दिल्ली में आतिशी ने सीएम रेखा गुप्ता पर साधा निशाना, कहा-भीषण गर्मी और बिजली कटौती से लोग परेशान

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में बढ़ती गर्मी और लगातार हो रही बिजली कटौती से लोग बेहद परेशान हैं। रविवार को दिल्ली में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, और इस भीषण गर्मी के बीच कई इलाकों में रात के समय घंटों तक बिजली गुल रही। इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल किए हैं। आतिशी ने कहा कि राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में लंबे-लंबे पावरकट लगे हैं, जिससे लोग बेहद मुश्किल में हैं। लेकिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का दावा है कि दिल्ली में कहीं कोई बिजली कटौती नहीं हो रही और लोग खुद कैंडल लाइट डिनर करने के लिए अपनी लाइटें बंद कर रहे हैं। आतिशी ने सवाल किया, “क्या सोशल मीडिया पर सभी दिल्लीवासी झूठ बोल रहे हैं? क्या सभी ने कैंडल लाइट डिनर करने के लिए अपनी लाइटें बंद कर मोमबत्तियां जला ली हैं?” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को दिल्लीवासियों का मजाक उड़ाने के बजाय बिजली समस्या का समाधान करना चाहिए। आतिशी ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में बताया कि कैसे उन्हें देर रात तक अलग-अलग इलाकों से बिजली कटौती की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने बताया कि भजनपुरा में रात 11:05 बजे बिजली गुल होने की शिकायत, संगम विहार (सी-ब्लॉक) में रात 12:44 बजे बिजली न होने की जानकारी, कमला नगर में रात 1:51 बजे एक घंटे से ज्यादा की बिजली कटौती, जीवन पार्क, उत्तम नगर में रात 1:52 बजे एक घंटे से ज्यादा बिजली गुल, सेक्टर 2, द्वारका में रात 1:53 बजे से दो घंटे से ज्यादा बिजली नहीं, सोनिया विहार में सुबह 4:16 बजे से लगातार बिजली नहीं, भोगल में सुबह 4:26 बजे से एक घंटे से ज्यादा की बिजली कटौती। आतिशी ने दावा किया है कि ये सब शिकायतकर्ता भाजपा समर्थक हैं। इसके अलावा, कोटला मुबारकपुर के लोगों ने लगातार वोल्टेज फ्लक्चुएशन की शिकायत की। नेता प्रतिपक्ष ने दोहराया कि दिल्ली में जगह-जगह से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं। क्या यह सब झूठ है? क्या कमला नगर, संगम विहार, भोगल, उत्तम नगर जैसे इलाके काल्पनिक हैं? आतिशी ने मुख्यमंत्री से अपील की कि जनता की पीड़ा को समझें और उसका हल निकालें। उन्होंने कहा, “दिल्लीवाले पावरकट नहीं चाहते। उन्हें राहत चाहिए, मजाक नहीं।” recent visitors 64

जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में नदी, खेत तालाब, पोखर सहित सभी जल स्रोतों के संरक्षण का कार्य चल रहा : मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में नदी, खेत तालाब, पोखर सहित सभी जल स्रोतों के संरक्षण का कार्य चल रहा है। सभी जिलों में जनप्रतिनिधि और प्रभारी मंत्री अपने-अपने स्तर पर 90 दिन तक चलने वाले इस अभियान का हिस्सा बने और अपना योगदान दें। आगामी 30 जून तक जारी रहने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में अमृत सरोवरों का भी निर्माण किया जा रहा है। हमारी सरकार का यह अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण के हो रहे पुनीत कार्यों के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी है। अगली कैबिनेट मीटिंग में लेंगे ट्रांसफर पॉलिसी पर निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अगली कैबिनेट मीटिंग तक स्थानांतरण नीति (ट्रांसफर पॉलिसी) को लेकर भी नीतिगत निर्णय लेगी। हम प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों के कल्याण के लिए उनके वेतन एवं सभी प्रकार के भत्तों के भुगतान के लिए कार्य कर रही है। लोक सेवकों के हितों के साथ ही राज्य सरकार खाली पदों पर जल्द से जल्द भर्ती की दिशा में आगे बढ़ रही है। भर्ती अभियान में सभी योग्य उम्मीदवारों को मौका मिले, इसके लिए प्रत्येक विभाग की समीक्षा की जा रही है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की लंबित परीक्षाएं भी शीघ्र कराने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना से बढ़ेंगे रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने बीते सोमवार को ही प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के डेवलपमेंट को गति प्रदान करने के लिए ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। इससे बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार उपलब्ध होंगे। इसी के साथ आईटी सेक्टर पर आधारित एक कॉन्क्लेव 27 अप्रैल को इंदौर में आयोजित होगी। इससे जुड़े विभागों के अधिकारी तैयारियों में जुटे हुए हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर में आईटी के बड़े केंद्र स्थापित हो, इस प्रयोजन से हर संभव प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को देश का नंबर-1 राज्य बनाने का संकल्प दोहराते हुए बदलते दौर में सभी क्षेत्रों में समुचित विकास की आवश्यकता पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मीडिया को जारी संदेश में यह जानकारियां साझा की हैं।   recent visitors 61

