया और पावरप्ले में 1 विकेट के नुकसान पर 67 रन बनाए। दिल्ली कैपिटल्स को दूसरी विकेट कुलदीप यादव ने साई सुदर्शन (36) को आउट करके दिलाई। दिल्ली की पारी की बात करें तो उनके टॉप स्कोरर कप्तान अक्षर पटेल रहे जिन्होंने 39 रनों की पारी खेली। हैरानी की बात यह है कि टीम किसी भी खिलाड़ी के अर्धशतक के बिना 200 के पार पहुंचने में कामयाब रही है। वहीं गुजरात टाइटंस के लिए सबसे सफल गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा रहे जिन्होंने सर्वाधिक 4 विकेट चटकाए। इसी के साथ प्रसिद्ध कृष्णा ने नूर अहमद से पर्पल कैप भी छीनी। जीटी ने सात विकेट से जीता मैच गुजरात ने सात विकेट से मैच अपने नाम कर लिया है। तेवतिया ने आखिरी ओवर की पहली गेंद पर छक्का और दूसरी पर चौका लगाकर जीटी को जीत दिलाई। तेवतिया 11 और बटलर 97 रन बनाकर नाबाद रहे। recent visitors 46

जिन लोगों को लगता है कि औरंगजेब एक नायक था उन्हें नेहरू की किताब पढ़ना चाहिए: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

नई दिल्ली केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज को राष्ट्रीय नायक बताया। औरंगजेब को अपना आदर्श मानने वालों को नसीहत देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि जिन लोगों को लगता है कि औरंगजेब एक नायक था उन्हें भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की किताब पढ़ना चाहिए, जिन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि मुगल बादशाह औरंगजेब एक क्रूर और कट्टरपंथी शासक था। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में मेवाड़ शासक महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे रक्षा मंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप अतुल्यनीय साहस और देश भक्ति के प्रतीक थे। उन्होंने अपने स्वाभिमान और अपनी धरती की रक्षा के लिए मुगल सम्राट अकबर को सीधी चुनौती दी थी। वरिष्ठ भाजपा नेता ने दावा किया कि स्वतंत्रता के बाद वामपंती इतिहासकारों ने महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी दोनों को ही उचित श्रेय नहीं दिया, बल्कि औरंगजेब जैसे क्रूर शासकों का महिमामंडन किया। ऐसा क्रूर और कट्टरपंथी व्यक्ति नायक नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि औरंगजेब का भाई दारा शिकोह एक धार्मिक व्यक्ति था। उसने उपनिषदों का अनुवाद किया था और औरंगजेब ने सत्ता के लिए उनकी हत्या कर दी। महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में बात करते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा, "अपनी वीरता के अलावा महाराणा प्रताप ने समाज के सभी वर्गों को एकजुट किया था। उनकी सेना में आदिवासी और मुसलमान सभी शामिल थे। हकीम खान सूरी ने हल्दीघाटी में मुगलों से राणा प्रताप के लिए लड़ते हुए अपने जीवन की आहूति दी थी, वहीं एक मुस्लिम युवक छत्रपति शिवाजी महाराज का अंगरक्षक था।" भाजपा नेता ने कहा कि राणा प्रताप और शिवाजी महाराज दोनों ही मुस्लिम विरोधी नहीं थे। न ही वह किसी धर्म को लेकर कट्ट्रर थे। वह सभी का सम्मान करते थे। रक्षा मंत्री ने कहा, "आज हमारा नैतिक कर्तव्य है कि हम देश के युवाओं को बताएं कि महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी केवल इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रेरणा के जीवित स्त्रोत हैं।" उन्होंने कहा कि बाबर, तैमूर, औरंगजेब, गौरी, गजनवी का महिमामंडन करने से किसी को भी मुस्लिम वोट नहीं मिलेगा। जो लोग इन लोगों की प्रशंसा करते हैं, वे भारतीय मुसलमानों का अपमान करते हैं। भाजपा के लिए सभी भारतीय समान हैं और वह किसी के साथ भेदभाव नहीं करती। उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह अपने पूर्वजों से सीखा है।’’ recent visitors 46

यूनुस से नहीं संभल रहा बांग्लादेश, अमेरिका ने बांग्लादेश के चटगांव हिल ट्रैक्ट्स क्षेत्र के लिए स्तर 4 की एडवाइजरी जारी की है

ढाका बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही हालात काफी खराब हो गए हैं। यूनुस सरकार से स्थिति संभल नहीं रही। आए दिन अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जाता है। अब अमेरिका ने भी अपने लोगों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर दी है। अमेरिका ने बांग्लादेश के लिए लेवल-3- यात्रा पर पुनर्विचार करें और खासतौर पर चटगांव हिल ट्रैक्ट्स क्षेत्र के लिए 'लेवल 4- यात्रा न करें' की चेतावनी जारी की है। अमेरिका ने बांग्लादेश के चटगांव हिल ट्रैक्ट्स क्षेत्र के लिए स्तर 4 की एडवाइजरी जारी की है, जिसमें हिंसा, अपराध और अपहरण के उच्च जोखिम का हवाला दिया गया है। 18 अप्रैल को अपडेट की गई सलाह में खगराचारी, रंगमती और बंदरबन जिलों (सामूहिक रूप से चटगांव हिल ट्रैक्ट्स के रूप में जाना जाता है) को शामिल किया गया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि इस क्षेत्र में सांप्रदायिक अशांति, आतंकवाद और राजनीतिक हिंसा की घटनाएं देखी गई हैं, जिसमें IED विस्फोट और सक्रिय गोलीबारी शामिल हैं। धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाले और व्यक्तिगत विवादों से जुड़े अपहरणों की भी रिपोर्ट किया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को इस क्षेत्र में जाने से रोक दिया गया है और यात्रा के लिए बांग्लादेश के गृह मंत्रालय से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। सलाह में कहा गया है, "किसी भी कारण से इन क्षेत्रों की यात्रा न करें।" समय-समय पर समीक्षा के बाद अपडेट की गई सलाह में अमेरिकी नागरिकों से नागरिक अशांति, अपराध और आतंकवाद के कारण बांग्लादेश की यात्रा पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया है। जबकि 2024 के मध्य में अंतरिम सरकार के गठन के बाद राजनीतिक अशांति से जुड़ी हिंसा कुछ कम हो गई है, लेकिन अमेरिकी विदेश विभाग ने चेतावनी दी है कि विरोध प्रदर्शन अभी भी बिना किसी चेतावनी के हिंसक हो सकते हैं। एडवाइजरी में कहा गया है, "इन यात्रा प्रतिबंधों, बुनियादी ढांचे की कमी और सीमित मेजबान सरकार के आपातकालीन प्रतिक्रिया संसाधनों के कारण, बांग्लादेश में अमेरिकी नागरिकों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने की अमेरिकी सरकार की क्षमता सीमित हो सकती है, विशेष रूप से ढाका के बाहर।" यात्रियों को सतर्क रहने, सभी प्रकार की भीड़-भाड़ से बचने और बांग्लादेश की यात्रा की योजना बनाने से पहले पूरी एडवाइजरी पढ़ने की सलाह दी गई है। recent visitors 54