प्रदेश में 5 नए आयुर्वेद महाविद्यालय तैयार, इनमें जल्द ही शुरू होगी पढ़ाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मेडिकल टूरिज्म एक उभरता हुआ सेक्टर है। प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं। स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आयुष विभाग भी इस क्षेत्र में भागीदारी करें। प्रदेश के हर पर्यटन स्थल, धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व के स्थलों के आसपास वैलनेस सेंटर स्थापित किए जाएं, इससे यहां आने वाले पर्यटक आयुष विभाग की प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति और पंचकर्म सुविधा का भी लाभ ले सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में आयुष विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव आयुष श्री डी.पी. आहूजा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय आयुष मिशन में प्रदेश में जहां-जहां नए आयुर्वेद महाविद्यालय स्थापित किए जाने हैं, इन्हें प्रारंभ करने के लिए तेज एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएं। स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग आपसी समन्वय और तालमेल से काम करें और अधिक से अधिक मरीजों को अपनी-अपनी चिकित्सा पद्धतियों से उपचार का लाभ दें। उन्होंने कहा कि दोनों ही विभाग रोजगारपरक शिक्षा की ओर बढ़ें, ताकि प्रदेश को अधिकाधिक डॉक्टर्स एवं आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी मिलें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष विभाग द्वारा 543 से अधिक आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, 36 होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी, 14 यूनानी चिकित्सा अधिकारी, 65 आयुर्वेद व्याख्याता एवं 150 से अधिक पैरामेडिकल स्टॉफ एवं संविदा डाटा एंट्री ऑपरेटर की पोस्टिंग भी कर देने की जानकारी मिलने पर विभागीय अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि अब आयुष के डॉक्टर्स गांव-गांव में उपलब्ध हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिना किसी डिग्री के क्लीनिक चलाकर एवं घर-घर जाकर भोले-भाले ग्रामीण मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप डॉक्टर (क्वेक्स) पर सख्ती से अंकुश लगाने के निर्देश दिए। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पहुंचे आयुष विभाग की सेवाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और पारम्परिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। देश और प्रदेश में आयुर्वेदिक उपचार पद्धति की ओर लोगों का रुझान निरंतर बढ़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए आयुष विभाग की अपनी सभी चिकित्सा प्रणालियों यथा आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी एवं प्राकृतिक चिकित्सा के विस्तार के लिए जरूरी मानव संसाधन की पूर्ति कर अपनी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनमानस में आयुष पद्धति के प्रति विश्वास और बढ़े, इसके लिए जन जागरूकता अभियानों को तेज किया जाए तथा आयुष सेवाओं की पहुंच दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि जिन आयुर्वेदिक महाविद्यालय को हम निकटतम बड़े विश्वविद्यालय से जोड़ सकते हैं, उन्हें जोड़ने की कार्रवाई केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार करें। क्योंकि क्षेत्रीय बहुउद्देशीय विश्वविद्यालय से शिक्षा एवं उपचार की सभी पद्धतियों के महाविद्यालयों के लिंक होने पर अध्ययन और अध्यापन दोनों में सुविधा होगी। प्रकृति परीक्षण अभियान में मध्यप्रदेश देश में पांचवे स्थान पर आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 'देश का प्रकृति परीक्षण' अभियान लांच किया गया है। इस अभियान में प्रदेश में तेजी से कार्यवाही की गई। उन्होंने बताया कि अब तक 8.50 लाख से अधिक परीक्षण किए जा चुके हैं। इस मामले में मध्यप्रदेश देश में 5वें स्थान पर रहा है। खजुराहो में योग संस्थान की स्थापना की तैयारी प्रमुख सचिव आयुष ने बताया कि छतरपुर जिले के खजुराहो में योग संस्थान की स्थापना के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का यह प्रस्ताव केन्द्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद में विचारार्थ है। कलेक्टर छतरपुर द्वारा योग संस्थान के लिए खजुराहो के समीप ग्राम खर्रोही में 25 एकड़ भूमि आयुष विभाग को आवंटित कर दी गई है। इस भूमि का केन्द्र सरकार के दल द्वारा निरीक्षण भी किया जा चुका है। जल्द ही इस पर अगली कार्यवाही होनी है। इसके साथ ही खजुराहो में ही इंटर यूनिवर्सिटी सेन्टर फॉर योगिक साइंस की स्थापना का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। उज्जैन में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना के लिए प्रयास तेज प्रमुख सचिव ने बताया कि उज्जैन जिला मुख्यालय में केन्द्र सरकार के सहयोग से अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना के लिए मध्यप्रदेश राज्य के चयन के लिए केन्द्र सरकार में प्रस्ताव विचाराधीन है। केन्द्र सरकार द्वारा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत प्रस्ताव मांगा गया है। राज्य सरकार द्वारा ग्रीनफील्ड प्रस्ताव भेज दिया गया है। प्रदेश में बनेंगे 11 नए आयुर्वेद महाविद्यालय प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रदेश में 11 नए आयुर्वेद महाविद्यालय खोले जाने हैं। इसमें डिण्डोरी जिले में आयुर्वेद महाविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव भी शामिल है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन योजना के तहत भोपाल में 50 बिस्तरीय और नरसिंहपुर में 30 बिस्तरीय नए आयुर्वेद चिकित्सालय का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है।   recent visitors 59

मध्य प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी और राजनीतिक मामलों की बैठक पीसीसी में आयोजित की गई, कई नेता रहे नदारत

भोपाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी और राजनीतिक मामलों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व सीएम कमलनाथ पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह समेत कई दिग्गज नेता नदारद रहे। इस बैठक मेंसंगठन को मजबूत बनाने की रणनीतिक पर चर्चा की गई। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी और राजनीतिक मामलों की बैठक मंगलवार को पीसीसी में आयोजित की गई। इस बैठक में  पूर्व सीएम कमलनाथ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, डॉ. गोविंद सिंह समेत कई दिग्गज नेता नदारद रहे। इस बैठक में संगठन को मजबूत बनाने, जनसमस्याओं को प्राथमिकता देने, एवं आगामी आंदोलनों एवं अभियानों को लेकर चर्चा की गई। बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूत रहे। बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि संविधान पर हो रहे हमलों को रोकने और जनता को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए यह अभियान निर्णायक साबित होगा।  जीतू पटवारी ने कहा किहर कार्यकर्ता इस आंदोलन को अपनी जिम्मेदारी माने और हर गांव, हर वार्ड तक संविधान का संदेश लेकर जाए। कांग्रेस को मजबूत करने सभी को जुटना होगा  हरीश चौधरी ने कहा कि सबको साथ मिलकर कांग्रेस को मजबूत करने में जुटना चाहिए। आज कांग्रेस को अर्जुन सिंह जैसे नेताओं की जरूरत है। जिस तरह अर्जुन सिंह सबको साथ लेकर चलते थे। उस तरह हर स्तर के नेता को काम करना चाहिए। अपने जिले के नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की कोशिश सबको करना चाहिए। संविधान बचाओ अभियान पर विशेष चर्चा बैठक का प्रमुख फोकस आगामी संविधान बचाओ अभियान पर रहा। निर्णय लिया गया कि 25 से 30 अप्रैल के बीच पूरे देश में संविधान बचाव रैली आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम के अंतर्गत मध्यप्रदेश में इस अभियान को 28 अप्रैल से ग्वालियर में एक भव्य रैली के साथ किया जाएगा। 1- जिला स्तरीय संविधान बचाओ रैलियां 3 मई से 10 मई प्रदेश के प्रत्येक जिले में समस्त DCC द्वारा PCC के समन्वय से रैलियाँ आयोजित की जाएँगी। इन रैलियों में मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियाँ – बढ़ती बेरोजगारी, महँगाई, कृषि संकट, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बदहाली आदि मुद्दों को उजागर किया जाएगा। युवाओं, किसानों, मजदूरों और दलित समुदायों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। 2- विधानसभा स्तरीय संविधान बचाओ रैलियां-11 मई से 17 मई हर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के विधायक, पूर्व जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता जनजागरण करेंगे। ED, CBI, और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग, संवैधानिक संस्थाओं की अवहेलना, महिलाओं, दलितों और आदिवासियों के अधिकारों पर हमलों को उजागर किया जाएगा। 3- घर-घर संपर्क अभियान-20 मई से 30 मई हर घर तक पहुंचने के लिए कार्यकर्ता द्वार-द्वार जाकर संवाद स्थापित करेंगे। विशेष रूप से महंगाई, बेरोजगारी, संविधानिक अधिकारों के हनन जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। अभियान साहित्य वितरित कर, सोशल मीडिया के माध्यम से भी संवाद को सशक्त किया जाएगा। recent visitors 66

मैं पीएम मोदी से कहता हूं कि प्रिंस सलमान से पूछिए, क्या मदीना वक्फ की जमीन पर बना है: असदुद्दीन ओवैसी

नई दिल्ली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा, "जब आपका जहाज सऊदी अरब की फिजाओं में दाखिल हुआ था, तब सऊदी के फाइटर जेट्स ने उसे एस्कॉर्ट किया, ये एक दोस्ताना इशारा था। लेकिन मैं पीएम मोदी से कहता हूं कि जब आप सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मिलें, तो उनसे पूछिए क्या मदीना वक्फ की जमीन पर बना है या नहीं?" गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय सऊदी अरब की यात्रा पर हैं और जेद्दा पहुंचे हैं। ये उनकी तीसरी सऊदी यात्रा है, लेकिन पहली बार जेद्दा आए हैं। उनके स्वागत में सऊदी एयरफोर्स के एफ-15 विमान ने उनकी फ्लाइट को एयरस्पेस में एस्कॉर्ट किया। हर मुस्लिम देश में वक्फ मौजूद: ओवौसी मंगलवार को दिल्ली के टॉकाटोरा स्टेडियम में आयोजित 'सेव वक्फ कॉन्फ्रेंस' में ओवौसी ने हालिया संसद में बीजेपी सांसद के उस बयान का जवाब दिया जिसमें कहा गया था कि कुछ मुस्लिम देशों में वक्फ की कोई व्यवस्था नहीं है। ओवैसी ने कहा कि वक्फ हर मुस्लिम देश में होता है, चाहे वो लोकतंत्र हो या सल्तनत हो। ओवैसी ने आगे कहा कि वक्फ का अस्तित्व हर मुस्लिम देश में है और भारत में भी इसे संविधान और संसद का समर्थन मिला है। उन्होंने याद दिलाया कि वक्फ एक्ट 2013 को दोनों सदनों ने सर्वसम्मति से पास किया था। उन्होंने यह भी कहा, "संविधान के अनुसार कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका स्वतंत्र हैं। अगर सरकार संविधान का दुरुपयोग करती है, तो न्यायपालिका ही हमारी आखिरी उम्मीद होती है।" सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर क्या बोले ओवैसी ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा वक्फ एक्ट में किए गए 40 से ज्यादा संशोधनों पर अंतरिम आदेश को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, "ये कानून काले कानून जैसा है जो वक्फ की जायदाद को बचाने के लिए नहीं, बल्कि खत्म करने के लिए लाया गया है। अगर केंद्र सरकार ऐसे नियम बनाती है जो वक्फ को कमजोर करते हैं, तो ये संघीय ढांचे के भी खिलाफ होगा।" उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस कानून का विरोध जारी रखेंगे और कानूनी लडाई भी लडते रहेंगे। recent visitors 55

भविष्य के लिए जल को संरक्षित करना आवश्यक है, क्योंकि जल के बिना कुछ भी संभव नहीं है: मंत्री सिलावट

भोपाल जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ईंटखेड़ी में बाणगंगा नदी के विसर्जन घाट पर सफाई, सौंदर्यीकरण एवं जल संरक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने बलिदान स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके त्याग और बलिदान को याद किया। कार्यक्रम में विधायक श्री विष्णु खत्री,जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मोहन सिंह जाट, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमोद राजपूत,सरपंच श्री हरि सिंह सैनी, श्री तीरथ सिंह मीणा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती इला तिवारी एवं अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्री सिलावट ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जल संरक्षण के संकल्प को पूरा करने के लिए अभियान में सहयोग करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में 13 मिनट तक जल गंगा संवर्धन और संरक्षण की आवश्यकता बताई थी। भविष्य के लिए जल को संरक्षित करना आवश्यक है, क्योंकि जल के बिना कुछ भी संभव नहीं है। मंत्री श्री सिलावट ने जन-आंदोलन के साथ इस कार्य को करने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि गांव, जिले, राज्य और देश में श्रमदान को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। बैरसिया विधानसभा में 70 अमृत सरोवर हैं, जिनका संवर्धन करना है। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' लगाने का भी आग्रह किया। श्री सिलावट ने 30 मार्च से 30 जून तक चलने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। उन्होंने सभी वर्गों से जल संरक्षण कार्यों में सहभागिता करने को कहा। उन्होंने ऐतिहासिक, धार्मिक स्थलों पर जल स्रोतों के संरक्षण के लिए श्रमदान का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि धरातल पर काम की प्रगति दिखनी चाहिए और काम में कोताही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जल स्रोतों में अतिक्रमण को पूरी तरह से हटाने के भी निर्देश दिये। recent visitors 48

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की धरती पर जन्में चीतों की शिफ्टिंग पर व्यक्त की प्रसन्नता

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदसौर स्थित गांधीसागर अभयारण्य में मध्यप्रदेश की धरती पर जन्में चीतों की शिफ्टिंग को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह अभयारण्य प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। मध्यप्रदेश में चीतों के आवास एवं विचरण के लिए सर्वाधिक अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। कूनो नेशनल पार्क से राज्य में दूसरे स्थान पर चीतों को ले जाकर पुनर्वास करना वन्य-प्राणी संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। गांधी सागर अभयारण्य में छोड़े गए चीते पावक और प्रभाष को यहाँ की आबो-हवा और नया परिवेश पसंद आया है और दोनों आनंद के साथ जंगल में स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को वन्य जीवों के संरक्षण में अग्रणी बनाने के लिए विशेष ईको सिस्टम विकसित करने के लिए संकल्पित है। मध्यप्रदेश बाघों की संख्या में शीर्ष पर है और इसे टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त है। इसी के साथ राज्य में लेपर्ड (तेंदुए) भी सर्वाधिक हैं। राज्य सरकार सभी विलुप्तप्राय जीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में चीतों के पुनर्वास को एशिया महाद्वीप की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से वन्य-प्राणियों के संरक्षण में साझेदार बनने के साथ 'जियो और जीने दो' की भावना से कार्य करने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत 20 अप्रैल 2025 को मध्यप्रदेश में कूनो नेशनल पार्क में जन्में दो चीते पावक और प्रभास को उनके नए घर गांधीसागर अभयारण्य में मुक्त विचरण के लिए छोड़ा है। मई महीने में मध्यप्रदेश को बोत्सवाना से चार चीते मिल सकते हैं।   recent visitors 52